रिलायंस Jio में नौकरी करने का मौका

नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए जबरदस्त मौका है. टेलीकॉम इंडस्ट्री की बड़ी कंपनी रिलायंस जियो ने 80 हजार पदों पर वैकेंसी निकाली है. टेलीकॉम इंडस्ट्री में तहलका मचाने वाली जियो लगातार नई नौकरियां निकाल रही है.

जियो में सेल्स, मार्केटिंग, कॉरपोरेट, कस्टमर सर्विस, आईटी, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नौकरियां निकली हैं. ऐसे में अपनी योग्यता अनुसार नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं. रिलायंस जियो की आधिकारिक वेबसाइट पर नौकरी के लिए आवेदन मंगाए गए हैं.

किन पदों में निकली नौकरी

रि‍लायंस जि‍यो की वेबसाइट के मुताबिक जिन पदों पर नौकरी निकली है

  • संस्थान का नाम: रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड
  • सेल्‍स एंड डि‍स्‍ट्रि‍ब्‍यूशन
  • इंजीनि‍यरिंग एंड टेक्‍नोलॉजी
  • कस्‍टमर सर्वि‍सेज
  • इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर
  • आईटी एंड सि‍स्‍टम
  • सप्‍लाई चेन
  • फाइनेंस एंड अकाउंटिंग
  • कॉरपोरेट अफेयर्स
  • कॉरपोरेट सर्वि‍स (एडमि‍न)
  • एचआर एंड ट्रेनिंग
  • ऑपरेशंस
  • प्रोडक्‍ट मैनेजमेंट
  • एलायंस एंड बि‍जनेस डेवलपमेंट
  • प्रोक्‍योरमेंट एंड कॉन्‍टेक्‍ट
  • अन्य

कैसे करें आवेदन

इसके लिए आपको रिलायंस जियो की आधिकारिक वेबसाइट के करियर पेज पर जाना होगा. पेज के लिए यहां क्लिक करें, इस पेज पर अलग-अलग कैटेगरी में नौकरी की जानकारी दी गई है. किस पद के लिए क्या योग्यता है, इसकी पूरी डिटेल भी दी गई है.

ऐसे भी कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

careers.jio.com पर जाएं. यहां न्यू यूजर पर क्‍लि‍क करें. इसके बाद आपको खुद को रजि‍स्‍टर करना होगा. इसके लिए आपको अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. उसके बाद उसी नंबर पर एक एसएमएस के जरिए कोड आएगा. दोबारा careers.jio.com पर लॉगइन करके अपनी योग्यता के मुताबिक कैटेगरी पर नौकरी चुनें. अपनी डि‍ग्री या अपने शहर के हि‍साब से यहां सर्च कर सकते हैं.

क्या है योग्यता

रिलायंस जियो ने 80 हजार पदों पर नौकरी निकाली है. यहां 12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट, एमबीए और इंजीनियरिंग डिग्री वालों के लिए नौकरी निकली है. वेबसाइट पर अपनी योग्यता अनुसार कैटेगरी में जाकर डिटेल्स भर दें.

कितनी मिलेगी सैलरी

रिलायंस जियो ने फिलहाल नौकरियों से संबंधित पदों के लिए सैलरी का खुलास नहीं किया है. लेकिन, पिछली बार की तरह इस बार भी जियो अच्छा ऑफर ही करेगी. अनुभव और कैटेगरी के आधार पर ही सैलरी ऑफर की जाएगी.

घर में लगाएं यह पौधा, कभी नहीं खरीदना पड़ेगी चीनी

महंगाई के दौरान यदि आपको शक्कर का कोई ऐसा विकल्प मिल जाए जिसके बाद अपको कभी शक्कर खरीदने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी और न ही शरीर पर कोई विपरीत प्रभाव पड़ेगा। तो खुशी से आपका चेहरा खिल उठेगा। जी हां…यह सही बात है यह सब कुछ संभव है स्टीविया (मीठी तुलसी) के पौधे से। स्टीविया के घर में 6 से 8 पौधे लगाकर आप शक्कर का खर्च बचा सकते हैं वो भी सालों साल तक के लिए।

पीडब्यूडी की नौकरी छोड़ी

अमित बमुरिया कभी पीडब्ल्यूडी में नौकरी करते थे तीन साल पहले उन्होंने नौकरी छोड़कर खेती का काम शुरू किया था। इसके तहत उन्होंने एक साल पहले स्टीविया का उत्पादन शुरू किया। शुरुआत में इसे छोटे स्तर पर करने के बाद उन्होंने यह काम बड़े स्तर पर शुरू किया और आज वह 1 एकड़ में स्टीविया का उत्पादन कर रहे हैं। इससे करीब ढ़ाई लाख रुपए का मुनाफा लिया जाता है।

एक बार लगाने के बाद पांच साल तक मिलती है मिठास

स्टीविया की खेती करने वाले अमित बताते हैं कि स्टीविया का पौधा लगाने के बाद पांच साल तक इसकी पत्तियों और तनों से मिठास ली जाती है। इन पत्तियों को तीन से चार माह में तोड़ा जाता है। इन्हे सुखाकर एग्रीमेंट के अनुसार संबंधित को बेच दिया जाता है। इस प्रकार एक बार लागत लगाकर इसे पांच साल तक भुनाया जाता है।

यह हैं फायदे

इंसुलिन को संतुलित रखता है स्टीविया

  • स्टीविया एक छोटा पौधा होता है इसकी लंबाई 60-70 सेंटीमीटर होती है। इसे मीठी तुलसी भी कहते हैं। इसकी पत्तियों में मिठास होती है। इस पौधे में चीनी से 60-70 गुना अधिक मिठास होती है। यह इंसुलिन को संतुलित रखने का काम करता है।
  • स्टीविया कैलोरी रहित होने के कारण मधुमेह रोगियों के लिए काफी फायदेमंद होता है।
  •  स्टीविया की पत्तियों से निकलने वाले स्टीवियोसाइड में चीनी से 250 गुना और गुल्कोज से 300 गुना ज्यादा मिठास मिलती है।

ऐसे होती है खेती

इसके लिए सबसे पहले पौध का रोपण किया जाता है। जिसे बारिश के पहले रोप दिया जाता है। समय-समय पर इसे खाद पानी उपलब्ध कराया जाता है। पहली बार में करीब 6 से 7 माह बाद इसकी पत्तियों से मिठास ली जा सकती है।

इसके पत्तों में पाए जाने वाले प्रमुख घटक स्टीवियोसाइड, रीबाडदिसाइड व अन्य योगिकों में इन्सुलिन को बैलेन्स करने के गुण पाए जाते हैं। जिसके कारण इसे मधुमेह के लिए उपयोगी माना गया है। यह एंटी वायरल व एंटी बैक्टीरियल भी है तथा दांतों तथा मसूड़ो की बीमारियों से भी मूकित दिलाता है। इसमे एन्टी एजिंग, एन्टी डैन्ड्रफ जैसे गुण पाये जाते है तथा यह नॉन फर्मेंटेबल होता है। 15 आवश्यक खनिजो (मिनरल्स) तथा विटामिन से युक्त यह पौधा अत्यंत उपयोगी औषधीय पौधा है।

प्रशिक्षण भी देते हैं अमित

अमित बामोरिया बताते हैं कि उन्होंने स्वयं का एक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया है। वह बमोरिया मोती सम्बर्धन एवं एग्रो फार्म में जो मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामती रंगपुर , तहसील सोहागपुर, जिला होशंगाबाद मध्यप्रदेश।

चीनी के नुकसान

चीनी को सफेद जहर कहा जाता है चीनी में एसिड होता है चीनी को खाने से हमारे शरीर में होने वाली बीमारियां- डायबिटीज, कैंसर, हार्ट अटैक जैसी बीमारियां होती हैं जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक हैं चीनी को सफेद करने के लिए हडडियों से पॉलिस किया जाता है।

चीनी से कैंसर संभव

हर घर में 4-5 पौधा जरूर लगाए

स्टीविया के पौधे को न्यून क्लोरी मिठास का उत्तम प्राकृतिक स्त्रोत माना जाता है। जो शक्कर से लगभग 25 से 30 गुना अधिक मीठा, केलोरी रहित है व मधुमेह व उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए शक्कर के रूप में पुर्णतया सुरक्षित है।

पचास रुपए दिन की मजदूरी करने वाला झारखंड का ये किसान, अब साल में कमाता है 50 लाख रुपए

किसान गंसू महतो एक समय 50 रुपए दिहाड़ी की मजदूरी के लिए घर से 25 किलोमीटर दूर जाते थे, लेकिन अपनी सूझबूझ से इन्होंने अपनी 9 एकड़ जमीन को बंजर से उपजाऊ बनाया और अब सालाना 50 लाख रुपए की आमदनी ले रहे हैं।

किसान गंसू महतो (40 वर्ष) ने बताया, “पिछले साल एक एकड़ खेत में जलबेरा के फूल 35 लाख रुपए के बेचे और 8 एकड़ खेत की सब्जियां 15 लाख रुपए की बेची। 9 एकड़ जमीन में लागत लगभग 20 लाख रुपए आयी। इस हिसाब से बचत 30 लाख रुपए हुई।” गंसू अभी अपनी इस आमदनी से संतुष्ट नहीं हैं इनका कहना है साल 2018 में केवल सब्जी ही 50 लाख रुपए की बेचूंगा।

गंसू की जिंदगी में 50 से गहरा जुड़ाव है। इनका कहना है, “एक समय मैं 50 रुपए की मजदूरी के लिए अपने घर से 25 किलोमीटर दूर रांची शहर में जाता था। जहां पूरे दिन ईंट गारा देने के बाद दिन के 50 रुपए मिलते थे। अगर दो मिनट सुस्ताने लगते तो ठेकेदार चिल्लाकर बोलता था, मजबूरी थी इसलिए सुन लेता था लेकिन बहुत बुरा लगता था।”

गंसू महतो के पास अपनी जमीन तो थी लेकिन वह बंजर भूमि थी। इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद इनके पास इतना पैसा नहीं था जिससे ये आगे की पढ़ाई कर सकें। इसलिए 20 साल की उम्र में ये 50 रुपए की दिहाड़ी मजदूरी करने लगे। तीन साल मजदूरी करने के बाद गंसू ने मजदूरी छोड़ दी। ये अपनी बंजर पड़ी जमीन में ही खेती करना चाहते थे।

गंसू ने बताया, “बंजर जमीन में गोबर की खाद डालकर उसे धीरे-धीरे इसे उपजाऊ बनाया। शुरुआती दिनों में शकरकंद और गोड़ा धान (जो बंजर जमीन में धान होती है उसे गोड़ा धान कहते हैं) की फसल ली।”

वर्ष 1998 में गंसू ने 12 डिसमिल जमीन में शिमला मिर्च की खेती की। पहली बार एक लाख 20 हजार रुपए की शिमला मिर्च की बिक्री हुई जिससे इनका आत्मविश्वास बढ़ा। फिर ये कारवां रुका नहीं, तब से ये लगातार खेती कर रहे हैं।

झारखंड राज्य में पानी की कमी होने की वजह से यहां के किसान ज्यादातर बरसात के पानी पर ही खेती करने के लिए निर्भर रहते थे। बरसात के पानी से धान की उपज खाने भर के लिए होती थी। जिससे रोजमर्रा के खर्चों के लिए इन्हें दिहाड़ी मजदूरी करने पड़ती। धीरे-धीरे सरकार की तमाम योजनाएं किसानों तक पहुंची जिससे किसानों ने सब्सिडी पर ड्रिप एरीगेशन और पॉली हॉउस लगाने शुरू किए और आधुनिक तरीके से खेती करना शुरू किया, जिसका एक उदाहरण किसान गंसू महतो हैं।

गंसू रांची जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर ओरमांझी ब्लॉक के सदमा गाँव के रहने वाले हैं। इनके गाँव में 80 घर हैं, गंसू इस समय तरक्की की रफ्तार में सबसे आगे हैं।

झारखंड ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से इस गाँव में गंसू के अलावा 20 और किसानों ने ड्रिप एरीगेशन लगाया है जो अब पूरे साल अपने खेत में फसल लेकर अच्छी आमदनी ले रहे हैं।

गंसू ने 25 डेसमिल के 4 पॉली हॉउस लगाए, एक एकड़ जरबेरा से 35 लाख रुपए कमाए गंसू ने सरकार की सब्सिडी की मदद से 25-25 डिसमिल में दो पॉली हॉउस और दो ग्रीन हाउस और ड्रिप इरीगेशन लगाया। जरबेरा फूल के पौधे लगाने के 75 दिन बाद तोड़ाई शुरू हो गयी। एक सप्ताह में फूलों की तुड़ाई दो बार होती है। एक बार जरबेरा लगाने पर चार साल लगातार उपज देगा।

“पहले ही साल में हमने 35 लाख रूपए के फूल एक एकड़ खेत के बेचे हैं। लागत 15 लाख रुपए आयी है, 20 लाख बचत हुई है। इस साल लागत 3 लाख रुपए आयेगी और मुनाफा 20-25 लाख रुपए होगा।” गंसू को जरबेरा के फूल बेचने के लिए बाजार नहीं जाना पड़ता, व्यापारी खेत में आकर ही खरीदकर ले जाते हैं।

ये दस हजार से ज्यादा किसानों को कर चुके हैं प्रशिक्षित

खेती कर कमाई करना ही गंसू का मकसद नहीं है। इनकी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा किसान खेती के नए तौर तरीकों को सीखें और बेहतर उपज लेकर अच्छा मुनाफ़ा कमाएं जिससे उनकी आय बेहतर हो सके। कृषि विभाग भी इन्हें किसानों को प्रशिक्षित करने के लगातार बुलाते हैं। अब तक गंसू निःशुल्क 10 हजार से ज्यादा किसानों को प्रशिक्षित कर चुके हैं।

ये आठ एकड़ में उगाते हैं जैविक सब्जियां

गंसू के पास कुल 14 एकड़ जमीन है जिसमें 9 एकड़ भूमि में ही ये खेती करते हैं, बाकी भूमि अभी भी चट्टानी है। गंसू ने आधुनिक तरीके से खेती करने की शुरुआत वर्ष 2015 से ही 9 एकड़ में करनी शुरू की है। एक एकड़ में जरबेरा की खेती करते हैं और आठ एकड़ में विभिन्न प्रकार की सब्जियां उगाते हैं। वर्ष 2017 में 15 लाख रुपए की सब्जियां बेच चुके हैं। वर्ष 2018 में गंसू ने 50 लाख रुपए की सब्जी बेचने का लक्ष्य रखा है।

ये बाजार से कोई भी खाद और कीटनाशक का उपयोग नहीं करते हैं। सभी खादें और दवाइयां के घर पर ही बनाते हैं।

अगर आप किसान से मिलना चाहते हैं या फोन पर सम्पर्क करना चाहते हैं तो नीचे दी गयी डिटेल में आप गंसू महतो तक पहुंच सकते हैं।

पूरा पता – नाम-गंसू महतो ,राज्य-झारखंड ,जिला-रामगढ़
ब्लॉक- ओरमांझी,गाँव- सदमा
मोबाईल नम्बर-9065224475

गर्मी के मौसम में बिना AC के ही ठंडा-ठंडा Feel करोगे इन 11 तरीकों से

वो मौसम आ चुका है, जब तेज़ सांस लो, तो नाक के बालों को भी गर्मी लगती है. ये वही मौसम है, जब कुछ Extra Adventurous लोग गाड़ी के बोनट पर अंडे फोड़ कर उनके पकने का इंतज़ार करते हैं.

मतलब भयंकर गर्मी. दिन को बेचैन और रात को और ज़्यादा बेचैन करने वाली गर्मी. गर्मी से निजात पाने के लिए हम कूलर, AC का सहारा लेते हैं. पंखा चलाना और न चलाना तो बराबर ही लगता है, लेकिन AC/कूलर से हेल्थ को नुकसान भी होता है. कुछ लोगों को बॉडी पेन, सिरदर्द जैसी परेशानियां होने लगती हैं.

गर्मी से निजात पाने के लिए सिर्फ़ ये ही तरीके नहीं, और भी कई नैचुरल तरीके हैं.

कुछ ऐसे नैचुरल तरीके, जिनसे आप गर्मी आराम से बिना AC के भी बिता सकते हैं. इससे न सिर्फ़ पहाड़ सा बिजली का बिल कम होगा, बल्कि हेल्थ भी चंगी रहेगी.

कुदरत को ले आइये घर के अंदर

पौधे न सिर्फ़ आपको सुकून देते हैं, बल्कि इनसे रूम का तापमान भी कम होता है. ये Living AC की तरह ही होते हैं. घर की पूर्व और पश्चिम दिशा में पौधे लगाएं, ताकि सूर्य की किरणें सीधे घर के अंदर न आए. सीढ़ियों और Balcony की Railing पर लतायें लगा सकते हैं. इससे घर को अलग लुक भी मिलेगा.

लाइट हो राइट

जब ज़रूरत न हो, तो लाइट न जलायें, ये तो बचपन से सिखाया गया है. बिना ज़रूरत के लाइट जलाये रखने से न सिर्फ़ बिजली का बिल ज़्यादा आता है, बल्कि इनसे हीट भी निकलती है. Bulb की जगह घर में LED और CFL लगाएं.

Window Planters

खिड़कियों पर लगाए जाते हैं Window Planters. खिड़कियों पर लगाए जाने वाले हरे-हरे पौधे न सिर्फ़ Humidity से निजात दिलाते हैं, बल्कि इनसे घर में ठंडी-ठंडी हवाएं भी आती हैं. इसके अलावा खिड़कियां भी बेहद ख़ूबसूरत लगती हैं.

एक कटोरी बर्फ़ और Table Fan की सदाबहार यारी

कमरे को ठंडा रखने के लिए सस्ता, सुंदर, टिकाऊ उपाय. सिर्फ़ एक Table Fan, Metal Bowl और बर्फ़. कुछ इस तरह:

घर को रंग दें Milky White

जिस तरह से बर्फ़, समुद्र का पानी UV किरणों का ताप Absorb करने के बजाय, उन्हें Reflect कर देता है, उसी तरह सफ़ेद रंग से पुती छत भी UV किरणों के ताप को घर के अंदर प्रवेश करने नहीं देती. छत पर Lime Wash करवाना गर्मी में कारगर साबित होता है. Solar Reflective White Paint से भी पुताई की जा सकती है.

Terrace Garden

Terrace Garden का प्रचलन देश में तेज़ी से बढ़ा है. पौधे न सिर्फ़ आपके Terrace की ख़ूबसूरती बढ़ाएंगे, बल्कि ये घर के अंदर का तापमान भी कम रखते हैं.

Cross Ventilation

Opposite Direction में बनी खिड़कियों और दरवाज़ों को खोल दें, इससे ठंडी हवा घर में आती है और घर ठंडा होता है. याद रहे कि ये काम सुबह 5-8 और शाम में 7 से 10 के बीच करने से ही कारगर होता है.

कमरे को बनाएं व्यवस्थित

अव्यवस्थित-घर में ज़्यादा गर्मी लगती है. बेमतलब की चीज़ों को टाटा कहें और घर को हवादार बनायें. Synthetic पर्दों, कार्पेट्स सबको साइड कर दें. Living Room में ख़ूबसूरत पौधों को ऐन्ट्री दें.

ग़ैरज़रूरती बिजली के सामान को कहें अलविदा

ज़्यादातर Electrical Appliances Heat Radiate करते हैं. इसलिये जब ज़रूरत न हो, तो बिजली के सामान को बंद कर के रख.इसके अलावा जिस वक़्त तापमान कम हो उस वक़्त अपने रोज़मर्रा के काम करने की कोशिश करें.

गीली चादर

ये हम हॉस्टल में अक़सर करते थे, क्योंकि कॉलेज हॉस्टल में सारी सुविधाएं क़िस्मतवालों को ही मिलती हैं. सूती चादर को गीला करके ओढ़कर सोने से गर्मी में चैन की नींद तो आ ही जाती है.गीली चादर को आप खिड़की पर भी लगा सकते हैं और इससे नैचुरल AC वाली Feel आती है.

डूड, हैव कूल-कूल फ़ूड

गर्मियों में ठंडी चीज़ें खाना फ़ायदेमंद होता है. मौसमी फल (जैसे तरबूज़, ख़रबूज़ा) और सब्ज़ियां (जैसे- खीरा, मिन्ट) खाएं. इस मौसम में बॉडी को Hydrated रखना ज़रूरी होता है, इसलिए ज़्यादा से ज़्यादा पानी पीएं.

4500 रुपये की इस मशीन के साथ शुरू करें रबर स्टैम्प बनाने का बिज़नस

दोस्तों आज मैं आप को रबर स्टैम्प के बिज़नेस और इस कैसे शुरु कर सकते है इसके बारे में पूरी जानकारी में बताने जा रहा हु। यह बिज़नेस बहुत ही कम पैसो में हम शुरू कर सकते है। और कोई भी इसे कर सकता है। और बहुत ही आसानी से सिर्फ एक घंटे में इसे कोई भी सीख सकता है।

इसमें अच्छा – खासा प्रॉफिट भी है। आज कल जनरल स्टोर्स , स्कूल, कॉलेज , ट्यूशन , क्लास , दुकाने, सरकारी कार्यालय और लगभग सभी व्यापारी को रबर / पॉलीमर स्टैम्प की जरुरत पड़ती ही है। इसलिए यह बिज़नस आप को अच्छे खासे पैसे कमा कर दे सकता है।

इसे आप अपने साइड बिज़नेस या आप मुख्य बिज़नेस के तौर पर भी कर सकते है। और आपने शहर में यह बिज़नस देखा ही होगा। इस बिज़नस की सबसे खास बात यह है की capital और space जगह बहुत कम लगती है। तो चलिए यह बिज़नेस कैसे स्टार्ट करे यह देखते है।

Equipment to need :

  • कंप्यूटर : रबर स्टाम्प डिज़ाइन बनाने के लिए।
  • corel draw और page maker designing software
  • laser और inkjet printer
  • simple photo polymer stamp making machine / semi -automatic /full – automatic (आप के investment के मुताबिक आप machine choose कर सकते हो इसकी prize मैं आप को आगे बताता हु )
  • liquid polymer , dam tape ,washing liquid , कैची , sponge टेप ,
  • washout machine
  • Blank stamp

आप को इतनी सारी चीजो की जरुरत पड़ सकती है। इसमें मुख्य कंप्यूटर और पॉलीमर स्टाम्प मशीन ही है। बाकी सारी चीजे आप को होलसेल रेट में कही भी मिल जाएगी। मैंने इंडियमारटी से पॉलीमर मशीन के कोटशन निकले है। आप चाहे तो वहा से भी आर्डर कर सकते हो। जैसे सिंपल मशीन आप को सिर्फ 4500 रूपये में मिल जाएगी। semi automatic या fully automatic लेते हो तो यह 8000 हजार से लेकर 13000 तक मिल जाएगी।

Type of Stamp

  • Round Stamp : यह गोल आकर का रहता है।
  • square : इसका आकर चौकोनी रहता है।
  • Pen Stamp : यह स्टाम्प पेन में फिट होता है। इसे आप अपने जेब में रख सकते है। यह लिखने के भी काम आता है इसमें पेन लगा रहता है। और स्टाम्प भी।
  • Signature stamp : इसे स्टाम्प में किसी व्यक्ति का signature फिट होता है।
  • Dater : यह तारीख वाला स्टाम्प होता है। जिसे हम रोजाना तारीख बदलकर उपयोग में लाते है।

पॉलीमर स्टाम्प कैसे बनाते है 

सबसे पहले आप को जो स्टाम्प बनाना है उसका डिजाईन आप को करेल या पगमकेर में बनानी पड़ती है। फिर आप को वह डिजाईन buttershit पर लेज़र प्रिंटर से प्रिंटआउट करना पड़ता है। आप इंकजेट प्रिंटर भी ले सकते है पर उसके लिए आप को मीडिया फिल्म पेपर पर प्रिंट लेनी होगी।

अब यह प्रिंटआउट हमें पॉलीमर स्टाम्प मेकिंग मशीन पर रखनी होगी। और उसपर कवरिंग शीट रख दे। यह एक प्लास्टिक पेपर शीट होती है। अब आप को स्टैम्प प्रिंटआउट के चारो तरफ स्पंज (चिपकनेवाल मोटा टेप ) स्टैम्प के चारो कार्नर से लगा दे और अब स्टैम्प को लिक्विड पॉलीमर से भर दे। और उसे अच्छी तरह से फैला दे। इसमें बबल्स न आए इसकी सावधनी ले। उसके उप्पर लेयर शीट रख दी जाती है। उसके उप्पर चेम्बर ग्लास और बाद में मशीन का ढक्कन बंद कर दिया जाता है।

बाद में इसमें एक्सपोज़ टाइम सेट कर दिया जाता है। यह टाइम 30 -40 सेकंड का होता है। front and back expose इसके बाद पॉलीमर solid हो जाता है। अब solid polymer शीट से अलग कर दिया जाता है। और आप अपने स्टैम्प का डिज़ाइन देख सकते है। आप polymer को वाश किया जाता है। इसके लिए washout मशीन का उपयोग किया जाता है। यदि आप मशीन न लेना चाहे तो आप ब्रश और पाउडर से भी वाश कर सकते है।

इसके बाद solid पॉलीमर को सुखाया जाता है। और साइज में काट दिया जाता है और कटा हुआ पॉलीमर ब्लेंक स्टैम्प को अच्छी तरह चिपका दिया जाता है। इस तरह से रबर स्टैम्प बनाया जाता है। आप चाहे तो आप के शहर के कोई दुकान को विजिट देकर आसानी से सिख सकते है।

अब आप सोच रहे होंगे के इसमें हमें कितनी बचत होगी और कितनी इन्वेस्टमेंट हमें करनी होगी।
तो दोस्तों जैसे मैंने कहा स्टैम्प मेकिंग मशीन आप को 4500 से 13000 हजार तक मिल जाएगी।
बाकि आप को थोड़ी से जगह लगती है। और थोड़ा स्टैम्प मटेरियल।

पॉलीमर स्टाम्प मशीन हैंडल करना बहोत ही आसान है। आप इसे केवल एक बार देखकर सिख सकते है। और कम खर्च में आप का खुद का बिज़नस शुरू कर सकते है। आप इसके साथ कोई दूसरा भी बिज़नस कर सकते हो।

वैसे पर्सनली तो मुझे इस बिज़नस का प्रॉफिट परसेंटेज नहीं पता पर 40 -50 % तो होगा ही। यह डिपेंड भी करता है की आप गांव में है या शहर में क्यों की जब भी आप कभी स्टैम्प बनाने देते हो तो वह एक लाइन के हिसाब से चार्ज करते है। जैसे एक लाइन के वह 30 रुपये लेते है। और कम से कम 3 लाइन के स्टैम्प तो होते ही है। मतलब वह 3 x 2 cm पॉलीमर शीट के 90 रुपये कमाते है। और अर्जेंट स्टैम्प के चार्जस 200-300 रूपये लेते है।

इस मशीन के साथ रबर रबर स्टैम्प कैसे त्यार करते है उसके लिए वीडियो देखें

अगर आप इस मशीन को खरीदना चाहते है तो निचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें

https://www.indiamart.com/proddetail/polymer-stamp-machine-1494915430.html

खोलना चाहते हैं रिलायंस और एस्‍सार का पेट्रोल पंप

देश में निजी क्षेत्र की दो बड़ी कंपनियां रिलायंस पेट्रोलियम और एस्‍सार ऑयल पेट्रोल और डीजल की रिटेलिंग के कारोबार में लगी हुई हैं। अब यह कंपनियां अपना कारोबार बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं।

इसके तहत यह कंपनियां देशभर में हजारों नए पेट्रोल पंप खोलने की योजना पर काम रही हैं। इसके लिए कंपनियों ने अपनी वेबसाइट पर जानकारी उपलब्‍ध कराई है। इस आधार पर अगर कोई इन कंपनियों के पेट्रोल पंप खोलना चाहता है तो वह ऑॅनलाइन आवेदन कर सकता है।

अभी क्‍या है देश पेट्रोल पंप की स्थिति

अभी देश में सरकारी कंपनियों के पेट्राेल पंप का बोलवाला है। करीब 90 फीसदी पेट्रोल पंप सरकारी कंपनियों इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन (BPCL) और हिन्‍दुस्‍तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन (HPCL) के ही हैं।

इन सरकारी कंपनियों के कुल मिलाकर 56 हजार से ज्‍यादा पेट्रोल पंप हैं। वहीं निजी कंपनियों में रिलायंस पेट्रोलियम के करीब 1400 और एस्‍सार ऑयल के करीब 4500 पेट्रोल पंप हैं। लेकिन अब कंपनियां अपने पेट्रोल पंप की संख्‍या बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। यह दोनों कंपनियां अगले एक से दाे साल में करीब 2500 पेट्रोल पंप खोलने की योजना पर काम रही हैं।

एस्‍सॉर ऑयल के पेट्रोल पंप के लिए ऐसे करें आवेदन

एस्‍सॉर ऑयल ने पेट्रोल पंप की फ्रैंचाइजी लेने के लिए पूरा फार्म की उपलब्‍ध करा दिया है। https://www.essaroil.co.in/media/13109/EOI-Form-final-Hindi-SAPL.PDF साइट पर जाकर लोग इस फार्म को डॉउनलोड कर सकते हैं।

इस फार्म में कंपनी ने पूरी जानकारी मांगी है जिससे फ्रैंचाइजी देने का काम जल्‍द शुरू किया जा सके। यह फार्म 12 पेज का है जिसके अंत में कंपनी के सभी जोन का पता भी दिया गया है। अगर फार्म भरने में किसी भी तरह की दिक्‍कत हो तो इन ऑफिसों से संपर्क किया जा सकता है।

क्‍या क्‍या मांगी जा रही है जानकारी

इस फार्म में नाम पते के अलावा पेट्रोल पंप चलाने का अगर पिछला अनुभव हो तो उसे भी दे सकते हैं। अगर ऐसा अनुभव नहीं है तो भी आवेदन किया जा सकता है। आप जिस जगह पर पेट्रोल पंप खोलना चाहते हैं तो वहां आपके पास जमीन है या नहीं। अगर है तो उसका विवरण और यह जमीन की लोकेशन। इसके अलावा कंपनी यह भी जानना चाहती है कि इस जमीन के आसपास कैसी कारोबारी गतिविधियां हैं।

रिलायंस पेट्रोलियम के लिए कैसे करें आवेदन

रिलायंस पेट्रोलियम ने अपनी वेबसाइट पर इस बारे में जानकारी दी है। https://www.reliancepetroleum.com/businessEnquiry पर जाकर लोग एक फार्म भर सकते हैं। इसमें पेट्रोल पंप के अलावा कंपनी से अन्‍य तरीके से जुड़ने का भी मौका दिया जा रहा है। लोग लुब्रीकेंट्स, ट्रांस कनेक्‍ट फ्रैंचाइजी, A1 प्‍लाजा फ्रैंचाइजी, एविएशन फ्यूल से लेकर अन्‍य तरीके से भी कंपनी से जुड़ सकते हैं। इन फ्रैंचाइजी का विवरण भी इस साइट पर दिया गया है।

क्‍या क्‍या देनी है जानकारी

कंपनी इस फार्म में नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल के अलावा राज्‍य और शहर का नाम मांग रही है। इसके अलावा अगर अापका कोई कारोबार है तो उसका भी विवरण दे सकते हैं।

निजी कंपनियों के पंप से तेजी से बढ़ रही बिक्री

निजी कंपनियों के पेट्रोल पंप से पेट्रोल और डीजल की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015-16 में जहां इन पेट्रोल पंप से देश में हुई डीजल की कुल बिक्री का करीब 3.1 फीसदी हुई थी, वहीं यह 2017-18 में बढ़कर 8.2 फीसदी हो गई। इसी तरह पेट्रोल की कुल बिक्री 3.5 फीसदी से बढ़कर 6.8 फीसदी हो गई। जानकारों का कहना है कि पेट्रोल पंप की संख्‍या बढ़ने से बिक्री का यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा।

18 हजार रुपए में घूमिए कश्मीर

गर्मियों में अगर आप कश्मीर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो बुकिंग के लिए ये अच्छा समय है। आईआरसीटीटी, कॉक्स एंड किंग सहित कई छोटे टूर ऑपरेटर 3-7 दिन का टूर पैकेज लेकर आएं हैं। आप कश्मीर 18 हजार रुपए के शुरूआती पैकेज से लेकर 30-35 हजार तक के पैकेज में घूम सकते हैं। ऑपरेटर्स पैकेज में श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम जैसी जगहों पर घूमने का ऑप्शन दे रहे हैं।

कश्मीर की ये हैं फेमस डेस्टिनेशन

कश्मीर में श्रीनगर, सोनमर्ग और पहलगांम देखने वाली जगह हैं और यहां टूरिस्ट सबसे अधिक आते हैं। यहां डल लेक पर शिकारा राइड, चंदनबाड़ी, पहलगांम वैली और गुलमर्ग में गंडोला राइड फेमस है।

अगर स्वयं करते हैं कश्मीर के लिए बुकिंग

4 दिन और 3 रात का टूर पैकेज

फ्लाइट की टिकट 

दिल्ली से कश्मीर तक की टिकट मई- जून महीने में 7,000 रुपए से 8,500 रुपए में आने-जाने की टिकट आसानी से मिल जाएगी।

होटल 

यहां 2,000 रुपए से लेकर 6,000 रुपए में बजट होटल मिल जाएंगे। गोआईबीबो, ट्रिवागो, एक्सपीडिया पर होटल और हवाई टिकट अपने बजट और शेडयुल के मुताबिक बुक कर सकते हैं। यानी स्वयं बुकिंग करने पर फ्लाइट और होटल करीब 15,000 रुपए में बुक कर सकते हैं।

आईआरसीटीसी कश्मीर टूर पैकेज – 1

  • पैकेज प्राइस -18,117 (8 रात और 7 दिन)
  • दिल्ली-श्रीनगर-गुलमर्ग- सोनमर्ग

आईआरसीटीसी दिल्ली से श्रीनगर तक के लिए एक टूर पैकेज दे रही है। उनका यह टूर पैकेज दिल्ली से ही शुरू होगा। पैकेज के तहत दिल्ली से श्रीनगर लेकर जाएंगे। श्रीनगर के बाद गुलमर्ग और फिर सोनमर्ग लेकर जाएंगे। पैकेज के तहत एसी टूरिस्ट ट्रेन लेकर जाएंगे।

आईआरसीटीसी के पैकेज में होटल के अलावा ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर का खर्च शामिल है। आईआरसीटीसी से टूर पैकेज लेने पर आपको रेलवे की कंफर्म टिकट मिलेगी। आरसीटीसी यह प्राइस सिंगल व्यक्ति के लिए ट्रिपल शेयरिंग के आधार पर दे रही है।

आईआरसीटीसी कश्मीर टूर पैकेज – 2

  • पैकेज की शरुआत – 36,700 रुपए (10 दिन)
  • आगरा- दिल्ली- अमृतसर-श्रीनगर-गुलमर्ग- सोनमर्ग

आईआरसीटीसी दिल्ली से श्रीनगर तक के लिए टूर पैकेज दे रही है। उनके यह टूर पैकेज दिल्ली से शुरू होगा। पैकेज के तहत पहले दिल्ली से आगरा उसके बाद अमृतसर और फिर उसके बाद श्रीनगर लेकर जाएंगे। श्रीनगर के बाद गुलमर्ग और फिर सोनमर्ग लेकर जाएंगे। पैकेज के तहत एसी टूरिस्ट ट्रेन लेकर जाएंगे। आईआरसीटीसी के पैकेज में होटल के अलावा ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर का खर्च शामिल है।

कंपनियां दे रही हैं 28,000 रुपए में टूर पैकेज

  • टूर पैकेज 6 रात और 7 दिन

बड़ी टूर कंपनियां 28,000 रुपए में टूर पैकेज दे रही है। इस टूर पैकेज में आने-जाने की फ्लाइट टिकट, होटल, ब्रेकफास्ट और डिनर का खर्च शामिल है। इसमें लोकल में सफर करने के लिए स्कॉर्पियो या इनोवा का खर्च शामिल है। इस टूर पैकेज में डल लेक आउटिंग, गंडोला राइड और एक घंटे शिकारा का खर्च शामिल है।

जम्मू से कश्मीर करीब 305 किलोमीटर दूर है। जिसमें जम्मू के लिए देश के हर हिस्से से ट्रेन की कनेक्टिविटी है। वहां से श्रीनगर जाने के लिए आप वोल्वो बस या गाड़ी हायर कर सकते हैं। ये टूर पैकेज 28,000 रुपए से शुरू है। कॉक्स एंड किंग, एसओटीसी, ईजीगो वन डॉट कॉम जैसी कंपनियां दे रही है।

छोटे टूर पैकेज का भी देखे ऑप्शन

बड़े टूर आपरेटर के साथ-साथ छोटे टूर आपरेटर भी कश्मीर का टूर प्लान दे रहे हैं। जो कि बड़ी कंपनियों की तुलना में काफी सस्ते हैं। ऐसे में आप इन ऑप्शन को भी तलाश सकते हैं। गूगल पर कश्मीर का टूर पैकेज सर्च करने पर कई ट्रैवल एजेंट के ऑप्शन आएंगे।

ये दिल्ली से 16,500 रुपए से लेकर 20,750 रुपए में टूर पैकेज ऑफर कर रहे हैं। इनमें से आप अपने बजट के मुताबिक टूर पैकेज ले सकते हैं लेकिन लेने से पहले टूर एजेंट का सर्टिफिकेशन जरूर चेक कर लें।

अंबानी के साथ जुड़कर लाखों कमाने का मौका

अगर आप बिजनेस करने की सोच रहे हैं और ज्यादा पैसे भी इन्वेंस्ट नहीं करना चाहते हैं तो आपके लिए यह खबर काम की है। रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के जुड़कर कमाई करने का मौका है। इसके लिए आपका लाखों नहीं बल्कि सिर्फ 35 हजार रुपए निवेश करने हैं। आइए जानते हैं कैसे अंबानी से जुड़कर कर सकते हैं लाखों में कमाई…

रिलायंस सिक्युरिटीज के साथ मिलाएं हाथ

बेहतर रिटर्न की वजह से शेयर बाजार औऱ म्युचुअल फंड्स ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। शेयर बाजार में बढ़ते रुझान को देखते हुए अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस सिक्युरिटीज को निवेशकों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए पार्टनर्स की जरूरत है। इसके लिए वो सिर्फ मामूली फीस चार्ज कर रहे हैं। ऐसे में आप भी उनके साथ जुड़कर महीने में लाखों रुपए कमा सकते हैं।

35 हजार निवेश कर बने पार्टनर कंपनी के दिल्ली रिजन के रिजनल चैनेल मैनेजर नीरज कुमार कवि ने बताया कि रिलायंस सिक्युरिटीज का पार्टनर बनने के लिए ज्यादा फीस नहीं ली जा रही है। कोई भी व्यक्ति 35 हजार रुपए के निवेश में हमसे जुड़ सकता है। इसमें से 25 हजार रुपए रिफंडेबल डिपॉजिट के तौर पर लिए जा रहे हैं।

इसके अलावा वन टाइम नॉन-रिफंडेबल के रूप में 7140 रुपए पेय करने होंगे। वहीं 1500 रुपए प्रोसेसिंग फी लगेगा। इस तरह कुल मिलाकर करीब 35 हजार रुपए का खर्च बैठता है। इसमें ऑफिस सेटअप का खर्चा शामिल नहीं है। इसके अलावा आवेदक का आधार कार्ड, पैन कार्ड, 4 फोटो, 100 रुपए वाला 5 स्टाम्प पेपर एग्रीमेंट के लिए जरूरी होंगे। आगे भी पढ़ें,

पार्टनर कोड जेनरेट होने के बाद शुरू करें काम

उन्होंने बताया कि एग्रीमेंट बनने के बाद एक पार्टनर कोड जेनरेट होता है। पार्टनर कोड जेनरेट होने के बाद आपका डिजिटल अकाउंट ओपन हो जाएगा। टर्मिनल आईडी मिलने के बाद आप काम शुरू कर सकते हैं।

कितनी होगी कमाई

रिलायंस सिक्युरिटीज के साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन मॉड्यूल के जरिए जुड़ सकते हैं। ऑफलाइन मोड में आपको एक ऑफिस सेटअप करना होगा। लेकिन यहां कमिशन भी ज्यादा मिलेगा। ब्रोकिंग पर 50 से 70 फीसदी शेयरिंग का मॉडल है।

वहीं ऑनलाइन बिजनेस पर 20 से 30 फीसदी शेयरिंग हैं। कमाई आपकी कार्यक्षमता पर निर्भर करेगी। हालांकि आप महीने में 50 हजार से 1 लाख रुपए तक की कमाई कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप कंपनी की वेबसाइट पर जाकर संपर्क कर सकते हैं।

पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में 5500 रु मंथली इनकम की है गारंटी

अगर आप रेग्युलर मंथली इनकम या एक्स्ट्रा इनकम का कोई उपाय खोज रहे हैं पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम आपकी मदद कर सकती है। बस इसके लिए आपको एक बार इस स्कीम के तहत पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवाना पड़ेगा।

इस स्कीम के तहत 5500 रुपए मंथली तक इनकम की गारंटी है। वहीं, आपके द्वारा खाते में जमा हर एक पैसे पर सुरक्षा की भी गारंटी है। खास बात है कि इस अकाउंट को आप मिनिमम 1500 रुपए से भी खुलवा सकते हैं।

यह अकाउंट उनके लिए भी बेहतर है, जिनके पास कुछ पैसे एकमुश्‍त पड़े हों। उन पैसों को किसी रिस्की निवेश या बैंक के बचते खाते में डालने की बजाए, पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में जमा करा दें तो यह आपके लिए हर महीने इनकम देने की गारंटी बन जाएगी।

हर महीने आपको कमाई कराती भी रहेगी और स्कीम का समय पूरा होने के बाद पोस्ट ऑफिस के खाते में जमा पूरे पैसे भी आपको मिल जाएंगे। खास बात यह है कि इस स्कीम को हर 5 साल बाद उसी खाते के जरिए आगे भी जबतक चाहें बढ़ा सकते हैं। यानी यह सालों तक आपके लिए इनकम की गारंटी साबित होगी।

क्या है ये स्कीम

पोस्ट ऑफिस की मंथली इन्वेस्टमेंट स्कीम यानी पीओएमआईएस आपको मंथली इनकम करने का मौका देती है। यह एक ऐसी सरकारी योजना है जिसमें एक बार पैसा निवेश करने पर हर महीने तय आय होती रहती है। एक्सपर्ट्स इस योजना को निवेश के सबसे अच्छे विकल्पों में से एक मानते हैं, क्योंकि इसमें 4 बड़े फायदे हैं।

  •  इसे कोई भी खोल सकता है और आपकी जमा-पूंजी हमेशा बरकरार रहती है।
  • बैंक एफडी या डेट इंस्ट्रूमेंट की तुलना में आपको बेहतर रिटर्न मिलता है।
  • हर महीने एक निश्चित आय आपको होती रहती है।
  • स्कीम पूरी होने पर आपकी पूरी जमा पूंजी मिल जाती है जिसे आप दोबारा इस योजना में निवेश कर मंथली आय का साधन बनाए रख सकते हैं।

कितना कर सकते हैं निवेश –

अगर आपका अकाउंट सिंगल है तो आप 4.5 लाख रुपए तक अधिकतम जमा कर सकते हैं। कम से कम 1500 रुपए की राशि जमा की जा सकती है। वहीं अगर आपका अकाउंट ज्वॉइंट है तो इसमें अधिकतम 9 लाख रुपए जमा किए जा सकते हैं। एक शख्‍स पोस्ट ऑफिस द्वारा तय लिमिट के अनुसार अकाउंट खोल सकता है। मेच्योरिटी पीरियड 5 साल है। 5 साल बाद अपनी पूंजी को फिर योजना में निवेश कर सकते हैं।

ऐसे होगी मंथली इनकम

  • मंथली इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत 7.3 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है।
  • इस सालाना ब्याज को 12 महीनों में बांट दिया जाता है जो आपको मंथली बेसिस पर मिलता रहता है।
  • अगर आपने 9 लाख रुपए जमा किए हैं तो आपका सालाना ब्याज करीब 65700 रुपए होगा। इस लिहाज से आपको हर महीने करीब 5500 रुपए की आय होगी।
  • 5500 रुपए आपको हर महीने मिलेंगे, वहीं आपका 9 लाख रुपए मेच्योरिटी पीरियड के बाद कुछ और बोनस जोड़कर वापस मिल जाएगा। अगर आप मंथली पैसा न निकालें अगर आप मंथली पैसा न निकालें तो वह आपके पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट में रहेगी और मूलधन के साथ इस धन को भी जोड़कर आपको आगे ब्याज मिलेगा।

मेच्योरिटी के पहले पैसा निकालें तो……

अगर किसी जरूरत पर आपको मेच्योरिटी से पहले ही पूरा पैसा निकालना पड़ गया तो यह सुविधा आपको अकाउंट के 1 साल पूरा होने पर मिल जाती है। अकाउंट खोलने की तारीख से 1 साल से 3 साल तक पुराने अकाउंट होने पर, उसमें जमा रकम में से 2% काटकर बाकी रकम आपको वापस मिलती है। साल से ज्यादा पुराना अकाउंट होने पर, उसमें जमा रकम में से 1 फीसदी काटकर बाकी रकम आपको वापस मिलती है।

कौन खोल सकता है अकाउंट –

पोस्ट ऑफिस की मंथली इन्वेस्टमेंट स्कीम कोई भी खोल सकता है चाहे वह एडल्ट हो या माइनर। – आप अपने बच्चे के नाम से भी अकाउंट खोल सकते हैं। अगर बच्चा 10 साल से कम उम्र का है तो उसके नाम पर उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक की ओर से अकाउंट खोला जा सकता है। बच्चे की उम्र 10 साल होने पर वह खुद भी अकाउंट के संचालन का अधिकार पा सकता है।

कैसे खुलेगा अकाउंट

आप अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी पोस्ट ऑफिस में जाकर अकाउंट खुलवा सकते हैं। इसके लिए आपको आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस में से किसी एक की फोटो कॉपी जमा करनी होगी। इसके अलावा एड्रेस प्रूफ जमा करना होगा, जिसमें आपका पहचान पत्र भी काम आ सकता है। इसके अलावा आपको 2 पासपोर्ट साइज के फोटोग्राफ जमा करने होंगे।

टैक्स छूट का लाभ नहीं

इसमें जमा की जाने वाली रकम पर और उससे आपको मिलने वाली ब्याज पर किसी तरह की टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलता है। हालांकि इससे आपको होने वाली कमाई पर डाकघर किसी तरह का TDS नहीं काटता, लेकिन जो ब्याज आपको मंथली मिलती है, उसके एनुअल टोटल पर आपकी टैक्सेबल इनकम में शामिल किया जाता है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों लगी है आग?

पेट्रोल-डीजल की कीमतें अबतक के सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं. बढ़ी कीमतों ने चारों ओर हाहाकार मचा दिया है. पेट्रोल की कीमतें रोज नए रिकॉर्ड बना रही हैं. देश की राजधानी दिल्ली में इस समय पेट्रोल 74 रुपये 8 पैसे प्रति लीटर बिक रहा है, जो सितंबर 2014 के बाद से सबसे ज्यादा है.

वहीं डीजल का भाव 65 रुपये 31 पैसे है, जो अब तक के इतिहास में इतना महंगा कभी नहीं हुआ. बढ़ी कीमतों ने सबसे ज्यादा असर किसानों पर डाला है. फसलों की सिचाई में महंगाई ने खलल डाल दिया है. कीमतों को बढ़ाने का नायाब तरीका डेढ़ साल पहले शुरू किया गया था. दरअसल, उस वक्त भाव बढ़ाने की तरकीब को न जनता भाप पाई और न ही तेल वितरण कंपनियां.

पेट्रो पदार्थों के दाम रोजाना लागू करने से सरकार को तो खूब फायदा हो रहा है, मगर डायनामिक प्राइसिंग सिस्टम योजना की आड़ में उपभोक्ताओं की जेब काटनी शुरू हो गई है. योजना को लागू हुए करीब डेढ़ साल हो गया. इसी बीच पेट्रोल-डीजल में तकरीबन रोजाना बढ़ोतरी की जा रही है. नियम लागू से अभी तक पेट्रोल-डीजलों के दाम लगातर बढ़ रहे हैं.

खास बात यह है कि इसमें ज्यादातर कीमतें कम नहीं हुई, बल्कि बढ़ी हैं. चुपके-चुपके कीमतें बढ़ाई जा रही है. सिलसिला अगर यूं ही जारी रहा तो दिसंबर तक पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर की दर को भी पार कर जाएगा. कीमतों में बढ़ोतरी के मुद्दे ने अभी तूल नहीं पकड़ा है, इसलिए मामला शांत है.

पेट्रोलियम उत्पादों के रोजाना मूल्य निर्धारण की व्यवस्था का केंद्र सरकार को प्रत्यक्ष फायदा यह हो रहा है कि दाम भी लगातर बढ़ रहे हैं और हो-हल्ला भी नहीं हो रहा है. पिछले दो माह के भीतर ही पेट्रोल की कीमत में 11 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है, जो इस समय पेट्रोल की कीमत पिछले एक दशक के उच्चतम स्तर पर जा पहुंची है.

पेट्रोल-डीजल के खुदरा बिक्री मूल्य यानी आरएसपी के रोजाना मूल्य की इस नई तरकीब का फायदा सरकार को प्रत्येक्ष रूप से हो रहा है. तेल कंपनियां भी परेशान हैं। उनको भी कुछ समझ नहीं आ रहा. पिछले साल 16 जून से कीमतें घटने की वजय लगातार बढ़ रही हैं। बढ़ी कीमतों की खबरे मीडिया में   नहीं आ पा रही हैं.