गधी के दूध से आया बिजनेस आइडिया, हर महीने कमाता है लाखों

गाय, भैंस या बकरी के दूध के बारे में सबने सुना होगा। क्या कभी आपने गधी के दूध से कारोबार शुरू करने के बारे में सोचा है। शायद नहीं। लेकिन केरल के इस शख्स को गधी के दूध से बिजनेस का आइडिया मिला और आज वो हर महीने लाखों में कमाई कर रहे हैं। आइए जानते है कौन है ये शख्स और कैसे की शुरुआत।

केरल के एरनाकुलम जिले के रहने वाले एबी बेबी ने बताया कि मैंने देखा कि सभी लोग दूध से बने प्रोडक्ट्स बिजनेस से पैसा कमा कर रहे हैं, वो भी सिर्फ गाय औऱ भैंस के दूध से। मैंने इनसे हटकर कुछ अलग करने की सोची, क्योंकि इस सेक्टर में कम्पटीशन ज्यादा हैं। इसलिए मैंने गधी के दूध से ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाने का बिजनेस शुरू किया।

दोस्त से मिली प्रेरणा

एबी ने बताया कि वो शुरुआत से ही कुछ करना चाहता थे। उन्हें इसकी प्रेरणा अपने लंदन से वापस लौटे एक दोस्त से मिली, जिसने भारत आकर खुद का स्टार्टअप शुरू किया यहीं से उन्होंने अपना बिजनेस शुरू करने की दिशा में कदम उठाया।

नौकरी छोड़ की शुरुआत

अपना बिजनेस शुरू करने के लिए एबी ने अच्छी खासी सैलरी वाली नौकरी छोड़ दी। वो बेंगलुरू में एक आईटी कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर के पोस्ट पर कार्यरत थे। किसी नए सेक्टर में बिजनेस की संभावनाएं तलाशना आसान नहीं होता। लेकिन उन्होंने अपने मजबूत इरादे के दम पर गधी के दूध से बने ब्यूटी प्रोडक्ट बनाने का बिजनेस शुरू किया।

2 करोड़ रुपए किया इन्वेस्ट

एबी को यहां तक पहुंचने में 10 वर्ष लग गए। 10 वर्षों तक रिसर्च करने के बाद उन्होंने गधी के दूध के फायदे ढूंढने में सफलता हासिल की। उनके मुताबिक, इस काम में उन्होंने 2 करोड़ रुपए से ज्यादा निवेश किया है। फिलहाल उनके फार्म में 23 डांगकी हैं जिनमें 20 गधी हैं। एक गधी 80 हजार से 1 लाख रुपए तक में मिलती है। एबी का कहना है कि वो अपने बिजनेस को बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें 30-35 करोड़ रुपए की जरूरत है। शुरुआत में घाटा उठाने वाले एबी आज हर महीने लाखों में कमाई कर रहे हैं।

गधी के दूध से बनाते हैं कॉस्मेटिक प्रोडक्ट एबी ने सबसे पहले घर के बगल से ही फार्म की शुरुआत की और कई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स बनाए। इसमें ब्यूटी क्रीम, शैम्पू, बाथ-वॉश शामिल है। एबी का कहना है कि देश में इस तरह की पहली कोशिश है, जहां गधी का दूध निकाला जा रहा है। हालांकि विदेशों में इनका प्रयोग होता है।

ऐसे बढ़ाया बिजनेस

गधी के दूध से बने ब्यूटी प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए उन्होंने एक वेबसाइट dolphiniba.com लॉन्च की है जहां लोग उनके प्रोडक्ट्स को आसानी से खरीद सकें। उनका कहना कि घरेलू मार्केट में गधी का दूध 5 हजार से 6 हजार रुपए प्रति लीटर के भाव में बिकता है। दूध महंगी होने की वजह से गधी के दूध से बने प्रोडक्ट्स भी महंगे होते हैं। गधी के दूध होते हैं फायदेमंद उनका कहना है कि गधी के दूध में एंटी बैक्टीरियल एजेंट होते हैं और कई तरह के विटामिन भी हैं, जो इंसानी शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

1.5 लाख से ऐसे शुरू करे आटा चक्की का काम, हर महीने होगी 20 हजार तक की कमाई

ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग अक्सर व्यवसाय की तलाश में शहर का रुख करते हैं. इसका कारण यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कम उपलब्धता. हालांकि यह बात कुछ हद तक सही है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रो में रोजगार के अवसर तो बहुत कम है.

सिर्फ खेती, पशुपालन जैसे जरिए ही हैं जिससे ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगो की आजीविका चल पाती है. लेकिन वही थोड़ा सा अपनी सोच को बड़ा कर ले तो कुछ और व्यवसाय के जरिए वो लोग अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं.

ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगो के लिए व्यवसाय के अवसर है. ऐसे में हम आपको बता रहे हैं ग्रामीण क्षेत्र के एक ऐसे व्यवसाय के विषय में जिससे किसान आसानी अच्छी कमाई कर सकते हैं.यह व्यवसाय है आटा चक्की व्यवसाय.

खाने की जरुरत हर किसी को होती है सभी आटे की रोटी खाते है ऐसे में आटा हर किसी की जरुरत है. इसलिए यह एक अच्छा व्यवसाय है, जिसको कम पूँजी लगाकर शुरू किया जा सकता है.

कैसे करे शुरुआत : ऐसा नहीं है कि इस व्यवसाय के लिए किसी भी ख़ास प्रशिक्षण की आवश्यकता होना अनिवार्य है. कोई भी सामान्य व्यक्ति इस व्यवसाय का आरम्भ कर सकता है. यदि किसी को लगता है कि इस व्यवसाय को शुरू करने से पहले उसको थोड़ी जानकारी की जरुरत है

इसके लिए वो किसी व्यावसायिक कंसल्टेंसी से सलाह ले सकते हैं, या फिर भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यों में हिस्सा ले सकते हैं. यह प्रशिक्षण बहुत ही कम शुल्क पर कराया जाता है. यहाँ से प्रशिक्षण लेकर भी इस व्यवसाय को आसानी से शुरू किया जा सकता है.

मशीनरी एवं कच्चा माल : इस व्यवसाय की शुरुआत सोच पर निर्भर करती है कि आप किस स्तर पर इस व्यवसाय को शुरू करना चाहते हैं. यदि आप एक छोटे स्तर पर व्यवसाय को शुरू करना चाहता है तो इसके लिए छोटी आटा पिसाई की मशीन लगाकर शुरू किया जा सकता है.

यदि आप दो छोटी अनाज पिसाई मशीन लगाते हैं तो इनकी कीमत 25000 से 30000 रूपये तक आ जाती है. इसके अलावा बिजली का बिल और मोटर की कीमत लगाकर यह पूरा बारदाना 50,000 के आस-पास हो जाता है. इसके बाद आप अपने गावों और आस-पड़ोस के गावों की आटा पिसाई शुरू करके कमाई कर सकते हैं.

अधिक मुनाफे के लिए : यदि आप इससे अधिक मुनाफा इस व्यवसाय लेना चाहते है तो फिर आपको थोडा बड़ा सोचना पड़ेगा. इससे अधिक मुनाफा लेने के लिए आपको एक बड़ी चक्की लगानी होगी. इसके लिए कुछ मुख्य तथ्यों को ध्यान में रखे.

जगह का चुनाव : व्यवसाय को शुरू करने के लिए ऐसे स्थान का चुनाव करें जो शहर या कस्बें के थोडा नजदीक हो. इससे आपको दोगुना फायदा मिलेगा.

मशीनरी : आटा चक्की व्यवसाय को बड़े पैमाने पर करने के लिए कम से कम 4 आटा पिसाई मशीन को लगाने की आवश्यकता है. 4 पिसाई मशीन लगाने के लिए कम से 1.50 से 2 लाख तक का खर्च आ जाता है. इस समय जितना कच्चा माल यानि गेहूं अधिक मात्रा में आपके पास होगा उतना ही ज्यादा अच्छा है. इसके लिए आप सीजन में कच्चा माल स्टोर करके रख सकते हैं. कच्चा माल आपको अन्य क्रेताओं से भी खरीदना पड़ता है. ऐसे में कम से कम 1 लाख रुपए का बजट आपके पास होना अनिवार्य है. कुल मिलाकर आपको लगभग साढ़े तीन लाख का बजट लेकर चलना जरुरी है.

बाजार : यदि आप सिर्फ आटा पिसाई करते हैं तो आपको किसी बाजार की कोई आवश्यकता नहीं है. लेकिन आप आटा पिसाई करके अपने ब्रांड नाम से आटा सप्लाई करके का सोच रहें हैं तो आपको आवश्यकता है कि आप शहर या कस्बें का बाजार चुने क्योंकि शहर या कस्बें में तो कोई गेहूं उत्पादन नही होता है. ऐसे में आप छोटे शहरों और कस्बों में आटे को सप्लाई करके अपना ब्रांड शुरू कर सकते हैं. इससे और अधिक व्यवसाय और आय के अवसर बढ़ जाते हैं.

यदि खुले आटे की बात करें तो अभी 20 रूपये प्रतिकिलो इसकी कीमत है और 50 किलो आटे के कट्टे की कीमत लगभग 800 से 900 रूपये प्रति कट्टा होती है. यदि व्यवसायी एक दिन में 50 किलो के 200 कट्टे भी सप्लाई करता है तो उसकी कुल बिक्री 200 कट्टे X 800 रुपए = 1,60,000 रुपए.

इसमें से यदि 1,40,000 लागत कम कर दी जाए तो फिर भी 20,000 रुपए की बचत आसानी की जा सकती है.इसमें आसानी से लेबर और सभी खर्चे कम करके आसानी से अच्छी कमाई की जा सकती है.

प्रदूषण से बचाने के लिए अब आ गई है एंटी स्मॉग गन जाने कैसे करेगी काम

स्मॉग से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने बुधवार को आनंद विहार में एंटी-स्मॉग गन का ट्रायल किया. पर्यावरण विभाग और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन की मौजूदगी में यह ट्रायल किया

बता दें कि एंटी-स्मॉग गन ऐसी डिवाइस है, जो वातावरण में पानी की बौछार करती है, जिससे प्रदूषण कम होता है. पानी के टैंक से कनेक्ट इस मशीन को ट्रक के जरिए शहर के किसी भी हिस्से में ले जाकर इस्तेमाल किया जा सकता है.

स्मॉग से निपटने के लिए चीन भी अपना चुका है यह तरीका

स्मॉग और प्रदूषण से बचने के लिए बीजिंग भी यह तरीका अपना चुका है. इससे प्रदूषण दो दिन में 20 फीसदी तक कम हो गया था. बीजिंग ने ये कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे को लेकर उठाए थे

बीजिंग ने प्रदूषण का लेवल कम करने के लिए प्राइवेट व्हीकल्स की दूसरे शहरों से बीजिंग में एंट्री रोक दी गई. पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर ज्यादा जोर दिया गया. ऐसे 2000 कंस्ट्रक्शन साइट्स की जांच की गई, जिनमें प्रदूषण बढ़ने का खतरा था. वहां पानी का छिड़काव कर धूल-कण को कंट्रोल किया गया.

आप भी तो नहीं चला रहे एक्सपायरी डेट वाला गैस सिलिंडर, 1 मिनट में ऐसे करें चेक

क्या आप जानते हैं कि जिस एलपीजी गैस सिलिंडर को आप यूज कर रहे हैं वो इस्तेमाल लायक है या नहीं? यदि आप नहीं जानते तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं इसे जानने की प्रॉसेस।

एलपीजी गैस सिलिंडर तो हर घर में इस्तेमाल होता है लेकिन इससे जुड़ी सावधानियों की जानकारी सभी को नहीं होती। हर एलपीजी गैस सिलिंडर के इस्तेमाल की एक अवधि होती है। इस अवधि के बाद सिलिंडर की टेस्टिंग करवानी होती है। यदि टेस्टिंग में यह इस्तेमाल के योग्य नहीं रहता है तो इसे मार्केट से हटा दिया जाता है।

कितनी साल में टेस्टिंग करवाना जरूरी?

किसी भी नए एलपीजी गैस सिलिंडर की 10 से 15 साल में टेस्टिंग करवानी होती है। वहीं पुराने सिलिंडर की हर 5 साल में टेस्टिंग करवानी जरूरी है।

कहां होता है टेस्ट?

गैस सिलिंडर प्लांट में सिलिंडर की टेक्निकल जांच की जाती है। कई बार लोग सालों तक सिलिंडर का यूज नहीं करते। ऐसे में इस तरह के सिलिंडर की टेक्निकल जांच बहुत जरूरी हो जाती है। जांच न करवाने पर बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

20 का माइलेज देती है ये 7 सीटर कार, कीमत भी सिर्फ इतनी सी

इंडियन मार्केट में कार की बड़ी रेंज मौजूद है। इसमें लो बजट से लेकर प्रीमियम कैटेगरी की कार शामिल हैं। लो बजट की कार की कीमत 2.5 लाख के करीब से शुरू हो जाती है। हालांकि, 2.5 लाख में जो कार मिल रही हैं वे 5 सीटर हैं।

ऐसे में यदि आपके घर में मेंबर्स की संख्या 6 या ज्यादा है तब 5 सीटर कार किसी काम की नहीं रह जाती है। ऐसी फैमिली के लिए डेटसन (Datsun) की 7 सीटर वाली Datsun GO Plus बेस्ट ऑप्शन बन सकती है। इस कार की कीमत भी इतनी कम है कि इसे देखकर अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता।

 प्रीमियम लुक, लोएस्ट प्राइस

Datsun GO Plus की एक्स-शोरूम प्राइस सिर्फ 3.84 लाख से शुरू है। जो ऑनरोड करीब 4.40 लाख रुपए को हो जाती है। इस कार के कुल 5 मॉडल आते हैं। जिसमें टॉप मॉडल की की एक्स-शोरूम प्राइस 4.97 लाख रुपए है। इस 7 सीटर कार की खास बात इसका प्रीमियम लुक है। इसे देखकर इसकी प्राइस का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ये ब्लू, व्हाइट, सिल्वर, ग्रे और रूबी 5 कलर वेरिएंट में उपलब्ध है।

 पावरफुल इंजन, जबरदस्त माइलेज

इस कार में 1.2 लीटर का पावरफुल इंजन दिया है। कंपनी का दावा है कि ये 1 लीटर पेट्रोल में 20 किलोमीटर का जबरदस्त माइलेज भी देती है।यानी कम कीमत होने के बाद भी इस कार में आपको दमदार इंजन के साथ बेहतर माइलेज भी मिलेगा। इसमें 35 लीटर का फ्यूल टैंक दिया है। कंपनी के मुताबिक इसकी सर्विस के लिए हर साल सिर्फ 3 हजार रुपए खर्च करने होंगे।

खाली वक्त में करें ये 5 साइड बिजनेस, कमाई में माने गए हैं बेहतर

खाली समय का सही इस्तेमाल सभी करना चाहते। वहीं लोग ये भी चाहते हैं कि समय का इस्तेमाल इस तरह किया जाए कि इनकम में भी फायदा हो। आज हम आपको बता रहे हैं 5 साइड बिजनेस जो आपकी ये दोनो इच्छाएं पूरी करेंगे। इन 5 साइड बिजनेस को कमाई के हिसाब से कई औसत फुल टाइम नौकरियों से बेहतर मान गया है।

पार्ट-टाइम जॉब ऑफर करने वाली कंपनी फ्लैक्सीजॉब ने इन जॉब को अपनी टॉप जॉब लिस्ट में शामिल किया है।अमेरिकी कंपनी फ्लैक्सीजॉब भारत के लिए भी जॉब ऑफर करती है। अगस्त के महीने में कंपनी ने भारतीयों के लिए 10 कैटेगरी में पार्ट-टाईम जॉब ऑफर किए हैं।

फ्लैक्सी जॉब के मुताबिक लिस्ट में सिर्फ उन साइड बिजनेस को शामिल किया गया है, जिसमें होने वाली हर घंटे की औसत कमाई अमेरिकी सरकार द्वारा तय न्यूनतम प्रति घंटे आय (7 डॉलर) का कम से कम दोगुना हो।

ग्रुप फिटनेस इंस्ट्रक्टर

फ्लैक्सी जॉब की लिस्ट में सबसे ऊपर ग्रुप फिटनेस इंस्ट्रक्टर हैं। वेबसाइट्स के मुताबिक योग, फिटनेस, साइकलिंग, इस सेग्मेंट में आते हैं। वेबसाइट के मुताबिक इस जॉब की सबसे खास बात ये है लोग पहले खुद अपने खाली समय में इन एक्टिविटी को सीखते हैं, बाद में वो खुद इस सर्विस को ऑफर करने लगते हैं। यानि अपने खाली समय के इस्तेमाल में ये सबसे अच्छा ऑप्शन है।

अमेरिकी में इस जॉब के लिए कम से कम 40 डॉलर प्रति घंटे तक मिल जाते हैं। वहीं दिल्ली में एक से दो घंटे हर दिन के योग सेशन के लिए औसत फीस 2000 रुपए प्रति व्यक्ति प्रति माह है। अगर टीचर फेमस है या सिखाई जा रही एक्टिविटी खास है तो कमाई कई गुना ज्यादा हो सकती है।

स्पेशल एजुकेशन ट्यूटर

बुजुर्ग हो या किसी परेशानी से जूझ रहा बच्चा- स्पेशल एजेकुशन ट्यूटर की जरूरत हर जगह बढ़ रही है। स्पेशल ट्यूटर उन लोगों को कहते हैं जो किसी खास जरूरत के हिसाब से सिखाने में मदद करते हैं। इन जॉब में साइन लैंग्वेज सिखाने वालों से लेकर, किसी अक्षमता के शिकार लोगों के ट्यूटर शामिल हैं।

फ्लैक्सी जॉब के मुताबिक अक्सर अवेयरनेस बढ़ाने के लिए सरकारें, इंस्टीट्यूशन, कंपनियां या स्कूल इस तरह के प्रोग्राम चलाती हैं जहां वो ट्यूटर को पार्ट टाइम जॉब ऑफर करते हैं। अमेरिका में एक साइन लैंग्वेज सिखाने वाले को हर घंटे 35 डॉलर तक मिल सकते हैं।

दो या दो से ज्यादा भाषाओं के जानकार

अगर आप एक से ज्यादा भाषाएं जानते हैं तो आपके पास अवसरों की कमी नहीं, खास तौर पर भारत जैसे देश में जहां कई तरह की भाषाएं हैं। फ्लैक्सी जॉब के मुताबिक कंटेट का ट्रांसलेशन हो या किसी कंपनी के अधिकारी का दुभाषिया बनना, या फिर एक से ज्यादा भाषाओं में माहिर होना काफी फायदे मंद जॉब है। सबसे खास बात ये है कि अगर आप कोई दूसरी भाषा नहीं जानते तो आप अपने खाली समय का इस्तेमाल कर इसे सीख सकते हैं और बाद में इसका इस्तेमाल दूसरों को सिखाने में कर सकते हैं।

इवेंट/ प्रोडक्ट फोटोग्राफर

खाली समय में फोटोग्राफी करना कई लोगों का शौक होता है, वहीं दूसरी तरफ कई कंपनियां ऐसे लोगो की तलाश करती हैं जो उनके लिए किसी खास इवेंट में जाकर पूरे इवेंट या फिर किसी प्रोडक्ट की फोटोग्राफी कर सकें। मीडिया हाउस भी बेहतर फोटोग्राफ्स की तलाश करते रहते हैं। इस जॉब में फोटोग्राफी के साथ एडिटिंग की जानकारी होना जरूरी माना जाता है।

कई लोग फोटोग्राफी की मदद से फोटो फीचर भी पोस्ट करते हैं, जो किसी इवेंट, प्रोडक्ट या किसी टूर का हिस्सा हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक राइटिंग के मुकाबले फोटो फीचर ज्यादा देखे जाते हैं ऐसे में इन पोस्ट्स के हिट होने की संभावना भी ज्यादा होती है। फ्लैक्सी जॉब के मुताबिक प्रोडक्ट फोटोग्राफर हर घंटे कम से कम 20 डॉलर कमा लेते हैं।

रिज्यूम राइटर

फ्लैक्सीजॉब के मुताबिक आपको जॉब ऑफर होने में सबसे अहम रोल दिलाता है आपका बायोडाटा या रिज्यूम या सीवी, लेकिन खास बात ये है अधिकांश लोग नहीं जानते है कि बायोडाटा, या रिज्यूम कैसे तैयार किया जाए। यहीं पर रिज्यूम राइटर की मदद ली जाती है। रिज्यूम राइटर बनने के लिए आपको सिर्फ भाषा पर पकड़ और प्रजेंटेशन स्किल चाहिए। फ्लैक्सीजॉब के मुताबिक इस जॉब में कमाई इस बात पर निर्भर होती है कि आप कितने एक्सपीरियंस वाले प्रोफेश्नल के लिए के लिए रिज्यूम बना रहे हैं।

अक्सर मिडिल मैनेजमेंट से टॉप जॉब के लिए एप्लाई करने वाले एग्जीक्यूटिव फ्रीलांसर एक्सपर्ट्स के साथ काम करते हैं। दरअसल ऊपरी लेवल के जॉब एप्लीकेशन में औपचारिकताएं और प्रजेंटेशन काफी अहम होता है। भारत में फ्रीलांसर रिज्यूम राइटर 500 से 3000 रुपए प्रति रिज्यूम फीस चार्ज करते हैं।

साइड बिजनेस पाने के दो तरीके हैं इसमें फ्लैक्सिबल जॉब ऑफर करने वेबसाइट्स हैं। वहीं डायरेक्ट अप्रोच से भी काम किया जाता है।फ्रीलांसर डॉट कॉम और फ्लैक्सी जॉब भारतीयों के लिए भी साइड बिजनेस ऑफर करती हैं। आपको जॉब ऑफर करने के बदले ये आपसे फीस लेती हैं।इसके अलावा कई कंपनियां सीधे शॉर्ट टर्म प्रोजेक्ट्स निकालती हैं। लोग सोशल मीडिया के जरिए भी बिजनेस पाने की कोशिश करते हैं।

खास बात ध्यान रखें कि साइड बिजनेस कमाई का बड़ा जरिया है और लोग लगातार अवसरों की तलाश में लगे रहते हैं। इससे इन जॉब्स में जालसाजी का खतरा भी उतना ज्यादा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक सभी जेनुइन कंपनियां जॉब मिलने से पहले आपसे फीस नहीं मांगती। वहीं स्थापित हो चुकी कंपनियां अगर फीस लेती हैं तो वो भी काफी मामूली।

आपकी कार को स्पेशल बना देंगे ये 5 गैजेट्स, कम खर्च में करते हैं बड़ा काम

सफर के दौरान कि‍न चीजों की जरूरत पड़ती है और कौन सी एक साधारण कार में आमतौर पर नहीं होतीं इसे ध्‍यान में रखते हुए कुछ बेहतरीन डि‍वाइस बनाए गए हैं। यह आपके सफर को आसान कर देते हैं कई ऐसे फंक्‍शन आपकी कार में जोड़ देते हैं जो फि‍लहाल केवल महंगी कारों में ही मौजूद हैं।

यह छोटे छोटे डि‍वाइस बड़े काम करते हैं। इनकी बदौलत आपका सफर न केवल सुरक्षि‍त होता है बल्‍कि झंझट भी कुछ कम हो जाते हैं। आप इनकी बदौलत अपनी कार को एडवांस फीचर्स से लैस कर देते हैं। जानें वो 5 डि‍वाइस जि‍नकी बदौलत आप अपनी कार को बना सकते हैं स्‍पेशल।

1 डैशकैम

डैशकैम न केवल आपको एक यादगार सफर को शूट करने की सहूलि‍यत देता है बल्‍कि‍ एक्‍सीडेंट हो जाने की दशा में यह आपकी काफी मदद करता करता है। ऐसा नहीं है कि‍ यह आपको कि‍सी एक्‍सीडेंड से बचा लेगा मगर एक्‍सीडेंट की कंडीशन में इसकी मदद से यह तो साबि‍त हो सकता है कि‍ गलती कि‍सने की थी। आजकल ऐसे डैशकैम आ गए हैं जो कार स्‍टार्ट होते ही अपने आप स्‍टार्ट हो जाते हैं और कार के ऑफ होते ही ऑफ हो जाते हैं।

2 ऑटोमैटि‍क

यह एक छोटा सा अडैप्‍टर होता है और आपकी कार की मैमोरी की तरह काम करता है। इसमें आपके वाहन से जुड़ी हर तरह की डि‍टेल होती है। यह डि‍वाइस ब्‍लूटूथ के जरि‍ए आपके फोन से भी जुड़ जाता है। इंजन की प्राब्‍लम बताता है, यह याद रखता है कि‍ आपने कार कहां पार्क की, आपके ट्रि‍प की हि‍स्‍ट्री याद रखता है और एक्‍सीडेंट या कि‍सी और तरह की इमरजेंसी में मदद के लि‍ए कॉल भी कर सकता है।

3 जीपीएस ट्रैकर

आपके मोबाइल से अटैच जीपीएस ट्रैकर हमेशा आपकी कार की लोकेशन बताता रहेगा। इसके कई फायदे हैं, चोरी होने की दशा में कार को ट्रेस करना बहुत आसान हो जाता है और अगर आपने कि‍सी और को या बच्‍चों को कार दी है तो उनकी लोकेशन पर आप नजर रख सकते हैं।

4 रडार डि‍टेक्‍टर

वैसे तो आपको ओवर स्‍पीड में नहीं चलना चाहि‍ए मगर दि‍ल है कि‍ मानता नहीं। वि‍देशों में यह डि‍वाइस पॉपुलर है। लोग चालान से बचने के लि‍ए इसका इस्‍तेमाल करते हैं। यह रेंज में आने से पहले ही बता देता है कि‍ आगे स्‍पीड ट्रैक हो रही है।

5 टायर प्रैशर मॉनीटरिंग सिस्‍टम

इसकी बदौलत आप अपने टायर की हेल्‍थ पर लगातार नजर रख सकते हैं। यह प्रेशर और टेंपरेचर दोनों को मॉनीटर करता है। यह भी दो तरह के आते हैं एक मैनुअल जि‍समें आपको हर टायर का प्रेशर खुद चेक करना होता है और दूसरा ऑटोमेटि‍क। ऑटोमेटि‍क वाला चार सेंसर के साथ आता है जो चारों टायर पर अटैच हो जाता है। इसका डि‍स्‍प्‍ले आपके डैश बोर्ड पर होता है। इसमें चारों टायर का प्रेशर और टेंपरेचर पता चलता रहता है।

भारत में कम पूँजी में कौन कौन से बिज़नेस शुरू कर सकते हैं?

भारत के श्रम मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि भारत में 2017 में 17 करोड़ लोग बेरोजगार है और बेरोजगारी बढ़ने की दर अपने सबसे ऊंचे स्तर पर है. इस तरह में माहौल में सभी लोगों के लिए अपनी रोजी-रोटी की व्यवस्था करना सबसे बड़ा सवाल है. इसलिए इस लेख में हम इन बेरोजगार लोगें की समस्याओं को कम करने के लिए कुछ ऐसे उद्योगों और व्यवसायों के बारे में बता रहे हैं जो कि थोड़ी पूँजी की सहायता से शुरू किये जा सकते है.

इस लेख में हमने यह भी बताया है कि कौन सा बिज़नेस 10 हजार रुपये में और कौन सा 50 हजार या उससे अधिक का निवेश करने पर खोला जा सकता है. लोगों की सुविधा के लिए यहाँ यह भी बताया गया है कि रुपये की व्यवस्था कहाँ से करें.

आइये अब जानते हैं कि कितने रुपये की मदद से कौन सा बिज़नेस शुरू किया जा सकता है.

1. 15 हजार रुपए में शुरू होने वाले बिजनेस: इन सभी बिज़नेस को शुरू करने के लिए भारत सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बिना कुछ गिरवी रखे 50 हजार का ऋण शिशु उद्योग केटेगरी के अंतर्गत लिया जा सकता है.

a. प्रिंट और फोटो कॉपी बिजनेसः यह बिजनेस 10 हजार रुपए में शुरू हो सकता है. इसके लिए आपको एक प्रिंटर, फोटो स्टेट मशीन और एक उपयुक्त स्थान जो कि किसी बस्ती, कॉलेज, स्कूल, सरकारी दफ्तर या कोर्ट के पास होना चाहिए.

b. मोबाइल रीचार्ज और सिम कार्ड बिक्री: यह बिजनेस 7 से 10 हजार रुपए में शुरू हो सकता है. यह हमेशा चलने वाला बिज़नेस माना जाता है क्योंकि लोग साल भर अपने मोबाइल के रिचार्ज कूपन खरीदते हैं. इसका सबसे अच्छा फायदा यह है कि इस बिज़नेस को घर के किसी बाहरी कमरे में खोला जा सकता है और घर को कोई भी सदस्य इसे चला सकता है. इसे चलाने के लिए व्यक्ति को किसी डिग्री धारक होने की जरुरत भी नही होती है.

c. ब्रेकफास्ट शॉपः इस बिसनेस को चलाने के लिए बहुत ज्यादा शुरूआती खर्चे की जरुरत नही होती है. आप इस बिज़नेस को चलाने के लिए घर की लेडीज की मदद भी ले सकते हैं. अगर इस प्रकार की मूवेबल शॉप किसी कॉलेज, स्कूल या किसी ऑफिस या कोर्ट के बाहर लगायी जाये तो बिज़नेस बहुत ही लाभदायक सिद्ध होगा. आपके घर के आस पास भी बहुत से ऐसे लोग होंगे जो अपनी फैमिली के साथ नही रहते हैं और सुबह अच्छा नास्ता खोजते रहते हैं.ऐसे लोग आपके ग्राहक हो सकते हैं.

d. प्लांट नर्सरीः घर को खूबसूरत बनाने के लिए प्लांट नर्सरी पर बहुत-से लोग डिपेंड रहते हैं.आप इस बिज़नेस को लोकल नगर पालिका के अधिकारी की मदद से शुरू कर सकते हैं. इसके लिए सबसे उपयुक्त जगह सड़क के किनारे ही होती है क्योंकि इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है और सड़क का किनारा होने के कारण ग्राहक भी बड़ी मात्रा में मिलते हैं.

E. जूस की दुकान: जैसे जैसे लोगों की जिंदगी में आपा-धापी बढ़ रही है वैसे ही लोगों में अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है. अब लोग बचत की नही बल्कि सेहत की ज्यादा चिंता करते हैं. आपने देखा होगा कि हर मौसम में जूस की दुकान पर हमेशा भीड़ लगी रहती है.
भारत में रोजगार और विकास के विभिन्न कार्यक्रमों की सूची

2. 50 हजार तक की लागत से शुरू होने वाले बिज़नेस इस प्रकार हैं :

a. डिजिटल स्टूडियोः यह बिजनेस 50 हजार रुपए से शुरू किया जा सकता है. कम्प्यूटर, यूपीएस, फोटो क्वालिटी प्रिंटर आदि की बिक्री और मरम्मत का बिजनेस बेहतर विकल्प है. इस बिज़नेस की डिमांड भी साल के ज्यदातर महीनों में रहती है. यह बिज़नेस फैमिली फंक्शन जैसे बर्थडे, तिलक, मुंडन, शादी की सालगिरह इत्यादि में ठीक चलता है.

b.घर में ब्यूटी पार्लर: यह बिज़नेस अपने घर में ही शुरू किया जा सकता है. इसके लिए आपको ब्यूटिशियन का कोर्से करना पड़ सकता है. यह रिसेशन प्रूफ अर्थात हमेशा चलने वाला बिज़नेस है क्योंकि हर किसी के पड़ोस में शादी, बर्थडे, सालगिरह इत्यादि फंक्शन होते ही रहते हैं. इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको सिर्फ कॉस्मेटिक सामान और अच्छे संपर्क जुटाने की जरुरत होगी.

c. क्रेच सेंटर: इन तरह के सेंटर की मांग ज्यादातर शहरों में होती है जहाँ पर पति और पत्नि दोनों जॉब करते हैं और जिनके पास बच्चों को सँभालने का समय नही होता है.इस सेंटर में बच्चों के लिए कुछ खिलौने और गेम्स खरीदने के लिए रुपयों की जरुरत पड़ती है.

3. 50 हजार से 1 लाख रुपये में शुरू होने वाले बिज़नेस: इन सभी बिज़नेस को शुरू करने के लिए भारत सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बिना कुछ गिरवी रखे 50 हजार से 5 लाख रुपये तक का ऋण “किशोर केटेगरी” में तहत लिया जा सकता है.

a. मिनरल वाटर सप्लायरः जैसे-जैसे प्रदूषण बढ़ रहा है वैसे वैसे प्रथ्वी का जल भी दूषित होता जा रहा है और भूजल के अधिक दोहन के कारण जल स्रोतों का जल सूखता जा रहा है. इन परिस्तिथियों में शुद्ध पानी की पूर्ती करना एक बहुत बड़ा बिज़नेस बन गया है. वर्तमान में शुद्ध जल का बिज़नेस 60 अरब रूपये का हो चुका है और यह हर साल 33% की दर से बढ़ रहा है. इस बिज़नेस के लिए आप किसी ब्रांडेड पानी की एजेंसी लेकर बोतल बंद पानी की सप्लाई घरों में शुरू कर सकते हैं. लेकिन यदि आप अपना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाना चाहते हैं तो खर्चा 5 लाख से 8 लाख तक का हो सकता है.

b. ट्रैवल एजेंसीः रेल-बस रिजर्वेशन और शहर के भीतर टैक्सी बुक करने का व्यवसाय भी अच्छे मुनाफे वाला है. इसके लिए आपको ज्यादा से ज्यादा 50 हजार रुपये की जरुरत पड़ेगी.

c. आर्टिफिशियल ज्वैलरी शॉपः इस बिजनेस की बाजार में अच्छी मांग है. 1 लाख रुपए खर्च करें तो आर्टिफिशियल ज्वैलरी का बिजनेस स्टार्ट किया जा सकता है.

सरकारी मदद से शुरू किये जाने वाले कुछ बिज़नेस इस प्रकार हैं: इन बिज़नेस को शुरू करने के लिए भारत सरकार के प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत जरुरत के अनुसार 50 हजर से 10 लाख तक का ऋण लिया जा सकता है. इसके अलावा स्टार्ट उप इंडिया स्कीम के तहत भी भारत सरकार से तकनीकी और वित्तीय सहायता से सकते हैं.

4 . बेकरी का बिजनेस: आजकल फ़ास्ट फ़ूड के बढ़ते चलन के कारण इस व्यापार को भारत के किसी भी छोटे/बड़े शहर में शुरू किया जा सकता है .
स्वयं की लागत: Rs. 85,000
सरकारी मदद: 3.50 लाख
वार्षिक कमाई : 4.0 लाख

विस्तृत जानकारी: इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको शुरुआत में 85000 रुपये स्वयं की जेब से और बकाया के 3.5 लाख रुपये सरकार से ले सकते हैं . प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आप 2.95 लाख रुपये का टर्म लोन तथा 1.50 लाख रुपये का कार्यशील पूंजी लोन (working capital loan) ले सकते हैं . इसे छोटे से शहर में भी शुरू किया जा सकता है . इस बिज़नेस से आप अपनी लागत को निकालकर लगभग 35000 रुपये/महीने कमा सकते हैं .

5. सेनेटरी नैपकिन का बिज़नेस: इस बिज़नेस को 15000 रुपये की निजी लागत से भी शुरू किया जा सकता है. भारत सरकार द्वारा स्वच्छता पर अधिक ध्यान दिए जाने के कारण इस बिज़नेस में और भी चमक आ गयी है .

स्वयं की लागत: 15,000 रुपये
सरकारी मदद: 1.50 लाख रुपये
वार्षिक कमाई : 1.8 लाख रुपये

विस्तृत जानकारी: इस व्यापार को शुरू करने के लिए आपको लगभग 1.5 लाख रुपये की जरुरत होगी जिसमे 1.35 लाख का लोन प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से मिल जायेगा . यदि आप 1440 सेनेटरी नैपकिन एक दिन में तैयार करते हैं और एक पैकेट में 8 नैपकिन भी रखी जाती हैं तो एक साल में 54000 पैकेट तैयार किये जा सकते हैं . यदि एक पैकेट की कीमत 13 रुपये रखी जाती है तो आप साल भर में लगभग 7 लाख रुपये की बिक्री के सकते हैं . और यदि इस आय में से पूरी लागत को निकाल दिया जाये तो साल में 2 लाख रुपये तक की बचत की जा सकती है .

6. मुर्गी पालन के लिए ऋण: वर्तमान समय में मांसाहारी भोजन खाने वालों की संख्या बढ़ने के कारण यह सबसे ज्यादा उभरता हुआ बिज़नेस है. इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको पहली यह शर्त पूरी करनी होगी कि आपके 500 मीटर के दायरे में कोई और मुर्गी पालन केंद्र नही होना चाहिये .

इसके लिए अगर आपको लोन की जरुरत है तो आप भारतीय स्टेट बैंक की किसी भी पास की ब्रांच में जाकर “Broiler Plus” नामक योजना के तहत 5000 मुर्गियां पालने के लिए 3 लाख रुपये का लोन ले सकते हैं और यदि आप 15000 मुर्गियां पालना चाहते हैं तो अधिकत्तम 9 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है .

यह लोन छप्पर बनाने, कमरा बनाने, पानी और बिजली की व्यवस्था करने और अन्य उपकरण खरीदने के लिए मिल सकता है . इस लोन को चुकता करने के लिए आपको 5 साल का समय मिलेगा जिसे न चुका पाने की हालत में 6 महीने तक का अतिरिक्त समय भी मिल सकता है.

ऊपर दिए गए बिज़नेस मॉडल के अलावा निम्न तरीके से भी लोग बहुत कमाई कर रहे हैं:

7. वीडियो बनाकर: लोग कुछ रोचक से वीडियो जो कि किसी भी क्षेत्र के हो सकते हैं जैसे शिक्षा, मनोरंजन, खेलकूद, अजब गज़ब इत्यादि को बनाकर यू ट्यूब को बेच सकते हैं.

कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर,मोबाइल एप्प बना कर, मछली पालन करके, शहद उत्पादन करके,ब्लॉग्गिंग करके और इलेक्ट्रॉनिक चीजों की रिपेयरिंग करके भी रुपये कमाए जा सकते हैं.

अंत में यह कहना ही ठीक होगा कि मेहनती और जुनूनी लोगों के लिए पैसा कमाना कोई बड़ी समस्या नही है. अगर कोई ईमानदारी से पैसा कमाना चाहता है तो ऊपर दिए गए व्यवसाय में से अपनी योग्यता और सहूलियत के हिसाब से बिज़नेस शुरू कर सकता है. लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग फटाफट और बिना संघर्ष किये रुपये कमाना चाहते हैं जो कि बिज़नेस में संभव ही नही है.

नोट: यदि किसी व्यक्ति को रोजगार/लाइसेंस से सम्बंधित कोई राय लेनी है तो वह टोल फ्री नम्बर 1800-180-6763 पर काल कर सकता है.

भारत में कम पूँजी में कौन कौन से बिज़नेस शुरू कर सकते हैं?

भारत के श्रम मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि भारत में 2017 में 17 करोड़ लोग बेरोजगार है और बेरोजगारी बढ़ने की दर अपने सबसे ऊंचे स्तर पर है. इस तरह में माहौल में सभी लोगों के लिए अपनी रोजी-रोटी की व्यवस्था करना सबसे बड़ा सवाल है. इसलिए इस लेख में हम इन बेरोजगार लोगें की समस्याओं को कम करने के लिए कुछ ऐसे उद्योगों और व्यवसायों के बारे में बता रहे हैं जो कि थोड़ी पूँजी की सहायता से शुरू किये जा सकते है.

इस लेख में हमने यह भी बताया है कि कौन सा बिज़नेस 10 हजार रुपये में और कौन सा 50 हजार या उससे अधिक का निवेश करने पर खोला जा सकता है. लोगों की सुविधा के लिए यहाँ यह भी बताया गया है कि रुपये की व्यवस्था कहाँ से करें.

आइये अब जानते हैं कि कितने रुपये की मदद से कौन सा बिज़नेस शुरू किया जा सकता है.

1. 15 हजार रुपए में शुरू होने वाले बिजनेस: इन सभी बिज़नेस को शुरू करने के लिए भारत सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बिना कुछ गिरवी रखे 50 हजार का ऋण शिशु उद्योग केटेगरी के अंतर्गत लिया जा सकता है.

a. प्रिंट और फोटो कॉपी बिजनेसः यह बिजनेस 10 हजार रुपए में शुरू हो सकता है. इसके लिए आपको एक प्रिंटर, फोटो स्टेट मशीन और एक उपयुक्त स्थान जो कि किसी बस्ती, कॉलेज, स्कूल, सरकारी दफ्तर या कोर्ट के पास होना चाहिए.

b. मोबाइल रीचार्ज और सिम कार्ड बिक्री: यह बिजनेस 7 से 10 हजार रुपए में शुरू हो सकता है. यह हमेशा चलने वाला बिज़नेस माना जाता है क्योंकि लोग साल भर अपने मोबाइल के रिचार्ज कूपन खरीदते हैं. इसका सबसे अच्छा फायदा यह है कि इस बिज़नेस को घर के किसी बाहरी कमरे में खोला जा सकता है और घर को कोई भी सदस्य इसे चला सकता है. इसे चलाने के लिए व्यक्ति को किसी डिग्री धारक होने की जरुरत भी नही होती है.

c. ब्रेकफास्ट शॉपः इस बिसनेस को चलाने के लिए बहुत ज्यादा शुरूआती खर्चे की जरुरत नही होती है. आप इस बिज़नेस को चलाने के लिए घर की लेडीज की मदद भी ले सकते हैं. अगर इस प्रकार की मूवेबल शॉप किसी कॉलेज, स्कूल या किसी ऑफिस या कोर्ट के बाहर लगायी जाये तो बिज़नेस बहुत ही लाभदायक सिद्ध होगा. आपके घर के आस पास भी बहुत से ऐसे लोग होंगे जो अपनी फैमिली के साथ नही रहते हैं और सुबह अच्छा नास्ता खोजते रहते हैं.ऐसे लोग आपके ग्राहक हो सकते हैं.

d. प्लांट नर्सरीः घर को खूबसूरत बनाने के लिए प्लांट नर्सरी पर बहुत-से लोग डिपेंड रहते हैं.आप इस बिज़नेस को लोकल नगर पालिका के अधिकारी की मदद से शुरू कर सकते हैं. इसके लिए सबसे उपयुक्त जगह सड़क के किनारे ही होती है क्योंकि इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है और सड़क का किनारा होने के कारण ग्राहक भी बड़ी मात्रा में मिलते हैं.

E. जूस की दुकान: जैसे जैसे लोगों की जिंदगी में आपा-धापी बढ़ रही है वैसे ही लोगों में अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है. अब लोग बचत की नही बल्कि सेहत की ज्यादा चिंता करते हैं. आपने देखा होगा कि हर मौसम में जूस की दुकान पर हमेशा भीड़ लगी रहती है.
भारत में रोजगार और विकास के विभिन्न कार्यक्रमों की सूची

2. 50 हजार तक की लागत से शुरू होने वाले बिज़नेस इस प्रकार हैं :

a. डिजिटल स्टूडियोः यह बिजनेस 50 हजार रुपए से शुरू किया जा सकता है. कम्प्यूटर, यूपीएस, फोटो क्वालिटी प्रिंटर आदि की बिक्री और मरम्मत का बिजनेस बेहतर विकल्प है. इस बिज़नेस की डिमांड भी साल के ज्यदातर महीनों में रहती है. यह बिज़नेस फैमिली फंक्शन जैसे बर्थडे, तिलक, मुंडन, शादी की सालगिरह इत्यादि में ठीक चलता है.

b.घर में ब्यूटी पार्लर: यह बिज़नेस अपने घर में ही शुरू किया जा सकता है. इसके लिए आपको ब्यूटिशियन का कोर्से करना पड़ सकता है. यह रिसेशन प्रूफ अर्थात हमेशा चलने वाला बिज़नेस है क्योंकि हर किसी के पड़ोस में शादी, बर्थडे, सालगिरह इत्यादि फंक्शन होते ही रहते हैं. इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको सिर्फ कॉस्मेटिक सामान और अच्छे संपर्क जुटाने की जरुरत होगी.

c. क्रेच सेंटर: इन तरह के सेंटर की मांग ज्यादातर शहरों में होती है जहाँ पर पति और पत्नि दोनों जॉब करते हैं और जिनके पास बच्चों को सँभालने का समय नही होता है.इस सेंटर में बच्चों के लिए कुछ खिलौने और गेम्स खरीदने के लिए रुपयों की जरुरत पड़ती है.

3. 50 हजार से 1 लाख रुपये में शुरू होने वाले बिज़नेस: इन सभी बिज़नेस को शुरू करने के लिए भारत सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बिना कुछ गिरवी रखे 50 हजार से 5 लाख रुपये तक का ऋण “किशोर केटेगरी” में तहत लिया जा सकता है.

a. मिनरल वाटर सप्लायरः जैसे-जैसे प्रदूषण बढ़ रहा है वैसे वैसे प्रथ्वी का जल भी दूषित होता जा रहा है और भूजल के अधिक दोहन के कारण जल स्रोतों का जल सूखता जा रहा है. इन परिस्तिथियों में शुद्ध पानी की पूर्ती करना एक बहुत बड़ा बिज़नेस बन गया है. वर्तमान में शुद्ध जल का बिज़नेस 60 अरब रूपये का हो चुका है और यह हर साल 33% की दर से बढ़ रहा है. इस बिज़नेस के लिए आप किसी ब्रांडेड पानी की एजेंसी लेकर बोतल बंद पानी की सप्लाई घरों में शुरू कर सकते हैं. लेकिन यदि आप अपना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाना चाहते हैं तो खर्चा 5 लाख से 8 लाख तक का हो सकता है.

b. ट्रैवल एजेंसीः रेल-बस रिजर्वेशन और शहर के भीतर टैक्सी बुक करने का व्यवसाय भी अच्छे मुनाफे वाला है. इसके लिए आपको ज्यादा से ज्यादा 50 हजार रुपये की जरुरत पड़ेगी.

c. आर्टिफिशियल ज्वैलरी शॉपः इस बिजनेस की बाजार में अच्छी मांग है. 1 लाख रुपए खर्च करें तो आर्टिफिशियल ज्वैलरी का बिजनेस स्टार्ट किया जा सकता है.

सरकारी मदद से शुरू किये जाने वाले कुछ बिज़नेस इस प्रकार हैं: इन बिज़नेस को शुरू करने के लिए भारत सरकार के प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत जरुरत के अनुसार 50 हजर से 10 लाख तक का ऋण लिया जा सकता है. इसके अलावा स्टार्ट उप इंडिया स्कीम के तहत भी भारत सरकार से तकनीकी और वित्तीय सहायता से सकते हैं.

4 . बेकरी का बिजनेस: आजकल फ़ास्ट फ़ूड के बढ़ते चलन के कारण इस व्यापार को भारत के किसी भी छोटे/बड़े शहर में शुरू किया जा सकता है .
स्वयं की लागत: Rs. 85,000
सरकारी मदद: 3.50 लाख
वार्षिक कमाई : 4.0 लाख

विस्तृत जानकारी: इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको शुरुआत में 85000 रुपये स्वयं की जेब से और बकाया के 3.5 लाख रुपये सरकार से ले सकते हैं . प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आप 2.95 लाख रुपये का टर्म लोन तथा 1.50 लाख रुपये का कार्यशील पूंजी लोन (working capital loan) ले सकते हैं . इसे छोटे से शहर में भी शुरू किया जा सकता है . इस बिज़नेस से आप अपनी लागत को निकालकर लगभग 35000 रुपये/महीने कमा सकते हैं .
bakery business

5. सेनेटरी नैपकिन का बिज़नेस: इस बिज़नेस को 15000 रुपये की निजी लागत से भी शुरू किया जा सकता है. भारत सरकार द्वारा स्वच्छता पर अधिक ध्यान दिए जाने के कारण इस बिज़नेस में और भी चमक आ गयी है .

स्वयं की लागत: 15,000 रुपये
सरकारी मदद: 1.50 लाख रुपये
वार्षिक कमाई : 1.8 लाख रुपये

विस्तृत जानकारी: इस व्यापार को शुरू करने के लिए आपको लगभग 1.5 लाख रुपये की जरुरत होगी जिसमे 1.35 लाख का लोन प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से मिल जायेगा . यदि आप 1440 सेनेटरी नैपकिन एक दिन में तैयार करते हैं और एक पैकेट में 8 नैपकिन भी रखी जाती हैं तो एक साल में 54000 पैकेट तैयार किये जा सकते हैं . यदि एक पैकेट की कीमत 13 रुपये रखी जाती है तो आप साल भर में लगभग 7 लाख रुपये की बिक्री के सकते हैं . और यदि इस आय में से पूरी लागत को निकाल दिया जाये तो साल में 2 लाख रुपये तक की बचत की जा सकती है .

6. मुर्गी पालन के लिए ऋण: वर्तमान समय में मांसाहारी भोजन खाने वालों की संख्या बढ़ने के कारण यह सबसे ज्यादा उभरता हुआ बिज़नेस है. इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको पहली यह शर्त पूरी करनी होगी कि आपके 500 मीटर के दायरे में कोई और मुर्गी पालन केंद्र नही होना चाहिये .

इसके लिए अगर आपको लोन की जरुरत है तो आप भारतीय स्टेट बैंक की किसी भी पास की ब्रांच में जाकर “Broiler Plus” नामक योजना के तहत 5000 मुर्गियां पालने के लिए 3 लाख रुपये का लोन ले सकते हैं और यदि आप 15000 मुर्गियां पालना चाहते हैं तो अधिकत्तम 9 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है .

यह लोन छप्पर बनाने, कमरा बनाने, पानी और बिजली की व्यवस्था करने और अन्य उपकरण खरीदने के लिए मिल सकता है . इस लोन को चुकता करने के लिए आपको 5 साल का समय मिलेगा जिसे न चुका पाने की हालत में 6 महीने तक का अतिरिक्त समय भी मिल सकता है.

ऊपर दिए गए बिज़नेस मॉडल के अलावा निम्न तरीके से भी लोग बहुत कमाई कर रहे हैं:

7. वीडियो बनाकर: लोग कुछ रोचक से वीडियो जो कि किसी भी क्षेत्र के हो सकते हैं जैसे शिक्षा, मनोरंजन, खेलकूद, अजब गज़ब इत्यादि को बनाकर यू ट्यूब को बेच सकते हैं.

कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर,मोबाइल एप्प बना कर, मछली पालन करके, शहद उत्पादन करके,ब्लॉग्गिंग करके और इलेक्ट्रॉनिक चीजों की रिपेयरिंग करके भी रुपये कमाए जा सकते हैं.

अंत में यह कहना ही ठीक होगा कि मेहनती और जुनूनी लोगों के लिए पैसा कमाना कोई बड़ी समस्या नही है. अगर कोई ईमानदारी से पैसा कमाना चाहता है तो ऊपर दिए गए व्यवसाय में से अपनी योग्यता और सहूलियत के हिसाब से बिज़नेस शुरू कर सकता है. लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग फटाफट और बिना संघर्ष किये रुपये कमाना चाहते हैं जो कि बिज़नेस में संभव ही नही है.

नोट: यदि किसी व्यक्ति को रोजगार/लाइसेंस से सम्बंधित कोई राय लेनी है तो वह टोल फ्री नम्बर 1800-180-6763 पर काल कर सकता है.

80 नहीं 30 हजार रुपए किलो मिलती है मोदी वाली मशरूम, ये हैं खूबिया

गुजरात के युवा ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर ने पीएम नरेंद्र मोदी पर विदेश से मंगा कर मशरूम खाने का आरोप लगाया है। हाल ही में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए अल्पेश ने कहा है कि पीएम मोदी ताइवान से मशरूम मंगवा कर खाते हैं।

पीएम जो मशरूम खाते हैं उस एक मशरूम की कीमत 80 हजार रुपए है। इसपर कई दिनों से बहस चल रही है, ऐसे में चलिए जानेत हैं आखिर क्या है मशरूम की सच्चाई।

मोदी ने बताया था वो खाते हैं ‘गुच्‍छी

नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्‍यमंत्री थे, तब उन्‍होंने एक बार कुछ पत्रकारों को ऑन रिकॉर्ड यह बताया था कि उनकी सेहत का राज हिमाचल प्रदेश का मशरूम है। पीएम मोदी मशरूम की जिस प्रजाति को सबसे ज्‍यादा पसंद करते हैं, उसे ‘गुच्‍छी’ कहते हैं और यह हिमालय के पहाड़ों पर पाया जाता है।

उत्‍तराखंड, हिमाचल प्रदेश के जंगलो में पाया जाता है

इसका उत्‍पादन नहीं किया जा सकता और इसे प्राकृतिक रूप से ही हासिल किया जाता है। यह उत्‍तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्‍मू-कश्‍मीर के ऊंचे पहाड़ों पर जंगलों में पाया जाता है और बर्फ के बढ़ने और पिघलने के बीच के दौर में ही उगता है।

जानें क्यों होता है इतना महंगा

अब चूंकि यह बहुत कम पाया जाता है, इसलिए इसकी कीमत कभी-कभी 30,000 रुपये किलो तक पहुंच जाती है। हालांकि एक किलो में काफी मशरूम आ जाता है, क्‍योंकि यह सूखने पर बिकता है। औसतन देखें तो गुच्‍छी मशरूम 10,000 रुपये किलो मिल जाता है

इस मशरूम में बी कॉम्प्लैक्ट विटामिन, विटामिन डी और कुछ जरूरी एमीने एसिड पाए जाते हैं. इसे लगातार खाने से दिल का दौरा पड़ने की संभावनाएं बहुत ही कम हो जाती हैं. इसकी मांग सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि यूरोप, अमेरिका, फ्रांस, इटली और स्विटरलैंड जैसे देशों में भी है।