खाने के शौंक की वजह से शुरू किया ये बिजनेस, आज होती है सलाना 900 करोड की बिक्री

कई बार हमारी जरूरतें या शौक ही बिजनेस के नए आइडिया दे जाते हैं। वर्तमान में खाने का कच्चा सामान होम डिलीवरी करने का (मील -किट) बिजनेस करने वाले ब्रिटेन के टिमो बोल्ट और उनकी 900 करोड़ रुपए की कंपनी गूस्तो की कहानी भी कुछ एेसी ही है। टिमो 2012 में लंदन में एक फाइनेंस प्रोफेशनल की जॉब कर रहे थे। ऑफिस टाइम लंबा होने की वजह से वह सुपरमार्केट कम ही जा पाते थे।

खाने के शौक़ीन टिमो घर पर ही खाना बनाना और खाना पंसद करते थे। जब उनके पास खाना बनाने का टाइम होता था तो कई बार खाना खराब हो जाता था या ऑनलाइन रेसिपी कुछ खास समझ में नहीं आती थी। टिमो कहते हैं-तब मैंने सोचा कि मैं अपनी समस्या का समाधान कैसे करूं? इसका आसान रास्ता क्या हो सकता है?

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रिसर्च करने के बाद मैंने पाया कि जिसके पास इन सब चीजों के लिए समय कम है, उनके लिए एक ऐसी कंपनी होनी चाहिए, जो उन्हें रेगुलर मील-किट भेज सके। आदमी जो डिश बनाकर खाना चाहता है, उससे संबंधित सारी चीजें सही मात्रा में उस बॉक्स में होनी चाहिए। साथ ही उस डिश को बनाने की रेसिपी भी होनी चाहिए। उस समय कुछ कंपनियां इस तरह का बिजनेस शुरू कर चुकी थीं, जैसे- जर्मनी की हेलो फ्रेश।

इसके बाद टिमो ने नौकरी छोड़ अपना मील-किट का बिजनेस गूस्तो नाम से शुरू किया। अपनी बचत के 75 हजार यूरो और परिवार व दोस्तों से 1लाख 30 हजार यूरो लेकर काम शुरू किया। 7 साल बाद आज गूस्तो की सालाना बिक्री 900 करोड़ रुपए है। वर्तमान में कंपनी हर महीने ढ़ाई लाख मील-किट डिलीवरी करती है। बच्चों से लेकर 40 की उम्र तक के लोग इसके ग्राहक हैं। गूस्तो को शुरूआत में ज्यादा सफलता नहीं मिली लेकिन आज इनका बिजनेस एक मॉडल बन गया है।

हर महीने ढ़ाई लाख मील किट की डिलीवरी
हर सप्ताह 40 अलग-अलग रेसिपी

कंपनी हर सप्ताह लगभग 40 अलग अलग रेसिपी देती है। अपनी सप्लाई चेन में कम से कम खाना नुकसान हो इसके लिए गूस्तो कम्प्यूटर ऐल्गोरिदम का इस्तेमाल करके डिमांड का अनुमान लगाती है। नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके गूस्तो ने प्लास्टिक का उपयोग 50% कम कर लिया है। कंपनी का कहना है कि हम प्लास्टिक के बेहतर विकल्प की भी तलाश कर रहे हैं।