अगर वाजपाई सरकार ना करती ये गलती तो ना होते पुलवामा जैसे आतंकी हमले

ये जब्र भी देखा है तारीख़ की नज़रों ने , लम्हों ने ख़ता की थी सदियों ने सज़ा पाई। मुज़फ़्फ़र रज़्मी का शेर 1999 में केंद्र में वाजपेयी सरकार का कंधार हाईजैक पर लिए गए निर्णय पर फिट बैठता है। 176 यात्रियों के बदले अटल बिहारी वाजपेयी की एनडीए सरकार ने मसूद अजहर सहित तीन आतंकियों को छोड़ दिया था।

क्या था कंधार हाईजैक मामला

24 दिसंबर 1999 को नेपाल से दिल्ली आने वाली इंडियन एयरलाइंस एयरबस ए300 का अपहरण कर लिया गया।अपहरणकर्ता विमान को अमृतसर, लाहौर और दुबई होते हुए कंधार, अफगानिस्तान ले गए जहाज में क्रू मेंबर सहित 180 लोग सवार थे। अपहरणकर्ताओं ने शुरू में भारतीय जेलों में बंद 35 उग्रवादियों की रिहाई और 200 मिलियन अमरीकी डॉलर नगद देने की मांग की।

अपहरण का यह सिलसिला सात दिनों तक चला। सात दिन बाद 31 दिसंबर 1999 को अपहरणकर्ता तीन कैदियों की रिहाई की मांग पर आकर मान गए। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के विदेश मंत्री जसवंत सिंह खुद उन तीन कुख्यात आतंकियों मौलाना मसूद अजहर, अहमद ज़रगर और शेख अहमद उमर सईद को लेकर कंधार के लिए रवाना हुए। तीनों आतंकियों के रिहा होते ही विमान संख्या आईसी-814 में बंधक बनाए गए सभी यात्रियों को रिहा कर दिया गया।

1999 के बाद भारत में जितने भी बड़े आतंकी हमले हुए उसमें मसूद अजहर का हाथ ज़रूर रहा है। जम्मू कश्मीर के इतिहास का अबतक का सबसे बड़ा आतंकी हमला पुलवामा अटैक का मास्टरमाइंड भी मसूद अजहर ही है। इस हमले में 40 सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए हैं। पुलवामा जिले में गुरुवार को जैश ए मोहम्मद के एक आतंकवादी आदिल अहमद डार ने विस्फोटकों से लदे एक वाहन को सीआरपीएफ की एक बस से टकरा दिया।

हमला करने से पहले आतंकी डार ने वीडियो रिलीज़ कर कहा था कि जिस समय वीडियो लोगों को मिलेगा वह जन्नत के मज़े लूट रहा होगा। वहीँ दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित पक्ष विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है।

कार-बसों के लिए आ रहा है नया ईंधन, इस राज्य से होगी शुरुआत

देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने सीएनजी में हाइड्रोजन मिलाकर एचसीएनजी तैयार किया है जो वर्तमान इंजनों पर भी बीएस-6 उत्सर्जन के लगभग सभी मानकों को पूरा करेगा।आईओसीएल के अध्यक्ष संजीव सिंह ने बताया कि कंपनी ने सीएनजी में 18 प्रतिशत हाइड्रोजन मिलाकर एचसीएनजी तैयार किया है।

यह नाइट्रोजन ऑक्साइड को छोड़कर अन्य सभी प्रदूषकों के मामले में भारत स्टेज-6 पर खरा उतरता है। देश में बीएस-6 अगले साल 01 अप्रैल से लागू होना है। सिंह ने बताया कि एचसीएनजी तैयार करने की आईओसीएल की प्रौद्योगिकी का पेटेंट हो चुका है। जल्द ही दिल्ली में एक डीटीसी बस डिपो से इसकी शुरुआत होगी और उसके बाद इसका विस्तार किया जाएगा।

 आ सकती है नई प्रौद्योगिकी

संजीव सिंह ने कहा कि इस समय उर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव हो रहे हैं। शेल गैस की प्रौद्योगिकी ने पिछले चार-छह साल में पूरे परिदृश्य को बदल दिया है। इससे कीमतों पर नकारात्मक असर जरूर पड़ा, लेकिन साथ ही दक्षता भी बढ़ी। हो स​कता है कि आने वाले समय में कोई और प्रौद्योगिकी अचानक सामने आ जाए।

उन्होंने कहा कि भविष्य में सेक्टर को टिकाऊ उत्पाद पेश करना होगा जो पर्यावरण के अनुकूल भी हो। मसलन आज के समय में यूरो-6 मानक वाले पारंपरिक वाहन इंजन सीएनजी इंजनों के समान ही कम प्रदूषण करने वाले हैं। हो सकता है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के छाने से पहले ही उनसे ज्यादा दक्ष पारंपरिक इंजन बाजार में आ जाएं।

7 साल की मन्नतों के बाद पैदा हुआ बेटा, 7 माह ही मिला फौजी पिता का प्यार

कश्मीर घाटी के पुलवामा जिले में गुरुवार दोपहर सवा 3 बजे केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के काफिले पर हुए आतंकी हमले में शहीद होने वाले जवानों में तरनतारन जिले के गं‌डीविंड धात्तल गांव के सुखजिंदर सिंह भी शामिल हैं।

हमले के तकरीबन पौने 3 घंटे बाद, शाम 6 बजे पिता गुरमेज सिंह को उनके बेटे की शहादत की खबर दी गई। इस खबर के बाद से गुरमेज सिंह और सुखजिंदर सिंह की मां हरभजन कौर सदमे में हैं और किसी से ज्यादा बात नहीं कर पा रहे।

2003 में ज्वाइन की सीआरपीएफ, 8 माह पहले प्रमोट होकर हैड कांस्टेबल बने

12 जनवरी 1984 को जन्मे सुखजिंदर सिंह ने 19 साल की उम्र में, 17 फरवरी 2003 में सीआरपीएफ ज्वाइन की थी। 8 महीने पहले ही वह प्रमोट होकर हैडकांस्टेबल बने थे। गुरमेज सिंह के पूरे परिवार का खर्च सुखजिंदर सिंह की तनख्वाह से ही चलता था। सुखजिंदर के बड़े भाई जंटा सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह 10 बजे भाई ने फोन करके अपना हाल-चाल बताया और परिवार के बारे में पूछा।

सुखजिंदर ने यह भी पूछा कि वह उनकी पत्नी सर्बजीत कौर को मायके छोड़ आए हैं या नहीं? फोन रखने से पहले सुखजिंदर सिंह ने बताया था कि उनका काफिला कश्मीर जा रहा है और वह अगले पड़ाव पर पहुंचकर शाम को फोन करेंगे। शाम 6 बजे शहादत की सूचना आ गई।

7 साल की मन्नतों के बाद पैदा हुआ बेटा, 7 माह ही मिला पिता का साया

सुखजिंदर के बड़े भाई जंटा सिंह के अनुसार, 2003 में सीआरपीएफ ज्वाइन करने के 7 साल बाद, 2010 में सुखजिंदर सिंह की शादी सर्बजीत कौर के साथ हुई। विवाह के कई बरस बाद तक जब संतान नहीं हुई तो सर्बजीत कौर ने पति के साथ कई जगह मन्नतें और दुआएं मांगीं।

7 साल बाद, 2018 में सुखजिंदर सिंह को बेटे की खुशी मिली, जिसका नाम उन्होंने गुरजोत सिंह रखा। हालांकि बड़ी दुआओं और मन्नतों के बाद पैदा हुए गुरजोत सिंह के सिर से मात्र सात महीने बाद ही पिता का साया उठ गया।

रिटायरमेंट के बाद विदेश में सेटल होने का सपना था

सुखजिंदर सिंह का सपना था कि 20 साल की सर्विस पूरी हो जाने के बाद वह प्री-मेच्योर रिटायरमेंट ले लेंगे और अपने बेटे और पत्नी के साथ विदेश में सेटल हो जाएंगे।

28 जनवरी को ही लौटे थे 1 महीने की छुट्‌टी काटकर

सुखजिंदर सिंह की पोस्टिंग 6 महीने पहले ही कश्मीर में हुई थी। उससे पहले वह अलीगढ़ में पोस्टेड थे। एक महीने की छुट्टी काटने के बाद वह 28 जनवरी को ही वापस लौटे थे।

5वीं फेल दुल्हन शादी के 5वें दिन बोलने लगी फर्राटेदार अंग्रेजी, पती को हुआ शक, बाद में खुला ये बड़ा राज़

शादी के 5वें दिन पांचवी फेल दुल्हन की अंग्रेजी सुनकर दूल्हा और उसका परिवार हैरान रह गया। लड़के को समझ में आ गया कि उसके साथ धोखा हुआ है। मामला शाजापुर के सुनेरा थाना क्षेत्र का है। लुटेरी दुल्हन के मामले में पीड़ित युवक ने सोमवार को भास्कर के सामने अपने साथ हुई ठगी की पूरी कहानी सुनाई।

युवक के अनुसार- शिवानी उर्फ पूजा पर तो उसे शादी के तीसरे दिन ही शंका हो गई थी, क्योंकि जिसे पांचवीं फेल बताया था, वह पांचवें दिन अचानक फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने लग गई। अंग्रेजी सुनकर मैं कन्फ्यूज हो गया लेकिन धोखे की कहानी समझ में आ गई। सिर्फ बदनामी के डर से किसी को कुछ नहीं बताकर उसे घर में बंद कर दिया।

इसी दौरान 40 हजार रुपए लेकर पूजा को छुड़ाने आई शबाना मेरे ही खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने थाने पहुंच गई। इधर, सुनेरा पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच में शादी के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले बड़ी गैंग के होने की जानकारी सामने आई है।

घर के दरवाजे बंद किए, बाजार में खड़े पति ने पकड़ा

शिवानी उर्फ पूजा ने 22 जनवरी को शादी होने के बाद से पीड़ित युवक के घर से भागने की योजना बनानी शुरू कर दी थी। लेकिन युवक ने शंका होने पर उसे घर में बंद कर दिया। लेकिन 26 जनवरी को मौका पाते ही घर के दरवाजे बंद करके वो भाग गई। लेकिन जिस कार से वह भाग रही थी, उस पर फरियादी की नजर पड़ गई। उसने बाइक से दो किमी पीछा कर पकड़कर शिवानी को फिर से घर में बंद कर दिया।

शिवानी के बोलने का तरीका पढ़े-लिखे जैसा

पीड़ित युवक ने भास्कर को घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि मुझे तो शादी के चौथे ही दिन शिवानी पर शंका हो गई थी। क्योंकि मुझसे शादी के समय उसकी पढ़ाई पांचवीं फेल होना बताया था, लेकिन 22 जनवरी के बाद ही वह अंग्रेजी में बातें करने लगी। उसके बोलने का लहजा भी वेल एजुकेटेड युवतियों जैसा था।

तो फरियादी युवक होता आरोपी

बदनामी के डर से पीड़ित युवक ने तो बात छुपा ली थी, लेकिन आरोपी बने कुछ लोग फरियादी बनकर ही थाने पहुंच गए। यहां उन्होंने अपनी बेटी को बंधक बनाए जाने की शिकायत दर्ज कराई। हालांकि एसआई जूली रघुवंशी ने दोनों पक्षों से पूछताछ कर अलग-अलग बयान दर्ज किए तो मामला लुटेरी दुल्हन का निकला। जांच में यदि यह जानकारी सामने नहीं आती तो पीड़ित युवक ही आरोपी बन सकता था।

किसानों के लिए बुरी खबर! इस तारीख को फिर से पड़ सकते हैं ओले

इस सप्ताह फिर से दिल्ली में मौसम बिगड़ने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाओं के आपस में मिलने से दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर ओलावृष्टि हो सकती है। 14 फरवरी को तेज हवाओं के साथ बरसात और ओलावृष्टि दोनों की ही संभावना बन रही है। दूसरी तरफ बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन भरी ठंड का दौर भी जारी है।

सोमवार को भी ठंड का दौरान जारी रही, लोग ठिठुरते नजर आए। वहीं, सोमवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे।इससे पहले रविवार को भी दिल्लीवासियों को कड़ाके की सर्दी झेलनी पड़ी। मौसम विभाग के अनुसार मौसमी परिस्थितियों में हो रहे बदलाव की वजह से दिल्ली के लोगों को एक बार फिर से ओलावृष्टि झेलनी पड़ सकती है।

14 फरवरी को दिल्ली के कुछ हिस्सों में ओले गिरने का अनुमान है।उधर, दिल्ली में रविवार को सुबह से ही चटक धूप खिली रही। इसके बावजूद उच्च हिमालयी हिमपात वाले क्षेत्रों से आ रही बर्फीली हवाओं के चलते दिन भर लोगों को कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ी।

यह बात अलग है कि धूप तेज होने के साथ-साथ ठंड का असर भी कम होता गया। लेकिन, पश्चिमी विक्षोभ के असर से दोपहर बाद एक बार फिर से बादल छा गए।मौसम विभाग का मानना है कि यह बादल वायुमंडल के ऊपरी स्तर वाले थे।

ऐसे बादलों से बारिश की संभावना नहीं होती, लेकिन यह धूप को अवश्य ही रोक लेते हैं जिससे ठंड बढ़ जाती है।रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 21.6 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री कम 6 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी का स्तर 52 से 100 फीसद दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का अलर्टः अगले तीन दिन तक देश के इन इलाकों में भारी बारिश के साथ पड़ेगी कड़ाके की ठंड

मौसम रोजाना अपने तीखे तेवर दिखा रहा है। लगातार हो रहे बदलाव के चलते सर्दी का सितम बदस्तूर जारी है। दिल्ली में लगातार तीसरे यहां बारिश की बूंदों के साथ सुबह हुई।  मौसम विभाग की माने तो आने वाले तीन दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। विभाग ने पहले चेतावनी जारी कर दी थी कि गुरुवार यानी 7 फरवरी को देश के ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में सुबह होने के साथ ही अंधेरा छा गया और अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। पिछले कुछ दिनों से बढ़ रहे प्रदूषण से दिल्लीवालों को थोड़ी राहत मिली और अब मिलेगी साफ हवा।

हिमाचलः नलों में जम गई बर्फ

मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में आज भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना है। निवासियों और पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे ऊंची पहाड़ियों पर बाहर न निकलें क्योंकि सड़कों का आपसी संपर्क टूटने की संभावना है।

इस इलाके में गुरुवार तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा। बुधवार को कुल्लू, चंबा, लाहौल-स्पीति, शिमला, कांगड़ा और किन्नौर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बर्फबारी हुई। शिमला, नरकंडा, कुफरी, मनाली और डलहौजी जैसे अधिकांश प्रमुख पर्यटन शहरों में भी बर्फबारी देखी जा सकती है।

मैदानी इलाकों में बारिश

स्काइमैट के मुताबिक आने वाले दो दिन तक पंजाब, हरियाणा, यूपी, दिल्ली और एनसीआर में जोरदार बारिश होगी। यही नहीं बारिश का ये दौर लंबे समय तक बना रह सकता है। यानी अगर आप सोच रहे हैं कि अभी सर्दी का मौसम जा रहा है तो आपको बता दें कि ये जा नहीं बल्कि दोबारा आ रहा है।

कश्मीर घाटी में बर्फ की सफेद चादर

कश्मीर घाटी में मंगलवार से बर्फबारी और बारिश का ताजा दौर शुरू हो चुका है यहां गुरुवार को भी मौसम का मिजाज कुछ सर्द ही रहा। ज्यादातर इलाकों में तापमान तेजी लुढ़का और माइनस दस डिग्री तक पहुंच गया।

इस जगह पे गेहूं और धान बेचने पर मिलेगी डबल कीमत, किसान हो जायेंगे मालामाल

दिल्ली सरकार किसानों से केंद्र के प्रस्तावित न्यूनतम समर्थन मूल्य से करीब दोगुने दर पर अनाज खरीदेगी। सरकार ने राज्य में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का ऐलान किया है। इसके तहत किसानों की लागत पर आने वाले खर्च का 50 फीसदी ज्यादा दाम दिया जाएगा।

इसके तहत गेंहू को 2616 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य के हिसाब से खरीदा जाएगा। वहीं धान के लिए 2667 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रस्तावित किया गया है।

धान की फसल पर आने वाली लागत

दिल्ली में प्रति हेक्टयेर धान की फसल पर 67328 रुपए लागत आती है। इसके अलावा प्रति हेक्टेयर फसल की मजदूरी लागत 15602 रुपए होती है। इन दोनों खर्च में 8 प्रतिशत सालान दर से 6 माह का ब्याज जोड़ दें,

तो कुल फसल उगाने में कुल खर्च 86247 रुपए आएगा, जबकि दिल्ली में प्रति हेक्टेयर धान की पैदावार 48.5 क्विंटल है। इस हिसाब से प्रति क्विंटल धान के पैदावार पर 1778 रुपए लागत आएगी।

धान की तय कीमत– दिल्ली सरकार प्रति क्विंटल धान के प्रस्तावित समर्थन मूल्य (1778) रुपए में 50 फीसदी फायदा देकर 2667 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीद करेगी।

गेंहू की फसल पर आने वाली लागत

दिल्ली में प्रति हेक्टयेर गेहूं की फसल पर 60418 रुपए लागत आती है। इसके अलावा प्रति हेक्टेयर फसल की मजदूरी लागत 2152 रुपए होती है। इन दोनों खर्च में 8 प्रतिशत सालान दर से 6 माह का ब्याज जोड़ दें,

तो कुल फसल उगाने में कुल खर्च 78501 रुपए आएगा, जबकि दिल्ली में प्रति हेक्टेयर धान की पैदावार 45 क्विंटल है। इस हिसाब से प्रति क्विंटल गेंहू के पैदावार पर 1744 रुपए लागत आएगी।

गेंहू की तय कीमत– दिल्ली सरकार प्रति क्विंटल गेंहू के प्रस्तावित समर्थन मूल्य (1744) रुपए में 50 फीसदी फायदा देकर 2616 रुपए प्रति क्विंटल की दस से गेंहू की खरीद करेगी।

भारत में इस जगह खुला ये अनोखा बार, कचरा जमा कराइये और ले जाइये फ्री बीयर

अगर आप गोवा जाने का प्लान बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। गोवा में अब आप फ्री बीयर का लुत्फ उठा सकते हैं। यहां के एक बार ने ऐसा ऑफर शुरू किया है। लेकिन इस फ्री बीयर के बदले में आपको गोवा के बीच पर पड़े कचरे को साफ करना होगा।

यानी बीच पर पड़ी सिगरेट बट, बॉटल कैप और प्लास्टिक स्ट्रॉ इकठ्‌ठा करके यहां जमा कराने पर आपको इसके बदले में बीयर मिलेगी। यह कैंपेन गोवा सरकार ने एक स्थानीय एजेंसी की मदद से शुरू किया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे गोवा के बीच पर कचरे की समस्या कम होगी।

तेरा मेरा बीच

इस अभियान का नाम है ‘तेरा मेरा बीच’। इसे गोवा की एक प्राइवेट बीच मैनेजमेंट एजेंसी Drishri Marine ने 30 जनवरी को शुरू किया था। इसके तहत अगर आप 10 बीयर बॉटल कैप, 20 सिगरेट बट और 5 इस्तेमाल किए हुए स्ट्रॉ बीच से इकठ्‌ठा करके जमा कराते हैं

तो इसके बदले में आप Waste Bar से एक बीयर या कॉकटेल ले सकते हैं। इस अभियान की शुरुआत नॉर्थ गोवा के बीच पर बसे Baga से हुई थी, लेकिन अब कई और बीच पर ऐसे बार शुरू होने जा रहे हैं।

लोगों की मिल रही जबरदस्त प्रतिक्रिया

Drishri Marine के साथ मिलकर यह अभियान शुरू करने वाली Noreen Van Holstein ने बताया कि लोग गोवा में दो चीजों के लिए आते हैं- बार और बीच। इसलिए हमने सोचा कि उन्हें वहीं दिया जाए जिसके लिए वे आते हैं- कचरे के बदले में फ्री ड्रिंक्स।

इससे लोगों को समझ आएगा कि बीच पर कितना कचरा फैला है और इस कचरे की भी कुछ कीमत हो सकती है। जब वे गोवा से जाएंगे तो खुश होकर जाएंगे और बीच भी साफ होंगी।

गोवा सरकार बना रही है सख्त कानून

हाल ही में में बीच पर बैठकर शराब पीने, खुले में खाना पकाने और खुले में कचरा फेंकने को सरकार ने अपराध की श्रेणी में शामिल कर लिया है। अगर अब आपने गोवा जाकर इन तीनों में से कुछ भी किया तो आप पर जुर्माना भी लगेगा और सरकार आपको जेल में भी डाल सकती है। अगर आप अकेले ये अपराध करते पकड़े गए तो दो हजार रुपए जुर्माने के तौर पर देने होंगे और अगर दोस्तों के साथ पकड़े गए तो पूरे ग्रुप को दस हजार रुपए का जुर्माना देना होगा।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, ट्राई के DTH नियम बदलने से 25% तक TV देखना हो जाएगा महंगा

ट्राई ने 1 फरवरी 2019 से DTH व केबल नेटवर्क नियमों में बदलाव किया है, जो लागू हो चुका है. ट्राई का कहना था कि इससे केबल टीवी व DTH ग्राहकों को न सिर्फ सस्‍ता केबल मिलेगा बल्कि अपनी पसंद के चैनल चुनने की छूट भी मिलेगी. हालांकि रेटिंग एजेंसी CRISIL की रिपोर्ट में कुछ और ही दावा किया गया है. उसकी रिपोर्ट में कहा गया है कि नए नियम आने से ग्राहकों का बिल कम नहीं होगा.

इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक ट्राई के DTH नियम बदलने से ग्राहकों का मंथली बिल बढ़ेगा. मसलन अगर ग्राहक फ्री टू एयर के साथ-साथ टॉप 10 चैनल चुनता है तो उसका बिल अपने आप बढ़ जाएगा.

क्रिसिल के सीनियर डायरेक्‍टर सचिन गुप्‍ता ने कहा कि हमारा आकलन दर्शाता है कि अब कैसे ग्राहक का DTH या केबल टीवी बिल बढ़ेगा. अगर मौजूदा कीमतों के आधार पर गणना करें तो जिन ग्राहकों का मौजूदा बिल 230 से 240 रुपए प्रति महीना है, वह नई व्‍यवस्‍था से 25% बढ़कर 300 रुपए महीना तक चला जाएगा.

ट्राई के नियम बदलने से सिर्फ उन्‍हीं ग्राहकों को फायदा होगा जो सिर्फ टॉप 5 चैनल ही अपने बकेट में चुनेंगे. हालांकि ट्राई ने नए नियम लागू करते वक्‍त साफ किया था कि किसी भी चैनल की कीमत 19 रुपए से अधिक नहीं हो सकती.

इससे पहले दूरसंचार नियामक ने ऐलान किया था कि अगर TV कनेक्‍शन में दिक्‍कत आ रही है तो कॉल सेंटर का प्रावधान होना चाहिए ताकि ग्राहक अपनी शिकायत दर्ज करा सके. साथ ही यह भी निर्देशित किया कि अगर केबल ऑपरेटर और DTH सर्विस प्रोवाइडर शिकायत को 72 घंटे में दुरुस्‍त नहीं कर पाएंगे तो उन्‍हें सर्विस फ्री में देनी हागी.

फॉल्‍टी कनेक्‍शन एक आम समस्‍या है. यह तब आती है जब टीवी ग्राहक 1 DTH कंपनी से किसी अन्‍य कंपनी की सेवा सबस्‍क्राइब कराता है या सेट टॉप बॉक्‍स बदलता है.

सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत, इतने लाख तक कर्ज लेने पर नहीं देना पड़ेगा कोइ भी शुल्क

केंद्र सरकार देश के किसानों को एक के बाद एक सौगात दे रही है। सोमवार को सरकार ने किसानों को 3 लाख रुपये तक के कर्ज लेने की प्रक्रिया में किसी भी तरह से शुल्क से मुक्त कर दिया है। अब किसानों को प्रोसेसिंग, इंस्पेक्शन फीस या सर्विस चार्ज नहीं देना होगा।

इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) ने इस संबंध में सभी सरकारी बैंकों को निर्देश जारी कर दिया है।
किसानों को कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर कर्ज लेने के दौरान किसी भी तरह का शुल्क नहीं देना होगा। पहले विभिन्न बैंकों द्वारा यह शुल्क ऋण मुहैया कराने से पहले प्रक्रिया या अन्य के नाम पर कुछ प्रतिशत तक किसानों से वसूला जाता था।

कृषि सचिव द्वारा 6.95 केसीसी को लेकर सभी राज्यों को पत्र लिखा गया है। इसमें ज्यादा से ज्यादा किसानों को केसीसी मुहैया कराने के लिए कहा गया है।जबकि दूसरी ओर आईबीए ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि कोई भी शुल्क किसानों से तीन लाख रुपये तक कर्ज लेने में नहीं लिया जाएगा। यह निर्देश बैंकों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को आईबीए द्वारा जारी किया है।

बैंकिंग विशेषज्ञ रवि सिंह के मुताबिक बैंकों द्वारा मौजूदा समय हरेक ऋण के लिए प्रोसेसिंग फीस के नाम पर एक प्रतिशत तक शुल्क वसूला जाता है। सभी बैंकों का शुल्क अलग-अलग है, इसमें कोई समानता नहीं है। चाहे वह गृह ऋण हो या फिर कृषि के लिए लिया जा रहा कर्ज। ऐसे में कर्ज लेनने वाले व्यक्ति पर अतिरिक्त भार पड़ता है।

आईबीए द्वारा जारी किया गया फरमान किसानों के लिए वाकई राहत भरा है। आईबीए ने निर्देश में बैंकों को प्रोसेसिंग, इंस्पेक्शन, लेजर फोलियो शुल्क या फिर सर्विस चार्ज तथा अन्य किसी नाम पर किसानों से शुल्क नहीं वसूलने को कहा है। हालांकि कर्ज की राशि तीन लाख रुपये तक निर्धारित है, यानी इस धनराशि से ऊपर किसान द्वारा कर्ज लिया जाता है तो उस पर बैंकों द्वारा यह शुल्क वसूला जा सकता है।

आईबीए की प्रबंधन समिति द्वारा लिए गए फैसले के बाद खासतौर पर छोटे और सीमांत किसानों को दोहरी राहत मिलेगी। गौरतलब है कि बजट में सरकार ने छोटे किसानों को सालाना छह हजार रुपये तीन किश्तों में मुहैया कराने की घोषणा की है। पहली किश्त लोकसभा चुनाव से पहले जारी कर दी जाएगी।