यहां सिर्फ 14,999 रुपये में मिल रहा 1 लाख रुपये वाला iPhone X

हर किसी का सपना  होता है उसके पास एप्पल का iPhone हो। वहीं, अगर बात iPhone X की हो तो इस डिवाइस को हर कोई खरीदना चाहता है। लेकिन, इसकी कीमत ज्यादा होने के कारण लोग इसे खरीद नहीं पाते हैं।

ऐसे में अगर यह फोन कम किमत में मिले तो कोई भी इसे बिना सोचे उसे खरीद लेगा। लेकिन, जब किमत बहुत ही कम हो तब सोचना जरूरी हो जाता है। क्योंकि, जिस iPhone X को आप सिर्फ 14,999 रुपये में खरीद रहे हैं वो डुप्लिकेट आईफोन भी हो सकता है।

iPhone X सिर्फ 14,999 रुपये में

दिल्ली की गफ्फार मार्केट सेकेंड हैंड इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स बड़ी आसानी से मिल जाते हैं। यहां iPhone के लगभग सभी मॉडल कई गुना सस्ते दाम पर मिल जाते हैं। ठीक ऐसा ही iPhone X के साथ भी है।इसके दो वेरिएंट हैं जिसमें एक 64GB और दूसरा 256GB मेमोरी वाला है।

256GB मेमोरी वाले फोन की कीमत 1,02,000 रुपए है, लेकिन इस मार्केट में इस फोन को सिर्फ 10 हजार या उससे भी कम में खरीदा जा सकता है। दरअसल, ये iPhone X का डुप्लिकेट मॉडल है। जो देखने में पूरी तरह ऑरिजनल के जैसा नजर आता है।

यहां पर जो इलेक्ट्रॉनिक मार्केट है वो डुप्लिकेट प्रोडक्ट या क्लोन प्रोडक्ट को सेल करती है। इस मार्केट में आईफोन, सैमसंग, वीवो, ओप्पो समेत कई चाइनीज कंपनियों के फोन काफी कम कीमत पर मिल जाते हैं। हालांकि, ये फोन ऑरिजनल होंगे इसकी गारंटी नहीं है।

यहां की मार्केट में कई फोन्स की दुकानें हैं, जहां पर आईफोन मिलता है। इन दुकानों पर आप बारगेनिंग भी कर सकते हैं। ध्यान रहें, जब भी आप इस मार्केट से किसी प्रोडक्ट की खरीदारी कर रहे हैं तो आपको उसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए।

iPhone X स्पेसिफिकेशंस और कैमरा

iPhone X में 5.8 इंच का बिना बेजल वाला डिस्प्ले दिया गया है जिसका रेजॉलूशन (1125×2436 पिक्सल) है। इसके दो स्टोरेज वेरिएंट 64 जीबी और 256 जीबी में उपलब्ध हैं। फोटोग्राफी के लिए इसमें 12 मेगापिक्सल के दो रियर कैमरे दिए गए हैं।

पहले वाले का अपर्चर f/1.8 है और दूसरे का f/2.4 है। इसके साथ ही सेल्फी के लिए 7 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। iPhone X में कोई होम बटन नहीं है। इसमें स्क्रीन पर नीचे से ऊपर की ओर स्वाइप कर होम पर जा सकते हैं।

अगर AC, TV,मोबाइल खरीदने का मन लेकिन पुराने को लेकर हैं परेशान, तो यहां पर मिल रहा है एक्सचेंज ऑफर

अगर इस त्योहार में नया एसी, टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन या फर्नीचर खरीदने के प्लान कर रहे हैं लेकिन नया खरीदने से पहले पुराना बेचने की टेंशन आपको हो रही है? ई-कॉमर्स कंपनियां और वेबसाइट आपके लिए इस प्रॉब्लम का सॉल्युशन भी है।

क्या है एक्सचेंज ऑफर

ई-कॉमर्स कंपनियां स्नैपडील, अमेजन और फ्लिपकार्ट आदि एक्सचेंज ऑफर चला रही हैं।  इन ऑफर्स में आप टीवी के बदले टीवी ही एक्सचेंज कर सकते हैं। मोबाइल के बदले मोबाइल एक्सचेंज कर सकते हैं।

टीवी पर क्या है एक्सचेंज ऑफर

अगर इस बार आप अपना पुराना टीवी बेचकर एलईडी टीवी खरीदना चाहते हैं तो ऑनलाइन अच्छी एक्सचेंज ऑफर डील मिल जाएगी। स्नैपडील, अमेजन और फ्लिपकार्ट सभी एक्सचेंज ऑफर चला रही हैं। इसमें आप अपने किसी भी पुराने टीवी को बेचकर नया खरीद सकते हैं। पुराना टीवी ये कंपनियां 1,400 से 6,000 रुपए में ले रही हैं। पुराने टीवी की कीमत ब्रांड और टीवी के साइज पर निर्भर करती है।

मोबाइल

अगर आप नया मोबाइल खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो पुराना मोबाइल बेचकर आपको अच्छी डील मिल जाएगी। पुराना मोबाइल ई-कॉमर्स कंपनी 1,600 रुपए से लेकर 15,360 रुपए में ले रही है। मोबाइल की ये वैल्यू आपके पुराने मोबाइल के ब्रांड और मॉडल पर निर्भर करती है।

फ्रिज पर एक्सचेंज ऑफर

अगर आप पुराने फ्रिज के बदले नया फ्रिज खरीदना चाहते हैं तो आपके लिए ऑनलाइन खरीदने पर अच्छी डील मिल रही है। ई-कॉमर्स कंपनियां पुराना फ्रिज 1,600 रुपए से लेकर 9,750 रुपए में ले रही हैं। पुराने फ्रिज की कीमत ब्रांड, सिंगल डोर, डबल डोर, ट्रिपल डोर जैसे फैक्टर पर निर्भर करती है।

वाशिंग मशीन

नई वाशिंग मशीन खरीदने पर पुरानी निकालना चाहते हैं तो वह ई-कॉमर्स कंपनियां पर डील मौजूद है। कंपनी पुरानी वाशिंग मशीन 550 रुपए से लेकर 3,300 रुपए में ले रही है। पुरान वाशिंग मशीन की कीमत इस पर निर्भर करती है आपकी वाशिंग मशीन ऑटोमेटिक है या सेमीऑटोमिटक।  इन्ही सभी फैक्टर पर आपकी वाशिंग मशीन की कीमत निर्भर करती है।

एसी

ई-कॉमर्स कंपनियां पुराने एसी को 1,000 रुपए से लेकर 1,700 रुपए में ले रही है। पुराने एसी की कीमत उसके ब्रांड, वजन और इस पर निर्भर करती है कि पुराना एसी स्प्लिट है या विंडो।

ये हैं देश के 5 सस्ते फर्नीचर मार्केट, आधे दाम में मिलता है सामान

अगर इन त्योहारों में फर्नीचर खरीदने का प्लान कर रहे हैं लेकिन आपको ये समझ में नहीं आ रहा है कि कहां से बजट में फर्नीचर की शॉपिंग करें। तो यहां आपको ऐसे बाजारों के बारे में बता रहे हैं जहां से आप रिटेल फर्नीचर दुकान की तुलना में आधे दाम में फर्नीचर खरीद सकते हैं। आइए जानते हैं इन बाजारों के बारे में..

कीर्ति नगर मार्केट, दिल्ली

कीर्ति नगर मार्केट दिल्ली का सबसे बड़ा फर्नीचर मार्केट है। यहां 2,000 से अधिक फर्नीचर की दुकानें हैं। यहां आपको घर से लेकर ऑफिस तक का फर्नीचर आसानी से मिल जाएगा।

यहां फर्नीचर मैन्युफेक्चर ज्यादा है जिसके कारण यहां महंगा फर्नीचर भी रिटेल मार्केट की तुलना में 30 से 40 फीसदी कम दाम में मिल जाएगा। इस मार्केट में जाने के लिए आप अपनी गाड़ी लेकर जा सकते हैं। यहां पार्किंग मिल जाएगी।

पंचकुईयां मार्केट, दिल्ली

दिल्ली की पंचकुईयां मार्केट फर्नीचर की होलसेल मार्केट है। यहां आपको बेड, ड्रेसिंग टेबल, सोफा सेट, टेबल, एंटरटेनमेंट यूनिट, डाइनिंग टेबल, कॉर्नर टेबल, चेयर सब मिल जाएगा। यहां फर्नीचर की करीब 1,000 से अधिक दुकानें हैं।

यहां फर्नीचर मैन्युफैक्‍चरर ज्यादा है जिसके कारण यहा फर्नीचर रिटेल मार्केट और फर्नीचर शोरूम की तुलना में आधे दाम में मिल जाएगा। इस मार्केट में जाने के लिए मेट्रो से जाना बेहतर होगा क्योंकि यहां पार्किंग मिलने में थोड़ी परेशानी होती है

मुंबई चोर बाजार

मुंबई का चोर बाजार दक्षिणी मुंबई के मटन स्ट्रीट मोहम्मद अली रोड के पास है। ये मार्केट करीब 150 साल पुराना है। ये बाजार पहले ‘शोर बाजार’ के नाम से शुरू हुआ था क्योंकि यहां दुकानदार तेज आवाज लगाकर सामान बेचते थे, तो यहां काफी शोर रहता था।

लेकिन अंग्रेज लोगों के ‘शोर’ को गलत बोलने के कारण इसका नाम ‘चोर’ बाजार पड़ गया। यहां सेकंड हैंड कपड़े, फर्नीचर, एंटीक घड़ियां और ब्रांडेड घड़ियों की रेप्लिका, एंटीक सजावटी सामान मिलता हैं। यहां जेबकाटने वालों से सावधान रहें

बाजीराव रोड, पुणे

पुणे की बाजीराव मार्केट में बेड, डाइनिंग टेबल, अलमारी जैसा तमाम फर्नीचर सही दाम में मिल जाएगा। इस मार्केट में महंगे ब्रांड की तुलना में आधे दाम में फर्नीचर मिल जाएगा।

यहां आप ऑर्डर देकर फर्नीचर भी बनवा सकते हैं। अपने बजट में रहते हुए फर्नीचर खरीदने के लिए ये बेस्ट मार्केट है। इस मार्केट में आप अपनी गाड़ी लेकर जा सकते हैं।

बंजारा मार्केट, गुरुग्राम, हरियाणा

गुरुग्राम के लोगों के बीच बन्जारा फर्नीचर मार्केट काफी फेमस है। यहां आपको नए फर्नीचर से लेकर पुराना फर्नीचर मिल जाएगा। यहां बार, डाइनिंग टेबल, कैबिनेट, सोफा सेट, वुडन फ्रेम्स और बेड सही दाम पर मिला जाएगा।

यहां मिलने वाला फर्नीचर होमसेंटर और फैब इंडिया की तरह होता है। ये फर्नीचर होमसेंटर और फैब इंडिया की तुलना में आधे दाम में मिल जाता है।

यह कंपनी दे रही है बैंकॉक घूमने का मौका, SBI में खुलवाना होगा हॉलीडे सेविंग्स अकाउंट

हर व्यक्ति चाहता है कि वह पूरी दुनिया घूमे। ऐसे में कुछ लोग तो अपने इस सपने को साकार कर देते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसा नहीं कर पाते। कई बार पहले से प्लानिंग न होने के कारण लोग सेविंग्स नहीं कर पाते, जिससे उन्हें अपना प्लान कैंसिल करना पड़ता है।

लेकिन अब प्री-प्लानिंग और सेविंग्स के चलते आप भी छुटि्टयों पर जा सकते हैं। आपको यह सुनकर भले ही हैरानी हो, लेकिन यह सच है। कई ट्रैवल कंपनियों ने ऐसे ऑफर निकाले है जिसमें आप पहले से सेविंग्स कर भविष्य में कहीं भी घूमने जा सकते हैं।

इसी के साथ-साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी घूमने जा रहे लोगों के लिए सेविंग्स की एक अनोखी स्कीम निकाली है।

13 किस्त में करना होगा भुगतान

इस योजना में आप थॉमस कुक वेबसाइट पर हॉलिडे सेविंग्स अकाउंट पैकेज के तहत हर महीने पैसे जमा कर सकते हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने थॉमस कुक के साथ मिलकर यह स्कीम शुरू की है।

इस स्कीम में पैसे जमा करने के लिए पैकेज चुनना होगा। आप जो भी पैकेज चुनते हैं उसकी कॉस्ट को 13 से भाग किया जाएगा। आपको ऑनलाइन एसबीआई पोर्टल पर रीडायरेक्ट किया जाएगा जहां आप 12 मासिक किस्तों के लिए ई-आरडी खाता खोल सकते हैं।

आपकी ई-आरडी 12 महीने के लिए मौजूदा ब्याज दरों के अनुसार ब्याज लेगी। 12 महीनों के बाद, छुट्टी पैकेज के लिए पैसे थॉमस कुक को भेज दिए जाएंगे। थॉमस कुक ई-आरडी ब्याज में फैक्टरिंग के बाद पैकेज को खरीदने के लिए 13 वें किश्त की शेष राशि देगा। इसके बाद आप अपनी मनपसंद जगह घूमने जा सकते हैं।

कई ट्रैवल कंपनियां भी दे रही ऑफर

इसी तरह से कई ट्रैवल कंपनियां जैसे मेक माय ट्रिप, स्टरलिंग हॉलिडेज, ईजीगो वन डॉट कॉम समेत कई दूसरी ट्रैवल कंपनियों भी हॉलिडे ऑफर पेश करते रहते हैं। ऐसे में 2000 रुपए से 14 हजार रुपए की ईएमआई पर आप आसानी से यूरोप और एशियाई देश घूम सकते हैं।

2,999 रुपए की 12 EMI पर आप थाईलैंड घूमने जा सकते हैं। भारतीयों के बीच थाईलैंड का बैंकॉक सबसे ज्यादा फेमस है। 30,000 रुपए के बजट में आप कोरल आइसलैंड और बैंकॉक घूम सकते हैं।

यहां भारतीयों को वीजा ऑन एराइवल की सुविधा भी मिलती है।  यहीं की वीजा फीस 1,909 रुपए है। वैसे ही, 3,300 रुपए की 12 EMI पर आप सिंगापुर घूम सकते हैं। सिंगापुर का 4 दिन का पैकेज 35,000 रुपए तक से शुरू होता है। यहां घूमने और शॉपिंग के बहुत से विकल्प हैं।

बेकार प्लास्टिक की बोतल से ऐसे बनायें चूहा पकड़ने का ट्रैप

चूहों की संख्या मई-जून माह में कम होती है, यही समय चूहा नियंत्रण अभियान के लिए सही समय होता है, यह अभियान सामूहिक रूप में चलाना चाहिए। चूहे खेत खलिहानो, घरों और गोदामों में अनाज खाने के साथ-साथ ही अपने मलमूत्र से अनाज बर्बाद कर देते हैं।

एक जोड़ी चूहा एक वर्ष में 800-1000 की संख्या में बढ़ जाते हैं,अगर चूहों के संख्या कम हो तो आप प्लास्टिक की बोतल का ट्रैप बना कर भी चूहों को पकड़ सकते है ।इस तरिके से आप को कोई खर्चा भी नहीं होगा और किसी खतरनाक दवाई की भी जरूरत नहीं पड़ेगी ।

इस तरीके से आप घर पर भी आसानी से चूहों को पकड़ सकते हैं। आज हम आपको बताते है कि कैसे आप घर पर चूहे पकड़ने की मशीन बना सकते है।

जरूरत का सामान

  • प्लास्टिक की बोतल
  • कैंची
  • स्टिकस
  • रबड़ बैंड
  • थ्रेड
  • यू क्लिप

बनाने का तरीका

  1. सबसे पहले प्लास्टिक की बोतल का ऊपरी हिस्सा कैंची से काट लें। ध्यान रखें कि उसे सिर्फ एक ही साइड से काटना है।
  2. अब बोतल के दोनों हिस्सों पर दो इंच के गेप से दाए और बाए साइड होल करके दो स्टिक्स आड़ी फंसा दें।
  3. ध्यान रखें कि ये दोनों स्टिक्स पैरेलर हो। अब इन दोनों स्टिक्स पर रबड़ बैंड दोनों ओर फंसा दें।
  4. अब एक मजबूत धागा लें और बोतल के मुंह में लगाकर ढक्कन बंद कर दें। इस बात का ध्यान रखें कि धागे की लंबाई इतनी होनी चाहिए कि उसेे खिंचने पर बोतल का कटा हिस्सा खुल सकें।
  5. अब यू क्लिप का किनारा सीधा करके उसमें खाने की चीज फंसा दें। इसे बोतल के अंदर हाथ डालकर तली से बाहर निकालें।
  6.  धागे के हिस्से पर नॉट बनाकर इस यू क्लिप के बाहर निकले नुकीले हिस्से पर लटका दें।

इस ट्रैप को कैसे बनाते है इसके लिए वीडियो देखें

इस बिजनेस के लिए सिर्फ एक बार करना होगा निवेश फिर इनकम ही इनकम है

आज की दुनिया में सभी फिटनेस के लिए सजग दिखाई देता है, इसलिए अगर आप अपना छोटा सा भी जिम या फिटनेस सेंटर खोले तो यह व्यापार का अच्छा विकल्प सिद्ध हो सकता है।

इसमें बस एक बार निवेश करना होता है फिर इस बिजनेस से फायदे ही फायदे है क्योंकि बाद में इस पर ना तो मंदी का असर पड़ता है ता ही अत्यधिक खर्च करना पड़ता है। यह बि‍जनेस बहुत छोटे स्‍केल से लेकर बहुत बड़े स्‍केल तक जा सकता है।

ऐसे करें बिजनेस स्टार्ट

इसके लिए सबसे पहले एक प्लाॅट की जरूरत पड़ती है। इसे आप अपनी सुविधानुसार अपने घर में भी खोल सकते हैं। आप अपने बजट के अनुसार, कम से कम गज के प्लाॅट में भी छोटा जि‍म खोल सकते हैं। एक सामान्‍य जि‍म में भी छोटी बड़ी 15 मशीनों की जरूरत होती है। इसके लिए आपको शुरुआत में कम से कम 3 लाख से 7 लाख रुपए तक निवेश करना पड़ेगा।

आपको अपने जिम सेंटर खोलने के लिए बेंच प्रेस, केबल क्रॉसओवर, पैक डेक, बटर फ्लाई, लैट पुल डाउन मशीन चाहि‍ए होगी। इनके अलावा सि‍टअप बेंच, दो नॉर्मल बेंच, डि‍प बार, प्रीचर बेंच, पांच से छह योगा मैट, स्कि‍पिंग रोप, छह छोटी बड़ी रॉड, अलग-अलग वेट के 8 जोड़ी डंबल, स्‍टैंड वगैरा के साथ थोड़ा बहुत और सामान चाहि‍ए होगा।

सामान्‍य इस तरह के जि‍म में फीस 1200 रुपए के आसपास होती है और अगर आपके जि‍म में 200 लोग भी आते हैं तो कुल फीस 2,40,000 हो जाती है। अन्‍य छोटे खर्च नि‍काल दें तो आपको हर महीने 1 लाख रुपए बच सकते हैं। जब मशीनों की कॉस्‍ट नि‍कल जाएगी तो प्रॉफि‍ट में सीधे 50 हजार का इजाफा हो जाएगा।

लेना होगा लाइसेंस

इसके लि‍ए आपको स्‍थानीय प्रशासन से लाइसेंस लेना होगा, आमतौर पर पुलि‍स यह जारी करती है। यह एक सेवा है इसलि‍ए आपको सर्वि‍स टैक्‍स के लि‍ए रजि‍स्‍ट्रेशन करना होगा। आपको एसएसअाई रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। जिम औद्योगिक इकाइयो के अंतर्गत शामिल नहीं है,

इसलिए शुरुआत में बेसिक स्तर पर रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई करना होता हैं जिसके बाद आपको सरकार की तरफ से अस्थाई प्रोविसनल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है। जब आपका जिम शुरु हो जाता है और बिजनेस सेट हो जाता है तब आप स्थाई लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

2 मिनट का वीडियो आपको दिला सकता है 25 हजार रूपये, जाने कैसे

आपके स्मार्ट फोन में कैमरा तो होगा ही और इस कैमरे से आप फोटो के साथ-साथ वीडियो भी बना लेते होंगे। अगर आप ऐसा कर लेते हैं तो आप मात्र 2 मिनट की वीडियो बना कर 25 हजार रुपए कमा सकते हैं। बस, आपको यह समझना होगा कि यह क्लिप किस तरह की होनी चाहिए।

सरकार दे रही है मौका

दरअसल, मोदी सरकार यह मौका दे रही है। वाटर रिसोर्स, रिवर डेवलपमेंट एवं गंगा रिज्युवेंशन मिनिस्ट्री ने एक प्रतियोगिता का आयोजन किया है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आपको 2 मिनट से लेकर 10 मिनट तक का वीडियो बनाना है। वीडियो पसंद आने पर आपको पुरस्कार स्वरूप यह राशि मिलेगी।

10 से 25 हजार रुपए जीत सकते हैं आप

मिनिस्ट्री की ओर से तीन तरह के इनाम रखे गए हैं।
पहला इनाम : 25 हजार रुपए
दूसरा इनाम : 15 हजार रुपए
तीसरा इनाम : 10 हजार रुपए

क्या करना होगा

अब आप वीडियो बनाने की सोच रहे हैं तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि किस तरह का वीडियो बनाना होगा। जैसा कि प्रतियोगिता का नाम “जल बचाओ-वीडियो बनाओ-पुरस्कार पाओ” है। यानी कि आपको ऐसा वीडियो बनाना होगा, जिसमें जल बचाने का संदेश छुपा हो।

कब अप्लाई करना होगा

यह प्रतियोगिता फोर्ट नाइटली है। मतलब, हर 15 दिन में आयोजित की जाती है। अभी 23 सितंबर से 6 अक्टूबर तक इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। आप 6 अक्टूबर तक अप्लाई कर सकते हैं। अगर आप इस समय अप्लाई नहीं कर पाते हैं तो आप 7 से 21 अक्टूबर तक के पखवाड़े में हिस्सा ले सकते हैं। इसके बाद 22 अक्टूबर से 4 नवंबर तक प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

कैसे अप्लाई कर सकते हैं 

अगर आप इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चाहते हैं तो आपको अपना वीडियो बना कर यूट्यूब पर अपलोड करना होगा और यूट्यूब की लिंक www.mygov.in के कॉन्टेस्ट पेज पर अपलोड करना होगा। वीडियो चोरी का नहीं होना चाहिए। मतलब, आप यह ध्यान रखें कि आप इंडियन कॉपीराइट एक्ट या इंटिलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट का उल्लंघन न कर रहे हों।

क्या है मकसद 

दरअसल मोदी सरकार चाहती है कि जल संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़े। साथ ही, लोग पानी का बेजा इस्तेमाल भी न करें। इसलिए समय-समय पर इस तरह की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। इससे जहां वीडियो बनाने वाले लोगों में जागरूता बढ़ेगी। वहीं, उनके वीडियो देखकर लोगों में भी जागरूकता बढ़ेगी।

वैज्ञानिकों ने बनाया चलता-फिरता सौर कोल्ड स्टोरेज, अब नहीं खराब होंगी सब्जियां

भंडारण के अभाव में बड़ी मात्रा में फल और सब्जियां समय से पहले खराब हो जाती हैं। वैज्ञानिकों ने ऐसा कोल्ड स्टोरेज यूनिट बनायी है, जिसे किसान अपने यहां भी लगा सकता है।

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के कृषि इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिकों ने सौर ऊर्जा से संचालित मोबाइल कोल्ड-स्टोरेज यूनिट बनायी है, जो फल तथा सब्जियों को नष्ट होने से बचाने में मददगार हो सकती है।

इस कोल्ड-स्टोरेज को विकसित करने वाले वैज्ञानिक डॉ. पी.के. शर्मा ने बताते हैं, “सौर ऊर्जा से चलने वाले इस नए कोल्ड-स्टोरेज से बिजली की समस्या से जूझ रहे किसानों को सबसे अधिक राहत मिल सकती है।

बिजली की बचत के साथ-साथ इससे कृषि उत्पादों के खराब होने की समस्या दूर होगी।कोल्ड-स्टोरेज के भीतर निम्न तापमान और उच्च सापेक्ष आर्द्रता के कारण टमाटर जैसे उत्पादों को बीस दिन तक ताजा बनाए रखा जा सकता है। इसके अलावा अन्य सब्जियों और फलों, जैसे- पालक, शिमला मिर्च, ककड़ी, लौकी, तोरई और पपीते को भी बीस दिनों तक सुरक्षित रख सकते हैं।”

न्यूनतम लागत पर फलों और सब्जियों के लंबे समय तक भंडारण के लिए बनाए गए इस कोल्ड-स्टोरेज की भंडारण क्षमता 4.85 घनमीटर है। इसमें 1000 किलोग्राम फल तथा सब्जियों का भंडारण इसमें किया जा सकता है।

इसकी लंबाई 1.83 मीटर, चौड़ाई 1.34 मीटर और ऊंचाई 1.98 मीटर है। इसे गैल्वनी कृत लोहे, पॉली-कार्बोनेट और प्लाईवुड की चादरों और ग्लास-वूल से बनाया गया है। इस कोल्ड-स्टोरेज में 40 क्रेट्स हैं और प्रत्येक क्रेट में 25 किलोग्राम फल और सब्जियां रखे जा सकते हैं।

इस कोल्ड-स्टोरेज में लगे पहियों द्वारा इसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से ले जाया जा सकता है। इसमें सौर ऊर्जा चालित 0.8 टन का एक एयर कंडीशनर लगाया गया है, जिससे कोल्ड-स्टोरेज के भीतर का तापमान 9.5 से 11 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता 73 से 92 प्रतिशत तक बनी रहती है।

यह एयरकंडीशनर एक सौर फोटो वोल्टिक सिस्टम द्वारा चलाया जाता है। इस सिस्टम को कुल आठ सौर पैनलों, एक सौर इन्वर्टर और चार बैटरियों वाले एक बैटरी-बैंक को मिलाकर बनाया गया है। इसे इस तरह तैयार किया गया है, जिससे दिन में अधिक से अधिक सौर ऊर्जा का उपयोग किया जा सके।

डॉ. शर्मा के अनुसार, “सौर संचालित शीत कोल्ड-स्टोरेज का निर्माण भारत में अभी प्रयोगात्मक चरण में है। फिलहाल उपलब्ध शीत भंडारण ज्यादातर सुविधाएं बिजली चालित हैं। इनका उपयोग एक निश्चित तापमान पर सीमित उत्पादों जैसे- आलू, संतरा, सेब, अंगूर, अनार, फूलों इत्यादि के भंडारण के लिए ही हो पाता है। इससे फलों व सब्जियों की गुणवत्ता, ताजगी और जीवन अवधि बनाए रखने में मदद मिलेगी। किसानों और छोटे सब्जी तथा फल-विक्रेताओं की आय भी बढ़ेगी।”

भारत विश्व में फल और सब्जियों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। लेकिन, पर्याप्त शीत भंडारण सुविधाएं नहीं होने से 30 से 35 प्रतिशत फल और सब्जियां लोगों तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाती हैं। किसानों को फलों और सब्जियों को तुरंत बाजार ले जाकर बेचने और गुणवत्ता खराब होने का नियमित दबाव बना रहता है।

इस नए कोल्ड-स्टोरेज के उपयोग से किसान उत्तम गुणवत्ता की भंडारण सुविधाओं का लाभ छोटे स्तर पर अपनी आवश्यकतानुसार उठा सकेंगे। अध्ययनकर्ताओं के अनुसार, उनके द्वारा बनाए गए इस कोल्ड स्टोरेज की लागत लगभग 1.72 लाख रुपये तक हो सकती है।

इसमें 1000 किलोग्राम फलों तथा सब्जियों को भंडारित करने की लागत प्रतिदिन 6.07 रुपये आती है। सिर्फ बिजली के खर्च की बचत से ही नौ सालों में इस कोल्ड-स्टोरेज की लागत निकल आती है। अध्ययनकर्ताओं में डॉ. पी.के. शर्मा के अलावाडॉ. एच.एस. अरुण कुमार भी शामिल थे।

मात्र 60 रुपए में अपने घर ले जाइए AC, रेफ्रिजेरेटर आैर वाॅशिंग मशीन, एक अक्टूबर से शुरू होगा जबरदस्त आॅफर

जहां एक आेर एक्सपर्ट इस बार फेस्टिव सीजन में घरेलू इलेक्ट्रोनिक सामान के महंगा होने आैर कस्टम ड्यूटी बढ़ने से महंगार्इ बढ़ने की आशंका जता रहे हैं।

वहीं दूसरी आेर देश की जानीमानी कंपनी गोदरेज ने जबरदस्त आॅफर निकाला हुआ है। गोदरेज आपको वाॅशिंग मशीन आैर रेफ्रिजेरेटर के अलावा कंपनी के सभी प्रीमियम एप्‍लायंस को मात्र 60 रुपए में घर लेकर जा सकते हैं।

आइए आपको भी बताते हैं कैसे…

गोदरेज को हो रहे है 60 साल पूरे

गोदरेज एप्‍लायंसेज कंपनी अपनी 60वीं वर्षगांठ सेलीब्रेट कर रही है। एेसे में कंपनी ने अपने ग्राहकों को इस सेलीब्रेशन में शामिल करने के लिए जबरदस्त आॅफर दिया है। इस अवसर पर ग्राहक महज 60 रुपए देकर कोई भी प्रीमियम एप्‍लायंस अपने घर ले जा सकते हैं।

खास बात यह है कि बची रकम को ग्राहक बिना ब्‍याज के ईएमआई में चुका सकते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने ‘सोच के बनाया है’ थीम के तहत यह योजना शुरू की है। कंपनी को इस फेस्टिव सीजन में 30 फीसदी ग्रोथ की उम्‍मीद है। यह ऑफर 1 अक्‍टूबर से 15 नवंबर 2018 तक रहेगा।

फ्रिज आैर वाॅशिंग मशीन के 42 माॅडल उतारे

कंपनी के आॅफर के तहत रेफ्रिजरेटर सेक्शन आैर वाॅशिंग मशीन सेक्शन के करीब 42 माॅडल बाजार में उतारे हैं। जिनमें से 32 मॉडल फ्रिज के हैं। वहीं 10 माॅडल वाॅशिंग मशीन के हैं। इसके अलावा एसी और माइक्रावेव कंपनी ने लांच किए हैं।

ग्राहक इन सभी उत्पादों को सिर्फ 60 रुपए देकर घर ले जा सकते हैं। उन्‍हें इतना ही डाउन पेमेंट करना होगा। कंपनी ने ऑफर के तहत उत्‍पादों पर कई आकर्षक फाइनेंस स्‍कीम चलाई हैं। इसमें फ्रिज, वाशिंग मशीन, माइक्रोवेव सिर्फ 999 रुपए में घर ले जाए जा सकते हैं। एसी और चेस्‍ट फ्रीजर के लिए 2499 रुपए डाउन पेमेंट करना होगा।

कर्इ सामान मिलेंगे मुफ्त

गोदरेज कंपनी ने माइक्रोवेव ओवन पर भी स्पेशल स्कीम लांच की हैं। जिसके तहत एक माइक्रोवेव ओवन की खरीद पर 999 रुपए का ट्रियो बाउल मुफ्त देने की योजना है।

गोदरेज से प्रोडक्ट खरीदने पर अन्‍य ऑफर के तहत ग्राहक को सैलून वाउचर, मील वाउचर और हॉलिडे पैकेज देने की भी योजना है। कंपनी की आेर से कर्इ नामी र्इ-काॅमर्स कंपनियों जैसे अमेजन, पैंटालून, लाइफस्‍टाईल, तनिष्‍क और कई अन्‍य कंपनियों से साथ डील भी की है।

30 रुपए में बनवाएं यह कार्ड, फ्री में हो जाएगा 5 लाख तक का इलाज

मात्र 30 रुपये में कार्ड बनवा कर आप 5 लाख रुपए तक का मुफ्त में इलाज करा सकते हैं। यह कार्ड कोई मामूली कार्ड नहीं है। इस कार्ड का नाम है गोल्डन कार्ड जो आयुष्मान भारत स्कीम से जुड़ा है। इस स्कीम में शामिल हर व्यक्ति को यह कार्ड बनवाना अनिवार्य है।

कार्ड बनने के बाद ही उसका इलाज हो पाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गत 23 सितंबर को आयुष्मान भारत योजना को लांच कर दिया गया। इस स्कीम में 10 करोड़ परिवार के लगभग 50 करोड़ लोग शामिल हैं। इन्हें 5 लाख रुपये तक के इलाज मुफ्त में दिए जाएंगे।

कहां बनेंगे गोल्डन कार्ड

गोल्डन कार्ड दो जगहों पर बनेंगे। अस्पताल में और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएसएसी) पर। सीएससी गांवों में आसानी से मिल जाते है। सीएससी के सीईओ डी.सी. त्यागी ने मनी भास्कर को बताया कि कॉमन सर्विस सेंटर पर गोल्डन कार्ड बनाने की तैयारी पूरी हो गई है।

अगले सप्ताह से कार्ड बनने का काम शुरू हो जाएगा। कार्ड बनाने के बदले 30 रुपये लिए जाएंगे। कार्ड को लेमिनेट करके दिया जाएगा। स्कीम में शामिल व्यक्ति सीएससी में आकर आयुष्मान भारत की सूची में अपना नाम चेक कर सकता है। नाम होने पर उसका कार्ड बन जाएगा। त्यागी ने बताया अगर एक परिवार में पांच व्यक्ति हैं तो सभी के अलग-अलग कार्ड बनेंगे।

ऐसा नहीं है कि एक ही कार्ड से पूरे परिवार का काम चल जाएगा। सीएसई के अलावा कार्ड अस्पतालों में भी बनेंगे। अस्पताल में कार्ड मुफ्त में बनेगा। अमूमन लोग बीमार होने पर ही अस्पताल जाते हैं, इसलिए बीमार होने से पहले कार्ड बनवाना है तो उन्हें सीएससी जाना पड़ेगा।

वैसे भी, गांव से अस्पताल जाने में 50-100 रुपये खर्च हो जाएंगे। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana) के अधीन हजारीबाग जिला अस्पताल में देश का पहला गोल्डन कार्ड बना। रेणु देवी नाम की महिला के नाम पहला गोल्डन कार्ड बनाया गया।

प्रधानमंत्री मोदी भेज रहे हैं लेटर

आयुष्मान हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम के सभी लाभार्थी को प्रधानमंत्री मोदी खुद लेटर भेज रहे हैं। उस लेटर के माध्यम से ही इंश्योरेंस की आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। इस लेटर की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें QR (क्यूआर) कोड दिया गया है।

QR कोड होने से हेल्थ सेंटर या अस्पताल में आपकी पहचान आसानी से हो जाएगी। सभी लाभार्थी का QR कोड अलग-अलग है। इस QR कोड से अस्पताल में आपनी पहचान सुनिश्चित होने के बाद लाभार्थी परिवार को गोल्डन कार्ड इश्यू किया जाएगा। यह गोल्डल कार्ड ही उन्हें हमेशा काम आएगा।

1300 से ज्यादा बीमारियों का इलाज

आयुष्मान स्कीम के तहत कैंसर, दिल की बीमारी, किडनी, लिवर, डायबिटीज समेत 1300 से ज्यादा बीमारियों का इलाज आयुष्मान भारत के तहत कवर होगा। साथ ही यह इलाज सरकारी समेत प्राइवेट हॉस्पिटल में भी कराया जा सकेगा। इसमें जांच, दवाई, इलाज, हॉस्पिटलाइजेशन और उसके बाद का खर्च भी कवर होगा। इसके अलावा पहले से मौजूद बीमारी भी कवर होगी।