राजस्थान में क्या सच में पिता ने सरेआम बच्चे की बलि दे दी?

सोशल मीडिया पर कुछ फोटोज और एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें एक बच्चे का कटे हुए सिर को किसी अर्थी पर ले जाया जा रहा है. साथ में पूरी भीड़ चल रही है. एक आदमी आगे तलवार लेकर चल रहा है जिस पर खून लगा हुआ है.

वीडियो के साथ में लिखा है कि राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के गंगापुर थाना क्षेत्र के खाकरा गांव में एक बच्चे की बलि दी गई. दी विलेज न्यूज़ नाम के एक पेज ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा-

घटना: राजस्थान भीलवाड़ा जिले में एक मासूम बालक की बलि चढ़ा कर जुलूस निकाला गया… बालक का चेहरा देखकर आपको रोना आ जायेगा…

फेसबुक पर वायरल हो रहा वीडियो.

राजस्थान के भीलवाड़ा में मासूम बच्चे की बलि दे दी भीड़ ने। इन अंधविश्वासियों से कोई पूछे, इस बेचारे बच्चे का क्या कसूर था

सच्चाई क्या है?

इस घटना की सच्चाई जानने के लिए हमने भीलवाड़ा में इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार दिविर जोशी से बात की. उन्होंने बताया-

यह ऐसी कोई घटना नहीं है बल्कि थाना गंगापुर के खाकरा गांव में हर साल की तरह इस साल भी नवरात्रि के दिनों में जादू और करतब से गांववालों का मनोरंजन करने के लिए नाटकीय रूप से जुलूस निकाला गया था. इसमें किसी बच्चे की बलि नहीं दी गई है.

यह जुलूस हर नवरात्रि में मां चामुंडा के मंदिर से शुरू होता है जिसमें मुख्य रूप से गले में छुरा डालना, पेट में छुरा डालना, गले का कटा हुआ होना, तलवार की नोक पर पत्थर का उडना जैसे करतब किए जाते हैं. इसे देखने आसपास के हजारों लोग देखने आते हैं. इस प्रोग्राम के लिए ये गांव फेमस है. इस बच्चे का नाम भावेश जोशी है. ये जिंदा है. बस करतब दिखाने के लिए ऐसा किया गया. तलवार और उस पर लगा खून नकली है.

भीलवाड़ा पुलिस ने भी ट्विटर पर इस घटना के बारे में जानकारी दी.

हमारी पड़ताल में यह पोस्ट एकदम झूठा निकला. एक नाटक के फोटो का असली बताकर उसे वायरल किया जा रहा है

चीन को होन्ग कोंग से जोड़ने वाला दुनिया का सबसे लंबा ब्रिज बन कर तैयार, जाने इसकी लंबाई और विशेषता

चीन अपनी अद्भुत इमारतों और बेजोड़ निर्माण परियोजनाओं के लिए जाना जाता है। दुनिया का सबसे बड़ा टेलीस्कोप यहीं है, मॉल यहीं है, दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट यहां बन रहा है।

अब इस सूची में दुनिया का सबसे बड़ा sea bridge भी शामिल होने जा रहा है। 55 किमी लंबा यह ब्रिज दक्षिण चीन में बहने वाली पर्ल नदी के डेल्टा पर स्थित हांगकांग, झुहाई और मकाऊ को जोड़ेगा। इसका निर्माण दिसंबर, 2009 में शुरू हुआ था और अब लगभग नौ साल बाद इसे 24 अक्टूबर को लोगों के लिए खोला जाएगा।

आधा रह जाएगा ट्रैवल टाइम

इस ब्रिज के चलते हांगकांग से मकाऊ के बीच आने जाने का समय आधा रह जाएगा। एक किनारे से दूसरे किनारे जाने में लोगों को सिर्फ एक घंटे का समय लगेगा। रोजाना इसपर से 40,000 वाहन गुजरेंगे,

इस परियोजना की अनुमानित लागत 15 अरब डॉलर बताई जाती है। इसे बनाने में 4,20,000 टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है। इतनी स्टील से 60 Eiffel Tower बनाए जा सकते हैं। चीनी अधिकारियों का कहना है कि यह ब्रिज 120 वर्षों तक सही सलामत रहेगा।

इस ब्रिज में छह लेन और चार टनल हैं, जिनमें से एक पानी के नीचे बनाया गया है। इस पूरे स्ट्रक्चर को सपोर्ट करने के लिए चीन ने समंदर में चार artificial islands भी बनाए हैं। इसे ऐसे डिजायन किया गया है कि यह इस क्षेत्र में आने वाले भूकंप और मौसमी तूफाप का सामना कर सके।

कंर्टोवर्सी भी खूब हुई

भारी-भरकम लागत, निर्माण में देरी, भ्रष्टाचार की शिकायतों और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर यह परियोजना विवादों के घेरे में रही। ब्रिज के निर्माण के दौरान दो मजदूर मारे गए और 19 के खिलाफ झूठी कंक्रीट टेस्ट रिपोर्ट पेश करने का मामला दायर किया गया।

निर्माण के शीर्ष चरण में इस ब्रिज पर 14,000 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे और समुद्र में 300 से ज्यादा जहाज तैनात किए गए थे,

दुनिया का दूसरा सबसे लंबा sea bridge भी यहीं

42.33 किमी लंबा दुनिया का दूसरा सबसे लंबा sea bridge भी चीन में है। 2011 में बनकर तैयार हुए इस ब्रिज की लागत 1.5 अरब डॉलर रही। यह चीन के पूर्वी तटीय शहर Qingdao और Huangdao उपनगर को जोड़ता है।

रेल नेटवर्क को बढ़ा रहा चीन

यह ब्रिज चीन के दो बड़े ट्रांसपोर्टेशन प्रोजेक्ट में से एक है। दूसरा प्रोजेक्ट है चीन का high-speed rail system, जिसके तहत हाल ही में हांगकांग से चीन के मुख्य क्षेत्र के बीच पहली बुलेट ट्रेन चली है। यह ट्रेन दक्षिण चीन से बीजिंग के बीच की दूरी 24 घंटों से घटाकर सिर्फ 9 घंटे कर देगी। 2019 तक चीन अपने high-speed rail system को 3500 किमी बढ़ाने की परियोजना पर काम कर रहा है।

सिर्फ 7 दिन में तैयार होगा यह घर, कीमत सिर्फ 2 लाख कहीं भी ले जा सकते हैं आप

अगर आप कम जगह में ज्यादा से ज्यादा सुविधाओं में रहना चाहते हैं और वह भी कम दाम में, तो यह घर आपके लिए हैं। इनकी खासियत यह है कि ये आपकी जरूरत के मुताबिक डिजायन होते हैं और आप इन्हें कभी भी कहीं भी शिफ्ट कर सकते हैं।

ये हैं पोर्टेबल यानी मोबाइल होम्स जिनकी कीमत लाख रुपए से भी कम से शुरू है। इंडियामार्ट (IndiaMart) वेबसाइट पर एेसी कई कंपनियां हैं जो आपको ये घर बनाकर देंगी, जो पोर्टेबल होने के साथ ईको-फ्रेंडली भी होंगे।

7 दिन में हो जाएगा तैयार

मुंबई की Zigma Cabin Private Limited कंपनी के खान ने बताया कि 1Bhk दो लाख रुपए में तैयार हो जाएगा। इसकी कीमत 1000 रुपए प्रति square feet रहेगी। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी पूरी देश में ऐसे घर और अन्य स्ट्रक्चर बनाकर ट्रांसपोर्ट करती है।

उन्होंने कहा कि ये घर लोगों की जरूरत के मुताबिक घर का साइज कितना भी बढ़ाया जा सकता है और इसे सही सलामत डिलीवर करना कंपनी की जिम्मेदारी होगी।

जैसी जरूरत वैसा घर

IndiaMart पर देशभर की कई कंपनियां रजिस्टर्ड है जो आपको देश के किसी भी कोने में आपकी मर्जी के मुाताबिक घर डिलीवर कर सकती हैं। ये घर आपकी जरूरतों के हिसाब से सस्ते और महंगे हो सकते हैं। नई दिल्ली की एक कंपनी जगदंबे प्री फैब सिर्फ 3.75 लाख रुपए में हाउस ऑन व्हील्स बनाकर दे रही है। यह घर वेदरप्रूफ होने के साथ दिखने में भी बेहद खूबसूरत हैं।

मिलेंगी सब सुविधाएं

अहमदाबाद की कंपनी आकाश इंटरप्राइज की नेहा रोहिरा ने बताया कि उनकी कंपनी 20 गुणा 12 से लेकर 40 गुणा 12 तक के घर बनाती है। इसकी कीमत 1500 रुपए square feet है। कस्टमर की जरूरत के मुताबिक घरों में डायनिंग हॉल, लिविंग रूम, फर्नीचर और अन्य लक्जरी सुविधाएं के अलग-अलग रेट्स हैं।

यह घर 30 से 35 दिनों में तैयार हो जाते हैं। कंपनी इन्हें कस्टमर की बताई हुई लोकेशन पर ट्रांसपोर्ट करती है। इसके बाद कस्टमर इन्हें अपनी मर्जी से कहीं भी ट्रांसपोर्ट कर सकते हैं।

लोगों को भा रहे हैं मोबाइल होम

मोबाइल होम्स का कॉन्सेप्ट लोगों को काफी पसंद आ रहा है। नेहा ने बताया कि फिलहाल हर महीने लगभग 200 मोबाइल होम्स और ऑफिस, केबिन और दुकानें बनाने के लिए उनके पास ऑर्डर आते हैं।

अगर आपके पास भी हैं सालों पुराने नोट व सिक्के, तो ऐसे हो सकते हैं मालामाल

अगर आपके पास भी पुराने नोट रखे हैं तो आप उनसे हजारों और लाखों रुपए भी कमा सकते हैं। ई-कॉमर्स साइट ईबे पर 1969 में छपा एक रुपए का नोट 699 डॉलर यानी लगभग 51 हजार रुपए में नीलाम हो रहा है।

इस तरह के एंटीक और रेयर नोट व सिक्के इकट्‌ठे करने वाले लोग इन्हें बड़ी कीमतों पर खरीदते हैं। इस साइट पर पुराने भारतीय नोट व सिक्के कई गुना अधिक दाम में बिक रहे हैं। ऐसे में अगर आपके पास भी पुराने दुर्लभ नोट या सिक्के हैं तो आप उनसें लाखों की कमाई कर सकते हैं।

इनकी भी लगी बड़ी कीमत

41 साल पुराना 100 रुपए का नोट :इस नोट के लिए शुरुआती बोली 100 डॉलर यानी कि 7300 रुपए लगाई गई है। इस लिहाज से इसकी कीमत 70 गुना से भी ज्यादा हो गई है।

2 रुपए का नोट : दो रुपए का नोट 19.99 डॉलर यानी 1460 रुपए में नीलाम हो रहा है।

10 रुपए का नोट : एस वेंकटरमन का हस्ताक्षर किया हुआ यह नोट 2190 रुपए में मिल रहा है। इसके शिपिंग चार्जेस अतिरिक्त 20 डॉलर यानी 1460 रुपए हैं।

सिक्के भी हो रहे बड़े दामों में नीलाम

एक रुपए का सिक्का : 1981/1982 के एक-एक रुपए के दो सिक्कों की कीमत 1241 रुपए लगाई गई है। इसमें शिपिंग चार्ज 1095 रुपए लगेगा।

पुराने सिक्के व दस का नोट : 1917 का एक पैसा, 1945 का एक पैसा समेत कई पुराने सिक्कों और एक दस के नोट की कीमत 1900 रुपए लगाई गई है।

सिक्कों से बनी ज्वेलरी भी शामिल

मूंगे व पुराने सिक्कों से सजा राजस्थानी गले का हार 14,235 रुपए में नीलाम हो रहा है। यह नीलामी अमेरिका से हो रही है।

नोटों की गड्डियां : पांच रुपए व दो रुपए के नोटों की गड्डियां भी 1900 और 2200 रुपए तक में नीलाम हो रही हैं। हाल ही में बंद हुए पांच सौ के नोट भी इस नीलामी में शामिल हैं।

लुधियाना के पन्नू पकौड़े वाले के बाद अब पटियाला के चाट वाले ने सरेंडर किए 1.12 करोड़ रु.

लुधियाना के पन्नू पकौड़े वाले पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की रेड में 60 लाख रुपए सरेंडर करने के बाद अब पटियाला के फाेकल प्वाइंट स्थित रिंकू चाट वर्ल्ड कारखाने में दस्तावेजाें की चेकिंग के बाद मालिक मनोज ने 1.12 करोड़ रुपए सरेंडर किए हैं।

इसकी पुष्टि इंस्पेक्टर मंदीप कालरा ने की है। यह रेड पटियाला व लुधियाना-3 के प्रिंसिपल कमिश्नर इनकम टैक्स परनीत सचदेव की अगुवाई में की गई। सूत्रों के मुताबिक रिंकू चाट वर्ल्ड की ओर से कोई रिटर्न नहीं भरी जा रही थी।

चाट के कारीगर से बैंक्वेट हॉल तक का सफर…

रिंकू चाट वर्ल्ड का मालिक मनोज साल 2000 से पहले चाट कारीगर था। इसके बाद दुकान लेकर चाट का कारोबार शुरू किया। चाट के साथ कैटरिंग का कारोबार भी शुरू किया। इसके बाद अपने बैंक्वेट हॉल डाल लिए और शादी समारोह व कारपोरेट फंक्शन के ऑर्डर बुक कर खासा ब्रांड तक तैयार कर लिया।

अब 400 रुपए किलो पहुंचा पन्नू के पकौड़े का दाम…

60 लाख रुपए सरेंडर करने के बाद पन्नू पकौड़े वाले के पकौड़ों के दाम अब 400 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। इससे पहले ये दाम 320 रुपए किलो थे।

लेडिज जीन्स में बेवजह ही नही दी जाती है सामने की ओर ज़िप, लड़कियों के इस काम में करती है मदद

जीन्स एक ऐसा परिधान जिसे आजकल हर कोई पहनता है। सालों तक टिकने वाली, फ्लेक्सिबल, आरामदायक होने के कारण यह युवा वर्ग की खास पसंद है। युवाओं के साथ-साथ प्रौढ़ से लेकर वृद्ध और बच्चे तक इसके फैन है। लोगों में जीन्स का क्रेज आज से नहीं बल्कि सालों से है।

पहले इनकी डिजाइन लगभग एक सी ही होती थी, लेकिन बदलते जमाने के चलते इसमें भी कई बदलाव आए। आजकल मार्केट में स्किनी जीन्स, सिगरेट जीन्स, ब्वॉयफ्रेंड जीन्स इस प्रकार के जीन्स के कई सारे डिजाइन उपलब्ध है।

हालांकि कुछ फीचर्स पहले की तरह आज भी एक ही है। अभी भी इसमें हर पैंट की तरह एक चेन, दो से चार पॉकेट, बेल्ट लगाने की जगह और बटन्स है।

जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं और आप भी जानते हैं कि जीन्स का उपयोग हर कोई करता है, लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया है कि लड़कियों की जीन्स में भी फ्रंट चेन क्यों होता है? लड़कों की जीन्स में इसका होना स्वाभाविक है क्योंकि इसे यूरिनेशन के लिए यूज किया जाता है, लेकिन भला लड़कियों की जीन्स में जिप होने का क्या मतलब है?

दरअसल, ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि ओरिजनल डेनिम से जो जीन्स बनाई जाती है, वे बहुत कम लचीली होती है।चूंकि पुरूषों की अपेक्षा महिलाओं की कमर का साइज ज्यादा होता है इसीलिए उनकी जींस में भी चेन दी जाती है ताकि उन्‍हें इसे पहनने में कोई परेशानी ना हो।

इस तरह ऐसी कई सारी बातें हैं जो हर रोज हमारी नजर में तो आती है, लेकिन हम उन पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। अगर थोड़ा सी इन चीजों पर भी हम गौर फरमाने लगे तो वाकई में हमारे आसपास जानने के लिए बहुत कुछ है।

जिस वक़्त अक्ल बंट रही थी, ये 15 नमूने लंच ब्रेक पर गए थे, वरना ऐसी हरकतें न करते

दुनिया में दो तरह के प्राणी पाए जाते हैं. पहले वो, जो कोई भी काम करने से पहले अपने दिमाग़ का इस्तेमाल करना जानते हैं, दूसरे वो जिन्हें दिमाग़ ख़र्च करने में काफ़ी आलस आता है.

इस बार हम दिमाग़ का यूज़ न करने वाले कुछ नमूनों की ऐसी धासूं तस्वीरें लाए हैं, जिनके अनोखे कारनामे देखने के बाद कहोगे कि यार सच में मज़ा आ गया. चलो अब बातों में ज़्यादा टाइम वेस्ट न करते हुए ये मज़ेदार तस्वीरें देख लो.

सावधानी हटी, दुर्घटना घटी.

पुर्तगाल में ऐसा सीन आम है.

ये शख़्स वाकई महान है!

इन्हें चश्मे की ज़रुरत नहीं है.

ब्रेक लेने के लिए इन्हें यही जगह मिली थी?

रोबोट बनाने के चक्कर में ये जाएगा, पक्का.

कहां से आते हैं ऐसे लोग.

ऐसे डीजे पर डांस करने कौन आता होगा?

मतलब करना क्या चाहते हो भाई!

ये तो गया काम से.

ये काम इनके लिए बाएं हाथ का खेल है.

दुनिया के अगले सुपरस्टार, तो यही हैं.

दिमाग़ का दही कर देने वाली फ़ोटो.

टॉयलेट ठीक करने आया ये प्लबंर खिसका हुआ लग रहा है.

ऐसे कारनामे करने की हिम्मत लोगों में आती कहां से है?

अमेरिका छोड़ भारत में रहना चाहता है यह बॉडीबिल्डर, बताई यह वजह

अमेरिका के फेसम बॉडी बिल्डर और एक्टर काई ग्रीन (Kai Greene) भारत में बसना चाहते हैं। मुंबई के बॉम्बे एक्जिबिशन सेंटर में ऑर्गनाइज एशिया के सबसे बड़े फिटनेस मेले में पहुंचे काई ने कहा कि- ‘मैं भारत को अपना दूसरा घर बनाना चाहता हूं’।

12 से 14 अक्टूबर तक चले इस विश्व स्तरीय मेले में काई ग्रीन के अलावा फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग जगत की कई नामी हस्तियां पहुंचे, जिनमें भारत की पहली महिला फिटनेस फिजीक एथलीट मिस वर्ल्ड श्वेता राठौर, ओलंपियन सुशील कुमार शामिल हैं।

भारत में क्यों बसना चाहते हैं काई

काई ग्रीन ने कहा- ‘मैं भारत में रहकर भारतीय प्रतिभाओं को प्रेरित और प्रशिक्षित करना चाहता हूं ताकि वो इंटरनेशनल लेवल पर और बेहतर प्रदर्शन कर सकें।’

काई मिस्टर ओलंपिया और अर्नाल्ड क्लासिक जैसी विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं , वो प्रोफेशनल ट्रेनर, आर्टिस्ट और वीवा फिटनेस के ब्रांड अंबेसडर हैं।

यहाँ 100 रुपए का एक नोट बिक रहा है 665 रुपए का, जाने कारण

भारत में 100 रुपए के नोट 181 रुपए में खुलेआम बिक रहे हैं। यह हैरान करने वाली बात है। क्योंकि अभी 100 रुपए के नोट की कोई किल्लत नहीं है। लेकिन ऐसा हो रहा है। ये वो नोट है जिन्हें कुछ माह पहले मोदी सरकार ने बाजार में सर्कुलेट किया है।

बैंक की शाखाओं में आते ही ये नए नोट उड़न छू हो जाते हैं। आम लोगों को अभी ये नोट नसीब नहीं हो पा रहे है। यही वजह है कि 100 रुपए की एक गड्डी जिसमें 100 नोट होते हैं, 18,130 रुपए में मिल रही है। इसकी बिक्री ऑनलाइन की जा रही है। ईबे जैसी साइट पर इसे खुलेआम बेचा जा रहा है।

786 नंबर वाले 100 के नोट 665 रुपए में

100 रुपए के नए नोट जिसके नंबर के आखिर में 786 है, उसके एक नोट की कीमत 665 रुपए चल रही है। ईबे पर चल रही कीमत के मुताबिक 786 नंबर वाले 100 रुपए के एक नोट के लिए 8.99 डॉलर देने होंगे। प्रति डॉलर 74 रुपए के हिसाब से इसकी कीमत 665 रुपए होती है। वैसे ही, 100 रुपए की एक गड्डी (100 नोट) 245 डॉलर में बेची जा रही है।

रुपए के हिसाब से इसके दाम 18,130 हुए। यानी कि 100 रुपए के एक नए नोट की कीमत 181 रुपए हो गई। अगर आप नए वाले 100 रुपए के एक ही सीरिज के पांच नोट लेना चाहते हैं तो आपको 15.34 डॉलर देने होंगे। डॉलर की करेंट दर के हिसाब से यह कीमत 1135 रुपए होती है।

त्योहारी मौसम होने के कारण बढ़ गई है मांग

बैंककर्मियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अभी बैंक की शाखाओं में 100 रुपए के नए नोट काफी कम मात्रा में आ रहे हैं। एटीएम में भी 100 रुपए के नए नोट नहीं डाले जा रहे हैं क्योंकि एटीएम को उस नोट के साइज के हिसाब से अभी तैयार किया जा रहा है।

बैंककर्मियों ने बताया कि 100 रुपए के नए नोट की इतनी अधिक मांग है कि बैंक की शाखा में आते ही हाथोहाथ बंट जाते हैं। बैंककर्मियों के मुताबिक अभी शाखाओं के काउंटर से आम ग्राहकों को ये नोट नहीं दिए जा रहे हैं।

बैंक विशेषज्ञों ने इस प्रकार की बिक्री को गलत बताया

बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सरकार की तरफ से जारी किसी भी नोट की अधिक दाम में बिक्री करना गलत है। यह काम सिर्फ सरकार कर सकती है। इस मामले में ईबे से कोई संपर्क नहीं हो सका जिनकी ई-कॉमर्स साइट पर इन नोटों की सरेआम बिक्री की जा रही है।

हनीमून मनाने सात समंदर पार गया था ये कपल, होटल में जमकर पी शराब आैर नशे में कर बैठे एेसा काम

ब्रिटेन में रहने वाला एक कपल शादी के बाद हनीमून मनाने के लिए श्रीलंका गया था। यहां नशे में उन्होंने कुछ ऐसा काम किया, जो जिंदगीभर की याद बन गया। अगले दिन जब नशा उतरा तो दोनों को अपनी गलती का एहसास हुआ।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, लंदन में रहने वाली टीवी प्रोड्यूसर गिना लायन्स और उनके पति मार्क ली शादी के बाद अपने हनीमून के लिए श्रीलंका के तांगाले गए थे।

गिना लायन्स ने अपनी स्टोरी शेयर करते हुए बताया था कि मार्क और उनकी पहली मुलाकात सात साल पहले लंदन के एक बार में हुई थी। दोनों को घूमने का बहुत ज्यादा शौक था और अगले कुछ सालों में वे साथ-साथ थाईलैंड, कंबोडिया और वियतनाम घूम आए।

हनीमून मनाने श्रीलंका गए

जून 2017 में शादी करने के बाद हम दोनों तीन हफ्तों के लिए श्रीलंका घूमने गए। इस दौरान वहां होटल्स में रूके। वहां पर तांगाले नाम के एक शांतिपूर्ण छोटे से समुद्र तटीय शहर की खोज की। एक रात को होटल के टूटे हुए फर्नीचर पर बैठकर हम शराब पी रहे थे।

नशे में बातचीत करते हुए हमने सोचा हम इसी होटल को ठीक कराते हुए इसे आसानी से यूके में बैठकर चला सकते हैं। फिर हमने इस बारे में वहीं रहने वाले इसुरु से पूछा,

जिसने बताया कि ये होटल जल्द ही बिकने वाला है। उन्होंने बताया कि वह अक्सर अपना खुद का होटल चलाने के बारे में सोचा करते थे और ये भी कहते थे कि हम कहीं ज्यादा बेहतर सजावट करेंगे उस रात को भी हम यही कर रहे थे।

होटल मालिक ने एक्सेप्ट किया आॅफर

होटल बिकने की बात सुनते ही नशे में होने के बाद भी हमने हिसाब लगाना शुरू कर दिया। रात खत्म होते-होते हमने हमारा एक छोटा सा बिजनेस प्लान भी बना लिया। होटल की लीज लेने के बदले होटल मालिक को हमने 30 लाख रुपए यानी 30 हजार पाउंड का ऑफर दिया, जो उसने एक्सेप्ट कर लिया।

नशा उतरते ही हुआ गलती का एहसास

अगले दिन जब नशा उतरा तो हमें अपनी गलती का एहसास हुआ। हमें एहसास हुआ कि नशे में हमने एक अनजान देश में होटल चलाने के लिए डील कर ली थी। इसके बाद भी दोनों अपनी डील पर कायम रहे और 15 लाख रुपए बतौर एडवांस देने पर सहमति दे दी। बाकी पैसा मार्च 2019 में देने की बात हुई।

विकलांग लोगों को दिया रोजगार

उन्होंने बताया कि होटल खरीदने के करीब एक साल बाद जून 2018 में हम दोबारा श्रीलंका गए। तब तक इसुरु और मिलिंडा वहां देखभाल कर रहे थे। होटल का रिनोवेशन कराने के लिए हमारे सामने सबसे बड़ी समस्या सस्ते लेबर को लेकर आ रही थी। जल्द ही हमने एक अन्य लोकल बिजनेस भी शुरू कर दिया। सबसे खास बात ये है कि इससे वहां रहने वाले लोगों विकलांग लोगों को रोजगार मिल गया।