शारीरिक कमजोरी दूर कर शरीर को फौलाद बना देती हैं ये 5 चीजें, आजमाकर देखिए

शरीर में कमजोरी की वजह से व्यक्ति किसी भी काम को ठीक ढंग से करने पर अपना ध्यान नहीं लगा पाता है। जिसकी वजह से वो बीमार दिखने लगता है।सुखी और स्वस्थ जीवन के लिए ये बेहद जरुरी है कि व्यक्ति शारीरिक रूप से शक्तिशाली बना रहे।

शरीर में किसी भी प्रकार की कमजोरी होने से जीवन में दुख और समस्याओं को बढ़ावा मिलता है।यदि किसी पुरुष में कमजोरी हो तो उसका वैवाहिक जीवन सुखी नहीं रह सकता है। ऐसे में जानते हैं पांच ऐसे घरेलू उपाय जो शारीरिक कमजोरी दूर कर शरीर को फौलाद बना देते हैं।

नींबू

नींबू शरीर में शक्ति के लिए बेहद जरूरी है। इससे कमजोरी दूर होती है और शरीर में नई स्फूर्ति पैदा होती है। इसे नमक या चीनी के साथ मिलाकर गुनगुने पानी के साथ पिएं।

केला

केला कमजोर शरीर को मोटा और पुष्ट बनाता है। कहते हैं कि शाम के समय खाने के बाद दो केले खाने से यौन दुर्बलता खत्म होती है और शरीर को बल मिलता है। केले को सुबह खाली पेट नहीं खाना चाहिए।

आंवला

ताकत के लिए आंवला चमत्कारी उपाय है। लगभग 10 ग्राम हरे और कच्चे आंवला को शहद के साथ खाएं। इसे रोज सुबह किसी खट्टे फल की तरह शहद लगाकर खाएंगे तो यौन बल बढेगा और शरीर कसरती हो जाएगा।

घी

घी हर रूप में सेहत के लिए अच्छा होता है। अगर शरीर में कमजोरी या यौन दुर्बलता महसूस हो रही हो तो घी का सेवन करें। रोज शाम का भोजन करने के बाद घी और शहद को मिलाकर इसका सेवन करें। इससे याददाश्त के साथ ही साथ शरीर की ताकत और वीर्य बढ़ता है।

तुलसी

यूं तो तुलसी के बीज और पत्ते हर रूप में लाभकारी हैं लेकिन शारीरिक दुर्बलता को दूर करने के लिए और वीर्य, बल और खून में वृद्धि के लिए आधा ग्राम तुलसी के पीसे हुए बीजों को सादे या कत्था लगे पान के साथ सुबह और शाम को चबा चबा कर खाएं।

मुनक्का

लगभग 60 ग्राम मुनक्का को धोकर भिगो दें। 12 घण्टे के बाद भीगे हुए मुनक्के खाने से पेट के रोग दूर होते है और शरीर में खून और वीर्य बढ़ जाता है। मुनक्का की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाकर 200 ग्राम तक सेवन करने से लाभ मिलता हैं। मुनक्का को गर्म पानी से धोकर रात को भिगो दें। प्रात: समय उसके पानी को पीलें तथा दानों को खालें। ऐसा रोजाना करने से शारीरिक कमजोरी दूर हो जाती हैं।

अगर दोगुना तेजी से कम करना है वजन तो इस तरह करें जीरे के पानी का प्रयोग

खाने के स्वाद को बढ़ाने वाला जीरा सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि वजन कम करने के लिए जीरे का पानी एक बेहतरीन ऑप्शन है. जी हां, सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाने वाला जीरा वजन को कम करने में भी मददगार साबित होता है.

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, सुबह खाली पेट जीरे का पानी पीने से वजन तेजी से कम होता है. अगर आप भी बेली फैट से परेशान हैं और चाहते हैं कि बिना कुछ ज्यादा प्रयास के ये कम हो जाए तो जीरे का इस्तेमाल आपके लिए काफी कारगर साबित हो सकता है.

इसके अलावा जीरे के सेवन से कब्ज, इंसुलिन, मेटाबॉलिज्म और डाइजेस्टिव सिस्टम भी मजबूत होता है. हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि रोजाना खाली पेट जीरे के पानी का सेवन करने से 20 दिन में ही वजन कम होने लगता है.

कई स्टडी में बताया गया है कि जीरे में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं. इसके अलावा इसमें कॉपर, मैंगनीज, मिनरल्स भी पाए जाते हैं. ये सभी शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले रेडिकल्स से सुरक्षित रखते हैं और उन्हें शरीर से बाहर निकालने का काम करते हैं.

बता दें, एक चम्मच जीरे में सिर्फ 7 कैलोरी होती है. रोजाना एक गिलास जीरे का पानी पीने से वजन तेजी से कम होता है.

डाइजेशन- जीरे का पानी पीने से डाइजेस्टिव सिस्टम बेहतर होता है. ये शरीर में मौजूद फैट और कार्बोहाइड्रेट को ब्रेक करता है, जिससे आंतें स्वस्थ रहती हैं. अगर डाइजेस्टिव सिस्टम मजबूत होता है, तो वजन को भी तेजी से कम किया जा सकता है.

भूख कम लगना- जीरे का पानी पीने से भूख कम लगती है. सुबह एक गिलास जीरे का पानी पीने से दिनभर आपका पेट भरा हुआ रहता है. इस कारण आप जंक और ऑयली फूड से दूर रहते हैं और वजन कम होने में मदद मिलती है.

डीटॉक्सीफाई- जीरे का पानी शरीर से सभी टॉक्सिंस को बाहर निकालकर शरीर को डीटॉक्सीफाई करने में मददगार साबित होता है. इसके अलावा इस पानी से शरीर में नई और हेल्दी कोशिकाएं बनती हैं. ये डाइजेशन को बेहतर करता है और शरीर के मेटाबॉलिज्म रेट को बढ़ाता है.

यहां जानें जीरे का पानी बनाने की विधि- जीरे का पानी बनाने के लिए एक चम्मच जीरे को एक गिलास पानी में रातभर भिगोकर रख दें. सुबह उठकर ये पानी छान कर पीएं. इसके लिए तांबे के बर्तन को ही इस्तेमाल करने की कोशिश करें, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि तांबे के बर्तन में पानी पीने से भी वजन कम होता है. जीरे का पीने के साथ-साथ हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज पर भी ध्यान दें. आप चाहें तो अपने डॉक्टर से भी संपर्क कर सकते हैं.

बिजनेस के लिए ऐसे ले सकते है बिना गारंटी के 10 लाख रु तक का लोन

देश में छोटे और मध्यम आकार के उद्योग शुरू करने से जुड़ी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारत सरकार ने अप्रैल 2015 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) की शुरुआत की थी। इस योजना के दो प्रमुख उद्देश्य हैं,

पहला- स्वरोजगार के लिए आसान लोन उपलब्ध करवाना और दूसरा- छोटे उद्यमों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सामने लाना। यह लोन नॉन-कॉर्पोरेट छोटे व्यवसायों के लिए बनाया गया है,

इसलिए मुद्रा लोन शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में अकेले या पार्टनरशिप में छोटी निर्माण यूनिट चलाने वालों से लेकर दुकानदारों, छोटा व्यवसाय/व्यापार करने वालों, छोटी इंडस्ट्रीज चलाने वालों, कारीगरों, खाद्य उत्पादों से जुड़ा व्यापार करने वालों और सर्विस सेक्टर में काम करने वालों तक के काम की योजना है।

ये लोन वाणिज्यिक (कमर्शियल) बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, छोटे फाइनेंस बैंकों, सहकारी बैंकों, माइक्रोफाइनेंस (सूक्ष्म-वित्त ) संस्थानों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में आवेदन देकर पाया जा सकता है।

मुद्रा लोन से जुड़े चार प्रमुख सवाल

कितना लोन मिल सकता है?

मुद्रा लोन के तहत अधिकतम 10 लाख रुपए तक का लोन लिया जा सकता है। इस लोन को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है— शिशु ऋण, जिसमें अधिकतम सीमा 50 हजार रुपए है, किशोर ऋण, जिसमें 50 हजार से 5 लाख रुपए तक की सीमा है और तरुण ऋण, जिसमें अधिकतम 10 लाख रुपए तक की सीमा रखी गई है।

किसे मिल सकता है?

कोई भी व्यक्ति जो अपना स्वयं का व्यवसाय शुरु करना चाहता है, वह इस योजना के तहत लोन ले सकता है। इसके साथ ही अगर कोई अपने मौजूदा व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहता है, तो भी उसे इस योजना के माध्यम से लोन मिल सकता है।

कैसे ले सकते हैं?

मुद्रा लोन के लिए उस सरकारी या किसी अन्य बैंक या वित्तीय संस्थान में आवेदन देना होगा, जो मुद्रा लोन देता हो। आवेदन के लिए आपके कारोबार की पूरी जानकारी/प्लान सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।

 कितना ब्याज देना होगा?

मुद्रा लोन की खास बात यह है कि इसमें कोई निश्चित ब्याज दर नहीं है। अलग-अलग बैंक लोन पर अलग-अलग दर से ब्याज वसूल सकते हैं। दर का निर्धारण कारोबार की प्रकृति और उससे जुड़े जोखिम के आधार पर तय होता है। वैसे सामान्यतः ब्याज दर 12 प्रतिशत के आसपास रहती है।

यह है मुद्रा लोन पाने की पूरी प्रक्रिया

पहला चरण-

सबसे पहले आवेदक को एक बिजनेस प्लान तैयार करना होता है। साथ ही लोन के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज भी तैयार करने होते हैं। सामान्य दस्तावेजों के साथ बैंक आपसे आपका बिज़नेस प्लान, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, भविष्य की आय के अनुमान संबंधी दस्तावेज भी मांगेगा, ताकि उसे आपकी आवश्यकता की जानकारी हो, साथ ही यह भी अंदाजा लग सके कि आपको लाभ कैसे होगा या लाभ कैसे बढ़ेगा।

दूसरा चरण-

मुद्रा लोन देने वाले बैंक/वित्तीय संस्था न का चयन करना होता है। आवेदक एक से अधिक बैंकों का चयन कर सकता है। बैंक को दस्तावेजों के साथ लोन एप्लिकेशन फॉर्म भरकर जमा करना होगा। किस तरह के बैंक/संस्था न मुद्रा लोन देते हैं, इसकी जानकारी ऊपर दी गई है।

तीसरा चरण

आवेदन सही पाए जाने पर बैंक या वित्तीय संस्थान मुद्रा लोन पास करेगा और आवेदक को मुद्रा कार्ड प्रदान किया जाएगा।

मुद्रा योजना के चार बड़े फायदे

  • इस योजना के तहत बिना गारंटी के लोन लिया जा सकता है।
  • इसके लिए किसी भी तरह की प्रोसेसिंग फीस नहीं चुकानी पड़ती।
  • लोन भुगतान अवधि को पांच वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
  • लोन लेने वाले को मुद्रा कार्ड दिया जाता है, जिस का उपयोग कारोबारी जरूरत पर आने वाले खर्च के लिए कर सकता है।

जरूरी दस्तावेज़ (डॉक्यूमेंट्स चेकलिस्ट)

सामान्यत: मुद्रा लोन के लिए आपको आवेदन फॉर्म के साथ निम्न दस्तावेज़ जमा करने होते हैं। ऋण की राशि , व्यापार की प्रकृति , बैंक नियमों आदि के आधार पर दस्तावेज़ों की संख्या कम या ज्यादा हो सकती है।

मुद्रा लोन आवेदन, बिज़नेस प्लान या प्रोजेक्ट रिपोर्ट, पहचान संबंधी दस्तावेज़ जैसे पैन कार्ड , आधार कार्ड , मतदाता पहचान पत्र आदि । एक से ज्यादा आवेदकों की स्थिति में पार्टनरशिप संबंधी दस्तावेज़ (डीड), टैक्स रजिस्ट्रेशन, बिज़नेस लाइसेंस आदि ।

निवास के प्रमाण संबंधी दस्तावेज़, जैसे टेलीफोन बिल/बिजली बिल आदि आवेदक की 6 महीने से कम पुरानी तस्वीरें, मशीन या अन्य सामग्री का कोटेशन जिसे खरीदना चाहते हैं, साथ ही जहां से खरीदेंगे उस सप्लायर/दुकानदार के बारे में जानकारी, श्रेणियां(एससी/एसटी/ओबीसी/अल्पसंख्यक), अगर लागू हो तो पिछले दो वर्षों की बैलेंस शीट और प्रोजेक्टेड बैलेंस शीट (दो लाख से ऊपर के लोन पर)।

ये अकाउंट खुलवाते ही बदल जाएगी आपकी दुनिया, 1,000 रुपए के निवेश से बन जाएगा 70 लाख का फंड

पैसा कमाने और पैसा बचा कर अमीर बनने की चाहत तो हर आदमी रखता है। लेकिन इसके लिए एक रणनीति बना कर नियमित तौर पर पैसा निवेश करने का काम बहुत कम लोग करते हैं।

जो लोग यह काम करते हैं वे एक न एक दिन आम लोगों से अलग एक खास लीग में शामिल हो जाते हैं जिनको हम आर्थिक तौर पर मजबूत या अमीर के तौर पर जानते हैं। आर्थिक तौर पर मजबूत बनने की प्रक्रिया एक खास कदम से शुरू होती है।

कुछ लोग यह कदम उठा कर अमीर बनने के रास्‍ते पर आगे बढ़ जाते हैं और कुछ लोग हमेशा प्‍लानिंग ही करते रहते हैं और सही समय का इंतजार करते रहते हैं। ऐसे लोगों की अमीर बनने की चाहत लाइफ में शायद ही पूरी होती है।

SIP अकाउंट बदल देगा आपकी दुनिया

खुद को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने के लिए वैसे तो कई तरीके से है। लेकिन इन तमाम तरीको से जो कॉमन बात यह है कि आपको निवेश की शुरुआत करनी होती है। शुरुआत आप छोटी रकम से करें यो बड़ी रकम से।यह आप की इनकम पर निर्भर करता है।

तो मौजूदा समय में सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लानिंग यानी एसआईपी अकाउंट खुलवाना आपके लिए बड़ी शुरुआत हो सकती है। आप एसआईपी अकाउंट खुलवा कर मिनिमम मंथली 500 रुपए निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। यहीं से आपकी दुनिया अलग हो जाती है। इसके साथ ही आप खुद को अमीर बनाने की राह पर चल पड़ते हैं।

साल दर साल आप बनते जाएंगे अमीर

उदहाहरण के लिए अगर आप 2,000 रुपए हर माह एसआईपी में एक साल तक निवेश करते हैं तो आपके अकाउंट में 24 हजार रुपए निवेश हो जाएगा वहीं दो साल में आपका निवेश बढ़ कर लगभग 50,000 रुपए हो जाएगा।

इस पर अगर अगर 10 से 15 फीसदी रिटर्न मान लें तो साल दर साल आपका निवेश और इस पर मिलने वाला रिटर्न बढ़ता चला जाता है। जैसे जैसे आपके एसआईपी अकाउंट में पैसा बढ़ता जाता है खुद को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने को लेकर आपका आत्‍मविश्‍वास भी बढ़ता जाता है।

1,000 रुपए के निवेश से बन जाएगा 70 लाख का फंड

बैंकबाजारडॉटकॉम के सीईओ आदिल शेट्टी ने बताया कि अगर आप एसआईपी में हर माह 1,000 रुपए 30 साल तक निवेश करते हैं और आपके निवेश पर सालाना 15 फीसदी का रिटर्न मिलता है तो 30 साल बाद आपके एसआईपी अकाउंट में कुल 70 लाख रुपए हो जाएंगे।

क्रिसिल- एएमएफआई स्‍माल एंड मिड कैप फंड परफार्मेंस इंडेक्‍स के मुताबिक जून 2017 को समाप्‍त पिछले सात सालों में मिड और स्‍माल-कैप म्‍यूचुअल फंडों ने सालाना 16.79 फीसदी रिटर्न दिया है।

पोस्ट ऑफिस में आधे दाम पर मिलेंगे पंखे और LED बल्ब, जाने कैसे खरीद सकते है आप

पोस्ट ऑफिस में अब पैसा जमा होने के साथ आधे दाम पर LED बल्ब और पंखा बी खरीद सकेंगे।इसके लिए एनर्जी एफिशिएंट सर्विसेज लिमिटेड (EESL) ने उजाला (UJALA) योजना के लिए डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट ऑफिस ( DoP) के साथ समझौता किया गया है

जिसमें उन्नत ज्योति बाय अफर्डेबल एलईडी फॉर ऑल (UJALA) के तहत एनर्जी एफिशिएंट उपकरणों का डिस्ट्रीब्यूशन किया जाएगा।

आधे दाम में खरीदें पंखे और बल्ब

उजाला योजना के तहत EESL BEE 5-स्टार रेटेड एनर्जी एफिशिएंट पंखा 1100 रुपए में दे रही है। वहीं 70 रुपए में 9W LED बल्ब और 20W LED ट्यूब लाइट 220 रुपए में बेच रही है।

23 पोस्टल सर्किल्स बने

EESL देशभर में पोस्ट ऑफिस के नेटवर्क कि जरिए LED लाइट (बल्ब और ट्यूबलाइट्स) और BEE 5-स्टार रेटेड पंखों का वितरण करेगा।

एनर्जी की कम खपत वाले इन उपकरणों का डिस्ट्रीब्यूशन विभिन्न राज्यों में चुनिंदा डाकघरों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। डिस्ट्रीब्यूशन को सुगम बनाने के लिए EESL और डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट ऑफिस (DoP) ने 23 पोस्टल सर्किल्स में बांटा है।

ई-पेमेंट के जरिए भी होगी खरीददारी

LED बल्ब, ट्यूब लाइट्स और पंखे की बिक्री पोस्ट ऑफिस में होगी। इसकी खरीद कैश के अलावा ई-पेमेंट के जरिए भी की जा सकेगी।

फिलहाल उजाला योजना के तहत देशभर में 31 करोड़ LED बल्ब, 66 लाख LED ट्यूब लाइट और 20 लाख एनर्जी एफिशियंट पंखे डिस्ट्रीब्यूट किए गए हैं। इससे एक अनुमान के मुताबिक, 40,000 मिलियन किलोवॉट एनर्जी की बचत हुई।

डॉक्टर ने दिया था जवाब , लेकिन इस तेल ने बचाई कैंसर मरीज़ महिला की जिंदगी

स्कॉटलैंड में रहने वाली एक महिला पिछले कई सालों से जानलेवा ब्रेन ट्यूमर से जूझ रही थी। उसके इलाज की सारी कोशिशें असफल रहने के बाद डॉक्टर्स ने कह दिया था कि उसका ठीक होना मुमकिन नहीं है।

लेकिन इसके बाद महिला के एक दोस्त ने उसे एक ऐसा नुस्खा बताया, जिसके बाद उसकी लाइफ में चमत्कार हो गया। महिला का दावा है कि कैनाबिस (भांग का पौधा) तेल का इस्तेमाल करने के बाद उसका ट्यूमर पूरी तरह ठीक हो गया।

कीमोथैरेपी भी हो गई थी फेल

  • ये स्टोरी स्कॉटलैंड के साउथ लेनार्कशायर में रहने वाली 49 साल की महिला लिन कैमरन की है, जिसके सिर में जानलेवा ब्रेन ट्यूमर बन गया था।
  • बीमारी का पता चलते ही उसने अपना इलाज कराना शुरू कर दिया। इसके लिए उसने कई डॉक्टर्स को दिखाया साथ ही एडवांस कीमोथैरेपी और रेडियोथैरेपी भी कराई। लेकिन किसी से कुछ फायदा नहीं हुआ।
  • जब कोई भी इलाज उसके ट्यूमर का साइज कम नहीं कर सका। तो डॉक्टर्स ने साफ कह दिया था कि बस अब वो कुछ ही महीने और जी पाएगी। इस बात को सुनने के बाद लिन और उसके परिवार के लोग टूट से गए थे।

दोस्त की सलाह पर शुरू किया नया इलाज

  • डॉक्टर्स का जवाब सुनने के बाद भी जीने के लिए लिन का हौसला कम नहीं हुआ और वो अपने इलाज के लिए दूसरी पद्धतियां खोजने लगी। साथ ही उसने अपना डाइट प्लान भी बदल लिया।
  • इसी बीच उसके एक दोस्त ने उसे भांग के पौधे के तेल के बारे में बताया, उसने कहा कि ये तेल काफी ज्यादा फायदेमंद होता है और इसका इस्तेमाल करने से उसका ब्रेन ट्यूमर भी ठीक हो जाएगा।
  • दोस्त से सलाह मिलने के बाद लिन को पहले तो उसकी बात पर भरोसा नहीं हुआ, लेकिन इस पौधे और उसके तेल के बारे में रिसर्च करने के बाद उसने दोस्त की बात पर भरोसा करते हुए कैनाबिस के तेल से ट्रीटमेंट शुरू कर दिया।

रिपोर्ट देख शॉक्ड रह गए डॉक्टर

  •  कैनाबिस ऑइल से इलाज शुरू करने के कुछ हफ्तों बाद जब ये महिला अपना चेकअप कराने के लिए हॉस्पिटल पहुंची, तो अपनी स्कैन और अन्य टेस्ट की रिपोर्ट देखकर डॉक्टर्स शॉक्ड रह गए। रिपोर्ट्स से पता चला कि उसका कैंसर तेजी से ठीक हो रहा था।
  • इसके बाद महिला ने जितने भी स्कैन कराए, हर बार रिपोर्ट पिछले टेस्ट के मुकाबले ज्यादा अच्छी आई। वो लगातार इंप्रूव कर रही थी। महिला का कहना था कि ‘मेरे लिए इस बात पर भरोसा करना मुश्किल हो रहा था कि वो मेरे ब्रेन कैंसर को वो पूरी तरह ठीक कर देगा।’
  • अब लिन अपना उदाहरण देते हुए लोगों को अलर्ट कर रही है, कि कीमोथैरेपी और रेडियोथैरेपी से ट्यूमर पर ज्यादा असर नहीं होता है। कैनाबिस ऑइल ट्रीटमेंट शुरू करने के बाद उसने 6 MRI स्कैन कराए थे, जिनसे पता चला कि वो अब पूरी तरह से कैंसर फ्री हो चुकी है।

अब पोस्ट ऑफिट में भी मिलेंगे LED बल्ब, ट्यूबलाइट्स और पंखे

पोस्ट ऑफिस में अब पैसा जमा होने के साथ बल्ब भी मिलेंगे। इसके लिए एनर्जी एफिशिएंट सर्विसेज लिमिटेड (EESL) ने उजाला (UJALA) योजना के लिए डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट ऑफिस ( DoP) के साथ समझौता किया गया है जिसमें उन्नत ज्योति के तहत एनर्जी एफिशिएंट अफोर्डेबल LED बल्ब और ट्यूबलाइट्स का डिस्ट्रीब्यूशन किया जाएगा।

मिलेंगे पंखे भी

EESL देशभर में पोस्ट ऑफिस के नेटवर्क कि जरिए LED लाइट (बल्ब और ट्यूबलाइट्स) और BEE 5-स्टार रेटेड पंखों का वितरण करेगा।

एनर्जी की कम खपत वाले इन उपकरणों का डिस्ट्रीब्यूशन विभिन्न राज्यों में चुनिंदा डाकघरों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। डिस्ट्रीब्यूशन को सुगम बनाने के लिए EESL और डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट ऑफिस (DoP) ने 23 पोस्टल सर्किल्स में बांटा है।

ई-पेमेंट के जरिए भी होगी बिक्री

LED बल्ब, ट्यूब लाइट्स और पंखे की बिक्री पोस्ट ऑफिस में होगी। इसकी खरीद कैश के अलावा ई-पेमेंट के जरिए भी की जा सकेगी।

फिलहाल उजाला योजना के तहत देशभर में 31 करोड़ LED बल्ब, 66 लाख LED ट्यूब लाइट और 20 लाख एनर्जी एफिशियंट पंखे डिस्ट्रीब्यूट किए गए हैं। इससे एक अनुमान के मुताबिक 40,000 मिलियन किलोवॉट एनर्जी की बचत हुई।

खुशखबरी: अब गोबर से भी पशुपालकों को होगी कमाई, एक टन गोबर के लिए मिलेंगे इतने रुपये

 

डेयरियों से रोजाना निकलने वाले टनों गोबर का इस्तेमाल न केवल खाद, बिजली और गैस बनाने में किया जाएगा, बल्कि इससे पशुपालकों को भी हर महीने हजारों रुपये का मुनाफा होगा।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने इस दिशा में पहल करते हुए भलस्वा डेयरी में एक बायो मिथनाइजेशन प्लांट बनाने की दिशा में पहल की है।इसमें इस्तेमाल होने वाले प्रति टन गोबर के लिए पशुपालकों को 651 रुपये की कीमत चुकाने का प्रस्ताव हैं।

इस परियोजना को हरी झंडी मिलने से सीवर जाम की समस्या से छुटकारा मिलने के साथ-साथ स्वच्छता अभियान को भी नई रफ्तार मिलेगी।

शुरुआती दौर में झड़ौदा और भलस्वा डेयरी में रोजाना पैदा होने वाले गोबर का इस प्लांट में इस्तेमाल किया जाएगा। इस परियोजना के लिए टेंडर जारी कर किए जाने के बाद उत्तरी दिल्ली नगर निगम की ओर से जमीन मुहैया की जा रही है।

निगम की स्थायी समिति की अगली बैठक में इस परियोजना को हरी झंडी मिल जाने की पूरी उम्मीद है।डेम्स के डीआईसी देवेंद्र कुमार ने बताया कि भलस्वा डेयरी के पास प्लांट बनाने के लिए जमीन तय की जा चुकी है।

टेंडर जारी होने के बाद प्लांट के संचालन के लिए एजेंसी को एकमुश्त तीन करोड़ रुपये अदा भी किए जाएंगे। दोनों डेयरियों से रोजाना औसतन 160 टन गोबर निकलता है, जिन्हें बायो मेथनॉइजेशन प्लांट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

पशुपालकों से खरीदने के एवज में उन्हें प्रति टन 651 रुपये एजेंसी द्वारा अदा किए जाने का प्रस्ताव है। गुरुवार को स्थायी समिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई, जिसे अगली बैठक के लिए स्थगित कर दिया गया।

इस नवरात्र 1 रुपये में खरीदें सोना, यहां मिलेगा किश्तों पर भी

नवरात्र शुरू हो गए हैं. दिवाली भी जल्द आने वाली है. त्योहारी सीजन में सोना खरीदना शुभ माना जाता है. ऐसे में अगर आप भी इस त्योहारी सीजन में सोना खरीदना चाहते हैं लेक‍िन पैसे नहीं हैं, तो भी आपके पास मौका है.

आपकी जेब में अगर एक रुपया भी है, तो आप सोना खरीद सकते हैं. आगे हम आपको बता रहे हैं 3 ऐसे विकल्प, जिनकी बदौलत आप ना के बराबर पैसे होने के बावजूद सोना खरीद सकते हैं.

1 रुपये में सोना:

आपको शायद विश्वास न हो, लेकिन आप महज 1 रुपये में सोना खरीद सकते हैं. आपको यह मौका दे रहा है- पेटीएम गोल्ड. पेटीएम गोल्ड पर 1 रुपये से एक लाख रुपये तक की रकम का सोना खरीदा जा सकता है.

इसके लिए आपको सिर्फ इतना करना है कि अपने पेटीएम ऐप पर पेटीएम गोल्ड पर जाना है. यहां आप जितनी रकम का सोना खरीदना चाहते हैं, उतनी रकम का खरीद सकते हैं. पेटीएम गोल्ड से लेना उनके लिए ज्यादा बेहतर है, जो थोड़े-थोड़े पैसे खर्च कर लंबे समय में कुछ ग्राम सोना जमा कर लेना चाहते हैं.

EMI पर लें सोना:

आप टीवी-फ्रिज की तरह ही सोना भी ईएमआई पर ले सकते हैं. कि‍श्तों पर सोना बेचने का काम न सिर्फ स्थानीय सर्राफा बाजार में होता है, बल्क‍ि कई बड़ी कंपनियां भी आपको ये ऑफर देती हैं.

बुलियन इंडिया, मूत्थूट गोल्ड और तनिष्क समेत कई ऐसी बड़ी कंपनियां हैं जो आपको किश्तों पर सोना खरीदने का विकल्प देती हैं. बुलियन इंडिया पर आप पेटीएम गोल्ड की तरह ही एक रुपये में भी सोना खरीद सकते हैं.

गोल्ड ETF में करें निवेश:

अगर आप फिजिकल गोल्ड रखने और खरीदने की दिक्कत से निजात चाहते हैं, तो आप गोल्ड ETF में निवेश कर सकते हैं. गोल्ड ईटीएफ अथवा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड को भी आप शेयर्स की तरह ही खरीदते हैं. सोने के गहने लेने के मुकाबले इन्हें खरीदना थोड़ा सस्ता पड़ता है

क्योंकि इन पर खरीदे और बेचे जाने का चार्ज नहीं लगता है. गोल्ड ईटीएफ खरीदने के ल‍िए आपके पास एक शेयर ब्रॉकर के साथ ट्र‍ेड‍िंग अकाउंट और डीमैट अकांउट होना चाहिए. गोल्ड ईटीएफ भी आप मासिक किश्तों पर अथवा एसआईपी के जरिये खरीद सकते हैं.

या फिर चाहें तो एक ही बार में बड़ी रकम निवेश कर सकते हैं.इस तरह आप जेब में ज्यादा पैसे न होते हुए भी इस त्योहारी सीजन में सोना खरीद सकते हैं. हालांकि ऊपर दिए गए किसी भी माध्यम से सोना खरीदने से पहले इससे जुड़े सभी नियम व शर्तों को जरूर पढ़ लीजिए. उसके बाद अपनी आवश्यकतानुसार सोना खरीदिए

5 लाख में शुरू करें मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर, मंथली हो सकती है 40 हजार तक इनकम

देश में मोबाइल यूजर्स की संख्या करीब 77 करोड़ से ज्यादा है। लोगों की जरूरत बन चुका मोबाइल अब रोजगार के नए-नए अवसरों का जरिया भी बन गया है। मोबाइल रिपेयरिंग भी इन्हीं में से एक है। आप मोबाइल रिपेयरिंग को सफल स्वरोजगार के रूप में अपना सकते हैं।

मोबाइल रिपेयरिंग एक ऐसा काम है, जो कम से कम खर्चे पर कारोबार स्थापित करने में मदद तो करता ही है, साथ ही अच्छी कमाई का भी जरिया बन जाता है। अगर आप मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर (Mobile repairing centre) खोलना चाहता है तो 5 लाख रुपए का इन्‍वेस्‍टमेंट कर हर महीने 40 हजार रुपए तक कमा सकते हैं।

यहां से ले सकते हैं ट्रेनिंग

सैमसंग इंडिया ने देश भर में 21 सैमसंग टेक्निकल स्कूल खोले हैं। मिनिस्ट्री ऑफ एमएसएमई के साथ मिलकर सैमसंग ने 10 ट्रेनिंग स्कूल खोला है। वहीं दिल्ली, बिहार, केरला, राजस्थान और बंगाल सरकार की साझेदारी से ITIs में 10 स्कूल खोले हैं।

इन टेक्निकल स्कूल में सैमसंग के ऑथोराइज्ड ट्रेनर्स मोबाइल रिपेयरिंग की ट्रेनिंग देते हैं। इसमें मॉर्डन टूल्स, मॉर्डन टेस्ट इक्विप्मेंट्स के जरिए लोगों को ट्रेनिंग दी जाती है। आप भी यहां से ट्रेनिंग लेकर अपना खुद का मोबाइल रिपेयरिंग का सेंटर खोल सकते हैं।

शुरू करें अपना रिपेयरिंग सेंटर

ट्रेनिंग लेकर आप अपना रिपेयरिंग सेंटर शुरू कर सकते हैं। इस काम में भी सरकार आपकी मदद कर सकती है। रिपेयरिंग सेंटर शुरू करने के लिए करीब 5 लाख रुपए की जरूरत पड़ेगी। आप बैंक से लोन भी ले सकते हैं।

माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसमई) सेक्‍टर को सरकारी योजनाओं के तहत 10 करोड़ रुपए तक का लोन दिया जाता है।

हर महीने कर सकते हैं 40 हजार तक इनकम

यदि आप अपनी कैपेसिटी का पूरा यूटिलाइजेशन कर पाते हैं यानी कि आप दिन भर में 10 फोन रिपेयर कर पाते हैं और एक फोन के रिपेयर का चार्ज औसतन 500 रुपए लिया जाता है। अगर आप साल भर में 300 दिन सर्विस सेंटर खोलते हैं तो आपकी कुल सेल्‍स लगभग 15 लाख रुपए आएगी।

वहीं मटेरियल और दो कर्मचारियों का खर्च सालाना लगभग 10 लाख रुपए तक आएगा। यानी कि आप साल भर में अपने लिए 5 लाख रुपए तक बचा सकते हैं।