बाइक देगी 150 km का माइलेज, आज ही लगवाएं 500 रुपये का ये छोटा सा डिवाइस

आज जिस गति से ईंधन के दाम बढ़ते जा रहे हैं ये देखते हुए तो लग रहा है कि भविष्य में बाइक चलाना मुश्किल हो जाएगा। सबसे ज्यादा दिक्कत उन लोगों को आती है जो रोजाना बाइक से लंबी दूरी तय करते हैं, उनकी बाइक ज्यादा चलती है इसलिए पेट्रोल की खपत भी ज्यादा होती है। अगर आप भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं तो ये खबर पढ़ने के बाद आप जरूर राहत की सांस लेने वाले हैं।

माइलेज डबल से ज्यादा

सामान्य बाइक प्रति लीटर में ज्यादा से ज्यादा 50-60 किमी का माइलेज देती है। अगर हम आपसे कहें कि आपकी यही बाइक 150 किमी का माइलेज देने लगेगी तो आपको इस बात पर शायद यकीन नहीं होगा, लेकिन ये बात बिल्कुल सच है। जी हां महज कुछ रुपये खर्च करके आपकी बाइक माइलेज में सबसे आगे निकल जाएगी और बार-बार पेट्रोल भरवाने की टेंशन से आप मुक्त हो जाएंगे।

विज्ञान के इस दौर में अब कुछ भी नामुमकिन नहीं रहा है और इसी विज्ञान के कमाल से एक स्टूडेंट ने फिजिक्स के फॉर्मूले के बल पर ये कर दिखाया है। स्टूडेंट को श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी के टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेशन सेंटर ने इस कार्य की शुरुआत में मदद के लिए 75 लाख रुपये की मदद धनराशि भी मंजूर की है।

सिर्फ 500 रुपये का खर्च

इस स्टूडेंट ने खुद एक कार्बोरेटर बनाया है, जिसे बाइक में फिट करने के बाद बाइक का माइलेज डबल से भी ज्यादा हो जाता है। इस कार्बोरेटर पर सिर्फ 500 रुपये का खर्च आता है। इस कार्बोरेटर को बनाने वाला स्टूडेंट विवेक कुमार कौशांबी का रहने वाला है।

विवेक ने 2001 में 12वीं कक्षा में फिजिक्स पढ़ी थी, जिसके फॉर्मूले के दम पर ये अनोखा कार्बोरेटर बना कर तैयार कर दिया है। ये कार्बोरेटर माइलेज को डबल से भी अधिक करने में सक्षम है, जिसकी मदद से बाइक प्रति लीटर में 153 किमी का माइलेज दे सकती है। इस टेकनोलॉजी का इस्तेमाल बाइक से साथ जनरेटर में भी किया जा सकता है।

इंडिया की बेस्ट माइलेज देने वाली 6 CAR, फ्यूल भी आता है 40 रुपए प्रति किलो

इंडिया में कार पेट्रोल, डीजल और CNG वेरिएंट में मिलती हैं। इन तीनों वेरिएंट के माइलेज में बड़ा अंतर होता है। पेट्रोल की तुलना में डीजल कार का माइलेज ज्यादा होता है। वहीं, CNG का माइलेज दोनों से ज्यादा होता है।

ऐसे में ज्यादा माइलेज के लिए CNG मॉडल बेस्ट ऑप्शन बन सकता है। इंडिया में सबसे सस्ती CNG कार टाट नैनो है, जिसकी दिल्ली एक्स-शोरूम प्राइस 2.96 लाख रुपए है। वहीं, इस कार का माइलेज 36km का है।

कीमत और माइलेज में अंतर

  • पेट्रोल वेरिएंट की तुलना में CNG कार की कीमत में लगभग 50 से 80 हजार का अंतर आता है। वहीं, पेट्रोल और डीजल वेरिएंट में ये अंतर लगभग 1 लाख के करीब होता है।

  • जैसे, टाटा नैनो के पेट्रोल वेरिएंट की स्टार्टिंग प्राइस एक्स-शोरूम (दिल्ली) 2.36 लाख रुपए है, जबकि CNG वेरिएंट की कीमत 2.96 लाख रुपए है। यानी दोनों की कीमत में 60 हजार का अंतर है।
  • इस समय CNG मॉडल की सबसे ज्यादा कार मारुति सुजुकी बना रही है। इनमें Alto 800, Alto K10, Celerio, WagonR, Eeco शामिल हैं।

  • CNG का बड़ा फायदा है कि इससे किसी तरह का प्रदूषण नहीं होता। हालांकि, इससे कार को पिकअप भी नहीं मिलता।
  • CNG की कीमत पेट्रोल और डीजल की तुलना में काफी कम होती है। दिल्ली में इसकी कीमत 40 रुपए प्रति किलो के आसपास है।

CNG मॉडल्स की कीमत

  • Tata Nano EMax XM : 2,96,662 रुपए (माइलेज 36km)
  • NEW ALTO 800 LXI CNG : 3,71,906 रुपए (माइलेज 33.44km)
  • NEW ALTO K10 LXI CNG(O) : 4,14,807 रुपए (माइलेज 32.26km)
  • CELERIO VXI CNG : 5,14,880 रुपए (माइलेज 31.76km)
  • EECO MC 5 STR STD WITH CNG : 4,01,694 रुपए (माइलेज 20km)
  • WAGONR LXI CNG : 4,68,854 रुपए (माइलेज 26.6km)

नोट : सभी मॉडल की कीमत दिल्ली एक्स-शोरूम की हैं। ऑनरोड प्राइस में अंतर आएगा।

एक्सीडेंट के समय कार में ऐसे काम करते हैं एयरबैग्स, साथ ही जानिये ABS के फायदे

आज कल गाड़ियों में एयरबैग्स अनिवार्य हो चुके हैं, दुर्घटना होने पर एयरबैग्स काफी मददगार साबित होते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि कार में एयरबैग्स कैसे काम करते हैं और कैसे ड्राईवर और पैसेंजर की जान बचती है।

ऐसे काम करते हैं एयरबैग्स

भारत सरकार ने एयरबैग जैसे अहम सेफ्टी फीचर को स्टैंडर्ड फीचर में शामिल किया है। सुरक्षा के लिहाज से एयरबैग्स काफी उपयोगी माने गये हैं। अक्सर देखने में आया है कि एक्सीडेंट होने पर ड्राइवर और बगल में बैठे व्यक्ति की मौत हो जाती है।

लेकिन अगर कार में ड्राईवर और पैसेंजर साइड एयरबैग्स की सुविधा हो तो इन हादसों के काफी हद तक बचा जा सकता है। कार में टक्कर लगने से ठीक पहले एयरबैग अपने आप खुल जाता है। एयर बैग्स खुलने में एक सेकंड से भी कम समय लगाता है।

एक्सीडेंट की स्थिति में सेंसर एक्टिव होते हैं जिससे है एयरबैग्स को खुलने की कमांड देते हैं, कमांड मिलते ही स्टेरिंग के नीचे मौजूद इन्फ्लेटर एक्टिव हो जाता है। इन्फ्लेटर सोडियम अज़ाइड के साथ मिलकर नाइट्रोजन गैस पैदा करता है। ये गैस एयरबैग्स में भर जाती है जिससे वह फूल जाता है। टक्कर लगने या गाड़ी के पलटने की स्थिति में आपकी बॉडी झटका खाकर एयरबैग से टकराती है जिससे आप बच जातें हैं।

ऑटो एक्सपर्ट की राय

ऑटो एक्सपर्ट टूटू धवन बनाते हैं कि अगर आपका बजट है तो आपको एयरबैग्स वाली कार ही खरीदनी चाइये क्योकिं एक्सीडेंट होने की सूरत में आपकी जान बाच सकती है, क्योकिं नॉर्मली सभी लोग हाईवे पर यात्रा करते हैं ऐसे में एयरबैग्स वाली कार बेहद जरूरी होती है, इसके अलावा कई बार हाईस्पीड में ब्रेकिंग लगाने की नौबत आती है तो ऐसे में ABS बहुत मददगार साबित होते हैं।

यह भी जानें

जैसे हर चीज एक समय सीमा के बाद खराब या इस्तेमाल करने लायक नहीं रह जाती ठीक उसी प्रकार एयरबैग्स भी रिप्लेसमेंट मांगते हैं। हालांकि एयरबैग के फंक्शन के लिए जिन पार्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है वे काफी मजबूत होते हैं, लेकिन काफी हद तक एयरबैग इग्नाइटर पर भी निर्भर करता है।

एयरबैग खुलने से भी जाती है जान

टक्कर के बाद एयरबैग के खुलने की रफ्तार करीब 322 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। कई बार देखने में आया है की इतनी रफ़्तार से एयर बैग के खुलने से लोगों की जान भी गयी है। भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बघौला गांव के समीप आगे चल रहे एक कैंटर ने अचानक ब्रेक लगा दी, जिससे पीछे आ रही गाड़ी कैंटर से टकरा गई। दुर्घटना में कार चालक को गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के दौरान गाड़ी में लगा एयर बैग खुलने से उसके तेज प्रेशर से ड्राईवर का लीवर फट गया जिससे उसकी मृत्यु हो गयी।

जानिये कार में ABS कैसे काम करता है

कार में एयरबैग्स कैसे काम करता है इस बारे में हमने विस्तार से जान लिए अब बात करते हैं कि आखिर कार में ABS (एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम)किस तरह से अपना काम करता है। अचानक से ब्रेक लगाने पर ABS फीचर पहियों को लॉक नहीं होने देता इस वजह से ड्राइवर कार पर कंट्रोल नहीं खोता और बिना फिसले और असंतुलित हुए गाड़ी दिशा बदल लेती है और रुक जाती है। जबकि बिना ABS वाली कार में अचानक ब्रेक लगाने से गाड़ी अनियंत्रित होकर अपना संतुलन खो देती है, जिससे दुर्घटना हो जाती है ।

ABS का इतिहास

एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम साल 1929 मे Aircraft के लिए डिजाईन किया गया था लेकिन कारों में इसका इस्तेमाल सबसे पहले 1966 मे किया गया था ।धीरे-धीरे 1980 के बाद से ABS को कार मे लगाया जाने लगा और आज की तारीख मे ABS System इतना Popular है की हर नयी कारो मे आपको ABS System मिल जाएगा।

अगर कार में AC चलाकर सो रहे हैं तो पहले कर लें ये काम वरना बाद में पछताने का मौका भी नहीं मिलेगा

गर्मियों का मौसम है अगर आप कार से कहीं बाहर जाएंगे तो जाहिर सी बात है AC चलाकर ही रखेंगे, लेकिन क्या आपको पता है कि कार का एसी इंसानों के लिए खतरनाक भी साबित हो सकता है। जी हां अगर आप कार से लंबे सफर पर जा रहे हैं और पीछे वाली सीट पर बैठकर सो जाते हैं तो इससे आपको कई तरह के नुकसान हो सकते हैं।

ज्यादा देर तक कार में एसी चलने से केबिन के अंदर गैस भर जाती है, जिससे कई बार तो ऐसा भी हुआ है कि लोगों की दम घुटने से मौत तक हो गई है। जब कार का एसी चल रहा होता है तो सभी शीशे बंद होते हैं, जिसकी वजह से अंदर बैठे हुए लोग कार्बन डाइऑक्साइड गैस छोड़ते हैं जो अंदर ही एकत्रित होती रहती है यहां तक इंजन द्वारा छोड़ी गई मोनोऑक्साइड गैस एसी के जरिए केबिन में आ जाती है। अंदर बैठे लोग जब सांस लेंगे तो ये दोनों गैस शरीर के अंदर जाएंगी और हानिकारक साबित होंगी

जब कार में बैठे हुए लोग सो रहे होते हैं तो उन्हें पता नहीं चलता और शरीर के अंदर ऑक्सीजन के साथ-साथ ही धीरे-धीरे कार्बन डाइऑक्साइड गैस जाती रहती है और जब ये ज्यादा हो जाती है तो इंसान को दम घुटने जैसा लगने लगता है। कार में एसी चलने की वजह से अंदर मोनोऑक्साइड गैस एकत्रित हो जाती है और इसकी महक काफी हल्की होती है, जिसकी वजह से लोगों को पता नहीं चल पाता है।

कार में एसी चलाकर सोने से पहले इन बातों पर जरूर ध्यान दें…

जब भी कार में एसी चला कर सोना हो तो उससे पहले कार का शीशा थोड़ा सा खोल देना चाहिए, जिससे अंदर ताजा हवा आती रहेगी और सांस आसानी से आएगी।

जब कार के अंदर एसी चल रहा होता है तो इसकी वजह से बाहर इंजन बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है, इसलिए नियमित रूप से सर्विस करवाते वक्त एसी की जांच भी करवाएं।

कार के अंदर अगर AC ठीक प्रकार से कूलिंग न करे या रुक रुक कर चले तो जल्द से जल्द मैकेनिक से जाकर जांच करवाएं इसी के साथ लंबे समय में जाते वक्त कार के अंदर सोने की कम कोशिश करें।

बिना कहीं जाए, सिर्फ 24 रुपए खर्च करके अपनी पुरानी बाइक को नए जैसी चमकाएं

बाइक या स्कूटर का कलर एक समय के बाद फीका होने लगता है। यानी उसकी शाइनिंग धीरे-धीरे खत्म हो जाती है। ऐसे में फिर से नई जैसी शाइनिंग के लिए नया पेंट करना होता है, या किसी मैकेनिक के यहां ले जाकर पॉलिश करना होती है।

कुल मिलाकर ये खर्चे वाला काम होता है। हालांकि, एक पॉलिश ऐसी है जिसे लगाने से आपकी गाड़ी नई जैसी चमकने लगती है। इतना ही नहीं, इस पॉलिश के लिए आपको सिर्फ 24 रुपए ही खर्च करने होते हैं।

24 रुपए में चमकाएं गाड़ी

  • बाइक, स्कूटर को चमकाने वाली इस पॉलिश का नाम Sheeba Body Polish है। जिसे ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदा जा सकता है।
  • ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन पर इसकी कीमत सिर्फ 24 रुपए है। यहां 240 रुपए में पॉलिश के 10 पैकेट आते हैं।
  • इन 10 पैकेट में 100ml पॉलिश आती है। यानी एक पैकेट में 10ml पॉलिश होती है।
  • इस पॉलिश का यूज करना काफी आसान है। सबसे पहले बाइक या स्कूटर को अच्छी तरह से धो लें।

  •  जब गाड़ी का पानी पूरी तरह सूख जाए तब एक फॉम पर इस पॉलिश को थोड़ा सा निकाल लें।
  •  इसके बाद इस पॉलिश को गाड़ी की पूरी बॉडी पर लगा दें। पॉलिश को ज्यादा लेने की जरूरत नहीं होती।
  • जब पॉलिश पूरी गाड़ी पर लग जाए, तब कॉटन का कपड़ा लेकर इस पॉलिश को साफ कर लें।
  • जैसे ही पॉलिश साफ होती जाएगी गाड़ी में चमक आने लगेगी। कुछ समय बाद पूरी गाड़ी चमकने लगेगी।
  • पॉलिश की खास बात है कि पानी का इस पर कोई असर नहीं होता और ये गाड़ी की चमक बरकरार रखती है।

सेफ ड्राइविंग के लिए बारिश के मौसस में इन 5 एक्सेसरीज का जरूर करें यूज,कीमत 1000 रुपए से कम

देशभर में प्री-मानसून की दस्तक हो चुकी है। ऐसे में मानसून आने से पहले ही कार से चलने वाले लोगों के कुछ तैयारियां कर लेना चाहिए। ये इसलिए जरूरी है ताकि बारिश के मौसम में भी आप आसानी से सुरक्षित तरीके से कार ड्राइव कर सकें। कार से जुड़ी कुछ ऐसी एक्सेसरीज हैं जिसका यूज कार चलाने वाले हर इंसान को करना चाहिए। इन एक्सेसरीज की कीमत भी 1000 रुपए से कम है।

Glass Treatment Rain Repellent

  • बारिश के मौसम में ग्लास के ऊपर से तेजी से पानी बहता है। जिसकी वजह से कुछ भी क्लियर नजर नहीं आता।
  • इसके लिए रेन वाइजर का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कार के रेन वाइजर का सही होना जरूरी है।
  • वैसे, इस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन ग्लास ट्रीटमेंट रेन रिपेलेंट से भी कर सकते हैं।
  • ये ऐसा रिपेलेंट होता है जिसे ग्लास के ऊपर लगाया जाता है। ये ग्लास को चिकना कर देता है जिससे पानी इसके ऊपर टिकता नहीं है।
  • इतना ही नहीं इसे लगाने के बाद ग्लास पर धूल, मिट्टी, कीचड़ या फिर ओस भी नहीं जमती।

कीमत : करीब 350 रुपए

Car Rear Mirror Guard Rainproof

  • बारिश के मौसम में कार के रियर मिरर का सही रहना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि साइड व्यू इसी मिरर में दिखता है।
  • हालांकि, बारिश के दौरान इस मिरर में भी पानी आ जाता है, जिससे कुछ भी क्लियर दिखाई नहीं देता।
  • ऐसे में रियर मिरर गार्ड का यूज करना चाहिए। ये रेनप्रूफ होते हैं जिससे पानी मिरर पर नहीं जाता।

कीमत : करीब 500 रुपए

Reversible Folding Car Umbrella

  • बारिश में कार की सेफ ड्राइव के साथ खुद का सेफ रहना भी बहुत जरूरी है।
  • बारिश के दौरान कभी कार से बाहर निकलना पड़ा तब आप भीग सकते हैं। आप भीगे तो कार भी अंदर से गीली हो जाएगी।
  • इसके लिए रिवर्स फोल्डिंग कार अंब्रेला का यूज किया जा सकता है। ये छाता उल्टा ओपन होता है।
  • यानी कार का डोर थोड़ा सा ओपन करके भी इस छाते को खोल सकते हैं। ये फुल साइज होता है, जिससे आप भीगते नहीं हैं।

कीमत : करीब 550 रुपए

Car Rain Door Visor

  • बारिश के दौरान कार के सभी डोर को बंद रखना पड़ता है, ऐसे में कार के अंदर ऑक्सीजन आना बंद हो जाती है।
  • साथ ही, कार के बाहर का टेम्प्रेचर ज्यादा और अंदर का कम होने से अंदर ओस जमने लगती है।
  • टेम्प्रेचर को बैलेंस करने के लिए AC का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में रेन डोर वाइजर को यूज करना चाहिए।
  • रेन वाइजर को सभी डोर के ऊपर की तरफ लग जाते हैं, ऐसे में थोड़ा सा ग्लास ओपन करने से पानी कार के अंदर नहीं आता।

कीमत : करीब 900 रुपए

Car Body Cover

  • बारिश के मौसम में यदि आपकी कार घर के अंदर है तब कोई प्रॉब्लम नहीं है। वो पूरी तरह सेफ है।
  • यदि कार बाहर खुले में खड़ी होती है तब उसके लिए कवर को होना बहुत जरूरी है।
  • कार को कवर बारिश, धूल, मिट्टी, कीचड़ सभी से बचाता है। कार हमेशा मॉडल के हिसाब से ही लें।

कीमत : करीब 100 रुपए

कार चलाने वाले हर इंसान को रखना चाहिए ये डिवाइस, 5 तरह से होता है इसका यूज

इंडियन मार्केट में कार से जुड़ी एक्सेसरीज की लंबी लिस्ट है। आप कार के बेस मॉडल को थोड़े से पैसे खर्च करके टॉप मॉडल से ज्यादा खूबसूरत बना सकते हैं।

दूसरी तरफ, कुछ एक्सेसरीज ऐसी भी होती है जिसे हर इंसान को अपनी कार में जरूर रखना चाहिए। इस लिस्ट में एक नाम डिजिटल टायर प्रेशर गेज का भी है। ऑनलाइन और ऑफलाइन कई तरह के प्रेशर गेज मिल जाते हैं। इसकी खास बात है कि ये पूरे 5 तरह से काम में आता है।

Romic डिजिटल प्रेशर गेज

  • ये रोमिक कंपनी का डिजिटल प्रेशर गेज है। इससे आप अपनी कार, बाइक या स्कूटर की हवा का प्रेशर चेक कर सकते हैं।
  • हवा के प्रेशर को चेक करने के लिए इसमें कई अलग यूनिट दी है। ये हवा के प्रेशर को पूरी तरह सही बताता है।
  • इसमें पावरफुल LED लाइट भी दी है। अंधेरे में ये इतनी रोशनी कर देती है, कि आप आसानी से काम कर सकें।

  • इस डिवाइस में सीट बेल्ट कटर भी दी है। कभी ऐसा मौका आ जाए जब आपका बेल्ट ओपन नहीं हो रहा, तब इससे उसे काटा जा सकता है।
  • डिवाइस में ग्लास ब्रेक करने के नोकदार हैवी आइरन लगाया गया है। कभी ऐसा हो जाए जब कार के ग्लास लॉक हो जाएं और वो ओपन नहीं हों, तब इससे ग्लास को ब्रेक कर सकते हैं।
  • साथ ही, इसमें कम्पास यानी दिशा सूचक यंत्र भी दिया है। यानी ये आपको डायरेक्शन बताने में भी हेल्प करता है।

392 रुपए है कीमत

  • इस डिवाइस की ऑनलाइन कीमत डिस्काउंट के बाद सिर्फ 392 रुपए है।
  • अमेजन इंडिया पर इसकी MRP 1,700 रुपए है, लेकिन सभी डिस्काउंट के बाद इसकी कीमत सिर्फ 392 रुपए रह जाती है।
  • अमेजन इसे ऑनलाइन खरीदने पर 2 से 4 दिन में डिलिवर कर देगा।

इस लिक्विड को स्प्रे करते ही 1 मिनट में ठीक हो जाएगा पंक्चर टायर, कीमत महज 295 रुपये

आपके साथ ऐसा कई बार हुआ होगा कि जब आप अपनी कार लेकर कहीं लंबी राइड पर जाते हैं तो रास्ते में आपका टायर पंक्चर हो जाता है। ऐसे में अगर आपके पास जरूरी सामन ना हो तो आपको कई घंटे तक किसी सूनसान जगह पर फंसे रहना पड़ सकता हैं।

अगर आस-पास कोई मैकेनिक भी ना हो तो आप बड़ी मुसीबत में पड़ सकते हैं। ऐसी ही किसी समस्या से बचने के लिए आज हम आपको ऐसा तरीका बताने जा रहे हैं जिससे आप पंक्चर को एक मिनट से भी कम समय में ठीक कर सकते हैं वो भी एक स्प्रे की मदद लेकर।

दरअसल मार्केट में ऐसे कई इंस्टेंट स्प्रे हैं जिनकी मदद से आप कुछ ही मिनट में अपने पंक्चर टायर को ठीक कर सकते हैं। बता दें कि यह स्प्रे एक विशेष प्रकार का लिक्विड रहता है जो एक कम्प्रेस्ड एयर जार में भरा रहता है। इस स्प्रे की मदद से आप कुछ ही सेकंड में अपनी टायर की पंक्चर ट्यूब को ठीक कर सकते हैं वो भी पालक झपकते ही।

जानिए कैसे काम करता है ये स्प्रे

इस स्प्रे से अपने पंक्चर टायर को ठीक करने के लिए आपको इसे अपने टायर के वॉल्व को जोड़ना होता है, इसके बाद आपको इसे स्प्रे करना होता है जिससे इस बोतल से एक लिक्विड निकलकर पंक्चर टायर में जाकर भर जाता है और इसे ठीक कर देता है और एक मिनट से भी कम समय में पंक्चर टायर पूरी तरह से ठीक हो जाता है और इसमें हवा भी भर जाती है।

बता दें कि ये एक चमत्कारी स्प्रे है जो मुसीबत के समय में आपके बड़े काम आएगा और आप इसे मार्केट में महज 200 से 300 रुपये खर्च करके खरीद सकते हैं।

कार के वाइपर हो जाएं खराब तो नए खरीदने की जगह करें ये छोटा सा काम

कार मालिकों के लिए कार कितनी इम्पॉर्टेंट होती है ये बताने की जरूरत नहीं है।कार को साफ करना हो या वाइपर हर चीज के लिए स्पेशल चीज ली जाती है। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो आज हम आपको कुछ ऐसी ट्रिक्स बताएंगे जिन्हें अपनाकर आप अपनी गाड़ी को बिना पैसा खर्च किए चमाचम रख सकते हैं।

वाइपर खराब होने पर-

अगर आपके वाइपर खराब हो गए हैं और आप नए वाइपर खरीदने की सोच रहे हैं तो जरा रूकिए। नए वाइपर खरीदने की जह अपनी गाड़ी के वाइपर को एल्कोहल से साफ करें ।

लेदर ऐसेसरीज खराब होने लगे तो-

अगर आपकी गाड़ी में लेदर इंटीरियर एसेसरीज यूज करते हैं और उस पर स्कै्रेच आ गए हैं तो बेबी ऑयल या ऑलिव ऑयल को लैदर पर लगाए निशान गायब होने के साथ ही आपकी ऐसेसरीज चमकने लगेंगी।

ये ट्रिक आप डैशबोर्ड पर निशान पड़ने पर अप्लाई कर सकती हैं।

हेडलाइट्स को रखें साफ

हेडलाइट्स अगर गंदी हो जाती हैं तो कार के लुक्स तो खराब होते ही हैं इसके अलावा रास्ते में दिक्कत आने लगती है।कार वैक्स महंगी हो सकती है तो, ऐसे में क्या करें। हेडलाइट्स को टूथपेस्ट से साफ करें। इसके लिए लाइट्स पर टूथपेस्ट लगाकर थोड़ी देर के लिए छोड़ दें उसके बाद कपड़ें से रगड़कर साफ करें। लाइट्स पहले की तरह चमकने लगेगी।

बंपर स्टिकर की वजह से आपकी गा़ड़ी पुरानी दिखती है तो इन बंपर स्टिकर्स से आजादी पाने के लिए इन पर कोल्ड क्रीम लगाएं। इससे ये आसानी से छूट जाएंगे और और आपकी गाड़ी भी चमकने लगेगी।

इसी तरह विंड शील्ड पर लगे स्टिकर्स की वजह से न सिर्फ गाड़ी का शीशा खराब होता है बल्कि कई बार तो सामने की चीजें दिखना बंद हो जाती है । तो इन स्टीकर्स को छुड़ाने के लिए नेल पेंट रिमूवर लगाएं थोड़ी लगाकर छोड़ दें 10-15 मिनट के बाद साफ करें आसानी से बिना निशान छोड़े ये निकल जाएंगे।

धूप में खड़ी कार: 60 मि‍नट में कौन सा पार्ट कि‍तना हो जाता है गर्म

एक अध्‍ययन में पाया गया है कि‍ अगर आपकी कार धूप में खड़ी है तो मात्र एक घंटे में कैबि‍न का तापमान 46 डि‍ग्री सेल्‍सि‍यस तक पहुंच जाता है। इसकी वजह से कार में बैठना और उसे चलाना बेहद मुश्‍कि‍ल हो जाता है।

इतना ही नहीं, इससे कार खराब होने का खतरा भी बढ़ जाता है। जब आप कार में बैठते हैं तो उसका हर हि‍स्‍सा, जि‍से आप छूते हैं उसका तापमान कार के भीतर के तापमान से ज्‍यादा होता है।

धूप में खड़ी कार का तापमान

एरि‍जोना स्‍टेट यूनि‍वर्सि‍टी में रिसर्च प्रोफेसर नेंसी सेलोवर ने कहा कि‍ जब हम गर्मी के दि‍न में अपनी कार में बैठते हैं तो हम स्‍टीयरिंग व्‍हील को छू भी नहीं पाते हैं। रि‍सर्चर ने पाया है कि‍ जब आपकी कार धूप में खड़ी होती है तो एक घंटे के भीतर कार के भीतर का औसत तापमान 46 डि‍ग्री सेल्‍सि‍यस हो जाता है। वहीं, डैशबोर्ड का तापमान 69 डि‍ग्री, स्‍टीयरिंग व्‍हील का 52 डि‍ग्री और सीट्स का तापमान 50 डि‍ग्री सेल्‍सि‍यस हो जाता है।

वहीं, कैलि‍फोर्नि‍या सैन डि‍एगो यूनि‍वर्सि‍टी और एरि‍जोना स्‍टेट यूनि‍वर्सि‍टी के रि‍सर्चर ने यह भी पाया है कि‍ बेहद गर्म दि‍नों के दौरान धूप में खड़ी कार के भीतर का 46 डि‍ग्री सेल्‍सि‍यस पर पहुंचता ही है, साथ ही डैशबोर्ड का तापमान 73 डिग्री तक भी पहुंच जाता है। जर्नल में प्रकाशि‍त अध्‍ययन में वि‍भि‍न्‍न प्रकार की कारों की तुलना की गई है।

छांव में खड़ी का का तापमान

यह भी पाया गया है कि‍ छांव में खड़ी कार के भीतर का तापमान एक घंटे में 37 डि‍ग्री सेल्‍सि‍यन के करीब पहुंच जाता है। वहीं, डैशबोर्ड का औसत तापमान 47 डि‍ग्री, स्‍टीयरिंग व्‍हील्‍स का 41 डि‍ग्री और सीट्स का तापमान 40 डि‍ग्री सेल्‍सि‍यस हो जाता है।