खुशखबरी ! पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों को लेकर सरकार ने कर दी ये बड़ी घोषणा

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को यह बात कही। सरकार की निकट भविष्य में पेट्रोल और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की कोई योजना नहीं है , लेकिन पर्यावरण को बचाने और कच्चे तेल के आयात में कटौती के लिये इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना जारी रखा जाएगा।

प्रधान ने एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा , ” ई – वाहन प्राथमिकता में है लेकिन ईंधन की बढ़ती जरूरतों को बीएस -6 मानक वाले पेट्रोल एवं डीजल , सीएनजी , जैव ईंधन के साथ ही ई – वाहन सभी को मिला जुला कर पूरा किया जाएगा।

” एजेंसी की खबरों के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्री ने कहा , ” क्या कोई सरकारी दस्तावेज है , जिसमें यह लिखा हो कि इस तारीख से पेट्रोल और डीजल वाहन बंद होंगे। उन्होंने कहा कि भारत ऐसा करने का जोखिम नहीं उठा सकता।

” भारत में 2018-19 में 21.16 करोड़ टन पेट्रोलियम उत्पादों की खपत हुई थी। इसमें डीजल का हिस्सा 8.35 करोड़ टन और पेट्रोल का 2.83 करोड़ टन था।प्रधान ने कहा कि वाहनों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार के ईंधनों का होना जरूरी है। उन्होंने कहा , ” हमें सीएनजी , पीएनजी , जैव ईंधन और बायोगैस की जरूरत होगी। ”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में ऊर्जा की मांग दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ रही है और कोई भी एक स्त्रोत इस मांग को पूरा नहीं कर सकता है। इसके लिए कई ईंधनों के अलग अलग विकल्पों की जरूरत होगी। देश में एक अप्रैल 2020 से यूरो- छह मानक के पेट्रोल, डीजल का इस्तेमाल शुरू होगा।

इसके साथ ही सरकार वाहनों में खासतौर से सार्वजनिक वाहनों में सीएनजी के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दे रही है। सरकार पेट्रोल, डीजल में भी एथनॉल और दूसरे खाद्य तेलों के मिश्रण पर जोर दे रही है नीति आयोग के अनुसार 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहनों की 100 प्रतिशत बिक्री से भारत की तेल आयात निर्भरता काफी कम हो जाएगी।

अब नहीं पड़ेगा टोल प्लाजा पर रुकना, सरकार ने कर दी बड़ी घोषणा

मोदी सरकार ने टोल प्लाजा पर कैश से लेनदेन बंद करने का एलान किया है. आज लोकसभा में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी घोषणा की. अब सभी गाड़ियां फास्ट टैग के जरिए ही टोल प्लाजा से निकल सकेंगी. अगले चार महीने में सभी गाड़ियों में फ़ास्ट टैग लगाना अनिवार्य कर दिया जाएगा. वहीं गडकरी ने टोल की व्यवस्था को उचित ठहराया.

करीब 1 हफ्ता पहले उत्तर प्रदेश के इटावा से बीजेपी सांसद रामा शंकर कठेरिया और उनके सुरक्षाकर्मियों की यह तस्वीर सामने आई. जिसमें वो एक टोल प्लाजा के कर्मचारियों से मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

पिछले कुछ सालों में ऐसी तस्वीरें आम हो गई हैं गाड़ी में बैठे यात्रियों और टोल प्लाजा के कर्मचारियों के बीच टोल जमा करने के सवाल पर झड़प होती रही है. लेकिन अब ये स्थिति बदल सकती है, और उसकी वजह है सरकार का एक फैसला. सरकार ने फ़ैसला किया है कि अब किसी भी टोल प्लाजा पर कैश में लेन-देन नहीं होगा.

गडकरी ने लोकसभा में ऐलान किया की अब सरकार की योजना है कि अब उन्हीं गाड़ियों को टोल प्लाजा से आगे जाने दिया जाए जिन गाड़ियों में फास्ट टैग लगा हुआ हो. मतलब ये हुआ कि अब कैश देकर टोल देने की व्यवस्था खत्म कर दी जाएगी.

क्या होता है फास्टैग

फास्टैग गाड़ियों में लगा एक ऐसा उपकरण होता है जिस में चिप लगा होता है. जैसे ही कोई गाड़ी टोल प्लाजा पर पहुंचती है, फास्ट टैग में लगे चिप के जरिए टोल प्लाजा की मशीन खुद-ब-खुद उसे पढ़ लेती है और गेट खुल जाता है. टोल की रकम फास्ट टैग में जमा पैसे से खुद-ब-खुद कट जाती है.

टोल टैक्स को गडकरी ने ठहराया सही

नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल के जरिए कमाई को सही ठहराया. गडकरी का तर्क था कि अगर अच्छी सड़क का इस्तेमाल करना है तो उसके निर्माण के लिए लोगों को पैसा देना होगा.

गडकरी ने सफाई दी कि छोटी सड़कों और छोटी गाड़ियों पर कोई टोल नहीं लिया जाता है. वैसे गडकरी ने इसमें कुछ रियायत देने पर विचार करने का आश्वासन ज़रूर दिया. गडकरी ने कहा कि स्कूल की गाड़ियों और सरकारी बसों को टोल से मुक्त करने पर विचार हो सकता है.

अगर आपके पास भी है टाटा की कार तो कंपनी ने किया बड़ा ऐलान, आप भी ले सकते है इस ऑफर का फायदा

देश में मानसून शुरू हो चुका है। ऐसे में गाड़ियों की सबस ज्यादा हालत खराब होती है। ऐसे में गाड़ियों की सर्विस करवाना बेहद जरूरी है वरना बाद में काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। लेकिन अगर आपके पास टाटा मोटर्स की कोई कार है तो आपके लिए यह गुड न्यूज़ है। क्योकिं टाटा मोटर्स जुलाई के महीने में देश में फ्री मानसून चेक-अप प्रोग्राम लेकर आई है।

15 जुलाई से 25 जुलाई तक फ्री कार चेक-अप

टाटा मोटर्स ने देश में 15 जुलाई से 25 जुलाई तक फ्री कार चेक-अप कैंप की शुरुआत की है। साथ ही कंपनी अपनी डीलरशिप्स में कई ऑफर्स और स्कीम की भी पेशकश करेगी। जिनका फायदा ग्राहक उठा सकते हैं। ग्राहक अपनी टाटा कार को कंपनी के सर्विस सेंटर लेकर जायें और वहां अपनी कार को फ्री में चेक-अप करा सकते हैं। इतना ही नहीं स्पेयर पार्ट्स, रोड साइड असिस्टेंस, और इंजन ऑयल top-up पर 10 फीसदी का डिस्काउंट भी मिलेगा।

इसमें निजी कार खरीदारों को ऑयल टॉप अप्स पर 10 फीसदी और फ्लीट कार खरीदारों को 15 फीसदी का डिस्काउंट मिलेगा। इसके अलावा डीलरशिप्स फ्री चेक-अप के अलावा देश के कुछ हिस्सों में नई कार डिस्प्ले भी करेंगी। इतना ही नहीं कार लोन, एक्सचेंज फेयर और पुरानी कारों के फ्री इवेलुएशन के फायदे भी उपलब्ध होंगे।

ग्राहकों को होगा फायदा

फ्री कार चेक-अप कैंप के बारे में टाटा मोटर्स के सीनियर जनरल मैनेजर एंड हेड कस्टमर केयर सुभाजीत रॉय ने बताया कि टाटा मोटर्स में ग्राहक सेवा अपने व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण है, जो वर्षों में विकसित हुई है।

हमने बाजार की बदलती मांगों के साथ तालमेल रखने और प्रतिस्पर्धी और गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए सभी ग्राहकों की जरूरतों को समय पर ढंग से पूरा करने के लिए कई प्रकार की सेवा की पेशकश की है। इस मानसून में सभी टाटा मोटर्स की पैसेंजर कार और यूटिलिटी व्हीकल मालिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाएंगे।

ट्रैफिक कानून रौंदने वालों की अब खैर नहीं ! लोकसभा में पेश हुआ Motor Vehicles Amendment Bill 2019, जानें 10 प्रमुख बातें

देश में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सोमवार को लोकसभा में मोटर व्हीकल संशोधन बिल पेश किया गया. बिल में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए सजा को कठोर बनाने के साथ-साथ सड़क के निर्माण और उसके रख-रखाव में कमी के चलते होने वाली दुर्घटनाओं के लिए भी पहली बार कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

बिना हेलमेट 1000 रुपये का जुर्माना

इस बिल के मुताबिक, शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माने की रकम 2000 रुपये से बढ़ाकर 10000 रुपये करने का प्रावधान है. बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर 1000 रूपए का जुर्माना और तीन महीने के लिए लाइसेंस जब्त करने का प्रावधान है. फिलहाल ये जुर्माना केवल 100 रूपए है.

बिल के अन्य प्रमुख प्रावधान

  •  बिना लाइसेंस के ड्राइविंग करने पर जुर्माना 500 से बढ़ाकर 5000 किया गया.
  •  तेज गति से गाड़ी चलाने पर जुर्माना 500 रुपये से बढ़ाकर अधिकतम 5000 रुपया किया गया.
  • सीट बेल्ट नहीं लगाने पर भी जुर्माना बढ़ाया गया. इसे 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया है.
  •  मोबाइल फोन पर बात करते हुए गाड़ी चलाने पर पकड़े जाने पर जुर्माना 1000 रुपए से बढ़ाकर 5000 करने का प्रस्ताव है.
  •  किसी आपातकालीन गाड़ी को रास्ता नहीं देने पर पहली बार 10000 रूपए के जुर्माने का प्रावधान है.
  • नाबालिग द्वारा गाड़ी चलाने पर पहली बार सख्त जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

  • अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाते पकड़ा जाता है तो उसके अभिभावक या गाड़ी के मालिक दोषी माने जाएंगे. इसके लिए 25000 रूपए के जुर्माने के साथ-साथ 3 साल के जेल का प्रावधान है. साथ ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द करने का प्रावधान है.
  • ओवरलोडिंग के लिए 20000 न्यूनतम जुर्माना के साथ साथ 1000 रुपया प्रति टन अतिरिक्त पैसे का प्रावधान है.
  •  इस बिल में सड़क हादसे में मारे गए लोगों को मिलने वाले मुआवजे में भी बढ़ोतरी की गई है. इसे बढ़ाकर अब अधिकतम 5 लाख रुपए जबकि गंभीर रूप से घायल होने पर 2.5 लाख मुआवजा कर दिया गया है.
  •  रैश ड्राइविंग करने पर जुर्माना 1000 रुपये से बढ़ाकर 5000 करने का प्रस्ताव है.
  • गाड़ी में खामी पर सरकार कंपनी पर 500 करोड़ का जुर्माना लगा सकती है

अब दूसरे राज्य से कार खरीदना होगा सस्ता, ये है बड़ा कारण

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वाहनों की खरीद फरोख्त की प्रक्रिया को आसान बनाने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है। इसके तहत वाहनों को एक राज्य से खरीदक दूसरे राज्य ले जाने पर दोबारा से रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा और व्हीकल नंबर प्लेट भी नहीं बदलनी होगी। इसके अलावा देशभर में एक समान रजिस्ट्रेशन टैक्स लगाने पर विचार चल रहा है।

ये हो सकती हैं टैक्स की दर

मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक देशभर में एक समान टैक्स लागू करने का विचार हो रहा है। इसके अंतर्गत 10 लाख से कम कीमत के व्हीकल पर 8 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। वहीं, 10 से 20 लाख की कीमत वाले व्हीकल पर 10 प्रतिशत टैक्स, 20 लाख से ज्यादा महंगे व्हीकल पर 12 प्रतिशत टैक्स लगाया जा सकात है। प्रस्ताव अभी अपने शुरुआती दौर में है, जिसे लेकर मंत्रालयों के बीच बातचीत का दौर जारी है।

कम टैक्स वाले राज्यों में ज्यादा कार की बिक्री

सड़क परिवहन मंत्रालय ने मामले में राज्य सरकारों को पत्र लिखकर राज्यों के बीच एक समान रजिस्ट्रेशन टैक्स लगाने पर सुझाव मांगा हैं। मौजूदा दौर के ट्रेंड देखें, तो उन राज्यों में ज्यादा कार बिक्री होती है, जहां टैक्स कम रहता है। इससे कार और अन्य व्हीकल ग्राहक को सस्ते पड़ते हैं।

आरटीओ से लेनी होती है एनओसी

मौजूदा वक्त में अगर वाहन को एक शहर से दूसरे शहर शिफ्ट किया जाता है, तो ओनर को वाहन री-रजिस्टर्ड कराना होता है। साथ ही रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) से एनओसी लेनी होती है, जहां वाहन का रजिस्ट्रेशन होता है। साथ ही दोबारा टैक्स देना होता है। साथ ही नया नंबर दिया जाता है। हर एक राज्य और क्षेत्र का अपना व्हीकल नंबर होता है। उदाहरण के लिए दिल्ली का नंबर DL से शुरू होता है, जबकि उत्तर प्रदेश का नंबर UP से शुरू होता है।

बिना रजिस्ट्रेशन दूसरे राज्य में वाहन चलाने पर लग सकता है जुर्माना

देश में कई सारे व्हीलक ओनर ऐसे है, जो बिना बिना रजिस्ट्रेशन के दूसरे राज्यों में अपने वाहन को चलाते हैं। ऐसे में ओनर पर ट्रैफिक पुलिस की ओर से जुर्माना लगाए जाने का रिस्क रहता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हर एक स्टेट का व्हीकल रजिस्ट्रेशन अलग होता है।

ऑटोमेटिक कार खरीदने से पहले जरूर पढ़ ले ये खबर, नहीं तो पछताना पड़ेगा

कुछ सालों पहले तक AMT कारों के बारें में किसी ने सुना नहीं था और कोई जनता भी नहीं था। लेकिन जब भारत में AMT कारों की एंट्री हुई तो लोगों को ये इतनी पसंद आई कि आज हर किसी AMT कारें ही खरीदना पसंद करता है।

इसकी सबसे बड़ी वजह बेहतर माइलेज और कीमत का कम होना। आज हर बड़ी कार कंपनी चाहे वो मारुति सुजकी हो, हुंडई हो, टाटा मोटर्स हो या फिर रेनो हो, हर कोई मॉस सेगमेंट में AMT कारें ऑफर कर रहा है। लेकिन आपको बता दें कि ये ट्रेडिशनल ऑटोमैटिक कारें नहीं होती,

CVT और DCT के मुकाबले ये काफी अलग होती हैं। AMT बेसिकली मैन्युअल ट्रांसमिशन ही होते हैं लेकीन एक AMT किट की मदद से इन्हें ऑटोमैटिक बना दिया जाता है ताकि वो एक्सपीरियंस आपको मिल सके।

AMT कार की पहली बड़ी दिक्कत

जब भी आप चढ़ाई पर या पहाड़ी इलाकों पर इसे लेकर जायेंगे और अगर किसी समय आपको गाड़ी रोकनी पड़े और फिर वापस चढ़ाई करनी पड़े तो गाड़ी रोलबैक मारती है, यानी पीछे की तरफ जाती है, D मोड पर भी गाड़ी आगे जाने की जगह पीछे की तरह जाती है जोकि खतरनाक साबित हो सकता है।

वही मैन्युअल मोड में भी यह असरदार साबित नहीं होती। इतना ही नहीं नीचे की तरह यानी ढलान पर अगर गाड़ी रोकते हैं और रिवर्स गियर में डालकर पीछे की तरफ जाते हैं तो भी गाड़ी आगे की तरफ जाती है जोकि नहीं होना चाइये।

AMT कार की दूसरी बड़ी दिक्कत

किसी भी AMT कार में गियर अप-शिफ्ट जल्दी होते हैं जबकि डाउन शिफ्ट लेट होते हैं, ऐसे में अगर आपको ज्यादा पावर या ज्यादा टॉर्क की जरूरत होती है तो यहां AMT कारें धोखा दे जाती हैं। मैन्युअल कार से हाइवे पर ओवर टेक करने में दिक्कत नहीं होती लेकिन AMT कारों से यह मुश्किल हो जाता है।

AMT कार की तीसरी बड़ी दिक्कत

AMT कारों में गियर शिफ्टिंग स्मूथ नहीं होती, जरकी गियर शिफ्ट की वजह से कभी-कभी ड्राइविंग के दौरान झटके महसूस होते हैं जिसकी वजह से गाड़ी चलाने का मज़ा खराब हो जाता है, और यह कई बार आपके एक्सलेरेशन को दबाने पर भी निर्मर करता है। CVT और DCT के मुकाबले AMT बिलकुल भी स्मूथ नहीं होते, मैन्युअल के मुकाबले AMT कारों की कीमत करीब 50 हजार रुपये तक ज्यादा होती है ।

ये है भारत की सबसे सस्ती बाइक मार्केट, सिर्फ 15000 रुपए में मिल जाती है Bullet से लेकर Pulsar जैसी बाइक

हर लड़के को बाइक चलाना पसंद होता है लेकिन आजकल बाइक्स इतनी महंगी होती हैं कि उन्हें खरीदने से पहले 4 बार सोचना पड़ता है क्योंकि बाइक खरीदने के बाद उन्हें चलाना भी काफी खर्चीला होता है।

तो आज हम आपको एक ऐसे बाजार के बारे में बताएंगे जहां आपको आपकी मनचाही बाइक मात्र 15,000 रूपए में मिल जाएगी, लेकिन इसके लिए आपको सिर्फ एक शर्त माननी होगी। यहां बाइक खरीदने के लिए आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है।

हम बात कर रहे हैं दिल्ली के करोल बाग के बाइक मार्केट की। करोल बाग का ये बाजार सबसे बड़ा सेकेंड हैंड मोटर व्हीकल बाजार है। यहां आपको अच्छी कंडीशन वाली सेकेंड हैंड बाइक्स मिल जाती है कई बार तो लोगों को ऐसी बाइक मिल जाती है जो सिर्फ 150-200 किमी चली होती है।

इन बाइक्स के डीलर्स का कहना है कि कई बार तो लोग यहां अपनी नई बाइक्स बेच जाते हैं। यहां पर Royal Enfield से लेकर Pulsar जैसी बाइक्स आपको बेहद मामूली कीमत पर मिल जाती हैं।लेकिन अगर आप आप अभी भी दुविधा में हैं तो आपको बता दें कि आपको यहां बाइक के साथ उसका रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और डीलर्स की तरफ से वारंटी भी दी जाती है।

आपको मालूम हो कि वैसे Royal Enfield जैसी बाइक्स की शोरूम कीमत ही 1 लाख रूपए तक होती है और इसी तरह पल्सर की कीमत 74000रूपए से शुरूआत होती है। तो अगर आप अभी तक पैसे की वजह से बुलेट और पल्सर जैसी बाइक चलाने की ख्वाहिश पूरी नहीं कर पाए तो इस बाजार में एक बार जरूर आएं।

सरकार ने दिया नई कार और नया बाइक खरीदने वाले ग्राहको को बड़ा झटका

अगर आप नया वाहन खरीदने की सोच रहे हैं, तो फिर लंबी अवधि की बीमा पॉलिसी लेना अनिवार्य होगा। हालांकि जिन लोगों की पॉलिसी काफी पहले समय से चल रही है, उनको हर साल इसका रिन्युल कराना होगा। इस बात का स्पष्टीकरण खुद भारतीय बीमा नियामक प्राधिकरण (IRDA) ने दिया है।

इरडा के द्वारा जारी नियमों के अनुसार, दोपहिया वाहन खरीदने वाले लोगों को पांच साल का बीमा लेना जरूरी कर दिया गया है। वहीं नई कार खरीदने वालों के लिए तीन साल का बीमा लेना अनिवार्य कर दिया है। सभी नए वाहन खरीदने वालों को थर्ड पार्टी कवर लेना भी जरूरी है।

दो साल पुरानी गाड़ी मालिकों के लिए बाध्य नहीं

11 जुलाई को इरडा ने स्पष्टीकरण दिया है कि यह नियम दो साल या फिर इससे पहले खरीदे गए वाहनों पर लागू नहीं होगा। पुरानी गाड़ी के मालिकों को पहले की तरह ही केवल एक साल वाला बीमा कराना होगा।

बढ़ जाएगा खर्चा

बात अगर दोपहिया वाहनों की करें तो फिर उनके लिए 1000सीसी से अधिक की बाइक खरीदने पर 45 हजार रुपये से अधिक केवल बीमा लेने के लिए खर्च करना होगा। हालांकि ओन डैमेज बीमा एक साल के लिए ले सकते हैं। इससे वाहन की एक्स शो-रूम कीमत में इजाफा हो जाएगा। इससे करीब 10 से लेकर 50 हजार रुपये तक का खर्चा बढ़ने की उम्मीद है।

15 लाख हुई क्लेम की राशि

इसी के साथ इरडा ने व्यक्तिगत बीमा कवर की क्लेम राशि को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया है। पहले दोपहिया वाहनों के लिए क्लेम राशि एक लाख रुपये और चौपहिया वाहनों पर एक लाख रुपये तय था। इसके लिए ग्राहकों से प्रीमियम के तौर पर 50 या फिर 100 रुपये (कर रहित) लिए जाते थे। अब यह व्यक्तिगत बीमा कवर सभी वाहन स्वामियों को लेना पड़ेगा और 750 रुपये सालाना प्रीमियम भी देना होगा।

लंबी अवधि का बीमा लेना फायदेमंद

अब इन नए नियमों के लागू होने से लंबी अवधि का बीमा लेना वाहन मालिकों के लिए फायदेमंद होगा। वहीं इसका एक नुकसान यह होगा कि जिस छूट का फायदा कंपनियों की तरफ से गाड़ी खरीदने पर लोगों को मिलता, उसका एक-तिहाई हिस्सा अब बीमा कराने में खर्च हो जाएगा।

ट्रांसफर करें नो क्लेम बोनस

नो क्लेम बोनस आपको तब मिलता है, जब आप पुरानी बीमा पॉलिसी की अवधि के दौरान किसी तरह का क्लेम नहीं लेते हैं। यह क्लेम आपको अपनी पुरानी गाड़ी को बेचने और नई गाड़ी खरीदने पर मिल सकता है। हालांकि इसके लिए आपको नई गाड़ी खरीदते वक्त बीमा पॉलिसी में अपना नाम ही देना होगा।

अब फुल स्पीड पर कार चलाने पर भी नहीं कटेगा चालान, सरकार ने बनाया ये नया कानून

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि यदि कोई वाहन तय सीमा से 5 फीसदी अधिक गति पर दौड़ता हुआ पाया जाता है तो मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 183 के तहत ओवरस्पीड में उसका चालान नहीं काटा जाएगा। यह बात उन्होंने लोकसभा में वाहनों की गति निर्धारित करने की जानकारी देते समय दी।

एक्सप्रेस-वे पर 120 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ सकती हैं कारें

केंद्रीय मंत्री ने गुरुवार को लोकसभा में बताया कि उनके मंत्रालय ने एक्सप्रेस-वे, हाईवे समेत अन्य सड़कों पर कारों और भारी वाहनों की नई गति निर्धारित की है। उन्होंने बताया कि अब एक्सप्रेस-वे पर कारें 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से सफर कर सकती हैं। वहीं बसों के लिए यह गति सीमा 100 किलोमीटर प्रतिघंटा रखी गई है।

इसके अलावा 4 या इससे ज्यादा लेन की डिवाइडर वाले हाईवे या अन्य सड़कों पर बसों की अधिकतम गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। यानी अब एक्सप्रेस-वे पर यदि कोई कार 126 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ती हुई पकड़ी जाती है तो अधिकतम रफ्तार 120 किलोमीटर और 5 फीसदी अतिरिक्त छूट के नियम के कारण उस पर गति सीमा उल्लंघन की कोई कार्रवाई नहीं होगी।

कमेटी की सिफारिशों पर बढ़ाई गति सीमा

नितिन गडकरी ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि वाहनों की गति सीमा निर्धारण के लिए एक कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने वाहन इंजन में बेहतरीन तकनीक के इस्तेमाल और सड़कों की गुणवत्ता में सुधार के आधार पर वाहनों की गति सीमा बढ़ाने की सिफारिश की थी। इन्हीं सिफारिशों के आधार पर मंत्रालय ने एक्सप्रेस-वे, हाईवे समेत अन्य सड़कों पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा बढ़ाने का फैसला लिया है।

आ रही है देश की पहली ‘पानी’ से चलने वाली कार, एक बार में चलेगी 1,000 किमी

देश की पहली प्योर इलेक्ट्रिक कार ह्यूंदै कोना को लॉन्च करने के बाद कंपनी अब एडवांस टेक्नोलॉजी वाली कार लॉन्च करने की तैयारियों में जुट गई है। ह्यूंदै ग्रीन मोबिलिटी में एक कदम आगे बढ़ाते हुए देश की पहली हाइड्रोजन यानी पानी से चलने वाली कार लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।

ह्यूंदै अगर इस कार को लॉन्च करता है, तो ये देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली कार होगी। हाइड्रोजन से चलने वाली कार नेक्सो को लॉन्च करने के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।कंपनी के मुताबिक हाइड्रोजन से चलने वाली कार नेक्सो पहले से कोरिया में बिक्री के लिये उपलब्ध है और इसे 2021 तक भारत में लॉन्च किया जाएगा। इसके लिये दिल्ली-एनसीआर में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने के लिये कंपनियों के साथ पार्टनरशिप करने वाली है।

जैपनीज कार कंपनी टोयोटा ने हाइड्रोजन फ्यूल सेल कार में दिलचस्पी दिखाई है, लेकिन फिलहाल उसका फोकस कम कीमत वाली इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी वाली कारें लॉन्च करने पर है।हाइड्रोजन नेक्सो की बात करें, तो इसमें पांच दरवाजे होंगे और यह फाइव सीटर स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल होगी और साइज में यह देश की बेस्ट सेलिंग मिड साइज एसयूवी क्रेटा से लंबी होगी।

नेक्सो के ग्लोबल वर्जन में 120kW की मोटर लगी होगी, जो 163 पीएस की पावर देगी। वहीं इसके फ्यूल टैंक में 163 लीटर हाइड्रोजन भरी जा सकेगी।कोना के मुकाबले नेक्सो की ड्राइविंग रेंज जबरदस्त है। पेट्रोल से चलने वाली एसयूवी के मुकाबले कोना की ड्राइविंग रेंज ज्यादा है। वहीं नेक्सो ने कोना को भी पीछे छोड़ दिया है।

नेक्सो की कोरिया में ड्राइविंग रेंज 800 किमी तक है, लेकिन भारत में यह 1000 किमी तक होगी। वहीं भारत सरकार ने भी हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ियों को प्रमोट करने के लिये सकारात्मक रुख दिखाया है। जीएसटी काउंसिल ने भी 28 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी कर दिया है।

हाइड्रोजन न केवल रंगहीन और गंधहीन गैस है, वहीं जलने पर यह रंगहीन लौ छोड़ती है। ह्यूंदै की योजना है कि अपने स्वामित्व वाली किआ मोटर्स के साथ मिल कर पूरी दुनिया में इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन वाली कम के कम 18 इकोफ्रेंडली कारें लॉन्च की जाए। इलेक्ट्रिक गाड़ियो की रेंज बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। कई कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में इस टेक्नोलॉजी को प्रयोग करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।