पदार्थो की शुद्धता जांचने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके, मिलावट मिले तो इस नंबर पर करें वॉट्सऐप

आप और हम रोजमर्रा में जिन खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करते हैं, उनकी शुद्धता की जांच अपने ही घर पर खुद कर सकते हैं। इसके लिए किसी लैब टेस्ट की जरूरत नहीं है।

फूड सेफ्टी स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने डिटेक्ट एडल्ट्रेशन विथ रैपिड टेस्ट बुकलेट में 41 पदार्थों के टेस्ट बताए हैं। मिलावटी पाए जाने पर उपभोक्ता एफएसएसएआई को मोबाइल नंबर 09868686868 पर वॉट्सएप कर सकते हैं।

आपका किचन ही आपकी फूड लैब

दूध में डिटर्जेंट…

  • 10 मिली सैंपल लेकर इसे इतनी ही मात्रा में लिए गए पानी में
    मिलाएं।
  • इसे अच्छी तरह मिलाएं।
  • यदि दूध में डिटर्जेंट मिला होगा तो मिश्रण से गाढ़ा झाग उठेगा।
  • शुद्ध दूध में हल्का झाग बनता है।

शक्कर में चॉक पाउडर…

  • कांच के ग्लास में पानी लें
  • इसमें सैंपल के रूप में 10 ग्राम शक्कर को अच्छी तरह घोल लें।
  • अच्छी तरह घोलने के बाद भी ग्लास की सतह पर कुछ जमा हुआ दिखे तो यह चॉक पाउडर ही है।

हींग में सोप स्टोन…

  • कांच के ग्लास में पानी भरकर हींग मिलाएं।
  • इसे अच्छी तरह मिलाकर छोड़ दें। ताकि पानी स्थिर हो जाएं।
  • यदि हींग में सोप स्टोन या मिट्टी की मिलावट होगी वह सतह पर नजर आ जाएगी

घी व बटर में मैश किए हुए आलू …

  • पारदर्शी बाउल में आधा चम्मच घी या बटर लें।
  • इसमें दो से तीन बूंद आयोडीन का टिंचर डालें।
  • कुछ ही देर में यदि घी या बटर का रंग नीला हो जाए तो समझिए इसमें मैश्ड आलू या स्वीट आलू मिले हैं।

अनाज में रंगों की मिलावट…

  • कांच के ग्लास में पानी भरें।
  • दो बड़े चम्मच अनाज इसमें डालकर अच्छी तरह से मिलाएं।
  • शुद्ध अनाज कलर नहीं छोड़ेगा।
  • यदि इसमें एडेड कलर होंगे तो तुरंत पानी का रंग बदल जाएगा।

हल्दी पाउडर में क्रत्रिम कलर…

  • कांच के ग्लास में बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर डालें।अच्छी तरह मिलाएं।
  • शुद्ध प्राकृतिक हल्दी पाउडर होगा तो हल्का पीला रंग दिखेगा। मिलावटी होने पर पानी का रंग गहरा पीला हो जाएगा।

कॉफी पाउडर में चिकनी मिट्टी…

  • कांच के ग्लास में पानी लेकर आधी बड़ी चम्मच कॉफी पाउडर लें।
  • एक मिनट के लिए इसे घोलें और 5 मिनट के लिए स्थिर छोड़ दें।
  • मिलावटी होने पर चिकनी मिट्टी के कण तह में जमा हो जाएंगे।

दूध में पानी…

  • दूध की बूंद हल्की ढलान वाली सतह पर डालें।
  • शुद्ध दूध या तो स्थिर रहेगा या फिर पीछे हल्की सफेद पूंछ छोड़ते हुए धीरे से बहेगा।
  • मिलावटी होने पर यह बिना कोई निशान छोड़ते हुए तेजी से बहेगा।

शहद में चाशनी…

  • कांच के पारदर्शी ग्लास में पानी लें।
  • पानी के इस ग्लास में एक बूंद शहद डालें।
  • शुद्ध शहद पानी में बिल्कुल फैलता नहीं है।
  • शक्कर या चाशनी मिली होने पर यह तुरंत पानी में फैल जाता है।

सेब पर मोम की पॉलिश…

  • सेब लें और उसकी सतह हो चाकू से खुरचें।
  • यदि इस सेब फल पर मोम की पॉलिश होगी तो खुरचने पर यह सतह पर उभर आएगी।
  • इस तरह आप पॉलिश किए हुए सेब की पहचान कर सकते हैं।

इन 5 सोलर बिजनेस आपको हो सकती है 50 हजार से 1 लाख रुपए महीना तक की कमाई, जानें पूरी जानकारी

देश में सोलर सेक्‍टर में बिजनेस के मौके भी बढ़ रहे हैं। केंद्र व राज्‍य सरकारें सोलर बिजनेस को लगातार सपोर्ट भी कर रही है। आज हम आपको ऐसे ही कुछ अलग सोलर बिजनेस के बारे में बता रहे हैं, जिन्‍हें शुरू करके आप अच्‍छी खासी कमाई कर सकते हैं।

इन प्रोडक्‍टस को बेचकर कमाएं 1 लाख रुपए तक

आप सोलर पीवी, सोलर थर्मल सिस्‍टम, सोलर एटिक फेन, सोलर कूलिंग सिस्‍टम का बिजनेस शुरू कर सकते हैं। आप 4 से 5 लाख रुपए में यह बिजनेस शुरू कर सकते हैं। अच्‍छे स्‍कोप को देखते हुए आपको स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित कई बैंकों की एसएमई शाखा से लोन भी मिल सकता है। अनुमान है कि इस बिजनेस से 30 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक कमाई की जा सकती है।

इन प्रोडक्‍ट्स का भी कर सकते हैं बिजनेस

सोलर पैनल के अलावा बाजार में कई ऐसे प्रोडक्‍ट्स भी आ रहे हैं, जो सोलर से चलते हैं। ऐसे प्रोडक्ट्स काफी पापुलर भी हो रहे हैं। कई देशी व विदेशी कंपनियां सोलर मोबाइल चार्जर, सोलर वाटर हीटर, सोलर पम्‍प, सोलर लाइट्स बना रही हैं।

इनमें से कुछ प्रोडक्‍टस जैसे वाटर हीटर, पम्‍प को केंद्र व राज्‍य सरकारें सब्सिडी भी दे रही हैं। ऐसे में आप इन प्रोडक्‍ट्स का बिजनेस शुरू कर सकते हैं। इन प्रोडक्‍ट्स का बिजनेस शुरू करने में 1 से 2 लाख रुपए का खर्च आएगा। बैंकों से लोन भी मिल जाएगा और एक बार बिजनेस चलने के बाद आप 20 से 40 हजार रुपए महीना कमाई कर सकते हैं।

मेंटेनेंस और क्‍लीनिंग सेंटर खोलिए

आप क्‍लीनिंग सेंटर खोलकर सोलर पैनल मालिकों को रेग्‍युलर सर्विसेज दे सकते हैं। इसके अलावा आप मेंटेनेंस भी शुरू कर सकते हैं। पैनल की मेंटेनेंस के साथ-साथ सोलर प्रोडक्‍ट्स और इन्‍वर्टर्स की रिपेयरिंग एंड मेंटेनेंस का काम किया जा सकता है। इसमें खर्च भी कम आएगा। आप 50 हजार रुपए से भी काम शुरू कर सकते हैं और कमाई के तौर पर 15 से 20 हजार रुपए कमा सकते हैं। बिजनेस बढ़ने पर आप स्‍टाफ भी रख सकते हैं।

सोलर कंसल्टैंट बन कर शुरू करें बिजनेस

आप सोलर कंसल्टैंट के तौर पर भी अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं। हालांकि कंसल्टैंट बनने के लिए आपको पहले किसी कंसल्टैंट के साथ अनुभव लेना होगा और सोलर बिजनेस की टेक्‍निकल नॉलेज लेनी पड़ेगी। ब‍हुत से लोग सोलर प्‍लांट लगाने से पहले उसकी वायबिलिटी, फायदे-नुकसान का पता करना चाहते हैं।

ऐसे में आप इंडिपेंडेंट कंसल्टैंट की भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए आपको साइट पर जाकर स्‍टडी भी करनी पड़ेगी। यह बिजनेस शुरू करने के लिए आपके पास एक ऑफिस, वेबसाइट जैसी बेसिक चीजें चाहिए, आप ऑफिस किराए पर भी ले सकते हैं। ऐसे में आपको एक से दो लाख रुपए का खर्च आएगा, लेकिन कंसल्टैंट के तौर पर आप 50 हजार रुपए तक की कमाई कर सकते हैं।

फाइनेंसिंग कंसल्टेंट बनकर शुरू करें बिजनेस

आप सोलर प्रोजेक्‍ट्स लगाने वाले लोगों को फाइनेंसिंग कंसल्टैंट के तौर पर सर्विसेस दे सकते हैं। इतना ही नहीं, आप प्राइवेट फाइनेंशियल इंस्‍टीट्यूशंस से भी संपर्क करके प्रोड्यूसर के बीच कड़ी का काम कर सकते हैं। इसके लिए आप आसानी से 30 से 50 हजार रुपए तक कमा सकते हैं।

अब नहीं डिश एंटीना की जरूरत

विज्ञान में नित होते आविष्कार इंसान के जीवन को सुखद बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। एक जमाना था जब छतों पर लगे टीवी एंटीना के घूम जाने मात्र से ही सिग्नल समाप्त हो जाता था। इसके बाद छतों पर से पाइप वाले एंटीना गायब हो गए। इनके स्थान पर तश्तरीनुमा डीटीएच छतरी आ गई।

अब जल्द ही ये तश्तरीनुमा डीटीएच छतरी भी छतों पर से उड़नछू हो जाएंगी। जो नया एंटीना आने वाला है, उसे छत की दरकार नहीं। न छत चाहिए, न लंबा तार। सीधे सेट टॉप बॉक्स में कनेक्ट कर दीजिए और टेलीविजन का मजा लीजिए। दुनिया माइक्रो स्ट्रिप एंटीना की ओर बढ़ रही है। भारत में भी स्वदेशी माइक्रो स्ट्रिप एंटीना तैयार कर लिया गया है।

भारतीय वैज्ञानिक ने बनाया सस्ता-टिकाऊ स्वदेशी माइक्रो एंटीना

यह माइक्रो स्ट्रिप एंटीना पंजाब फतेहगढ़ साहिब स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर इंजीनियरिंग कॉलेज में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर जसपाल सिंह ने तैयार किया है।

सेट अप बॉक्स से होगा कनेक्ट

दो से तीन सेंटीमीटर आकार के चिपनुमा माइक्रो स्ट्रिप एंटीना को कमरे के अंदर रखे सर्विस बॉक्स में लगाया जा सकेगा। यह बॉक्स फिलहाल घर के बाहर या छत पर लगे डिश एंटीना से तार के जरिये कनेक्ट होता है, जबकि दूसरी ओर टीवी सेट से। अब डिश एंटीना केस्थान पर इसमें माइक्रो स्ट्रिप एंटीना को कनेक्ट कर सब्सक्राइब्ड चैनलों को देखा जा सकेगा।

पंजाब फतेहगढ़ साहिब स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर इंजीनियरिंग कॉलेज में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर जसपाल सिंह ने स्वदेशी माइक्रो स्ट्रिप एंटीना बनाने में सफलता हासिल की है। प्रोफेसर जसपाल सिंह ने बताया कि शोध कार्य को पूरा करने में पांच साल लग गए। इसे पेटेंट के लिए इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी इंडिया ने स्वीकार कर लिया है।

लागत मात्र 50 रुपये

माइक्रो स्ट्रिप एंटीना से उपभोक्ता ही नहीं कंपनियों को भी लाभ होगा। इसके निर्माण में समय व कीमत दोनों में बचत होगी। इस एंटीना को बनाने में अधिकतम 50 रुपये तक का खर्च आएगा। इसके लिए किसी लेबोरेट्री की आवश्यकता नहीं होगी। चिप को प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) पर ही बनाया जा सकेगा। इसका आकार दो सेंटीमीटर से लेकर तीन सेंटीमीटर तक रहेगा। साथ ही इससे सिग्नल भी बेहतर हो जाएगा।

ये किट पुराने कूलर को भी बना देगी एडवांस

मार्केट में एक किट ऐसी आ रही है जिससे कूलर को हाईटेक बनाया जा सकता है। यानी इस किट को कूलर में कनेक्ट करने के बाद उसे रिमोट से कंट्रोल किया जा सकता है।

साथ ही, इस किट में वाटर अलार्म भी होता है। यानी आप कूलर में पानी भरने वाला पाइप लगाकर भूल गए हैं तब पानी भरते ही अलार्म बजने लगेगा और आप अलर्ट हो जाएंगे।

हाईटेक फीचर्स से लैस है किट

इस किट को कई कंपनियां सेल कर रही हैं। जिनकी कीमत 465 रुपए से 500 रुपए के बीच है।
किट की वायरिंग को कूलर की वायरिंग से कनेक्ट किया जाता है। इसके बाद इसे रिमोट से ऑपरेट कर सकते हैं।
इसमें फैन स्पीड कंट्रोल करने के साथ टेम्प्रेचर कंट्रोल, स्लीप मोड और टाइमर भी मिलता है।
ये कमरे की ह्यूमिनिटी लेबल को भी कंट्रोल करता है। इसमें जो LED है वो नाइट लैम्प का काम करती है।

ऑटोमैटिक चलेगा वाटर पंप

इस कंट्रोलर से कूलर का वाटर पंप भी ऑटोमैटिक चलता है। यानी पैड पर कुछ देर पानी आता है और फिर बंद हो जाता है।
इससे कूलर के वाटर टैंक में बार-बार पानी भरने का झंझट भी नहीं होता। यदि कूलर रात के समय ज्यादा कूलिंग कर रहा है तब आप उसकी स्पीड को कंट्रोल कर सकते हैं।

ऐसे करें इन्स्टॉल

कूलर में जहां पर फैन और पंप के स्विच होते हैं, उन्हें हटाकर इसे इन्स्टॉल किया जाता है।
यदि आपको बिजली के काम की जानकारी है तभी इस किट को इन्स्टॉल करें। नहीं तो किसी मैकेनिक को बुलाकर भी ये काम कराएं।
यदि कनेक्शन नहीं हुए तब किट खराब हो सकती है। वैसे, इस किट के साथ कनेक्शन गाइड भी आती है।

बहुत सटीकता से जमीन नापता है यह यंत्र, 1948 रु में यहाँ से खरीदें

जमीन नापने का काम काफी मुश्किल भरा होता है ।जिसके लिए हम बहुत से पुराने तरिके इस्तेमाल करते है लेकिन फिर भी सटीकता से नहीं नापा जाता ।

लेकिन अब एक ऐसा यंत्र आ गया है जिस से आप अपने खेत ,प्लाट ,दुकान जा किसी और चीज को बहुत आसानी और सटीकता के साथ नाप सकते है ।

जिस जमीन को नापना है । उसके इर्द गिर्द चक्र इस यंत्र को हाथ में लेकर चक्र लगाना है बस बाकि बाकि का काम यह यंत्र कर देगा । कार और बाइक की तरह जैसे ही इसका चक्का चलता है तो इसके ऊपर लगा हुआ मीटर चलने लग जाता है । जैसे जैसे हम आगे बढ़ते जायेंगे यह चक्का भी चलता जायेगा और हमें जगह का सटीक माप दिखयेगा ।

इसको Distance Measuring Wheel कहते है इसको आप ऑनलाइन खरीद सकते है । इसकी शुरआती कीमत भी सिर्फ 1900 रुपये के करीब होती है और क्वालिटी के हिसाब से बढ़ती रहती है आप किसी भी वेबसाइट से इसे खरीद सकते है ।लेकिन हम एक लिंक इसे खरीदने के लिए निचे दे रहे है ।

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यह कैसे काम करता है उसके लिए वीडियो देखें :

सरकार दे रही है 22,500 रुपए का सोलर सिस्टम सिर्फ 7,500 रुपए में,ऐसे करे अप्लाई

देश में लोगों को बिजली का समस्या से छुटकारा देने के लिए सरकार सोलर होम लाइटिंग सिस्टम लेकर आई है। भारते के कई गांव और शहर ऐसे हैं जहां दिन में कई बार लाइट जाती है। इसे देखते हुए हरियाणा सरकार ने सभी जिलों में मनोहर ज्योति होम लाइटिंग सिस्टम अनुदान पर वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस प्रणाली में 150 वाट का सोलर मोडयूल, 80 एएच -12.8 वोल्ट लिथियम बैटरी, 2 एलईडी लाइट, एक ट्यूब व एक छत का पंखा शामिल है। दिन में बैटरी को 150 वाट के सोलर मोडयूल से चार्ज किया जाएगा। इन उपकरणों का इस्तेमाल बिजली रहित घरों और क्षेत्रों में किया जा सकेगा।

सोलर होम सिस्टम की कीमत

वैसे तो सोलर होम सिस्टम की कीमत 22,500 रुपए है लेकिन हरियाणा सरकार इसपर लगभग 15 हजार रुपए का अनुदान दे रही है। जिससे लाभार्थियों को इसके लिए अपनी जेब से केवल 7,500 रुपए खर्च करने पड़ेंगे।

ऐसे करे आवेदन

  • आवेदन अंत्योदय सरल केंद्र के माध्यम से केवल सरल पोर्टल पर ऑनलाइन किया जा सकता है।
  • इसके अतिरिक्त कॉमन सर्विस सेंटर से भी अंत्योदय सरल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा हैं।

सोलर सिस्टम के लिए पात्र आवेदक

  • विद्युत रहित ढाणी में रहने वाला परिवार।
  • अनुसूचित जाति परिवार।
  • गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाला परिवार
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण/ शहरी) का लाभपात्र
  • शहरी महिला बस्ती में रहने वाला विद्युत रहित परिवार।
  • महिला मुखिया वाला परिवार
  • ग्रामीण परिवार, जिसमें विद्यालय जाने वाली छात्रा हो
  • ग्रामीण परिवार

बता दें कि केवल उपरोक्त श्रेणियों के पात्र आवेदक ही आवेदन कर सकते हैं। ये उपकरण ‘पहले आवेदन -पहले सेवा’ के आधार पर दिए जाएंगे। जिसमें उपरोक्त श्रेणियों में से पहले 5 श्रेणियों को वरियता दी जाएगी।

जरूरी दस्तावेज

आवेदन के लिए आवेदकों के पास ये जरूरी दस्तावेज होने बेहत जरूरी हैं जिसमें, राशन कार्ड/ आधार कार्ड/ पैन कार्ड/ बिजली का बिल/ गरीबी रेखा कार्ड/ अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र/ बैंक खाते का विवरण होना जरूरी है।

यहां है इंडिया की सबसे सस्ती कपड़ा मार्केट,सिर्फ 30 रुपए में टी-शर्ट और 46 रुपए में खरीदें शर्ट

इंडिया के कई शहरों में कपड़ों का होलसेल मार्केट है। इनमें ज्यादातर मार्केट दिल्ली में है। यहां सरोजनी मार्केट, लाजपत मार्केट, करोल बाग, पालिका, चांदनी चौक समेत कई दूसरे मार्केट हैं। यहां ऐसे ही एक मार्केट का नाम है गांधीनगर।

यह सीलमपुर मेट्रो स्टेशन के पास आता है, जो वेस्ट कांतिनगर के पास है। यहां जींस, टी-शर्ट, शर्ट के साथ दूसरे सभी तरह के कपड़े मिलते हैं। मार्केट में बच्चों के कपड़े बहुत सस्ते मिलते हैं।

सस्ते कपड़े मिलने की वजह

इस बारे में गांधीनगर मार्केट के प्रेसीडेंट कंवल बाली ने बताया कि इस मार्केट में मध्यमवर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर कपड़े बनाए जाते हैं। हर कोई ब्रांडेड कपड़े नहीं पहन सकता। इसलिए इस मार्केट में आकर वो अपनी जरूरत के हिसाब से कपड़े खरीद सकता है।

इस मार्केट में कपड़े बनाए भी जाते हैं और दूसरी फेमस जगहों से कपड़े मंगवाकर भी बेचे जाते हैं। यहां पर टी-शर्ट तिरूपुर से आते हैं, वहीं लेडीज टॉप और सूट्स लखनऊ से मंगवाते हैं। यहां लहंगे भी बेहद सस्ते मिल जाते हैं।

46 रुपए में मिलेगी शर्ट

इस मार्केट में आप तीन शर्ट का सेट 140 रुपए में खरीद सकते हैं। यानि एक शर्ट आपको करीब 46 रुपए के पड़ेगी। ये शर्ट 15 साल के बच्चों के लिए होगी। छोटे बच्चों की टी-शर्ट भी आपको 120 रुपए के आसपास मिल जाती है। मार्केट में S, L, XL, XLL साइज टी-शर्ट भी यहां मिल जाती हैं, जिसकी कीमत करीब 30 रुपए से शुरू है।

140 रुपए में जींस

इस मार्केट में आपको फुल साइज जींस 140 रुपए में मिल जाएगा। यहां भी आपको 3 से 4 पीस लेने होंगे। बेस्ट क्वालिटी फेब्रिक वाला जींस 350 रुपए में मिलेगा। यहां 22-इंच से लेकर 40-इंच की साइज के जींस मिल जाते हैं। एक सेट में एक कलर के ही जींस आपको मिलेंगे।

फोन में इंस्टॉल करें ये एप, इस तरह कमा सकते हैं हजारों रुपये

मार्केट में कई ऐसे एप्स हैं जहां आप आसानी से कुछ सवालों के जवाब देकर पैसे कमा सकते हैं. कई एप्स ऐसे हैं जहां आप क्विज की मदद से पैसे कमाते हैं तो वहीं कुछ एप्स को अपने दोस्तों को फॉरवर्ड करना होता है जहां आपको पैसे मिलते हैं.

लेकिन इस बीच एक ऐसा एप सामने आया है जहां आप 50,000 रुपये तक की कमाई कर सकते हैं. यहां बस आपको बिजनेस करना होगा. जी हां एप का नाम Shop101 है और यहां आप प्रोडक्ट्स बेचकर पैसे कमा सकते हैं.

क्या है Shop101

दरअसल ये एक ऐसा एप है जिसका इस्तेमाल कई लाखों लोग कर रहे हैं. कंपनी अपने बयान में यहां तक कह चुकी है कि इस एप की मदद से एक हफ्ते के भीतर 25 लाख से ज्यादा लोग कमाई कर चुके हैं.

इस एप की मदद से अगर आप किसी को लिंक भेजते हैं और उसके जरिए कोई कुछ खरीदारी करता है तो आपको पैसे मिलेंगे. जहां कमाए हुए पैसों को आपको बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.

कैसे करें एप को डाउनलोड और कमाई

इस एप को गूगल प्ले-स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. Shop101 एप पर आपको 5 लाख से अधिक सामान मिलेंगे जिन्हें आप अपने दोस्तों के साथ व्हाट्सएप और फेसबुक पर शेयर करके पैसे कमा सकते हैं.

इसके लिए आपको गूगल प्ले-स्टोर से Shop101 एप डाउनलोड करना होगा और अपना मोबाइल नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद आप किसी भी प्रोडक्ट्स का लिंक लोगों के साथ शेयर करके पैसे कमा सकते हैं.

सिर्फ 80 रु में खरीद सकते हैं इटली में घर, पूरी करनी होगी ये आसान शर्त

यूरोप के खूबसूरत देशों में एक बार घूमना-फिरना बहुत से लोगों का सपना होता है। यहां तो इटली जैसे अमीर देश में घर खरीदने का मौका मिल रहा है। वह भी सिर्फ 80 रुपए के खर्च में। इटली के ओलोलाई टाउन में 200 घर बिक रहे हैं। यहां कोई भी आकर घर खरीद सकता है।

जब से ओलोलाई के मेयर ने इस बात का एलान किया है, कुछ घर तो बिक भी चुके हैं, वहीं दुनियाभर से तमाम लोगों ने यहां घर खरीदने को लेकर इंटरेस्ट भी दिखाया है। हालांकि वहां की सरकार ने सिर्फ 80 रुपए में घर बेचने के लिए खरीददारों से एक शर्त भी रखी है, जिसे पूरा करना जरूरी है।

क्यों घर की कीमत इतनी कम लगी

बिजनेस इनसाइडर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इटली का एक टाउन है ओलोलोई, जो कल्चरल रूप से काफी पॉपुलर रहा है। यह समुद्र के किनारे बसा एक छोटा सा कस्बा है। यहां की आबादी पहले काफी थी जो पिछले 50 साल से लगातार घटती जा रही है। लोग कस्बा छोड़कर शहरों में जाकर बस जा रहे हैं।

जहां पहले हजारों की आबादी थी, अब घटकर सिर्फ 1300 रह गई है। यहां सैंकड़ों घर वीरान पड़े हुए हैं। ऐसे में सरकार को यह डर है कि ओलोलाई कहीं घोस्ट टाउन न बन जाए। ऐसे में वहां की अथॉरिटी ने पहले ऐसे वीरान पड़े 200 घरों को बेचने का फैसला लिया है और हर घर की कीमत सिर्फ 80 रुपए लगाई है।

ये शर्त पूरी करना जरूरी

ओलोलाई टाउन की लोकल अथॉरिटी ने घर खरीदने के लिए एक शर्त रखी है। जो भी यहां पर 80 रुपए में घर खरीदेगा, उसे 3 साल के अंदर उस घर को रेनोवेट कराना होगा। यानी घर की मरम्मत कराना जरूरी होगा, जिससे हर घर खूबसूरत लगे और लोग यहां पर रहना शुरू करें।

कितना आएगा खर्च

अथॉरिटी ने घर के रेनोवेशन के लिए 25 हजार डॉलर यानी करीब 16 लाख रुपए खर्च करना जरूरी किया है। उनका मानना है कि इतने खर्च पर हर घर खूबसूरत हो जाएगा और खर्च करने वाला इसे वीरान नहीं छोड़ेगा। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के ऑफर के बाद दुनियाभर से कई लोगों ने यहां घर खरीदने के बारे में जानकारी ली है और 3 घर बिक भी चुके हैं।

इसके पहले भी बिके हैं ऐसे घर

इटली में वीरान एरिया को आबाद करने के लिए पहली बार नहीं इतने सस्ते में घर बेचे जा रहे हैं। इसके पहले भी 2015 में गांगी के सिसिलियन टाउन में महज 65 रुपए में एक घर बेचा गया था। गांगी और ओलोलाई की कंडीशन एक जैसी ही है। यूएस में भी कुछ एरिया में इस तरह के घर बेचे गए थे

दूध उत्पादकों के लिए खुशख़बरी,आ गई बिना बिजली के दूध ठंडा करने वाली मशीन

अमेरिका से आए दो आदमियों ने भारत के दूध उत्पादक किसानों की एक बहुत बड़ी समस्या सुलझा दी। भारतीय दूध उत्पादक प्रतिदिन करीब 10 करोड़ लीटर से ज्यादा दूध का उत्पादन करते हैं।

इस दूध को ठंडा कर पाने की सुविधा गाँवों में बसे अधिकतर उत्पादकों के पास नहीं होती। इसलिए कई बार गाँव से दूर स्थित कलेक्शन सेंटर या शहरी प्रोसेसिंस यूनिट तक भेजते-भेजते दूध खराब हो जाता है और उत्पादक को एक भी पैसा नहीं मिलता।

अमेरिकी आविष्कारकों सोरिन ग्रामा और सैम व्हाइट ने जब भारत के लोगों की इस समस्या को समझा तो एक चिलिंग यूनिट यानि दूध ठंडा करने की मशीन का आविष्कार किया।थर्मल बैटरी से चलने वाली ये मशीन गाँव की आती-जाती बिजली में भी आसानी से चार्ज होकर चल जाती है।

प्रोमीथियन पावर सिस्टम कंपनी के तहत बनाई गई इस मशीन का जब इन आविष्कारकों ने गाँवों में पाइलट परीक्षण किया तो उत्पादकों के साथ उन्हें सफलता मिली। वर्तमान समय में देशभर में करीब 200 ऐसी चिलिंग यूनिट ग्रामीण दूध उत्पादक इस्तेमाल कर रहे हैं।

खास तरह की बैटरी का इस्तेमाल

प्रोमीथियन पावर कंपनी के चिलर में लगी थर्मल बैटरी एक ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करती है जिसमें वो बिजली नहीं ऊर्जा बचाती है। इसकी बैटरी में एक पदार्थ होता है जो ठोस से तरल और फिर तरल से ठोस होकर रूप बदलता है।

इस पूरी चिलिंग यूनिट को तीन मुख्य भागों को मिलाकर बनाया जाता है। इसमें एक टैंक होता है जिसमें दूध भरा जा सके। एक थर्मल बैटरी और एक कंप्रेसर होता है।एक चिलिंग यूनिट को करीब 20 किसान आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे काम करती है यूनिट

इस यूनिट के साथ लगा एक कंट्रोल पैनल दूध के तापमान के आधार पर ये संकेत भेजता है कि सिस्टम को शुरू कर देना है। सौर ऊर्जा या फिर कुछ घंटों आई बिजली से ही यूनिट का कंप्रेसर बैटरी को चालू कर देता है जिससे बर्फ जम जाती है। इस बर्फ की ठंडक को दूध को ठंडा करने के लिए धीरे-धीरे भेजा जाता है।

आवश्यक तामपान पर पहुंचते ही दूध को ठंडक भेजना बंद कर दिया जाता है।अब एक बार दूध ठंडा हो जाने के बाद उसे आराम से बर्तनों में भरकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है।

और ज्यादा जानकारी के लिए निचे दिए हुए नंबर और पते पर संपर्क करें

Address: Survey 25 2K,, Tathawade Rd, Ravet,
Tathawade, Pune, Maharashtra 411033
Phone: 020 3267 8042