ऐसे शुरू कर सकते हैं बिस्कुट बनाने का उद्योग, जाने पूरी जानकारी

एक आंकड़े के मुताबिक इंडिया में बिस्कुट उद्योग का सालाना व्यापार 4.5 हज़ार करोड़ से भी ज्यादा का है | भारतवर्ष USA और China के बाद सबसे बड़ा बिस्कुट उत्पादन करने वाला देश है | Federation of Biscuit Manufacturers of India (FBMI) के मुताबिक भारतवर्ष में  बिस्कुट industry आने वाले 10 सालों में प्रति वर्ष 15% की Growth Rate के साथ आगे बढ़ सकती है |

बिस्कुट उद्योग स्टार्ट करने हेतु निम्नलिखित मशीन एवं उपकरणों की जरुरत होती है |

  • आटा छानने या बीनने वाली मशीन: Flour sifter एक उपकरण है जो आटे या मैदे में से अशुद्धियो को अलग करने के काम में लाया जाता है | ताकि एक उच्च गुणवत्ता वाले बिस्कुट का उत्पादन किया जा सके |
  • चीनी पीसने का उपकरण: Sugar grinder का उपयोग बिस्कुट बनाने की प्रक्रिया में चीनी को पिसने हेतु किया जाता है |
  • मिक्सींग मशीन: इसका उपयोग Ingredients अर्थात सामग्री को मिलाने हेतु किया जाता है | जिससे एक अच्छा मिश्रण बन सके |
  • ऑयल स्प्रेयर: बिस्कुट बनाने की प्रक्रिया में oil sprayer का उपयोग बिस्कुट में तेल वगेरह छिडकने हेतु किया जाता है | यह प्रक्रिया तब की जाती है, जब बिस्कुट गरम हो अर्थात बिस्कुट को ठंडा करने की प्रक्रिया से पहले इनमे तेल वगेरह छिड़का जाता है |

  • Dough Making Machine: इस मशीन का उपयोग बिस्कुट तैयार करने हेतु लोई बनाने के लिए किया जाता है | इस प्रक्रिया को करते वक़्त तैयार मिश्रण में वसा और पानी को मिला दिया जाता है | और आवश्यकतानुसार लोई को सख्त और नरम किया जाता है |
  • Molding and cutting Machine: इस मशीन का काम बिस्कुट को आकार देना और आकार के हिसाब से बिस्कुट को काटने का होता है |
  • ओवन: oven का उपयोग आकार दी हुई लोई को गरम करना अर्थात पकाना होता है | ताकि आकार दी हुई लोई बिस्कुट के रूप में परिवर्तित हो सके |
  • Cooling conveyor: इसका उपयोग गरम बिस्कुटों को ठंडा करने में किया जाता है |

बिस्कुट तैयार करने के लिए भिन्न भिन्न कच्चा माल चाहिए होता है

  • गेहूं का आटा या मैदा
  • पीसी हुई चीनी
  • Glucose
  • वनस्पति तेल
  • अनाज का सत्व
  • दूध पाउडर
  • साधारण नमक
  • क्रीमबेकिंग पाउडर
  • कई प्रकार के Chemicals जैसे सोडा बाइकार्बोनेट इत्यादि |

बिस्कुट बनाने की विधि

  • बिस्कुट बनाने के लिए सबसे पहले सामग्री की आवश्यकतानुसार मात्रा लेकर, उसको Mixer में अच्छी तरह मिला दिया जाता है | लेकिन ध्यान देने वाली बात है की मिक्सर में आटे को नहीं डाला जाता |
  • उसके बाद इस मिश्रण का पेस्ट तैयार कर लिया जाता है | अब इस पेस्ट में आवश्यकतानुसार आटा मिलाकर लोई (dough) तैयार कर लिया जाता है |
  • अब इस लोई को कटिंग मशीन में डाला जाता है | जिससे लोई बिस्कुट के आकार में कट जाती है |
  • अब इन कटे हुए बिस्कुट के आकार को oven में गरम करने अर्थात पकाने हेतु रख दिया जाता है |और जब बिस्कुट तैयार हो जाते हैं | तो इनमे आवश्यकतानुसार तेल छिडक लिया जाता है, जिसमे ऑयल स्प्रेयर मशीन उपयोग में लायी जाती है |
  • तेल छिडकने के बाद बिस्कुटों को ठंडा करने हेतु cooling conveyor मशीन में डाला जाता है | उसके बाद अगला स्टेप पैकेजिंग एवं मार्केटिंग का होता है |

महिलाएं घर बैठे इन 5 बिज़नेस से कर सकती है अच्छी-खासी कमाई, आप भी जानें

अगर आप महिला है और बाहर जाकर जाॅब करने के लिए आपके पास समय नहीं है या फिर आप बेरोजगार है तो आप घर बैठे भी काम कर सकते हैं। ऐसे कई तरीके हैं जिससे महिलाएं घर बैठे अच्छी कमाई कर सकती हैं।

फ्रीलांस राइटिंग

ऐसा जरूरी नहीं है कि 8 घंटे की ऑफिस जॉब ही एक मात्र पैसे कमाने का तरीका है। अगर आपको लिखने का शौक है (ज्यादातर इंग्लिश) तो फ्रीलांस राइटिंग कर सकती हैं. आप मैगजीन और न्यूजपेपर आदि के लिए आर्टिकल लिख सकती हैं।

मान लें कि आपको एक लेख के 200 रुपये मिलते है और आप एक दिन में 3 आर्टिकल लिख लेती हैं जो छपें, तो इस तरह आप 18,000 रुपए प्रति माह आराम से कमा सकती हैं।

कुकिंग

घर का बना खाना हमेशा ही होटल के बने खाने से ज्यादा पसंद किया जाता है. अगर आप अच्छा खाना बनाना जानती हैं तो आपके पास एक अच्छा मौका है। आप ऑफिस और बाहर रहने वाले स्टूडेंट्स या इंप्लॉईज के लिए टिफिन सर्विस की शुरुआत कर सकती हैं। अगर आप एक टाइम के खाने की शुरुआत 50 रुपए से भी करती हैं तो भी अच्छी बचत कर लेंगी।

मेकअप और ब्यूटिशियन

ब्यूटी पार्लर महिलाओं का सबसे पसंदीदा बिजनेस माना जाता है। आपको इसको शुरू करने के लिए किसी बड़ी जगह की भी जरूरत नहीं होती। आप इसे घर से ही शुरू कर सकती हैं। अगर आपको मेकअप करने की जानकारी है या आपने कोई प्रोफेशनल कोर्स किया है तो अच्छी प्रैक्टिस के बाद आप पार्लर खोल कर कमाई कर सकती हैं।

होम बेस्ड ट्यूशन

अगर आप पढ़ी-लिखी हैं और जॉब करने की स्थि‍ति‍ में नहीं हैं तो घर में कोचिंग क्लासेज चला सकती हैं। आप किसी एक विषय का बैच ले सकती हैं या फिर क्लास के हिसाब से भी बच्चों को पढ़ा सकती हैं।

हॉबी क्लासेज

अपनी हॉबी से पैसा कमाना आपको संतुष्टि भी देगा क्योंकि इस काम को करना और सिखाना, आप वाकई एंजॉय करेंगी. अगर आप गिटार बजाने, पेंटिग करने, गाना गाने, खाने बनाने जैसी ही कोई और हाॅबी रखती हैं तो आपको ऐसी क्लासेज लेनी चाहिए।

ऐसे करें ड्राईफ्रूट का बिजनेस, होगी 40 हजार रुपए महीना तक इनकम

ड्राई फ्रूट हर घर की बेसिक जरूरत है। खासकर फेस्टिवल टाइम में ड्राईफ्रूट सबसे ज्यादा गिफ्ट के तौर पर एक्सचेंज किया जाता है। इंडियन फैमिली की इसी बेसिक जरूरत पर अपना बिजनेस खड़ा कर सकते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि कैसे आप ड्राई फ्रूट का बिनजेस शुरू 40 से 50 हजार रुपए महीना कमा सकते हैं।

शुरू कर सकते हैं ड्राईफ्रूट का बिजनेस

ड्राईफ्रूट का बिजनेस शुरू करने के लिए दुकान चाहिए होगी। अगर आपके पास अपनी दुकान है तो आप किराए से बच जाएंगे। वहीं, आप कि‍राए पर दुकान लेकर पर भी काम शुरू कर सकते हैं।

आप अपने एरिया के आसपास दुकान ले सकते हैं। दुकान लेने से पहले यह जरूर देख लें कि आपकी दुकान के आसपास कितनी दुकानें ड्राईफ्रूट की है। ताकि, आपके लिए सेल करना आसान हो।

चाहिए होंगे ये लाइसेंस

  • दुकान चलाने और बिजनेस करने के लिए आपको जीएसटी नंबर चाहिए होगा। जीएसटी नंबर जीएसटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मिल जाएगा।
  • अगर किराए की दुकान पर कारोबार कर रहे हैं तो रेन्ट एग्रीमेंट चाहिए होगा। एमसीडी से दुकान चलाने का लाइसेंस भी लेना होगा।
  • फूड लाइसेंस सरकारी फूड अथॉरिटी एफएसएसएआईएस से लेना होगा।

होलसेल बाजार से खरीद सकते हैं दाल

अपने एरिया के ड्राईफ्रूट के होलसेल बाजर से दाल मंगा सकते हैं। ड्राईफ्रूट इंपोर्टर से भी खरीद सकते हैं। इनकी जानकारी ऑनलाइन मिल जाएगी।

इन्वेस्टमेंट और कमाई

खारी बावली में ड्राईफ्रूट और अनाज के होलसेलर सतिंदर जैन ने बताया कि ड्राईफ्रूट का बिजनेस 5 लाख रुपए के इन्वेस्टमेंट से शुरु किया जा सकता है। 5 लाख रुपए के इन्वेस्टमेंट में हर महीने 40 से 50 हजार रुपए आसानी से कमाए जा सकते हैं। जैन ने कहा कि ड्राईफ्रूट बेचकर रोजाना आसानी से 1,500 से 2,000 रुपए की सेल हो जाती है।

इतना मिलता है मार्जिन

होलसेल बाजार से लेकर रिटेल में 100 रुपए की सेल में 10 से 25 रुपए का मार्जिन मिलता है।

खड़ा कर सकते हैं अपना ड्राईफ्रूट ब्रांड

अपनी पैकेजिंग मशीन खरीदकर ब्रांड नाम के साथ भी ड्राईफ्रूट बेच सकते हैं। ड्राईफ्रूट की क्‍वॉलिटी अच्छी होने पर लंबे समय में इसका फायदा मिलता है।

ऑनलाइन भी बेच सकते हैं ड्राईफ्रूट

अपना ब्रांड बनाने पर ऑनलाइन मार्केट जैसे बिग बास्केट, अमेजन पैन्ट्री जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी ड्राईफ्रूट बेच सकते हैं।

ऑनलाइन कैसे बेचें प्रोडक्ट

कैसे जुड़ सकते हैं ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से

  • ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कारोबारी को रजिस्टर कराना होगा
  • कारोबारी को पैन, जीएसटी और बैंक अकाउंट की डिटेल देनी होगी
  • कंपनी सेलर के साथ एमओयू या करार भी करती है
  • करार के बाद आप वेबसाइट पर अपने प्रोडक्ट और साड़ी की फोटोग्राफ अपलोड कर सकते हैं।
  • वैरिफिकेशन के बाद प्रोडक्ट वेबसाइट पर दिखने लगते हैं।
  • ज्यादातर कंपनियां सेलर से प्रोडक्ट ऑनलाइन बिकने के बाद कारोबारी से 1 से 9 फीसदी कमीशन लेती हैं।
  • ऑनलाइन पेमेंट में प्रोडक्ट कस्टमर के पास पहुंचने के बाद सेलर यानी कारोबारी के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाती है।

नौकरी छोड़ शुरु किया केला चिप्स का बिज़नेस, सिर्फ 3 महीने में कमाए 4 लाख रुपये

दो दोस्त, दीपक और अभिनव। कुछ करना चाहते थे। इसलिए एक ने देश तो दूसरे ने विदेश में मोटी तनख्वाह की नौकरी छोड़ दी। बुरहानपुर में खुद का केला चिप्स का उद्योग खोला। तीन महीने में ही इनकी केला चिप्स इंडिया मार्ट और अमेजन जैसी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट पर बिकने लगी।

चटपटे, कुरकुरे और लजीज स्वाद के कारण इसकी देश-विदेश में मांग बढ़ रही है। गुजरात, लखनऊ, रायपुर और इंदौर में अपनी छाप छोड़ने के बाद केला चिप्स की डिमांड अमेरिका से भी आई है। यहां पहली खेप के रूप में 16 टन चिप्स भेजने की तैयारी है। एक सप्ताह बाद ओएलएक्स और फ्लिप कार्ट पर चिप्स के साथ केले का आटा भी बिकने लगेगा। इसके लिए शहर की ओएमजी केला वेफर्स कंपनी ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

31 साल के अभिनव खेमरिया नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की आईआईएल में दो साल तक मार्केटिंग मैनेजर रहऔर 33 साल के दीपक शर्मा ने केन्या के नैरोबी में एक पम्प कंपनी में बतौर रीजनल मैनेजर काम किया। कंपनी शुरू करने को तीन महीने हुए हैं। इस अवधि में दोनों चार लाख रुपए का प्रॉफिट निकाल चुके हैं।

18 अलग-अलग स्वाद में है केला चिप्स

अभिनव और दीपक ने केला चिप्स के अलग-अलग फ्लेवर बनाने का तरीका इंटरनेट से सिखा। अब वे टोमेटो, कुरकुरे, पुदीना, क्रिम एन ओनियन, चॉकलेट, जलजीरा, मिर्च मसाला, फलाहारी, काली मिर्च, चीज, मंचूरियन, क्रिमी चीज, नाचोज, लाइम एन चिली, शेजवान, जैन पिक्स, कच्ची कैरी फ्लेवर में केला चिप्स बना रहे हैं।

5 लाख तक में शुरू हो जाएंगे ये 5 बिजनेस, 3 माह में हो सकती है 2.5 लाख इनकम

ज्‍यादातर लोग चाहते हैं कि अपना बिजनेस हो, लेकिन उन्‍हें समझ नहीं आता कि किस बिजनेस में हाथ डाला जाए और उसके लिए पैसा कहां से आएगा। लोगों की इसी समस्‍या को दूर करने के लिए सरकार ने कई योजनाओं की शुरूआत की है। जिसका मकसद लोगों को बिजनेस के मौके मुहैया कराना है।

इन योजनाओं के तहत सरकार न केवल यह बताती है कि कौन सा बिजनेस कैसे करना चाहिए, बल्कि उन बिजनेस के लिए लोन तक मुहैया कराती है। ऐसी ही एक स्‍कीम का नाम विलेज इंडस्‍ट्री इम्‍प्‍लॉयमेंट स्‍कीम है। इसके तहत सरकार आपको यह बताती है कि कौन सा बिजनेस कितने में शुरू हो जाएगा, बल्कि उसके लिए लोन भी दिलवाती है और ट्रेनिंग भी दी जाती है।

सरकार का दावा है कि विलेज इंडस्‍ट्री स्‍कीम के तहत जिन लोगों को लोन दिया गया है, उनमें से ज्‍यादातर सफल रहते हैं। आज हम जिन पांच बिजनेस के बारे में बताएंगे, वे 5 लाख रुपए से कम के इन्‍वेस्‍टमेंट में शुरू किए जा सकते हैं और इन बिजनेस को 90 फीसदी लोन भी मिल जाता है। साथ ही, लोन लेने वालों को 15 से 25 फीसदी सब्सिडी भी मिलती है। हम जिन प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट्स का यहां जिक्र करेंगे, उन रिपोर्ट्स को विलेज इंडस्‍ट्रीज स्‍कीम के लिए ही तैयार किया गया है। यानी कि आप इन प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट्स के आधार पर लोन- सब्सिडी भी ले सकते हैं।

लगाएं क्रिकेट बॉल बनाने की यूनिट

भारत में क्रिकेट के प्रति दीवानगी बढ़ती ही जा रही है। छोटे से लेकर बुजुर्ग तक न केवल क्रिकेट मैच देखते हैं। बल्कि क्रिकेट खेलते भी हैं। यही वजह है कि क्रिकेट के सामान की डिमांड भी काफी है। खादी विलेज इंडस्‍ट्री कमीशन द्वारा तैयार प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के मुताबिक, अगर आप क्रिकेट बॉल बनाने की यूनिट शुरू करते हैं तो आप 4 लाख 23 हजार रुपए के इन्‍वेस्‍टमेंट से यह यूनिट लगा सकते हैं।

इससे आप लगभग 90 हजार बॉल बना सकते हैं और अगर इस पर आपका कुल यानी कॉस्‍ट ऑफ प्रोडक्‍शन 18 लाख रुपए के आसपास आएगा और आपकी प्रोजेक्‍टेड सेल्‍स 20 लाख रुपए होगी। यानी कि आप लगभग 2 लाख रुपए की इनकम कर सकते हैं।

कितने में शुरू होगा मेडिकेटेड घी बनाने की यूनिट

मार्केट में ऑर्गेनिक मेडिकेटेड घी की अच्‍छी खासी डिमांड है। खादी विलेज इंडस्‍ट्रीज कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक केवल 4 लाख 85 हजार रुपए के इन्‍वेस्‍टमेंट से यह यूनिट लगाई जा सकती है। प्यूरीफाइड घी (घृत) को मेडिकेटेड घृत भी कहा जाता है। इस इन्‍वेस्‍टमेंट से आप लगभग 40 हजार किलो घृत बनाते हैं और इसकी कॉस्‍ट ऑफ प्रोडक्‍शन लगभग 12 लाख 65 हजार रुपए आती है।

अगर आप तीन माह में यह सारा घृत बेच देते हैं तो आपको लगभग 15 लाख रुपए की सेल्‍स होगी। इसे कॉस्‍ट ऑफ प्रोडक्‍शन घटा दिया जाए तो आपको लगभग 2 लाख 35 हजार रुपए की इनकम हो सकती है।

4 लाख रुपए में शुरू हो जाएगा यह बिजनेस

4 लाख रुपए में शुरू हो जाएगा यह बिजनेस केवीआईसी की रिपोर्ट बताती है कि आप मात्र 4 लाख रुपए में लिक्विड डिटर्जेंट बनाने की यूनिट लगा सकते हैं। इससे आप लगभग 60 हजार बोतल डिटर्जेंट तैयार कर सकते हैं। जिस पर कॉस्‍ट ऑफ प्रोजेक्‍ट 12 लाख 20 हजार रुपए आएगी। इसे आप बेचते हैं तो आपकी कुल सेल्‍स 14 लाख 70 हजार रुपए होगी और आपकी इनकम लगभग 2 लाख 50 हजार रुपए हो सकती है।

4.07 लाख में करें नियोन साइन बोर्ड का बिजनेस

4.07 लाख में करें नियोन साइन बोर्ड का बिजनेस पिछले कुछ सालों में एडवरटाइजमेंट का बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है। आउटडोर एडवरटाइजमेंट में नियोन साइन बोर्ड की काफी डिमांड है। आप भी यह बिजनेस कर सकते हैं। केवीआइसी की रिपोर्ट आप 4 लाख 7 हजार रुपए के इन्‍वेस्‍टमेंट से यह बिजनेस कर सकते हैं।

आप अगर केवीआइसी या डीआईसी से लोन के लिए अप्‍लाई करते हैं तो आपको लगभग 90 फीसदी लोन मिल जाएगा। इसकी कॉस्‍ट ऑफ प्रोडक्‍शन 11 लाख 78 हजार रुपए आएगी और सेल्‍स लगभग 14 लाख रुपए होगी। यानी कि आपकी इनकम लगभग 2 लाख 20 हजार रुपए होगी

ऐसे करें लाइव टी-शर्ट प्रिंटिंग ,50,000 लगाकर हर महीने 40 हजार कमाने का मौका

आमदनी बढ़ाने के लिए अगर आप अपने घर में ही कोई बिजनेस करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए स्‍कॉल स्‍केल में टी-शर्ट प्रिंटिंग बिजनेस काफी फायदेमंद हो सकता है। प्रिंटेड टी-शर्ट की इन दिनों बाजार में काफी डिमांड है। कुछ लोग अपने हिसाब से भी टी-शर्ट को‍ प्रिंट करवाकर पहनना पसंद करते हैं।

वहीं, स्‍कूल, कंपनियों व अन्‍य संस्‍थाओं में कई मौके पर विशेष टी-शर्ट प्रिंट करवाई जाती हैं। कुल मिलाकर इस बिजनेस में काफी संभावनाएं हैं। खास बात यह है कि यह बिजनेस बहुत ही कम पूंजी के साथ और घर में ही शुरू किया जा सकता है।

जानकारों की माने तो केवल 50 से 70 हजार रुपए के इन्‍वेस्‍टमेंट से ही आप शुरुआती स्‍तर पर 30 से 40 हजार रुपए महीना कमा सकते हैं।इसके अलावा अगर आप इसमें कामयाब हो जाते हैं तो अपने इन्‍वेस्‍टमेंट को बढ़ाकर अपने बिजनेस का दायरा भी बढ़ा सकते हैं। इसके बाद आपकी इनकम भी लाखों रुपए महीना से करोड़ों रुपए साल तक में भी पहुंच सकती है।

करें लाइव प्रिंटिंग

इस काम की खास बात यह है की आप प्रिंटिंग का काम कहीं भी कर सकते है । जैसे मेले में,किसी क्रिकेट मैच जा किसी और मुकाबले में जहाँ पर दोनों टीमों के लोग अपने नाम वाली टी शर्ट धड़ा-धड़ खरीद लेते है । इस तरह से आप अपने बिज़नेस को कहीं भी लेकर जा सकते है । आप इस स्टाल को किसी भी मेले में लगा सकते है और आपको बहुत अच्छा रिस्पॉन्स भी मिलेगा ।

50 हजार रुपए से शुरू हो सकता है काम

टी-शर्ट प्रिंटिंग कारोबार को आपको बहुत बड़े इन्‍वेस्‍टमेंट की जरूरत नहीं पड़ती है। मार्केट-एक्‍सपर्ट कंस्‍लटेंट सर्विस के मैनेजर विवेक गुप्‍ता ने बताया कि इस बिजनेस को महज 50 से 70 हजार रुपए लगाकर किया जा सकता है।

इसमें कुछ प्रिंटर, हीट प्रेस, कंप्‍यूटर, कागज व रॉ मटेरियल के रूप में टी-शर्ट चाहिए होती हैं। इस कारोबार को अगर आप बहुत बड़े स्‍तर पर करना चाहते हैं तो आप 5 से 6 लाख रुपए भी इन्‍वेस्‍टमेंट कर सकते हैं।

आइटम खर्च (रुपए में)

  • टी-शर्ट प्रिंटिंग मशीन(हीट प्रेस) 11,999
  • टेफलॉन शीट (2) 800

सब्‍लीमेशन पेपर प्रिंट के लिए

  • पेपर (100) 300
  • 805 प्रिंटर 16,800
  • इंक प्रिंटर 2,100
  • प्‍लेन टी-शर्ट (100) 10,000
  • कंप्‍यूटर 25,000
  • कुल 66,999

(नोट:यदि आपके पास कंप्‍यूटर या लैपटॉप पहले से है तो आप 25 हजार रुपए कम कर सकते हैं।)

केवल 70 सेकेंड में तैयार होती है टी-शर्ट

टी-शर्ट प्रिंट करने के लिए जिस मशीन की जानकारी दी गई है यह मैन्‍युअल मशीन है। इस मशीन से एक टी-शर्ट 70 सेकेंड में तैयार की जा सकती है। इसके लिए सबसे पहले आपको 805 प्रिंटर से सब्लिमेशन पेपर पर डिजाइन का प्रिंट निकालना होगा। यह रबर इंक से तैयार किया जा जाता है।

इसके बाद टी-शर्ट प्रिंटर जो कि एक हीट प्रेस की तरह होता है उस पर टेफलॉन शीट रखी जाती है। टेंपरेचर सेट करने के बाद इसके ऊपर टी-शर्ट और फिर सब्लिमेशन पेपर (डिजाइन प्रिंट किया हुआ) रखा जाता है। 70 सेकेंड बाद प्रेस को हटा लिया जाता है और टी-शर्ट प्रिंट हो जाती है।

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हर महीने 30 से 40 हजार की कमाई

एक टी-शर्ट को प्रिंट करने के लिए लगभग 20 से 30 रुपए का खर्च आता है। यह मैन्‍युअल मशीन में आने वाला खर्च है जबकि अगर आप ऑटोमैटिक डिजिटल प्रिंटिंग मशीन रखते हैं तो इसमें यह खर्च और भी कम होता है। बाजार में प्‍लेन टी-शर्ट को प्रिंट करने के 150 से 200 रुपए चार्ज किए जाते हैं।

इसके साथ ही किसी स्‍कूल, कॉलेज, या बड़े फंक्‍शन में बड़ी संख्‍या में टी-शर्ट प्रिंट करवाकर मंगाई जाती है तो इस पर बाजार में लगभग 50 से 60 रुपए लिए जाते हैं। इस तरह अगर आप महीने में 600 टी-शर्ट का ऑर्डर भी पूरा करते हैं और एक टी-शर्ट पर आप 20 रुपए का प्रोफिट भी लेते हैं तो आपकी कमाई 30 हजार रुपए हेा जाती है।

पेपर ग्लास बनाने का व्यवसाय शुरू कर 2.5 लाख महीना कमाए

आजकल हर शहर में अब उपभोक्ता ज्यादा से ज्यादा कागज के कप का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके चलते शहर में कागज के कप की कमी आ गई। बाहर से सप्लाई भी कम हो रही है। अगर कोई 10 से 12 लाख रुपए में कागज के कप बनाने की फैक्ट्री लगा सकता है।

बस थोड़ी से 200 से 300 गज की जगह चाहिए। कप बना कर बेचने पर प्रति कम से कम कप 25 से 30 पैसे की बचत है।जिस से हर महीने आप 2.5 लाख महीना तक कमा सकते है ।

शहर के होलसेल विक्रेताओं के अनुसार इस समय शहर में रोजाना जहां चार लाख कप बिकते हैं। उनमें से 75 प्रतिशत कागज के कप बिक रहे हैं। बाकी 25 प्रतिशत ही प्लास्टिक के डिस्पोजेबल कप बिक रहे हैं।

कैसे लगाएं कागज का कप बनाने का उद्योग: इंटरनेट पर कागज का कप बनाने की मशीन निर्माताओं की जानकारी मिल जाएगी। जिस तरह की मशीन आपको लगानी है, उसकी डिटेल एवं विक्रेता के कॉन्टैक्ट नंबर और मशीन का आकार, उत्पादन क्षमता आदि सब लिखी होती है।

उद्योग लगाने के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट बना लें। अगर आपको अपने उद्योग के लिए बैंक से फाइनेंस कराना है तो एमएसएमई (माइक्रो स्माल मीडियम एंटरप्राइजेज) की वेबसाइट पर अपने उद्योग का रजिस्ट्रेशन करा लें। इसके बाद बैंक में फाइनेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे लोन मिलने में आसानी होगी।

कहां मिलती है मशीन

कागज के कप बनाने की मशीन दिल्ली, हैदराबाद, आगरा एवं अहमदाबाद समेत कई शहरों में मिलती है। आप कितने कप बनाने की क्षमता की मशीन चाहते हैं। उसी हिसाब से मशीन मंगाएं। अगर फाइनेंस कराया है तो बैंक के जरिए ही मशीन आएगी, उसका पेमेंट भी बैंक के माध्यम से होगा।

कितनी लागत

दिल्ली में कागज के कप बनाने की मशीन के निर्माता ए खलील रहमान ने बताया कि सामान्यतया मशीन की कीमत 7.25 लाख रुपए की है। जो प्रति घंटे छोटी साइज के तीन हजार कप बनाती है। साथ ही पांच लाख रुपए की कार्यशील पूंजी की जरूरत है। एक छोटी साइज के कप बनाने की लागत 35 पैसे आती है। जिसे आप 50 पैसे से लेकर 60 पैसे तक बेच सकते हैं

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80 हजार में शुरू हो जाएंगे ये 5 बिजनेस, महीने में होगी 40 हजार तक इनकम

ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों में आंत्रप्रेन्‍योरशिप की भावना पैदा करने के लिए मोदी सरकार मुद्रा योजना के तहत लोगों को बड़े पैमाने पर लोन दे रही है। इसके चलते बिजनेस करने के बहुत से मौके पैदा हो रहे हैं। मुद्रा योजना में कुछ पैसा आपको लगाना होगा बाकी का पैसा सरकार मुहैया कराएगी।

हम आपको कुछ ऐसे ही बिजनेस के बारे में बता रहे हैं, जिसके तहत 15 से 80 हजार रुपए लगाकर आप ठीकठाक बिजनेस शुरू कर सकते हैं। इसमें आपको 15 से 40 हजार रुपए के बीच कमाई हो सकती है।

80 हजार रुपए में शुरू करें यह बिजनेस

  • इन दिनों रेडीमेड गारमेंट के बिजनेस में बहुत स्‍कोप है और अगर आपके पास केवल 80 हजार रुपए हैं तो आप बाकी पैसा मुद्रा स्‍कीम के तहत लोन लेकर अपना यह बिजनेस शुरू कर सकते हैं।
  • मुद्रा स्‍कीम के तहत आपको 1 लाख 10 हजार रुपए टर्म लोन और 2 लाख 25 हजार रुपए वर्किंग कैपिटल लोन के तौर पर मिल सकता है।
  • इस पैसे से आप छह मशीनें, छह मोटर और एक ओवरलॉक मशीन ले सकते हैं।
  • इसके अलावा वर्किंग टेबल, कटिंग टेबल, फाइबर स्‍टूल, स्‍टील अलमारी, स्‍टील रेक, आयरन बॉक्‍स पर लगभग 50 हजार रुपए खर्च होंगे।
  • बिजनेस पूरी तरह शुरू होने के बाद आपको सालाना लगभग 5 लाख 30 हजार रुपए का प्रॉफिट होगा। यानी कि लगभग 44 हजार रुपए महीना कमाई हो सकती है।

85 हजार रुपए में शुरू करें बेकरी बिजनेस

  • आप मात्र 85 हजार रुपए में बेकरी का बिजनेस शुरू कर सकते हैं।
  • आप मु्द्रा स्‍कीम के तहत लगभग 2 लाख 95 हजार रुपए का टर्म लोन और एक लाख 50 हजार रुपए का वर्किंग कैपिटल लोन ले सकते हैं।
  • इस पैसे से किसी शहर में बेकरी प्रोडक्‍ट्स बनाने का काम शुरू कर सकते हैं।
  • इस बिजनेस में आप अपना सारा खर्च निकाल कर लगभग 4 लाख रुपए सालाना बचा सकते हैं।
  • यानी कि लगभग 34 हजार रुपए महीना कमा सकते हैं।

25 हजार रुपए में खोलें जनरल इंजीनियरिंग वर्कशॉप

  • अगर आपके पास 25 हजार रुपए हैं तो आप जनरल इंजीनियरिंग वर्कशॉप के साथ ही वेल्डिंग, मेटल वर्क का काम शुरू कर सकते हैं।
  • मुद्रा स्‍कीम के तहत आपको टर्म लोन के तौर पर 62 हजार रुपए और वर्किंग कैपिटल लोन के तौर पर लगभग 90 हजार रुपए का लोन मिल जाएगा।
  • इतना ही नहीं, डिस्ट्रिक्‍ट इंडस्‍ट्री सेंटर से 25 हजार रुपए मार्जिन मनी ग्रांट मिलेगी। इस तरह दो लाख रुपए से आप काम शुरू कर सकते हैं।
  • प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल के मुता‍बिक इस काम में सालाना 2 लाख 3 हजार रुपए का प्रॉफिट होगा, यानी कि लगभग 17 हजार रुपए की कमाई कर सकते हैं।

60 हजार रुपए में शुरू करें ब्‍यूटी पॉर्लर बिजनेस

  • अगर आप महिला हैं तो आपके लिए मात्र 60 हजार रुपए में बिजनेस शुरू करने का आसान मौका है। हालांकि अब पुरुष भी इस बिजनेस में तेजी से उतर रहे हैं।
  • हमारा आशय ब्‍यूटी पॉर्लर से है।
  • यह बिजनेस शुरू करने के लिए मुद्रा स्‍कीम से 1 लाख 85 हजार रुपए टर्म लोन और 54 हजार रुपए वर्किंग कैपिटल लोन मिल जाएगा।
  • इस तरह आप 3 लाख रुपए में आप पार्लर शुरू कर सकते हैं। मुद्रा स्‍कीम केे प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल बताते हैं कि आप यदि खुद पॉर्लर का काम करें तो सालाना 3 लाख 30 हजार रुपए कमा सकते हैं।

15 हजार रुपए में शुरू हो जाएगा सेनेटरी नैपकिन बिजनेस

  • अगर आपके पास सिर्फ 15 हजार रुपए हैं तो आप सेनेटरी नैपकिन बनाने की यूनिट शुरू कर सकते हैं।
  • इस प्रोजेक्‍ट पर आपका लगभग 1 लाख 50 हजार रुपए का इंवेस्‍टमेंट होगा और 1 लाख 35 हजार रुपए आपको मुद्रा स्‍कीम के तहत लोन मिल जाएगा।
  • मुद्रा स्‍कीम के तहत आप फिक्‍सड कैपिटल लोन के रूप में 73 हजार रुपए और वर्किंग कैपिटल लोन के तौर पर 57 हजार रुपए के लोन के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं।
  • मुद्रा स्‍कीम की प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल रिपोर्ट के मुताबिक यदि आप एक दिन में 1440 सेनेटरी नैपकिन तैयार करते हैं और एक पैकेट में 8 नैपकिन रखते हैं तो आप एक साल में 54000 पैकेट तैयार कर लेंगे।
  • अगर आप एक पैकेट की कीमत 13 रुपए रखते हैं तो आप साल भर में 7 लाख 2 हजार रुपए की सेल्‍स कर लेंगे।
  • इतनी सेल्‍स में सभी खर्चे निकालने के बाद आप कम से कम 1 लाख 80 हजार रुपए बचा सकते हैं।

ऐसे शुरू करें आइसक्रीम कोन बिजनेस, हर साल 11 लाख हो सकती है इनकम

आइसक्रीम कोन की मार्केट में बहुत डिमांड है। इसकी वजह यह है कि ज्‍यादातर लोग कोन में आइसक्रीम खाना बहुत पसंद करते हैं। ऐसा मेट्रो सिटीज ही नहीं, बल्कि रूरल एरिया में भी होता है। यही वजह है कि कोन बनाने का बिजनेस भी खूब फलफूल रहा है।

यूनियन मिनिस्‍ट्री ऑफ एमएसएमई के डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट (एमएसएमईडीआई) द्वारा इस बिजनेस में संभावनाओं को लेकर एक स्‍टडी की गई और पाया गया कि इस बिजनेस में काफी संभावना है। गर्मियों के सीजन में तो कोन की डिमांड होती है, लेकिन अब तो पूरे साल भर आइसक्रीम की सेल्‍स होने के कारण कोन की डिमांड भी बनी रहती है।

इसी स्‍टडी के दौरान एमएसएमईडीआई ने आइसक्रीम कोन बनाने वाली यूनिट की प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल रिपोर्ट तैयार की। आइए जानते हैं कि अगर आप आइसक्रीम कोन बनाने की यूनिट लगाना चाहते हैं तो आपको क्‍या करना होगा।

कितने इन्‍वेस्‍टमेंट की होगी जरूरत

एमएसएमई डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट की स्‍टडी के मुता‍बिक, अगर आप बड़े स्‍तर पर आइसक्रीम कोन बनाने की यूनिट लगाना चाहते हैं तो भी आपको ज्‍यादा इन्‍वेस्‍टमेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी। आपको लगभग 200 वर्ग मीटर का ऐसा स्‍पेस ढूंढ़ना होगा, जो लगभग 100 वर्ग मीटर कवर्ड हो।

आप इसे किराये पर भी ले सकते हैं । इसके बाद आपको ऑटोमेटिक आइसक्रीम कोन मैन्‍युफैक्‍चरिंग मशीन, जिसमें सिफ्टर, डॉफ निडर, कोन मैकिंग मशीन आटोमेटिक, वैइंग स्‍केल, जिसकी कीमत लगभग 6.50 लाख रुपए है लेनी होगी। इसके अलावा लैब इक्विपमेंट, फर्नीचर आदि पर लगभग 1 लाख रुपए खर्च करने होंगे।

कितनी वर्किंग कैपिटल की होगी जरूरत

रिपोर्ट के मुताबिक, आपको प्रोडक्‍शन शुरू करने के लिए लगभग 2 लाख 57 हजार रुपए का रॉ-मटेरियल की जरूरत होगी,जिसमें गेहूं का आटा, मक्‍के ( कॉर्न) का आटा, चीनी, साल्‍ट, फैट, बैकिंग पाउडर, कलर्स एंड फ्लेवर आदि शामिल हैं।

यूनिट को चलाने और सेल्‍स के लिए 5 लोगों की जरूरत पड़ेगी, जिन्‍हें 60 से 70 हजार रुपए तक देने पड़ सकते हैं। इसके अलावा किराया, स्‍टेशनरी, पैकिंग, ट्रासंपोर्टेशन आदि पर 50 हजार रुपए आदि का खर्च होगा।

यानी कि एक माह का वर्किंग कैपेटिल एक माह का 3 लाख 70 हजार और दो माह का वर्किंग कैपिटल 7.40 लाख रुपए तक पहुंच जाएगी।

कितनी होगी कमाई

एमएसएमई डीआई की स्‍टडी रिपोर्ट के मुतातिक लगभग 15 लाख रुपए के इन्‍वेस्‍टमेंट से शुरू होने वाले आइसक्रीम कोन यूनिट में आठ घंटे में लगभग 48 हजार कोन तैयार की जा सकती हैं। यदि साल में 300 दिन काम होता है तो लगभग 1 करोड़ 44 लाख पैकेट्स तैयार किए जा सकते हैं।

जिनकी वेल्‍यू 40 रुपए प्रति पैकेट के हिसाब से लगभग 57 लाख 60 हजार रुपए की होगी। जबकि आपका साल भर का खर्च लगभग 46 लाख रुपए आएगा। इस तरह आपको साल भर में 11 लाख 40 हजार रुपए की इनकम होगी। इस खर्च में 14 फीसदी ब्‍याज भी शामिल है, यदि आप किसी बैंक से लोन लेते हैं।

12 लाख तक ले सकते हैं लोन

अगर यह यूनिट लगाना चाहते हैं और आप के पास पूरा पैसा नहीं हैं तो आप किसी भी बैंक से लोन ले सकते हैं।बैंक आपको 80 फीसदी तक लोन दे सकता है। इसके लिए आपको कोई खास काम भी नहीं करना होगा। आप एमएसएमई डीआई की स्‍टडी रिपोर्ट के मुताबिक अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर सकते हैं।

गोशाला में बन रही गोबर से लकड़ी, रोजाना 5 क्विंटल गोबर से बन रही 1.25 क्विंटल लकड़ी

मथुरा काॅलोनी स्थित बाबा मगनी राम गौशाला में निस्वार्थ पशु सेवा सोसायटी मेंबर्स गाय के गोबर से लकड़ी बना रहे है । यह लकड़ी श्मशानघाट, बॉयलर्स या ईंट-भट्टों में इस्तेमाल की जा सकती है और इससे पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचेगा।

सोसायटी मेंबर  ने बताया कि गौशाला में पड़े गोबर से मच्छर-मक्खी व बदबू से किसी को परेशानी न आए इसलिए कमेटी मेंबर्स ने लकड़ी बनाने का फैसला लिया। 20 साल पहले मथुरा काॅलोनी में बाबा मगनी राम गौशाला की स्थापना की गई। तब से यहां बीमार गौधन की सेवा हो रही है।

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सोशल मीडिया पर गोबर से लकड़ी बनाने वाली मशीन देखी तो फोकल प्वाइंट में टोका मशीन, जनरेटर बनाने वाले दोस्त बीएस पाल से इस संबंधी बात की। फोकल प्वाइंट में सी-55,56 में सनी इंजीनियरिंग वर्कस के नाम से फैक्ट्री चला रहे भजन पिछले 2 साल से इस मशीन को बना रहे हैं। इसलिए उन्होंने एक मशीन गौशाला के लिए सोसायटी मेंबर्स को दी।

रजनीश ने कहा कि इलाके में स्वच्छता के लिए वह गौशाला में पड़े गोबर से लकड़ी बनाकर इसे खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने अपील की कि कोई वाॅलंटियर गौशाला में आकर यह सेवा करना चाहता है तो उनसे संपर्क कर सकता है। इस लकड़ी को वह श्मशानघाट में देंगे, जिसके लिए बीर जी श्मशानघाट कमेटी व त्रिपड़ी श्मशानघाट कमेटी से बात की गई है। अभी लकड़ी का रेट तय किया जाना है इसलिए बेची नहीं जा रही। गौशाला में 100 गाएं हैं। रोजाना 5 क्विंटल गोबर इक्ट्ठा होता है जिससे 1.25 क्विंटल लकड़ी बन सकती है।

हरियाणा गोशाला आयोग खरीद रहा

बीर जी श्मशानघाट कमेटी मेंबर कुंदन गोगिया ने बताया कि संस्कार में 3 क्विंटल लकड़ी लगती है। इसके लिए वह 2500 रुपए चार्ज करते हैं। सर्दियों में रोजाना 8 से 10 शव संस्कार के लिए आते हैं। रोजाना औसतन 20 क्विंटल लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है। अगर गोबर की लकड़ी मिलना शुरू हो जाए तो इससे पॉल्यूशन कम होगा।

ऐसे आया आइडिया

बीएस पाल के बेटे कार्तिक पाल ने इस आइडिया पर काम किया और मशीन बनाई। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ने बताया कि पंजाब में सिर्फ वह ही इस मशीन का निर्माण कर रहे हैं। कम से कम दाम पर मशीन बनाने के लिए उन्होंने इसमें स्क्रियू व मोटर का इस्तेमाल किया। वह गौशाला रोड स्थित सरकारी गौशाला में गए थे, वहां एक व्यक्ति ने उन्हें गोबर से निजात पाने की बात कही। वहीं पर सेवियां बनाने वाली मशीन खड़ी थी।

उन्होंने सोचा कि अगर आटे से सेवियां बन सकती हैं, तो गोबर से लकड़ी क्यों नहीं? इसके बाद उन्होंने मशीन बनाने को लेकर काम शुरू किया। यह मशीन सेवियां बनाने वाली मशीन की तरह ही काम करती है। गोबर से बनी लकड़ी आसानी से जल जाए इसके लिए उन्होंने मशीन में पाइप लगा दी, जिससे लकड़ी में होल हो जाता है।  मशीन बनाने में 45 हजार रुपए खर्च आता है और 18 प्रतिशत जीएसटी लगाकर यह 53 हजार में पड़ती है।