न कोई रिचार्ज का झंझट, न भरना होगा मंथली बिल और मिलेगा 100GB डाटा रोज, इस तरह करें अप्लाई

जियो गीगाफाइबर की जल्द ही कमर्शियल लॉन्चिंग होने वाली है। लॉन्चिंग के पहले हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप जियो की ब्रॉडबैंड सर्विस का फायदा कैसे उठा सकते हैं। बता दें पिछले साल अगस्त में जियो ने गीगाफाइबर को लेकर घोषणा की थी। जियो अभी प्रीव्यू ऑफर के तहत इस सर्विस को कई शहरों में उपलब्ध करवा रहा है लेकिन अभी तक इसकी कमर्शियल लॉन्चिंग कंपनी ने नहीं की है।

दिल्ली, मुंबई सहित कई छोटे शहरों में इसकी टेस्टिंग की जा रही है। उन क्षेत्रों में कंपनी टेस्टिंग कर रही है, जहां भविष्य में ग्राहकों के जुड़ने का पोटेंशियल ज्यादा है। आपके क्षेत्र में टेस्टिंग चल रही है तो आप भी इसका फायदा उठा सकते हैं। जब तक कंपनी ऑफिशियल लॉन्चिंग नहीं करेगी, तब तक आप यूज कर सकेंगे। जानिए आप कैसे इसका कनेक्शन ले सकेंगे।

करवाना होगा रजिस्ट्रेशन

  • यदि आप जियो का ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट या मायजियो ऐप पर जाकर खुद का रजिस्टर करना होगा।
  •  इसके बाद आपके एरिया में जब भी कंपनी कमर्शियल लॉन्चिंग करेगी, तब आपसे कंपनी खुद ही कॉन्टेक्ट करेगी।
  •  कंपनी के एग्ज्युकेटिव कई एरियों में घूम भी रहे हैं। ऐसे में आप इनसे सीधे मिलकर भी अपने एरिया का स्टेट्स जान सकते हैं।

कौन से प्लान मिलेंगे

  •  जियो गीगाफाइबर में कंपनी 4500 रुपए सिक्योरिटी डिपॉजिट के जमा करवा रही है। कमर्शियल लॉन्चिंग के बाद यह अमाउंट चेंज हो सकता है।
  •  इसमें एक्टिवेशन, डीएक्टिवेशन, इंस्टॉलेशन का कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा।
  •  यदि कस्टमर जियो की सर्विस से संतुष्ट नहीं होता तो वो कनेक्शन हटा सकता है और अपना सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस ले सकता है।
  •  रिफंड में 45 दिनों तक का टाइम लग सकता है।
  •  जियो प्रीव्यू ऑफर में शुरुआती तीन महीनों में सर्विस पूरी तरह से फ्री दे रहा है। ग्राहकों को रोजाना 100GB डाटा 100Mbps की स्पीड पर मिलेगी।
  • 100GB डाटा खत्म होने के बाद ग्राहक को और डाटा की जरूरत है तो वह 40जीबी तक के टॉपअप्स ले सकेगा।
  • अभी सिर्फ प्रीपेड सर्विस दी जा रही है। जल्द ही पोस्टपेड सर्विस भी दी जाएगी।

12वीं के बाद करें यह कोर्स, मिल सकती है 50 हजार रुपए महीने तक की नौकरी

आज देश में बड़ी संख्या में युवा शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से बड़ी संख्या में युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने का बाद भी नौकरियों से वंचिंत हैं। कई जानकारों का मानना है कि मार्गदर्शन के अभाव में युवा कम नौकरियों की संभावना वाले कोर्स कर लेते हैं।

इससे उन्हें नौकरी पाने में परेशानी होती है। आज हम आपको एक ऐसे ही कोर्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे करने का बाद आपकी नौकरी की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। तो आइए जानते हैं इस कोर्स के बारे में…

आज के खानपान, प्राकृतिक असंतुलन और पर्यावरण प्रदूषण के कारण मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इस कारण स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेषज्ञों की मांग बढ़ रही है। मरीजों के उपचार में डॉक्टरों के साथ-साथ फार्मासिस्टों का भी अहम योगदान है। यह फार्मासिस्ट गुणवत्तापूर्ण दवाइयों का निर्माण, उनका रिएक्शन और दवाइयों के मरीजों पर प्रभाव की जानकारी देते हैं। इस कारण प्राइवेट सेक्टर से साथ-साथ सरकारी क्षेत्र में भी फार्मासिस्टों की मांग बनी रहती है।

 योग्यता

एक फार्मासिस्ट बनने के लिए 12वीं में जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिकी विज्ञान में 50 प्रतिशन अंक होने चाहिए। इसके बाद फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त संस्थान में बैचलर इन फार्मेसी कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। प्रत्येक संस्थान में प्रवेश के लिए अलग-अलग प्रक्रिया है। यह कोर्स चार साल का होता है।

बैचलर इन फार्मेसी करने के बाद आप दो साल का मास्टर इन फार्मेसी कोर्स भी कर सकते हैं। कोर्स के दौरान आपको दवा निर्माण के संयंत्र, दवाइयों के मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर और कॉम्बिनेशन, दवा निर्माण की तकनीक और तरीका, दवा परीक्षण, दवा परीक्षण संबंधी कानूनों के बारे में जानकारी दी जाती है।

यहां हैं नौकरी के अवसर

सरकारी और निजी अस्पतालों में हमेशा फार्मासिस्टों की मांग बनी रहती है। सरकार दवाइयों की जांच और क्वालिटी कंट्रोल के लिए औषधि निरीक्षकों की भर्ती करती है। दवा निर्माता कंपनियां केमिस्ट, क्वालिटी कंट्रोल, फार्मासिस्ट आदि पदों पर योग्य युवाओं की नियुक्ति करती हैं। फार्मेसी का कोर्स करने के बाद निजी सेक्टर में आसानी से 15 से 20 हजार रुपए महीने की नौकरी मिल जाती है।

यदि आप सरकारी नौकरी पा लेते हैं तो आपको हर महीने 40 से 50 हजार रुपए की सैलरी मिलेगी। इसके अलावा फार्मासिस्ट अपना मेडिकल स्टोर खोलकर भी हर महीने हजारों रुपए कमा सकता है। आपको बता दें कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस केवल फार्मासिस्टों को ही मिलता है।

यहां से कर सकते हैं कोर्स

  •  गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी दिल्ली
  • जामिया मिलिया हमदर्द दिल्ली
  • इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस चंडीगढ़
  • इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी मुंबई
  • गोवा कॉलेज ऑफ फार्मेसी पणजी
  • आईआईटी बीएचयू वाराणसी
  • मणिपाल कॉलेज ऑफ फार्मास्यूटिकल मेडिकल साइंस मणिपाल
  • पुना कॉलेज ऑफ फार्मेसी पुणे

डिग्री ना होने पर भी मिल जाएंगी ये नौकरियां, 60,000 तक मिल सकती है सैलरी

कहते हैं कि जीवन में अच्छा करने के लिए, आपको खुद को शिक्षित करना चाहिए. लेकिन खुद को शिक्षित करना और कॉलेज जाकर पढ़ाई करने में बहुत अंतर है. वहीं जो लोग कॉलेज नहीं जा पाए हैं और उनके पास कोई डिग्री नहीं हैं उन्हें बता दें वह एक अच्छी और मोटी सैलरी वाली नौकरी हासिल कर सकते हैं साथ ही उन्हें इन नौकरियों के लिए कॉलेज की डिग्री की भी जरूरत नहीं है.

जी हां आपको पढ़कर हैरानी हो रही होगी लेकिन ऐसा हो सकता है. मार्केट में ऐसी बहुत सारी नौकरियां हैं जिनके लिए कॉलेज की डिग्री की कोई आवश्यकता नहीं है. आइए जानते हैं उन नौकरियों के बारे में…

इवेंट प्लानर

जिस प्रकार भारत में शादियां जितनी भव्य तरीके से होती है, उतनी ही इवेंट प्लानर की उतनी मांग में बढ़ोतरी होती है. इवेंट प्लानर्स को किसी औपचारिक डिग्री की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन बढ़िया कम्यूनिकेशन स्किल, क्रिएटिव आइडिया होने के साथ- साथ उनका दिमाग नए-नए डिजाइन के बारे में सोचता हो.

सैलरी– इवेंट प्लानिंग में, कोई व्यक्ति काम और क्लाइंट के आधार पर 10,000 रुपये से लेकर 80,000 रुपये प्रति इवेंट तक कमा सकता है. साथ ही इस फील्म में कमाई की कोई सीमा नहीं है.

सोशल मीडिया मैनेजर

पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया मार्केटिंग नौकरियों, एजेंसियों और फ्रीलांसरों में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी हुई है. एक छोटे से स्टार्ट-अप से लेकर एक बड़े ब्रांड तक, हर किसी को एक अलग दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है. उन्हें पता होना चाहिए कि उनकी ऑडियंस अपने फेसबुक पेज पर क्या देखती हैं. ये काम सोशल मीडिया मैनेजर का होता है.
सैलरी– सोशल मीडिया मैनेजक को प्रति महीने 60000 रुपये तक सैलरी मिल जाती है.

डॉग ट्रेनर

पिछले कुछ सालों में भारत ने डॉग ट्रेनर्स की आवश्यकता में वृद्धि देखी गई है. डॉग ट्रेनर बनने के लिए कोई औपचारिक डिग्री की आवश्यकता नहीं है लेकिन कुत्तों के लिए प्यार और उन्हें ट्रेनिंग देने का एक्सपीरियंस जरूर होना चाहिए.
सैलरी- दिल्ली जैसे शहर में एक डॉग ट्रेनर एक डॉग को ट्रेनिंग देने के लिए प्रति महीने 20,000 रुपये तक सैलरी लेता है. जितने डॉग को आप ट्रेनिंग देंगे आपकी सैलरी में उतनी है बढ़ोतरी होगी.

वेबसाइट डेवलपर

यदि आप कॉलेज में हैं और आगे करियर टेक्नॉलोजी में बनाना चाहते हैं तो आप छोटे बजट के साथ स्टार्टअप के लिए वेबसाइट डेवलप कर सकते हैं. इसके लिए ग्रेजुएशन की डिग्री लेने की कोई जरूरत नहीं है.
सैलरी- ज्यादातर छात्र जो अपने स्टार्टअप के लिए वेबसाइट बना रहे हैं, उन्होंने इसे यूट्यूब पर सीखा है और हर वेबसाइट बनाने के लिए 30,000 रुपये की सैलरी ले रहे हैं.

रीयल एस्टेट एजेंट

घर बेचना 2000 के दशक से युवाओं के लिए एक खास करियर ऑप्शन उभर कर सामने आया है. एक रियल एस्टेट एजेंट का काम 12वीं कक्षा की डिग्री के साथ आसानी से किया जा सकता है लेकिन घरों के बारे में जितना संभव हो उतना ज्ञान होना जरूरी है.
सैलरी– काम के अनुसार पैसे मिलेंगे. जिसकी कमाई तय नहीं है.

कैटरिंग

भोजन खानपान में एक करियर मजेदार होता है. साथ ही इसमें ज्यादा से ज्यादा कमाया जा सकता है. इस नौकरी में प्लानिंग, गुणवत्ता, प्रेजेंटेशन समेत कई बातों का ध्यान रखना होता है. ये नौकरी आपको बहुत सारे लोगों से मिलने और काम के बाद मस्ती करने का मौका भी देती है.
सैलरी– 5000 से 50,000 रुपये तक सैलरी मिल सकती है.

बारटेंडर यानी शराब परोसना (Bartender)

जो लोग बाहर जाना, लोगों से मिलना, डांस करना और पार्टी करना पसंद करते हैं उनके लिए बारटेंडर की नौकरी एक मजेदार काम साबित हो सकता है. बार टेंडिंग एक रोमांचक और आकर्षक काम हो सकता है.
सैलरी– भारत में एक बारटेंडर सालाना 207,746 रुपये कमा सकते हैं.

ऐसे शुरू करें पापड़ बनाने का बिजनेस, 4 लाख का लोन देगी मोदी सरकार

अगर आप दो लाख रुपए के इन्वेस्टमेंट से बिजनेस शुरू करना चाहते है, तो पापड़ मेकिंग एक अच्छा बिजनेस हो सकता है। भारत सरकार के उपक्रम नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन (NSIC) ने इसके लिए एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की है।

जिसके जरिए आपको मुद्रा स्कीम के तहत 4 लाख रुपए का लोन सस्ते रेट पर मिल जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार 6 लाख रुपए के टोटल इन्वेस्टमेंट से करीब 30 हजार किलो की प्रोडक्शन कैपेसिटी तैयार हो जाएगी। इस कैपिसिटी के लिए 250 वर्गमीटर जमीन की जरूरत पड़ेगी।

टोटल खर्च: 6.05 लाख रुपए

टोटल खर्च में फिक्स्‍ड कैपिटल और वर्किंग कैपिटल का खर्च शामिल है।
फिक्स्‍ड कैपिटल: इसमें हर तरह की डो मशीन, पैकेजिंग मशीन, इक्विपमेंट जैसे तमाम खर्च शामिल है।

वर्किंग कैपिटल: इसमें स्टाफ की 3महीने की सैलरी, तीन महीने में लगने वाले रॉ मैटेरियल और यूटिलिटी प्रोडक्ट का खर्च शामिल है। इसके अलावा इसमें किराया, बिजली, पानी, टेलिफोन का बिल जैसे खर्च भी शामिल हैं।

क्या होना चाहिए जरूरी?

इसके लिए आपके पास एक जगह होनी चाहिए। अगर आपके पास जगह नहीं है तो इसे रेंट पर लिया जा सकता है, जिसके लिए आपको 3 हजार रुपए महीने तक रेंट देना होगा। मैन पावर में 3 अनस्किल्ड लेबर, 2 स्किल्ड लेबर और एक सुपवाइजर रखना होगा। इन सबकी सैलरी पर 25,000 रुपए खर्च होगा, जो जो वर्किंग कैपिटल में ऐड किया गया है।

लेनी होगी ये मशीनरी

  • शिफ्टर
  • डो मिक्सर
  • प्लेटफॉर्म बैलेंस
  • इलेक्ट्रिकली ऑपरेटेड ओवन
  • मार्बल टेबल टॉप, चकला-बेलन
  • एलूमिनियम के बर्तन और रैक्स

इतनी चाहिए जगह..

पापड़ का बिजनेस करने के लिए 250 वर्ग मीटर का एरिया चाहिए।

मुद्रा स्कीम में करें अप्लाई

इसमें आपको 2 लाख रुपए अपने पास से लगाना होगा। सरकार की मुद्रा योजना के तहत 4 लाख रुपए तक का लोन मिल जाएगा।

कैसे करें अप्लाई?

इसके लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आप किसी भी बैंक में अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा, जिसमें ये डिटेल देनी होगी…

नाम, पता, बिजनेस एड्रेस, एजुकेशन, मौजूदा इनकम और कि‍तना लोन चाहिए। इसमें किसी तरह की प्रोसेसिंग फीस या गारंटी फीस भी नहीं देनी होती। लोन का अमाउंट 5 साल में लौटा सकते हैं।

अब अपने सेट टॉप बॉक्स पर करवाएं किसी भी DTH कंपनी का रिचार्ज, सरकार ला रही है ये स्कीम

केबल ऑपरेटर और डीटीएच कंपनी की मनमानियों से तंग लोगों के लिए एक राहत भरी खबर आई है. दरअसल भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण एक नई व्यवस्था लेकर आ रहा है. टीवी देखने वालों को ये आजादी होगी कि वह अपने केबल ऑपरेटरों और डीटीएच कंपनी को बदल सकें. इस व्यवस्था में सेट टॉप बॉक्स में भी अपनी मर्जी की कंपनी का कार्ड लगाया जा सकेगा.

मौजूदा ऑपरेटरों से जो लाखों लोग परेशान हैं, वह अपनी मर्जी का ऑपरेटर चुन सकेंगे. ट्राइ के चेयरमैन आर. एस. शर्मा का कहना है कि ट्राई अब इंटर-ऑपरेबल सेट टॉप बॉक्स की व्यवस्था करेगा.

डीटीएच ऑपरेटर्स और केबल वाले कर रहे विरोध

ट्राई के इस कदम का डीटीएच ऑपरेटर्स और केबल सर्विस वाले विरोध कर रहे हैं. जिससे ट्राई को भी मुश्किल हो सकती है. इस राह में आने वाली एक मुश्किल ये है कि प्रत्येक सेट टॉप बॉक्स में अलग-अलग सॉफ्टवेयर और कॉन्फिगरेशन होते हैं, जिसके कारण उन्हें दूसरी कंपनी की सेवाओं के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.

ट्राई ने एप्लीकेशन भी किया लांच

ट्राई का कहना है कि इसका समाधान तभी होगा जब सेट टॉप बॉक्स को पहले से ही किसी खास कंपनी का सॉफ्टवेयर लोड करके बेचने की बजाय, जिसमें बॉक्स को खरीदने के बाद सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने की सुविधा हो बेचा जाए.

उन्होंने इसका उदाहरण देते हुए बताया कि इसका मतलब ये होगा कि आप किसी मार्केट से जो सेट टॉप बॉक्स खरीदेंगे वह किसी खास कंपनी का नहीं होगा. उसे खरीदने के बाद ग्राहक जिस भी कंपनी की सेवा लेना चाहेंगे, उसका सॉफ्टवेयर बॉक्स में डाउनलोड हो जाएगा. इससे पहल ग्राहकों की सुविधा के लिए ट्राई एक वेब एप्लीकेशन भी लांच कर चुका है.

बिना पैसे के शुरू करें नए जमाने के ये हिट कारोबार, होगा बड़ा प्रॉफिट

अक्‍सर हम अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं, लेकिन ज्‍यादा लागत और कम पैसों की वजह हमारी योजना फेल हो जाती है। कई बार हम कम पैैसों में छोटा मोटा कारोबार भी शुरू करना चाहते हैं, लेेकिन ज्‍यादा कॉम्पिटीशन के चलते कदम पीछे खींच लेते हैं।

आज हम आपको कुछ ऐसे नए कारोबार के बारे में बताते हैं, जिन्‍हें शुरू करने में एक भी पैसे की जरूरत नहीं है। जरूरत है तो बस थोड़ी सी स्किल की।…..

आम कारोबारों से अलग

  • हम जिन बिजनेस आइडिया के बारे में बता रहे हैं वे इंडिया में अभी कम प्रचलित हैं।
  • हालांंकि तेजी से बदलती लाइफ स्‍टाइल और लोगों की पर्चेजिंग पावर बढ़ने के साथ इस तरह के बिजनेस इंडिया में बढ़ रहे हैं।
  • देश में अब भी इन कारोबार के लिए काफी स्कोप है, ऐसे में आप इन आइडियाज पर काम कर बेहतर रिटर्न पा सकते हैं।

पर्सनल शॉपर –

  • अगर आपको गाड़ियों, फैशन या किसी भी ऐसे प्रोडक्ट की पहचान है जिसका अनऑर्गेनाइज्ड मार्केट मौजूद हो तो आप पर्सनल शॉपर का काम बिना लागत के शुरू कर सकते हैं।
  • दरअसल सेकेंड हैंड कार या फिर कपड़ों की खरीददारी में लोग किसी ऐसे की तलाश करते हैं जो उन्हे सही डील करा सके। विदेशों में इस कारोबार में सफल लोग दो तरह से कमाई करते हैं पहला वो स्टोर जहां वो अपने ग्राहक को ले जाते हैं वो बिक्री में हिस्सा देते हैं विदेशों में सफल शॉपर के लिए ये हिस्सा 15% तक है
  • वहीं ग्राहक की पसंद की जगह जाने पर कंसल्टेंट फीस लेते हैं जो 8 डॉलर यानि 500 रुपए प्रति घंटे तक हो सकती। आप सोशल मीडिया के जरिए या फिर किसी और प्लेटफार्म के जरिए अपनी सर्विस ऑफर कर सकते हैं।
  • फीस या पेमेंट का चुनाव अपने स्तर पर किया जा सकता है।

हाउस सिटिंग –

  • शुरुआत में इस काम को स्टूडेंट की पॉकेटमनी कमाने के तरीके की तरह देखा जाता था, हालांकि अब ये आइडिया सफल बिजनेस में बदल चुका है
  • हाउस सिटर आपकी गैरमौजूदगी में आपके घर की देखभाल घर के सदस्य की तरह करता है।
  • ये आपकी गैरमौजूदगी में आपके पेट और पौधों की देखभाल करता है।
  • कुछ हाउस सिटर आपकी गैर मौजूदगी में आपके घर में मौजूद सीनियर सिटिजन की भी देखभाल करते है जो आपके साथ बाहर न जा पा रहे हों।
  • हाउस सिटर प्रति घंटे या फिर प्रति दिन के हिसाब से फीस लेते हैं। इसके साथ ही हाउस सिटर बुजुर्गों की देखभाल के लिए अतिरिक्त शुल्क भी लेते हैं।
  • विदेशों में ये फीस 5 से 10 डॉलर के बीच है।

बिल ऑडिटर –

  • बिल ऑडिटर एकाउंटेंट से अलग होता है। ये आपके बिल घटाने में मदद करता है।
  • विदेशों में बिल ऑडिटर छोटी अवधि के लिए रखे जाते हैं। बिल ऑडिटर उस वक्त आपके खर्चों पर नजर रखता है जब आप दूसरे जरूरी कामों जैसे शादी, ऑफिस, घूमना फिरना या फिर मेडिकल में व्यस्त हों और खर्चों पर नजर नहीं दे पा रहे। ऐसे में बिल ऑडिटर आपके बजट औऱ आपके खर्चों पर ध्यान रखता है।
  • इसके साथ ही ये आपको कर्ज घटाने के लिए भी सलाह देता है।
  • बिल ऑडिटर फीस या फिर आपको कराए गए प्रॉफिट में एक हिस्सा लेते हैं।

ऑफिस प्लांट मेंटीनेंस –

  • होटल और ऑफिस अब इनडोर और आउटडोर प्लांट पर ज्यादा खर्च करने लगे हैं। इससे न केवल माहौल बेहतर होता है साथ ही कर्मचारियों और ग्राहकों का रिस्पॉन्स भी पॉजिटिव रहता है।
  • ऑफिस प्लांट मेंटीनेंस का काम ऑफिस में मौजूद पौधों को अच्छी कंडीशन में बनाए रखना है। साथ ही ये तय करना है कि आॉफिस में स्वस्थ और अच्छे पौधे बने रहें। इसके लिए ये पौधों की जांच के साथ जरूरत पड़ने पर पौधों को दूसरे ताजे पौधों से बदलते रहते हैं।
  • सर्विस देने वाले ऑफिस या होटल में लैंडस्केप भी डिजाइन करते हैं।
  • सर्विस की फीस उपबल्ध कराए गए पौधों, ग्रीन एरिया का साइज और डिजाइन के हिसाब से तय होती है।
  • मेंटीनेंस कंपनियां लंबी अवधि के कॉन्ट्रेक्ट के साथ छोटी अवधि के इवेंट जैसे एजीएम, बिजनेस इंवेट के लिए सर्विस देते हैं।

जानें लाल मिर्च के पानी से एक मिनट में हार्ट अटैक से बचने का तरीक़ा

अगर आप किसी को भी हार्ट अटैक आते देखते हैं तो एक चम्मच लाल मिर्च एक ग्लास पानी में घोलकर मरीज को दे दीजिए। एक मिनट के भीतर मरीज की हालत में सुधार आ जाएगा। इस घोल का असर सिर्फ एक अवस्था में होता है जिसमें मरीज का होश में होना आवश्यक है।ऐसे हालात जिनमें मरीज बेहोशी की हालत में हो दूसरे उपाय को अपनाया जाना बेहद जरूरी है। लाल मिर्च का ज्यूस बनाकर इसकी कुछ बूंदें मरीज की जीभ के नीचे डाल देने से उसकी हालत में तेजी से सुधार आता है।

लाल मिर्च में एक शक्तिशाली उत्तेजक पाया जाता है। जिसकी वजह से इसके उपयोग से ह्रदय गति बढ़ जाती है। इसके अलावा रक्त का प्रवाह शरीर के हर हिस्से में होने लगता है। इसमें हेमोस्टेटिक प्रभाव होता है जिससे खून निकलना तुरंत बंद हो जाता है। लाल मिर्च के इस प्रभाव के कारण हार्ट अटैक के दौरान मरीज़ को ठीक होने में मदद मिलती है।

हार्ट अटैक से बचाव के लिए तुंरत उपयोग करने हेतु एक बेहद कारगर घोल बनाकर रखा जा सकता है। लाल मिर्च पाउडर, ताज़ी लाल मिर्च और वोदका (50 % अल्कोहल के लिए) के इस्तेमाल से यह घोल तैयार किया जाता है।कांच की बोतल में एक चौथाई हिस्सा लाल मिर्च से भर दीजिए। इस पाउडर के डूबने जितनी अल्कोहल इसमें मिला दीजिए। अब मिक्सर में ताजी लाल मिर्च को अल्कोहल के साथ में सॉस जैसा घोल तैयार कर लीजिए।

कांच की बोतल को कई बार हिलाइए। इस मिश्रण को एक अंधेरी जगह में दो हफ्तों के लिए छोड दीजिए। दो हफ्तों बाद इस मिश्रण को छान लीजिए। अगर आप ज्यादा असरकारक मिश्रण चाहते हैं तो इस घोल के तीन माह के लिए अंधेरी जगह पर छोड़ दीजिए।

हार्ट अटैक आने के बाद होश में बने रहने वाले मरीज़ को इस मिश्रण की 5 से 10 बूंदें दी जानी चाहिए। 5 मिनट के अंतराल के बाद फिर से उतनी मात्रा में यह घोल मरीज को दिया जाना चाहिए। मरीज की हालत में सुधार आने तक यह प्रक्रिया दोहराई जा सकती है। अगर मरीज बेहोश है तो उसकी जीभ के नीचे इस मिश्रण की 1 से 3 बूंदे डाल दी जानी चाहिए। इस प्रक्रिया को तब तक दोहराया जाना चाहिए जब तक मरीज की हालात में सुधार न आ जाए।

लाल मिर्च में 26 अलग प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं। कैल्शियम, ज़िंक, सेलेनियम और मैग्निशियम जैसे शक्तिशाली तत्वों से भरपूर लाल मिर्च में कई मिनरल के अलावा विटामिन सी और विटामिन ए की भी भरपूर मात्रा होती है। किसी भी तरह की ह्रदय संबंधी समस्या से बचने में लाल मिर्च बहुत कारगर है। गंभीर स्थिति में चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

इस शहर के हर घर में बन रही है खाद जाने क्या है तरीका

साफ सफाई के लिए सजग लोकमान्य नगर के रहवासियों ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए अब घर से निकलने वाले कचरे को खाद बनाने का अभियान शुरू कर दिया है। रहवासियों ने 15०० रुपए खर्च कर पॉट खरीदे हैं और उसमें कचरा इकट्ठा कर खाद बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अभी कुछ घरों तक पॉट पहुंचे हैं, एक महीने में हर घर में यह प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। पश्चिम क्षेत्र की रहवासी कॉलोनी लोकमान्य नगर में वैसे तो कई सालों से रहवासी अपने स्तर पर कचरा उठाने व साफ सफाई का काम कर रहे हैं, लेकिन इस बार उन्होंने घर में निकलने वाला कचरा जैसे पेड़ के पत्ते, खाने की सामग्री आदि से खाद बनाने का काम भी शुरू कर दिया है।

कॉलोनी में रहवासी संघ के तीन बगीचे हंै, वहां कई सालों से कचरे से खाद बनाने का काम चल रहा है, लेकिन अब इस तरह के काम की शुरुआत हर घर से की जा रही है। शुरुआत में करीब 50 से ज्यादा रहवासियों ने अपने घर में कचरे से खाद बनाने के लिए पॉट रख लिए हैं और एक महीने में कॉलोनी के लगभग 700 मकानों में यह व्यवस्था पूरी हो जाएगी।

पहले मटके में बनाते थे अब पॉट में

लोकमान्य नगर के कई नागरिक तो सालों से कचरे से जैविक खाद बना रहे हैं। उन्होंने घर में मटके रखे हैं, जिसमें वे कचरा जमा करते थे। अब पॉट खरीद लिए हैं। इस प्रक्रिया को होम कम्पोस्टिंग कहा जाता है। लोकमान्य नगर विद्या निकेतन के अध्यक्ष चंद्रकांत जोशी ने अपने घर में जैविक खाद बनाने का काम शुरू किया है।

उनके मुताबिक, फूल पत्ती ऊपर के पॉट में डाल रहे हैं। पॉट भरने पर बीच वाला पॉट ऊपर ले आएंगे। पॉट के तल में जाली लगी है, जिससे उसमें से सामग्री निकलकर नीचे के पॉट में जाती है। नीचे के पॉट में जैविक खाद तैयार हो जाएगी।

रहवासी संघ के अध्यक्ष वैभव ठाकुर के मुताबिक निगम अफसर व एक एनजीओ ने कचरे से घर में ही खाद बनाने की योजना बताई, जिसे हमने अपनाने का फैसला किया। मिट्टी के तीन पॉट खरीदे जा रहे हैं, एक घर से इसके लिए 15०० रुपए दिए जा रहे हैं। दो पैकेट केमिकल दिए हैं।

एक माह में बन जाएगी जैविक खाद

कॉलोनी के रहवासी लघु उद्योग निगम के रिटायर्ड जीएम माधव चिटनिस ने भी अपने घर में होम कम्पोस्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने भी 3 पॉट खरीदे हैं, जिसमें रोज का कचरा इकट्ठा कर जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद खाद को पेड़ पौधों में इस्तेमाल किया जाएगा।

सुरक्षा से शिक्षा तक रहवासी संघ के हाथ में

करीब 700 मकानों की कॉलोनी लोकमान्य नगर के रहवासी वर्षों से सक्रिय है। यहां रहवासी संघ व उनकी अलग-अलग समितियों के द्वारा तीन स्कूल, अस्पताल, साफ सफाई के साथ ही सुरक्षा का काम भी स्वंय करते हैं। सुरक्षा के लिए सभी जगह कैमरे लगाए जा रहे हैं, प्रवेश मार्गों पर गेट भी बनेंगे।

गणतंत्र दिवस के मौके पर रिलायंस लाई खास सेल, यहां से खरीदें 26000 का TV सिर्फ 8000 रु में

26 जनवरी के मौके पर रिलायंस डिजिटल (Reliance digital) डिजिटल इंडिया सेल लेकर आया है। 25 से 27 जनवरी तक चलने वाली इस गणतंत्र दिवस सेल में सीधे 26% का डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है। जानिए इस सेल की बेस्ट डील।

Reliance Digital Republic Day Sale में LED TV पर हैं ऐसे ऑफर

  •  26,900 रुपए वाली 32 inch की एचडी LED TV आप यहां से महज 8990 रु में खरीद सकते हैं।
  • इसी तरह Samsung की 55 inch की 1 लाख 9900 रु वाली एचडी LED TV यहां से 82,500 रु में खरीद सकते हैं।
  • 29,990 रु वाली TCL 80.01 की 31.5 inch वाली HD LED Smart TV यहां से 13,990 रु में खरीदी जा सकती है।

Sale में रेफ्रीजिरेटर, वॉशिंग मशीन भी मिल रहे सस्ते

  •  Samsung का 192 वाला 4 स्टार सिंगल डोर रेफ्रीजिरेटर 17550 रुपए में खरीद सकते हैं। जबकि इसका ओरिजिनल प्राइस 18200 रुपए है।
  •  11990 रुपए वाली सैमी ऑटोमेटिक वॉशिंग मशीन 8490 रुपए में खरीदी जा सकती है।
  •  होम अप्लांयसेज, किचन अप्लायंसेज, कैमरा, कम्प्यूटर, पर भी अच्छी डील हैं। इस सेल से खरीददारी करने के लिए आपको www.reliancedigital.in पर जाना होगा।

ट्राई ने लांच किया चैनल सेलेक्टर एप्लीकेशन, चुनें अपनी पसंद के चैनल और जानें टोटल बिल

ट्राई के नये आदेश के अनुसार, अब 1 फरवरी से आप पुराने पैकेज से टीवी नहीं देख पाएंगे। इसके लिए आपको ट्राई के दिशा निर्देशों के मुताबिक चैनल पैक चुनना होगा। नई व्यवस्था के मुताबिक, आप जितने चैनल देखेंगे उतने के ही आपको पैसे देने होंगे।

ट्राई की नई व्यवस्था में आप एक-एक करके चैनल चुन सकते हैं या चैनल पैक भी ले सकते हैं। साथ ही आप अपने डीटीएच या केबल ऑपरेटर द्वारा उपलब्ध कराए गए पैक भी चुन सकते हैं। ट्राई ने इसके लिए अपनी वेबसाइट पर एक ‘चैनल सलेक्टर एप्लीकेशन’ https://channel.trai.gov.in/index.html लांच किया है। यहां आप अपनी पसंद का चैनल चुन कर उसका रेट पता कर सकते हैं।

ट्राई के चैनल सलेक्टर से चुनें पैक, पता करें रेट

सबसे पहले आपको ट्राई की वेबसाइट पर दिए गए चैनल सलेक्टर एप्लीकेशन पर जाएं। गेट स्टार्टेड करने के बाद नया विंडो आएगा। वहां अपना नाम लिखने के बाद काॅन्टीन्यू बटन दबाएं। फिर अपना राज्य चुन कर फिर से काॅन्टीन्यू बटन दबाएं। नये विंडो पर अपनी भाषा चुनकर काॅन्टीन्यू बटन दबा दें। इसके बाद एक नया विंडो खुलेगा जहां आप अपनी पसंद का जेनर चुनें जैसे न्यूज,

म्यूजिक इत्यादि। इसके बाद आपको नये विंडो पर एसडी या एचडी चैनल टाइप चुनना होगा। अब आपके सामने हर चैनल के रेट और लिस्ट सामने होगी। यहां आप अपनी पसंद के पैक या चैनल चुन कर रेट जान सकेंगे। कुल रेट में थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता है।