इस देश में चार बच्चे पैदा करने वालों को सारी ज़िंदगी नहीं भरना पड़ेगा कोई भी टैक्स, 26 लाख का मिलेगा लोन

भारत और चीन जैसे देशों में जहां बढ़ती पॉपुलेशन एक बड़ी समस्या बनी हुई है, वहीं दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं जो अपने यहां घटती आबादी से परेशान है। यूरोपीय देश हंगरी (Hungary) भी ऐसी ही एक समस्या से जूझ रहा है।

इसे देखते हुए वहां की सरकार ने ज्यादा बच्चे पैदा करने वाली महिलाओं को बड़ी सौगात देने का ऐलान किया है। सरकार ने कहा कि बर्थ रेट में कमी और पलायन की समस्या को देखते हुए आबादी बढ़ाने के लिए कई ऐलान किए।

जीवन भर इनकम टैक्स से छूट

राष्ट्र को संबोधित करते हुए हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन ने 7 सूत्री उपायों की घोषणा की। इनके तहत कम से कम से 4 बच्चे पैदा करने वाली महिलाओं को जीवन भर के लिए इनकम टैक्स (income tax) माफ कर दिया जाएगा और बड़ी कारें खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा है कि अप्रवासी लोगों पर निर्भरता घटाने और हंगरी का भविष्य बचाए रखने का यही एक तरीका था।  गौरतलब है कि हंगरी की आबादी में हर साल 32 हजार की कमी आ रही है और यूरोपीय यूनियन के मुकाबले यहां की महिलाओं के बच्चों की औसत संख्या कम है।

मिलेगा 26 लाख रुपए का ब्याजमुक्त कर्ज

उपायों के तौर पर वहां के युवा जोड़ों को करीब 26 लाख रुपए का ब्याज मुक्त कर्ज दिया जाएगा। उनके तीन बच्चे होते ही यह कर्ज माफ कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ऑर्बन ने कहा कि यूरोपीय देश अप्रवासियों को कम जनसंख्या की समस्या के उपाय को रूप में देखते हैं।

उन्होंने कहा, ‘कम होते एक बच्चे के एवज में एक का आना जरूरी है और इस तरह से संख्या ठीक रहती है।’ उन्होंने कहा, ‘हंगरी के लोग दूसरी तरह से सोचते हैं। हमें संख्या की नहीं, नागरिकों की जरूरत है।’

ये हैं योजनाएं

  • अगले तीन साल के दौरान 21 हजार से ज्यादा नर्सरी (क्रेच) बनाए जाएंगे।
  • देश के हैल्थ सिस्टम पर अतिरिक्त 2.5 अरब डॉलर खर्च किए जाएंगे।
  • घरों पर सब्सिडी दी जाएगी।
  • सरकार उनकी मदद करेगी जो सात सीटों वाली गाड़ियां खरीदेंगे। सब्सिडी मिलेगी।

इस वजह से इस महिला से लिपटकर सोने आते हैं लोग, हर घंटे करती है इतनी कमाई

इस महिला से लिपटकर सोने आते हैं लोग..अमरीका में एक ऐसी महिला है जो बिना कुछ काम किए हर घंटे 5 हजार रुपए से ज्यादा की कमाई करती है। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा भी संभव है क्या? तो हम आपको बता दें कि ऐसा संभव है और इस महिला की साल की करीब 28 लाख रुपए है।

महिला से लिपटकर सोने आते हैं लोग

दरअसल, अमरीका के कैनजस शहर में रहने वाली मैरी इन दिनों सोशल मीडिया पर अपने अनोखे काम को लेकर चर्चा में हैं। मैरी एक प्रोफेशनल कडलर हैं, जो लोगों को गले लगाने और उनसे लिपटकर सोने के लिए लाखों रुपए कमाती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैरी का एक सेशन चार घंटे तक होता है

यानी अगर कोई उनकी सर्विस लेता है  तो वह मैक्सिमम चार घंटे तक उनके पास रह सकता है। हालांकि, इसमें भी कुछ नियम है जो कस्टमर्स को फॉलो करना होता है, जैसे शरीर पर पूरे कपड़े होने चाहिए, सेशन के दौरान कोई शारीरिक इच्छा नहीं होना चाहिए।

ये लोग आते हैं मैरी की सर्विस लेने

बता दें, मैरी के पास लिपटकर सोने के लिए शादीशुदा, सिंगल लड़के—लड़कियां और तलाकशुदा के अलावा वो लोग भी आते हैं जो अपनी अपनी जिंदगी में खुश हैं। मैरी का कहना है कि ऐसा करने से शरीर से आॅक्सीटोसिन नाम का हॉर्मोन रिलीज होता है। यह हॉर्मोन स्ट्रेस दूर करने में मदद करता है।

जहां एक किलो मीट की कीमत है 3 लाख रुपए, हालात इतने बुरे की वहां की सेना ने भी कर दी बगावत

बेतहाशा महंगाई का सामना कर रहे वेनेजुएला में सेना ने बगावत कर दिया है. वेनेजुएला की सेना में डॉक्टर कर्नल रुबेन पाज जिमेनेज ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से अपनी वफादारी खत्म करने की घोषणा की. कर्नल ने शनिवार को जारी एक वीडियो में कहा, ‘सशस्त्र बलों में हमारे में से 90 फीसदी लोग वास्तव में नाखुश हैं. हमें उन्हें सत्ता में बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.’

उन्होंने अपने साथी सैनिकों से वेनेजुएला को मानवीय सहायता देने में मदद करने का अनुरोध किया.  एक सप्ताह पहले ही वायु सेना जनरल फ्रांसिस्को यानेज ने भी मादुरो से अपनी वफादारी खत्म कर दी थी. वेनेजुएला में सत्ता में रहने के लिए सेना का समर्थन महत्वपूर्ण होता है.

यहां के नोटों की नहीं रह गई है कोई कीमत

वेनेजुएला के आर्थिक हालात बेहद खराब हो गए हैं. यहां महंगाई आसमान छू रही है. यहां आलम यह है कि यहां एक ब्रेड की कीमत हजारों रुपए हो गए हैं. एक किलो मीट के लिए 3 लाख रुपए और एक लीटर दूध के लिए 80 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं.

यहां की सरकार ने दुनिया भर के देशों से गुहार लगाई है कि वे यहां के हालात सुधारने में उनकी मदद करें. वहीं कोलंबिया का कहना है कि चंद दिनों में वेनेजुएला के करीब 10 लाख लोग उसके यहां आकर शरण ले चुके हैं, जिसके चलते उनपर दबाव बन रहा है. यहां महंगाई दर 10 लाख प्रतिशत तक पहुंच चुका है. वेनेजुएला में एक कप कॉफी की कीमत 2000 बोलिवर है.

वेनेजुएला सरकार दिन रात नोट छाप रही है ताकि बजट पूरा किया हो सके. लेकिन इन सबके कारण हालात बिगड़ गए हैं. वेनेजुएला की राजधानी काराकास में एक नर्स मेगुआलिदा ओरोनोज का कहना है कि हम सब यहां अरबपति हैं. लेकिन फिर भी हम गरीब हैं. मेरा वेतन 50 लाख महीना है, लेकिन मैं अपने बच्चे के लिए ढंग का एक वक्त का खाना नहीं खरीद सकती.

वेनेजुएला में एक यूनिवर्सिटी प्रोफेसर को अपना जूता मरम्मत करवाने के लिए चार महीने की सैलरी के बराबर 20 अरब बोलिवर (करीब 4 लाख रुपये) देने पड़े.

पानी से भी सस्ता है पेट्रोल

वेनेजुएला में एक लीटर पेट्रोल की कीमत केवल 62 पैसे है. अगर, भारत से मुकाबला करें तो यहां एक लीटर पेट्रोल के लिए आपको जितनी कीमत चुकानी पड़ती है, उसमें आप वहां 100 लीटर से भी ज्यादा पेट्रोल खरीद सकते हैं.

आखिर क्यों नहीं बढ़ाना चाहते कनाड़ा के डॉक्टर अपनी सैलरी, ये है वजह

डॉक्टर्स अपने मरीज़ों को ठीक करने में जी-जान लगा देते हैं. यही वजह है कि उन्हें कलियुग के भगवान की भी संज्ञा दी गई है, लेकिन हमारे देश से मीलों दूर कनाडा के डॉक्टर्स ने जो किया है, उसके बारे में जान कर आपके दिल में उनके लिए सम्मान और बढ़ जाएगा.

 

दरअसल, कनाडा के डॉक्टर्स ने हाल ही में बढ़ाई गई अपनी सैलरी का विरोध करते हुए इसे कम करने का आग्रह किया है. जी हां, वहां के डॉक्टर्स अपना वेतन कम करने की बात कर रहे हैं. उन्होंने सरकार को बाकायदा एक पत्र लिखा है, जिस पर करीब 500 डॉक्टर्स ने साइन किया है.

वो चाहते हैं कि सरकार उनका वेतन न बढ़ा कर, उनके स्टाफ़ जैसे नर्स, कंपाउंडर आदि की सैलरी बढ़ा दे. इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया है कि उन्हें तो अच्छी सैलरी मिलती है, लेकिन उनका स्टाफ़ जो मरीज़ की देखभाल करने के लिए तत्पर रहता है, उनका वेतन बहुत कम है. ये वो लोग हैं, जिनके ऊपर काम का सबसे ज़्यादा प्रेशर होता है.

कनाडा के डॉक्टर्स की मांग बिल्कुल सही है, इसका स्वागत किया जाना चाहिये. वहीं बात करें अपने देश की, तो हमारे देश में तो बहुत से ऐसे डाक्टर्स और अस्पताल हैं, जो सिर्फ़ पैसा कमाना चाहते हैं. उन्हें मरीज़ों और स्टाफ़ के मुक़ाबले पैसों की ज़्यादा फ़िक्र रहती है. आये-दिन हम अस्पतालों की कारगुज़ारी की ख़बरें पढ़ते रहते हैं. कभी किसी मरीज़ को ज़्यादा बिल चिपका दिया जाता है, तो कभी ग़लत ऑपरेशन कर दिया जाता है.

यही नहीं, हमारे देश में कई और क्षेत्र ऐसे हैं, जहां कर्मचारियों को अत्यधिक वेतन दिया जाता है और कहीं-कहीं वेतन के नाम पर सिर्फ़ चंद रुपये. कनाडा जैसे विकसित देश से हमारे देश की तुलना करना भले ही ठीक न हो, मगर हमारे सिस्टम में मौजूद इस तरह की ख़ामियों को दूर करने के लिए हम प्रेरणा तो ले ही सकते हैं

जाने चीन के बारे में कुछ ऐसे रोचक तथ्य जो आपने पहले कभी नहीं सुने होंगे .

हर देश की अलग वेश भूषा, अलग खाना, अलग संस्कृति और अलग बोली होती है और इसी तरह भारत के पड़ोसी देश चीन की भी अलग संस्कृति, बोली और अलग खाना है. आप सभी जानते होंगे कि टेक्नोलॉजी के मामले चीन काफी आगे है पर आज चीन से जुडी कुछ ऐसी बातें बताएंगे जो आपने पहले कभी नहीं सुनी होंगी.

  •  चीन में हर साल 40 लाख से ज़्यादा बिल्लियां खायी जाती हैं और वहां इसको स्वादिष्ट माना जाता है.
  • वैसे तो चीन के लोग चीनी भाषा के अलावा किसी भी भाषा में बात नहीं करते पर यहां पर अंग्रेजी बोलने वाले लोग अमेरिका से भी ज़्यादा हैं.

  • एक अनुमान के हिसाब से 2025 तक चीन में न्यूयॉर्क जैसे 10 शहर हो सकते हैं.
  • आखिरी चीनी बाघ को मारकर खाने के जुर्म में एक चीनी शख्स को 12 साल की सज़ा दी गयी थी.
  • चीन में फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल साइट्स बैन हैं.
  • 6. चीन में इंटरनेट की लत से परेशान लोगों के समाधान के लिए कैम्पस हैं.
  • अमेरिका की आबादी से भी ज़्यादा चीन में मोबाइल फ़ोन हैं.
  • अगर चीन की ज़मीन में गहरायी तक खुदाई की जाए तो अर्जेंटीना या चिली पहुंचा जा सकता है.

  • शाम 7 बजे के बाद चीन में ज़्यादतर लोग एक ही चैनल देखते हैं.
  • एक सर्वे के अनुसार दुनिया में 29 % प्रदूषण का कारण अकेले चीन है.
  • सूत्रों की माने तो चीन में 2020 तक 3 से 4 करोड़ लड़के ऐसे भी हो सकते हैं जिनके शादी करने के लिए लड़कियां नहीं होंगी.
  • दुनिया में पहली पेपर मनी चीन में ही बनाई गयी थी और ऐसा 1400 साल पहले हुआ था.
  • रिपोर्ट्स के अनुसार चीन में हर सेकेंड में 50,000 से भी ज़्यादा सिगरेट पी जाती है.

इस आदमी के पास था लॉटरी जीतने का फार्मूला, इस फार्मूला से कमा लिए थे 213 करोड़ रूपये

हर किसी का सपना होता है कि लॉटरी लग जाए तो वो भी करोड़पति बन जाएगा। हर किसी के साथ ऐसा नहीं होता है, लेकिन एक व्यक्ति ऐसा है जिसने इस काम को कई बार अंजाम दिया। ये शख्स थे गणितज्ञ स्टीफन मंडेल।

इन्होंने एक नहीं दो नहीं बल्कि 14 बार लॉटरी जीती हैं, अधिकारियों ने परेशान होकर कई बार नियम बदल दिए। खास बात ये है कि उन्होंने इस दौरान कभी भी कानून नहीं तोड़ा। आखिर में मजबूर होकर अधिकारियों को लॉटरी के टिकट खरीदने के लिए नियमों में ही बदलाव करना पड़ा।

14 बार लॉटरी में जीते 213 करोड़ रुपए…

यूरोपीय देश रोमानिया में जन्में गणितज्ञ स्टीफन मंडेल ने नौकरी के दौरान ज्यादा पैसे कमाने के लिए 1960 में लॉटरी के क्षेत्र में कदम रखा था। उन्होंने रोमानिया, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में लॉटरी जीती हैं। स्टीफन मंडेल ने गणित के ज्ञान से सिस्टम को क्रैक करने वाला एक फॉर्म्युला तैयार किया।

14 बार में उन्होंने करीब 213 करोड़ रुपए कमा लिए। मंडेल ने 5 अंकों के फॉर्म्युले से 6वें नंबर का सटीक अनुमान लगाना शुरू कर दिया। उनकी एक के बाद एक ताबड़तोड़ लॉटरी लगने लगी। बड़ा प्राइज जीतने के बाद वह अपने परिवार के साथ रोमानिया से ऑस्ट्रेलिया में जाकर बस गए।

लगातार जीतीं 12 लॉटरी

ऑस्ट्रेलिया में भी उन्होंने अपने फॉर्म्युला का इस्तेमाल करना जारी रखा। यहां में मंडेल ने बड़े प्राइज पर फोकस करना शुरू कर दिया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में एक के बाद एक 12 लॉटरी जीतीं। मंडेल के लगातार लॉटरी जीतने के बाद अधिकारियों की नजर उन पड़ी। अधिकारियों ने मंडले को रोकने के लिए कड़े नियम बना दिए। इसमें एक व्यक्ति द्वारा सभी टिकट खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद मंडेल ने एक लॉटरी फर्म ही खड़ी कर दी।

20 महीने की जेल भी काटनी पड़ी

जब उनको ऑस्ट्रेलिया में लॉटरी टिकट खरीदने को लेकर ज्यादा परेशानी दिखने लगी, तो उन्होंने अमेरिका की तरफ रुख कर दिया। उन्होंने अमेरिका में लॉटरी से 3 करोड़ रुपए कमाए। अमेरिका के वर्जिनिया में सबसे बड़ा जैकपॉट जीता। स्टीफन मंडेल ने रोमानिया में एक लॉटरी, ऑस्ट्रेलिया में 12 लॉटरी और अमेरिका में एक जैकपॉट जीता। हालांकि इस दौरान उनको फ्रॉड के एक मामले में 20 महीने जेल भी काटनी पड़ी।

ये है दुनिया के ऐसे देश जहां कभी नहीं डूबता सूरज, ना ही होती है रात

हमारे यहां हर रोज सुबह होती है, शाम होती है फिर रात होती है. लेकिन दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं जहां सूरज नहीं ढलता है. आज बात उन देशों की.

नॉर्वे : नॉर्वे आर्कटिक सर्किल के अंतर्गत आता है. बहुत कम लोग इस बात से जानते होंगे कि यहां पर मई से जुलाई के बीच करीब 76 दिनों तक सूरज ढलता ही नहीं है. इस देश को मिडनाइट कंट्री भी कहा जाता है. अगर आप इंटरनेशनल ट्रिप का मन बना रहे हैं तो आप एक बार यहां जाकर इसका अनुभव ज़रूर लें.

स्वीडन : स्वीडन काफी सुन्दर और शांत देश है. ये देश काफी ठंडा भी रहता है फिर भी यहां लगभग 100 दिनों तक सूरज ही नहीं ढलता . इस देश में मई से लेकर अगस्त तक सूरज अपनी रौशनी बिखेरता रहता है और जब भी सूरज ढलता है आधी रात को ढलता है और सुबह 4:30 बजे तक यहां पर सूरज उग भी जाता है.

अलास्का : बर्फ की चादर से ढका और अपने खूबसूरत glaciers के जाना जाने वाला देश आलस्का है. यहां पर बर्फ को चमकते देखने का नज़ारा देखने लायक और मंत्र मुघ्ध करने वाला होता है. यहां पर मई से लेकर जुलाई तक सूरज नहीं ढलता.

 फ़िनलैंड : फ़िनलैंड बहुत सारी झीलों और आईलैंड्स से घिरा और सजा हुआ है. बेहद ही खूबसूरत और आकर्षक है. गर्मी के मौसम में सूरज अपनी चमक से इस देश को सराबोर करता रहता है .

कनाडा : कनाडा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है और यहां साल के लम्बे अरसे तक बर्फ पड़ती है जिससे ये ढका रहता है पर गर्मी के मौसम में यहां सूरज लगातार 50 दिनों तक चमकता है.

आइसलैंड : ब्रिटेन के बाद ये यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा आईलैंड है.आपको शायद सुनकर हैरानी हो पर यहां पर 10 मई से लेकर पूरी जुलाई तक सूरज डूबता ही नहीं.

शाकाहारी लगने वाली ये चीजें असल में हैं मांसाहारी, आज ही जाने इनकी सच्चाई

लोग अपने शौख के हिसाब से अलग-अलग तरह की चीज़ें खाते हैं जिनमें कई शाकाहारी होती हैं तो बहुत सारी चीज़ें मांसाहारी होती हैं लेकिन मार्केट में कई सारे ऐसे फ़ूड प्रोडक्ट्स हैं जिनके बारे में लोगों को लगता है कि ये शाकाहारी होते हैं लेकिन असलियत में ये फ़ूड प्रोडक्ट्स मांसाहारी होते हैं।

ऐसे में आज हम आपको उन फ़ूड प्रोडक्ट्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो असल में मांसाहारी हैं लेकिन आप अब तक इन्हें शाकाहारी समझ के खाते आए हैं।

सूप

सूप बनाने के लिए लोग कई तरह के सॉस का इस्तेमाल करते हैं जो इस सूप को स्पाइसी बनाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सूप बनाने के लिए जिन सॉस का इस्तेमाल किया जाता हैं उनमें से ज्यादातर को बनाने में मछलियों का इस्तेमाल किया जाता है।

तेल

घरों में पराठे और सब्जियां बनाने के लिए रिफाइंड का इस्तेमाल किया जाता है। रिफाइंड ऑइल को मशीनों से तैयार किया जाता है जिसके बाद इसमें विटामिन और मिनरल मिलाए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस रिफाइंड आयल में ओमेगा 3 फैटी एसिड या फिर विटामिन डी पड़ा होता है वो मांसाहारी होते हैं।

वाइट शुगर

हमारे घरों में जो चीनी इस्तेमाल की जाती है वो देखने में काफी सफेद और चमकदार होती है लेकिन क्या आपने कभी इस चमक के पीछे की सच्चाई जानने की कोशिश की है। आपको बता दें कि चीनी को फिल्टर करके चमकदार बनाने के लिए बोन चाक का इस्तेमाल किया जाता है जो कि जानवरों की हड्डियों से बनाई जाती है।

जैम

मार्केट में कई प्रकार का जैम मिलता है। जैम में कई सारे फ्लेवर्स मिलते हैं जैसे मैंगो फ्लेवर, मिक्स फ्रूट फ्लेवर आदि।यह जैम काफी चिपचिपा और गोंद जैसा दिखता है और इसके पीछे वजह है इसमें पड़ने वाले जिलेटिन पाउडर। बता दें कि जिलेटिन पाउडर जानवरों की मांसपेशियों को सुखाने के बाद पीसकर बनाया जाता है। जैली भी जैम की तरह ही होती है, जैली को बनाने में भी जिलेटिन का ही इस्तेमाल किया जाता है इसलिए ये प्रोडक्ट भी मांसाहारी ही है।

चिप्स

सभी लोग मार्केट में मिलने वाली पैक्ड पोटैटो चिप्स खाते हैं।  हर उम्र ले लोग इन्हें बड़े चाव से खाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि चिप्स को बनाने के लिए जिन फ्लेवर पाउडर्स का इस्तेमाल किया जाता है वो मांसाहारी होते हैं।

मेयोनीज

मेयोनीज को हम बर्गर, पिज्जा, हॉट डॉग और पिज्जा के ऊपर डालकर खाते हैं, लेकिन बहुत लोग समझते हैं कि मेयोनीज एक वेज प्रोडक्ट है तो हम आपकी गलतफहमी दूर करना चाहते हैं क्योंकि इसे बनाने में अंडे का इस्तेमाल किया जाता है।

ऑरेंज जूस

ऑरेंज जूस हम सभी को बहुत पसंद है। इस जूस में प्रिजर्वेटिव भी डाले जाते हैं जो इसे कई दिनों तक ताजा रखते हैं। लेकिन क्या आपने सोचा कि जूस को खट्टा बनाने के लिए इसमें ओमेगा-3 के लिए एन्कोवी मछली और सार्डिन मछली को मिलाया जाता है।

ये हैं ऑस्ट्रेलिया के 10 अजीब कानून, आपको कर देंगे हैरान

दुनियाभर के अलग-अलग देशों में कई ऐसे अजीबोगरीब कानून हैं, जिनके बारे में जानकर हैरत होती है। किसी देश में शादी से पहले संबंध बनाना गैरकानूनी है, तो कहीं पर महिलाओं की ड्राइविंग इलीगल है। ऐसे में आज हम आपको ऑस्ट्रेलिया के 10 शॉकिंग लॉ के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में जानकर आपको भी हैरानी होगी।

1. यूं तो कई ऐसे देश हैं, जहां पर बच्चे शराब नहीं खरीद सकते हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया इस मामले में अन्य देशों से आगे है। दरअसल, यहां पर बच्चे न सिर्फ शराब, बल्कि सिगरेट और कंडोम भी नहीं खरीद सकते हैं। अगर बच्चे ऐसा करते हैं तो उन्हें सजा भी मिल सकती है। हालांकि, बच्चों द्वारा शराब-सिगरेट पीने को लेकर कोई कानून नहीं है।

2. ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में महिलाएं 6 स्क्वेयर इंच से बड़ी बिकिनी नहीं पहन सकती हैं। अगर कोई महिला ऐसा करती है तो ये कानून का उल्लंघन होगा।
3. ऑस्ट्रेलिया के कानून के मुताबिक, यहां पर 16 साल की उम्र के बच्चे सेक्स कर सकते हैं। ये कानूनी तौर पर लीगल है। लेकिन जो बच्चे किसी की कस्टडी या केयर में रहते हैं, वे 18 साल की उम्र से पहले ऐसा नहीं कर सकते हैं।

4. ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया शहर में आप अपने घर का बल्ब खुद नहीं बदल सकते हैं। इसके लिए आपको किसी लाइसेंसी इलेक्ट्रिशियन को बुलाना होगा।
5. ऑस्ट्रेलिया में सड़क के दायीं ओर चलना इलीगल है। यहां तक कि आप फुटपाथ पर भी दायीं ओर नहीं चल सकते हैं। अगर आप ऐसा करते हैं तो वहां के कानून का उल्लंघन माना जाएगा।

6. यहां के कानून के मुताबिक, ब्राइटन बीच पर महिलाएं छोटे बिकिनी पहनकर न तो स्विमिंग कर सकती हैं और न ही नहा सकती हैं। उन्हें ऐसा करने के लिए गले से लेकर घुटने तक लंबा स्विम शूट पहनना होगा।
7. ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में संडे को पिंक पैंट्स पहनने पर पाबंदी है।

8. ऑस्ट्रेलिया में अगर आप किसी जानवर को खा रहे हैं, तब उसका नाम लेना गैरकानूनी है।
9. यहां पर बैटमैन और रॉबिन जैसा ड्रेस पहनना गैरकानूनी है।
10. यहां पब में शराब पीना गैरकानूनी है।

मां के लिए बनाया जुगाड़, अब उससे कमा लिए 200 करोड़

कहते हैं कि अगर आपको कुछ बड़ा बिजनेस करना हो तो आइडिया यूनिक होना जरुरी है । यह कहावत’स्क्वैटी पॉटी स्‍टूल’ के निर्माता और सीईओ बॉबी एडवर्ड्स पर बिल्‍कुल सटीक बैठती है।

बॉबी एडवर्ड्स को अपनी मां की बीमारी के चलते बिजनेस करने का आइडिया मिला और आज उसका कारोबार 200 करोड़ रुपए से भी ज्‍यादा का है। आज हम आपको बॉबी एडवर्ड्स के कारोबार के बारे में विस्‍तार से बताने जा रहे हैं।

बीमारी में मां के लिए बनाया जुगाड़

दरअसल, बॉबी एडवर्ड्स की मां जुडी एडवर्ड्स को कॉन्स्टिपेशन यानी कब्‍ज की बीमारी थी। उन्‍हें टॉयलेट सही ढंग से नहीं हो पा रहा था। इस वजह से जुडी बेहद परेशान रहती थीं। मां की इस हालत को देखकर बॉबी एडवर्ड्स ने एक जुगाड़ स्‍टूल बनाया।

इस स्‍टूल का इस्‍तेमाल करने के बाद जुडी की यह बीमारी अब खत्‍म हो गई है। बॉबी के इस यूनिक जुगाड़ की जुडी का इलाज कर रहे डॉक्‍टर्स ने भी सराहाना की। डॉक्‍टर्स ने उन्‍हें फूट स्‍टूल का हमेशा इस्‍तेमाल करने की सलाह दी।

पहला स्‍टूल लकड़ी का

बॉबी ने पहला स्‍टूल लकड़ी का बनाया और इसको उन्‍होंने ‘स्क्वैटी पॉटी स्‍टूल’ नाम दिया। बॉबी और उनके पैरेंट्स ने इस फूट स्‍टूल की सफलता को देखते हुए अपने फ्रेंड्स और रिलेटिव को गिफ्ट देना शुरू कर दिया। ‘स्क्वैटी पॉटी स्‍टूल’ को लोगों ने शानदार रिस्‍पॉन्‍स दिया। बॉबी के मुताबिक इसके शानदार रिस्‍पांस को देखते हुए हमने 35 हजार डॉलर में एक वेबसाइट बनाया और इस प्रोडक्‍ट का निर्माण शुरू कर दिया।

200 करोड़ की कमाई

चीन से मिला पहला बड़ा ऑर्डर बॉबी बताते हैं कि उन्‍हें पहला बड़ा ऑर्डर चीन से मिला। यहां के एक कारोबारी ने हमें ऑनलाइन ट्रैक किया और 2000 ‘स्क्वैटी पॉटी स्‍टूल’ का ऑर्डर दिया। बॉबी बताते हैं कि शुरू में उन्‍होंने प्रोडक्‍ट के प्रचार के लिए कई हेल्‍थ ब्‍लॉगर्स को फ्री में ये स्‍टूल दिया। बाद में हमने अमेरिकी शो शार्क टैंक के लिए क्‍वालिफाई किया।

यहां हमने सिर्फ 24 घंटे के भीतर 1 मिलियन डॉलर के प्रोडक्‍ट बेच दिए। इसके अलावा हमें लॉरी ग्रेनर नामक एक कारोबारी से 350,000 डॉलर का निवेश मिला। 200 करोड़ से ज्‍यादा की बिक्री इस प्रोडक्‍ट की पहले साल 2011 में 17,000 डॉलर की बिक्री हुई। जबकि 2015 में ‘स्क्वैटी पॉटी स्‍टूल’ 19 मिलियन डॉलर की बिके। वहीं 2017 के अंत तक ये स्‍टूल 33 मिलियन डॉलर यानी करीब 200 करोड़ रुपए के बिक चुके हैं।

कंपनी ने पिछले साल टॉयलेट प्‍लगर समेत कई अन्‍य प्रोडक्‍ट भी लॉन्‍च किए। बॉबी के मुताबिक अब इंटरनेशनल लेवल पर इस प्रोडक्‍ट को पॉपुलर बनाना है। इसके लिए कनाडा में नए प्‍लांट बनाने की भी प्‍लानिंग है।