इस ब्राण्ड का पानी पीते हैं कोहली

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली अपनी मेहनत और फिटनेस की वजह से आज इस मुकाम को हासिल कर पाए हैं. खुद को फिट रखने के लिए विराट कोहली काफी मेहनत करते हैं.

अपनी फिटनेस के लिए वो सुबह-शाम जिम तो जाते ही हैं साथ ही अपने खाने-पीने का बहुत ध्यान रखते हैं. विराट खाने-पीने में कोई लापरवाही नहीं करते और हमेशा संतुलित आहार लेते हैं. विराट जंक फूड खाना पसंद नहीं करते. उन्हें घर का हेल्दी खाना बहुत अच्छा लगता है.

विराट अपनी फिटनेस के लिए सिर्फ बाहर के खाने से ही नहीं, बल्कि पानी से भी परहेज करते हैं. वो अच्छी कम्पनी का पानी पीते हैं. ऐसा बताया जाता है कि वो एवियन ब्राण्ड का पानी पीते हैं. यह एक खास तरह का पानी है जो काफी महंगा है और इसे फ्रांस से मंगवाया जाता है.

इस पानी की कीमत 600 रुपए प्रति लीटर है. कोहली दुनिया में जहां भी जाते हैं, मात्र यही पानी पीते हैं. जबकि दुनिया में जहां भी इस पानी के मिलने की संभावना नहीं होती, वहां इस पानी को अपने साथ ले जाते हैं.

हम आपको बता दें कि इस तरह का पानी एक विशेष प्रकार का पानी होता है जो वजन घटाने और तनाव दूर रखने आदि में मददगार साबित होता है.यह अकेले ही नहीं है और भी ऐसे कई सेलिब्रिटी हैं जो कि एक लीटर पानी की बोतल पर लगभग 36 हजार रुपए तक का खर्च कर देते हैं.

कोहली खुद भी हेल्दी फूड खाते हैं और दूसरों को भी खाने के लिए कहते हैं. इसके अलावा दूसरों को जंक फूड से दूर रहने की सलाह देते हैं. विराट फ्राइड चिप्स की जगह वीट क्रैकर्स या इसी तरह की हेल्दी चीजें खाना पसंद करते हैं. उन्हें फ्राइड चिकन बिलकुल पसंद नहीं है. लेकिन उन्हें चॉकलेट ब्राउनी बहुत पसंद है इसे देखकर विराट अपने आपको खाने से रोक नहीं पाते.

राष्ट्रपति की कार पर नहीं होती नंबर प्लेट, वजह जानकर चक्कर आने लगेगा, खुल जाएगा राज

भारत में आपको प्रत्येक कार पर नंबर प्लेट नजर आएगी सिवाए कुछ गाड़ियों के। इसके बावजूद भारत सरकार ने इन्हें मान्यता दे रखी है। क्या आप जानते हैं कि ये कार किन लोगों के पास है..? चलिए जानते हैं इस रोचक सवाल का रोचक जवाब…

आपकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि भारत में देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यों के राज्यपाल और कई अन्य वीवीआईपी की कारों पर नंबर प्लेट नहीं होती है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिकविदेश मंत्रालय के पास भी ऐसी कारें हैं, जो बिना रजिस्ट्रेशन प्लेट के चलाई जाती हैं। पता हो कार पर नंबर प्लेट रजिस्टर्ड होती है जिससे कार के मालिक की पहचान आसानी से की जा सकती है।

आमतौर पर इन कारों का इस्तेमाल विदेशी महमानों को लाने और ले जाने के लिए होता है और उन्हें इन्हीं कारों में बैठाकर घुमाया भी जाता है। भारत में एक ओर जहां वीवीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए गाड़ियों से लालबत्ती को हटाया गया तो वहीं भारत में अब भी ब्रिटिशों द्वारा बनाया गया यह नियम मान्य हैं।

यही वजह है कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यों के राज्यपाल और कई वीवीआईपी कारों पर रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट नहीं होती। वैसे माना ये भी जाता रहा है कि सुरक्षा के लिहाज से वीवीआईपी की कारों पर नंबर प्लेट नहीं होती है।

ऐसे ढोईं गईं ट्रकों से भारी-भरकम मशीनें, देखते रह जाएगे आप

आपने अक्सर सड़कों पर को ट्रक से ढोते हुए देखा होगा। लेकिन, कभी-कभी यह नजारा हैरतअंगेज भी हो जाता है, क्योंकि इन ट्रकों का साइज उस पर लदी मशीनों की तुलना में काफी छोटा होता है। ट्रकों द्वारा सबसे ज्यादा वजन ढोने का रिकॉर्ड सबसे पहले लंदन में बना था,

जब सितंबर, 2013 में एक ट्रक से 650 टन वजनी ट्रांसफॉर्मर को सरे सिटी से विक्टोरिया डॉक्स तक लाया गया था। इसके बाद कई रिकॉर्ड बने और टूटते चले गए, लेकिन अब यह रिकॉर्ड सऊदी अरब की लॉजिस्टिक कंपनी के नाम है,

जिसके ट्रकों ने 4,800 टन वजनी वाटर डिसैलिशन मशीन लेकर करीब 20 किमी का सफर तय किया था। आज हम आपको ट्रकों द्वारा ढोईं गईं भारी-भरकम मशीनों की कुछ ऐसी ही फोटोज दिखा रहे हैं, जिसे देखकर आप भी हैरत में पड़ जाएंगे।

फोटोज में देखें कैसे ट्रकों पर ढोए गए ये भारी भरकम सामान…

स्विटरजरलैंड की पनालपिना लॉजिस्टिक कंपनी ने इस 570 टन वजनी पेट्रोकेमिकल मशीन को लेकर करीब 60 किमी का सफर तय किया था।

160 पहियों का यह ट्रक जब एक रॉकेट शटल को लेकर कैलिफोर्निया से गुजरा तो इसी फोटोज खींचने के लिए हजारों लोगों की लाइन लग गई थी।

अमेरिका की युमा सिटी में विशाल 520 टन वजनी माइनिंग ट्रक को ले जाता हुआ एक ट्रक।

अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर से सैटर्न वी-अपोलो रॉकेट को लॉन्चिंग पैड तक एक ट्रक से ले जाया गया था।

साल 2013 में 640 टन वजनी, 328 फीट लंबे और 16 फीट चौड़े ट्रांसफॉर्मर को एक ट्रक से डिडकोट पावर स्टेशन से एक ट्रक पर लोड किया गया था।

अमेरिका के इदाहो नेशनल लेबोरेटरी से दो हीट ट्रांसफर रिएक्टर एक ट्रक से ले जाया गया था।

बेलारूस की मिंस्क सिटी से करीब 1050 टन वजनी माइनिंग मशीन को ले जाता हुआ ट्रक।

सितंबर, 2012 में सऊदी अरब की लॉजिस्टिक कंपनी के नाम है, जिसके ट्रकों ने 4,800 टन वजनी वाटर डिसैलिशन मशीन लेकर करीब 20 किमी का सफर तय किया था।

यहां सरकार सोने के लिए दे रही है 22 करोड़ रुपए,

जापान दुनिया एक ऐसा देश जहां लोग इतना ज्यादा काम करते हैं कि उन्हें नींद पूरी करने के लिए भी पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है। ये एक बड़ी वजह है कि जापान इस समय भी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बना हुआ है।

बता दें कि जापान की सरकार की ओर से जारी ‘डेथ फॉर ओवरवर्क’ पर जारी किए गए वाइट पेपर के मुताबिक पिछले कुछ सालों में ऐसा होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों की हालत खराब हो गई है।

यहां वर्कर्स करते हैं फुल टाइम जॉब

यहां आधे से ज्यादा वर्कर्स फुल टाइम जॉब करते हैं। इन वर्कर्स का कहना है कि उनके पास पर्याप्त नींद लेने का समय भी नहीं है।सरकार की ओर से जारी किए गए वाइट पेपर के मुताबिक यहां बहुत कम रेस्ट पीरियड के लिए कोई कानून नहीं है।

इस समस्या को लेकर सरकार ने एक सर्वे किया। इस सर्वे में करीब 1700 कंपनियों में से सिर्फ 2 फीसदी कंपनियां ही ऐसी मिलीं जो मिनिमम रोजाना रेस्ट पीरियड देती हैं। इनके अलावा बची हुई कंपनियां ऐसा नहीं करतीं।

सरकार ने निकाला इसका तोड़

वहीं अब जापान सरकार ने इसका तोड़ निकाला है। उपाय ये है कि जापान की सरकार ने करीब अगले वित्त वर्ष के लिए 22 करोड़ रुपए पूरी तरह से अलग रख दिए हैं। इस रकम को छोटी और मिडिल क्लास कंपनियों को मिनिमम रेस्ट पीरीयड अपनाने वाले प्रोग्राम को बढ़ावा देने में दिए जाएंगे।

इस प्रोग्राम के तहत सरकार हर कंपनी को 5 लाख येन (करीब 30 लाख रुपए) देगी। सरकार ऐसा इसलिए करेगी ताकि कंपनी कर्मचारी नियमों, ट्रेनिंग और सॉफ्टवेयर को अपडेट कर सके। इससे उनकी कॉस्ट भी कम होगी और कर्मचारियों को भी आराम मिल सकेगा।

ये है दुनिया का सबसे मोटा कपल, प्यार की खुमारी में की ऐसी गलती कि मिनी ट्रक बराबर हो गया वजन

अमेरिका के मिसोरी में एक ऐसा कपल रहता है जिनका वेट मिलाकर एक मिनी कार के बराबर है। जी हां, 42 साल के ली और 39 साल की उनकी पार्टनर रेना का टोटल वेट 1256lbs (करीब 600kg) है। हैरानी की बात ये है की दोनों एक वेट लॉस क्लीनिक में एक दूसरे को दिल दे बैठे थे। लेकिन एक गलती ने इनकी जिंदगी बर्बाद कर दी। 10 साल पहले हुई थी मुलाकात…

 
  • ली औ रेना की मुलाकात लगभग दस साल पहले एक वेट लॉस क्लीनिक में हुई थी। दोनों अपने बढ़ते वजन से परेशान थे और इसे कम करने के लिए डॉक्टर्स के चक्कर काट रहे थे। हालांकि, तभी इनकी लाइफ में एक टर्निंग प्वाइंट आया।
  • क्लीनिक में मुलाकात के बाद दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और उन्हें प्यार हो गया। प्यार की खुमारी में दोनों ने वेट लॉस प्रोग्राम बीच में ही छोड़ दिया, जो उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित हुआ।

  • देखते-देखते दोनों का वजन बिजली की रफ्तार से बढ़ा। ली 324kg के और रेना 246kg की हो गईं। इससे इनका उठना-बैठना भी मुश्किल हो गया।
  • दोनों का मोटापा इस कदर बढ़ गया है कि इनकी जान पर खतरा बन गया है। ली अब बिस्तर पर ही पड़े रहते हैं। वहीं उनकी पार्टनर की हालत भी ठीक नहीं है। दोनों का ख्याल ली की बहन रख रही हैं।

हाल ही में एक टीवी चैनल पर इस कपल की लाइफ को दिखाया गया है। दोनों को इस बात का बेहद अफसोस है कि वे खुद का ख्याल भी नहीं रख सकते। अब अपने हाल पर हमें दया आती है, हमने खुद के साथ ऐसा क्यों कर लिया। अब सर्जरी से ही हमारी जान बच सकती है।

इस देश में चार बच्चे पैदा करने वालों को सारी ज़िंदगी नहीं भरना पड़ेगा कोई भी टैक्स, 26 लाख का मिलेगा लोन

भारत और चीन जैसे देशों में जहां बढ़ती पॉपुलेशन एक बड़ी समस्या बनी हुई है, वहीं दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं जो अपने यहां घटती आबादी से परेशान है। यूरोपीय देश हंगरी (Hungary) भी ऐसी ही एक समस्या से जूझ रहा है।

इसे देखते हुए वहां की सरकार ने ज्यादा बच्चे पैदा करने वाली महिलाओं को बड़ी सौगात देने का ऐलान किया है। सरकार ने कहा कि बर्थ रेट में कमी और पलायन की समस्या को देखते हुए आबादी बढ़ाने के लिए कई ऐलान किए।

जीवन भर इनकम टैक्स से छूट

राष्ट्र को संबोधित करते हुए हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन ने 7 सूत्री उपायों की घोषणा की। इनके तहत कम से कम से 4 बच्चे पैदा करने वाली महिलाओं को जीवन भर के लिए इनकम टैक्स (income tax) माफ कर दिया जाएगा और बड़ी कारें खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा है कि अप्रवासी लोगों पर निर्भरता घटाने और हंगरी का भविष्य बचाए रखने का यही एक तरीका था।  गौरतलब है कि हंगरी की आबादी में हर साल 32 हजार की कमी आ रही है और यूरोपीय यूनियन के मुकाबले यहां की महिलाओं के बच्चों की औसत संख्या कम है।

मिलेगा 26 लाख रुपए का ब्याजमुक्त कर्ज

उपायों के तौर पर वहां के युवा जोड़ों को करीब 26 लाख रुपए का ब्याज मुक्त कर्ज दिया जाएगा। उनके तीन बच्चे होते ही यह कर्ज माफ कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ऑर्बन ने कहा कि यूरोपीय देश अप्रवासियों को कम जनसंख्या की समस्या के उपाय को रूप में देखते हैं।

उन्होंने कहा, ‘कम होते एक बच्चे के एवज में एक का आना जरूरी है और इस तरह से संख्या ठीक रहती है।’ उन्होंने कहा, ‘हंगरी के लोग दूसरी तरह से सोचते हैं। हमें संख्या की नहीं, नागरिकों की जरूरत है।’

ये हैं योजनाएं

  • अगले तीन साल के दौरान 21 हजार से ज्यादा नर्सरी (क्रेच) बनाए जाएंगे।
  • देश के हैल्थ सिस्टम पर अतिरिक्त 2.5 अरब डॉलर खर्च किए जाएंगे।
  • घरों पर सब्सिडी दी जाएगी।
  • सरकार उनकी मदद करेगी जो सात सीटों वाली गाड़ियां खरीदेंगे। सब्सिडी मिलेगी।

इस वजह से इस महिला से लिपटकर सोने आते हैं लोग, हर घंटे करती है इतनी कमाई

इस महिला से लिपटकर सोने आते हैं लोग..अमरीका में एक ऐसी महिला है जो बिना कुछ काम किए हर घंटे 5 हजार रुपए से ज्यादा की कमाई करती है। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा भी संभव है क्या? तो हम आपको बता दें कि ऐसा संभव है और इस महिला की साल की करीब 28 लाख रुपए है।

महिला से लिपटकर सोने आते हैं लोग

दरअसल, अमरीका के कैनजस शहर में रहने वाली मैरी इन दिनों सोशल मीडिया पर अपने अनोखे काम को लेकर चर्चा में हैं। मैरी एक प्रोफेशनल कडलर हैं, जो लोगों को गले लगाने और उनसे लिपटकर सोने के लिए लाखों रुपए कमाती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैरी का एक सेशन चार घंटे तक होता है

यानी अगर कोई उनकी सर्विस लेता है  तो वह मैक्सिमम चार घंटे तक उनके पास रह सकता है। हालांकि, इसमें भी कुछ नियम है जो कस्टमर्स को फॉलो करना होता है, जैसे शरीर पर पूरे कपड़े होने चाहिए, सेशन के दौरान कोई शारीरिक इच्छा नहीं होना चाहिए।

ये लोग आते हैं मैरी की सर्विस लेने

बता दें, मैरी के पास लिपटकर सोने के लिए शादीशुदा, सिंगल लड़के—लड़कियां और तलाकशुदा के अलावा वो लोग भी आते हैं जो अपनी अपनी जिंदगी में खुश हैं। मैरी का कहना है कि ऐसा करने से शरीर से आॅक्सीटोसिन नाम का हॉर्मोन रिलीज होता है। यह हॉर्मोन स्ट्रेस दूर करने में मदद करता है।

आखिर क्यों नहीं बढ़ाना चाहते कनाड़ा के डॉक्टर अपनी सैलरी, ये है वजह

डॉक्टर्स अपने मरीज़ों को ठीक करने में जी-जान लगा देते हैं. यही वजह है कि उन्हें कलियुग के भगवान की भी संज्ञा दी गई है, लेकिन हमारे देश से मीलों दूर कनाडा के डॉक्टर्स ने जो किया है, उसके बारे में जान कर आपके दिल में उनके लिए सम्मान और बढ़ जाएगा.

 

दरअसल, कनाडा के डॉक्टर्स ने हाल ही में बढ़ाई गई अपनी सैलरी का विरोध करते हुए इसे कम करने का आग्रह किया है. जी हां, वहां के डॉक्टर्स अपना वेतन कम करने की बात कर रहे हैं. उन्होंने सरकार को बाकायदा एक पत्र लिखा है, जिस पर करीब 500 डॉक्टर्स ने साइन किया है.

वो चाहते हैं कि सरकार उनका वेतन न बढ़ा कर, उनके स्टाफ़ जैसे नर्स, कंपाउंडर आदि की सैलरी बढ़ा दे. इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया है कि उन्हें तो अच्छी सैलरी मिलती है, लेकिन उनका स्टाफ़ जो मरीज़ की देखभाल करने के लिए तत्पर रहता है, उनका वेतन बहुत कम है. ये वो लोग हैं, जिनके ऊपर काम का सबसे ज़्यादा प्रेशर होता है.

कनाडा के डॉक्टर्स की मांग बिल्कुल सही है, इसका स्वागत किया जाना चाहिये. वहीं बात करें अपने देश की, तो हमारे देश में तो बहुत से ऐसे डाक्टर्स और अस्पताल हैं, जो सिर्फ़ पैसा कमाना चाहते हैं. उन्हें मरीज़ों और स्टाफ़ के मुक़ाबले पैसों की ज़्यादा फ़िक्र रहती है. आये-दिन हम अस्पतालों की कारगुज़ारी की ख़बरें पढ़ते रहते हैं. कभी किसी मरीज़ को ज़्यादा बिल चिपका दिया जाता है, तो कभी ग़लत ऑपरेशन कर दिया जाता है.

यही नहीं, हमारे देश में कई और क्षेत्र ऐसे हैं, जहां कर्मचारियों को अत्यधिक वेतन दिया जाता है और कहीं-कहीं वेतन के नाम पर सिर्फ़ चंद रुपये. कनाडा जैसे विकसित देश से हमारे देश की तुलना करना भले ही ठीक न हो, मगर हमारे सिस्टम में मौजूद इस तरह की ख़ामियों को दूर करने के लिए हम प्रेरणा तो ले ही सकते हैं

इस आदमी के पास था लॉटरी जीतने का फार्मूला, इस फार्मूला से कमा लिए थे 213 करोड़ रूपये

हर किसी का सपना होता है कि लॉटरी लग जाए तो वो भी करोड़पति बन जाएगा। हर किसी के साथ ऐसा नहीं होता है, लेकिन एक व्यक्ति ऐसा है जिसने इस काम को कई बार अंजाम दिया। ये शख्स थे गणितज्ञ स्टीफन मंडेल।

इन्होंने एक नहीं दो नहीं बल्कि 14 बार लॉटरी जीती हैं, अधिकारियों ने परेशान होकर कई बार नियम बदल दिए। खास बात ये है कि उन्होंने इस दौरान कभी भी कानून नहीं तोड़ा। आखिर में मजबूर होकर अधिकारियों को लॉटरी के टिकट खरीदने के लिए नियमों में ही बदलाव करना पड़ा।

14 बार लॉटरी में जीते 213 करोड़ रुपए…

यूरोपीय देश रोमानिया में जन्में गणितज्ञ स्टीफन मंडेल ने नौकरी के दौरान ज्यादा पैसे कमाने के लिए 1960 में लॉटरी के क्षेत्र में कदम रखा था। उन्होंने रोमानिया, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में लॉटरी जीती हैं। स्टीफन मंडेल ने गणित के ज्ञान से सिस्टम को क्रैक करने वाला एक फॉर्म्युला तैयार किया।

14 बार में उन्होंने करीब 213 करोड़ रुपए कमा लिए। मंडेल ने 5 अंकों के फॉर्म्युले से 6वें नंबर का सटीक अनुमान लगाना शुरू कर दिया। उनकी एक के बाद एक ताबड़तोड़ लॉटरी लगने लगी। बड़ा प्राइज जीतने के बाद वह अपने परिवार के साथ रोमानिया से ऑस्ट्रेलिया में जाकर बस गए।

लगातार जीतीं 12 लॉटरी

ऑस्ट्रेलिया में भी उन्होंने अपने फॉर्म्युला का इस्तेमाल करना जारी रखा। यहां में मंडेल ने बड़े प्राइज पर फोकस करना शुरू कर दिया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में एक के बाद एक 12 लॉटरी जीतीं। मंडेल के लगातार लॉटरी जीतने के बाद अधिकारियों की नजर उन पड़ी। अधिकारियों ने मंडले को रोकने के लिए कड़े नियम बना दिए। इसमें एक व्यक्ति द्वारा सभी टिकट खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद मंडेल ने एक लॉटरी फर्म ही खड़ी कर दी।

20 महीने की जेल भी काटनी पड़ी

जब उनको ऑस्ट्रेलिया में लॉटरी टिकट खरीदने को लेकर ज्यादा परेशानी दिखने लगी, तो उन्होंने अमेरिका की तरफ रुख कर दिया। उन्होंने अमेरिका में लॉटरी से 3 करोड़ रुपए कमाए। अमेरिका के वर्जिनिया में सबसे बड़ा जैकपॉट जीता। स्टीफन मंडेल ने रोमानिया में एक लॉटरी, ऑस्ट्रेलिया में 12 लॉटरी और अमेरिका में एक जैकपॉट जीता। हालांकि इस दौरान उनको फ्रॉड के एक मामले में 20 महीने जेल भी काटनी पड़ी।

ये हैं ऑस्ट्रेलिया के 10 अजीब कानून, आपको कर देंगे हैरान

दुनियाभर के अलग-अलग देशों में कई ऐसे अजीबोगरीब कानून हैं, जिनके बारे में जानकर हैरत होती है। किसी देश में शादी से पहले संबंध बनाना गैरकानूनी है, तो कहीं पर महिलाओं की ड्राइविंग इलीगल है। ऐसे में आज हम आपको ऑस्ट्रेलिया के 10 शॉकिंग लॉ के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में जानकर आपको भी हैरानी होगी।

1. यूं तो कई ऐसे देश हैं, जहां पर बच्चे शराब नहीं खरीद सकते हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया इस मामले में अन्य देशों से आगे है। दरअसल, यहां पर बच्चे न सिर्फ शराब, बल्कि सिगरेट और कंडोम भी नहीं खरीद सकते हैं। अगर बच्चे ऐसा करते हैं तो उन्हें सजा भी मिल सकती है। हालांकि, बच्चों द्वारा शराब-सिगरेट पीने को लेकर कोई कानून नहीं है।

2. ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में महिलाएं 6 स्क्वेयर इंच से बड़ी बिकिनी नहीं पहन सकती हैं। अगर कोई महिला ऐसा करती है तो ये कानून का उल्लंघन होगा।
3. ऑस्ट्रेलिया के कानून के मुताबिक, यहां पर 16 साल की उम्र के बच्चे सेक्स कर सकते हैं। ये कानूनी तौर पर लीगल है। लेकिन जो बच्चे किसी की कस्टडी या केयर में रहते हैं, वे 18 साल की उम्र से पहले ऐसा नहीं कर सकते हैं।

4. ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया शहर में आप अपने घर का बल्ब खुद नहीं बदल सकते हैं। इसके लिए आपको किसी लाइसेंसी इलेक्ट्रिशियन को बुलाना होगा।
5. ऑस्ट्रेलिया में सड़क के दायीं ओर चलना इलीगल है। यहां तक कि आप फुटपाथ पर भी दायीं ओर नहीं चल सकते हैं। अगर आप ऐसा करते हैं तो वहां के कानून का उल्लंघन माना जाएगा।

6. यहां के कानून के मुताबिक, ब्राइटन बीच पर महिलाएं छोटे बिकिनी पहनकर न तो स्विमिंग कर सकती हैं और न ही नहा सकती हैं। उन्हें ऐसा करने के लिए गले से लेकर घुटने तक लंबा स्विम शूट पहनना होगा।
7. ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में संडे को पिंक पैंट्स पहनने पर पाबंदी है।

8. ऑस्ट्रेलिया में अगर आप किसी जानवर को खा रहे हैं, तब उसका नाम लेना गैरकानूनी है।
9. यहां पर बैटमैन और रॉबिन जैसा ड्रेस पहनना गैरकानूनी है।
10. यहां पब में शराब पीना गैरकानूनी है।