राउंडअप का उपयोग करने वाले किसान को इस कारण मिलेगा 1,900 करोड़ रुपये का मुआवजा

अमरीका के सैन फ्रांसिस्को में एक माली ने एक बड़ी कंपनी के ख़िलाफ लगभग (1900 करोड़) 29 करोड़ डॉलर का मुकदमा जीत लिया है.डिवेन जॉनसन की ज़िंदगी में जीत की इस खुशी से पहले कैंसर आया जो उन्हें माली की नौकरी के दौरान हुआ.

कैंसर का पहला लक्षण दिखा लाल चकते के रूप में जो उनके लगभग 80 फ़ीसद शरीर में फैल गए थे. जॉनसन तब 42 साल के थे. साल 2012 में बेनिसिया के स्कूलों में माली का काम करने के दौरान उन्होंने पौधों में साल भर खरपतवार नाशक दवा लगाई. ये दवा थी- राउंडअप एंड रेंजर प्रो हर्बिसाइड जिसे मोन्सेंटो कंपनी बनाती है.

साल 2014 में पता चला कि उन्हें हॉजकिन लिम्फ़ोमा कैंसर है. कंपनी मोन्सेंटो के ख़िलाफ़ मुक़दमे के लिए उन्होंने साल 2015 में तैयारी शुरू की. जॉनसन का दावा इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के शोध पर आधारित था

जिसमें राउंडअप हर्बिसाइड को कैंसर का कारण बताया गया है. इस हर्बिसाइड में ग्लाइफोसेट होता है जो कैंसर पैदा कर सकता है. ये एजेंसी विश्व स्वास्थ्य संगठन से संबद्ध है.

खुशखबरी ! अब किराए पर मिलेंगे iPhone X और Samsung Galaxy Note 8 जैसे महंगे फोन, प्रति महीना देना होगा इतना किराया

अगर आप ब्रांडेड महंगे फोन के शौकीन हैं, लेकिन पैसे की कमी के कारण इसे पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. इन फोन्स को अब आप किराए पर लेकर अपना शौक पूरा कर सकते हैं.

ऐपल, गूगल और सैमसंग जैसी कंपनियों ने रेंट पर मोबाइल फोन मुहैया कराने के लिए रेंटिंग प्लेटफॉर्म रेंटोमोजो के साथ समझौता किया है. मोबाइल पर किराया 2100 रुपये से 9300 रुपये तक है और यह मॉडल और ब्रांड पर निर्भर है. उपयोगकर्ताओं को 6, 12, 18 और 24 महीने की अवधि के अंत में इन फोन को खरीदने का भी विकल्प होगा.

ऐपल के आईफोन एक्स और 8, सैमसंग गैलेक्सी एस-9, नोट 8 और गूगल पिक्सल 12 जैसे हैंडसेट मासिक किराये की सुविधा पर मुहैया कराए जा रहे हैं. अगर कोई ग्राहक आईफोन एक्स लेता है तो 12 महीने के लिए ईएमआई लगभग 8,000 रुपये होगी. लेकिन रेंटोमोजो इसे 5,000 रुपये के मासिक किराये पर उपलब्ध करा रही है जिससे ग्राहक हर महीने 3000 रुपये की बचत कर सकता.

उपयोगकर्ता या तो किराया अवधि के अंत में फोन लौटा सकता है या फिर बकाया रकम चुकाकर इसे खरीद सकता है. हालांकि यह बकाया रकम मोबाइल की अग्रिम कीमत की तुलना में 5-10 प्रतिशत अधिक होगी.

ये हैंडसेट किसी तरह के नुकसान की आशंका से बचने के लिए स्क्रीन गार्ड और बैक कवर के साथ उपलब्ध होंगे. बेंगलूरु स्थित स्टार्टअप ने गूगल, ऐपल और सैमसंग के साथ समझौता किया है जिसके फोन में किसी तरह की निर्माण संबंधी खामी को दूर किया जाएगा. हालांकि किसी बड़ी खराबी की स्थिति में उपयोगकर्ता को अनुबंध के तहत रकम चुकानी होगी.

प्राइसवाटरहाउसकूपर्स के अनुसार, वर्ष 2025 तक साझा अर्थव्यवस्था का बाजार वैश्विक रूप से 335 अरब डॉलर का होगा. मोबाइल फोन ब्रांडों द्वारा हर साल फोन के नए मॉडल पेश किए जाने और नए फीचर जोड़े जाने से लगभग 55 प्रतिशत शहरी लोग हर 6 महीने में अपने फोन बदल रहे हैं.

इन 3 तरह के लोगों को कभी नहीं खरीदना चाहिए बुलेट, वरना पड़ेगा पछताना

देश की सबसे पुरानी मोटरसाइकिल कंपनियों में से एक Royal Enfield है। Royal Enfield को चाहने वालों की कमी नहीं है। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कंपनी की सेल्स अप्रैल-जुलाई 2018-19 में 286,726 यूनिट्स रही जोकि सालाना आधार पर 13 फीसदी ज्यादा है।

हालांकि, ऐसे कुछ लोग हैं जिनके लिए रॉयल एनफील्ड फायदा का सौदा नहीं हैं। जैसे कि अगर कोई शख्स बाइक को खरीदने से पहले वैल्यू फॉर मनी के बारे में सोच रहा है तो उसके लिए रॉयल एनफील्ड की जगह दूसरी बाइक्स का ऑप्शन ज्यादा बेहद है।

वैल्यू फॉर मनी

रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल्स की रेंज 1.16 लाख रुपए से 1.99 लाख रुपए है। कंपनी की ओर से बुलेट 350 से लेकर थंडरबर्ड और हिमालयन तक को बेचा जाता है। वहीं, आदर्श रूप से इन बाइक्स का माइलेज 40 किमी प्रति लीटर से ज्यादा नहीं रहता।

ऐसे में अगर आप ज्यादा माइलेज के बारे में सोच रहे हैं तो आपको दूसरी बाइक का ऑप्शन मिल सकता है। इसके अलावा, रॉयल एनफील्ड की बाइक अपनी सदियों पुरानी परंपरा को लेकर चल रही है इसलिए आप ज्यादा फीचर्स के बारे में सोच भी नहीं सकते।

मॉर्डन फीचर्स

अगर आपको नई बाइक में सभी मॉर्डन फीचर्स चाहिए तो आपको एनफील्ड के बारे में नहीं सोचना चाहिए। कंपनी की केवल हिमालयन बाइक ही ऐसी है जिसमें कुछ फीचर्स जैसे मॉर्डन इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिल सकते हैं। बाकी सभी बाइक्स में पुराने स्पीडो मीटर ही लगे हैं। इसके अलावा, फ्यूल वॉर्निंग लाइट या एबीएस जैसे फीचर्स चाहते हैं तो आपको मार्केट में दूसरे ऑप्शंस पर विचार करना चाहिए।

अगर आपको हल्की बाइक चाहिए…

रॉयल एनफील्ड बुलेट 138 का वजन 183 किलोग्राम है। इन बाइक्स को हैवी ड्यूटी मैटिरियल के साथ बनाया गया है। ऐसे में इन बाइक्स को बैलेंस करना तो आसान है लेकिन इन बाइक्स को संभालना आसान नहीं है।

इसके अलावा, अगर बाइक बीच रास्ते में खराब हो गई तो आपके लिए इसे खींचना भी मुश्किल है। अगर आपको हल्के वजन वाली बाइक चलानी है तो रॉयल एनफील्ड आपकी लिस्ट से बाहर हो जाएगी।

हर महीने सिर्फ 5000 रुपये निवेश कर आप ऐसे जोड़ सकते हैं 34 लाख का फंड

निवेश के लिहाज से म्युचुअल फंड को अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें निवेश करने के लिए सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) की प्रक्रिया काफी सरल है। हाल के वर्षों में देखा गया है कि लोगों के बीच म्युचुअल फंड की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है।

ऐसा इसलिए क्योंकि म्युचुअल फंड पर मिलने वाला रिटर्न बाजार में उपलब्ध निवेश के अन्य विकल्पों की तुलना में ज्यादा होता है। क्या आप जानते हैं कि इसमें महज 5000 रुपये के मासिक निवेश से आप करीब 34 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं?

चलिए आपको बताते हैं कि यह कैसे होगा:

आपने कम उम्र में ही अगर ऐसी योजना बना ली है तो आपके लिए यह बेहतर है। मान लीजिए अगर आपने 25 साल में 5,000 रुपये केे मासिक निवेश के साथ शुरुआत की है और आपने इसे अगले 20 वर्षों तक जारी रखा, तो 15 फीसद के अनुमानित रिटर्न के लिहाज से आपके पास 33.4 लाख रुपये का फंड होगा। 45 वर्ष की उम्र में यह एक अच्छी खासी रकम होती है, जो कि आपके कई जरूरी खर्चों को पूरा कर सकती है।

एसआईपी कैलकुलेटर पर खुद करें इसकी गणना: एसआईपी कैलकुलेटर पर गणना करें तो 20 वर्षों में आपकी ओर से करीब 12 लाख रुपये निवेश किये जाएंगे। इसपर महंगाई दर को ध्यान रखते हुए आपको मिलने वाली राशि करीब 33.4 लाख रुपये होगी। यानी कि आपको 21.6 लाख रुपये का फायदा हो सकता है।

इसी तरह अगर यह निवेश पांच साल के लिए करते हैं तो आप 3.8 लाख रुपये, आठ साल में 7 लाख और 10 साल में 9.7 लाख रुपये जमा कर सकते हैं।

जानकारी के लिए बता दें चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में निवेशकों ने म्युचुअल फंड्स में 1.4 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड इन इंडिया (एएमएफआई) के डेटा के मुताबिक इस साल जून के अंत तक 23.40 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है जो कि बीते वर्ष की समान अवधि की तुलना में 20 फीसद ज्यादा है।

जानिए क्या होता है एसआईपी?

निवेश और टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन का मानना है कि सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान पूंजी को बढ़ाने के लिए एक बेहतर निवेश विकल्प है। इसमें निवेश की शुरुआत महज 500 रुपये की राशि के साथ भी की जा सकती है। बढ़ती महंगाई और भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए इस निवेश राशि को अपनी आय में वृद्धि के अनुसार ही बढ़ाते रहना चाहिए।

इस पर मिलने वाला रिटर्न शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस विकल्प का चयन तभी करना चाहिए अगर आपके पास समय और जोखिम क्षमता दोनों है।

सिर्फ 1 लाख में ऐसे शुरू कर सकते हैं सोया मिल्‍क बिजनेस, सरकार दे रही है 90% लोन और ट्रेनिंग

केंद्र सरकार लोगों को स्‍वरोजगार के प्रति आकर्षित करने के लिए न केवल लोन दे रही है, बल्कि बिजनेस की ट्रेनिंग भी दे रही है। ऐसा ही एक बिजनेस है, सोया मिल्‍क मेेकिंग यूनिट। सरकारी एजेंसी नेशनल स्‍मॉल इंडस्‍ट्रीज कॉरपोरेशन (NSIC) ने साल 2018-19 के इन्‍क्‍यूबेशन प्रोग्राम में सोया मिल्‍क मेेकिंग को भी शामिल किया है।

इस प्रोग्राम के तहत युवाओं को सोया मिल्‍क मैकिंग के साथ-साथ इसका बिजनेस शुरू करने और मार्केटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। इतना ही नहीं, सरकार की प्रधानमंत्री इम्‍प्‍लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) के तहत 90 फीसदी तक लोन भी ले सकते हैं। ऐसे में, अगर आपके पास मात्र 1 लाख रुपए हैं तो 90 फीसदी तक लोन लेकर आप सोया मिल्‍क मैकिंग यूनिट शुरू कर सकते हैं। NSIC की एक प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट में सोया मिल्‍क मेेकिंग यूनिट की कुल कॉस्‍ट 11 लाख रुपए है।

कहां से लें ट्रेनिंग

नेशनल स्‍मॉल इंडस्‍ट्रीज कॉरपोरेशन (NSIC) द्वारा देश के विभिन्‍न हिस्‍सों में टेेक्‍निकल सर्विस सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन सेंटर से आप कई तरह के बिजनेस के साथ-साथ जॉब ओरिएंटेड कोर्स की ट्रेनिंग ले सकते हैं।

इसमें सोया मिल्‍क मेेकिंग की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है। साथ ही, एंटरप्रेन्‍योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम (EDP) के तहत बिजनेस शुरू करने से लेकर बिजनेस मैनेजमेंट, मार्केटिंग आदि की भी ट्रेनिंग भी दी जाती है। इस बारे में पूरी जानकारी आप इस लिंक http://www.nsic.co.in/NTSC/Main.aspx से ले सकते हैं।

कैसे शुरू होगा बिजनेस

नेशनल स्‍मॉल इंडस्‍ट्रीज कॉरपोरेशन (एनएसआईसी) की रिपोर्ट के मुताबिक, आपको सबसे पहले सोयाबीन सीड का इंतजाम करना होगा। सोयाबीन से तीन गुणा अधिक नॉर्मल पानी में सोयाबीन सीड को 4 से 6 घंटे तक एक गर्म तापमान में एक डिब्‍बे में भिगोना होगा।

उसके बाद 8 से 12 घंटे तक ठंडे तापमान में रखना होगा। इसके बाद भीगे हुए सोयाबीन को एक ग्राइंडर और कुकिंग मशीन में रखिए, फिर उसे 120 डिग्री तापमान में 10 मिनट तक रखिए। इसके बाद आप आउटलेट वाल्‍व को खोल कर दूध को अपने हिसाब से पेक कर सकते हैं।

किस मशीनरी की होगी जरूरत

रिपोर्ट के मुताबिक, आपको मशीनरी व इक्विपमेंट के तौर पर एक ग्राइंडर या कूकर, बॉयलर, मैकेनिकल फिल्‍टर प्रेस, टोफू बॉक्‍स, सोकिंग टैंक की जरूरत होगी।

कितनी जगह की होगी जरूरत

इस रिपोर्ट के मुताबिक, आपको एक छोटी यूनिट लगाने के लिए केवल 100 वर्ग मीटर जगह की जरूरत पड़ेगी, जिसे आप किराये पर भी ले सकते हैं। इसमें से कवर्ड एरिया केवल 75 वर्ग मीटर होना चाहिए।

कितना प्रोडक्‍शन कर सकेंगे आप

एनएसआईसी की इस रिपोर्ट में सालाना 175000 लीटर सोया मिल्‍क का प्रोडक्‍शन का अनुमान लगाया गया है। इस हिसाब से तीन माह की वर्किंग कैपिटल, मशीनरी एवं इक्विपमेंट, रॉ मैटिरियल, सेलरी, यूटिलिटी पर कुल खर्च लगभग 11.60 लाख रुपए के इन्‍वेस्‍टमेंट का अनुमान है।

कैसे लें लोन

इस प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के आधार पर प्रधानमंत्री इम्‍प्‍लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम या मुद्रा स्‍कीम के तहत लोन ले सकते हैं। PMEGP के तहत आपको 90 फीसदी और मुद्रा स्‍कीम के तहत आपको 80 फीसदी लोन मिल जाएगा। PMEGP के लिए ऑनलाइन सप्‍लाई करना होगा। जिसका लिंक है – https://www.kviconline.gov.in/pmegpeportal/jsp/pmegponline.jsp

 

इस मशीन के साथ शुरू करें बॉलपेन बनाने का बिज़नेस

पेन हर समय काम आने वाली चीज़ों में से एक है. घर से स्कूल और स्कूल से दफ्तर हर जगह इसकी आवश्यकता होती है. इसका व्यापार बहुत कम पैसे में शुरू किया जा सकता हैं. ख़ास कर बॉल पेन का इस्तेमाल हर क्षेत्र के लोगों में बहुत पसंद किया जाता है. बॉल पेन की सबसे ख़ास बात ये होती है कि इसकी स्याही जल्द से जल्द सूख जाती है. इन दिनों ‘यूज़ एंड थ्रो’ पेन का भी खूब इस्तेमाल किया जा रहा है. यूज एंड थ्रो पेन या बॉल पेन का उद्योग बहुत आसानी से अपने घर में शुरू किया जा सकता है.

पेन बनाने के लिए आवश्यक सामग्रियाँ 

बॉल पेन बनाने के लिए निम्नलिखित सामग्रियों की आवश्यकता होती है.

  • बैरल – बैरल पेन का वह हिस्सा होता है, जिसमे स्याही भरी जाती है. यह आपको 140 रूपये प्रति 250 पीस में मिल सकता है.
  • एडाप्टर – एडाप्टर बैरल और टिप के बीच का हिस्सा होता है. जोकि 4.5 रूपये प्रति 144 पीस मिल सकता है.
  • टिप – टिप पेन का वह हिस्सा होता है, जहाँ से लिखते समय स्याही नियमित रूप से बाहर आती है. यह आपको 28 से 35 रूपये प्रति 144 पीस में मिल सकता है.
  • ढक्कन – यह पेन को ढ़कने के लिए उपयोग किया जाता है. इसके ढक्कन की कीमत 25 रूपये प्रति 100 पीस है.
  • स्याही – यह पेन के लिए सबसे महत्वपूर्ण सामग्री है जोकि 120 से 400 रूपये प्रति लीटर में मिल सकती है.

पेन बनाने के लिए आवश्यक सामग्रियाँ कहाँ से ख़रीदें 

पेन बनाने की चीज़े किसी बड़े होल सेल मार्किट में मिल सकती हैं. या इन्हें ऑनलाइन भी पाया जा सकता है, जो ये सारी चीज़े आप के घर तक पहुंचा देंगे. इसे ऑनलाइन मंगाने के लिए नीचे दिए गये वेबसाइट पर जायें.

पेन बनाने के लिए मशीनें

यह उद्योग शुरू करने के लिए कम से कम 200 वर्ग फिट जगह की आवश्यकता होती है. इस जगह में लगभग पांच मशीनें बैठाई जाती हैं. नीचे पांचों मशीनों के विषय में दिया जा रहा है.

  • पंचिंग मशीन : पंचिंग मशीन वह मशीन होती है जिससे बैरल में एडाप्टर सेट किया जाता है.
  • इंक फिलिंग मशीन : इंक फिलिंग मशीन की सहायता से बैरल में स्याही भरी जाती है.
  • टिप फिक्सिंग मशीन : टिप फिक्सिंग मशीन की सहायता से पेन के एडाप्टर में टिप लगाया जाता है, जो लिखने में सहायक है.
  • सेण्ट्रीफ्यूगिंग मशीन : इसकी सहायत से पेन के अन्दर स्याही भरते हुए रह गये अतिरिक्त हवा को पेन से निकाला जाता है

पेन बनाने के व्यापार के लिए कुल लागत 

आम तौर पर सस्ते मशीन की कीमत 25,000 रूपए हैं, ये मशीनें छोटा व्यापार शुरू करने के लिए ठीक है. इसे कई बड़ी हार्डवेयर दूकानें बेचती हैं. इसे ऑनलाइन मंगाने के लिए निम्न वेबसाइट देख सकते हैं :

https://dir.indiamart.com/impcat/ball-pen-making-machine.html

उपरोक्त सभी चीज़ों को लेकर पहली बार पेन बनाने के व्यापार को स्थापित करने के लिए 30 से 40 हज़ार रूपए तक लग सकते हैं. इन 40 हज़ार रुपये में 25 हज़ार सिर्फ मशीन के हैं. अतः ये अनुमान लगाया जा सकता है कि यदि एक बार मशीन बैठा लिया जाए तो, कम से कम पैसे लगा कर यह व्यापार चलाया जा सकता है. इसके अलावा यदि आप बड़ा व्यापार शुरू करना चाहते हैं तो इसके लिए ऑटोमेटिक मशीन की आवश्यकता होती है जोकि आपको 4 लाख रूपये तक मिल सकती है. इसके लिए कुल लागत इससे ज्यादा भी हो सकती है.

पेन बनाने की प्रक्रिया 

पेन बनाने की प्रक्रिया आसान और अल्प सामायिक है. यहाँ इस प्रक्रिया का पूर्ण विवरण दिया जा रहा है.

  • सबसे पहले बैरल को पंचिंग मशीन में लगाना होता है. इस मशीन में पहले से एडाप्टर लगे हुए होते हैं. बैरल एडाप्टर को देखते हुए सही जगह लगाकर पंच करते ही बैरल में एडाप्टर सेट हो जाता है.
  • एडाप्टर सेट हो जाने के बाद बैरल में स्याही भरने की प्रक्रिया आती है. स्याही भरने के लिए इंक फिलिंग मशीन का इस्तेमाल होता है. इंक फिलिंग मशीन में पहले से स्याही भरी हुई होती है. स्याही भरते समय इस बात का ध्यान रखना ज़रूरी है कि स्याही बैरल की साइज़ के अनुसार भरी जाए. अधिक स्याही भरने से वह बाहर भी आ सकती है जिससे पेन की क्वालिटी पर भी असर पड़ सकता है.
  • इसके बाद बैरल की ऊपरी छेद पर हाथ लगाकर रखें, फिर उसे टिप फिक्सिंग मशीन में लगाया जाता है. इस मशीन की सहायता से स्याही भरे बैरल में टिप लगाया जाता है. इसके बाद ये बैरल पेन में बदल जाता है.
  • इसके बाद इस पैन को सेंट्रीफ्यूगिंग मशीन में डाला जाता है जिससे इसके अंदर की अतिरिक्त हवा बाहर निकल जाए.
  • अब इस पेन का इस्तेमाल लिखने के लिए आराम से किया जा सकता है. इसी तरह आप मशीनों की मदद से अधिक संख्या में पेन बना सकते हैं और अपने ब्रांड का पेन बाज़ार में उतार सकते हैं.

Address:  PERFECT SYSTEM 106, Geeta Industrial Estate,
I. B. Patel Road, Goregaon (East),
Mumbai – 400 063. INDIA
Phone: +91 22 26853846

पदार्थो की शुद्धता जांचने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके, मिलावट मिले तो इस नंबर पर करें वॉट्सऐप

आप और हम रोजमर्रा में जिन खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करते हैं, उनकी शुद्धता की जांच अपने ही घर पर खुद कर सकते हैं। इसके लिए किसी लैब टेस्ट की जरूरत नहीं है।

फूड सेफ्टी स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने डिटेक्ट एडल्ट्रेशन विथ रैपिड टेस्ट बुकलेट में 41 पदार्थों के टेस्ट बताए हैं। मिलावटी पाए जाने पर उपभोक्ता एफएसएसएआई को मोबाइल नंबर 09868686868 पर वॉट्सएप कर सकते हैं।

आपका किचन ही आपकी फूड लैब

दूध में डिटर्जेंट… 

  • 10 मिली सैंपल लेकर इसे इतनी ही मात्रा में लिए गए पानी में
    मिलाएं।
  • इसे अच्छी तरह मिलाएं।
  • यदि दूध में डिटर्जेंट मिला होगा तो मिश्रण से गाढ़ा झाग उठेगा।
  • शुद्ध दूध में हल्का झाग बनता है।

शक्कर में चॉक पाउडर… 

  • कांच के ग्लास में पानी लें
  • इसमें सैंपल के रूप में 10 ग्राम शक्कर को अच्छी तरह घोल लें।
  • अच्छी तरह घोलने के बाद भी ग्लास की सतह पर कुछ जमा हुआ दिखे तो यह चॉक पाउडर ही है।

हींग में सोप स्टोन… 

  • कांच के ग्लास में पानी भरकर हींग मिलाएं।
  • इसे अच्छी तरह मिलाकर छोड़ दें। ताकि पानी स्थिर हो जाएं।
  • यदि हींग में सोप स्टोन या मिट्टी की मिलावट होगी वह सतह पर नजर आ जाएगी

घी व बटर में मैश किए हुए आलू … 

  • पारदर्शी बाउल में आधा चम्मच घी या बटर लें।
  • इसमें दो से तीन बूंद आयोडीन का टिंचर डालें।
  • कुछ ही देर में यदि घी या बटर का रंग नीला हो जाए तो समझिए इसमें मैश्ड आलू या स्वीट आलू मिले हैं।

अनाज में रंगों की मिलावट… 

  • कांच के ग्लास में पानी भरें।
  •  दो बड़े चम्मच अनाज इसमें डालकर अच्छी तरह से मिलाएं।
  •  शुद्ध अनाज कलर नहीं छोड़ेगा।
  • यदि इसमें एडेड कलर होंगे तो तुरंत पानी का रंग बदल जाएगा।

हल्दी पाउडर में क्रत्रिम कलर… 

  • कांच के ग्लास में बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर डालें।अच्छी तरह मिलाएं।
  • शुद्ध प्राकृतिक हल्दी पाउडर होगा तो हल्का पीला रंग दिखेगा। मिलावटी होने पर पानी का रंग गहरा पीला हो जाएगा।

कॉफी पाउडर में चिकनी मिट्टी…

  • कांच के ग्लास में पानी लेकर आधी बड़ी चम्मच कॉफी पाउडर लें।
  • एक मिनट के लिए इसे घोलें और 5 मिनट के लिए स्थिर छोड़ दें।
  • मिलावटी होने पर चिकनी मिट्टी के कण तह में जमा हो जाएंगे।

दूध में पानी… 

  • दूध की बूंद हल्की ढलान वाली सतह पर डालें।
  • शुद्ध दूध या तो स्थिर रहेगा या फिर पीछे हल्की सफेद पूंछ छोड़ते हुए धीरे से बहेगा।
  • मिलावटी होने पर यह बिना कोई निशान छोड़ते हुए तेजी से बहेगा।

शहद में चाशनी… 

  • कांच के पारदर्शी ग्लास में पानी लें।
  •  पानी के इस ग्लास में एक बूंद शहद डालें।
  • शुद्ध शहद पानी में बिल्कुल फैलता नहीं है।
  • शक्कर या चाशनी मिली होने पर यह तुरंत पानी में फैल जाता है।

सेब पर मोम की पॉलिश… 

  • सेब लें और उसकी सतह हो चाकू से खुरचें।
  • यदि इस सेब फल पर मोम की पॉलिश होगी तो खुरचने पर यह सतह पर उभर आएगी।
  • इस तरह आप पॉलिश किए हुए सेब की पहचान कर सकते हैं।

15 अगस्त को लॉन्च होगी 600 चैनल वाली जियो गीगाफाइबर सर्विस,जाने सभी डाटा प्लान्स

जियो गीगाफाइबर के रजिस्ट्रेशन 15 अगस्त से शुरू होने जा रहे हैं। इंटरेस्टेट यूजर माय जियो ऐप के साथ ही जियो डॉटकॉम के जरिए भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रिलायंस जियो ने अपनी फाइबर बेस्ड ब्रॉडबैंड सर्विस को जियो गीगाफाइबर नाम दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जियो गीगाफाइबर के प्लान 500 रुपए प्रतिमाह से शुरू हो सकते हैं। यह मौजूदा सर्विस प्रोवाइड से सीधा-सीधा 50 परसेंट कम होगा। इसी साल रिलायंस जियो ने हाई-स्पीड फाइबर टू होम (FTTH) ब्रॉडबैंड सर्विस अनाउंस की थी। इसके साथ में जियोगीगा टीवी सेटटॉप बॉक्स भी आएगा।

कंपनी ने अभी तक प्लांस को लेकर कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी नहीं किया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये प्लान कंपनी लांच कर सकती है….

  • 500 रुपए वाले प्लान में 50 एमबीपीएस स्पीड से 300 जीबी तक डाटा मिलेगा। इसकी वैलिडिटी 30 दिनों की होगी।
  • 750 रुपए में 50 एमबीपीएस की स्पीड से 450जीबी तक डाटा मिलेगा। इसकी लिमिट भी 30 दिनों की होगी।
  • 999 रुपए में 100 एमबीपीएस स्पीड के साथ 600जीबी तक डाटा मिलेगा। इसकी वैलिडिटी भी 30 दिनों की होगी।
  • 1299 रुपए में 100 एमबीपीएस स्पीड के साथ 750जीबी तक डाटा मिलेगा। वैलिडिटी 30 दिनों की होगी।
  • 1500 रुपए में 150 एमबीपीएस की स्पीड से 900 जीबी तक डाटा मिलेगा। इसकी वैलिडिटी भी 30 दिनों की होगी।

अभी कितना लग रहा चार्ज

  • अभी केबल ऑपरेटर्स 100जीबी डाटा 100Mbps की स्पीड से 700 से 1 हजार रुपए में अवेलेबल करवा रहे हैं। इसके अलावा टीवी सर्विसेज के 250 से 300 रुपए एडिशनल चार्ज किए जाते हैं। इतना डाटा जियो 50 परसेंट कम में अवेलेबल करवा सकता है।
  • एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कंपनी होम ब्रॉडबैंड का प्राइस मौजूदा 4G मोबाइल रेट से 25 से 30 परसेंट तक कम रख सकती है।

कनेक्शन फ्री दिया जाएगा

जियो गीगाफाइबर ब्रॉडबैंड कनेक्शन फ्री में दिया जाएगा। हालांकि कंपनी इसके लिए इंस्टॉलेशन चार्ज ले सकती है। इस सर्विस को छोड़ने वाले ग्राहकों को पूरा पैसा रिफंड दिया जाएगा। कंपनी 3 महीने फ्री में सर्विस उपलब्ध करवाने की तैयारी में है। जियो गीगाफाइबर के साथ डीटीएच कनेक्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें यूजर्स को स्मार्ट होम की सुविधा मिलेगी।

कस्टमर्स को दो सर्विसेज दी जाएंगी

  • जियो गीगाफाइबर के तहत दो सर्विसेज कस्टमर्स को दी जाएंगी। जियो गीगाफाइबर राउटर और जियो गीगाटीवी सेटटॉप बॉक्स।
  • जियो गीगाफाइबर राउटर से कस्टमर्स इंटरनेट सर्विसेज का यूज कर पाएंगे। यह मल्टीपल डिवाइसेज पर काम करेगा। इसमें 1जीबीपीएस तक की स्पीड मिलेगी।
    सेटटॉप बॉक्स टेलीविजन सर्विसेज के लिए होगा।
  • जियो ने अपनी 41वीं एनुअल जनरल मीटिंग में अनाउंस किया था कि ब्रॉडबैंड सर्विस के जरिए यूजर्स टेलीविजन पर वीडियो कॉल भी कर सकेंगे।

रजिस्ट्रेशन कैसे होगा

आप MyJio app और Jio.com में से कहीं भी जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन की कोई फीस नहीं है।

कितना चार्ज लगेगा

प्राइस को लेकर कंपनी की ओर से अभी तक कोई खुलासा नहीं किया गया है लेकिन 4500 रुपए का डिपॉजिट इंस्टॉलेशन के समय जमा करवाने की चर्चा है। यह रिफंडेबल होगा।

किन शहरों में कनेक्शन दिए जाएंगे

रजिस्ट्रेशन फिलहाल 1100 शहरों के लिए होगा। जिस शहर में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन होंगे, वहां पर सबसे पहले कनेक्शन दिए जाएंगे।

आखिर मिल ही गया वो शख्स जो नाले की गैस से चाय बनाता है ,पीएम मोदी ने किया था खुलासा

रायपुर के श्याम राव शिर्के ने एक ऐसा देसी उपकरण तैयार किया है, जो नदी, नालियों और नालों से निकलने वाली मीथेन गैस को रसोई गैस की तर्ज पर उपयोग करने में मदद करता है। रायपुर में जिस स्थान पर यह उपकरण लगाया गया था, उस घर में लगातार 3 से 4 माह तक एक दर्जन से ज्यादा व्यक्तियों का सुबह का नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन बनाया जाया करता था।

खास बात यह है कि इस उपकरण को तैयार करने वाले श्याम राव सिर्फ 11वीं पास हैं लेकिन हमेशा कुछ न कुछ नया करने की कोशिश करते रहते हैं। उन्होंने अपने इस मॉडल का पेटेंट भी करवा लिया है और इसकी सूचना पीएम मोदी तक भी पहुंचा दी है। बता दें कि पीएम ने रायपुर में उनकी तारीफ भी की थी। हम बता रहे हैं यह उपकरण कैसे काम करता है।

कैसे काम करता है उपकरण

  • इस मशीन में प्लास्टिक के तीन ड्रमों को आपस में जोड़ कर उसमें एक वॉल्व लगा दिया जाता है।
  • ये तीनों कंटेनर एक नदी, नाले या नालियों के ऊपर उस स्थान पर रखे जाते हैं, जहां से गंदा पानी गुजरता है।
  • पानी के साथ आ रही गंदगी कंटेनर में न समाए इसलिए उसमें नीचे की तरफ एक जाली लगाई गई है।

  • इस मशीन को ऐसे फिट किया जाता है कि ड्रम में इकट्ठा होने वाली गैस का इतना दबाव बन सके, जिससे वो पाइप लाइन के जरिए उस स्थान पर पहुंच जाए जहां रसोई गैस का चूल्हा रखा है।
  • कंटेनर में इकट्ठा होने वाली गैस की मात्रा नदी-नाले की गहराई, लंबाई और चौड़ाई पर निर्भर करती है।

नालों में लगाया जाएगा…

  • जल्द ही इस उपकरण को रायपुर के कुछ चुनिंदा नालों और नालियों में लगाया जाएगा।
  • छत्तीसगढ़ काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए तैयारी शुरू कर दी हैं।

यहां एक डॉलर 1.25 लाख के बराबर, बोरे में भर कर ले जाते हैं पैसे

तुर्की आर्थ‍िक संकट के चलते रुपया डॉलर के मुकाबले 70 के पार पहुंच गया है. तुर्की की मुद्रा लिरा में कमजोरी से डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है. भले ही भारत के रुपये में डॉलर के मुकाबले काफी ज्यादा गिरावट देखी जा रही है. लेक‍िन एक ऐसा देश भी है, जहां 1 डॉलर की वैल्यू वहां की मुद्रा में 1.25 लाख है.

हम बात कर रहे हैं वेनेजुएला की. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के मुताबिक यहां हालात बद से बदतर हो गए हैं. आईएमएफ का अनुमान है कि इस साल वेनेजुएला में महंगाई दर 10 लाख फीसदी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगी.

यहां महंगाई इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि लोगों को रोजमर्रा की राशन खरीदने के लिए कार भर कर और बोरों में पैसे ले जाने पड़ते हैं. यहां की मुद्रा डॉलर के मुकाबले इतनी ज्यादा गिर गई है कि यहां के केंद्रीय बैंक ने लाखों रुपये के नोट भी छाप लिए हैं.

यहां पर एक दर्जन अंडों के लिए 12 हजार तक चुकाने पड़ रहे हैं. एक दूध का पैकेट खरीदने के लिए हजारों खर्च करने पड़ते हैं. अति महंगाई की वजह से यहां पर भुखमरी के हालात पैदा हो गए हैं.

आईएमएफ ने कहा है कि यहां लोगों के हाल दिन-प्रतिदिन बहुत खराब होते जा रहे हैं. आलम यह है कि लोग गटरों और सीवरों में उतर रहे हैं. ये लोग ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि कोई सोने का टुकड़ा या कुछ रत्न हाथ लगे, तो एक दिन का खाना खाया जाए.

सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर, 2017 में यहां एक हफ्ते का गुजारा करने के लिए लोगों को 7 लाख बॉलिवर खर्च करने पड़ रहे थे. अब ज‍ब यहां महंगाई की दर लगातार बढ़ रही है, तो इसमें भी बढ़ोत्तरी हो गई है.