इस अंडरगारमेंट्स कंपनी के साथ घर बैठ कर कमाने का मौका, हर महीने होगी 1 लाख की इनकम

देश की बड़ी ऑनलाइन लिंजरी रिटेलर्स में शुमार जिवामे के साथ घर बैठे बिजनेस का मौका है। इसके लिए कंपनी आपको ट्रेनिंग और मार्केटिंग सपोर्ट उपलब्ध कराएगी। साथ ही आपको बिजनेस के लिए घर बैठे अपनी पसंद का सामान मिलेगा, जिससे आप हर महीने लगभग 1 लाख रुपए तक की इनकम कर सकते हैं। हम यहां आपको कंपनी के इस खास बिजनेस मॉडल के बारे में बता रहे हैं।

घर बैठे कर सकते हैं बिजनेस

अंडरगारमेंट या लिंजरी प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी जिवामे ने अपनी सेल बढ़ाने के लिए इसकी शुरुआत की है। कंपनी ने अपने ऑफर को ‘जिवामे चैंपियंस’ नाम दिया है।

इसकी खास बात यह है कि यह कोई डिस्ट्रीब्यूटरशिप या फ्रेंचाइजी मॉडल नहीं है। इसके लिए अच्छा खासा कमीशन भी ऑफर किया जा रहा है। साथ ही आपको दुकान या किसी तरह का इन्फ्रास्ट्रक्चर पर कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा।

39 फीसदी तक मिलेगा कमीशन

  • जिवामे से मिली जानकारी के मुताबिक 7 हजार रुपए तक की सेल पर 15 फीसदी कमीशन मिलेगा।
  • 7 हजार रुपए से 1 लाख रुपए तक की सेल पर 35 फीसदी कमीशन मिलेगा। इस प्रकार 1 लाख रुपए की सेल पर आपको 35 हजार रुपए तक कमाई होगी।
  • 1 लाख रुपए से 3 लाख रुपए तक की सेल पर आपको 37 फीसदी कमीशन मिलेगा।
  • अगर सेल 3 लाख रुपए से ज्यादा होती है तो कमीशन बढ़कर 39 फीसदी हो जाएगा। इस प्रकार 3 लाख रुपए की सेल पर 1 लाख रुपए से ज्यादा कमाई हो सकती है।

कराना होगा रजिस्ट्रेशन

इसके लिए आपको रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जिवामे ने इसके लिए खास साइट http://champions.zivame.com बनाई है, जिस पर क्लिक करके जरूरी डिटेल हासिल कर सकते हैं। यहीं पर आप रजिस्ट्रेशन भी करा सकते हैं।

ऑर्डर देने की नहीं है लिमिट

इस ऑफर में ऑर्डर खरीदने की कोई बाध्यता नहीं है। इसमें जरूरत के हिसाब से आप कितना भी ऑर्डर ले सकते हैं। हालांकि इतना साफ है कि जितनी ज्यादा सेल करेंगे, उतनी ही ज्यादा कमाई होगी। अगर आप कम पूंजी से बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो यह आपके लिए अच्छा मौका है।

अपनी पसंद का चुनें स्टॉक

इस ऑफर की खास बात यह है कि कंपनी ने किसी खास प्रोडक्ट खरीदने की शर्त नहीं रखी है। आप अपनी लोकेशन, आसपास के लोगों की जरूरत के हिसाब से सस्ते, महंगे, डिजाइनर प्रोडक्ट खरीद सकते हैं।

कंपनी देगी ट्रेनिंग

आपको बिजनेस शुरू करने के लिए जिवामे की तरफ से पूरा सपोर्ट दिया जाएगा।इसमें ऑर्डर देने के बाद कंपनी आपको ट्रेनिंग उपलब्ध कराएगी, जिसमें बिजनेस की हर बारीकी के बारे में आपको जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा मार्केटिंग सपोर्ट भी दिया जाएगा। इसमें कंपनी प्रमोशनल मैटेरियल उपलब्ध कराएगी, जिससे आपको सेल्स बढ़ाने में मदद मिलेगी। अब आप घर बैठे बिक्री शुरू कर सकते हैं।

कंपनी ऐसे चुनेगी लोकेशन

हालांकि आप अपनी लोकेशन पर बिजनेस शुरू कर सकते हैं या नहीं, यह तय करने का अधिकार कंपनी है। इसके लिए कंपनी की कई शर्तें हैं, जिसके लिए आपको जिवामे से संपर्क करने की जरूरत है।

आ गई समोसा बनाने वाली आटोमेटिक मशीन, एक घंटे में बनाती है 3000 समोसा ,वीडियो देखें

समोसा भारत में खाया जाना सब से लोकप्रिय स्नैक्स है । इसकी वजह से इसकी मांग बहुत ज्यादा है । आप समोसा बनाने का बिज़नेस शुरू करके अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते है । लेकिन इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरत लेबर की होती है । लेकिन लेबर महंगी होने की वजह से इसको बनाने का खर्च काफी बढ़ जाता है ।

ऐसे में अब एक ऐसी मशीन त्यार हो गई है जिसमे आपको सिर्फ मैदा और मसाला डालना है और यह मशीन अपने आप ही समोसे त्यार कर देती है । और सिर्फ एक आदमी ही समोसा बनाने का सारा काम कर सकता है ।

भारत में बहुत सारी कंपनी यह मशीन त्यार करती है जिनकी कीमत 3.75 से 5 लाख के करीब है । यह मशीन एक घंटे में 2000 से 3000 समोसे त्यार कर सकती है जो उनके आकार पर निर्भर करता है। इसको सिर्फ 220 वोल्ट की सिंगल फेस(1.5 hp) मोटर के साथ चला सकते है । यह मशीन स्टेनलेस स्टील से त्यार की जाती और इसका वजन 150-180 किलो के बीच होता है।

अगर आप इस मशीन को खरीदना चाहते है तो निचे दिए हुए नंबर पर संपर्क कर सकते है इसके इलवा भी बहुत सारी कंपनी यह मशीन बनाती है आप कहीं से भी खरीद सकते है ।

Address:Om Shree Sai Enterprises
B-80,Station Plaza, Near Railway Station Bhandup West, Mumbai -400078, Call Us:08048016241
Send SMS Mobile:+91-7506241888 ,+91-8425026151

यह मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो भी देखें

ऐसे घर पर त्यार करें अपना मिनी बायोगैस प्लांट

ज्यादातर बायोगैस प्लांट बड़े आकर के होते है । इन प्लांट्स को बड़े स्थान और बड़े पैमाने पर जैविक कचरे की आवश्यकता होती है। यह शहरी क्षेत्र में निर्माण नहीं कर सकते । इस लिए आज हम एक ऐसा मिनी बायोगैस प्लांट बनाएंगे जिस को हम कहीं भी इस्तेमाल कर सकते है । और इसे बहुत कम जैविक कचरे (जैसे रोसाई का कचरा अदि) से चलाया जा सकता है ।

गैस को स्टोर करने के लिए हम ट्रैक्टर का टायर ट्यूब इस्तेमाल करेंगे। इस भंडारण प्रणाली में मुझे दो लाभ मिलते हैं। गैस बनाने का तरीका हम ने फोटो बना कर समझया है ता के आप को समझने में कोई प्रॉब्लम न हो ।

बायोगैस प्लांट की सामग्री सूची

  • 700 लीटर पानी की टंकी (डायजेस्टर टैंक के रूप में इस्तेमाल करने के लिए)
  • 3 इंच व्यास और 3 फिट लंबाई पीवीसी पाइप (इनलेट पाइप के रूप में इस्तेमाल करने के लिए )
  • 3 इंच व्यास और 2 लंबाई पीवीसी पाइप में फिट (आउटलेट पाइप के रूप में इस्तेमाल करने के लिए)
  • पीवीसी पाइप एडाप्टर (फ़नल के रूप में इस्तेमाल करने के लिए)
  • आयरन निप्पल
  • दो पीवीसी पाइप कैप्स
  • दो एल्बो बेंड
  • प्लास्टिक पाइप 5 फुट (गैस की डिलीवरी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली)
  • गैस वाॅल्व
  • सपर ग्लू (पाइप फिक्सिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है)
  • रेगमार

मिनी बायोगैस प्लांट बनाने का तरीका

700 लीटर पानी की टंकी को डायजेस्टर टैंक के रूप में इस्तेमाल किया जाना है, सबसे पहले पीवीसी पाइप ले और टैंक के ऊपर रख कर और पेंसिल की मदद से सर्कल बनाएं, यह सर्कल पीवीसी पाइप व्यास के बराबर होना चाहिए।

अब इस सर्कल वाले हिस्से को काट ले,अब इस छेद के अंदर पाइप को डाल दे ।इनलेट पीवीसी पाइप फिट होने के बाद टेंक के तले के साथ नहीं लगना चाहिए ।

पीवीसी पाइप की अतिरिक्त लंबाई को काट दे क्योंकि टैंक कैप के बराबर होना चाहिए ।

आउटलेट पाइप के लिए टैंक के बहार की तरफ निशानी लगा कर पहले की तरह छेद बना ले

टैंक में लगे इनलेट पाइप और आउटलेट पाइप

पाइप पर पीवीसी पाइप एडोपर फिक्स कर दे

पानी के टैंक टोप पर छेद करें और उसमें लोहे के निप्पल को ठीक करें

सपर ग्लू द्वारा टैंक के साथ दोनों पाइप का जोड़ सील कर दे

अब यह आपका गोबर गैस प्लांट त्यार हो गया है इसमें से निकलने वाला गैस आप पाइप के जरिए किसी ट्रैक्टर का टायर ट्यूब में स्टोर कर सकते है जिसे बाद में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है ।

इसको इस्तेमाल कैसे करना है

इसके इस्तेमाल के लिए सबसे पहले आपको 50 % गोबर और 50 % पानी को मिला कर इस्तेमाल करना होगा । एक हफ्ते तक बायोगैस में बायोगैस का उत्पादन होना शुरू हो जायगा । आप रसोई का बायो कचरा भी इस्तेमाल कर सकते है । इसमें से मीथेन गैस के साथ नईट्रोजन,सल्फर गैसें भी बनेगी जो बहुत ज्यादा जलनशील नहीं होती लेकिन आपका खाना जरूर त्यार हो जायेगा ।

 वीडियो देखें

आप भी पतंजलि स्टोर खोलकर कर सकते है कमाई, बाबा रामदेव खोलने जा रहे है पतंजलि परिधान के 500 शोरूम, ऐसे करें अप्लाई

बाबा रामदेव ने आने वाले दिनों में देश के 50 शहरों में पतंजलि परिधान के 500 स्टोर खोलने की घोषणा की है, ऐसे में आपके पास भी बाबा रामदेव का पतंजलि परिधान स्टोर खोलकर कमाई कर सकते हैं।

एफएमसीजी सेक्टर में धाक जमाने के बाद योग गुरु बाबा रामदेव गारमेंट सेक्टर में भी धूम मचाने की तैयारी में जुट गए हैं। इसके लिए बाबा रामदेव ने पतंजलि परिधान लॉन्च किया है। पतंजलि परिधान ने उत्तराखंड में अपना पहला स्टोर हरिद्वार में शुरू कर दिया है। इस स्टोर का शनिवार को बाबा रामदेव ने उद्घाटन किया।यह पतंजलि का देशभर में छठा परिधान स्टोर है।

आइए बताते हैं कि आप कैसे पतंजलि परिधान स्टोर खोल सकते हैं।

परिधान स्टोर खोलने के लिए पतंजलि की ओर से आवेदन मांगे गए हैं। इसके अनुसार इच्छुक लोगों के पास स्टोर खोलने के लिए 2000 वर्गफुट की कॉमर्शियल प्रॉपर्टी होनी चाहिए। यह प्रॉपर्ट चहल-पहल वाली जगह पर होनी चाहिए। जिन लोगों के पास अपनी प्रॉपर्टी है, उनको प्राथमिकता दी जाएगी।

आप लीज की प्रॉपर्टी पर भी स्टोर खोल सकते हैं। आपको बता दें कि बाबा रामदेव ने आस्था, संस्कार और लिवफिट ब्रांड से परिधान तैयार किए हैं। आस्था के तहत महिलाओं के परिधान, संस्कार में पुरुष और लिवफिट में स्पोर्टस और योगा वियर शामिल हैं।

पतंजलि की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, परिधान स्टोर खोलने के इच्छुक लोग उनसे संपर्क कर सकते हैं। स्टोर खोलने के इच्छुक लोग ई-मेल और फोन दोनों के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।

स्टोर के बारे में जानकारी ईमेल आईडी enquiry@patanjaliparidhan.org पर मेल भेजकर ली जा सकती है। इसके अलावा आप पतंजलि के फोन नंबर्स पर संपर्क करके भी जानकारी ले सकते हैं।
मकर संक्रांति तक मिलेगी 25 फीसदी की छूट

बाबा रामदेव ने पतंजलि परिधानों पर मकर संक्रांति तक 25 फीसदी छूट देने की घोषणा की है। बाबा रामदेव ने कहा है कि पतंजलि के पास परिधान में 1100 से अधिक विकल्प उपलब्ध हैं। इनमें पुरुष, महिला और बच्चों की पसंद पर विशेष ध्यान दिया गया है।

वहीं पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा है कि पतंजलि परिधानों की गुणवत्ता, रंग और डिजाइन विश्वस्तरीय है और ये परिधान विदेशी ब्रांड से दो से तीन गुना सस्ते हैं।

ऐसे शुरू करें सेनेटरी नैपकिन बनाने का बिजनेस

ऐसे शुरू करें सेनेटरी नैपकिन बनाने का बिजनेस …क्या आप भी अक्षय कुमार मूवी की तरह पैड बेच कर मुनाफा कामना चाहते है तो आप भी सेनेटरी नैपकिन बनाने का काम शुरू कर सकते है । जिसके लिए आप को सिर्फ 15000 रुपये का जुगाड़ करना होगा ।

उसके बाद आप भी छोटे शहरों और गांव में पैड बेच कर मुनाफे के साथ साथ समाज सेवा का काम भी कर सकते है ।जिस रफ्तार से भारत विकास की ओर बढ़ रहा है, उसी रफ्तार से इस बिजनेस के बढ़ने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। चलिये जानते हैं कैसे?

सैनिटरी नैपकिन ब्रांड इप्सॉस और स्वतंत्र शोधकर्ताओं ने भारत के ग्रामीण इलाकों में सर्वे किया और पाया कि 66 प्रतिशत लड़कियां पीरियड्स के समय सावधानियों और साफ-सफाई के बारे में नहीं जानती हैं। वहीं 12 फीसदी लड़कियों तक सैनिटरी पैड पहुंचता ही नहीं है। पैड के बारे में मालूम भी हो, तो भी 67 प्रतिशत महिलाएं इसका इस्तेमाल नहीं करतीं। इसका मात्र एक कारण है पैड का महंगा होना।

ऐसे में यदि आप किसी गांव या छोटे कस्बे में अपना उद्योग शुरू करते हैं और कम कीमत के पैड बनाते हैं, तो आपका बिजनेस जमकर चलेगा। और तो और चूंकि यह स्वच्छता से जुड़ा बिजनेस है, इसलिये स्वास्थ्य मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, ग्रामीण मंत्रालय और समाजसेवी संगठन भी आपके उद्योग को बढ़ावा दे सकते हैं।यह स‍ब कैसे संभव होगा, उसके लिये हम आपको ले चलते हैं कर्नाटक के तोरणगल्लू।

यह एक छोटा सा कस्बा है बेल्लारी और होस्पेट के बीच। यहां पर सुरक्षा सैनिटरी नैपकिन प्रोडक्शन एवं ट्रेनिंग सेंटर में चार से पांच लोगों का स्टाफ है, जो ग्रामीण महिलाओं के लिये सस्ती दरों पर सैनिटरी पैड बनाता है। यह केंद्र जेएसडब्ल्यू की सोशल सर्विस के तहत संचालित है।

बिज़नेस  की  लागत और बचत

इस बिज़नेस को 15000 रुपये की निजी लागत से भी शुरू किया जा सकता है. भारत सरकार द्वारा स्वच्छता पर अधिक ध्यान दिए जाने के कारण इस बिज़नेस में और भी चमक आ गयी है .

  • स्वयं की लागत: 15,000 रुपये
  • सरकारी मदद: 1.50 लाख रुपये
  • वार्षिक कमाई : 1.8 लाख रुपये

इस व्यापार को शुरू करने के लिए आपको लगभग 1.5 लाख रुपये की जरुरत होगी जिसमे 1.35 लाख का लोन प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से मिल जायेगा . यदि आप 1440 सेनेटरी नैपकिन एक दिन में तैयार करते हैं और एक पैकेट में 8 नैपकिन भी रखी जाती हैं तो एक साल में 54000 पैकेट तैयार किये जा सकते हैं .

यदि एक पैकेट की कीमत 13 रुपये रखी जाती है तो आप साल भर में लगभग 7 लाख रुपये की बिक्री के सकते हैं . और यदि इस आय में से पूरी लागत को निकाल दिया जाये तो साल में 2 लाख रुपये तक की बचत की जा सकती है .

कॉटन नहीं पल्प से बनते हैं पैड

ये सैनिटरी पैड कॉटन यानी रुई नहीं पल्प से बनते हैं, जो सोखने की क्षमता ज्यादा रखता है।कई सामाजिक संगठन ग्रामीण महिलाओं को कपड़े से मुक्त‍ि दिलाने की दिशा में कार्यरत हैं।अगर सस्ती दरों में पैड बनने लगे तो भारत के ग्रामीण इलाके और ज्यादा हाईजीनिक होंगे।अगर बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो दो मशीनों से शुरुआत कर सकते हैं।

अगर आपका बिजनेस ग्रामीण महिलाओं को मदद पहुंचाता है, तो सरकार भी आपकी मदद करेगी।कोई भी इस सेंटर में आकर ट्रेनिंग प्राप्त कर सकता है। यह सेंटर जिंदल स्टील वर्ल्ड द्वारा संचालित है।

ये मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो भी देखें

5.5 लाख की इस मशीन से शुरू करें पेपर बैग बनाने का बिज़नेस

आज हर शहर में प्लास्टिक बैग पर बैन लगा दिया गया है जो वातावरण के लिए काफी नुकसानदयाक था । ऐसे में आप पेपर बैग का बिजनेस कर के काफी अच्छा इनकम कर सकते हैं ।

पेपर बैग आम तौर पैकेजिंग की सामग्री है जो आज हर बेकरी स्टोर, ग्रोसरी स्टोर, मॉल शॉप, बड़ी से बड़ी ब्रांडेड कपड़े की कंपनी पेपर पैग का इस्तेमाल करते हैं ।पेपर बैग काफी यूजफुल रहता है और स्टाइलिश भी होता है जो बड़े बड़े ब्रांडेड कंपनियां आजकल यूज करते हैं । इस लिए इसके बिजनेस बहुत तेजी से बढ़ने की सम्भावना है ।

पेपर बैग के बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए आपके पास आप को नगर निगम से लाइसेंस लेना होगा और इसके साथ साथ उद्योग आधार नंबर भी लेना होगा । कच्चे मॉल के लिए आप को पेपर रोल ,प्रिंटिंग इंक आदि की जरूरत पड़ेगी जिसे आप आसानी से खरीद सकते है । सरकार इस बिजनेस के लिए फंड भी प्रोवाइड करवाती है ।

पेपर बैग को बनाने के लिए आपको एक मशीन खरीदना होगा । जो पेपर बैग बनाने का काम करती है । वैसे तो आप को मार्किट में बहुत सी मशीन मिल जायँगी और आप अपने हिसाब से किसी भी कंपनी की मशीन ले सकते है । लेकिन आज हम किसी एक कंपनी की मशीन के बारे बता रहे है ।

आज हम जिस कंपनी के बारे में बता रहे है उसका नाम है मोहिंद्रा इंजीनिरिंग कंपनी। यह कंपनी कई तरह की मशीन त्यार करती है जिसमे पेपर बैग मेकिंग मशीन भी है । इस मशीन से आप एक घंटे में 10000 बैग बना सकते है । बैग की चौड़ाई 100 से 430 मिलीमीटर तक हो और चौड़ाई 180 से 690 मिलीमीटर तक हो सकती है । इस मशीन की कीमत 5.5 लाख रुपये है।

यह मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो देखें

इस मशीन को खरीदने के लिए जा और जानकारी के लिए निचे दिए हुए पते पर सम्पर्क करें

Address:Mohindra Engineering Company
Azad Vinder Singh(Owner)
RZ- 73, Nursing Garden, Near Khyala Village, New Delhi – 110018, Delhi, India
Call Us:08071807710
Send SMS Mobile:+91-9999778804,+91-9212658395

नोट : कृपया कोई भी मशीन खरीदने से पहले अपनी तसल्ली कर लें यह पोस्ट सिर्फ जानकरी देने के लिए ही डाली गई है ।

सर्दी के सीजन में शुरू करें गीजर का बिजनेस, हो सकती है 2.50 लाख तक कमाई

 

सर्दी का सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे बिजनेस शुरू करने का सही समय, जिसकी मार्केट में डिमांड बढ़ रही हो। इन दिनों गीजर, हीटर की डिमांड बढ़ रही है। लेकिन बढ़ते बिजली बिलों के कारण लोग सोलर प्रोडक्‍ट्स के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। इसलिए यह सही मौका है, जब आप सोलर गीजर की मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट लगा सकते हैं।

सरकारी सर्वे बताते हैं कि भारत में सोलर गीजर का मार्केट साइज बढ़ता जा रहा है। ऐसे में, यदि आप आज यह यूनिट लगा लेते हैं तो आने वाले सालों में इस बिजनेस में ग्रोथ की संभावनाएं बनी रहेंगी।

इतना ही नहीं, केंद्र सरकार सहित सभी राज्‍य सरकारें सोलर प्रोडक्‍ट्स को प्रमोट कर रही हैं, इसका फायदा आप उठा सकते हैं और सरकारी स्‍कीम्‍स का हिस्‍सा बन कर अपने बिजनेस को आगे बढ़ा सकते हैं।

कितने में शुरू करें यूनिट

अगर आप एक छोटी यूनिट लगाना चाहते हैं, जिसमें आप 85 सोलर गीजर बना सकते हैं तो आपको कम से कम 100 से 125 वर्ग गज का स्‍पेस किराया पर लेना होगा। इसके अलावा आपको मशीनरी व इक्विपमेंट लेने होंगे, जिनकी कीमत लगभग 4.25 लाख रुपए होगी और वर्किंग कैपिटल के तौर पर 2.50 लाख रुपए होगी।

यानी प्रोजेक्‍ट शुरू करने के लिए लगभग 6.5 से 7 लाख रुपए चाहिए। इस प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल के आधार पर केवीआईसी से लोन के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं। केवीआईसी से आपको 80 फीसदी लोन मिल सकता है। यानी आपके पास लगभग 1.5 लाख रुपया है तो आप यह यूनिट लगा सकते हैं।

ये लेने होंगे इक्‍विपमेंट

प्रोजेक्‍ट शुरू करने के लिए आपको इक्‍विपमेंट खरीदने होंगे, इनमें ब्रेजिंग मशीन, फर्नेश, ग्राइंडर, हाइड्रो टेस्टिंग मशीन, रोलिंग मशीन, ड्रिलिंग मशीन, कंप्रेशर, वेल्डिंग मशीन, बफिंग मशीन, इंजीनिय‍रिंग टूल्‍स, बेंच ग्राइंडर, लेथ मशीन शामिल हैं।

इस रॉ मैटेेरियल का करें इंतजाम

प्रोजेक्‍ट शुरू होते ही आपको रॉ-मैटेेरियल का इंतजाम करना होगा। इसमें कॉप एल्‍युमिनियम एमएस शीट, पाइप, ग्‍लास फाइबर, जीआई शीट, थर्मोस्‍टेट, इंसुलेशन मैटेेरियल की जरूरत पड़ेगी। इसके बाद सोलर पैनल और स्‍टोरेज टैंक का फेब्रिकेशन करना होगा। इसके साथ टैंक, पैनल कोएल और कंपोनेंट की असेम्‍बलिंग करनी होगी। आखिर में इस टैंक और पैनल को लोकेशन पर कमीशन करना होगा।

कितनी होगी कमाई

यूनिट शुरू होने के बाद आप प्रोडक्‍शन शुरू करते हैं और अगले 6 माह में 85 गीजर बनाते हैं तो आपकी कुल प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट लगभग 14 लाख रुपए आएगी। वैसे तो बाजार में 20 से 25 हजार रुपए में एक सोलर गीजर बिक रहा है, लेकिन यदि आप औसतन एक गीजर को लगभग 20 हजार रुपए में बेचते हैं तो आप इन छह महीने में 16.5 लाख रुपए कमा सकते हैं। यानी आपका कुल प्रॉफिट लगभग 2.50 लाख रुपए हो सकता है।

ऐसे शुरू करें अपना साबुन बनाने का बिज़नेस

साबुन वह वस्तु है, जो लगभग सभी लोगों द्वारा प्रतिदिन प्रयोग में लाई जाती है. बाज़ार में तरह तरह के साबुन विभिन्न कीमतों पर बेचे जाते हैं. कुछ ब्रांडेड कम्पनियों के साबुन का मूल्य एक आम इस्तेमाल में आने वाले साबुन से बहुत अधिक होता है,

जिनसे इस तरह की कम्पनियों को काफी लाभ प्राप्त होता है. आप भी कम बजट में साबुन की फैक्ट्री स्थापित करके काफी लाभ कमा सकते हैं. इसके पहले हम आपको हैण्ड वाश सोप का व्यापार कैसे शुरू करें  के व्यापार को शुरू करने की सभी प्रक्रियायों का वर्णन दे चुकेहै.

नहाने का साबुन बनाने के व्यापार की शुरुआत कैसे करें

नहाने का साबुन बनाने के लिए आवश्यक कच्चे माल की जानकारी नीचे दी जा रही है.
सोप नूडल्स : सोप नूडल्स पाम आयल अथवा कोकोनट आयल का बना होता है.
स्टोन पाउडर : यह भी आवश्यक सामग्री है.
रंग : आवश्यकता के अनुसार.
परफ्यूम : जिस फ्लेवर का साबुन बनाया जा रहा है.

साबुन बनाने के सामान की कीमत (Toilet soap making raw materials price) :

सोप नूडल्स की कीमत रू 75 प्रति किलोग्राम है. पूरे 50 किलोग्राम के रॉ मटेरियल के साथ साबुन बनाने पर कुल लागत रू 3500 पड़ेगी.
कहाँ से खरीदे : इसे आप होलसेल मार्किट से खरीद सकते हैं. यदि सभी कच्चे पदार्थ को घर बैठे पाना हो, तो यहाँ पर विजिट करें.https://dir.indiamart.com
नहाने का साबुन बनाने के लिए मशीनरी (Toiletries soap making machines)

साबुन बनाने की प्रक्रिया में मूलतः तीन तरह की मशीनों से काम लिया जाता है. इन तीन तरह के मशीन हैं :

  • रॉमटेरियल मिक्सिंग मशीन
  • मिलर मशीन
  • सोप प्रिंटिंग मशीन

कहाँ से ख़रीदें : आप इसे किसी होलसेल हार्डवेयर दूकान से ले सकते हैं. इन सभी मशीनरी को ऑनलाइन निम्न दिए गये लिंक से प्राप्त किया जा सकता है.
https://dir.indiamart.com/impcat/soap-making-machinery.html

कीमत : पूरे मशीनरी की सेटअप की कीमत कम से कम 65,000 रूपये से शुरू होती है.
नहाने का साबुन बनाने की प्रक्रिया (Toiletries soap making process)

साबुन बनाने की प्रक्रिया नीचे दी जा रही है

  • सबसे पहले 50 किलोग्राम सोप नूडल्स को मिक्सर में डाल कर लगभग नूडल को टूटने के लिए छोड़ दें.
  • कुछ समय के बाद इसमें स्टोन पाउडर डालें. ये स्टोन पाउडर नूडल्स की मात्रा पर निर्भर करता है. 50 किलोग्राम नूडल्स में लगभग 1½ किलोग्राम स्टोन पाउडर देना होता है.
  • स्टोन पाउडर देने के बाद साबुन में आवश्यकतानुसार रंग और परफ्यूम डालें. उदाहरणस्वरुप यदि आप चन्दन का साबुन बना रहे हैं, तो चन्दन का रंग और परफ्यूम डालें.
  • 50 किलो में लगभग आधा किलो रंग और परफ्यूम डालना होता है.
  • स्टोन पाउडर और सोप नूडल्स अच्छे से मिल जाने पर इस मिश्रण को मिलर मशीन में डालें.
  • इस मशीन में इस मिश्रण को बारीक किया जाता है. आप अपने प्रोडक्ट को अच्छा बनाने के लिए इस मिश्रण को मशीन से 5 से 6 बार बारीक कर सकते हैं. इस दौरान लगभग आधा लीटर पानी का भी इस्तेमाल करें.
  • पंद्रह मिनट के अंदर 50 किलो रॉमटेरियल की सहायता से 100 ग्राम का 500 पीस साबुन बन कर तैयार हो जाता है.
  • इसके बाद इस मिश्रण को अगली मशीन यानि सोप प्रिंटिंग मशीन से गुज़ारने पर साबुन बन कर तैयार हो जाता है.

कुल लागत : इस व्यापार को स्थापित  करने के लिए लगभग 1.5 से 2 लाख रुपए तक लग जाते हैं. इसी तरह आप कम लागत मे टॉयलेट क्लीनर बनाने का व्यापार शुरू कर सकते है.

नहाने के साबुन की पैकेजिंग (Toiletries soap packaging)

साबुन बेचने के लिए पैकेजिंग का ध्यान रखना अतिआवश्यक है. पैकेजिंग के दौरान रॉ मटेरियल से बने साबुन को सोप प्रिंटिंग मशीन के सहारे अपने ब्रांड का नाम दिया जाता है. इसके बाद काग़ज़ के बने ब्रांड पैकेज में पैक करना होता है. इसी पैकेज को इसके बाद शहर के विभिन्न दुकानों में बेचा जाता है.

नहाने का साबुन बनाने के व्यापार के लिए लाइसेंस (Toiletries soap making business license)

इस व्यापार के लिए आवश्यक लाइसेंस नगरपालिका के व्यापार विभाग से प्राप्त होता है. लाइसेंस प्राप्त हो जाने से कंपनी की आईटी रिटर्न वगैरह में बहुत सहायता मिलती है. लम्बे समय तक व्यापार के लिए या बड़े व्यापार के लिए लाइसेंस का होना ज़रूरी है.

नहाने का साबुन बनाने के व्यापार की मार्केटिंग (Toiletries soap making business marketing)

थोक मे बेचने के लिए शहर के बड़े किराना स्टोर्स से बात करना ज़रूरी होता है. इन दुकानों में साबुन की काफी खपत होती है, क्योंकि इन्ही दुकानों से छोटी छोटी दुकान वाले साबुन खरीदते हैं. आकर्षक पैकेज और लिमिटेड पीरियड ऑफर की सहायता से मार्किट पकड़ने में सहायता मिल सकती है.

ऐसे शुरू करें अपना कॉपी बनाने (Notebook making) का बिज़नेस

कॉपी अध्ययन क्षेत्र में सबसे अधिक महत्वपूर्ण वस्तु है. इसके बिना पढाई लिखाई किया जाना संभव नहीं है. विभिन्न विषयों की आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न तरह के कॉपी का निर्माण किया जाता है, जो कि बाज़ार में अलग अलग कीमतों पर बेचे जाते हैं.

ये नोटबुक अलग अलग ब्रांड और क्वालिटी के साथ मौजूद होते हैं, जिन्हें इनकी क्वालिटी के साथ विभिन्न कीमतों पर बेचीं जाती है. आप भी बहुत कम पैसे में नोटबुक का व्यापार शुरू कर सकते हैं और अपने ब्रांडिंग के साथ इन्हें बेच कर ख़ूब लाभ कमा सकते है. यहाँ पर इस व्यापार से जुडी सभी आवश्यक जानकारियाँ दी जायेंगी. इसी तरह आप कम खर्च में पेपर प्लेट बनाने का व्यापार शुरू कर सकते है.

नोटबुक बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें

नोटबुक बनाने के लिए आवश्यक रॉ मटेरियल
नोटबुक बनाने के लिए आवश्यक रॉ मटेरियल के विषय में नीचे दिया जा रहा है. इसके लिए विभिन्न कोटेड अथवा अनकोटेड पेपर यानि दिस्ता पेपर और गत्ता की आवश्यकता होती है.

रॉ मटेरियल की कीमत (Price of raw materials):

दिस्ता पेपर : दिस्ता पेपर की क़ीमत 62 रू प्रति किलोग्राम है.
गत्ता : कवर के लिए इस्तेमाल होने वाला गत्ता 1 रूपया प्रति पीस होता है.

कहाँ से ख़रीदें रॉ मटेरियल : निम्न वेबसाईट के माध्यम से ऑनलाइन ख़रीदा जा सकता है.
https://dir.indiamart.com/search.mp?ss=notebook+paper&source=autosuggest

नोटबुक बनाने के लिए मशीनरी 

  • पिन अप मशीन
  • एज स्क्वायर मशीन
  • कटिंग मशीन

ये मशीनें 4 किलोवाट बिजली लेती है और इसे घरेलु बिजली से भी चलाया जा सकता है.
नोटबुक बनाने के लिए मशीनरी की क़ीमत: इन मशीनों की कुल क़ीमत 5.5 लाख से 6 लाख के बीच में होती है.

कहाँ से ख़रीदें :

इसे इस वेबसाईट के माध्यम से ऑनलाइन ख़रीदा जा सकता है:

https://dir.indiamart.com/impcat/notebook-making-machines.html?price

नोटबुक बनाने की प्रक्रिया (Notebook making process)

नोट बुक्स बनाने की प्रक्रिया बहुत ही सरल है, यदि एक बार इसकी मशीनरी समझ ली जाए, तो बहुत आसानी से नोटबुक बनाए जा सकते हैं. इसकी संपूर्ण प्रक्रिया नीचे दी जा रही है.

  • सबसे पहले शीट को (जोकि कॉपी के लिए कवर का काम करता है) उसे अच्छे से इस तरह मोड़ें कि वह कॉपी के अनुसार कवर के आकार में आ जाए.
  • इसके बाद इसमें जितने पन्ने की कॉपी बनानी हो, उतने कागज को भी मोड़ कर उसके अन्दर डाल दें. इसके बाद पिनिंग की प्रक्रिया शुरू होती है.
  • इस प्रक्रिया में इन कवर और उसके अन्दर डाले गये दिस्ता काग़ज़ को पिन करना होता है. इसके लिए फोल्ड किये गये दिस्ता को पिंनिंग मशीन की सहायता से पिन करना होता है. पिंनिंग मशीन की सहायता से यह काम आसानी से हो जाता है.
  • तत्पश्चात इसे एज स्क्वायर मशीन पर ले जाकर इसकी फिनिशिंग करनी होती है. फिनिशिंग यानि कवर से बाहर निकले अतिरिक्त पन्ने आदि की छंटाई वगैरह. फिनिशिंग के बाद नोट बुक पूरी तरह स्क्वायर में हो जाती है.
  • एज स्क्वायर मशीन में पहले इसके पिनिंग का स्थान अच्छे आकार में आ जाता है. इसके बाद इसकी कट्टिंग की बारी आती है. पहले बने हुए कॉपी को सामने से काटें और इसके बाद आवश्यकता हो तो बीच से काट के दो भागों में बाँट दें. पिनिंग किये गये क्षेत्र के अलावा सामने के तीनों भागों को काटना होता है. इस तरह कुछ ही समय में नोटबुक बन के बिकने के लिए तैयार हो जाता है.
  • 15 से 20 मिनट के अन्दर कम से कम 6 से 8 कापियां बन के तैयार हो जाती हैं.

नोटबुक की पैकेजिंग 

कॉपी बन के तैयार हो जाने पर इसे आवश्यकतानुसार पैक करना पड़ता है, यदि पैकिंग की बात की जाए तो इसे व्होलसेल अथवा रिटेल के रूप में पैक किया जा सकता है. होलसेल में पैक करने के लिए बड़े पैकेट्स बनाए जा सकते हैं, बड़े बड़े बैग्स में डीलर की आवश्यकता के अनुसार कॉपी पैक किया जा सकता है. यदि रिटेल में अपना ब्रांड सीधे सीधे उतारना चाहते हैं तो इसके लिए प्रति पैकेट 6 कॉपी का पैक बनाएं और विभिन्न स्टेशनरी दुकानों पर पहुंचाएं.

नोटबुक बनाने के व्यापार के लिए कुल खर्च (Notebook manufacturing business cost)
इस व्यव्साय की स्थापना के लिए कुल कर्च 10 लाख रूपए का आता है. इस पैसे में आप ये मशीन भी ख़रीद सकते हैं और साथ ही रॉ मटेरियल भी पा सकते है. इसके अलावा इलेक्ट्रिसिटी वायरिंग वगैरह भी इसी पैसे में हो जायेगी.

इस तरह 10 लाख रुपय की लागत के साथ इस व्यापार की शुरुआत बड़ी आसानी से करके अपना नोटबुक ब्रांड बाज़ार में उतार सकते हैं और मुनाफा कमा सकते हैं.

नोटबुक बनाने के व्यापार में लाभ

एक किलो पेपर में लगभग 6 से 7 नोटबुक बनाई जा सकती है. यदि इसे रिटेल में बेचें तो 15 रूपए प्रति पीस बिकता है. एक नोट बुक बनाने में कुल लागत 11 रूपए की पड़ती है. व्होलसेल में इस तरह की नोटबुक की क़ीमत 12 से 13 रूपए की होती है. इस तरह से व्होलसेल में प्रत्येक नोटबुक में 2 रू का लाभ कमाया जा सकता है.

सिर्फ 5 से 10 हजार लगाकर शुरू कर सकते हैं ये 10 बिजनेस, अच्छी होगी कमाई

अगर आप भी अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, लेकिन आपके पास लाखों रुपए नहीं हैं, तो परेशान होने वाली बात नहीं है। हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे बिजनेस के बारे में जो आप महज पांच से दस हजार रुपए की पूंजी लगाकर शुरू कर सकते हैं। इन व्यापारों की मार्केट में हमेशा डिमांड रहती है और इनमें आप अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं।

मोबाइल रिचार्ज शॉप

इस बिजनेस में आपको सिर्फ 3 से 5 हजार का शुरुआती निवेश करना होगा। यह बिजनेस हमेशा मांग में रहता है। आप अपने घर में या किसी छोटी दुकान में यह बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

फोटो कॉपी बिजनेस

यह बिजनेस भी 4 से 5 हजार रुपए में शुरू हो सकता है। इसके लिए आपको बस एक चीज ध्यान में रखनी होगी कि जहां आप काम सेटअप करें, वहां कॉलेज हो, सरकारी दफ्तर हो या फिर कोर्ट-कचहरी हो।

शू वॉश लॉन्ड्री

अब तक सिर्फ कपड़ों की ही लॉन्ड्री शॉप हुआ करती थी, लेकिन अब ऐसी मशीनें आ गई हैं जिनसे जूतों की भी धुलाई और सफाई होती है। इस काम को शुरू करने में आपको सिर्फ 4 से 5 हजार रुपए लगाने होंगे।

ब्रेकफास्ट शॉप

चाहे कितनी भी मंदी हो या महंगाई हो जाए, लोग खाना खाना नहीं छोड़ते। ऐसे में यह बिजनेस सदाबहार है। अक्सर लोग सुबह दफ्तर के लिए जल्दी निकलने के चक्कर में नाश्ता नहीं कर पाते हैं। खासतौर से वे लोग जो अकेले रहते हैँ। ऐसे में आप ब्रेकफास्ट शॉप शुरू करके अच्छी कमाई कर सकते हैं।

मिनरल वॉटर सप्लायर

लोगों के बीच मिनरल वॉटर की डिमांड बढ़ रही है। गर्मियों में तो पानी की डिमांड और भी ज्यादा रहती है। ऐसे में आपके लिए यह बिजनेस का अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसे शुरू करने में आपको महज 10 हजार रुपए की पूंजी लगानी होगी।

गार्मेंट टेलर

अगर आपको सिलाई-कढ़ाई आती है तो आप अपने हुनर को कमाई का जरिया बना सकते हैं। महजह 10 हजार रुपए में आप यह व्यापार शुरू कर सकते हैं। इसमें आपको बस अपना हुनर बढ़ाना है और कमाई अपने आप बढ़ने लगेगी।

कोल्ड ड्रिंक और स्नैक्स की बिक्री

लोगों के बीच फास्ट फूड काफी लोकप्रिय है। ऐसे में आप 8 से 10 हजार रुपए में यह बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

प्लांट नर्सरी

अपने घरों की बालकनी में पौधे लगाना लोगों को पसंद होता है। अब तो इनडोर प्लांट्स का चलन भी काफी बढ़ गया है। ऐसे में प्लांट नर्सरी एक अच्छा बिजनेस हो सकता है। इस बिजनेस को 10 हजार रुपए में आराम से शुरू कर सकते हैं।