इस मशीन के साथ शुरू करें बॉलपेन बनाने का बिज़नेस

पेन हर समय काम आने वाली चीज़ों में से एक है. घर से स्कूल और स्कूल से दफ्तर हर जगह इसकी आवश्यकता होती है. इसका व्यापार बहुत कम पैसे में शुरू किया जा सकता हैं. ख़ास कर बॉल पेन का इस्तेमाल हर क्षेत्र के लोगों में बहुत पसंद किया जाता है. बॉल पेन की सबसे ख़ास बात ये होती है कि इसकी स्याही जल्द से जल्द सूख जाती है. इन दिनों ‘यूज़ एंड थ्रो’ पेन का भी खूब इस्तेमाल किया जा रहा है. यूज एंड थ्रो पेन या बॉल पेन का उद्योग बहुत आसानी से अपने घर में शुरू किया जा सकता है.

बॉल पेन बनाने के लिए निम्नलिखित सामग्रियों की आवश्यकता होती है.

  • बैरल – बैरल पेन का वह हिस्सा होता है, जिसमे स्याही भरी जाती है. यह आपको 140 रूपये प्रति 250 पीस में मिल सकता है.
  • एडाप्टर – एडाप्टर बैरल और टिप के बीच का हिस्सा होता है. जोकि 4.5 रूपये प्रति 144 पीस मिल सकता है.
  • टिप – टिप पेन का वह हिस्सा होता है, जहाँ से लिखते समय स्याही नियमित रूप से बाहर आती है. यह आपको 28 से 35 रूपये प्रति 144 पीस में मिल सकता है.
  • ढक्कन – यह पेन को ढ़कने के लिए उपयोग किया जाता है. इसके ढक्कन की कीमत 25 रूपये प्रति 100 पीस है.
  • स्याही – यह पेन के लिए सबसे महत्वपूर्ण सामग्री है जोकि 120 से 400 रूपये प्रति लीटर में मिल सकती है.

पेन बनाने के लिए आवश्यक सामग्रियाँ कहाँ से ख़रीदें

पेन बनाने की चीज़े किसी बड़े होल सेल मार्किट में मिल सकती हैं. या इन्हें ऑनलाइन भी पाया जा सकता है, जो ये सारी चीज़े आप के घर तक पहुंचा देंगे. इसे ऑनलाइन मंगाने के लिए नीचे दिए गये वेबसाइट पर जायें.

पेन बनाने के लिए मशीनें

यह उद्योग शुरू करने के लिए कम से कम 200 वर्ग फिट जगह की आवश्यकता होती है. इस जगह में लगभग पांच मशीनें बैठाई जाती हैं. नीचे पांचों मशीनों के विषय में दिया जा रहा है.

  • पंचिंग मशीन : पंचिंग मशीन वह मशीन होती है जिससे बैरल में एडाप्टर सेट किया जाता है.
  • इंक फिलिंग मशीन : इंक फिलिंग मशीन की सहायता से बैरल में स्याही भरी जाती है.
  • टिप फिक्सिंग मशीन : टिप फिक्सिंग मशीन की सहायता से पेन के एडाप्टर में टिप लगाया जाता है, जो लिखने में सहायक है.
  • सेण्ट्रीफ्यूगिंग मशीन : इसकी सहायत से पेन के अन्दर स्याही भरते हुए रह गये अतिरिक्त हवा को पेन से निकाला जाता है

पेन बनाने के व्यापार के लिए कुल लागत

आम तौर पर सस्ते मशीन की कीमत 25,000 रूपए हैं, ये मशीनें छोटा व्यापार शुरू करने के लिए ठीक है. इसे कई बड़ी हार्डवेयर दूकानें बेचती हैं. इसे ऑनलाइन मंगाने के लिए निम्न वेबसाइट देख सकते हैं :

https://dir.indiamart.com/impcat/ball-pen-making-machine.html

उपरोक्त सभी चीज़ों को लेकर पहली बार पेन बनाने के व्यापार को स्थापित करने के लिए 30 से 40 हज़ार रूपए तक लग सकते हैं. इन 40 हज़ार रुपये में 25 हज़ार सिर्फ मशीन के हैं. अतः ये अनुमान लगाया जा सकता है कि यदि एक बार मशीन बैठा लिया जाए तो, कम से कम पैसे लगा कर यह व्यापार चलाया जा सकता है. इसके अलावा यदि आप बड़ा व्यापार शुरू करना चाहते हैं तो इसके लिए ऑटोमेटिक मशीन की आवश्यकता होती है जोकि आपको 4 लाख रूपये तक मिल सकती है. इसके लिए कुल लागत इससे ज्यादा भी हो सकती है.

पेन बनाने की प्रक्रिया

  • पेन बनाने की प्रक्रिया आसान और अल्प सामायिक है. यहाँ इस प्रक्रिया का पूर्ण विवरण दिया जा रहा है.
  • सबसे पहले बैरल को पंचिंग मशीन में लगाना होता है. इस मशीन में पहले से एडाप्टर लगे हुए होते हैं. बैरल एडाप्टर को देखते हुए सही जगह लगाकर पंच करते ही बैरल में एडाप्टर सेट हो जाता है.
  • एडाप्टर सेट हो जाने के बाद बैरल में स्याही भरने की प्रक्रिया आती है. स्याही भरने के लिए इंक फिलिंग मशीन का इस्तेमाल होता है. इंक फिलिंग मशीन में पहले से स्याही भरी हुई होती है. स्याही भरते समय इस बात का ध्यान रखना ज़रूरी है कि स्याही बैरल की साइज़ के अनुसार भरी जाए. अधिक स्याही भरने से वह बाहर भी आ सकती है जिससे पेन की क्वालिटी पर भी असर पड़ सकता है.
  • इसके बाद बैरल की ऊपरी छेद पर हाथ लगाकर रखें, फिर उसे टिप फिक्सिंग मशीन में लगाया जाता है. इस मशीन की सहायता से स्याही भरे बैरल में टिप लगाया जाता है. इसके बाद ये बैरल पेन में बदल जाता है.
  • इसके बाद इस पैन को सेंट्रीफ्यूगिंग मशीन में डाला जाता है जिससे इसके अंदर की अतिरिक्त हवा बाहर निकल जाए.
  • अब इस पेन का इस्तेमाल लिखने के लिए आराम से किया जा सकता है. इसी तरह आप मशीनों की मदद से अधिक संख्या में पेन बना सकते हैं और अपने ब्रांड का पेन बाज़ार में उतार सकते हैं.

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