कहीं भी उगाएं बटन मशरूम, एक सीजन में 3 लाख तक कमाने का मौका

अगर खेतीबाड़ी के जरि‍ए अच्‍छी कमा ई करने के तरीका खोज रहे हैं तो बटन मशरूम की खेती एक अच्‍छा ऑप्‍शन हो सकता है। यह मशरूम की ही एक कि‍स्‍म होता है, मगर इसमें मि‍नरल्स और वि‍टामि‍न खूब होते हैं।

इसकी खासि‍यत ये है कि‍ आप एक झोंपड़ी में भी इसकी फायदेमंद खेती कर सकते हैं। मशरूम अपने हेल्थ बेनेफि‍ट्स की वजह से लगातार पॉपुलर हो रही है।  इसका रेट 300 से 350 रुपए कि‍लो है।

बड़े शहरों में तो यह इसी रेट में मि‍लता है। थोक का रेट इससे करीब 40% तक कम होता है। कई लोगों ने पारंपरि‍क खेती को छोड़कर मशरूम उगाना शुरू कर दि‍या है और अब अच्‍छी खासी कमाई कर रहे हैं। जैसे गोरखपुर के कि‍सान राहुल सिंह।

 उपज और मुनाफे का गणि‍त

राहुल हर साल 4 से 5 क्विंटल कंपोस्‍ट बनाकर उसपर बटन मशरूम की खेती करते हैं। इतनी कंपोस्‍ट पर करीब 2000 कि‍लो मशरूम पैदा हो जाता है। एक क्विंटल कम्पोस्ट में डेढ़ किलो बीज लगते हैं। इसकी बाजार में कीमत 200 से 250 रुपए होती है। मशरूम का थोक रेट 150 से 200 रुपए कि‍लो है।

अब 2000 कि‍लो मशरूम अगर 150 रुपए एक कि‍लो के हि‍साब से भी बि‍कती है तो करीब 3 लाख रुपए मि‍लते हैं। इसमें से 50 हजार रुपए लागत के तौर पर नि‍काल दें तो भी ढाई लाख रुपए बचते हैं, हालांकि‍ इसकी लागत 50 हजार से कम ही आती है। प्रति‍ वर्ग मीटर 10 कि‍लोग्राम मशरूम आराम से पैदा हो जाता है।

इस तरह होती है खेती

  • मशरूम अक्‍टूबर-नवंबर में लगाई जाती है और पूरी सर्दी इसका उत्‍पादन होता रहता है।
  • राहुल करीब 40 बाई 30 फुट की झोंपड़ी में खेती करते हैं। इसमें वह तीन तीन फुट चौड़ी रैक बनाकर मशरूम उगाते हैं।
  • इसके लि‍ए आपको कंपोस्‍ट तैयार करना होता है। आप इस काम के लि‍ए धान की पुआल का यूज कर सकते हैं। सबसे पहले धान की पुआल को भि‍गो दें और एक दि‍न बाद इसमें डीएपी, यूरि‍या, पोटाश व गेहूं का चोकर, जि‍प्‍सम, कैल्‍शि‍यम और कार्बो फ्यूराडन मि‍ला कर सड़ने के लि‍ए छोड़ दें।
  • उसे करीब 30 दि‍न के लि‍ए छोड़ दें। हर 4 से 5 दि‍न पर इसे पलटते रहें और आधा महीना हो जाने पर इसमें नीम की खली और गुड़ का पाक या शीरा मि‍ला दें।
  • एक महीना बीत जाने के बाद एक बार फि‍र से बावि‍स्‍टीन और फार्मोलीन छि‍ड़ने के बाद इसे कि‍सी ति‍रपाल से 6 घंटों के ढक दि‍या जाता है। अब आपका कंपोस्‍ट तैयार हो गया।

इस तरह बि‍छाएं कंपोस्‍ट

  • पहले नीचे गोबर की खाद और मि‍ट्टी को बराबर मात्रा में मि‍लाकर करीब डेढ़ इंच मोटी परत बि‍छाई जाती है। इसके ऊपर कंपोस्‍ट की दो से तीन इंच मोची परत चढ़ाएं।
  • इसके ऊपर कंपोस्‍ट की दो तीन इंच मोटी परत चढ़ाएं और उसके ऊपर मशरूम के बीज समान मात्रा में फैला दें। फि‍र इसके ऊपर एक दो इंच मोटी कंपोस्‍ट की परत और चढ़ा दें।
  • झोंपड़ी में नमी का स्‍तर बना रहना चाहि‍ए और स्‍प्रे से मशरूम पर दि‍न में दो से तीन बार छि‍ड़काव होना चाहि‍ए। झोंपड़ी का तापमान 20 डि‍ग्री बना रहे।
  • सभी एग्रीकल्‍चर यूनि‍वर्सि‍टी और कृषि‍ अनुसंधान केंद्रों में मशरूम के खेती की ट्रेनिंग दी जाती है। अगर आप इसी बड़े पैमाने पर खेती करने की योजना बना रहे हैं तो बेहतर होगा एक बार इसकी सही ढंग से ट्रेनिंग जरूर लें।

News Source: Money Bhaskar News

बालों को जड़ से काला बनाने के लिए खाएं ये सब्जी, गंजापन भी हो जायेगा दूर

लोगों को तरोई की सब्जी भले ही कम पसंद हो, लेकिन ये स्वास्थ के लिए बहुत लाभकारी है। इसमें मौजूद एंटी आॅक्सिटेंड एवं फाइबर तत्व शरीर को पोषण देते हैं। ये सफेद बालों को काला और घना बनाने में भी मदद करता है। ये स्किन के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

बालों को काला बनाने के लिए तोरी के टुकड़े करके इन्हें छाया में सुखा लें। अब इसमें नारियल तेल मिलाकर दो से तीन दिनों के लिए रख दें। जब तोरी तेल में अच्छे से डुब जाए तब इसे उबाल लें और तेल के आधा रह जाने पर इसे छानकर रख लें। अब इस तेल से रोज बालों की मालिश करें इससे एक सप्ताह में बाल काले होने लगेंगे।

बालों को घना, काला एवं रेशमी बनाने के लिए आंवला, शिकाई और रीठा को बराबर मात्रा में पीस लें। अब तीन बड़े चम्मच नारियल के तेल में इन पिसी हुई सामग्री को डालकर पकाएं। तेल के एक चौथाई रहने पर इसे ठंडा करके रख लें। इससे बालों की मालिश करें तो बाल काले एवं घने होंगे।

तरोई का रस पीलिया रोग के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसके रस की दो-तीन बूंदें नाक में डालने से पीला पानी निकलने लगता है और पीलिया का असर कम होने लगता है। तोरी के पत्तों का पेस्ट सफेद दागों से भी छुटकारा दिलाता है। तोरी के 15-20 पत्तों को पीसकर उसका लेप प्रभावित जगह पर लगाने से दाग ठीक हो जाते हैं। वहीं इसके बीजों को पीसकर इसका पेस्ट शरीर पर लगाने से कष्ठ रोग भी ठीक हो जाता है।

तरोई पथरी की समस्या को खत्म करने में भी कारगर है। इसके एक चम्मच रस को दो चम्मच गाय के दूध व पानी में मिलाकर पीने से पथरी गलने लगती हैं। इसे रोजाना दिन में तीन बार पीना होगा। तोरी बवासीर के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसकी सब्जी खाने से कब्ज की समस्या दूर होती है।

चूंकि इसमें फाइबर काफी मात्रा में होते हैं तो ये पेट की गंदगी को बाहर निकालता है। साथ ही आतंरिक घावों को भरने का काम करता है। तरोई की जड़ को ठंडे पानी में घिसकर फोड़ें पर लगाने से एक दिन में ही राहत मिलेगी। ये गांठ वाले फोड़े को भी ठीक करने में कारगर है।

तोरी स्किन की समस्याओं को दूर करने में भी बहुत असरदार है। तोरी की जड़ को गाय के मक्सन के साथ पीसकर चकत्तों एवं रैशेस पर लगाने से परेशानी दूर हो जाती है। ये पिंपल्स और रिंकल्स को भी कम करता

अब हाइड्रोजेल से सिर्फ एक सिंचाई से होगी फसल

इस हालात में खेती को अगर बचाना है तो ऐसे विकल्पों पर विचार करना होगा जिसमें सिंचाई में पानी की बर्बादी न हो और पूरी कवायद में hydrogel (हाइड्रोजेल) किसी चमत्कार से कम नहीं है।अब बार बार सिंचाई करने की जरूरत नहीं है क्योंकि सिर्फ एक बार सिंचाई करने पर इतना पानी सोख लेता है की बाद में सिंचाई की जरूरत ही नहीं रहती ।

दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान जिसे पूसा संस्थान भी कहा जाता है, के वैज्ञानिकों ने ही इस अद्र्घ-कृत्रिम हाइड्रोफिलिक पॉलिमर जेल का विकास किया है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इस जेल में कई ऐसी खासियत हैं जो जैव चिकित्सा में इस्तेमाल किए जाने वाले दूसरे तरल पदार्थों को अवशोषित करने वाले जेल से उसे अलग करती है।

इसे ‘पूसा हाइड्रोजेल’ नाम दिया गया है । इस तरह प्रति हेक्टेयर जमीन में केवल 2.5 से 3.75 किलो जेल डालने की जरूरत होती है। अब तक दुनिया में ऐसे जितने भी जेल तैयार किए गए हैं उनकी तकरीबन 10 किलो मात्रा एक हेक्टेयर जमीन में डालनी पड़ती है।

हाल ही में कृषि विज्ञानियों ने एक शोध किया है जिसमें पता चला है कि hydrogel (हाइड्रोजेल) की मदद से बारिश और सिंचाई के पानी को स्टोर कर रखा जा सकता है और इसका इस्तेमाल उस वक्त किया जा सकता है जब फसलों को पानी की जरूरत पड़ेगी।

हाइड्रोजेल पोलिमर है जिसमें पानी को सोख लेने की अकूत क्षमता होती है और यह पानी में घुलता भी नहीं। हाइड्रोजेल बायोडिग्रेडेबल भी होता है जिस कारण इससे प्रदूषण का खतरा भी नहीं रहता है।

शोधपत्र में कहा गया है कि हाइड्रोजेल खेत की उर्वरा शक्ति को तनिक भी नुकसान नहीं पहुँचाता है और इसमें 400 गुना पानी सोख लेने की क्षमता होती है। शोधपत्र में कहा गया है कि एक एकड़ खेत में महज 1 से 2 किलोग्राम हाइड्रोजेल ही पर्याप्त है। हाइड्रोजेल 40 से 50 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी खराब नहीं होता है, इसलिये इसका इस्तेमाल ऐसे क्षेत्रों में किया जा सकता है, जहाँ सूखा पड़ता है।

शोधपत्र के अनुसार, खेतों में हाइड्रोजेल का एक बार इस्तेमाल किया जाये, तो वह 2 से 5 वर्षों तक काम करता है और इसके बाद ही वह नष्ट हो जाता है लेकिन नष्ट होने पर खेतों की उर्वरा शक्ति पर कोई नकारात्मक असर नहीं डालता है, बल्कि समय-समय पर पानी देकर फसलों और खेतों को फायदा ही पहुँचाता है।

हाइड्रोजेल) का इस्तेमाल उस वक्त किया जा सकता है जब फसलें बोई जाती हैं। फसलों के साथ ही इसके कण भी खेतों में डाले जा सकते हैं। हाइड्रोजेल के इस्तेमाल को लेकर कई प्रयोगशालाओं में व्यापक शोध किया गया है और इन शोधों के आधार पर ही यह शोधपत्र तैयार किया गया है।

शोधपत्र में कहा गया है कि मक्के, गेहूँ, आलू, सोयाबीन, सरसों, प्याज, टमाटर, फूलगोभी, गाजर, धान, गन्ने, हल्दी, जूट समेत अन्य फसलों में हाइड्रोजेल का इस्तेमाल कर पाया गया कि इससे उत्पादकता तो बढ़ती है, लेकिन पर्यावरण और फसलों को किसी तरह का नुकसान नहीं होता है।

Hydrogel (हाइड्रोजेल) कैसे काम करता है ?

हाइड्रोजेल अपने भार के मुकाबले 400 गुना से भी ज्यादा पानी को सोख सकते हैं. धीरे-धीरे जब इसके आसपास गर्मी बढ़ने लगती है, तो हाइड्रोजेल तेजी से पानी छोडना शुरू करता है.

यह सोखे गये जल का 95 फीसदी तक वापस छोड़ता है. पानी को छोड़ने की प्रक्रिया के दौरान यह रीहाइड्रेट होगा और इसे स्टोर करने के लिए इस प्रक्रिया को फिर से दोहराया जा सकता है. इस प्रकार यह प्रक्रिया दो से पांच सालों तक जारी रह सकती है, जिस दौरान बायोडिग्रेडेबल हाइड्रोजेल डिकंपोज होता रहेगा. यानी फसलों के लिए पानी की जरूरतों को पूरा करता रहेगा.

ये है दुनिया का सबसे मोटा कपल, प्यार की खुमारी में की ऐसी गलती कि मिनी ट्रक बराबर हो गया वजन

अमेरिका के मिसोरी में एक ऐसा कपल रहता है जिनका वेट मिलाकर एक मिनी कार के बराबर है। जी हां, 42 साल के ली और 39 साल की उनकी पार्टनर रेना का टोटल वेट 1256lbs (करीब 600kg) है। हैरानी की बात ये है की दोनों एक वेट लॉस क्लीनिक में एक दूसरे को दिल दे बैठे थे। लेकिन एक गलती ने इनकी जिंदगी बर्बाद कर दी। 10 साल पहले हुई थी मुलाकात…

 
  • ली औ रेना की मुलाकात लगभग दस साल पहले एक वेट लॉस क्लीनिक में हुई थी। दोनों अपने बढ़ते वजन से परेशान थे और इसे कम करने के लिए डॉक्टर्स के चक्कर काट रहे थे। हालांकि, तभी इनकी लाइफ में एक टर्निंग प्वाइंट आया।
  • क्लीनिक में मुलाकात के बाद दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और उन्हें प्यार हो गया। प्यार की खुमारी में दोनों ने वेट लॉस प्रोग्राम बीच में ही छोड़ दिया, जो उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित हुआ।

  • देखते-देखते दोनों का वजन बिजली की रफ्तार से बढ़ा। ली 324kg के और रेना 246kg की हो गईं। इससे इनका उठना-बैठना भी मुश्किल हो गया।
  • दोनों का मोटापा इस कदर बढ़ गया है कि इनकी जान पर खतरा बन गया है। ली अब बिस्तर पर ही पड़े रहते हैं। वहीं उनकी पार्टनर की हालत भी ठीक नहीं है। दोनों का ख्याल ली की बहन रख रही हैं।

हाल ही में एक टीवी चैनल पर इस कपल की लाइफ को दिखाया गया है। दोनों को इस बात का बेहद अफसोस है कि वे खुद का ख्याल भी नहीं रख सकते। अब अपने हाल पर हमें दया आती है, हमने खुद के साथ ऐसा क्यों कर लिया। अब सर्जरी से ही हमारी जान बच सकती है।

पशुओं के लिये बहुत उपयोगी ये नुस्खे, नहीं पड़ेगी डॉक्टर की जरूरत

फैट बढ़ाने का फार्मूला

पशु चारे के साथ 100 ग्राम कैल्शियम व 100 ग्राम सरसो का तेल तथा चुटकी भर काला नमक डालकर 7 दिन तक खिलाने से दूध में फेट बढ़ जाएगी ।

पशु को दस्त लगने पर

देसी आंकड़े के 10 फूल तोड़ कर एक रोटी में डालकर खिला देने से चार-पांच घंटे में दस्त ठीक हो जाएगा ।

पशु को हीट पर लाने का तरीका

  • 100ग्राम गुड पुराना वाला कम से कम एक साल पुराना हो..
  • 100 ग्राम सरसो का तेल..
  • 100 ग्राम कैल्शियम..

उपरोक्त तीनों चीजों को मिलाकर 18-20 दिन खिला दे जानवर हीट पर आ जाएगा पशुओं को क्रास या बीज डलवाने के बाद गुड व तेल बंद कर दें और कैल्शियम को ढाई सौ ग्राम जौ के दलिया के साथ पिलाएं

पशु की जड़ टूट जाने पर

1 किलो गुड़ वह साथ में 50 ग्राम अजवाइन 40 /50 आम के पत्तों को पांच लीटर पानी में खूब अच्छी तरह उबालो और उस पानी को ठंडा करके 100 ग्राम कैल्शियम डालकर पशु को पिला देने से आधे घंटे में जड़ बाहर फेंक देगा ।

पशु को चेक करने का फार्मूला

पशु ग्याबन है या नहीं जब पशु 40 – 45 दिन का गर्भ धारण किया हो जाए उस पशु का सुबह के टाइम का पहला पेशाब को कांच के गिलास में भरकर उसमें 2 बूंद सरसों के तेल की डाल दो अगर तेल की बूंद पेशाब पर बिखर जाती है तो पशु ग्याबन नहीं होगा और यदि तेल की बूंद पेशाब पर बनी रह जाती है तो पशु ग्याबन होगा ।

गैस अफारा के लिए

एक लीटर खट्टी छाछ में 50 ग्राम हींग व साथ में 20 ग्राम काला डालकर जानवर को पिलाए तथा सूती कपड़े को घासलेट में भिगोकर पशु को 4/5 मिनट तक सुघा देने से 15 /20 मिनट में ही अफारा उतर जाएगा ।

Post Office में खुलवाएं यह अकाउंट, मिलेगा 7.3% ब्याज

India Post द्वारा कई small saving schemes चलाई जा रही है। इसमें से एक मंथली इनकम स्कीम ( Monthly Income scheme, MIS ) भी शामिल है, जिसमें डाक विभाग द्वारा मैच्युरटी के वक्त 7.3 फीसदी की दर से ब्याज दिया जाता है। इस स्कीम के तहत आप मात्र 1500 रुपए के इन्वेस्टमेंट से अपना खाता खोल सकते हैं। आप यह पैसा कैश के अलावा चेक से भी जमा करा सकते हैं।

क्या होनी चाहिए उम्र

यह अकाउंट आप किसी भी उम्र में खुलवा सकते हैं, लेकिन यदि आप किसी नाबालिग के नाम से अकाउंट खुलवाते हैं और नाबलिग की उम्र यदि 10 साल से अधिक है तो वह खुद भी अकाउंट ऑपरेट कर सकते हैं , लेकिन 10 साल से कम है तो अभिभावक को यह खाता ऑपरेट करना होगा।

ब्याज दर

मंथली इनकम स्कीम के तहत यदि पोस्ट ऑफिस में पैसा जमा कराना शुरू करते हैं तो आपको 7.3 फीसदी सालाना ब्याज दर के मुताबिक ब्याज बढ़ना शुरू हो जाएगा और यह पैसा कम से कम 5 साल की अवधि के बाद मिलेगा।

क्या होगा मैक्सिमम इंवेस्टमेंट

जैसा कि हम आपको पहले बता चुके हैं कि आप यह अकाउंट 1500 रुपए के इन्वेस्अमेंट के तौर पर जाम करा सकते हैं, लेकिन अधिक से अधिक पैसा इस स्कीम में लगाना चाहते हैं तो इस स्कीम की तय शर्तों के मुताबिक आप सिंगल अकाउंट में 4.5 लाख से अधिक और ज्वाइंट अकाउंट में 9 लाख से अधिक इन्वेस्ट नहीं कर सकते।

प्री मैच्योर विदड्रॉल

अगर आप अपना अकाउंट बंद करना चाहते हैं तो आप ऐसा कम से कम 1 साल के बाद कर सकते हैं। लेकिन अगर आप 3 साल से पहले अकाउंट बंद कर अपना पैसा वापस चाहते हैं तो डाक विभाग आपके डिपोजिट का दो फीसदी काटकर पैसा लौटाएगा और अगर आप तीन साल के बाद पैसा वापस लेते हैं तो विभाग 1 फीसदी पैसा काट लेगा।

अन्य फीचर्स

जब अकाउंट खुलवाते हैं तो आप अपना नॉमिनी भी तय कर देते हैं। यह फैसिलिटी कुछ ही दिन पहले शुरू की गई है। इतना ही नहीं, आप डाकघर में भी बदलाव किया गया है। यानी कि अपना एमआईएस खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर में ट्रांसफर कर सकते हैं। सिंगल एमआईएस अकाउंट को ज्वाइंट अकाउंट में भी ट्रांसफर कर सकते हैं।

5वीं फेल दुल्हन शादी के 5वें दिन बोलने लगी फर्राटेदार अंग्रेजी, पती को हुआ शक, बाद में खुला ये बड़ा राज़

शादी के 5वें दिन पांचवी फेल दुल्हन की अंग्रेजी सुनकर दूल्हा और उसका परिवार हैरान रह गया। लड़के को समझ में आ गया कि उसके साथ धोखा हुआ है। मामला शाजापुर के सुनेरा थाना क्षेत्र का है। लुटेरी दुल्हन के मामले में पीड़ित युवक ने सोमवार को भास्कर के सामने अपने साथ हुई ठगी की पूरी कहानी सुनाई।

युवक के अनुसार- शिवानी उर्फ पूजा पर तो उसे शादी के तीसरे दिन ही शंका हो गई थी, क्योंकि जिसे पांचवीं फेल बताया था, वह पांचवें दिन अचानक फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने लग गई। अंग्रेजी सुनकर मैं कन्फ्यूज हो गया लेकिन धोखे की कहानी समझ में आ गई। सिर्फ बदनामी के डर से किसी को कुछ नहीं बताकर उसे घर में बंद कर दिया।

इसी दौरान 40 हजार रुपए लेकर पूजा को छुड़ाने आई शबाना मेरे ही खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने थाने पहुंच गई। इधर, सुनेरा पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच में शादी के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले बड़ी गैंग के होने की जानकारी सामने आई है।

घर के दरवाजे बंद किए, बाजार में खड़े पति ने पकड़ा

शिवानी उर्फ पूजा ने 22 जनवरी को शादी होने के बाद से पीड़ित युवक के घर से भागने की योजना बनानी शुरू कर दी थी। लेकिन युवक ने शंका होने पर उसे घर में बंद कर दिया। लेकिन 26 जनवरी को मौका पाते ही घर के दरवाजे बंद करके वो भाग गई। लेकिन जिस कार से वह भाग रही थी, उस पर फरियादी की नजर पड़ गई। उसने बाइक से दो किमी पीछा कर पकड़कर शिवानी को फिर से घर में बंद कर दिया।

शिवानी के बोलने का तरीका पढ़े-लिखे जैसा

पीड़ित युवक ने भास्कर को घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि मुझे तो शादी के चौथे ही दिन शिवानी पर शंका हो गई थी। क्योंकि मुझसे शादी के समय उसकी पढ़ाई पांचवीं फेल होना बताया था, लेकिन 22 जनवरी के बाद ही वह अंग्रेजी में बातें करने लगी। उसके बोलने का लहजा भी वेल एजुकेटेड युवतियों जैसा था।

तो फरियादी युवक होता आरोपी

बदनामी के डर से पीड़ित युवक ने तो बात छुपा ली थी, लेकिन आरोपी बने कुछ लोग फरियादी बनकर ही थाने पहुंच गए। यहां उन्होंने अपनी बेटी को बंधक बनाए जाने की शिकायत दर्ज कराई। हालांकि एसआई जूली रघुवंशी ने दोनों पक्षों से पूछताछ कर अलग-अलग बयान दर्ज किए तो मामला लुटेरी दुल्हन का निकला। जांच में यदि यह जानकारी सामने नहीं आती तो पीड़ित युवक ही आरोपी बन सकता था।

वियाग्रा ने बनाई ये नई पिल, बिना किसी साईड इफैक्ट के सिर्फ 5 मिनट में दिखती है असर

आमतौर पर सेक्सुअल प्रॉब्लम से परेशान पुरुषों को वियाग्रा खाने की सलाह दी जाती है. लेकिन कुछ युवा इसे शौकिया तौर पर भी लेते हैं. अब उन पुरुषों के लिए खुशखबरी है जो वियाग्रा का सेवन करते हैं. ब्रिटीश के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी नई वियाग्रा बनाई है जो कि पांच मिनट में अपना असर दिखाना शुरू कर देगी.

इस नई वियाग्रा को शोधकर्ताओं ने एरोक्जोन क्रीम की मदद से बनाया है.इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या से गुजर रहे लोगों के लिए वियाग्रा बेहद फायदेमंद है.आमतौर पर पुरुषों में उत्तेजना की कमी का कारण लिंग में ब्लड फ्लो ना होने के कारण होता है.

शरीर में ब्लड फ्लो को ठीक करने का काम वियाग्रा करती है.हालांकि ये नई वियाग्रा बेशक 5 मिनट में असर दिखाना शुरू हो जाएगी लेकिन ये सिर्फ 30 मिनट तक असरदार रहेगी. इसके बाद इसका इफेक्ट खत्म हो जाएगा. अभी तक जो वियाग्रा मौजूद हैं उनका असर चार घंटे से लेकर 36 घंटे तक रहता है.

जो कि वियाग्रा लेने वाले के लिए परेशानी का सबब बन जाता है. लेकिन ये नई दवा अब हर तरह की परेशानी दूर करेगी.इस दवा के लिए 230 ऐसे पुरुषों पर टेस्ट किए गए जिन्हें इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या थी. रिसर्च के नतीजों में पाया गया कि प्रतिभागियों में से 44 फीसदी पुरुषों पर दवा ने 5 मिनट में असर करना शुरू किया.

बाकी बचे हुए पुरुषों में से 70 फीसदी पर 10 मिनट में दवा का असर शुरू हो गया.अभी इस दवा पर और 1000 ऐसे ही पुरुषों पर टेस्टिंग चल रही है जिसके नतीजे जल्दी ही आएंगे. 2021 पर इस दवा के बाजार में आने के आसार हैं. इस नई वियाग्रा की कीमत 460 रूपए तक होगी.

इस देश में चार बच्चे पैदा करने वालों को सारी ज़िंदगी नहीं भरना पड़ेगा कोई भी टैक्स, 26 लाख का मिलेगा लोन

भारत और चीन जैसे देशों में जहां बढ़ती पॉपुलेशन एक बड़ी समस्या बनी हुई है, वहीं दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं जो अपने यहां घटती आबादी से परेशान है। यूरोपीय देश हंगरी (Hungary) भी ऐसी ही एक समस्या से जूझ रहा है।

इसे देखते हुए वहां की सरकार ने ज्यादा बच्चे पैदा करने वाली महिलाओं को बड़ी सौगात देने का ऐलान किया है। सरकार ने कहा कि बर्थ रेट में कमी और पलायन की समस्या को देखते हुए आबादी बढ़ाने के लिए कई ऐलान किए।

जीवन भर इनकम टैक्स से छूट

राष्ट्र को संबोधित करते हुए हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन ने 7 सूत्री उपायों की घोषणा की। इनके तहत कम से कम से 4 बच्चे पैदा करने वाली महिलाओं को जीवन भर के लिए इनकम टैक्स (income tax) माफ कर दिया जाएगा और बड़ी कारें खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा है कि अप्रवासी लोगों पर निर्भरता घटाने और हंगरी का भविष्य बचाए रखने का यही एक तरीका था।  गौरतलब है कि हंगरी की आबादी में हर साल 32 हजार की कमी आ रही है और यूरोपीय यूनियन के मुकाबले यहां की महिलाओं के बच्चों की औसत संख्या कम है।

मिलेगा 26 लाख रुपए का ब्याजमुक्त कर्ज

उपायों के तौर पर वहां के युवा जोड़ों को करीब 26 लाख रुपए का ब्याज मुक्त कर्ज दिया जाएगा। उनके तीन बच्चे होते ही यह कर्ज माफ कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ऑर्बन ने कहा कि यूरोपीय देश अप्रवासियों को कम जनसंख्या की समस्या के उपाय को रूप में देखते हैं।

उन्होंने कहा, ‘कम होते एक बच्चे के एवज में एक का आना जरूरी है और इस तरह से संख्या ठीक रहती है।’ उन्होंने कहा, ‘हंगरी के लोग दूसरी तरह से सोचते हैं। हमें संख्या की नहीं, नागरिकों की जरूरत है।’

ये हैं योजनाएं

  • अगले तीन साल के दौरान 21 हजार से ज्यादा नर्सरी (क्रेच) बनाए जाएंगे।
  • देश के हैल्थ सिस्टम पर अतिरिक्त 2.5 अरब डॉलर खर्च किए जाएंगे।
  • घरों पर सब्सिडी दी जाएगी।
  • सरकार उनकी मदद करेगी जो सात सीटों वाली गाड़ियां खरीदेंगे। सब्सिडी मिलेगी।

देश का सबसे बड़ा कैंसर हॉस्पिटल, यहां सिर्फ 10 रूपये में होगा इलाज

हरियाणा के झज्जर में आज देश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (National Cancer Institute) शुरू होने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुरुक्षेत्र से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसका उद्घाटन करेंगे.

बताया जा रहा है कि फिलहाल राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में 50 बेड की सुविधा शुरू की जा चुकी है. इस साल के अंत तक यहां 400 बेडों की सुविधा शुरू कर दी जाएगी. फिलहाल संस्थान की ओपीडी में 80 से 100 मरीजों को देखा जा रहा है.

राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के निदेशक डॉक्टर जीके रथ ने बताया कि दिल्ली के एम्स से भी यहां मरीज लाए जा रहे हैं. साल 2020 तक 500 बेड की सुविधा शुरू करने का लक्ष्य है. यहां मार्च से ऑपरेशन थियेटर और रेडियोथेरेपी की सुविधा भी शुरू हो जाएगी.

प्रोटोन थैरेपी से नष्ट होगा ट्यूमर…

गौरतलब है कि झज्जर में तैयार हुए देश के सबसे बड़े कैंसर संस्थान में प्रोटोन थैरेपी की भी व्यवस्था की गई है. यह ऐसी थैरेपी है जिसमें प्रोटोन बीम से मरीजों के कैंसर के ट्यूमर को नष्ट कर दिया जाता है. इसके लिए एम्स ने अत्याधुनिक मशीन का ऑर्डर भी दे दिया है. निजी अस्पतालों में इस मशीन से इलाज का खर्च 20 से 25 लाख रुपये तक जाता है.

केवल कैंसर कोशिकाओं को ही बनाता है निशाना…

बता दें कि प्रोटोन थैरेपी केवल कैंसर कोशिकाओं को ही निशाना बनाती है. जबकि आसपास की स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुंचता है. इससे शरीर के अन्य हिस्सों पर रेडिएशन का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है.

फीस महज 10 रुपये…

झज्जर के राष्ट्रीय कैंसर संस्थान की फीस महज 10 रुपये होगी. यह ओपीडी शुल्क होगा. पिछले माह ही इस संस्थान में ओपीडी सेवा शुरू की गई थी. फिलहाल एम्स से यहां मरीज रेफर किए जा रहे हैं.