अब दूसरे राज्य से कार खरीदना होगा सस्ता, ये है बड़ा कारण

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वाहनों की खरीद फरोख्त की प्रक्रिया को आसान बनाने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है। इसके तहत वाहनों को एक राज्य से खरीदक दूसरे राज्य ले जाने पर दोबारा से रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा और व्हीकल नंबर प्लेट भी नहीं बदलनी होगी। इसके अलावा देशभर में एक समान रजिस्ट्रेशन टैक्स लगाने पर विचार चल रहा है।

ये हो सकती हैं टैक्स की दर

मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक देशभर में एक समान टैक्स लागू करने का विचार हो रहा है। इसके अंतर्गत 10 लाख से कम कीमत के व्हीकल पर 8 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। वहीं, 10 से 20 लाख की कीमत वाले व्हीकल पर 10 प्रतिशत टैक्स, 20 लाख से ज्यादा महंगे व्हीकल पर 12 प्रतिशत टैक्स लगाया जा सकात है। प्रस्ताव अभी अपने शुरुआती दौर में है, जिसे लेकर मंत्रालयों के बीच बातचीत का दौर जारी है।

कम टैक्स वाले राज्यों में ज्यादा कार की बिक्री

सड़क परिवहन मंत्रालय ने मामले में राज्य सरकारों को पत्र लिखकर राज्यों के बीच एक समान रजिस्ट्रेशन टैक्स लगाने पर सुझाव मांगा हैं। मौजूदा दौर के ट्रेंड देखें, तो उन राज्यों में ज्यादा कार बिक्री होती है, जहां टैक्स कम रहता है। इससे कार और अन्य व्हीकल ग्राहक को सस्ते पड़ते हैं।

आरटीओ से लेनी होती है एनओसी

मौजूदा वक्त में अगर वाहन को एक शहर से दूसरे शहर शिफ्ट किया जाता है, तो ओनर को वाहन री-रजिस्टर्ड कराना होता है। साथ ही रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) से एनओसी लेनी होती है, जहां वाहन का रजिस्ट्रेशन होता है। साथ ही दोबारा टैक्स देना होता है। साथ ही नया नंबर दिया जाता है। हर एक राज्य और क्षेत्र का अपना व्हीकल नंबर होता है। उदाहरण के लिए दिल्ली का नंबर DL से शुरू होता है, जबकि उत्तर प्रदेश का नंबर UP से शुरू होता है।

बिना रजिस्ट्रेशन दूसरे राज्य में वाहन चलाने पर लग सकता है जुर्माना

देश में कई सारे व्हीलक ओनर ऐसे है, जो बिना बिना रजिस्ट्रेशन के दूसरे राज्यों में अपने वाहन को चलाते हैं। ऐसे में ओनर पर ट्रैफिक पुलिस की ओर से जुर्माना लगाए जाने का रिस्क रहता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हर एक स्टेट का व्हीकल रजिस्ट्रेशन अलग होता है।

इंतजार खत्म ! भारत में लॉन्च हुई Hyundai की नई SUV, जानें कीमत-खूबियां

Hyundai ने नई दिल्ली में एक इवेंट के दौरान अपनी पहली सब कॉम्पैक्ट SUV Venue को लॉन्च कर दिया है. इस कार को पिछले महीने पेश किया गया था और इसकी आधिकारिक बुकिंग भी 2 मई से ही शुरू कर दी गई थी. ये हुंडई की भारत में पहली सब 4-मीटर कॉम्पैक्ट SUV है. साथ ही ये कंपनी की पहली कनेक्टेड कार भी है.

ये प्राइस लिस्ट

Hyundai Venue को कंपनी ने पेट्रोल और डीजल दोनों वर्जन में लांच किया है। इसके 1.2 लीटर पेट्रोल वैरिएंट की कीमत 6.50 लाख रुपये से लेकर 7.2 लाख रुपये तक है। वहीं इसके 1.4 लीटर डीजल इंजन वैरिएंट की कीमत 7.75 लाख रुपये से लेकर 10.84 लाख रुपये तक है।

इसके अलावा टर्बो GDI 1.0 लीटर इंजन मैनुअल वैरिएंट की कीमत 8.2 लाख रुपये से लेकर 10.6 लाख रुपये तक है। इसके अलावा DCT वैरिएंट की कीमत 9.35 लाख रुपये से लेकर 11.10 लाख रुपये तक है। ये सभी कीमतें पूरे भारत में एक समान हैं।

Hyundai Venue के फीचर्स की बात करें तो इसमें LED DRls के साथ प्रोजेक्टर हेडलैम्प, डार्क क्रोम ग्रिल, प्रोजेक्टर टाइप फॉग लैम्प, LED टेल लैम्प और शार्क फिन एंटीना दिया गया है. यहां 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है और ये ऐपल कार प्ले और एंड्रॉयड ऑटो दोनों के साथ कॉम्पैटिबल है.

इस 8-इंच स्क्रीन के जरिए ही हुंडई की ब्लूलिंक टेक्नोलॉजी को ऑपरेट किया जा सकेगा. कनेक्टेड SUV होने की वजह से इसमें ढेरों कनेक्टिविटी फीचर्स दिए गए हैं. इसमें कुल 33 कनेक्टिविटी फीचर्स दिए गए हैं, जिसमें से 10 खासतौर पर भारत के लिए दिए गए हैं.

इन फीचर्स में लोकेशन बेस्ड सर्विसेज, AI बेस्ड वॉयस कमांड्स और इंजन, AC और डोर्स के लिए रिमोट फंक्शन्स जैसे फीचर्स शामिल हैं. साथ ही इसमें कई और फीचर्स जैसे इलेक्ट्रिक सनरूफ, वायरलेस फोन चार्जिंग, एयर प्यूरीफायर और क्रूज कंट्रोल भी दिए गए हैं.

Hyundai Venue के इंजन की बात करें तो यहां एक-दो नहीं बल्कि तीन इंजन का ऑप्शन दिया गया है. 1.0-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन 120 PS का पावर और 172 Nm का पिक टॉर्क जनरेट करेगा.  वेन्यू के साथ 1.2-लीटर MPI पेट्रोल इंजन का भी ऑप्शन मिलेगा. अब डीजल इंजन की बात करें तो यहां 1.4-लीटर यूनिट दिया गया है,यहां 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन का ऑप्शन मिलेगा.

65 का माइलेज देता है हीरो का ये नया स्कूटर, कीमत सिर्फ 19,990 रुपए

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमत के इस दौर में मोटर साइकिल और कार खरीदने से ज्यादा महंगा होता है गाड़ियों को चलाना । हर कोई चाहता है कि कोई ऐसी बाइक या मोटरसाइकिल मिल जाए जो कम से कम ईंध्न के खर्च में ज्यादा से ज्यादा दूरी तय करे यानि माइलेज शानदार हो ताकि उनकी जेब पर कम भार पड़े।

आम आदमी की इसी परेशानी को दूर करने के लिए हीरो ने एक ऐसा स्कूटर मार्केट में उतारा है जो 65 किमी का माइलेज बेहद आराम से दे देता है। हीरो ने हाल ही में अपना स्कूटर flash निकाला है। इस स्कूटर की सबसे खास बात ये है कि ये स्कूटर इको फ्रेंडली है यानि इससे पर्यावरण के ऊपर कोई भी बुरा असर नहीं पड़ता ।

दरअसल ये स्कूटर पेट्रोल या डीजल नहीं बल्कि सिर्फ इलेक्ट्रिक बैटरी से चलता है। जिसे चार्ज करने के बाद आप आराम से अपने सफर पर निकल सकते हैं।ये स्कूटर रोजाना सफर करने वाले ऑफिस गोइंग लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इलेक्ट्रिक बैटरी होने की वजह से लोगों को रोज-रोज पेट्रोल भराने के झंझट से मुक्ति मिल जाती है।

लुक्स और स्टाइल की बात करें तो ये स्कूटर बेहद स्टाइलिश लगता है साथ ही इसके अलॉय व्हील्स, टेलीस्कोपिक सस्पेंशन और सीट के नीचे दिया गया लगेज बॉक्स लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है।आपको बता दें कि हीरो ने इसमें 40 v की बैटरी दी है जो 7-8 घंटे में पूरी तरह से चार्ज हो जाती है। यानि इसके बाद आप इसे कहीं भी ला ले जा सकते हैं।

कीमत- कीमत की बात करें तो इस स्कूटर की शोरूम कीमत 19990 रूपए यानि ऑन रोड ये आपको 25000 तक का पड़ेगा।

Hyundai का ऐलान, अब बिना कोई पैसा दिए किराये पर चलाओ हुंडई की कोई भी कार, जानें पूरी स्कीम

हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड ने कार किराए (लीज) पर देने को लेकर बड़ा ऐलान किया है, जिसके तहत कंपनी की सभी कारें अब लीज पर उपलब्ध रहेंगी। कंपनी ने गुरुवार को बताया कि उसने एएलडी ऑटोमोटिव (ALD Automotive India) कंपनी के साथ समझौता किया है, जो कारों को लीज पर उपलब्ध कराती है।

मंथली किराए की कीमत का नहीं हुआ खुलासा

हुंडई की कार लीज पर लेने के लिए किसी तरह का कोई अग्रिम भुगतान नहीं करना होगा और न ही बीमा या रखरखाव की चिंता रहेगी। हालांकि हुंडई की कार को किराए पर लेने के लिए मंथली कितना किराया देना होगा। इसके बारे में कोई ऐलान नहीं किया गया है। वहीं कंपनी ने यह भी नहीं बताया कि 5 साल के बाद अगर कोई कार खरीदना चाहता है, तो उसके लिए कोई सुविधा उपलब्ध होगी या नहीं।

चुनिंदा शहरों के लिए होगी व्यवस्था

लीजिंग की सुविधा पहले चरण के लिए दिल्ली एनसीआर, मुंबई, बैंग्लुरु और चेन्नई में मिलेगी. यह लीज कम से कम 2 साल से लेकर 5 साल के लिए होगी, जो कि हर एक शहर और मॉडल के हिसाब से अलग-अलग होगी।

एएलडी ऑटोमोटिव इंडिया के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर सुवाजीत करमाकर ने कहा कि हम हुंडई के साथ पार्टनरशिप से लीजिंग बिजने को भारत में आगे स्तर पर ले जाने की कोशिश करेंगे। देश में मौजूदा वक्त में कार लीजिंग का कारोबार 1 फीसदी है। लीज की व्यवस्था वर्किंग प्रोफेशनल, स्मॉल और मीडियम इंटरप्राइजेज, कॉरपोरेट और पब्लिक सेक्टर के लिए होगी।

इस खास टायर्स से बढ़ जाएगी गाड़ियों की 15 फीसदी माइलेज,जानिये इनकी खूबियां

जिस तरह से पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं, लोगों के लिए अपनी कार या मोटरसाइकिल का चलाना महंगा हो गया है। ऐसे में कार हो या बाइक हर किसी को बेहतर माइलेज चाइये। और अच्छी माइलेज में सबसे अहम भूमिका टायर्स भी निभाते है।इसलिए टायर्स की देखभाल बेहद जरूरी भी है।

देश में ज्यादातर गाड़ियों में रेडियल टायर्स और सेमी रेडियल टायर्स सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं। लेकिन अब जल्द ही आपको लो रोलिंग रेजिस्टेंस टायर्स भी देखने को मिलेंगे जो न सिर्फ आपकी गाड़ी के लिए अच्छे होंगे बल्कि फ्यूल की भी काफी बचत करेंगे। आइये जानते हैं लो रोलिंग रेजिस्टेंस टायर्स के बारे में…

जो एनर्जी गाड़ी को पुल करने के लिए लगती है उसे लो कम रोलिंग रेजिस्टेंस कहा जाता है। रोलिंग रेजिस्टेंस कम होने पर टायर्स को ज्यादा ताकत नहीं लगानी पड़ती जिसकी वजह से फ्यूल की खपत कम हो जाती है और माइलेज में इजाफा होता है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों में लो रोलिंग रेजिस्टेंस टायर्स का इस्तेमाल किया जाता है ताकि वो कम एनर्जी में ज्यादा दूरी तय कर सकें।कम रोलिंग रेजिस्टेंस से करीब 10 फीसदी तक फ्यूल की बचत की जा सकती है।

जापान, यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में कारों के टायर्स में रोलिंग रेजिस्टेंस मानक लागू हैं और टायर्स पर रोलिंग रेजिस्टेंस लिखा भी होता है। फ्यूल की बचत के साथ-साथ इन टायर्स से गाड़ी की परफॉरमेंस भी बेहतर होती है जिससे आपका सफर भी सुहाना बनता है।

देश में सरकार भी अब गाड़ियों के रेडियल टायरों के लिए नए रोलिंग रेजिस्टेंस मानक लागू करने की कवायद में जुट गई है। अब टायर निर्माता कंपनियों को ऐसे टायर्स बनाने होंगे जिनके चलाने से एनर्जी की खपत कम हो। दरअसल टायर्स के बनाने में तकनीकी बदलाव करके यह किया जाता है। इस मानक के लागू होने पर गाड़ियों को चलाने जहां मजा आएगा वही इसकी माइलेज में भी करीब 15 फीसदी तक बढ़ोतरी हो जाएगी।

बिना AC के भी शिमला जैसी ठंडक देगी आपकी कार, बस करना पड़ेगा ये काम

गर्मी का मौसम ( summer season ) आ चुका है ऐसे में कई बार आपकी कार ( car ) का AC ठीक ढंग से काम नहीं करता है या फिर खराब हो जाता है तो कार का केबिन काफी गर्म हो जाता है। ऐसे में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं हैं क्योंकि हम आपको ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप बड़ी आसानी से अपनी कार को ठंडा रख सकते हैं वो भी बिना पैसे खर्च किए हुए।

आपको अपनी कार को बिना AC के ठंडा रखने के लिए ज्यादा मशक्क्त नहीं करनी पड़ेगी बस आप कुछ चीज़ों की मदद से कार को ठंडा रख सकते हैं।

सनशेड : अगर आप गर्मियों के दिन में अपनी कार चलाते हैं तो आपको कार में सनशेड जरूर रखना चाहिए। ये सनशेड आप कार की विंडो पर लगा सकते हैं जिससे आप कार में धूप आने से रोक सकते हैं। और आपकी कार ठंडी रहती है।

टॉवल : जब आप कार से बाहर निकलते हैं तो आपको कार की सीट पर टॉवल रख देना चाहिए, इससे कार अंदर से ठंडी बनी रहती है और आपको गर्मी का एहसास नहीं होता है।

सोलर फैन : आपको अपनी कार में सोलर फैन जरूर लगवाना चाहिए, ये आपको कार से सारी गर्माहट बाहर निकाल देता है और कार अंदर से ठंडी बनी रहती है।

पार्किंग : अगर आपको अपनी कार पार्क करनी हो तो कोशिश करनी चाहिए कि आप अपनी कार को किसी छायादार जगह में पार्क करें। ऐसा करने से कार गर्म नहीं होती है और बिना AC चलाए भी ये ठंडी बनी रहती है।

मोटरसाइकिल की क्लच प्लेट इन वजहों से हो जाती है खराब, कभी भी ना करें ये काम

कई बार देखा जाता है कि मोटरसाइकिल की क्लच प्लेट जल्दी जल्दी खरबा हो जाती है इसके पीछे सीधे तौर पर बाइक राइडर जिम्मेदार होता है। लेकिन बाइक की क्लच प्लेट भले ही आपसे अनजाने में खराब हो लेकिन इसके परिणाम बेहद खतरनाक हो सकते हैं। इसीलिए आज हम आपको बताएंगे कि आखिर किन बातों या गलतियों की वजह से मोटरसाइकिल का क्लच खराब हो जाता है

इन वजहों से खराब हो जाता है मोटरसाइकिल क्लच-

अक्सर लोग क्लच दबाकर रेस देते हैं या कई बार तो हाफ क्लच दबाकर बाइक चलाते हैं। ऐसा करने से क्लच प्लेट्स के ख़राब होने के ज्यादा चांस होते हैं। इतना ही नहीं इस तरह बाइक चलाने से क्लच प्लेट जल तक जाती है। स्पीड में बाइक चलाते वक्त अचानक से ब्रेक और क्लच का इस्तेमाल कर कभी भी बाइक न रोकें ।

यह तरीका भी गलत है। इसलिए पहले गाड़ी को स्लो करें फिर रोकने के क्लच और ब्रेक का इस्तेमाल करें। कम स्पीड में बाइक चला रहे हों तो पहले ब्रेक नहीं दबाना चाइये। बल्कि क्लच दबाने के बाद ब्रेक का प्रयोग करना बाइक की हेल्थ के लिए सही होता है। ऐसा करने से बाइक की क्लच को कोई नुकसान नही होगा साथ ही इंजन पर भी इसका असर नहीं पड़ेगा।

अगर बाइक स्पीड में चला रहे हों तो गियर बदलने के लिए गाड़ी की स्पीड जरूर कम करें क्योकिं तेज रफ्तार में गियर बदलने से क्लच और गियर दोनों को नुकसान पहुँचता है। इसलिए पहले बाइक स्पीड कम करें फिर गियर को बदल दें और फिर क्लच छोडें।

Maruti Alto 800 को टक्कर देगा santro का सस्ता मॉडल, जानें कब तक होगा लॉन्च

हुंडई ( Hyundai ) ने Santro की लॉन्चिंग के साथ ही अपनी एंट्री लेवल कार eon का प्रोडक्शन बंद कर दिया था। लेकिन खबरों की मानें तो कंपनी सैंट्रो के बेस वेरिएंट पर काम कर रही है, बताया जा रहा है कि ये वेरिएंट काफी सस्ता होगा।

आपको बता दें कि फिलहाल हुंडई के पास इस वक्त कोई एंट्री लेवल कार नहीं है ऐसे में यह माना जा रहा है की सेंट्रो का नया बेस वेरिएंट कंपनी की बंद हो चुकी EON की जगह लेगा।

फीचर्स पर होगी नजर-

आपको बता दें कि सेंट्रो का मुकाबला मारुति ऑल्टो 800 से है जिसकी शुरूआती कीमत 2.94 लाख रूपए से शुरू होती है। जबकि सेंट्रो की दिल्ली में एक्स-शो रूम कीमत 3.90 लाख रुपये से शुरू होती है। इसके अलावा एंट्री लेवल सेगमेंट में क्विड जैसी कारें भी है।

यही वजह है कि कंपनी ने सैंट्रो के सस्ते वर्जन पर काम करना शुरू कर दिया है। लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या सैंट्रो के सस्ते वेरिएंट में स्टैंडर्ड फीचर्स होंगे। क्योकिं नया नियमों के मुताबिक अब नई हर नई कार में ABS और एयरबैग स्टैण्डर्ड फीचर्स हो गये हैं।

5 वेरिएंट्स में मिलती है सैंट्रो

इस समय सेंट्रो D-Lite, Era, Magna, Sportz और Asta जैसे 5 वेरिएंट्स में मिलती है। जिनकी कीमत 3.90 लाख रुपये से लेकर 5.65 लाख रुपये तक जाती है। Santro का ये सस्ता मॉडल इस साल के अंत तक लांच होने की पूरी संभावना है।

चलती कार का ब्रेक हो जाए फेल तो घबराएं नहीं, इन तरीकों से रोकने की करें कोशिश

कार ड्राइविंग के समय यदि ब्रेक फेल हो जाए तो इससे बुरा और भी कुछ भी नहीं हो सकता है। यदि ड्राइविंग के समय ऐसा लगता है कि आपकी कार का ब्रेक काम नहीं कर रहा है और ब्रेक फेल हो चुका है, तो ऐसी स्थिति में घबराना नहीं चाहिए। बल्कि कुछ ऐसे उपाय हैं जिन पर आपको अमल करने की जरूरत होती है ताकि कार को रोका जा सके। ब्रेक फेल होने की स्थिति में अपनाए ये उपाय —

स्पीड कंट्रोल: ब्रेक फेल होने की स्थिति में सबसे बड़ी चुनौती कार की स्पीड को कम करना होता है। इसी दशा में एक्सलेटर से अपना पांव हटा लें और बार-बार ब्रेक पैडल को दबाएं। कभी-कभी प्रेसर से ब्रेक काम करना शुरु कर देता है।

गियर शिफ्टिंग: कार के गियर को धीमें-धीमें निचले स्तर यानी कि 1 नंबर पर लेकर आएं। यदि आप पांचवे गियर में चल रहे हैं तो पहले चौथे गियर पर लाएं, फिर तीसरे गियर और ऐसा करते हुए 1 नंबर गियर पर कार को लेकर आएं। भूलकर भी कार को न्यूट्रल गियर में न डालें।

इससे आपकी कार बिलकुल फ्री हो जाएगी और आपका कंट्रोल कार से खत्म हो जाएगा। गियर शिफ्टिंग के दौरान ध्यान रखें कि आप जल्दबाजी में रिवर्स गियर में कार को शिफ्ट न कर दें। ऐसा करने से बड़ा हादसा हो सकता है।

हैंड ब्रेक: जब आपकी कार 1 नंबर गियर पर आ जाए तो ऐसी स्थिति में कार की स्पीड काफी कम हो जाएगी। अब दौरान आप कार को रोड़ के किनारे लाते हुए हैंड ब्रेक को धीमें धीमें उपर उठाना शुरु करें। कभी भी हैंड ब्रेक का प्रयोग हाई स्पीड में न करें, इससे कार के पिछले पहिए लॉक हो जाएंगे और गाड़ी रोल ओवर होकर पलट सकती है।

हॉर्न और हजार्ड लाइट: ब्रेक फेल होने पर अपनी कार के हजार्ड लाइटस् को चालू कर दें, इसके अलावा हार्न बजा कर सड़क पर दूसरे वाहन चालकों को इस बात का संकेत दें कि आपकी कार का ब्रेक फेल हो चुका है। आप हेडलाइट, इंडीकेटर्स इत्यादि सबको चालू कर दें।

रेत या डिवाइडर की मदद: उपर दिए गए सभी उपायों को करने के बाद भी यदि आपकी गाड़ी नहीं रूकती है और आप किसी ऐसी जगह पर ड्राइव कर रहे हैं जहां पर डिवाइडर हो या फिर रेत इत्यादि हो तो, आप अपनी कार के साइड को डिवाइड पर रगड़ते हुए निकालें।

इस दौरान स्टीयरिंग व्हील पर अपना पूरा नियंत्रण रखें। घर्षण से कार की बॉडी डैमेज तो होगी लेकिन इससे कार की स्पीड काफी कम हो जाएगी। इसके अलावा यदि रेत का टीला इत्यादि दिखता है तो अपनी कार को रेत के उपर ले जाकर रोकने की कोशिश करें।

इस साल जुलाई से हर छोटी बड़ी कार में कंपनियों को देने होंगे ये जरूरी फीचर

सड़क पर आए दिन हादसे होते हैं। इन हादसों को कम करने और लोगों की जान की सुरक्षा के लिए सरकार ने कई नियमों को लागू किया है। बाइक सवारों की सेफ्टी के लिए अप्रैल से बाइक्स में abs अनिवार्य करने के बाद अब जुलाई से कार सेफ्टी के नियम भी बदलने वाले हैं। यानि हर कार में कुछ सेफ्टी फीचर्स होना जरूरी होगा ,नहीं तो आप कार नहीं चला पाएंगे।

यही वजह है कि कंपनियों ने अपनी कारें अपडेट करना शुरू कर दिया है। इसीलिए आज हम आपको उन फीचर्स के बारे में बताएंगे जिनका जुलाई से कारों में होना जरूरी होगा। तो अगर आप नई कार खरीदने वाले है तो खरीदने से पहले चेक कर लें कि आपकी कार में ये फीचर्स हैं या नहीं।

स्पीड अलर्ट सिस्टम- ड्राइवर्स जल्दबाजी में स्पीड का ध्यान नहीं रखते और कई बार इसकी वजह से खतरनाक एक्सीडेंट हो जाते हैं। लेकिन जुलाई से कारों के लिए यह फीचर होना जरूरी होगा। ये फीचर कार की स्पीड तेज होने पर ड्राइवर और पैसेंजर को इंफार्म करेगा। कार की स्पीड ज्यादा होने पर यह ऑटोमेटिक आवाज कर सबको वॉर्न करेगा ताकि कार को टाइमली कंट्रोल किया जा सके।

एयरबैग- जुलाई से कारों में ड्राइवर एयरबैग ( driver Airbag ) होना जरूरी होगा। हालांकि ज्यादातर कारें आजकल इस फीचर पर सबसे ज्यादा जोर दे रही हैं लेकिन फिर भी कुछ कारों में अभी भी ड्राइवर एयरबैग नहीं है। तो आप कार बेस वेरिएंट खऱीदते वक्त ध्यान से ये चेक करें कि कार में ड्राइवर एयरबैग है।

 

रिवर्स पार्किंग अलर्ट सिस्टम ( reverse parking alert system )- पार्किंग के समय रिवर्स करते समय अक्सर एक्सीडेंट हो जाते हैं । इन हादसों से बचने के लिए रिवर्स पार्किंग अलर्ट सिस्टम लाया गया है। इसके लिए सेंसर या कैमरे का प्रयोग किया जाता है।

एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम- बाइक्स के बाद कारों में भी एबीएस फीचर जरूरी हो जाएगा। यानि खराब रास्तों पर चलते हुए अचानक ब्रेक लगाएं जाएं तो ABS ब्रेक को पहिये के साथ लॉक होने से बचाता है, इससे बड़े से बड़े हादसे टल जाते है।

सीट बेल्ट रिमाइंडर ( seat belt reminder ) – जुलाई से सरकार ने ड्राइवर और फ्रंट पैसेंजर के लिए सीट बेल्ट रिमाइंडर लगाना अनिवार्य हो जाएगा। यह फीचर जब तक ड्राइवर और फ्रंट पैसेंजर सीट बेल्ट नहीं लगाएंगे तब तक आवाज करता रहेगा।