सर्वे के मुताबिक किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी,इस राज्य का किसान है सबसे अमीर

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण बैंक (नाबार्ड) के सर्वे के मुताबिक 2012-13 से 2015-16 के बीच देश के किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी हुई है। हर तीसरे साल होने वाले अखिल भारतीय समावेश सर्वेक्षण (एनएएफआईएस) के आधार पर नाबार्ड ने कहा है कि 2015-16 में किसानों की मासिक आय 2012-13 के 6,426 रुपये से बढ़कर 8,059 रुपये हो गई।

इस सर्वेक्षण के मुताबिक, 2015-16 के दौरान देश में ग्रामीण परिवार की औसत मासिक आय 8,059 रुपये थी, जबकि उसका औसत खर्च 6,646 रुपये था। इस लिहाज से हर महीने इन परिवारों को 1,413 रुपये की बचत होती है।

पंजाब, हरियाणा और केरल में रहने वाले ग्रामीण परिवार की मासिक आय देश में सबसे ज्यादा क्रमश: 23,133 रुपये, 18,496 रुपये और 16,927 रुपये हो गई है जबकि 2012-13 में इन राज्यों में मासिक आय क्रमश:18,059 रुपये, 14,434 रुपये और 11,888 रुपये थी। अभी भी पंजाब का किसान देश के बाकि किसानो के मुकाबले सबसे अमीर है ।

ताजा सर्वे के अनुसार, उत्तर प्रदेश इस मामले में सबसे नीचे है। उत्तर प्रदेश के गांवों में रहने वाले परिवारों की औसत मासिक आय महज 6,668 रुपये ही है जबकि वर्ष 2012-13 में राज्य के परिवारों की मासिक आय 4,923 रुपये ही थी।

सर्वे में कहा गया है कि आंध्रप्रदेश के किसान की कमाई सबसे कम है आंध्रप्रदेश में आमदनी की तुलना में मंहगाई अधिक होने से ग्रामीण परिवार एक महीने में महज 95 रुपये ही बचा पता है। बिहार के ग्रामीण परिवार की एक माह की बचत 262 रुपये और उत्तर प्रदेश के गांव में रहने वाला परिवार एक महीने में 315 रुपये बचा पाता है।

इस ऑटो ड्राइवर ने लगाए आंवले के 60 पौधे और बन गया करोड़पति

अगर सफल होना चाहते हैं तो एक चीज जो आपके पास होनी चाहिए है वह है ‘धैर्य’. मेहनत और सच्ची लगन से किए हुए काम का अच्छा नतीजा तभी मिलता है जब आपके पास धैर्य हो. इसी का जीता-जागता उदाहरण है राजस्थान के किसान अमर सिंह. 57 साल के अमर सिंह सभी किसानों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है, जो खेती-बाड़ी कर पैसा कमाना चाहते है.

दरअसल अमर मूल रूप से किसान नहीं हैं बल्कि ऑटोड्राइवर हैं. इन्होंने सालों पहले महज 1200 रुपये में आंवला के 60 पौधे रोपे थे. 22 साल बाद ये पौधे बड़े हुए. आपको जानकर यकीन नहीं होगा लेकिन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आज अमर इन्हीं पेड़ों से 26 लाख का टर्नओवर कमा रहे हैं.

इस कारोबार में अमर सिंह की मदद करने वाले ल्यूपिन ह्यूमन वेलफेयर ऐंड रिसर्च फाउंडेशन के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर सीताराम गुप्ता बताते हैं कि उनकी मेहनत के कारण आज कई लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है. जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं.

ऑटोड्राइवर अमर सिंह ऐसे बने किसान

अमर सिंह का पैतृक पेशा खेती का था. साल 1977 में अमर सिंह के पिता का देहांत हो गया. हालांकि खेती से ही उनका घर चल रहा था. पर उस दौरान खेती से कुछ कमाई नहीं होती थी. घर के हालात ठीक नहीं थे इसलिए अमर ने ऑटो चलाना शुरू कर दिया.

हालांकि इसमें उनका मन नहीं लगा और 1985 में वह अपने ससुराल में, गुजरात, अहमदाबाद पहुंच गए. वहीं रास्ते में सड़क पर उन्हें अखबार का एक टुकड़ा मिला था, जिसमें आंवले की खेती के बारे में जानकारी दी गई थी.

वह उस आर्टिकल से इतने इंप्रेस हुए कि उन्होंने ठान लिया की वह अब आंवले की ही खेती करेंगे. उन्होंने 2 एकड़ जमीन पर आंवले के 60 पौधे बोए. उन्हीं बोए हुए पौधों का नतीजा है कि आज वे करोड़पति किसानों में गिने जाते हैं.

इस फल से एक घंटे में बनता है 1 लीटर खून, डेंगू का है रामबाण इलाज

बीते दिनों से मध्य प्रदेश में डेंगू से कई मौते हुई है। कई दिनों से जबलपुर में डेंगू से हुई मौत के बाद प्रशासन जाग गया है। शहर में डेंगू, चिकनगुनिया से एक महिला सहित की अब तक चार संदिग्ध मौत को लेकर लापरवाही के आरोपों से घिरने के बाद मंगलवार को ज्वाइंट टीम एक्शन में आई।

मलेरिया विभाग के कर्मियों के साथ नगर निगम, आइसीएमआर और स्वास्थ्य विभाग के कर्मी भी मैदान में उतरे। जिसके बाद दूसरे घर में मच्छर के लार्वा मिले। मौके पर ही लार्वा का विनिष्टीकरण किया गया। आपको बता दें कि मादा एडीज मच्छर के काटने से डेंगू होता है। इस रोग में तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, उलटी, दस्त और त्वचा पर लाल दाने हो जाते हैं।

शहर की डॉयटीशियन रश्मि श्रीवास्तव बताती है कि इस जानलेवा बीमारी से बचने के लिए कीवी बहुत मददगार होता है। डेंगू को भगाने के साथ ही यह शरीर को कई अन्य बीमारियों से बचाता है।

इसलिए कीवी है मददगार

डॉयटीशियन रश्मि श्रीवास्तव बताती है कि कीवी में कई फलों के बराबर विटामिंस और मिनरल्स होते हैं। साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर, पोटैशियम, विटामिन सी व अन्य तत्व डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने में मदद करते है।

डेंगू में मरीज के शरीर से ब्लड प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगती हैं। इन ब्लड प्लेटलेट्स की संख्या को सही करने के लिए कीवी बहुत मददगार साबित होता है। यह मरीज को जल्दी रिकवर भी कर देता है।

इन बीमारियों से भी बचाता है कीवी

आपको बता दें कि कीवी में फाइबर भरपूर होता है जो दिल को स्वस्थ रखकर गंभीर बीमारियों से दूर रखता है। इसके सेवन से लिवर, स्ट्रोक, कार्डियक अरेस्ट, हार्ट अटैक का खतरा टला रहता है। यह शरीर में ब्लड क्लॉटिंग यानि नस में खून को जमने से रोकते हैं। जिससे कई प्रॉबल्म कम होती है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भी बचा जा सकता है।

कीवी में ल्यूटिन पाया जाता है, जो हमारी त्वचा और टिशूज को स्वस्थ रखता है। कीवी के सेवन से आंखों की कई बीमारियां दूर रहती है। आंखों की ज्यादातर समस्याएं ऐसी हैं जो इन्हीं ल्यूटिन के नष्ट हो जाने के कारण पैदा होती हैं। इसके अलावा कीवी में भरपूर विटामिन ए पाया जाता है जो आंखों की रोशनी सही रहती है।

आर ओ का आखें खोल देने वाला सच, इस स्थिति में पानी साफ़ करने की बजाय जानलेवा बना देता है आर ओ फिलटर

वॉट्सऐप पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वाटर प्यूरिफायर में यूज की जाने वाली डुप्लिकेट मेम्ब्रेन (झिल्ली) के बारे में बताया जा रहा है। दरअसल, मेम्ब्रेन को जब तोड़ा गया तब उसमें से ब्लैक कलर का कटा हुआ कपड़ा और रेशे जैसा कुछ निकलता है।

यदि इससे फिल्टर किया गया पानी पिया जाता तब इंसान को गंभीर बीमारी भी हो सकती थीं। मार्केट में अब ऐसी कई छोटी-छोटी कंपनियां आ चुकी हैं, जो ब्रांडेड कंपनी से कम कीमत में वाटर प्यूरिफायर दे रही हैं।

लोग भी सस्ते के चलते इस तरह के प्यूरिफायर को खरीद लेते हैं। वैसे, कुछ कंपनियों के डुप्लिकेट प्यूरिफायर भी पकड़ने के कई मामले सामने आ चुके हैं। प्यूरिफायर में यूज होने वाली मेम्ब्रेन का काम क्या है और पानी को फिल्टर करने के लिए ये कितनी जरूरी है।

बीते 12 सालों से वाटर प्यूरिफायर का काम करने वाले मैक्सकूल कंपनी के ऑनर मांगीलाल वर्मा ने बताया कि मेम्ब्रेन के अंदर 0.5 माइक्रोन होल वाली जाली होती है। इसके होल इतने महीन होते हैं कि दिखाई नहीं देते। जब पानी पहले फिल्टर से होकर मेम्ब्रेन में पहुंचता है तब ये जालियां उसे फिल्टर करके आगे बढ़ा देती हैं। वहीं, पानी के वेस्ट पार्ट या खराब पानी को दूसरी तरफ से बाहर कर देती हैं।

ऐसे चेक करें पानी फिल्टर है या नहीं

मांगीलाल ने बताया कि आपके घर में यूज होने वाला प्यूरिफायर या उसमें लगा मेम्ब्रेन असली है, इस बात का पता पानी के TDS (टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड) लेवल से पता लगा सकते हैं। दरअसल, पानी फिल्टर होने के बाद उसका TDS 100 से 50 के बीच में रखा जाता है।

कई लोग इसे 10 से 15 तक भी करा लेते हैं। ऐसे में यदि पानी का TDS कम नहीं हो रहा है तब वो फिल्टर नहीं है। यानी या तो प्यूरीफायर का कोई पार्ट काम नहीं कर रहा या फिर वो डुप्लिकेट है। TDS चेक करने वाला मीटर 200 रुपए से भी कम में आ जाता है।

बीमार होने का भी खतरा

अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज, विदिशा के सर्जरी विभाग के डॉक्टर नीरज जैन (MS जनरल और लैप्रोस्कोपिक सर्जन) ने बताया कि यदि प्यूरीफायर का पानी फिल्टर नहीं है, तब उससे कई सारी बीमारियां भी हो सकती हैं।

  • पानी में कैल्शियम ज्यादा जा रहा है, तब लिवर या किडनी में स्टोन बन सकता है।
  • हार्ड पानी पीने से डाइजेशन खराब होना, पेट में दर्द, कब्ज होने की प्रॉब्लम भी शुरू हो जाएगी।
  •  बाल झड़ने की प्रॉब्लम भी शुरू हो जाएगी।
  • प्यूरीफायर में UV (अल्ट्रावाइलेट प्यूरिफिकेशन) का इस्तेमाल बैक्टीरिया मारने के लिए किया जाता है, ऐसे में बैक्टीरिया ही नहीं मर रहे तब ज्वाइंडिस जैसी जानलेवा बीमारी भी हो सकती है।

आज इन 10 राज्यो में भारी बारिश, 24 अक्टूबर पूरे भारत का मौसम पूर्वानुमान

भारत के कई राज्यों में इन दिनों मौसम में एक बदलाव देखा जा रहा है. कुछ राज्यों में इन दिनों ठंड बढ़ रहा है तो वहीं कुछ राज्यों में मौसम शुष्क बना हुआ है. मौसम की खबर की शुरुआत करेंगे जम्मू-कश्मीर से यहां हल्की बारिश की उम्मीद है.

हालांकि, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रों की बात करें तो उत्तर-पश्चिम मैदानी इलाकों का मौसम शुष्क रहेगा. इसके साथ ही दिल्ली, एनसीआर, पंजाब और हरियाणा के कई क्षेत्रो में प्रदूषण का असर बना रहेगा. लेकिन पश्चिम राजस्थान में बारिश की संभावना बनी हुई है.

मध्य भारत की बात करें तो मध्यप्रदेश के ज्यादातर हिस्सो में मौसम गर्म और शुष्क रहेगा. साथ ही गुजरात में भी मौसम काफी गर्म रहेगा. इसके विपरित मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, दक्षिण कोंकण और गोवा में बारिश की संभावना बनी हुई है.

देश के पूर्वी हिस्से के राज्यों में तापमान में गिरावट आ सकती है. ओडिशा, असम, और मेघालय के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का अनुमान है. इसके साथ ही पूर्व उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मौसम शुष्क बना रहेगा और कई जगहों पर अधिकतम तापमान 30 डिग्री से उपर रहेगा.

दक्षिण भारत की ओर अगर रुख़ करें तो केरल, तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्सों, अंडमान और निकोबार द्वीप पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है. इसके साथ ही तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है. रायलसीमा और उत्तरी तमिलनाडु में मौसम शुष्क और गर्म रहेगा.

पिछले 24 घंटों में दर्ज किया गया मौसम

पिछले 24 घंटों के दौरान देश के अलग- अलग राज्यो की बात करें तो केरल, अंडमान, और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है. आंतरिक और दक्षिण तामिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश हुई.

केरल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई है और कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी देखने को मिली है. तमिलनाडु, झारखंड, छत्तीसगढ़, मेघालय और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सो में हल्की से भारी बारिश देखने को मिली है.

आप भी खोल सकते हैं रिलायन्स का पैट्रोल पम्प, इतने रुपए का आएगा खर्च

ब्रिटेन की तेल कंपनी बीपी पीएलसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड साथ मिलकर 200 पेट्रोल पंप खोलने की तैयारी में हैं। यह पेट्रोल पंप अगले तीन सालों में खोले जाएंगे। रिलायंस अभी खुद के 1343 पेट्रोल पंप संचालित कर रहा है।

वहीं बीपी पीएलसी को 2016 में 3500 फ्यूल रिटेल आउटलेट्स खोलने का लाइसेंस मिला। इंडिया में तेल की डिमांड लगातार बढ़ रही है। इसी कारण फॉरेन की कंपनियां भी इसमें निवेश करना चाहती हैं। रिलायंस के पास 5 हजार पेट्रोल पंप खोलने का लाइसेंस है।

आप भी खोल सकते हैं रिलायंस का पेट्रोल पंप…

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में काम करने वाले अभिनव सिंह राजपूत ने क्वेश्चन-आंसर वेबसाइट कोरा पर इस बारे में जानकारी दी है कि कोई व्यक्ति कैसे पेट्रोल पंप खोल सकता है और कितना खर्चा आता है। उन्होंने बताया कि कोई भी रिलायंस के साथ पार्टनरिशप में पेट्रोल पंप खोल सकता है।

इसके लिए आपके पास अच्छी लोकेशन और कैपिटल होना जरूरी है। डीलर को ही कंस्ट्रक्शन से जुड़ा सारा काम जैसे ड्राइव वे, बाउंड्री, केनोपी, सेल्स रूम बिल्डिंग का निर्माण करवाना होता है। वहीं आईटी, डिसपेंसर और यूएसटी इंस्टॉल करने का काम कंपनी द्वारा किया जाता है।

कितना आता है खर्चा

पेट्रोल पंप खोलने में 50 से 75 लाख का खर्चा आता है। इसमें जमीन की कीमत शामिल नहीं है। करीब 23 लाख रुपए सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर जमा होते हैं। यह रिफंडेबल होते हैं।

3.5 लाख रुपए साइनिंग फीस के तौर पर लिए जाते हैं। रिलायंस का पूरा सिस्टम ऑनलाइन है। हर ट्रांजेक्शन, स्टॉक और रिपोर्ट्स को आप ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।

आप कैसे कर सकते हैं आवेदन

आप यदि रिलायंस के साथ पार्टनरिशप में पेट्रोल पंप खोलना चाहते हैं तो www.reliancepetroleum.com पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।

  • आपको पार्टनर्स के ऑप्शन में जाना होगा।
  • यहां आई एम इंटरेस्टेड के ऑप्शन पर जाकर एक फॉर्म फिल करना होगा।
  • पार्टनर टाइप में पेट्रोल रिटेल आउटलेट डीलरशिप का ऑप्शन होता है, इसे आपको सिलेक्ट करना होगा।
  • इस फॉर्म को भरने के बाद रिलायंस की टीम खुद आप से संपर्क करेगी।

डेंगू ने बदला अपना रूप, बुखार और सिरदर्द के बिना हो रही बीमारी, ऐसे लक्षण दिखे तो नहीं करें इग्नोर

दिल्ली के इतिहास में पहली बार डेंगू का नया रूप देखने को मिल रहा है। एम्स से लेकर निजी अस्पतालों तक में इन दिनों ऐसे मरीज डेंगू ग्रस्त मिल रहे हैं, जिन्हें न तो सिरदर्द हुआ और न ही बुखार आया, लेकिन कमजोरी और प्लेटलेट्स कम होने के कारण इन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

एम्स के ही डॉक्टरों का कहना है कि उनके यहां भी इस तरह के मरीज आए हैं, जिसके बाद एक अध्ययन में ये साबित हो चुका है कि डेंगू यानि एडीज मच्छर के वायरस और स्ट्रेन में बदलाव देखने को मिल रहे हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि ये बदलाव जानलेवा नहीं है, लेकिन चिंताजनक जरूर हैं।

अभी तक डेंगू से पहले इंसान को बुखार की परेशानी होती है। कहा ये भी जाता है कि डेंगू के मरीज को 100 डिग्री तापमान बना रहता है। पैरासिटामॉल और ग्लूकोज के जरिए मरीज का उपचार भी किया जाता है। मगर एम्स में कुछ असाधारण केस ऐसे भी आए हैं, जिसमें डेंगू का शिकार हुए व्यक्ति को बुखार नहीं आया।

कुछ समय पहले ऐसा ही एक मामला 50 वर्षीय मरीज के रूप में देखने को मिला था, जिसे किसी तरह का बुखार नहीं आया, बावजूद इसके उन्हें डेंगू ग्रस्त पाया गया। एम्स का ये अध्ययन ‘जर्नल ऑफ द एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया’ में भी प्रकाशित हुआ है।

वहीं, सफदरजंग अस्पताल के डॉ. जुगल किशोर बताते हैं कि इन दिनों कुछ इसी तरह के मरीज उनके यहां भी देखने को मिल रहे हैं। इन मरीजों में समय पर डेंगू की पहचान होना मुश्किल है। थकान और कमजोरी के चलते जब मरीज अस्पताल पहुंचता है, तब ब्लड टेस्ट कराने पर उसमें बीमारी की पुष्टि हो रही है।

वहीं, मैक्स अस्पताल के डॉ. विवेक कुमार का कहना है कि मरीजों में अगर ल्यूकोपीनिया यानि व्हाइट सेल्स और प्लेटलेट्स में कमी देखी जाए तो बुखार न होने पर भी मरीज की डेंगू जांच की जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि अगर किसी इंसान को बगैर ठोस कारण रक्तचाप में गिरावट या कमजोरी महसूस हो रही हो तो वह तत्काल अपना ब्लड टेस्ट कराए। साथ ही डॉक्टर से परामर्श भी लें। दरअसल, दिल्ली में डेंगू बहुत तेजी से फैल रहा है।

पिछले एक माह के भीतर साल के सबसे ज्यादा मरीज अस्पतालों में मिले हैं। निगम आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में इस समय डेंगू ग्रस्त मरीजों की संख्या करीब दो हजार के पार हो चुकी है, जबकि एक बच्ची की मौत भी बीते दिनों इसके कारण हुई है।

आखिरकार आज लॉन्च हो ही गई नई सैंट्रो , जाने कीमत और विशेषताए

Hyundai की बहुप्रतीक्षित कार सैंट्रो की आज ग्लोबल लॉन्चिंग हुई। कार की टॉल बॉय डिजाइन है। इसकी शुरुआती कीमत 3.89 लाख रुपए है, जो कि पेट्रोल और सीएनजी वेरियंट में उपलब्ध रहेगी। सैंट्रो पहले के मुकाबले बड़ी और मजबूत है। इसकी लॉन्चिंग के वक्त बॉलीवुड एक्टर शहरुख खान मौजूद रहे।

23 हजार से ज्यादा बुकिंग

सैंट्रो कार की 13 दिनों में 23500 प्रीबुकिंग हुई है। Hyundai ने इन कार के निर्माण पर 100 मिलियन डॉलर यानी 730 करोड़ का बजट खर्च किया है। कार सात एक्सटीरियर कलर में मौजूद रहेगी। इसमें पहली बार इंपीरियल बीज, डायना ग्रीन को शामिल किया गया है।

सैंट्रो की कीमत
TRIMS           PETROL         AMT          CNG

  • d-lite          3,89,900
  • Era               4,24,900
  • magna-     4,57,900      5,18,900     5,23,900
  • sportz         4,99,900    5,44,900    5,84,900
  • Asta             5,45,900

इंजन और सेफ्टी फीचर

कार पेट्रोल और सीएनजी वेरियंट में है। इसमें 1086 सीसी का इंजन है। इसका 1.1 लीटर का 4 Cylinder पेट्रोल इंजन 69ps/5500rpm का पॉवर जनरेट करेगा। इसका माइलेज 20.3 किमी. प्रति लीटर होगा। पेट्रोल वेरियंट मैनुअल के साथ ऑटोमेटिक होगा। हालांकि सीएनजी वेरियंट मैनुअल होगा।

सीएनजी वर्जन में 1.1 लीटर का 4 सिलेंडर इंजन 69ps और 5500rpm पॉवर उत्पन्न करेगी। इसका माइलेज 30.5 किमीं. प्रति लीटर होगा। कार में सेफ्टी फीचर के तौर पर ब्रेकिंग के लिए एबीएस तकनीक का प्रयोग किया गया है। ड्राइवर सीट के लिए एयरबैग होगा और रियर पार्किंग कैमरा होगा।

इंटीरियर

इंटीरियर में फोल्डेबल सीट, स्पेसियस ग्लोब बॉक्स, अफोर्डेबल रियर सीट समेत कई तरह के फीचर दिए गए हैं। कार में सुपीरियर एसी परफार्मेंस, इको कोटिंग टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया गया है।

कार में 1,00,000 किलोमीटर की वारंटी और 3 साल की रोड साइड असिसटेंस सर्विस मिलेगी। इंटरनेटमेंट के लिए 17.64 सेमी. यानी 7 इंच की डिसप्ले स्क्रीन होगी। साथ ही इसमें स्मार्टफोन कनेक्टिविटी होगी। इसे Apple CarPlay और एंड्राइड और ब्लूटूथ से कनेक्ट किया जा सकेगा।

2 महीने कोर्स के बाद शुरू किया खेतीबाड़ी बिजनेस, अब हर महीने होती है एक लाख की कमाई

अब एग्रीकल्चर में करियर सिर्फ खेती-बाड़ी तक ही सीमित नहीं रह गया है। एग्रीकल्चर सेक्टर के बदले माहौल का परिणाम है कि अन्य सेक्टरों की ही तरह एग्रीकल्चर सेक्टर भी लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है।

किसानों की आमदनी बढ़ाने और एग्रीकल्चर को एक करियर के रूप में बनाने के लिए सरकार कुछ कोर्स भी कराती है जिसका फायदा उत्तर प्रदेश के शामली के रहने वाले धन प्रकाश शर्मा ने भी उठाया। एग्रीकल्चर में बीएससी करने के बाद उन्होंने सरकार द्वारा कराए जा रहे कोर्स किया और आज वो हर महीने 1 लाख रुपए की कमाई कर रहे हैं।

2 महीने के कोर्स ने बदली जिंदगी

धन प्रकाश शर्मा ने बातचीत में बताया कि उन्होंने मेरठ यूनिवर्सिटी से एग्रीकल्चर में बीएससी किया है। एग्रीकल्चर में डिग्री लेने के बाद एक प्राइवेट कंपनी में मार्केट की नौकरी लगी। नौकरी में उनको मन नहीं लगा और एक एग्रीकल्चर में अपना कुछ करने का विचार आया।

इसमें सरकार द्वारा चलाए जा रहे एग्री क्लिनिक एग्री बिजनेस सेंटर ने उनकी मदद की। उन्होंने दो महीने का कोर्स किया जिसके बाद उनकी जिंदगी बदल गई।उन्होंने 12 साल नौकरी की और बाद में 15 हजार की नौकरी छोड़ उन्होंने लो कॉस्ट फार्म मशीनरी की शुरुआत की।

21.5 लाख रुपए का लोन लिया

शर्मा ने लो कॉस्ट मशीनरी की शुरुआत करने लिए 21.5 लाख रुपए यूनाइटेड बैंक से लोन लिया। इसके बाद उन्होंने ‘नैपसैक स्प्रेयर’ की मैन्युफैक्चरिंग शुरू। यह एक स्प्रेयर मशीन है जिसके जरिए किसान के लिए केमिकल्स के छिड़काव में बहुत मददगार है।

3 महीने 5.5 लाख का हुआ नेट प्रॉफिट

3 महीने में 5.5 लाख रुपए का नेट प्रॉफिट इस बात का सबूत है कि उनके नैपसैक स्प्रेयर किसानों का मददगार साबित हुआ। वो किसानों के काम को आसान बनाने के लिए स्प्रेयर को रिडिजाइन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वो बैट्री चालित स्प्रेयर भी बनाए हैं जो किसानों की मेहनत को कम करता है।

3 साल में खड़ा किया 1 करोड़ का बिजनेस

धन प्रकाश ने 2015 में पशुपति एग्रोटेक की नींव रखी थी। तीन साल में ही उनकी कंपनी का टर्नओवर 1 करोड़ रुपए हो गया। इसमें से 10-12 फीसदी का प्रॉफिट हो जाता है। उनका बिजनेस 3-4 राज्यों में फैला है और उन्होंने अपने यहां 6 लोगों को रोजगार मुहैया करवाया है।

हजार रुपए से शुरू होता है प्रोडक्ट

उनके प्रोडक्ट्स की कीमत 1 हजार रुपए से शुरू होती और 3 हजार रुपए तक जाती है। उन्होंने एक स्प्रेयर डेवलप किया है जो ट्रैक्टर के साथ काम करता है जिसकी कीमत 36 हजार रुपए है।

बिजनेस बढ़ाने का है प्लान

धन प्रकाश अपने बिजनेस को बढ़ाना चाहते हैं। उनका कहना है कि वो सीड्स और पेस्टिसाइड्स के फील्ड में कदम रखना चाहते हैं। इसके अलावा लो कॉस्ट और एनर्जी इफिशन्ट्ली सोलर ड्रायर, सीड्स ड्रिल, मल्टीपर्सपस सिकलर्स, प्लांटर्स मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस बढ़ा है।

सोमवार को देश की अलग-अलग मंडियों में इस भाव बिका बासमती

हरियाणा की मंडियों में अब पूसा 1509 का आम भाव 3000 रुपए हो चुका है। सोमवार को भी 1509 में तेजी बरकरार रही। कुछ मंडियों में यह 3100 रुपए तक भी बिक गया। वहीं दूसरी ओर बासमती 1121 में भी ग्राहकी मजबूत दिखी।

पूंडरी में 1121 3717 रुपए बिका तो जींद में यह 3700 रुपए बोला गया। 1121 का आम भाव अब 3625 रुपए हो गया है। पीबी 1 के भावों में स्थिरता है और ये 3000 हजार के आसपास टिका हुआ है।

पंजाब बासमती धान भाव,

पंजाब की फाजिल्का में सोमवार को बासमती 1121 का रेट 3281 रुपये क्विंटल रहा।पंजाब के अमृतसर में 1509 का शुरुआती भाव 3040 और परमल का 1550 से 1690 रहा। बुढलाडा में बासमती 1121 3350, पूसा 1509 2990 और डीबी 3050 रुपए बिका। फरीदकोट में बासमती 1121 3442 और 1509 3002 रुपए बिका।

हरियाणा बासमती धान भाव,

सोमवार को टोहाना में बासमती 1121 3500 रुपए और डीपी 1401 3100 रुपए बिका।रोहतक की बेरी मंडी में बासमती 1121 3600, पूसा 1509 3050 और शरबती 2315 रुपए बिका। खरखोदा में 1509 का भाव 3011 और पानीपत में 3041 रुपए क्विंटल रहा।

समालखा में बासमती 1121 3681 और 1509 का रेट 3061 रुपए रहा। अलेवा मंडी में 1509 का भाव सोमवार को 3095 रुपए और बासमती 1121 का भाव 3634 रुपए रहा। कैथल मंडी में बासमती 1121 3610 रुपए बिका। फतेहाबाद में बासमती 1121 का रेट 3400, पूसा 1509 का भाव 3120 और डीपी 1401 का रेट 3344 रुपए रहा।

सिरसा में पीबी 1 3085, 1509 3000 और डीपी 1401 3071 रुपए बिका। रानियां में पीबी वन 3031 रुपए बिका। ऐलनाबाद में पीबी 1 3170, डीपी 1401 3200 और 1509 3000 रुपए बिका। रतिया में पीबी 1 3045 रुपए क्विटल बिका।कैथल में बासमती 1121 3350 से 3685 रुपए तक बिका। 1509 का भाव 2950 से 3100 रुपए तक रहा। डीपी 3250 रुपए तक बिका।

उत्‍तर प्रदेश बासमती धान भाव,

यूपी की खैर मंडी में पूसा 1509 2900 ओर सुगंध 2431 रुपये बिका। राजस्थान की बूंदी मंडी में 2509 का भाव 2500 से 2961 ओर सुगंध का 2200 से 2400 रुपये रहा। नरेला में 1121 का रेट 3661, 1509 का 2981 ओर शरबती का 2260 रहा।

मध्‍यप्रदेश बासमती धान भाव,

मध्य प्रदेश की डबरा मंडी में पूसा 1509 2300 से 2700, सुगंध 1950 से 2200 रुपए बिका। आवक करीब 28 हजार बोरी रही। दतिया में 1509 का भाव 2480 से 2790 रुपए रहा। पिपरिया में पूसा 2905, 1509 2660 और बासमती 1121 2960 रुपए बिका। रायसेन में पीबी 1 का भाव 2700 से 3000 रुपए रहा।