50 हजार रुपए हैं आपके पास तो लगाएं बैटरी वाटर प्‍लांट

पिछले कुछ सालों में बैटरी वाटर की डिमांड लगातार बढ़ रही है। वाहनों और इन्‍वर्टर में लगी बैटरियों में कुछ महीनों के अंतराल में पानी डालने की जरूरत होती है। यह पानी अलग तरह का होता है। यह बैटरी वाटर ऑटोमोबाइल मार्केट के अलावा लगभग हर रेसिडेंशियल मार्केट में बिकता है।

ऐसे में, शहरों में बैटरी वाटर मैन्‍युफैक्‍चरिंग प्‍लांट भी लग रहे हैं। अगर आप भी कोई ऐसा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, जिसे लगाने में ज्‍यादा पैसा खर्च नहीं होता तो आप बैटरी वाटर मैन्‍युफैक्‍चरिंग प्‍लांट लगा सकते हैं।

बिजनेस में संभावना को देखते हुए सरकार प्रधानमंत्री इम्‍प्‍लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम के तहत इस प्रोजेक्‍ट़़ को लोन भी देती है। आज हम आपको इस पूरे प्रोजेक्‍ट के बारे में बताएंगे, ताकि आप इस प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के आधार पर लोन लेकर अपना बिजनेस शुरू कर सको।

कितना आएगा खर्च

सरकार के मॉडल प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के मुताबिक, अगर आपके पास लगभग 50 हजार रुपए हैं तो आप बैटरी वाटर प्‍लांट लगा सकते हैं, क्‍योंकि इस पूरे प्रोजेक्‍ट की कॉस्‍ट 4 लाख 70 हजार रुपए है और प्रधानमंत्री इम्‍प्‍लॉयमेंट जतरेशन प्रोग्राम के तहत आप लोन भी ले सकते हैं। इस प्रोग्राम के तहत 90 फीसदी लोन केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता है।

यह है प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट

इक्‍वीपमेंट ( हॉट एयर ब्‍लॉवर, प्‍लास्टिक ड्रम, वाटर लिफ्टिंग पंप, हार्डनेस टेस्टिंग किट, पीएच मीटर, सेमीऑटोमैटिक फिलिंग मशीन, 1 एचपी मोटर, क्‍वालिटी कंट्रोल इक्‍वीपमेंट) पर लगभग 2 लाख 25 हजार रुपए का खर्च आएगा। जबकि आपको लगभग 2 लाख 45 हजार रुपए की वर्किंग कैपिटल की जरूरत पड़ेगी। जिससे आपके प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट 4 लाख 70 हजार रुपए हो जाएगी।

कितनी होगी इनकम

प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोजेक्‍ट शुरू होने के बाद एक साल के दौरान आपको लगभग 9 लाख रुपए के रॉ-मैटेरियल की जरूरत पड़ेगी। इस तरह आपकी कॉस्‍ट ऑफ प्रोडक्‍शन 14 लाख 70 हजार रुपए आएगी।

एक साल में आप 250 किलोलीटर बैटरी वाटर का प्रोडक्‍शन करेगा और इसे बेचकर आपको 16 लाख रुपए मिलेंगे। इस आपको लगभग 1 लाख 29 हजार रुपए की इनकम होगी।

मिलेगी 25 फीसदी तक सब्सिडी

अगर आप इस प्रोग्राम के तहत लोन लेते हैं तो आपको 25 फीसदी तक सब्सिडी भी मिलती है। शहरी क्षेत्रों में 15 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र में 25 फीसदी सब्सिडी दी जाती है, जबकि स्‍पेश्‍ल कैटेगिरी के लोगों को 25 व 35 फीसदी सब्सिडी दी जाती है।