किसानों के लिए खुशखबरी इतने रुपए बड़े दूध के भाव

दूध के दाम बढ़ने से किसानों को फायदा तो होगा लेकिन दूसरी ओर उपभोक्ताओं की जेब और ढीली होगी। अमूल दूध दो रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। दिल्ली-एनसीआर समेत देश के अन्य बड़े शहरों में भी अमूल दूध के दाम बढ़ गये हैं। मंगलवार से बढ़े हुए दाम प्रभावी हो गए हैं।

गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (GCMMF Ltd.) की तरफ से सोमवार को जारी बयान के अनुसार, अमूल दूध के सभी छह ब्रांड के दाम मंगलवार से बढ़ा दिये गए हैं। ये दाम दिल्ली-एनसीआर, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड समेत देश के अन्य राज्यों में बढ़ें हैं।

अब इतने में मिलेगा दूध का पैक

अमूल दूध का 500 मिली. वाला पैक अमूल गोल्ड अहमदाबाद में अब 27 रुपये में मिलेगा। अमूल शक्ति का पैक 25, अमूल ताजा अब 21 रुपये में मिलेगा। इसके अलावा अमूल डायमंड का पैक अब 28 रुपये में मिलेगा। गुजरात में गाय के दूध के दाम में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

क्यों बढ़े दूध के दाम?

अमूल दूध की तरफ से जारी बयान के अनुसार, ये दाम दो साल के बाद बढ़ाए गए हैं। कंपनी की तरफ से दूध के दाम बढ़ाने की मुख्य वजह लागत मूल्य में बढ़ोत्तरी को बताया गया है। कंपनी का कहना है कि दूध की कमी की वजह से उत्पादकों ने इसके दाम बढ़ा दिये थे। लागत मूल्य में वृद्धि की वजह से दो रुपये दूध के दाम बढ़ाये गए हैं।

अन्य कंपनियां भी बढ़ा सकती हैं दाम का दाम

अमूल के दाम बढ़ने के बाद ऐसी आशंका जतायी जा रही है कि दूध की अन्य कंपनियां भी जल्द ही दाम बढ़ा सकती हैं। माना जा रहा है कि इसकी घोषणा जल्द ही की जा सकती है। हालांकि अभी तक अन्य कंपनियों की तरफ से दूध बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

अमीर किसानों को बिजली पर सब्सिडी क्यों ? हाईकोर्ट ने हरियाणा-पंजाब से मांगा जवाब

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब और हरियाणा सरकार को अमीर किसानों को दी जा रही ट्यूबवेल सबसिडी और मुफ्त बिजली की सुविधा बंद करने को कहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार इसे वापिस क्यों नहीं लेती। इस पर हाईकोर्ट ने दोनों राज्यों से जवाब मांगा है जिस पर अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी।

चीफ जस्टिस कृष्णा मुरारी एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने यह आदेश इस मामले को लेकर एडवोकेट एच.सी. अरोड़ा द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं। पंजाब सरकार ने कहा था कि जिस नीति के तहत किसानों को खेतों में पंपसैट के लिए मुफ्त बिजली दी जा रही हैं, उसमे आमिर और गरीब का कोई फर्क नहीं रखा गया है।

बावजूद इसके पी.एस.पी.सी.एल. ने गत वर्ष 23 फरवरी को एक सर्कुलर जारी कर कहा है कि अगर कोई किसान इस सब्सिडी को छोड़ना चाहता है तो वो छोड़ सकता है। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इसे किसी कि स्वेछा पर नहीं छोड़ा जा सकता। इस मामले में अब सरकार कार्रवाई कर यह सब्सिडी वापस ले सकती है।

अरोड़ा ने हाईकोर्ट से मांग की है कि ऐसे अमीर किसानों जिनमें मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्री और पूर्व मंत्री, आई.ए.एस. और आई.पी.एस. भी शामिल हैं, उन्हें इस सबसिडी का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए। यह सब्सिडी सिर्फ गरीब और जरूरतमंद किसानों को ही दी जानी चाहिए। इनको मिल रही सब्सिडी तत्काल प्रभाव से बंद की जानी चाहिए।

केवल जरुरतमंदों को ही मिले सब्सिडी का लाभ

अरोड़ा ने कहा कि एक ओर सरकार अपने वित्तीय संकट का रोना रो रही है और अपने कर्मियों तक को समय पर वेतन नहीं दे पा रही है। दूसरी ओर खुद मंत्री, नेता और बड़े-बड़े अधिकारी अपने खेतों में मुफ्त में बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं और यह राशि सरकार के खजाने से पी.एस.पी.सी.एल. को जारी की जा रही है।

लिहाजा किसे सब्सिडी दी जाए और किसे नहीं सरकार पहले इसे तय करे। इस सब्सिडी से क्रीमी लेयर को बाहर करे और जरूरतमंदों को ही सब्सिडी दी जाए, इससे सरकारी खजाने को भी राहत मिलेगी।

अंग्रेजी में हाथ तंग है कोई बात नहीं अब मात्र भाषा से भी कर सकते है कमाई ,ये है तरीका

अगर आपको अपनी मात्र भाषा (एक क्षेत्र विशेष में बोली जाने वाली भाषा) में महारत हासिल है तो आप इसे भी अपनी कमाई का जरिया बना सकते हैं। जहां पिछले कुछ सालों में इंटरनेट की दुनिया में क्षेत्रीय भाषा का चलन बढ़ा है, वहीं क्षेत्रीय भाषा में लिखने वालों के लिए कई विकल्प भी सामने आए हैं।जहां आप घर बैठे भी काम करके कमाई कर सकते हैं।

मातृ भाषा जानने वालों केलिए हैं कमाई के मौके

ऑनलाइन के इस दौर में अच्छी हिंदी जानने वालों के लिए कई ऑप्शन्स हैं, जिससे घर बैठे अपना खर्च निकाल सकते हैं। इसके लिए कुछ शर्तें भी हैं जैसे कि-

  • शुद्ध भाषा लिखनी आनी चाहिए।
  • टाइपिंग स्पीड अच्छी हो।
  • जिस विषय पर लिखना हो उस विषय पर पकड़ मजबूत होनी चाहिए।

इसके साथ ही वह कहते हैं कि अपनी मातृ भाषा में लिखकर आसानी से घर खर्च जितनी कमाई की जा सकती है। इसके लिए कुछ बेहतरीन ऑप्शंस हैं।

ब्लॉगिंग : अगर आपकी मातृ भाषा अच्छी है और लिखने में दिलचस्पी है तो अपने विचारों को ब्लाॅग पर शब्दों का रूप दे सकते हैं। पिछले कुछ सालों से ब्लाॅगिंग से होने वाली कमाई को देखते हुए इसका ट्रेंड काफी बढ़ा है। इससे कमाई के लिए आपकाे सबसे पहले एक ब्लाॅग बनाना होगा।

जहां गूगल की मदद से आप ब्लाॅग लिखने की शुुरुआत कर सकते हैं और गूगल के ही फीचर एडसेंस के जरिए उसपर विज्ञापन भी ले सकते हैं। आपका ब्लॉग जितना ज्यादा पढ़ा जाएगा, विज्ञापन से उतनी ही ज्यादा कमाई होगी।

फ्रीलांसिंग : मातृ भाषा लिखने व पढ़ने वालों के लिए फ्रीलांसिंग भी बेहतर विकल्प है। यहां आप हिंदी मैगजीन, अखबारों के लिए आर्टिकल लिख कर दे सकते हैं। एक आर्टिकल से आप 500-1000 रुपए कमा सकते हैं। ऑनलाइन के इस दौर में बेहतर कंटेंट के लिए राइटर्स से कॉन्टैक्ट भी किया जाता है। जहां हर आर्टिकल के लिए 250 रुपए से 1000 रुपए दिए जाते हैं।

पढ़ा सकते हैं ट्यूशन

आजकल ज्यादातर पैरेंट्स अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाना पसंद करते हैं जहां बच्चों की अंग्रेजी तो ठीक रहती है लेकिन हिंदी पढ़ने और अन्य स्थानीय भाषा लिखने में समस्याएं आती हैं, इसलिए पैरेंट्स अपने बच्चों के लिए अलग से हिंदी टीचर रखना चाहते हैं और रखते भी हैं।

ऐसे में अगर आपकी हिंदी या कोई मातृ भाषा अच्छी है तो ट्यूशन आपके लिए बेहतर ऑप्शन हो सकता है। जहां आप ट्यूशन पढ़ाकर महीने के 5 से 10 हजार रुपए आराम से आप कमा सकते हैं।

ट्रांसलेशन में भी हैं मौके

अगर आपको दो या 3 भाषाओं का ज्ञान है तो आपको पैसे कमाने में मदद कर सकता है। देश और दुनिया में कई संस्थाएं एक भाषा में लिखे गए किसी भी डॉक्युमेंट को दूसरी भाषा में अनुवाद कराने के लिए पैसे देते हैं। एक किताब काे हिंदी में ट्रांसलेट करने पर दो से पांच हजार रुपए तक मिल जाते हैं।

इंतजार खत्म ! भारत में लॉन्च हुई Hyundai की नई SUV, जानें कीमत-खूबियां

Hyundai ने नई दिल्ली में एक इवेंट के दौरान अपनी पहली सब कॉम्पैक्ट SUV Venue को लॉन्च कर दिया है. इस कार को पिछले महीने पेश किया गया था और इसकी आधिकारिक बुकिंग भी 2 मई से ही शुरू कर दी गई थी. ये हुंडई की भारत में पहली सब 4-मीटर कॉम्पैक्ट SUV है. साथ ही ये कंपनी की पहली कनेक्टेड कार भी है.

ये प्राइस लिस्ट

Hyundai Venue को कंपनी ने पेट्रोल और डीजल दोनों वर्जन में लांच किया है। इसके 1.2 लीटर पेट्रोल वैरिएंट की कीमत 6.50 लाख रुपये से लेकर 7.2 लाख रुपये तक है। वहीं इसके 1.4 लीटर डीजल इंजन वैरिएंट की कीमत 7.75 लाख रुपये से लेकर 10.84 लाख रुपये तक है।

इसके अलावा टर्बो GDI 1.0 लीटर इंजन मैनुअल वैरिएंट की कीमत 8.2 लाख रुपये से लेकर 10.6 लाख रुपये तक है। इसके अलावा DCT वैरिएंट की कीमत 9.35 लाख रुपये से लेकर 11.10 लाख रुपये तक है। ये सभी कीमतें पूरे भारत में एक समान हैं।

Hyundai Venue के फीचर्स की बात करें तो इसमें LED DRls के साथ प्रोजेक्टर हेडलैम्प, डार्क क्रोम ग्रिल, प्रोजेक्टर टाइप फॉग लैम्प, LED टेल लैम्प और शार्क फिन एंटीना दिया गया है. यहां 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है और ये ऐपल कार प्ले और एंड्रॉयड ऑटो दोनों के साथ कॉम्पैटिबल है.

इस 8-इंच स्क्रीन के जरिए ही हुंडई की ब्लूलिंक टेक्नोलॉजी को ऑपरेट किया जा सकेगा. कनेक्टेड SUV होने की वजह से इसमें ढेरों कनेक्टिविटी फीचर्स दिए गए हैं. इसमें कुल 33 कनेक्टिविटी फीचर्स दिए गए हैं, जिसमें से 10 खासतौर पर भारत के लिए दिए गए हैं.

इन फीचर्स में लोकेशन बेस्ड सर्विसेज, AI बेस्ड वॉयस कमांड्स और इंजन, AC और डोर्स के लिए रिमोट फंक्शन्स जैसे फीचर्स शामिल हैं. साथ ही इसमें कई और फीचर्स जैसे इलेक्ट्रिक सनरूफ, वायरलेस फोन चार्जिंग, एयर प्यूरीफायर और क्रूज कंट्रोल भी दिए गए हैं.

Hyundai Venue के इंजन की बात करें तो यहां एक-दो नहीं बल्कि तीन इंजन का ऑप्शन दिया गया है. 1.0-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन 120 PS का पावर और 172 Nm का पिक टॉर्क जनरेट करेगा.  वेन्यू के साथ 1.2-लीटर MPI पेट्रोल इंजन का भी ऑप्शन मिलेगा. अब डीजल इंजन की बात करें तो यहां 1.4-लीटर यूनिट दिया गया है,यहां 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन का ऑप्शन मिलेगा.

लगातार दूसरे दिन महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, ये रहा आज का भाव

पेट्रोल-डीजल के रेट में सोमवार को आई तेजी के बाद मंगलवार को भी भाव में बढ़ोतरी हुई. लगातार दूसरे दिन पेट्रोल के रेट में तेजी देखी गई.  कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने के चलते इसका असर लगातार दूसरे दिन भी भारतीय तेल बाजार में दिख रहा है।

मंगलवार को भारत की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की। पेट्रोल की कीमतों में 5 पैसे की बढ़ोतरी की गई जबकि डीजल की कीमतों में 9 से 10 पैसे की बढ़ोतरी की गई है।

पेट्रोल के दाम

मंगलवार को राजधानी दिल्ली में 5 पैसे की बढ़ोतरी के साथ पेट्रोल 71.17 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में 5 पैसे की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 76.78 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 5 पैसे की बढ़ोतरी के बाद 73.24 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। चेन्नई में 5 पैसे की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 73.87 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।

डीजल के दाम

राजधानी दिल्ली में डीजल 9 पैसे की बढ़ोतरी के बाद 66.20 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में डीजल 9 पैसे बढ़ोतरी के बाद 69.36 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में डीजल 10 पैसे की बढ़ोतरी के बाद 67.96 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। चेन्नई में डीजल 9 पैसे की बढ़ोतरी के बाद 69.97 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।

कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि जारी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को भी तेजी देखी गई। मंगलवार को सुबह के कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में बढो़तरी हुई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.31 फीसदी की तेजी के साथ 72.19 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 0.35 फीसदी की तेजी के साथ 63.43 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा हैं।

गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाते समय इन बातों का रखें ध्यान, नहीं तो लग सकता है चुन्ना

पेट्रोल और डीजल के प्राइस लगातार बढ़ते रहते हैं। ऐसे में कार को चलाना बेहद महंगा हो गया है। लेकिन महंगे पेट्रोल, डीजल के अलावा भी कई तरीकों से पेट्रोल पंप पर आपकी जेब को चूना लगाया जाता है। कस्टमर्स की आंखों के सामने ही पेट्रोल पंप पर तेल की लगातार चोरी की जाती है और आपको भनक भी नहीं होती। इनमें से कुछ तरीके तो जायज मानें जाते हैं-

खाली टैंक में पेट्रोल भरवाने से नुकसान होता है। इसलिए टैंक के रिजर्व तक आने का इंतजार न करते हुए आधा टैंक होने पर ही फ्यूल भरवा लें। दरअसल जितना आपका टैंक खाली होगा, टैंक में हवा भी उतनी ही ज्यादा होगी। ऐसे में आप पेट्रोल भरवाते हैं, तो हवा के कारण पेट्रोल की मात्रा कम मिलेगी। यानि आपको चूना लग जाता है और आपको पता भी नहीं चलता।

जैसे नियमानुसार किसी भी पेट्रोल पंप पर अगर 5 लीटर तेल डालवातें हैं , तो 25 एमएल तेल कम या ज्यादा डालना जायज माना जाता है। अब ज्यादा तो वो लोग डालेंगे नहीं तो इसीलिए हमेशा कम कर लिया जाता है। एक उदाहरण से इसे समझें- 600 रुपये का पेट्रोल डलवाने में करीब 1 मिनट का समय लगता है। अगर इस बीच 10 सेकंड के लिए भी स्विच ऑफ होता है तो समझ लीजिए कि आपके 600 रुपये के पेट्रोल में करीब 50 से 100 रुपये का नुकसान हो जाता है।

पुरानी पेट्रोल पंप मशीनों पर कम पेट्रोल भरे जाने की संभावना ज्यादा रहती है और आप इसे पकड़ भी नहीं सकते हैं। इसलिए जहां तक संभव हो डिजीटल मीटर वाले पंप से ही फ्यूल भरवाएं।
सबसे बड़ी बात आजकल लोग कार में बैठे-बैठे ही फ्यूल भरवा लेते हैं उतरने की जहमत नहीं करते। ऐसे में पेट्रोल पंप वाले अपनी मनमानी करते हैं और हर संभव तरीके से आपकी जेब काटते हैं।

जींस खरीदते समय ब्रांड ही नहीं उसकी पॉकेट चैक करना भी है जरुरी, ये हैं कारण

रोजमर्रा की जिंदगी में पहनी जाने वाली जींस इन दिनों सबकी जरूरत बन चुकी है। मोटे कपड़े से बने होने और कई कलर-डिजाइन में आने के चलते ये लोगों के बीच काफी पॉपुलर हो गई है। आइए जानते हैं जींस से जुड़ी खास बातें।

यूं तो अमूमन लोग जींस खरीदते समय उसके ब्रांड और कलर पर ध्यान देते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि जींस की क्वालिटी देखने के लिए उसकी पॉकेट देखना बहुत जरूरी है। दरअसल जींस बनाने का पहला पेटेंट सबसे पहले लेविस कंपनी को मिला था। उसने जींस को मजबूती देने के लिए इसकी पॉकेट में कई सारे आईलिड यानि लोहे वाले बटन लगाए थे। इससे काम के दौरान जींस को सपोर्ट मिलता था।

जींस बनाने वाली कंपनी ने आगे और पीछे दोनों पॉकेट्स में कई आईलिड लगाए थे, लेकिन
कस्टमर्स की शिकायत पर बाद में जींस के पीछे लगने वाले बटन को हटा दिया गया। लोगों को कहना था कि चेयर या सोफे पर बैठने पर वो फंस जाते थे।

जींस की पॉकेट आजकल फैशन के हिसाब से बदल गई हैं। मगर आज भी अच्छी क्वालिटी के जींस की पहचान उसकी जेब से होती है। तभी अच्छी जींस में पॉकेट ऐसे बनाए जाते हैं जिसमें सामान भी रख लें, साथ ही आप आरामदायक भी महसूस करें।

जींस से जुड़ी एक और बात बेहद दिलचस्प है वो है नीले रंग का चलन। बताया जाता है कि जब पहली जींस बनाई गई थी तब वो दो रंगों में आती थी। जिसमें पहली थी इंडिगो ब्लू कलर और दूसरा थी ब्राउन। क्योंकि ये दोनों ही गहरे रंग के थे इसलिए ये जल्दी गंदी नहीं होते थे। वही ट्रेंड आज भी जारी है। हालांकि इसमें और कई वैरायटी शामिल हो गई हैं।

पहले जब जींस बनाई गई थी तब इसकी जिप यानि चेन भी अलग पैटर्न में लगी होती थी। अब लेडीज और जेंट्स दोनों के ही जींस में चेन बीच में लगी होती है। मगर पहले लेडीज जींस में ये साइड में और जेंट्स की जींस में बीच में लगी होती थी।

वक्त के साथ जींस के पैटर्न में भी बदलाव किए गए। इसके तहत न्यूयॉर्क ईस्ट गांव में लिम्बो नामक एक बुटीक ने कुछ चेंजेस किए। इसमें उसने नई जींसों को धोकर उसे हल्का कट करके पहनने का चलन शुरू किया। उस बुटीक का ये फैशन सेंस लोगों को बहुत पसंद आने लगा।

तब से फटी जींस का मार्केट में ट्रेंड बढ़ गया। पहले जींस को नीले रंग का कलर करने के लिए प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया जाता था। इसके लिए कई फूलों को मिलाया जाता था। बाद में इसे सिंथेटिक रंगों से रंगा जाने लगा। नीली जींस पहनने का ट्रेंड द्वितीय विश्व युुद्ध के बाद से शुरू हुआ था। तब यूनाइटेड स्टेट के सैनिकों ने आफ द डूयटी इस रंग की जींसे पहनी थीं।

चुनाव ख़त्म होते ही बढ़ गए पैट्रोल-डीज़ल के दाम, जानें आज के भाव

लोकसभा चुनाव के सातवें व आखिरी चरण का मतदान संपन्न होने के ठीक एक दिन बाद सोमवार को तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए. पेट्रोल दिल्ली और मुंबई में नौ पैसे जबकि कोलकाता में आठ पैसे और चेन्नई में 10 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है.

डीजल के दाम दिल्ली और कोलकाता में 15 पैसे जबकि मुंबई और चेन्नई में 16 पैसे प्रति लीटर बढ़ गए हैं. पेट्रोल और डीजल के दाम में रविवार को कोई बदलाव नहीं किया गया था. कमोडिटी बाजार के जानकार बताते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में आई हालिया तेजी के बाद अब पेट्रोल और डीजल के दाम में फिलहाल राहत मिलने की गुंजाइश नहीं है.

एंजेल ब्रोकिंग के एनर्जी व करेंसी रिसर्च मामलों के वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम में इस सप्ताह कटौती की संभावना नहीं है बल्कि वृद्धि का सिलसिला चल पड़ा है और आगे दो से तीन रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है.

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों तेल के दाम में जो वृद्धि हुई उसका असर पेट्रोल और डीजल के दाम पर जितना दिखना चाहिए उतना नहीं दिखा. इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, सोमवार को दिल्ली, कोलकता,

मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम बढ़कर क्रमश: 71.12 रुपये, 73.19 रुपये, 76.73 रुपये और 73.82 रुपये प्रति लीटर हो गए. डीजल के दाम भी चारों महानगरों में बढ़कर क्रमश: 66.11 रुपये, 67.86 रुपये, 69.27 रुपये और 69.88 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं.

हमेशा सही नहीं होते एग्ज़िट पोल, जानिए इस से पहले कब-कब आये थे एग्ज़िट पोल के विपरीत नतीजे

एग्जिट पोल पर अगर भरोसा किया जाए तो नरेंद्र मोदी सरकार की सत्ता में वापसी होने जा रही है. मगर अतीत में देखा गया है कि चुनाव सर्वे एजेंसियों का अनुमान असली नतीजों के करीब नहीं पहुंच पाते हैं. साल 2014 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ‘मोदी लहर’ पर सवार होकर 336 सीटों के साथ सत्ता में आई थी.

मगर बड़े मतदान सर्वेक्षकों में सिर्फ टुडेज चाणक्य ने एनडीए का आकड़ा 300 के पार जाने का अनुमान लगाया था. इसको छोड़कर बाकी सबका अनुमान गलत साबित हो गया था. चाणक्य ने एनडीए को 340 सीटें मिलने का अनुमान लगाया था और बीजेपी को 291 दिया था, जबकि बीजेपी 282 सीटें जीती.

इस चुनाव में टाइम्स नाउ ने 249 दिया था. सीएनएएन – आईबीएन – सीएसडीएस लोकनीति ने एनडीए को 272-280 के बीच दिखाया था. अन्य के अनुमानों पर गौर करें तो हेडलाइंस टुडे और इंडिया टीवी-सी वोटर ने एनडीए को क्रमश: 261-283 और 289 सीटें मिलने का अनुमान लगाया था. इसी तरह, साल 2009 में सबका अनुमान गलत साबित हो गया था.

एग्जिट पोल में बताया गया था कि एनडीए, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) से सत्ता छीन लेगा, जबकि यूपीए ने सत्ता पर अपनी पकड़ बरकरार रखी और कांग्रेस 2004 में मिली 145 सीटों के मुकाबले बढ़त लेकर 206 तक जा पहुंची.

स्टार न्यूज-एसी नीलसन का अनुमान था कि एनडीए को 197 सीटें मिलेंगी, मगर 159 सीटें मिली थीं. टाइम्स नाउ ने उसे 183 दिया था. अन्य सर्वेक्षणों में एनडीटीवी और हेडलाइंस टुडे ने एनडीए को क्रमश: 177 व 180 दिया था.

साल 2004 में आउटलुक-एमडीआरए और स्टार-सी वोटर ने अनुमान लगाया था कि अटल बिहारी वाजपेयी बीजेपी की 275 और एनडीए की 290 सीटों के साथ सत्ता में वापसी करने जा रहे हैं, मगर ऐसा हो न पाया. अन्य मतदान सर्वेक्षकों में आजतक और एनडीटीवी ने भी अनुमान लगाया था कि एनडीए कांग्रेस से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 248 से 250 सीटें ले आएगा, मगर गलत साबित हो गया था.

देश का ये बड़ा बैंक बंद कर रहा है अपनी शाखाएं, कहीं आपका अकाउंट तो नहीं है इस बैंक में?

बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी), देना बैंक और विजया बैंक के विलय के बाद एक अप्रैल से सामने आए देश के दूसरे बड़े सरकारी बैंक को परिचालन को ठीक करने और उसकी दक्षता में सुधार करने के लिए 800-900 शाखाओं को या तो बंद किया जाएगा

या फिर उन्हें दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया जाएगा। जानकारी के अनुसार देना और विजया बैंक के बीओबी में मर्ज होने के बाद एक ही जगह पर तीनों के बैंकों की एक ही जगह पर शाखाओं के होने का कोई मतलब नहीं है।

800 से 900 ब्रांचों की हुई है पहचान

अधिकारियों के अनुसार बीओबी की ओर से 800 से 900 ब्रांचों की पहचान की है, जिन्हें शिफ्ट या बंद की योजना पर काम होगा। अधिकारियों का कहना है कि इनमें से कुछ ब्रांचों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया जा सकता है और कुछ को बंद भी किया जा सकता है।

वहीं देना और विजया बैंक के क्षेत्रीय तथा संभागीय ऑफिसों को बंद ही किया जाएगा। क्योंकि उनके ऐसे ऑफिसों की कोई जरुरत नहीं है। बीओबी के अनुसार दक्षिण, पश्चिम तथा उत्तरी इलकों में उसकी मौजूदगी पर्याप्त है।

बन गया है दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक

बीओबी में देना और विजया बैंक के विलय के बाद यह बैंक अब एसबीआई के बाद दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन गया है। बैंक की शाखाओं की संख्या 9,500 से अधिक जबकि एटीएम 13,400 से अधिक हो गई हैं। कर्मचारियों की संख्या 85,000 पहुंच गई है, जो 12 करोड़ ग्राहकों को सेवाएं दे रहे हैं।

ऐसे में बैंक के ब्रांचों को बंद या शिफ्ट करने से ग्राहाकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में अधिकारियों का कहना है कि ग्राहकों को किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना होगा। उनके डाटा को सुरक्षित करने के बाद ही आगे कुछ निर्णय लिया जाएगा।