जब दिवालिया होने के कगार पर थी इकोनॉमी, तो इस तरह से पटरी पर ले आए थे मनमोहन सिंह

देश का बजट पेश होने में अब कुछ ही दिन और बचे हैं।  जब बजट और अर्थव्यवस्था की बात हो तो डॉ मनमोहन सिंह का जिक्र होना भी लाजमी ही है। भारत के वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री के पद पर रहे मनमोहन सिंह भारत में आर्थिक उदारीकरण के प्रणेता के तौर पर जाने जाते हैं।

कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पीएचडी और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से डी. फिल. करने वाले मनमोहन सिंह ने कभी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन विभिन्न पदों पर रहते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था में उनका योगदान महत्वपूर्ण है।

इन पदों पर रहे हैं डॉ मनमोहन सिंह

साल 1985 में राजीव गांधी के शासन काल में मनमोहन सिंह को भारतीय योजना आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। वे इस पद पर पांच सालों तक रहे जिसके बाद उन्हें 1990 में प्रधानमंत्री का आर्थिक सलाहकार बना दिया गया।

इसके बाद जब पी वी नरसिंहराव पीएम बनें, तो उन्होंने डॉ मनमोहन सिंह को 1991 में वित्त मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार सौंप दिया। मनमोहन सिंह वित्त मंत्रालय के सचिव, भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष भी रहे। साल 2004 से 2014 के बीच यूपीए-1 और यूपीए-2 सरकार में वे प्रधानमंत्री पद पर रहे।

इन आर्थिक सुधारों में है मनमोहन सिंह का योगदान

वित्त मंत्रालय का कामकाज देखते हुए सिंह ने 1991 से 1996 के बीच कई महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके पदभार संभालने से पहले देश बड़ी आर्थिक मंदी झेल रहा था। देश की अर्थव्यवस्था दिवालिया होने के कगार पर थी।  विदेशी मुद्रा भंडार में सिर्फ 110 करोड़ डॉलर बचे थे।

जब देश का राजकोषिय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के 8.5 फीसदी के आस-पास था, तब सिंह ने उसे सिर्फ एक साल के अंदर 5.9 फीसदी तक ला दिया था। देश में ग्लोबलाइजेशन की शुरुआत 1991 में सिंह ने ही की थी।  उन्होंने भारत को दुनिया के बाजार के लिए तो खोला ही, बल्कि निर्यात और आयात के नियमों को भी सरल बनाया। यही नहीं, उन्होंने घाटे में चल रहे पीएसयू के लिए भिन्न नीतियां बनाने का काम किया था।

मनमोहन सिंह का प्रधानमंत्री कार्यकाल

साल 2004 से 2014 के बीच अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान मनमोहन सिंह ने कई उतार-चढ़ाव देखे। अपने कार्यकाल में उन्होंने मनरेगा, शिक्षा का अधिकार और आधार कार्ड योजना जैसे कुछ अच्छे कदम उठाए। उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि थी, भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु समझौता।

18 जुलाई 2006 में मनमोहन सिंह और जार्ज बुश ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किये थे। दूसरी तरफ महंगाई और घोटालों ने जनता को उनके कार्यकाल का सबसे बुरा दौर भी दिखाया। सिंह के कार्यकाल में महंगाई का सबसे बुरा दौर चल रहा था। इस महंगाई से अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह पार नहीं पा सके और अर्थव्यवस्था भी क्षीण होती गई।

मानसून ने पकड़ ली है रफ्तार, देश के इन राज्यों में भारी बारिश के आसार

थोड़ी देरी से ही सही मानसून ने अब अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। देशभर के कई इलाकों में अब मौसम का मिजाज बदलने लगा है।  लेकिन दिल्ली-एनसीआर समेत कई इलाकों में लोगों को अब भी मानसून का इंतजार है।

बारिश यहां देर से आने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटे में देश के दक्षिण मध्य के कई इलाकों में जोरदार बारिश हो सकती है। इनमें महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्य शामिल हैं।

 कई हिस्सों में बारिश शुरू

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक 21 जून को कर्नाटक, केरल, गोवा, पश्चिम बंगाल में बारिश शुरू हो गई है। वहीं पूर्वोत्तर के असम, मेघालय, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा में भी जमकर बारिश हुई है। ये सिलसिला अगले हफ्ते तक जारी रहने की उम्मीद है।

भारी बारिश की चेतावनी

स्काईमैट के मुताबिक 22 और 23 जून को कोंकण, गोवा, कर्नाटक और केरल में मानसून अपने पीक पर होगा। यहां इन दो दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। हालांकि कोंकण, गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल में वर्षा की कमी अब क्रमशः 53, 44 और 38 फीसदी है।

पिछले सप्ताह के मुकाबले इस सप्ताह तटीय कर्नाटक में मानसून की गतिविधियों में तेजी दिखाई दी है। जो आने वाले दिनों के लिए अच्छा संकेत है। पिछले दस दिन यानी 11 जून से 20 जून तक, बारिश की मात्रा में सुधार हुआ है ।

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ेगी गर्मी

मौसम विभाग की मानें तो मौसम ने दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में दो-तीन दिन बारिश और आंधी के जरिए जो राहत दी थी उसकी मियाद अब खत्म हो गई है। आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर में गर्मी बढ़ने की संभावना है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर अब खत्म हो गया है, इसलिए अगले तीन दिनों तक तापमान में इजाफा होगा।तापमान की बात करें तो दिल्ली-एनसीआर में पारा अब उछल सकता है।

यानी 36 तक चल रहा तापमान और 40 के पार जाने की संभावना है। शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बादल छाए रहे जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिली।

मौसम की जानकारी देने वाली निजी संस्था स्काईमैट के मुताबिक मौसम का असर अब पहाड़ों पर दिखेगा। यहां पश्चिम विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके चलते जहां पहाड़ों पर बर्फबारी हो सकती है वहीं दिल्ली-एनसीआर पर भी इसका असर पड़ेगा। सोमवार यानी 23 तक दिल्ली और आस-पास के इलाकों में हल्की आंधी चलने और बारिश के आसार हैं।

क्या आपने इस अभिनेता को पहचाना?, इस अभिनेता का नई फिल्म से नया लुक आया सामने

तस्वीर को देखकर अगर आप नहीं पहचान पाए हैं तो हम आपको बता देते हैं कि यह कोई और नहीं बल्कि सदी के महानयाक अमिताभ बच्चन हैं। दरअसल, अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपनी अगली फिल्म गुलाबो सिताबो की शूटिंग लखनऊ में शुरू कर दी थी। इस फिल्म से ही उनका यह नया लुक सामने आया है।

अमिताभ बच्चन ने हाल ही में सोशल मीडिया पर खुद इस बारे में जानकारी दी थी कि उन्होंने लखनऊ में अपनी अगली फिल्म गुलाबो सिताबो की शूटिंग शुरू कर दी है। फिल्म का निर्देशन शूजित सरकार कर रहे हैं। फिल्म 24 अप्रैल 2020 को रिलीज होगी। अब फिल्म से Amitabh Bachchan का नया लुका सामने आ गया है जिसमें वे बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं।

अमिताभ बच्चन हर बार कुछ न कुछ नया करते हैं और कभी भी ऐसा करने से पीछे नहीं हटते। किरदार के मुताबिक वे खुद तैयारी करते हैं। ऐसा ही इस फिल्म में उनके लुक को देखकर लग रहा है। आपको बता दें कि इस फिल्म में आयुष्मान खुराना की भी अहम भूमिका है। बिग बी के साथ काम करने को लेकर आयुष्मान खुराना ने हाल ही में कहा कि ”मैं सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ काम करने को लेकर उत्साहित और बेचैन भी हूंl

उनके साथ काम करने की बात सोचते ही मेरे पेट में तितलियां उड़ने लगती हैंl मुझे इस बात कि समझ ही नहीं आ रही कि जब मैं पहली बार अमिताभ बच्चन के साथ एक फ्रेम में आउंगा तब मैं कैसा महसूस करूंगाl मैं हालांकि ऐसा करने के लिए उत्सुक हूं क्योंकि सुजीत सरकार और जूही चतुर्वेदी की कमाल जोड़ी ‘विकी डोनर’ और ‘पिकू’ के बाद एक बार फिर साथ आ रही हैंl”

इस फिल्म से पहले आयुष्मान शूजीत सरकार के साथ ‘विक्की डोनर’ में साथ काम कर चुके हैं और अमिताभ बच्चन के साथ शूजीत सरकार ने ‘पीकू’ जैसी सफल फिल्म में काम किया था। ‘गुलाबो सिताबो’ के जरिए अमिताभ और आयुष्मान पहली बार बड़े पर्दे पर साथ काम करते दिखाई देंगे। आयुष्मान की आने वाली फिल्मों की बात करें तो ‘बाला’, ‘आर्टिकल 15’ और शुभ मंगल ज्यादा सावधान ‘आने वाली हैं। वहीं अमिताभ फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ और ‘ झुंड ‘में अहम भूमिका निभाते दिखाई देंगे।

अब प्राइवेट कंपनियां चलाएंगी ट्रेन, सरकार कर रही है यह तैयारी

अब निजी कंपनियों को पैसेंजर और टूरिस्ट ट्रेन संचालन का मौका मिल सकता है , यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए सरकार एक नई योजना पर काम कर रही है। रेलवे बोर्ड सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार 100 दिनों में कुछ रूट्स पर ट्रेन चलाने के लिए प्राइवेट कंपनियों से बोलियां मंगवा सकती है।

सरकार ने यह योजना कम भीड़भाड़ वाले रूट पर चलने वाली पैसेंजर ट्रेन और पर्यटन के लिहाज से कुछ महत्वपूर्ण रूटों के लिए बनाई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, निजी कंपनियों द्वारा आपरेट होने वाले रूट पर टिकटिंग का काम आईआरसीटीसी को सौंपा जा सकता है।

टिकट के साथ ट्रेनों के अंदर सेवाएं मुहैया कराने की जिम्मेदारी भी आईआरसीटीसी को दी जाएगी और बदले में रेलवे को एक तय रकम मिलेगी। ये ट्रेनें बड़े-बड़े शहरों को जोड़ते हुए कई मार्गों पर चलेंगी। सूत्रों के मुताबिक रेलवे रैक की जिम्मेदारी भी आईआरसीटीसी की होगी।

इसके बदले में रेलवे की वित्तीय शाखा भारतीय रेलवे वित्तीय प्राधिकरण (आईआरएफसी) को सालाना लीज चार्ज चुकाया जाएगा। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव के मुताबिक , ‘रेलवे की ओर से निजी कंपनियों को बोली लगाने का मौका दिया जाएगा।

इससे इस बात का पता चलेगा कि कौन सी निजी कंपनी महत्वपूर्ण शहरों में 24 घंटे चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों के संचालन का अधिकार हासिल करने के लिए आगे आ सकती हैं।’ हालांकि निजी कंपनियों से संपर्क करने से पहले रेलवे ट्रेड यूनियनों से भी संपर्क करेगा।

विशाल अभियान शुरू करने जा रहा है रेलवे

इसके अलावा रेलवे यात्रियों से टिकट की कीमत पर मिलने वाली सब्सिडी को छोड़ने की अपील का विशाल अभियान शुरू करने जा रहा है। इसके तहत टिकट बुक करते समय लोगों को सब्सिडी छोड़ने का विकल्प दिया जाएगा। रेलवे सूत्रों की मानें तो उसे यात्री परिवहन कारोबार की लागत का महज 53 फीसदी हिस्सा ही हासिल होता है।

टीम इंडिया को लगा बड़ा झटका, विश्व कप से बाहर हुआ भारत का ये धाकड़ बल्लेबाज

आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 में टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है. भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन चोट के चलते पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. शिखर धवन की जगह ऋषभ पंत को टीम में शामिल किया गया है.

बता दें कि शिखर धवन को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में अंगूठे में चोट लग गई थी. जिसके बाद धवन को शुरुआत में पहले 10 दिनों के लिए आराम दिया गया था, लेकिन उनके समय पर इस चोट से न उबर पाने के बाद अब उन्हें स्वदेश लौटना होगा.

शिखर धवन को ये चोट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी 117 गेंदों की 109 रन की तूफानी पारी के दौरान लगी थी. पैट कमिंस की एक उठती हुई गेंद शिखर के अंगूठे पर लग गई थी. बाद में हुए स्कैन में धवन के अंगूठे में हेयरलाइन फ्रैक्चर की पुष्टि हुई थी. इस चोट की वजह से धवन न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के खिलाफ मैचों में टीम इंडिया का हिस्सा नहीं थे.

 ऋषभ पंत को मिला मौका

शिखर धवन की जगह ऋषभ पंत को टीम में शामिल किया गया है. उन्होंने अबतक केवल पांच वनडे मैच खेले हैं. पांच मैचों में ऋषभ पंत ने 93 रन बनाए हैं. हालांकि साल 2016 के अंडर 19 विश्वकप में उनका प्रदर्शन शानदार रहा था और तभी वह क्रिकेट जगत की नजर में आ गए थे. पंत के टेस्ट करियर की बात करें तो अबतक उन्होंने 9 मैच खेले हैं जिसमें 696 रन बनाए हैं.

उनके नाम टेस्ट में दो शतक और दो अर्धशतक शामिल है. उनका सर्वाधिक स्कोर 159 है. पंत ने भारतीय टीम के लिए 15 टी-20 मैच भी खेले हैं. उन्होंने टी-20 में 233 रन बनाए हैं जिसमें एक अर्धशतक शामिल है.ऋषभ पंत का प्रदर्शन आईपीएल में शानदार रहा है. 54 मैचों में उन्होंने 1736 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 11 अर्धशतक भी लगाए हैं. उनका ब्ल्लेबाजी औसत 36.17 और स्ट्राइक रेट 162.7 का रहा है.

घर की छत पर लगाएं सोलर पैनल, 46,000 रुपए तक सलाना बचेगा बिजली का बिल, जाने पूरी स्कीम

अब जल्द ही दिल्ली में रहने वाले लोगों को साैर उर्जा से पैदा होने वाली बिजली सप्लाई होगी। Delhi Electricity Regulatory Commission ने हाल ही में ग्रुप नेट मीटरिंग और वर्चुअल नेट मीटरिंग  फ्रेमवर्क को इस बारे में नोटिफाई कर दिया है।

DERC के इस कदम से हजारों RWA, घरों और कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटीज को सस्ते दामों पर बिजली मिलेगी। अगर आप चाहें तो बहुत आसानी से अपने घर की छतों पर भी सोलर पैनल लगवा सकते हैं। इससे न सिर्फ आपका बिजली का बिल कम होगा बल्कि कुछ सालों में सोलर पैनल की लागत निकल आएगी, जिससे आपकी बिजली खपत मुफ्त हो जाएगी।

ऐसे करेगा काम

इस योजना के तहत एक ही लोकेशन पर सोलर प्लांट लगाया जाएगा और सरप्लस एनर्जी को वापस ग्रिड में भेज दिया जाएगा। इस ग्रिड से जुड़े सभी मीटरों के बिल में इस एनर्जी को एडजस्ट कर दिया जाएगा। इससे लोगों के बिजली बिल कम हो जाएंगे।

आप भी अपने घर में इस तरह लगवा सकते हैं सोलर पैनल

  • छत पर सोलर पैनल लगाने वाली किसी कंपनी या पॉवर डिस्कॉम से संपर्क करें, जो आपको किसी वेंडर से जोड़ेंगे।
  • अपने डिस्कॉम या वेंडर को अपने बिजली बिल की लेटेस्ट कॉपी दें, ताकि वह आकलन कर सके कि कितनी क्षमता का सोलर पैनल लगाना है।
  • 1,000 रुपए की नॉन-रिफंडेबल फीस भरें।
  • इसके बाद साइट इंस्पेक्शन और टेस्ट रन किए जाएंगे।

इतना आएगा खर्च

  • अगर आप 1 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाएंगे तो आपको इसके लिए 70,000 रुपए चुकाने होंगे।
  • 5 किलो वॉट के पैनल के लिए 3.5 लाख रुपए
  • 100 किलो वॉट के पैनल के लिए 60 लाख रुपए खर्च करने होंगे।
  • खास बात यह है कि अपने घर में सोलन पैनल लगवाने पर कुल खर्च में सरकार की तरफ से 30 फीसदी कह सब्सिडी दी जाती है।

5 साल में निकल आएगी लागत

आमतौर पर सोलर पैनल की लागत 5-6 वर्ष में निकल आती है। हालांकि यह स्कीम 5 किलोवॉट से कम और 5,000 किलो वॉट से ज्यादा क्षमता वाले पैनल के लिए मान्य नहीं है। अगर एक घर में 5 किलोवॉट का सोलर पैनल लगता है तो साल भर में उस की बिजली बिल पर 46,300 रुपए बचत होगी।

ATM कार्ड रखने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, RBI ने किया ये बड़ा ऐलान…

आए दिन एटीएम के साथ होते धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ( reserve bank of india ) ने एटीएम ( ATM ) की सुरक्षा बढ़ाने के लिए बैंकों को शुक्रवार को नए निर्देश दिए हैं।

केंद्रीय बैंक ने बैंकों से कहा है कि सितंबर के अंत तक सभी एटीएम दीवार, जमीन या खंभे से जुड़े होने चाहिए। ज्‍यादा सुरक्षित परिसरों जैसे हवाई अड्डों में लगे एटीएम को इन निर्देशों से छूट होगी। उनको नए निर्देशों का पालन नहीं करना होगा।

rbi ने जारी किए निर्देश

आपको बता दें कि रिजर्व बैंक ने 2016 में सुरक्षा के सभी पहलुओं की समीक्षा के लिए नकदी की आवाजाही पर समिति (CCM) गठित की थी। समिति की सिफारिशों के आधार पर RBI ने ये निर्देश जारी किए हैं।

इसका मुख्य उद्देश्य हमारे देश में चल रहे एटीएम की सुरक्षा को बढ़ाना और जोखिम को कम करना है। सुरक्षा उपायों के तहत निश्चित किया गया है कि नकदी डालने के लिए एटीएम का परिचालन सिर्फ डिजिटल वन टाइम कॉम्बिनेशन (OTC) लॉक के जरिए किया जाएगा।

ई- सुरक्षा प्रणाली का करें प्रयोग

इसके अलावा 30 सितंबर, 2019 तक सभी एटीएम किसी ढांचे मसलन दीवार, जमीन या खंभे से जुड़े होने चाहिए। सिर्फ उच्च सुरक्षा वाले परिसरों में इसकी जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा बैंकों से कहा गया है कि वह एटीएम के लिए ई-निगरानी प्रणाली पर भी विचार करें, जिससे समय पर किसी संकट के बारे में चेतावनी मिल सके।

बैंकों को दी चेतावनी

इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने बैंकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी बैंक इन नियमों का उल्लंघन करेगा तो उश पर रिजर्व बैंक के द्वारा जुर्माना लगाया जाएगा।

इसके अलावा केंद्रीय बैंक अन्य नियामकीय कार्रवाई की जा सकती है। बैंक एटीएम के साथ धोखाधड़ी के मामले बढ़ते ही जा रहे है, जिसको लेकर बैंक ने ये नियम जारी किए हैं।

इस वजह से दुनिया का सबसे अमीर नहीं बल्कि दुनिया का सबसे खुशहाल देश बना भूटान

भूटान दुनिया का प्रदूषण मुक्त देश है और खुशहाल देश भी। इस उपलब्धि में जितना योगदान सरकारी नीतियों का है, उतना ही यहां के लोगों का भी। इसकी खूबसूरती देखकर देश-दुनिया से पर्यटक यहां पहुंचते हैं। भूटान के जाने-माने चिंतक और ग्रोस नेशनल हैप्पीनेस सेंटर भूटान के प्रमुख डॉ. सांगडू छेत्री कहते हैं कि भूटान के लोग प्रकृति को भगवान मानते हैं। वहां आज भी कई पीढ़ियां एक साथ, एक ही घर में प्रकृति की फिक्र के साथ रहती हैं।

70 फीसदी जंगल बचाए

भूटान की सबसे बड़ी ताकत यहां के जंगल। प्रकृति के घिरे भूटान को दुनिया का सबसे ज्यादा ऑक्सीजन बनाने वाला देश माना जाता है। यहां के 70 फीसदी हिस्से में जंगल है। ऊंचे पर्वत, नदियों का साफ पानी और हरियाली यहां की खासियत। इस खूबी के कारण भूटान प्रदूषण रहित है। जंगल को बचाने के लिए सरकार ही नहीं यहां के लोग भी बराबर योगदान देते हैं।

20 साल से प्लास्टिक पर बैन

प्लास्टिक किस हद तक खतरनाक है, इसे भूटान में बहुत पहले समझ लिया गया था। 1999 में यहां प्लास्टिक के कई सामानों पर प्रतिबंध लगाया गया था।प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के नियम को यहां का हर नागरिक अभियान की तरह मानता है और सख्ती से इसका पालन भी करता है।

पहला देश जिसने तंबाकू निरोधक कानून बनाया

सिगरेट से भूटान की लड़ाई काफी पुरानी है। कहते हैं 1729 में तम्बाकू पर कानून लाने वाला भूटान पहला देश था। 1990 में यहां तम्बाकू और सिगरेट के खिलाफ अभियान और सख्त हुआ। नतीजा, भूटान के करीब 20 जिले स्मोक फ्री घोषित किए गए। 2004 में स्मोकिंग को पूरे देश में बैन कर दिया गया। कानून के मुताबिक, सिगरेट और तम्बाकू के सेवन करते पकड़े जाने पर सीधी जेल होगी और जमानत नहीं दी जाएगी।

पर्यावरण दिवस पर पैदल दिवस मनाने की पहल

पिछले साल भूटान में विश्व पर्यावरण दिवस को ‘पैदल दिवस’ के रूप में मनाने की पहल की गई थी। भूटान के यातायात विभाग ‘रॉयल भूटान पुलिस’ के निर्देश के अनुसार, देशभर के शहरी क्षेत्रों में यातायात बंद रहा था। जिसे यहां के लोगों ने भी सख्ती से पालन भी किया था।

देश में नहीं है कोई वृद्धाश्रम

भूटान में एक भी वृद्धाश्रम नहीं हैं और यहां के लोगों का मानना है कि हमारे समाज में ऐसी जगह होनी भी नहीं चाहिए। भूटान के चिंतक डॉ. सांगडू छेत्री कहते हैं यह समाज के लिए कलंक है। जिस मां ने हमें जन्म दिया उस मां को हमें वृद्धाश्रम में छोड़ना पड़ता है। जब तक हम नकारात्मक विचारों से जुड़े रहेंगे, प्रसन्नता हमसे कोसों दूर रहेगी।

पीएम मोदी ने देश के ग्राम प्रधानों और सरपंचों को खत भेज कर की ये मांग

पीएम मोदी ने देश के ग्राम प्रधानों और सरपंचों को खत लिख कर पानी बचने की अपील की है,पीएम का कहना है की “वर्षा झृतु का आगमन होने वाला है। हम भाग्यशाली हैं कि ईश्वर ने देश को पर्याप्त वर्षा जल प्रदान किया है। ईश्वर की इस भेंट का आदर करना हमारा कर्तव्य है। इसलिए बारिश का मौसम प्रारंभ होते ही हमें ऐसे इंतजाम करने हैं कि बारिश की पानी का हम ज्यादा से ज्यादा संचयन कर सकें।

पीएम ने चिट्ठी में इस सरपंचों से कहा है कि वह अपने अपने गांवों में ग्राम सभा बुलाएं और चिट्ठी पढ़ कर सुनाएं। ताकि आने वाले मौसम में सभी गांव वाले मिलकर बारिश का पानी के संचयन करें और उसका पूरा लाभ उठाएं।

चिट्ठी कि शुरुआत में पीएम ने सरपंच और उनकी पंचायत के सभी भाई-बहनों की कुशलता की कामना करते हुए लिखा है कि नए भारत का निर्माण आप सबकेसक्रिय सहयोग और सहभाग से ही संभव है। पीएम ने लिखा कि आईए, खेतों की मेड़ बंदी, नदियों और धाराओं में चेक डैम का निर्माण व तटबंदी, तालाबों की खुदाई एवं सफाई,

वृक्षारोपण, वर्षा जल के संचयन हेतु टांका, जलाशय आदि का बड़ी संख्या में निर्माण करें ताकि गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में संचयित किया जा सके। अगर हम ऐसा कर पाएं तो ना केवल पैदावार बढेगा बल्कि हमारे पास जल का बड़ा भंडार होगा जिसका हम अपने गांव के कई कार्यो में सदुपयोग कर पाएंगे।

मेरा आग्र है कि आप ग्रामसभा की बैठक बुलाकर इस पत्र को सभी को पढ़ कर बताएं और इस मुद्दे पर व्यापक विचार विमर्श करें। मुझे पूरा भरोसा है कि ग्रामीण स्तर पर हम सब जल की एक एक बूंद का संचयन कर अपने परिवेश को और परिष्कृत बनाएंगे। पीएम ने आखिर में लिखा है कि स्वच्छता अभियान की तरह पानी संचयन के इस अभियान को भी जन आंदोलन बना कर इसे सफल बनाएं।

पीएनबी बैंक के ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी, हो गया ये बड़ा ऐलान, अब से सभी खातों पर…

PNB के ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी है, पंजाब नेशनल बैंक अपने ग्राहकों के लिए नई सुविधा लेकर आया है। इस सुविधा में बैंक के ग्राहकों को काफी फायदा होगा। पीएनबी ने जानकारी देते हुए बताया कि अब से बैंक अपने सभी बचत खाता धारकों को तीन डेबिट कार्ड देगा।

इसके साथ ही बैंक ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राहकअपनी शाखा में जाकर के इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। बैंक ने बताया कि खाताधारक के परिवार के सदस्यों को अगर जरूरत है तो वह अतिरिक्त कार्ड ले सकते हैं।

हालांकि इन कार्ड से पैसा केवल पीएनबी के एटीएम से ही निकलेगा। अगर आप किसी और बैंक के एटीएम से इससे पैसा निकालेंगे तो नहीं निकलेगा। दूसरे बैंक के एटीएम पर केवल प्राइमरी कार्ड से ही ग्राहक पैसा निकाल सकते हैं।

केवाईसी अपडेट करना जरूरी

अगर आप इस सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं तो आपका केवाईसी अपडेट होना चाहिए। बिना केवाईसी के आप इसका प्रयोग नहीं कर सकते हैं। इसके साथ ही आपको अपने खाते में न्यूनतम बैलेंस हमेशा रखना होगा और अपने खाते से पैसों का लेनदेन करते रहना चाहिए।

साथ ही अगर कोई नया ग्राहक इस सुविधा का फायदा लेना चाहता है तो वह अपना खाता खुलवाते समय इस योजना को भी ले सकता है। अगर आप डेबिट कार्ड लेना चाहते हैं तो आप बैंक की शाखा में अप्लाई कर सकते हैं। इसके तहत ग्राहक को रूपे और मास्टरकार्ड उपलब्ध कराएं जाएंगे। गौरतलब हैं कि जिन ग्राहकों के पास भी इस तरह के कार्ड होंगे

वह लोग अपने खाते से प्रतिदिन पीएनबी के एटीएम से एक लाख रुपए का फंड ट्रांसफर भी कर सकेंगे। इसके साथ ही बता दें कि बिना नाम और फोटो वाले डेबिट कार्ड बैंक की शाखा में तुरंत जारी कर दिये जाते हैं, वहीं, अगर आप अपना व्यक्तिगत कार्ड लेना चाहते हैं तो उसमें सात से 10 दिनों का समय लगता है।