आज ही करवाएं ये इंश्योरेंस, रस्ते में या घर में चोरी हो जाए पैसा तो देगी इंश्योरेंस कंपनी

आपने जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा, टर्म इंश्योरेंस के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप अपने पास मौजूद कैश का भी बीमा करा सकते हैं? बाजार में मौजूद कई प्रकार के बीमा में कैश इंश्योरेंस भी शामिल है, जिसके तहत आप अपने कैश का बीमा करा सकते हैं। यह बीमा लेने के बाद अगर आपको धन का नुकसान होता है, तो आप बीमित राशि पाने के हकदार होंगे।

क्यों है कैश इंश्योरेंस जरूरी

यह बीमा ऐसे लोगों के लिए होता है जो अपने घर में काफी पैसा रखते हैं या जो बड़ी राशि को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर करते हैं, जैसे बड़े व्यापारी। जब लोग बैंक, पोस्ट ऑफिस, ऑफिस या किसी अन्य जगह बड़ी मात्रा में कैश लेकर जाते हैं, तो उन्हें चोरी या डकैती का डर लगा रहता है।

घर पर भी कैश रखना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि घरों से भी पैसे की चोरी हो जाती है। ऐसे में लोग मनी इंश्योरेंस या कैश इंश्योरेंस लेकर अपने धन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

धन में शामिल हैं ये सब

इस बीमा के अंतर्गत धन (Money) की परिभाषा में मौजूदा चलन में सिक्के, बैंक और करेंसी नोट, बैंक ड्राफ्ट, ट्रेजरी नोट, चेक व पोस्टल ऑर्डर और चलन में मौजूद पोस्टेज स्टैम्प शामिल हैं।

इन परिस्थितियों में होगी नुकसान की भरपाई

धन बीमा के तहत इन परिस्थितियों में नुकसान की भरपाई की जाती है।

  • अगर कोई व्यक्ति बैंक से पैसा निकालकर अपनी फैक्ट्री के कर्मचारियों को तनख्वाह देने जा रहा है और रास्ते में र्को उससे पैसा लूट ले, तो इस बीमा के तहत नुकसान की भरपाई हो सकेगी।
  • अगर व्यक्ति अपने घर या ऑफिस से कैश लेकर बैंक में जमा करने जा रहा है और उससे धन लूट लिया जाए तब भी बीमा के तहत नुकसान की भरपाई की जा सकेगी।
  • अगर आपने अपने घर की तिजोरी में एक रात के लिए या बैंक हॉलीडे की वजह से बड़ी मात्रा में धन रखा है और कोई घर में डाका डालकर उसे चुराकर ले जाए, तो भी आपको बीमित राशि मिल जाएगी।
  • अगर कोई बैंकिंग संस्था एटीएम में कैश जमा कराने जा रही है और रास्ते में धन चोरी हो जाए, तो कैश इंश्योरेंस के जरिए आप इस नुकसान की भरपाई कर सकते हैं।

केंद्र सरकार ने बदल दिया है ये कानून, 40 करोड़ लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा

प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में एनडीए सरकार सत्ता में वापसी के बाद से ही एक्‍शन मोड में नजर आ रही है. मसलन, सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही ”श्रमिक सम्मान योजना” के तहत मजदूरों को 3000 प्रति महीना पेंशन के बिल को हरी झंडी दे दी गई थी. हाल ही में एक और बड़ा फैसला लिया गया है. इसका फायदा 40 करोड़ से अधिक लोगों को मिलने की उम्‍मीद है. आइए जानते हैं कि आखिर क्‍या है वो फैसला..

दरअसल, मोदी सरकार की कैबिनेट ने हाल ही में ”कोड ऑफ ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन बिल, 2019” को मंजूरी दी है. इस बिल में कंपनियों पर कर्मचारियों के हितों का ख्याल रखने की जिम्मेदारी दी गई है. इस बिल के मुताबिक कामगारों की न्‍यूनतम मजदूरी प्रतिदिन के हिसाब से 178 रुपये तय की गई है.

इसका मतलब यह हुआ कि देश के किसी भी राज्‍य में मजदूरों को 178 रुपये से कम दिहाड़ी नहीं दी जा सकती है. हालांकि सरकार की ओर से यह स्‍पष्‍ट किया गया है कि अगर कोई राज्‍य 178 रुपये से अधिक दिहाड़ी देता है तो उसका स्‍वागत है. इसके अलावा मजदूरों को हर महीने की एक निश्चित तारीख को वेतन दे दी जाएगी.

इस बिल में प्रावधान है कि तय उम्र के बाद कंपनियां अपने कर्मचारियों का मुफ्त हेल्थ चेकअप करवाएंगी. वहीं कंपनी में बच्चों के लिए क्रेच, कैंटीन जैसी सुविधा जरूरी होगी. इसके साथ ही दफ्तर में महिलाओं के लिए वर्किंग आवर 6 बजे सुबह से 7 बजे शाम के बीच ही रहेंगे. यानी अब नौकरी करने वाली महिलाएं नाइट शिफ्ट में काम करने या नहीं करने के फैसले खुद ले सकेंगी.

इस बिल में स्‍पष्‍ट तौर पर कहा गया है कि 7 बजे शाम के बाद अगर वर्किंग आवर तय किया जाता है तो सुरक्षा की जिम्मेदारी कंपनी की होगी. इसके अलावा ओवरटाइम लेने से पहले कर्मचारी की सहमति जरूरी होगी. वहीं इस बिल के दायरे में वे सभी कंपनियां आएंगी जिसमें 10 या उससे अधिक स्टाफ काम करते हैं.

खुशखबरी ! इस मोबाइल app से आप भी ले सकते हैं 1 लाख रुपये तक का लोन, ब्याज दर है बेहद कम

अगर अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, लेकिन पैसे की तंगी के कारण उसे शुरू नहीं कर पा रहे हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मोदी सरकार अब आपको 1 लाख रुपये तक का लोन दे रही है, जिसपर आपसे मामूली ब्याज वसूला जाएगा।इस लोन के लिए आपको बैंक भी जाने की जरूरत नहीं है।

इसे आप घर बैठे अपने मोबाइल से ही ले सकते हैं।बता दें कि इस ऐप के ब्रांड एंबेसडर सलमान खान है।हालांकि इसके लिए भारतपे ऐप ( Bharatpe App) अपने मोबाइल में डाउनलोड करना होगा और यहां अपनी आईडी क्रिएट करनी होगी।

इस ऐप को अभी तक 10 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है और इसे गूगल प्ले स्टोर पर 18 हजार से ज्यादा लोगों ने 4.5 स्टार दिए हैं। अगर आप भी अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो google play store से इस ऐप को फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं। ये ऐप 16MB का है।

कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि वो उन व्यापारियों को उधार देने के लिए अपने स्वयं के उधार लाइसेंस के लिए आवेदन करने की भी योजना बना रही है, जो पिछले तीन महीने से नियमित और सुचारू रूप से भारतपे क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान स्वीकार कर रहे हैं।

साथ ही बताया कि व्यापारियों को 10 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक के लोन देने के लिए अपोलो फिनवेस्ट के साथ साझेदारी की है और नए लोगों को जोड़ने का भी काम किया है।इसपर 1.67 फीसदी हर महीने ब्याज वसूला जाएगा। भारतपे का अभी देश के सात लाख ऑफलाइन व्यापारी उपयोग कर रहे हैं और इसके माध्यम से भुगतान स्वीकार कर रहे हैं।

पोस्ट ऑफिस में खुलवाएं ये अकाउंट, रोज 33 रु की सेविंग से बन जायेंगे 73 हजार

नौकरीपेशा लोगों के साथ अक्सर देखा जाता है कि जब भी उन्हें बड़ी रकम की जरूरत होती है तो उनके हाथ खाली होते हैं। इसकी वजह यह है कि वे सीमित सैलरी में बड़ा फंड इकट्ठा नहीं कर पाते हैं। हालांकि अगर आप छोटी-छोटी रकम इकट्ठा करें तो कुछ साल में आपके पास भी एक बड़ी रकम जमा हो सकती है। अगर आप 5 साल तक करते हैं तो यह करीब 72,505 हजार रुपए हो सकती है।

पोस्‍ट ऑफिस की रेकरिंग डिपॉजिट या RD इस काम में आपकी मदद कर सकती है। आप इसका इस्‍तेमाल गुल्‍लक की तरह कर सकते हैं। मतलब आप इसमें हर महीने सैलरी आने पर एक निश्चित रकम डालते रहें और 5 साल बाद मैच्‍योर होने पर आपके हाथ में बड़ी रकम होगी। घर के गुल्‍लक में पैसे जमा करने पर भले ही आपको ब्‍याज नहीं मिले, पर यहां पैसे जमा करने पर आपको ब्‍याज भी मोटी मिलती है।

सीधी भाषा में कहें तो RD एक ऐसी गुल्‍लक है, जहां आपका पैसा समय के साथ बढ़ता जाएगा। RD एक तरह की स्‍मॉल सेविंग स्‍कीम है। इसका खाता आप पोस्‍टऑफिस के अलावा बैंकों में भी खुलवा सकते हैं। हालांकि पोस्‍ट ऑफिस की RD पर आम बैंकों से थोड़ा ज्‍यादा ब्‍याज मिलता है। मौजूदा समय में RD पर पोस्‍ट ऑफिस में 7.3% फीसदी का सलाना ब्‍याज तय हो गया है।

देश के ज्‍यादातर बैंक इस पर 5 फीसदी के आसपास ब्‍याज दे रहे हैं। पोस्‍ट ऑफिस RD की अवधि 5 साल है। इसमें आप अगले 5 साल के लिए बढ़ा भी सकते हैं। हालांकि यह अवधि सलाना आधार पर बढ़ेगी। मतलब आपको 5 साल बाद हर एक साल के लिए इसे बढ़ाना होगा।

1000 रु महीने का इन्‍वेस्‍टमेंट 5 साल में बन जाएगा 72 हजार से ज्यादा

RD पर आपको कॉम्‍पाउंड इंन्‍ट्रेस्‍ट मिलता है। मतलब हर बढ़ते साल के साथ आपको ब्‍याज में मिली रकम मूल धन बनती जाएगी। मौजूदा के 7.3 फीसदी के रिटर्न के हिसाब से कैलकुलेट करें तो अगर आप 33 रुपए रोजाना बचाकर हर महीने 1000 रुपए आरडी में जमा करें तो 5 साल में आपकी रकम 72505 रुपए हो जाएगी। जबकि इस दौरान आपका प्रिंसिपल अमाउंट करीब 60 हजार रुपए होगा।

किसी भी पोस्‍टऑफिस में खोलिए अकाउंट

पोस्‍ट ऑफिस में RD खोलना बेहद आसान है। आप इसे किसी भी पोस्‍ट ऑफिस में खोल सकते हैं। आप एक या एक से ज्‍यादा अकाउंट भी खोल सकते है। छोटे बच्‍चों के नाम पर भी यह अकाउंट खोला जा सकता है। 10 साल या उससे अधिक उम्र होने पर आप इसे खुद ऑपरेट कर सकते हैं। 2 लोग मिलकर ज्‍वाइंट अकाउंट भी खोल सकते हैं।

ऐसे जमा होता है पैसा

RD अकाउंट में पैसे जमा करने का एक नियम है। अगर खाता पहली तारीख से लेकर महीने की 15 तरीख के बीच खेला गया है, तो मंथली डिपॉजिट आपको 15 तरीख तक करना होगा। वहीं अगर खाता 16 तरीख से लेकर महीने की आखिरी तरीख के बीच खोला गया है तो आपको डिपॉजिट 16 तरीख से महीने की आखिरी तरीख के बीच करना होगा।

सरकार का बड़ा फैसला, अब नहीं हो सकेगी बिजली की चोरी, बिल भरने वाले ग्राहकों को मिलेगा ये बड़ा फायदा

बिजली क्षेत्र में सुधारों के लिए बिजली मंत्रालय ने नई टैरिफ नीति तैयार कर ली है। इस टैरिफ नीति का कैबिनेट नोट सभी मंत्रालयों के पास मंजूरी के लिए भेजा दिया गया है। इस पर एक सप्ताह में फैसला होने की उम्मीद है।

एक अधिकारी के अनुसार, नई टैरिफ नीति में बिजली सब्सिडी को लेकर भी बड़ा बदलाव किया जा रहा है। नई टैरिफ नीति में बिजली सब्सिडी सीधे ग्राहक के बैंक खाते में भेजे जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

इसके लिए राज्यों से एक साल के अंदर बिजली से सिंचाई करने वाले किसानों का रिकॉर्ड तैयार करने के लिए कहा गया है ताकि अगले वित्त वर्ष से उनके बैंक खाते में बिजली सब्सिडी भेजी जा सके।

हर घर में लगाए जाएंगे स्मार्ट मीटर

नई टैरिफ नीति को मंजूरी मिलने से तीन साल में हर घर में बिजली कनेक्शन और स्मार्ट मीटर लगाने का रास्ता साफ हो जाएगा। इसमें ग्राहकों को आसान किस्तों पर स्मार्ट मीटर उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया गया है।

बिल देने वाले ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा बिजली चोरी का बोझ

नई टैरिफ नीति में बिजली की लागत तय करने में भी बदलाव किया गया है। नई नीति के अनुसार, कंपनियां लागत तय करने के लिए केवल उतनी बिजली ही जोड़ पाएंगी, जितनी की आपूर्ति की गई है। अभी ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन हानि को भी जोड़ दिया जाता है। नई नीति लागू होने के बाद समय पर बिल भरने वाले ग्राहकों को बिजली चोरी का बोझ नहीं पड़ेगा।

आपूर्ति बाधित होने पर ग्राहकों को मिलेगा हर्जाना

नई टैरिफ नीति में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत बिजली आपूर्ति बाधित होने पर ग्राहकों को हर्जाना देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही बिजली चोरी नहीं रोक पाने वाली कंपनियों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।

मोदी सरकार की इस योजना के तहत लोन लेकर शुरू करें अपना बिजनेस, जानें पूरा प्रोसेस

अगर आप अपना कोई छोटा उद्योग-धंधा शुरु करने के लिए लोन की तलाश कर रहे हैं तो जान लीजिए कि PMMY यानी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना आपके लिए ही बनी है। अप्रैल 2015 में शुरू हुई इस योजना से अब तक हजारों लोग लोन लेकर अपना अद्यम शरू कर चुके हैं। पीएमएमवाई की वेबसाइट के अनुसार, 31 मार्च 2019 को समाप्‍त हुए वित्‍त वर्ष में मुद्रा योजना के तहत 3,11,811.38 करोड़ रुपये के लोन दिये जा चुके हैं।

वहीं, सरकार ने इस योजना के तहत चालू वित्‍त वर्ष में 23 मार्च तक 23,818.40 करोड़ रुपये के लोन बांटे हैं। आज हम आपको वह पूरी जानकारी देने जा रहे हैं जिससे आप भी इस योजना के तहत लोन प्राप्‍त कर अपने कारोबार की शुरुआत कर सकते हैं।

PMMY में मिलेंगे तीन तरह के लोन

इस योजना के तहत तीन तरह के लोन दिए जाते हैं जिसमें शिशु लोन, किशोर लोन और तरुण लोन शामिल है। शिशु लोन के अंतर्गत 50 हजार रुपये तक के कर्ज दिए जाते हैं। वहीं किशोर लोन में 50 हजार से 5 लाख रुपये तक के कर्ज दने का प्रावधान है। इसके बाद आता है तरुण लोन जिसमें 5 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक के कर्ज देने का प्रावधान है।

मुद्रा लोन की ब्याज दर

आपको बता दें कि, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ब्याज दर निश्चित नहीं होती, लेकिन आमतौर पर न्यूनतम ब्याज दर 10 से 12 फीसदी सालाना होती है। यहां ब्याज दर लोन लेने वाले व्यक्ति के उद्यम की प्रकृति और उससे जुड़े जोखिम पर निर्भर करती है। वहीं, अलग-अलग बैंक मुद्रा लोन के लिए अलग ब्याज दर भी रख सकते हैं।

यह है पूरी प्रक्रिया

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन पाने के लिए आपको सबसे पहले बैंक की किसी शाखा में जाकर आवेदन करना होगा। वहां आपको बैंक के ब्रांच मैनेजर से मिलना होगा। ब्रांच मैनेजर आपसे उद्यम के बारे में जानकारी लेगा। आप स्वयं उद्यम शुरू करना चाह रहे हैं तो आपको मकान के मालिकाना हक या किरायानामा से जुड़े डॉक्युमेंट्स, कारोबार से जुड़ी जानकारी, पैन नंबर, और आधार जैसे डॉक्युमेंट्स देने होंगे।

अब आपके उद्यम की प्रकृति के आधार पर आपको प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन दिया जाएगा। खास बात यह है कि अगर आप अपने मौजूदा कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए पैसा चाहते हैं तब भी आपको पीएमएमवाई के तहत लोन मिल सकेगा।

बढाई जा सकती है लोन चुकाने की अवधि

बता दें कि, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में लोन चुकाने की अवधि को 5 साल तक आगे बढ़ाया जा सकता है। योजना में लोन लेन वाले व्यक्ति को एक मुद्रा कार्ड दिया जाता है। इस मुद्रा कार्ड से व्यक्ति अपने उद्यम में जरूरत के हिसाब से रुपये खर्च कर सकता है।

अब यदि बिजली कटी तो देशभर के ग्राहकों को मिलेगा हर्जाना ये है मोदी सरकार की नई टैरिफ नीति

आम बजट में कुछ अहम सुधारों की घोषणा के बाद सरकार की नजर बिजली क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाने की है। इसमें सबसे पहले नई टैरिफ नीति का कैबिनेट नोट सभी संबंधी मंत्रालयों को भेज दिया गया है,  नई टैरिफ नीति से देशभर में ग्राहकों को चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

बिजली आपूर्ति बाधित होने पर ग्राहकों को उसका हर्जाना दिलाने की व्यवस्था भी इसमें होगी। इसके अलावा बिजली चोरी नहीं रोक पाने वाली बिजली वितरण कंपनियों पर जुर्माना लगाने की व्यवस्था भी इसमें है। हर गांव और हर घर को बिजली से जोड़ने के बाद नई टैरिफ नीति को बिजली क्षेत्र में सुधार का सबसे अहम कदम माना जा रहा है।

एक बड़े अधिकारी के मुताबिक नई शुल्क नीति देश में बिजली सब्सिडी देने की व्यवस्था को भी देखेगी। इसमें यह सुनिश्चित करने का प्रस्ताव है कि अब जो भी बिजली सब्सिडी दी जाए वह ग्राहक को सिर्फ सीधे बैंक खाते में डालने की डीबीटी योजना के तहत दी जाएगी।

इसके लिए राज्यों को एक वर्ष के भीतर बिजली से सिंचाई करने वाले किसानों का रिकॉर्ड और बैंक अकाउंट्स का विवरण तैयार करना होगा, ताकि अगले वित्त वर्ष से सीधे उनके खाते में ही बिजली सब्सिडी जाए।

नई टैरिफ नीति के तहत अगले तीन वर्षो में देश के हर घर में बिजली कनेक्शन, ग्राहक के घर में स्मार्ट मीटर लगाने का रास्ता भी साफ होगा। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकारें अपने स्तर पर कोशिश करेंगी। मसलन ग्राहकों को बेहद आसान किस्तों पर स्मार्ट मीटर दिलाने की व्यवस्था की जाएगी।

इसके तहत बिजली वितरण कंपनियों को हर कीमत पर ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन (टीएंडडी) हानि को घटाकर 15 फीसद पर लाना होगा। ऐसे में बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को काफी प्रयास करने होंगे क्योंकि इन दोनो राज्यों में टीएंडडी से होने वाली हानि का स्तर काफी ज्यादा है।

जिन राज्यों में बिजली की हानि 15 फीसद से ज्यादा है वहां की वितरण कंपनियों को भारी घाटा उठाना पड़ सकता है क्योंकि नए कानून में उनके लिए बिजली की लागत तय करने में सिर्फ उतनी ही बिजली को जोड़ने की अनुमति होगी जितनी आपूर्ति की गई है।

अभी टीएंडडी से होने वाली हानि को भी बिजली की पूरी कीमत तय करने में जोड़ा जाता है। इसका मतलब यह हुआ कि जो लोग बिजली की चोरी करते हैं उसका भार उन ग्राहकों पर पड़ता है जो बिजली की बिल की अदाएगी करते हैं। नया नियम बिजली वितरण कंपनियों पर ही जुर्माना लगाएगा।

मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, 5 जुलाई से आधी कीमत में मिलेगा TV- AC और रेफ्रिजरेटर

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों को इस बार आम बजट से काफी उम्मीदें हैं और यही वजह है कि वो आगामी बजट में बड़ी स्क्रीन वाले टेलीविजन , एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर पर वस्तु एवं सेवा कर ( GST ) की दर घटाने की मांग कर रही है ताकि लोग को कम कीमत इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट खरीद सकें।

कंपनियों का कहना है कि ऐसा करने से ग्राहकों के साथ सरकार को भी फायदा मिलेगा, क्योंकि दाम कम होने से इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट ज्यादा बिकेगा और इससे ग्राहकों के साथ-साथ सरकार को ज्यादा रेवेन्यू मिलेगा।

बता दें कि 32 इंच से अधिक स्क्रीन वाले TV पर 28% GST और इससे कम साइज वाले टीवी पर 18% जीएसटी वसूला जाता है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों की मांग है कि 28% GST को घटाकर 18% GST कर दिया जाए और 18% लगने वाले GST को कम करके 12% कर दिया जाए। कपनियों का कहना है कि ये तीनों प्रोडक्ट आज के समय में हर घर की जरूरत बन गयी है इसलिए इन्हें लग्जरी नहीं कहना चाहिए।

इसके अलावा टेलीकॉम सेक्टर में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए सरकार मोबाइल बिल पर लगने वाले जीएसटी को कम सकती है। फिलहाल मोबाइल बिल के तहत यूजर्स से 18 फीसदी जीएसटी वसूला जाता है,

लेकिन अगर इसमें बदलाव किया जाता है तो सरकार इस दर को बजट में घटाकर 12 फीसदी तक कर सकती है। बता दें कि मोबाइल की खरीद पर 12 फीसदी जीएसटी वसूला जाता है। गौरतलब है कि 5 जुलाई को देश का आम बजट पेश किया जाएगा। ये मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण आम बजट है जिससे लोगों को काफी उम्मीदें है कि महंगाई से राहत मिल सकती है।

अब बिना प्रॉपर्टी गिरवी रखे मिलेगा 50 लाख का लोन, जानें क्या है पूरी स्कीम

देश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्वरोजगार के लिए सरकार 5 जुलाई को पेश होने वाले बजट में बड़ा ऐलान कर सकती है। इसके तहत नए उद्यमियों को बिना गारंटी के 50 लाख रुपए तक का कर्ज सरकार मुहैया करा सकती है।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार के सरकार ने उद्यमियों को 50 लाख रुपये तक का ऋण देने के लिए एक योजना शुरू करने की व्यहारिकता का अध्ययन कराया है। इस तरह का प्रावधान भाजपा ने इस साल के अपने चुनावी घोषणा पत्र में किया था।

अंग्रेजी अखबार ईटी को वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस योजना की रूपरेखा पर चर्चा की जा रही है। यदि संभव हुआ तो 5 जुलाई को बजट में घोषणा की जा सकती है। महिला उद्यमियों के लिए ऋण राशि का 50% और पुरुष उद्यमियों के लिए 25% गारंटी सरकार देगी।

इसका मतलब यह हुआ कि यदि कोई उधारकर्ता कर्ज चुकाने में असमर्थ है, तो महिला उद्यमी के मामले में ऋण राशि का आधा हिस्सा और पुरुष उद्यमी के मामले में एक-चौथाई हिस्सा सरकार खुद वहन करेगी।एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तत्वावधान में शुरू की जा सकती है। यानी कि इसी योजना में संशोधन कर 50 लाख रुपए तक का प्रावधान कर दिया जाए।

अभी इस स्कीम में 10 लाख रुपए तक के गारंटी फ्री ऋण का प्रावधान है। अधिकारी ने कहा, “हमारे पास पहले से ही एक मौजूदा मंच है,इसलिए हम इस मंच के भीतर एक नई श्रेणी बना सकते हैं।” गौरतलब है कि अभी पीएमएमवाई के तहत तीन योजनाएं हैं – शिशु, किशोर और तरुण संचालित है।

इसमें बैंक और वित्तीय संस्थान इन योजनाओं के तहत 50,000 रुपये से 10 लाख रुपये तक के ऋण प्रदान करते हैं। शिशु में 50000, किशाेर में 500000 और तरुण में 10 लख रुपए की सीमा है।चालू वित्त वर्ष में सरकार ने इन योजनाओं के तहत लगभग 600,000 ऋण आवेदन स्वीकृत किए हैं, जिसमें 32,457 करोड़ रुपए की कर्ज राशि बांटी गई है।

गारंटी के लिए माइक्रो यूनिट्स (CGFMU) के तहत एक क्रेडिट गारंटी फंड स्थापित किया गया है।मार्च 2018 तक लगभग 40,000 करोड़ रुपए के ऋण क्रेडिट गारंटी योजना के तहत कवर किए गए थे। कवर किए गए ऋणों में से लगभग 51% शिशु योजना के तहत थे। गारंटी योजना के तहत पचास सदस्यीय ऋण देने वाले संस्थानों को पंजीकृत किया गया है।

रियल एस्टेट के बजाए यहां करें इन्वेस्ट, कुछ ही समय में बन सकते हैं करोड़पति

अब से कुछ साल पहले तक निवेशकों ने रियल एस्टेट से जुड़े कारोबार में पैसे लगाकर खूब कमाई की, जिस हजारपति ने रियल एस्टेट में निवेश किया वो लखपति बन गया और लखपति निवेशक करोड़पति हो गए. लेकिन अब रियल एस्टेट का कारोबार थोड़ा सुस्त पड़ गया है, जिससे निवेशकों को उम्मीद के मुताबिक रिटर्न नहीं मिल रहा है.

ऐसे में निवेशक दूसरे विकल्प की तलाश में थे और आज शेयर बाजार उनके लिए सबसे पसंदीदा प्लेटफॉर्म बन गया है. आज हर कोई म्यूचुअल फंड के पीछे भागता है. दरअसल, पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड से निवेशकों को उम्मीद से ज्यादा रिटर्न मिला है. यही वजह है कि म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए पहली पसंद है.

म्यूचुअल फंड आपको बैंक सेविंग्स अकाउंट और फिक्स डिपोजिट्स से ज्यादा रिटर्न देते हैं. खासकर म्यूचुअल इक्विटी फंड ने निवेशकों को करोड़पति बनाया है, वो महज 5000 हजार रुपये के निवेश पर. इन फंडों ने पिछले 20 या उससे भी अधिक वर्षों में लगातार 20 फीसदी से ज़्यादा सीएजीआर (कम्पाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से रिटर्न दिया है. उदाहरण के लिए नीचे 5 फंड और उससे मिले रिटर्न के बारे में जानिए.

फ्रैंकलिन इंडिया प्राइमा फंड: दिसंबर 1993 में शुरू हुए इस म्यूचुअल फंड ने अबतक शानदार प्रदर्शन किया है. आंकड़ों को देखें तो पिछले 25 सालों से इस फंड का सीएजीआर 21.02 फीसदी रहा. जबकि अप्रैल 1998 से 2018 के अप्रैल तक रिटर्न सालाना 25.11 फीसदी के हिसाब से रहा है. यानी जिसने 1 अप्रैल 1998 को इस म्यूचुअल फंड में 5,000 रुपये महीने के हिसाब से निवेश किया होगा, उसे 31 मार्च 2018 के बाद 2.38 करोड़ रुपये मिले होंगे.

रिलायंस ग्रोथ फंड: पिछले 20 साल के दौरान रिटर्न के हिसाब से ये फंड दूसरे नंबर पर रहा, इस फंड में 1 जनवरी 1999 से लगातार 5000 रुपये निवेश करने वाले को 01 मार्च 2018 के बाद करीब 1.70 करोड़ रुपये रिटर्न मिला होगा. जबकि इस दौरान केवल 11,55,000 रुपये निवेश किया गया.

एचडीएफसी इक्विटी फंड: HDFC का ये फंड तीसरे नंबर रहा था. पिछले 20 साल में इसका सीएजीआर 23.56 प्रतिशत रहा. अगर किसी ने इसमें 1 अप्रैल, 1998 से लगातार 5,000 रुपये महीने SIP किया होगा, तो 31 मार्च 2018 के बाद उसके खाते में 1.95 करोड़ रुपये आए होंगे.

रिलायंस विजन फंड: रिलायंस का ये फंड भी निवेशकों को खूब भाया. जिसका सीएजीआर रिटर्न पिछले 20 वर्षों के दौरान 19.92 फीसदी रहा है, इस म्यूचुअल इक्विटी फंड में अगर आप 20 साल पहले 5,000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से निवेश करना शुरू करते, तो इसी महीने की पहली तारीख को आपके खाते में 1.46 करोड़ रुपये जमा होते.

एचडीएफसी टॉप 200 फंड: देश में रिटर्न के मामले में ये HDFC का टॉप 200 फंड पांचवें नंबर था, जिसका सीएजीआर रिटर्न शुरुआत से अबतक 20.88 फीसद रहा, और इस फंड में जिसने 20 साल पहले 5,000 रुपये महीने निवेश किया होगा, उन्हें रिटर्न 1.43 करोड़ रुपये मिला होगा.

शेयर बाजार को करीब से देखने वालों की मानें तो इक्विटी की जानकारी नहीं होने पर म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए. मार्केट की समझ होने पर ही इक्विटी में सीधे निवेश करें इंश्योरेंस के मुकाबले म्यूचुअल फंड निवेश का अच्छा विकल्प है. गौरतलब है कि जोखिम की चाल बाजार की चाल पर निर्भर करता है.

वहीं निवेशक 10 हजार रुपये की SIP करके 20 साल में 12 फीसदी रिटर्न के हिसाब से 99,91,479 रुपये जुटा सकते हैं. इन 20 सालों में आपको 24 लाख रुपये जमा करने होंगे. वहीं अगर रिटर्न 15 फीसदी जोड़ें तो फंड बढ़कर 1,51,59,550 रुपये का हो जाता है.