मुकेश अंबानी जिस होटल में देने जा रहे है बेटी की शादी की प्री-वेडिंग पार्टी, आइए जानते हैं कैसा है ये होटल

मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी की शादी 12 दिसंबर को मुंबई में होने वाली है। हालांकि शादी से पहले प्री-वेडिंग पार्टी उदयपुर में होगी। इसके लिए 8-10 दिसंबर तक के लिए होटल ओबेरॉय उदयविलास को बुक किया गया है।

आइए जानते हैं कैसा है ये होटल

  • होटल ओबेरॉय उदयविलास करीब 50 एकड़ में फैला है। इसे इसकी सुंदरता के लिए 2015 में दुनिया के बेस्ट होटल में रखा जा चुका है।
  • इसका आर्किटेक्चर राजस्थानी संस्कृति की झलक दिखती है। ऐसा माना जाता है कि इसका निर्माण उसी जगह हुआ है जहां मेवाड़ के महाराणा करीब 200 साल पहले शिकार किया करते थे। इसका 40 प्रतिशत हिस्सा वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी में आता है। इसमें कुल 87 कमरे हैं, 1 कोहिनूर सुइट और 4 लग्जरी सुइट हैं।

  • पिछोला झील के किनारे बने इस होटल में तीन रेस्त्रां, दो पूल और लग्जरी स्पा है। साथ ही सभी कमरे फ्री वाई-फाई से लेस हैं।
  • सुंदर गलियारों, फव्वारों और गार्डन वाले होटल ओबेरॉय उदयविलास की उदयपुर रेलवे स्टेशन से दूरी करीब 6 किमी. है। उदयपुर एयरपोर्ट से ड्राइव करते हुए इस 5 स्टार होटल तक सिर्फ 45 मिनट में पहुंचा जा सकता है।

बेटी की जगह मां को पहनना पड़ा दुल्हन का लिबास, जानिए ऐसा क्या हुआ

बाल विवाह जैसे सामाजिक प्रथा के खिलाफ भले ही बुलंद आवाज उठाई जा रही हो लेकिन अभी भी ये प्रथा पूरी तरह बंद नहीं हुई है। लड़के और लड़की की शादी की उम्र भले ही कानूनी रूप से तय हो लेकिन फिर भी इस तरह के मामले सामने आ जाते हैं जहां नियम-कानून को तोड़ा जा रहा हो। कुछ ऐसा ही राजस्थान के बांसवाड़ा में हुआ।

बांसवाड़ा के रहने वाले एक प्रेमी जोड़े का प्यार शादी तक नहीं पहुंच पाया क्योंकि उनकी उम्र शादी के लायक नहीं थी लेकिन इस शादी को पूरा करने की और गिरफ्तारी से बचने की भरसक कोशिश हुई। इस प्रेमी जोड़े ने अपने परिवारवालों को शादी के लिए राजी तो कर लिया

लेकिन शादी के ही दिन जैसे ही चाइल्ड लाइन के पास यह खबर पहुंची को अधिकारी शादी रूकवाने पहुंच गए। दूल्हा तो खेत में भाग गया, वहीं इसे घटना को दबाने और अधिकारियों को धोखा देने के लिए दुल्हन की मां ने शादी का जोड़ा पहना और ऐसे जताया कि जैसे वही दुल्हन है। हालांकि सच सामने आ गया और शादी रोक ली गई।

यह घटना चित्र डुंगरी में हुई जहां 16 साल की लड़की की शादी घलकीया गांव के 20 साल के लड़के से की जा रही थी। रस्में चल रही थी तभी एकीकृत बाल विकास योजना की टीम पहुंची। गिरफ्तारी से बचने के लिए दूल्हे ने अपने साफा फेंका और खेतों की तरफ भाग गया। लड़की की मां ने दुल्हन की तरह खुद को पेश किया लेकिन सच छुप न सका।

इतनी छोटी क्यों होती हैं लड़कियों की जींस की पॉकेट? जानिए यह खास वजह

आप अपनी जींस की पॉकेट में क्या-क्या सामान रख लेती हैं. एक मोबाइल और ज़्यादा से ज़्यादा एक पेन. क्या मोबाइल भी पूरी तरह पॉकेट में आ पाता है? ग़ौर करेंगी तो मोबाइल आपकी पॉकेट से झांकता हुआ दिखाई देता है और दो मोबाइल रखने के बारे में तो आप सोच भी नहीं सकतीं.

वहीं अगर हम लड़कों की जींस की पॉकेट देखें तो उसका साइज़ इतना बड़ा होता है कि दो मोबाइल तक एक साथ आ जाते हैं. पीछे की पॉकेट में वो बड़ा सा पर्स भी रख लेते हैं. जबकि लड़कियों की जींस की पीछे की पॉकेट में कुछ पैसे रखने पर भी वो चलते-चलते खिसककर बाहर आने लगते हैं.

लड़कियां करें भी तो क्या

अगर लड़कियों को छोटी पॉकेट नहीं चाहिए तो वो क्या कर सकती हैं. उनके पास कितने विकल्प मौजूद हैं.  लीवाइस, पेपे, फ्लाइंग मशीन और ली जैसे ब्रांड में लड़कियों के लिए जींस की अलग-अलग कैटेगरी होती है. किसी कैटेगरी में छोटी पॉकेट, किसी में पॉकेट दिखती है पर होती नहीं तो किसी में पॉकेट ही नहीं होती.

क्या हैं कारण

फै़शन डिज़ाइनर लड़कियों और लड़कों की जींस में पॉकेट के इस अंतर से सहमति जताती हैं. वह लड़कियों को लेकर बाज़ार की धारणा को इसकी वजह बताती हैं.

वह कहती हैं, “आमतौर पर देखा जाए तो बहुत कम ब्रांड्स और डिज़ाइनर लड़कियों के कपड़ों में पॉकेट देते हैं. क्योंकि उन्हें ये लगता है कि महिलाएं फ़िगर को लेकर ज़्यादा चिंता करती हैं. अगर वो ट्राउज़र्स में ज़्यादा पॉकेट देंगे तो उनका कमर के आसपास का हिस्सा ज़्यादा बड़ा लगेगा और महिलाएं इसे पसंद नहीं करेंगी.”

“फै़शन अपनी जगह है लेकिन पॉकेट की ज़रूरत हमेशा रहती है. आप समझौता कर लेते हैं वो एक अलग बात है. मोबाइल या पर्स रखने के लिए पॉकेट चाहिए होती है. इससे आप ज़्यादा एक्टिव और फ्री भी महसूस करते हैं.”

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठा मसला

ये मामला सिर्फ़ भारत का ही नहीं है बल्कि कई देशों में महिलाएं इस भेदभाव को महसूस कर रही हैं. महिलाओं की जींस के पॉकेट साइज़ को लेकर विदेशों में भी रिसर्च की गई है. पुडिंग डॉट कॉम वेबसाइट ने जींस के 20 अमरीकी ब्रांड्स पर शोध किया और उसने नतीजों में महिला और पुरुष की जींस की पॉकेट में अंतर पाया.

पीछे की पॉकेट्स की बात करें तो वो भी छोटी होती हैं लेकिन उनमें अंतर कम होता है. जब लड़कियों से इस बारे में बात की गई तो अधिकतर ने बताया कि वो इस अंतर को महसूस तो करती हैं लेकिन चलन में होने के कारण स्वीकार भी कर लेती हैं.

17 घंटे तक लगातार हंस रहा था 2 साल का बच्चा,वजह जानकर उड़ गए माँ-बाप के होश

इंग्लैंड के सोमरसेट में रहने वाला एक कपल तब दंग रह गया जब अचानक उनके बच्चे की हंसी रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। 42 साल के एड और उनकी 32 साल की वाइफ जेमा ने बताया कि उनका बेटा जैक दिन भर हंसता रहता था।

शुरुआत में उन्हें लगता था कि ये उसका नेचर है और वो भी उसकी हंसी का मजा लेते थे। लेकिन एक दिन करीब 17 घंटे तक उसकी हंसी नहीं रुकी, जिसके बाद उन्हें समझ आ गया कि जरूर कुछ गड़बड़ है।

  •  जब डॉक्टर ने बच्ची का सीटी स्कैन किया तो पाया कि बच्चे की हंसी के पीछे एक ब्रेन ट्यूमर था, जो दिमाग में हलचल पैदा कर रहा था। इससे बच्चे को epileptic seizures यानी हंसी के दौरे आ रहे थे। डॉक्टर ने पाया कि अगर उस ट्यूमर को तत्काल नहीं हटाया जाता, तो बच्चे की कभी भी मौत हो सकती थी।

10 घंटे लगातार चला ऑपरेशन

  • बच्चे के दिमाग में ट्यूमर शुरुआती स्टेज में था, जिसे हटाने के लिए ऑपरेशन शुरू किया गया। डॉक्टर्स की टीम ने मिलकर सर्जरी की और करीब 10 घंटे बाद ट्यूमर को बाहर निकाल लिया गया। चमत्कारिक रुप से बच्चे को आने वाली हंसी के दौरे ऑपरेशन के बाद बंद हो गए।

हजार में से एक बच्चे को हो सकती है ये बीमारी

  • डॉक्टर ने बताया कि ये बीमारी रेयर है, जो कि हजार में से एक बच्चे को होती है। इसमें दिमाग की वजह से शरीर में अचानक ऊर्जा का बहाव होता है, जो अचानक हंसी या आंसुओं के रूप में निकलती है। 2 साल के जैक की मां ने कहा, ”हमें शुरुआत में लगता था कि हमारा बच्चा काफी हंसमुख है। वो हमेशा खुश रहता है, लेकिन जब उसकी हंसी रुकना बंद हो गई, तब हमें लगा था कि उसे कुछ तकलीफ है। हमें बाद में बहुत दुख हुआ, क्योंकि जिसे हम अपनी हंसी समझ रहे थे वो उसकी तकलीफ थी”

अगर किस्मत पर भरोसा नहीं करते हो तो एक बार जरूर देखें ये 9 तस्वीरें

आपने वो कहावत तो सुनी ही होगी के ‘अगर किस्मत खराब हो तो उठ ओअर बैठे इंसान को भी कुत्ता काट लेता है.’लेकिन वही दूसरी ओर अगर आप किस्मत के धनी है तो चाह कर भी आपके साथ कुछ बुरा नहीं हो सकता. यहाँ तक की आप बड़ी से बड़ी मुसीबत से भी आसानी से निकल जाएंगे.

आज हम आपके लिए जो तस्वीरें लाए हैं उनको देखने के बाद आप उनकी तारीफ करना नहीं भूलेंगे और इनकी किस्मत की दाद जरूर देंगे.

  • अगर ये पेड़ गाड़ी की दूसरी तरफ की बजाय गाड़ी के ऊपर गिर जाता तो इसके अंदर बैठे शख्स का जिंदा बचना बहुत मुश्किल होता. अब अगर इसे उस व्यक्ति कि किस्मत नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे?

  • करोड़ों की कार और इतनी बुरी तरह ठुकने के बाद एक खरोच तक ना आना, सही में इस गाड़ी के मालिक ने जरूर कुछ ना कुछ अच्छे कर्म किए होंगे जो उसकी कार सही सलामत बच गई.

  • कोई इस बंदे की किस्मत तो देखो गाड़ी 100 फीट हवा में होने के बाद भी गाड़ी और बंदा दोनों बच गए.

  • अब अगर आपको लग रहा है की ऊपर वाला बंदा तो वाक्य बेहद किस्मत वाला था तो अब जरा इसे ड्राईवर पर नजर डालिए और देखिए की ये कितनी किस्मत से बाल-बाल बचा है.

  • इस तस्वीर में आप देख सकते हैं की पेड़ भी कितनी सावधानी से गिरे हैं, एक गाड़ी के आगे तो एक गाड़ी के पीछे.

  • जरा इस लड़के कि एड़ियों पर नजर डालिये इसे कहते हैं बाल-बाल बचना. अगर कील जरा सी भी इधर की उधर हो जाती तो लड़के का पैर खूनम-खून हो जाता.

  • इस फोन के मालिक ने जरूर भगवान के आगे हाथ जोड़ के थांक्स बोला होगा और मिठाई बाटी होगी.

  • जरा सोचिये चाबी का गुच्छा जरा सा भी हिल जाता तो क्या होता, शायद इस शख्स को घर जाके अपने सभी ताले तोड़ने पड़ते.

  • खैर इन सब को छोड़िये इन जनाब को देखिए इन्हें देखकर आपको जलन तो हो ही रही होगी.

साइंस एक्सपेरिमेंट की गलती का नतीजा है ये जीव ? सांड को बना दिया बॉडी बिल्डर

ऑस्ट्रेलिया में एक 6 फीट 4 इंच के सांड की फोटो के बाद अब इस बॉडी बिल्डर सांड के फोटोज तेजी से वायरल हो रही है। इस सांड के अद्भुत मसल्स देखक हर कोई हैरान है। दावा किया जा रहा है कि ये ब्रीड अपने आप ही इस तरह पैदा हो रही है। वहीं एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये किसी साइंस एक्सपेरिमेंट की गलती का नतीजा हो सकते हैं।

  • इस बॉडी बिल्डर सांड को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। लोग इस ब्रीड की जमकर तारीफ कर रहे हैं। हालांकि, दूसरी ओर एनिमल राइट एक्टिविस्ट इसे जानवरों से अत्याचार बता रहे हैं।
  • कहा जा रहा है कि इस तरह जानवरों को बड़ा और फुल मसल का बनाने के लिए गलत सलत एक्सपेरिमेंट किए जा रहे हैं। ऐसे में जानवर बढ़ तो जाते हैं पर उन्हें कई जानलेवा बीमारी हो जाती हैं, जो इंसानों के लिए भी खतरनाक है।
  • एक शख्स ने कहा, इस सांड के हर बॉडी पार्ट में मसल दिख रहे हैं। ये स्टेरोइड के बिना नहीं हो सकता। क्या ये लीगल है? अगर है, तो ये बेहद दुख है।

जानवरों को सब्जी मत समझो

  • मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि सब्जियों की तरह अब जानवरों को भी इंजेक्शन देखकर जबरन बढ़ाया जा रहा है। जिस तरह सब्जियों में दवाईयों का छिड़काव करके उनकी पैदावर बढ़ाई जाती है उसी तरह इन जानवरों को हैवी स्टेरोइड दिए जा रहे हैं।

बेलजियन ब्रीड के हैं सांड

  • इस सबसे हटकर दावा किया जा रहा है कि ये बेलजियन ब्रीड के सांड हैं, जो जन्म से ऐसे ही होते हैं। लेकिन बेलजियन ब्रीड को जेनेटिक म्यूटेशन की वजह से कई तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ता है। ऐसे सांडों की उम्र भी घट जाती है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर बेलजियन ब्रीड के ही हैं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

Switzerland के बारे में 18 रोचक बातें जो इसे बनाती हैं दुनिया का स्वर्ग

स्विट्जरलैंड दुनिया की सबसे खूबसूरत जगह में से एक हैं, अगर धरती पर जन्नत की बात करें तो सबसे पहले नाम इसी देश का आएगा. यहां पर हर कोई हनीमून मनाने जाना चाहता हैं मगर क्या आप स्विट्ज़रलैंड के बारे में यह 18 रोचक तथ्य जानते हैं ?

1. Switzerland के राष्ट्रपति हर साल बदलते हैं.

2. Switzerland की आर्मी के चाक़ू का रंग लाल होता हैं. ताकि वह बर्फ में भी आसानी से मिल सके.

3. Switzerland में 1500 से भी ज़्यादा झीले हैं और देश का 70% हिस्सा पहाड़ो से ढका हुआ हैं.

4. Switzerland की 60 प्रतिशत बिजली हाइड्रोइलेक्ट्रिक पॉवर से बनती हैं.

5. Switzerland की अपराध दर (Crime Rate) सबसे कम मानी गई हैं.

6. Switzerland में दांतो के डाॅक्टरो से ज्यादा तो बैंक हैं.

7. Switzerland में करीब 87% लोग शिक्षित (Educated) हैं.

8. Switzerland में सबसे महँगी जॉब एक शिक्षक की होती हैं. और छुट्टियां भी शिक्षकों को सबसे ज़्यादा मिलती हैं.

9. स्विट्जरलैंड में अगर आपको साइकल चलाना हैं तो आपको एक बीमा स्टीकर जरूर खरीदना पड़ेगा.

10. Switzerland चॉकलेट एक्सपोर्ट करने वाले टॉप देशो में से एक हैं.यहाँ पर करीब 1,72,000 टन से भी ज़्यादा चॉकलेट हर साल बनाई जाती हैं.

11. 1972 में दुनिया का पहला “Portable Cassette Player” Switzerland में ही टेस्ट हुआ था.

12. दुनिया में सबसे ज़्यादा Soft drinks की खपत्त Switzerland में ही होती हैं.

13. आपको शायद ही पता होगा कि Switzerland में आप गाय को किराए पर भी ले सकते हैं.

14. अगर Switzerland का किसी देश के साथ युद्ध हो जाए तो मिनट से पहले वो अपने Highways को हवाई पट्टियों में बदल सकता हैं.

15. 2010 में Switzerland में मास्टरों की सैलरी $1,20,000 डाॅलर थी.

16. Switzerland में बहुत ज्यादा काला धन जमा हैं और 23% बैंक अकाउंट विदेशियों के हैं.

17. Switzerland का विज्ञान दिवस, Dr. APJ Abdul Kalam को समर्पित हैं.

18. चार्ली चैपलिन (Charlie chaplin) ने अपनी जिंदगी के आखिरी 25 साल Switzerland में ही बिताए थे.

गंजे सिर पर भी अब दोबारा आ सकेंगे बाल! वैज्ञानिकों ने की खोज

खूबसूरती को बढ़ाने और सुंदर दिखाने में बाल अहम भूमिका निभाते हैं. यही कारण है कि सुंदर दिखने की चाह रखने वाली हर लड़की, महिला और पुरुषों के लिए बालों को स्वस्थ रखना जरूरी होता है. लेकिन अफसोस इस बात का है कि बढ़ती उम्र के साथ-साथ लोगों के सिर के बाल धीरे-धीरे उनका साथ छोड़ने लगते हैं.

आप भी अगर झड़ते बालों की समस्या से दुखी हैं, तो अब ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हाल ही में एक स्टडी में दावा किया गया है कि अब गायब हुए बालों को लोग दोबारा से पा सकेंगे.न्यू यॉर्क स्कूल ऑफ मेडिसिन ने बाल झड़ने और गंजा होने की समस्या का हल दिमाग में Sonic Hedgehog Pathway को ऐक्टिवेट कर निकाला है.

स्टडी की रिपोर्ट के मुताबिक, जब बच्चा मां के गर्भ में होता है तो उस समय Sonic Hedgehog सबसे ज्यादा एक्टिव होता है और बालों की जड़ के आस-पास की कोशिकाओं और ऊतकों का निर्माण होता है. लेकिन जख्मी त्वचा या उम्र बढ़ने के साथ इसका निर्माण रुक जाता है

ये स्टडी चूहे पर की गई है, जिसमें चूहे की डैमेज स्किन और फाइब्रोब्लास्ट नाम की कोशिकाओं की जांच की गई है. इन कोशिकाओं से कोलेजन निकलता है. बता दें, कोलेजन एक तरह की प्रोटीन होती है, जो स्किन और बालों के आकार और मजबूती को कायम रखने में मदद करता है.

वैज्ञानिकों को अब तक लगता था कि डैमेज हो चुकी स्किन में कोलेजन बनने की वजह से बालों की ग्रोथ रुक जाती है लेकिन नई स्टडी ने वैज्ञानिकों की इस बात को गलत साबित कर दिया है. बालों के बढ़ने और झड़ने के पीछे कोशिकाएं जिम्मेदार होती हैं. जब शिशु मां के गर्भ में होता है तो उस वक्त ये कोशिकाएं सबसे ज्यादा एक्टिवेट होती हैं, लेकिन उम्र के साथ कमजोर पड़ने लगती हैं.

स्टडी के नतीजों में पाया गया कि Sonic Hedgehog के जरिए बालों को तीन गुना जल्दी बढ़ाया जा सकता है. बाल बढ़ाने वाली दवाइयों को बनाने में ये स्टडी बेहद काम आएगी. ऐसा करने से अच्छे नतीजे सामने आए. इस स्टडी का उद्देश्य मजबूत और बढ़ते बालों के लिए नई दवाइयों का बनाना है.

भारत के इस शहर से दुबई तक बीच पानी के नीचे चलेगी ट्रेन

भविष्य में भारत से दुबई का सफर आसान होने वाला है। मुबंई से बीच पानी के नीचे ट्रेन चलाने पर विचार किया जा रहा है। इस अंडरवॉटर रेल योजना से ना सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि दोनों देशों के बीच कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा ।

दुबई के एक अखबार के मुताबिक, अबू धाबी में यूएई-इंडिया कॉनक्लेव के दौरान नेशनल एडवाइजर ब्यूरो लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ कंसल्टेंट अब्दुल्ला अलशेही ने इसका खुलासा किया है। हाइपरलूप और ड्राइवरलेस फ्लाइंग कार के बाद यूएई भविष्य के भारत से संबंधित इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर विचार कर रहा है।

रेल नेटवर्क करीब 2000 किलोमीटर का होगा

अगर सबकुछ ठीक रहा तो भविष्य में आप ट्रेन में बैठकर समुद्र के नीचे से इस अंतरराष्ट्रीय सफर का अनुभव ले सकते हैं। भारत से दुंबई के बीच रेल नेटवर्क करीब 2000 किलोमीटर का होगा फिलहाल इस पर विचार चल रहा है।

इससे कई देशों को फायदा होगा

अलशेही कंसल्टेंट फर्म नेशनल अडवाइज ब्यूरो लिमिटेड के फाउंडर हैं। उन्होंने यूएई-इंडिया कॉनक्लेव के दौरान कहा, ‘अभी हम इस प्रोजेक्ट पर विचार कर रहें हैं। हम भारतीय शहर मुंबई को फूजेरा के साथ पानी के नीचे तेज गति वाले रेल नेटवर्क से जोड़ना चाहते हैं।

इससे दोनों देशों में कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। भारत को तेल का निर्यात किया जाएगा और नर्मदा से अतिरिक्त पानी का आयात किया जाएगा।’ उन्होंने यह कहा, इससे ना सिर्फ दुबई और भारत को बल्कि अन्य देशों को भी फायदा होगा।

स्टडी की जाएगी

दुबई से मुंबई के बीच अंडरवॅाटर रेल प्रोजेक्ट पर स्टडी किया जाएगा। अगर सबकुछ ठीक रहा तो इस पर काम शुरू होगा। दुनियाभर में इस तरह के कई प्रोजेक्ट है जिसकर काम चल रहा है।

सिर में धंसा चाकू लेकर साइकिल चलाकर हॉस्पिटल पहुंचा ये शख्स, इस वजह से बच गई जान

साउथ अफ्रीका के केपटाउन में एक शख्स का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां रहने वाले 24 साल के शॉन वेन पर कुछ दो लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया था।

उसकी साइकिल चुराने के लिए इनमें से एक शख्स ने उसे चाकू मारी जो उसकी खोपड़ी में घुस गई। ये देख हमलावर भाग खड़े हुए। लेकिन उसके बाद जो हुआ वो देखकर पूरा शहर हैरान रह गया। साइकिल उठाई और हॉस्पिटल चल दिया…

  • सिर में चाकू घुंसने से शॉन लहूलुहान हो गया था। लेकिन इसके बावजूद उसने अपनी साइकिल उठाई और 1 किलोमीटर चलाते हुए पास ही के एक हॉस्पिटल पहुंच गया।

रिसेप्शनिस्ट की आंखें फटी रह गई।

  • हॉस्पिटल में साइकिल रखने के बाद शॉन अंदर पहुंचा तो वहां रिशेप्शनिस्ट देखती रह गई। वहां मौजूद पेशेंट्स और उनके परिवार के लोग दंग रह गए। शॉन ऐसे खड़ा था मानो कुछ हुआ ही नहीं, उसने शांत होकर पूछा क्या डॉक्टर साहब हैं क्या?
  • डॉक्टर वेंटर ने कहा, हम उसे देखकर हैरान थे। उसके सिर में एक छह इंच का चाकू घुसा था और वो खड़ा होकर हमसे ऐसे बात कर रहा था, जैसे कुछ हुआ ही ना हो। हमने ऐसा मामला कभी नहीं देखा।

इस वजह से बच गई जान

  •  एक्स-रे हैरान करने वाला था शॉन को जब चाकू मारी गई तो किस्मत से चाकू ठीक उस स्पॉट पर पड़ी जहां ठोस हड्डी थी। हड्डी से टकराकर चाकू स्लिप हो गई और खोपड़ी के ऊपर हिस्से में धंस गई। इसी वजह से उसकी जान बच गई।
  • शॉन का मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उन्हें आयरनमैन कह रहे हैं।