क्या अब 24 को आएंगे चुनाव के नतीजे? कल इस कारण हो सकती है देरी

लोकसभा चुनाव के तहत देश भर में 542 संसदीय सीटों के लिए डाले गए मतों की गिनती गुरुवार सुबह आठ बजे शुरू होगी। पहली बार ईवीएम गणना के साथ मतदाता सत्यापित पेपर ऑडिट पर्चियों(वीवीपैट) का मिलान किए जाने के कारण परिणाम में काफी देर होने की संभावना है।

यह विलंब थोड़ा भी लंबा हुआ तो ऐसी संभावना है कि गुरुवार देर रात सभी 542 सीटों पर मतगणना पूरी न हो सके। अगर नतीजों की पूरी तस्वीर साफ होते-होते रात 12 पार हो जाए तो परिणाम 23 मई को नहीं बल्कि 24 मई को आएंगे।

542 सीटों पर 8,000 से अधिक प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सात चरणों में हुए मतदान में 90.99 करोड़ मतदाताओं में से करीब 67.11 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। भारतीय संसदीय चुनाव में यह सबसे अधिक मतदान है।

लोकसभा चुनाव में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के परिणामों का मिलान पेपर ट्रेल मशीनों से निकलने वाली पर्चियों से किया जाएगा। यह मिलान प्रति विधानसभा क्षेत्र में पांच मतदान केंद्रों में होगा।

ऐसे समझें मतगणना में लगने वाले समय का गणित

एक विधानसभा में पांच बूथों पर वीवीपैट का पर्ची से मिलान किया जाना है। अमूमन एक लोकसभा सीट में पांच से छह विधानसभा सीट होते हैं। तो एक लोकसभा सीट पर कम से कम 30 से 35 बूथों के ईवीएम और वीवीपैट का मिलान कराया जाएगा।

इस आधार पर देखा जाए तो 542 लोकसभा सीटों पर 16 से 19 हजार बूथों के ईवीएम और वीवीपैट का मिलान कराया जाएगा। हर विधानसभा क्षेत्र में पांच-पांच वीवीपैट की पर्चियों से आंकड़ों का मिलान होगा, इसमें चार घंटे से अधिक का समय लगेगा।

अब दूसरे राज्य से कार खरीदना होगा सस्ता, ये है बड़ा कारण

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वाहनों की खरीद फरोख्त की प्रक्रिया को आसान बनाने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है। इसके तहत वाहनों को एक राज्य से खरीदक दूसरे राज्य ले जाने पर दोबारा से रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा और व्हीकल नंबर प्लेट भी नहीं बदलनी होगी। इसके अलावा देशभर में एक समान रजिस्ट्रेशन टैक्स लगाने पर विचार चल रहा है।

ये हो सकती हैं टैक्स की दर

मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक देशभर में एक समान टैक्स लागू करने का विचार हो रहा है। इसके अंतर्गत 10 लाख से कम कीमत के व्हीकल पर 8 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। वहीं, 10 से 20 लाख की कीमत वाले व्हीकल पर 10 प्रतिशत टैक्स, 20 लाख से ज्यादा महंगे व्हीकल पर 12 प्रतिशत टैक्स लगाया जा सकात है। प्रस्ताव अभी अपने शुरुआती दौर में है, जिसे लेकर मंत्रालयों के बीच बातचीत का दौर जारी है।

कम टैक्स वाले राज्यों में ज्यादा कार की बिक्री

सड़क परिवहन मंत्रालय ने मामले में राज्य सरकारों को पत्र लिखकर राज्यों के बीच एक समान रजिस्ट्रेशन टैक्स लगाने पर सुझाव मांगा हैं। मौजूदा दौर के ट्रेंड देखें, तो उन राज्यों में ज्यादा कार बिक्री होती है, जहां टैक्स कम रहता है। इससे कार और अन्य व्हीकल ग्राहक को सस्ते पड़ते हैं।

आरटीओ से लेनी होती है एनओसी

मौजूदा वक्त में अगर वाहन को एक शहर से दूसरे शहर शिफ्ट किया जाता है, तो ओनर को वाहन री-रजिस्टर्ड कराना होता है। साथ ही रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) से एनओसी लेनी होती है, जहां वाहन का रजिस्ट्रेशन होता है। साथ ही दोबारा टैक्स देना होता है। साथ ही नया नंबर दिया जाता है। हर एक राज्य और क्षेत्र का अपना व्हीकल नंबर होता है। उदाहरण के लिए दिल्ली का नंबर DL से शुरू होता है, जबकि उत्तर प्रदेश का नंबर UP से शुरू होता है।

बिना रजिस्ट्रेशन दूसरे राज्य में वाहन चलाने पर लग सकता है जुर्माना

देश में कई सारे व्हीलक ओनर ऐसे है, जो बिना बिना रजिस्ट्रेशन के दूसरे राज्यों में अपने वाहन को चलाते हैं। ऐसे में ओनर पर ट्रैफिक पुलिस की ओर से जुर्माना लगाए जाने का रिस्क रहता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हर एक स्टेट का व्हीकल रजिस्ट्रेशन अलग होता है।

गर्मी में है घूमने का प्लान, तो ये बैंक दें रहा है गर्मियों की छुट्टियों में घूमने के लिए पैसे, 10 सेकेंड में मिल जाएगा लोन

हम अपनी छुट्टियों की योजना बनाने में बहुत प्रयास और काफी समय व्यतीत करते हैं, लेकिन कई बार हमारे पास घूमने के लिए ज्यादा पैसे नहीं होते। अगर आप भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं तो अब चिंता की कोई बात नहीं।

HDFC बैंक और आईसीआईसीआई बैंक ग्राहकों को घूमने के लिए पैसे दे रहे हैं। इन बैंकों से ट्रैवल लोन लेकर आप अपनी पसंद की जगह पर घूमने जा सकते हैं।आइए जानते हैं आप इसके लिए आप कैसे अप्लाई कर सकते हैं।

HDFC बैंक अपने ग्राहकों को 10 सेकेंड के अंदर फंड दे रहा है। लेकिन अगर आफ एचडीएफसी बैंक के ग्राहक नहीं हैं, तो आपको चार घंटे में फंड मिल जाएगा। अगर आप HDFC बैंक से ट्रैवल लोन लेने का विचार कर रहे हैं और आप एक लाख रुपये का लोन लेते हैं तो आपको हर महीने 2187 रुपये की किस्त देनी होगी।

लोन के भुगतान के लिए आपको 12 से 60 महीने तक का समय मिलेगा। बता दें कि ट्रैवल लोन पर पर्सनल लोन की ब्याज दरों के हिसाब से ही ब्याज वसूला जाता है और इस लोन के लिए ज्यादा दस्तावेज भी जमा करने की जरूरत नहीं होती। आइए जानते हैं आप इसके लिए कैसे अप्लाई कर सकते हैं। HDFC बैंक से ट्रैवल लोन के लिए आप ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से अप्लाई कर सकते हैं।

अगर आप ऑनलाइन अप्लाई करना चाहते हैं तो आपको बैंक की वेबसाइट पर जाकर ‘अप्लाई नाउ’ के विकल्प का चयन करना होगा। यहां पर्सनल लोन पर जाकर आप कस्टमर आईडी डालकर लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। वहीं अगर आप बैंक के ग्राहक नहीं हैं तो अपना मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी डालकर आप लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके बाद बैंक आगे के प्रोसेस के लिए आपसे संपर्क करेगा।

वहीं अगर आप ऑफलाइन लोन के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो बैंक की नजदीकी ब्रांच में जाकर आप ऐसा कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने आईडी प्रुफ, एड्रेस प्रूफ, पिछले तीन महीनों के बैंक स्टेटमेंट जैसी अन्य दस्तावेजों की जरूरत होगी।

HDFC बैंक के अलावा ICICI बैंक भी ग्राहकों को ट्रैवल लोन देता है। इसके लिए बैंक आपसे सालाना 11.25 फीसदी की ब्याज दर वसूलेगा। यहां से आपको 20 लाख रुपये का ट्रैवल लोन भी मिल जाएगा। इतना ही नहीं, इसमें आपको गिरवी के तौर पर कोई सामान रखने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

ICICI बैंक में ऑनलाइन लोन अप्लाई करने के लिए आपको बैंक की वेबसाइट पर जाकर ‘अप्लाई ऑनलाइन’ के विकल्प का चयन करना होगा, जहां आपको ‘पर्सनल लोन’ का विकल्प मिलेगा। लोन मिलने की शर्तों को चेक करने के लिए आपको अपनी निजी जानकारी भरनी होगी। ‘डिसाइड टू अप्लाई’ के विकल्प में आपको बैंक द्वारा कुछ स्पेशल ऑफर दिए जाएंगे। इसके लिए आपको केवाईसी प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी। इसके बाद ही आपको लोन मिलेगा।

इसके अलावा आप ब्रांच में जाकर भी ट्रैवल लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। एसएमएस के जरिए लोन अप्लाई करने के लिए आपको 5676766 पर PL लिखकर भेजना होगा।

धान की जगह ये फसल उगाने वाले किसानो को प्रति एकड़ 500 रूपये देगी सरकार

हरियाणा में लगातार गिरता भूजल स्तर सरकार के लिए चिंता का सबब बन गया है। सिंचाई व पेयजल के सीमित संसाधनों के बीच अब पानी बचाने के लिए राज्य सरकार ने नई शुरुआत की है। राज्य के किसानों को धान के बजाए मक्का और अरहर की खेती करने पर राज्य सरकार प्रोत्साहन राशि देगी।

राज्य में धान को छोड़ मक्का और अरहर की खेती करने वाले किसानों को 4,500 से 5,000 रुपये प्रति एकड़ तक का प्रोत्साहन दिया जायेगा। धान में पानी की खपत भी अधिक होती है और इससे भूमि की उपजाऊ क्षमता भी घट रही है। पराली के रूप में एक और संकट भी चुनौती बना हुआ है।

राज्य के सात जिलों से होगी शुरूआत

राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि भूजल स्तर गिर रहा है, 7 जिलों करनाल, कैथल, यमुनानगर, सोनीपत, जींद, कैथल व अम्बाला भी इसकी चपेट में हैं। दक्षिण हरियाणा के कई जिले पहले से डार्क जोन में हैं। इन सातों जिलों के एक-एक ब्लाक यानी सात ब्लाक को पहले चरण में धान की खेती कम करने का लक्ष्य सरकार ने रखा है।

करनाल के असंध, कैथल के पूंडरी, अम्बाला के अम्बाला-1, जींद के नरवाना, कुरुक्षेत्र के थानेसर-1 व यमुनानगर के रादौर और सोनीपत जिले के गन्नौर ब्लॉक में 50 हजार हैक्टेयर यानी करीब सवा एक लाख एकड़ भूमि पर मक्का और अरहर की खेती करने की योजना। इस योजना पर काम तो पिछले डेढ़ माह से चल रहा था लेकिन आचार संहिता के चलते इसकी घोषणा नहीं हो सकी। राज्य सरकार ने चुनाव आयोग से मंजूरी के बाद योजना को लॉन्च किया है।

मक्का, अरहर उगाने पर मिलेगा अनुदान

धान को छोड़कर मक्का और अरहर की पैदावार करने वाले सातों ब्लाकों के किसानों को 2,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से अनुदान मिलेगा। इसके अलावा किसानों को 1,500-1,800 की कीमत का मक्का और अरहर का बीज मुफ्त मिलेगा। पीएम फसल बीमा योजना के तहत इन किसानों के बीमे का पूरा प्रीमियम सरकार वहन करेगी। इस तरह से किसानों को 4,500 से 5,000 रुपये तक सीधा फायदा होगा।

किसानों से खरीद की गारंटी

मुख्यमंत्री ने कहा योजना तैयार करते समय मक्का और अरहर की खरीद भी सुनिश्चित की गई है। मार्केट में अगर एमएसपी से कम इन फसलों का भाव रहता है तो इस कमी को सरकार पूरा करेगी। किसी भी सूरत में किसानों को एमएसपी से कम भाव पर मक्का और अरहर नहीं बेचनी पड़ेगी।

योजना के लिए 27 से होगा रजिस्ट्रेशन

यह योजना 27 मई से लागू होगी। इस दिन से विभाग की वेबसाइट पर पोर्टल ओपन होगा। इस बदलाव में शामिल होने वाले किसानों को रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। वे यह बताएंगे कि अब तक कितने एकड़ में धान की पैदावार करते थे और अब कितने में मक्का व अरहर पैदा करेंगे। ऐसा करने वाले किसानों के खाते में 200 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से रजिस्ट्रेशन कराते ही डल जाएंगे। वेरिफिकेशन के बाद बाकी के 1,800 रुपये भी किसानों के बैंक खातों में सीधे जमा होंगे।

कौन से महीने में क्या खाएं और क्या नहीं, आयुर्वेद ने भोजन के लिए बनाये हैं ये नियम

मौसम के अनुकूल अगर आप भोजन करते है। या फिर खाना-पीना खाते है तो अक्सर आप बड़े-बुजुर्गों के मुख ये शब्द जरूर सुने होंगे। चौते गुड़, वैशाखे तेल, जेठ के पंथ, अषाढ़े बेल। सावन साग, भादो मही, कुवांर करेला, कार्तिक दही। अगहन जीरा, पूसै धना, माघै मिश्री, फाल्गुन चना।

हिन्दू धर्मशास्त्र के जानकार आज भी कहते है कि आयुर्वेद में भोजन के संबंध में बहुत कुछ लिखा है। जैसे किस सप्ताह में क्या खाना है क्या नहीं। किस तिथि को क्या खाना चाहिए अथवा क्या नहीं। किस महीने में क्या भोजन सही है और क्या नहीं। दरअसल, इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है। प्रत्येक सप्ताह, तिथि या महीने में मौसम में बदलाव होता है। इस बदलाव को समझकर ही खाना जरूरी है।

ऐसे समझे किस माह में क्या न खाएं

चैत्र माह: चैत्र माह में गुड़ खाना मना है। चना खा सकते हैं।
वैशाख: तेल व तली-भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए। बेल खा सकते हैं।
ज्येष्ठ: इस माह भी बेल खाना मना है। इन महीनों में गर्मीं का प्रकोप रहता है अत: ज्यादा घूमना-फिरना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। अधिक से अधिक शयन करना चाहिए।

आषाढ़: आषाढ़ में पका बेल न खाना मना है। इस माह में हरी सब्जियों के सेवन से भी बचें। लेकिन इस माह में खूब खेल खेलना चाहिए। कसरत करना चाहिए।
श्रावण: सावन माह में साग खाना मना है। साग अर्थात हरी पत्तेदार सब्जियां और दूध व दूध से बनी चीजों को भी खाने से मना किया गया है। इस माह में हर्रे खाना चाहिए जिसे हरिद्रा या हरडा कहते हैं।
भाद्रपद: भादो माह में दही खाना मना है। इन दो महीनों में छाछ, दही और इससे बनी चीजें नहीं खाना चाहिए। भादो में तिल का उपयोग करना चाहिए।

आश्विन: क्वार माह में करेला खाना मना है। इस माह में नित्य गुड़ खाना चाहिए।
कार्तिक: कार्तिक माह में बैंगन, दही और जीरा बिल्कुल भी नहीं खाना मना है। इस माह में मूली खाना चाहिए।
मार्गशीर्ष: अगहन में भोजन में जीरे का उपयोग नहीं करना चाहिए। तेल का उपयोग कर सकते हैं।

पौष: पूस मास में दूध पी सकते हैं लेकिन धनिया नहीं खाना चाहिए क्योंकि धनिए की प्रवृति ठंडी मानी गई है और सामान्यत: इस मौसम में बहुत ठंड होती है। इस मौसम में दूध पीना चाहिए।
माघ: माघ माह में मूली और धनिया खाना मना है। मिश्री नहीं खाना चाहिए। इस माह में घी-खिचड़ी खाना चाहिए।
फाल्गुन: फागुन माह में सुबह जल्दी उठना चाहिए। इस माह में में चना खाना मना।

किसानों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी अब वापिस नहीं देने होंगे ये पैसे

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से किसानों को मिल रहे वित्तीय लाभ की धनराशि से बैंक अपना बकाया नहीं वसूल सकेंगे।  केंद्र की ओर से वित्त मंत्रालय ने देश के सभी बैंकों को निर्देश जारी किया है कि वो किसानों के कर्ज की भरपाई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिल रहे पैसों से न करें।

दरअसल इसके पीएम किसान योजना के तहत हर लघु और सीमांत किसान को प्रति एकड़ जमीन के हिसाब से सहायता राशि के रूप में सालाना 6000 रुपए की राशि दी जाती है।

योजना के पैसों से बैंक करते थे कर्ज की भरपाई

किसानों को यह राशि 2000 हजार रुपए की तीन किस्तों में दी जाती है। इसकी पहली किस्त का भुगतान 3.12 करोड़ किसानों को हो चुका है, जबकि दूसरी किस्त का पैसा 2.66 करोड़ किसानों के बैंक खाते में पहुंच चुका है। हालांकि देश के कई हिस्सों से खबरें आ रही थी, कि किसानों के खाते में पैसे डालने के बाद वापस ले लिया जाता है। हालांकि ऐसा नहीं था किसानों के खाते में पीएम किसान योजना के तहत आने वाले पैसों से बैंक किसानों के कर्ज की भरपाई कर लेते थे।

वित्त मंत्रालय ने जारी किया निर्देश

ऐसे में वित्त मंत्रालय को किसानों की ओर से शिकायत मिली कि जिन किसानों पर बैंकों का बकाया है, उनके खाते में पीएम किसान योजना का पैसा आते ही बैंक उससे कर्ज की भरपाई कर लेते हैं। योजना का लाभ उठाने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश आगे है, जहां के 1.12 करोड़ किसानों को पहली व दूसरी किस्त मिल चुकी है। योजना के तहत सीधे खाते में पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं।

लग्जरी कार पर गोबर पोतकर घूम रही है महिला,ये है वजह

मई का महीना आते ही भीषण गर्मी की शुरुआत हो जाती है. इससे बचने के लिए लोग तरह-तरह की चीजें ट्राई करते हैं. इस बीच एक ऐसी तस्वीर इंटरनेट पर वायरल हो रही है, जिससे देखकर सब चौक गए हैं. दरअसल अहमदाबाद की एक महिला ने गर्मी से अपनी कार को बचाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया और पूरी कार को गोबर से ढंक दिया है.

कार की मालकिन ने अपनी लाखों की Corolla Altis कार पर गोबर की कोटिंग कर दी है. इस पर लोगों की तरफ से अलग-अलग रिएक्शन भी आ रहे हैं.गोबर का उपयोग काफी पहले से ही हमारे देश में होता रहा है. आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में कई कच्चे घरों पर गोबर की कोटिंग देखी जा सकती है. बहरहाल इस तस्वीर को रूपेश दास नाम से एक व्यक्ति ने अपने फेसबुक में शेयर किया है.

फेसबुक पोस्ट पर रूपेश ने लिखा है, ’45 डिग्री में अपनी कार को बचाने के लिए मिसेज सेजल शाह ने इस पर गोबर की कोटिंग की है.’ इस फेसबुक पोस्ट में कार की फोटो शेयर की गई है, जिसमें कार को गोबर की कोटिंग के साथ देखा जा सकता है.

इस पोस्ट के वायरल होते ही इस पर लोगों ने तरह-तरह से प्रतिक्रिया दी है. एक यूजर ने लिखा है कि मालकिन ने गोबर की कोटिंग करते वक्त बदबू को कैसे झेला होगा. कुछ लोगों ने ये भी पूछ डाला है कि गोबर की कितने लेयर से व्हीकल ठंडी रहती है.

ग्रामीण क्षेत्रों में घरों को गोबर से लीपने की प्रक्रिया आज भी जारी है. माना जाता है कि गोबर की कोटिंग से गर्मी के दिनों में ठंडक मिलती है, वहीं ठंडी के दिनों में गर्मी मिलती है. साथ ही गोबर को प्राकृतिक कीटाणुनाशक भी माना जाता है और इसे मच्छर भगाने के लिए भी काम में लाया जाता है.

आपको बता दें जिस पर ये गोबर का लेप किया गया है वो कार Corolla Altis है, हालांकि ये मॉडल पुराना है. फिलहाल Altis की शुरुआती कीमत भारतीय बाजार में 16.45 लाख रुपये है. इसमें 1.8-लीटर पेट्रोल और 1.4-लीटर डीजल इंजन का ऑप्शन मिलता है.

मौसम: इन इलाकों में आज आँधी के साथ बारिश की संभावना

उत्तर भारत मे नया प०वि० दाखिल हो चुका है। और परिसंचरण क्षेत्र पश्चिमी राजस्थान पर मौजूद हैं।
कल उत्तर भारत मे मौसम साफ रहा। लेकिन राजस्थान व राजस्थान से लगते उत्तरी मध्यप्रदेश व पश्चिमी उत्तर प्रदेश व हरियाणा में मेघगर्जन/आँधी के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। उत्तर-पुर्वी भारत मे अनेको जगहों पर हलकी से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

दक्षिण में पश्चिमी घाट पर भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। शेष दक्षिण भारत मे तेज़ गर्मी का अहसास हुआ।आज जम्मु-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अनेको जगहों पर हल्की बारिश संभव है। लेकिन तीनो पहाड़ी राज्यो के तलहटी वाले इलाक़ो में बूंदाबांदी की संभावना है।

आज प०वी० के जम्मु-कश्मीर पर आने से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में नमी में इज़ाफ़ा होगा।मैदानी क्षेत्रों में मौसम आंशिक बादलों के साथ आमतौर पर साफ रहेगा। लेकिन दोपहर बाद बादल बनने शुरू हो जाएंगे। जिसके कारण हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तरी व मध्य राजस्थान में दोपहर बाद कुछ-एक जगहों पर मेघ गर्जना/आँधी के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश व उत्तरी मध्यप्रदेश में भी हल्की मोसमी गतिविधियां हो सकती है।हिमालय से लगते पुर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पुर्वी झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, दक्षिण छत्तीसगढ़, उत्तरी आंध्रप्रदेश में दोपहर बाद आँधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

मराठवाड़ा, विदर्भ में कुछ-एक जगहों पर शाम के बाद बूंदाबांदी हो सकती है।तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, केरल, पश्चिमी तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश सँभव है। गुजरात, दक्षिण राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिमी ओड़िशा में बहुत तेज़ गर्मी का प्रकोप रहेगा।

मॉनसून

अभी भी मॉनसून की उत्तरी मॉनसूनी रेखा उसी जगह पर बनी हुई है। अगले 2 से 3 में मॉनसून आगे बढ़ सकता है। मॉनसून केरल के तट पर पहुँचने में इस बार देर लगा सकता है।

अमेरिका में लग चुका है 14 हज़ार करोड़ का जुर्माना, लेकिन भारत में खुले-आम बिक रहा है ये खर-पतवार नाशक

अमेरिका के कैलिफोर्निया में ग्लाइफोसेट नाम के खरपतवार नाशक रसायन को बनाने वाले कंपनी मॉनसेंटो पर दो अर्ब डॉलर (करीब 14 हज़ार करोड़ रूपये) से अधिक का जुर्माना लगा दिया गया है, पर भारत में इसको लेकर सरकार पूरी तरह खामोश है।

जबकि अपने देश में हुए कई शोध भी इसे मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक बता चुके हैं। कृषि विषेशज्ञ देविंदर शर्मा कहते हैं की भारत में ग्लाइफोसेट को सिर्फ चाय के बगानों में इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिली हुई है,

लेकिन देश के सभी हिस्सों में खेतों में और अन्य जगहों पर भी इसका धड्ड्ले से उपयोग हो रहा है।भारत में कपास, सोयाबीन, गेहूं आदि बहुत सी फसलों की खेती में इसका खूब इस्तेमाल हो रहा है। किसान खेतों से खर-पतवार हटाने के लिए इसका छिड़काव करते हैं।

क्या है खतरे

पिछले साल इस रसायन के छिड़काव के दौरान इसके सम्पर्क में आने के कारण 23 किसान मरे गए। ऐसे कई मामले देश भर में होते रहे है, समय-समय पर कई राज्य सरकारों द्वारा इसके इस्तेमाल को कम करने को कहा गया था लेकिन केंद्र सकरार का इस और बिलकुल भी ध्यान नहीं है। इससे किडनी, लिवर, और मस्तिष्क सबंधी गंभीर बीमारियां होने का खतरा है।

घर में इस स्थान पर रखें कछुआ, धन के साथ-साथ मिलेगी मन की शांति

वास्तु शास्त्र और फेंगशुई दोनों में ही कछुए को बहुत शुभ माना जाता है। कछुए में निगेटिव एनर्जी को खत्म करके पॉजिटिव एनर्जी बढ़ाने की अद्भुत ताकत मानी जाती है। कछुआ घर में होने से मन के लिए शांति और जीवन के लिए धन लेकर आता है।

कछुए के घर में होने से कई प्रकार के लाभ होते हैं। जानते हैं ऐसे ही कुछ लाभ के बारे में:

  • फेंगशुई के अनुसार, घर में कछुआ रखने से घर के सदस्यों की उम्र लंबी होती है और सौभाग्य में भी वृद्धि होती है, इसलिए घर या ऑफिस में इसका होना लाभदायक माना जाता है।
  • कछुए की प्रतिमा रखने के लिए उत्तर दिशा शुभ मानी जाती है।

  • इस बात को समझना और उसका पालन करना बहुत जरूरी है कि कौन-सी इच्छा को पूरा करने के लिए किस धातु का बना कछुआ घर, दुकान या ऑफिस में रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र और फेंगशुई के अनुसार अलग-अलग धातु से बने कछुए, विभिन्न परिणाम देते हैं।

मेटल का कछुआ रखने से मिलेगी तरक्की

  •  बिजनेस या ऑफिस में लगातार हो रहे नुकसान को रोकने, तरक्की के अवसर पाने के लिए मेटल का कछुआ रखना चाहिए। इसे दुकान-ऑफिस के अलावा अपने बेडरूम में भी रखा जा सकता है।
  • अगर घर में आए दिन किसी न किसी तरह की बीमारियां होती रहती हैं, तो इससे बचने के लिए घर में मिट्टी का बना कछुआ रखना सबसे अच्छा माना जाता है।

नए बिजनस के लिए चांदी का कछुआ शुभ होता है

  •  यदि आपने नया व्यापार शुरू किया है या करना चाहते हैं, तो नई दुकान में चांदी का बना कछुआ रखना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा करने से व्यापार को किसी की बुरी नजर नहीं लगती।
  • यदि घर के सदस्यों में आए दिन लड़ाई—झगड़े होते रहते हैं तो घर में 2 कछुओं का जोड़ा रखना चाहिए। इससे घर के सदस्यों के बीच चल रही अनबन खत्म हो जाएगी और प्यार बढ़ेगा।