सिर्फ पैसों के लिए मृतक का इलाज करते रहे डॉक्टर,बेटा ने इस तरह पता लगाया असल सच

नर्मदा हॉस्पिटल में शुक्रवार को एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज की मौत के बाद भी डॉक्टर उन्हें वेंटिलेटर पर रखकर इलाज का नाटक करते रहे। आरोप है कि शुक्रवार को मरीज को वेंटीलेटर से हटाने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने मरीज का शव परिजनाें को नहीं दिया।

प्रबंधन का कहना था 50 हजार रुपए का भुगतान करने के बाद ही शव दिया जाएगा। नाराज परिजनों ने इस दौरान अस्पताल में जमकर हंगामा किया। हबीबगंज थाने जाकर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत भी की।

अस्पताल में चल रहा था इलाज

सीहोर में रहने वाले 45 वर्षीय लखन मेवाड़ा 9 अप्रेल को सीहोर के पास हुए एक एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए परिजन उन्हें नर्मदा हॉस्पिटल लेकर आए थे। यहां उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया । शुक्रवार दोपहर में अस्पताल प्रबंधन द्वारा पुलिस और परिजनों को उनकी मौत की सूचना दी गई।

 50 हजार रुपए का भुगतान करने के बाद ही मिलेगा शव

”गुरुवार को जब मैंने डॉक्टरों से बहुत बहस की तो वे बड़ी मुश्किल से केवल मुझे आईसीयू में अंदर आने देने के लिए राजी हुए। जब मैं वहां पहुंचा तो मुझे अहसास हो गया कि मेरे बड़े पापा अब जीवित नहीं हैं। उनका पूरा शरीर पीला पड़ गया था।

मैंने डॉक्टरों से कहा कि आप वेंटीलेटर हटाओ, लेकिन वे तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि वे जिंदा हैं। दस अप्रेल की रात से 12 अप्रैल की दोपहर 11 बजे तक डॉक्टर हमसे से 42 हजार की दवाइयां मंगा चुके थे। दूसरी तरफ अस्पताल का बिल भी 45 हजार हो गया था।

शुक्रवार को हमारे बार-बार कहने के बाद डॉक्टरों ने 12 बजे बड़े पापा को वेंटीलेटर से हटा दिया, लेकिन हमें शव देने से इनकार कर दिया। उन्हाेंने शव को फ्रीजर में रख दिया और हमें अस्पताल का 50 हजार का बिल भरने को कहा। हमने पुलिस को फाेन किया लेकिन पुलिस ने भी हमारी मदद नहीं की। दोपहर ढाई बजे मीडिया के आने के बाद ही हमें शव साैंपा गया।”

किडनी कैंसर से पहले शरीर देता है ये 6 संकेत, कैंसर से खुद को बचाने के लिए रखें इन बातों का ध्यान

कैंसर एक जानलेवा बीमारी है जो शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है। मानव शरीर में किडनी एक आवश्यक अंग है। यह अपशिष्ट उत्सर्जन, जल स्तर संतुलन, एसिड विनियमन, रक्तचाप विनियमन और लाल रक्त कोशिका विनियमन जैसे कुछ आवश्यक कार्य करता है।

कैंसर आपकी किडनी को भी प्रभावित कर सकता है। किडनी का कैंसर बहुत खतरनाक माना जाता है। हालांकि, गुर्दे में कैंसर की शुरुआत से पहले, मानव शरीर कुछ संकेत देता है।

सही समय पर इन संकेतों और लक्षणों की पहचान करना बहुत महत्वपूर्ण है। आज हम आपको किडनी कैंसर के कुछ ऐसे लक्ष्ण बता रहे हैं जिन्हें देखने के बाद आपको समझ जाना चाहिए कि आपको यह गंभीर रोग हो सकता है।

पीठ के निचले हिस्से में दर्द

पीठ के निचले हिस्से के दर्द को अक्सर सामान्य माना जाता है लेकिन यह किडनी कैंसर का लक्षण हो सकता है। अधिकांश लोग बीमारी की पूर्ण प्रगति के बाद पीठ के निचले हिस्से में दर्द का अनुभव करते हैं। यह दर्द आमतौर पर तेज होता है जिससे बहुत असुविधा हो सकती है।

पेशाब में खून आना

किडनी से संबंधित बीमारियों का पहला लक्षण है मूत्र में रक्त। मूत्र में रक्त के रूप में अच्छी तरह से गुर्दे के कैंसर का संकेत कर सकते हैं। कभी-कभी रक्त की मात्रा इतनी कम होती है कि इसका पता केवल मूत्र परीक्षण से लगाया जा सकता है।

शरीर में खून की कमी

गुर्दे लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को भी नियंत्रित करते हैं। गुर्दे के कैंसर से लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन कम हो सकता है। यह स्थिति एनीमिया की ओर ले जाती है। एनीमिया के कारण, आप ज्यादातर समय थकावट महसूस कर सकते हैं।

तेजी से वजन घटना

अगर आपका बिना कोशिश किए तेजी से वजन कम हो रहा है तो यह किडनी कैंसर का संकेत हो सकता है। जैसे ही ट्यूमर फैलता है आपको कम भूख लग सकती है। गुर्दे की खराब सेहत भी वजन घटाने को बढ़ावा देगी।

पेट के पास गांठ बनना

पेट के चारों ओर या गुर्दे के पास एक गांठ गुर्दे के कैंसर का संकेत हो सकता है। आमतौर पर गांठ प्रारंभिक अवस्था में कठोर होती है। आगे के परीक्षण डॉक्टरों को गांठ के पीछे के सटीक कारण का पता लगाने में मदद कर सकते हैं।

किडनी कैंसर का इलाज

किडनी कैंसर का उपचार आमतौर पर रेडिएशन, कीमोथेरेपी और सर्जरी द्वारा किया जाता है। सबसे पहले, डॉक्टर कैंसर के चरण का निर्धारण करेंगे। बाद में गुर्दे के पास के अन्य हिस्सों की जांच की जाती है ताकि कैंसर के प्रसार की जांच की जा सके।

सुबह उठने के बाद सबसे पहले पीएं पानी, जानिए कितने तरीके से करता है फायदा

हर किसी को दिन में आठ से 10 लीटर पानी पीने की सलाह दी जाती है। यह शरीर की अंदर से सफाई करता है और जहरीले व बेकार के तत्वों को पसीने व यूरीन के जरिये बाहर निकाल देता है। मगर, सुबह खाली पेट पानी पीने का लाभ इससे भी अधिक होता है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक चिकित्‍सा पद्धतियां भी खाली पेट पानी पीने को अमृत की तरह बताया गया है।

आप सोच रहे होंगे कि बांसी मुंह पानी पीने से आखिर ऐसा क्या होता है कि यह अमृत माना जाता है। दरअसल, रात को सोने के बाद भी मुंह में लार बनती है, जिसमें पानी की मात्रा अधिक होती है और अन्जाइम कम होते हैं। सुबह बांसी मुंह पानी पीने से यह लार पानी के साथ पेट में चला जाती है, जो पेट से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करती है।

लार में 98 प्रतिशत पानी और शेष दो फीसद हिस्से में एंजाइम, बलगम, इलेक्ट्रोलाइट और जीवाणुरोधी यौगिक जैसे तत्व मौजूद होते हैं। शरीर में मौजूद एंटीबॉडी संक्रमण से लड़ने का काम करती है और यह सफेद रक्त कोशिकाओं से स्‍त्रावित होते हैं।

पर्याप्त मात्रा में पानी पीने वाले लोगों का यूरीन साफ होता है। जब शरीर अंदर से साफ होता है तो उसका असर बाहर भी दिखता है। त्वचा पर चमक आ जाती है, पेट से संबंधित परेशानियां नहीं होती हैं और मन अच्छा महसूस करता है।

कब्ज और गैस की परेशानी नहीं रहती है और यह वजन को नियंत्रित्र करने में भी कारगर होता है। लार एक ऐसा तरल है जो एंटीसेप्टिक की तरह काम करके कई रोगों से बचाता है इसलिए सुबह उठकर पानी पीने को हर तरह से फायदेमंद बताया गया है।

गर्मी में पिएं ये 5 तरह की हर्बल चाय, पेट को मिलेगी ठंडक और लू से रहेगा बचाव

मौसम के अनुसार आपको चाय भी बदल देनी चाहिए। ज्यादातर लोग अपने दिन की शुरुआत दूध की चाय से करते हैं। मगर गर्मी के मौसम में दूध की चाय की जगह अगर आप हर्बल चाय पिएं, तो आपको ज्यादा लाभ मिलेंगे।

हर्बल चाय एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं इसलिए कैंसर, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर जैसे रोगों से बचाती हैं और शरीर से टॉक्सिन्स (गंदगी) को बाहर निकालती हैं।आइए आपको बताते हैं गर्मी में कौन सी हर्बल चाय है फायदेमंद और कैसे बनाएं इसे।

पुदीने की चाय

पुदीना पेट के लिए बहुत फायेदमंद माना जाता है। दुनिया के जिन हर्ब्स में सबसे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, पुदीना उनमें से एक है। और पेट की सभी समस्याएं दूर करता है। उबलते पानी में दो बड़े चम्मच पुदीना के पत्ते डालकर दस-पंद्रह मिनट तक उबालें। उबलने के बाद इसे छानकर पिएं। मीठेपन के लिए एक चम्मच शहद डाल सकते हैं।

तुलसी की चाय

तुलसी को आयुर्वेद में बहुत गुणकारी माना जाता है।तुलसी की चाय बनाने के लिए एक पैन में एक कप पानी लें और इसे उबलने तक गर्म करें। उबाल आने के बाद पैन को आंच से हटा लें और इसमें 6-7 तुलसी की पत्तियों को अच्छी तरह धोकर डाल दें। 2 मिनट ढक कर रखने के बाद चाय को कप में छान लें।

अब इसमें आधा नींबू का रस और एक छोटा चम्मच शहद मिलाकर पिएं। ये चाय आपके पेट, आंखों, किडनी, लिवर और दिल के लिए बहुत फायदेमंद है। दिन में 2 बार रोजाना ये चाय पीकर आप अपना वजन भी तेजी से घटा सकते हैं।

ग्रीन टी

ग्रीन टी को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। ग्रीन टी में कई महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं और वजन कम करने में मदद करते हैं। टी बैग वाली ग्रीन टी के बजाय खुली (लूज) ग्रीन टी का इस्तेमाल ज्यादा फायदेमंद होता है। एक कप उबलते हुए पानी में एक चम्मच ग्रीन टी डालें और 3-4 मिनट के लिए ढक दें। आपकी ग्रीन टी तैयार है। अगर आपको ग्रीन टी का स्वाद कड़वा लगता है, तो इसमें एक चम्मच शहद मिला लें।

गुलाब के फूल की चाय

गुलाब के फूलों में भी कई तरह के गुण पाए जाते हैं। इसलिए इसे पीने से शरीर की चर्बी तेजी से कम होती है और शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं। गुलाब की चाय बनाने के लिए डेढ़ कप पानी लें और इसमें एक ताजे गुलाब की पत्तियां डाल दें। अब 1 मिनट तक तेज आंच पर उबालने के बाद इसे 3 मिनट के लिए ढक कर रख दें। इसके बाद चाय को छानकर पिएं।

प्याज की चाय

प्याज की चाय शरीर की रोग प्रतिरोधक बढ़ाती है। गर्मी में प्याज की चाय पीने से आप लू से बचे रह सकते हैं और इससे पेट की समस्याएं भी दूर होती हैं। प्याज की चाय बनाने के एक छोटी प्याज को काटकर रख लें। अब डेढ़ कप पानी उबालें और उसमें प्याज के टुकड़े डाल दें। 1 मिनट आंच पर रखने के बाद आंच बंद कर दें। अब इसमें एक चम्मच ग्रीन टी या एक ग्रीन टी बैग डालकर 2 मिनट के लिए ढक दें। अब चाय को कप में छान लें और इसमें आधा नींबू का रस मिलाकर पिएं।

सिर्फ 19 रुपए में करिए अपने परिवार की सुरक्षा, इलाज के लिए मिलेंगे पांच लाख रुपए

घर की सेविंग्स जब हॉस्पिटल और दवाईयों पर खर्च होती है तो सबसे ज्यादा दुख होता है। परिवार में यह सिलसिला लगातार चलता रहे तो मुश्किलें और भी खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में इस परेशानी से बचने के लिए आपके लिए कई कंपनियों के हेल्थ इंश्योरेंस प्लान मौजूद हैं।

जो आपको और आपके परिवार को बीमार पडऩे पर इलाज का पूरा खर्च वहन करती हैं। जानकारों की मानें तो मात्र 19 रुपए के रोजाना खर्च में आप अपने परिवार सुरक्षित रख सकते हैं। आपको इसमें पांच लाख रुपए तक का कवर मिलेगा। आइए आपको भी बताते हैं इसी तरह के हेल्थ प्लान के बारे मेंज्

इन कंपनियों के पास हैं सस्ते प्नान

देश में कई कंपनियां आपको सस्ते और अच्छे हेल्थ प्लान मुहैया करा रही हैं। जिसमें HDFC ERGO , Religare, Royal Sundaram, Apollo Munich, Aditya Birla Capital आदि हैं। इन कंपनियों के पास अलग-अलग इंश्योरेंस प्लान मौजूद हैं।

इनमें आप बीमा की अवधि से लेकर प्रीमियम तक के हिसाब से अपने लिए बेहतर प्लान चुन सकते हैं। अगर आप खुद का हेल्थ इंश्योरेंस कराना हैं तो काफी अच्छे प्लान मौलूद हैं। वहीं अगर आप पूरे परिवार का हेल्थ इंश्योरेंस कराना चाहते हैं तो उसके लिए अच्छे और सस्ते प्लान मौजूद हैं।

मात्र 11 रुपए में शुरू कर सकते हैं प्लान

अगर आप अकेले का हेल्थ इंश्योरेंस कराना चाहते हैं तो आपको रोजाना 11 रुपए के खर्च में हेल्थ इंश्योरेंस मिल सकता है। अगर इसे महीने के हिसाब से देखें तो 330 रुपए प्रति और सालाना के हिसाब से 3960 रुपए के हिसाब से आपको प्रीमियम देना होगा।

यह प्लान एक साल के लिए होता है। जिसमें आपको 5 लाख रुपए का कवर मिलता है। वहीं अगर आप अपने पूरे परिवार का हेल्थ इंश्योरेंस एक साथ कराना चाहते हैं तो 5 लाख के कवर के साथ एक साल के लिए आपको रोजाना 19 रुपए खर्च करने होंगे। यानि एक साल में आपको 6840 रुपए देने होंगे।

तेजी से वज़न घटाती है ये ‘जापानी मार्निंग डाइट’, पानी और केले से करें दिन की शुरुआत

वजन घटाने के लिए इन दिनों इंटरनेट पर एक खास डाइट पॉपुलर हो रही है, जिसे जापान के डाइटीशियन हितोशी वातानेब ने डिजाइन किया है। इस डाइट में सुबह उठने के बाद आपको कुछ चीजों का पालन करना पड़ता है, जिससे आपका वजन तेजी से घटने लगता है। आइए आपको बताते हैं क्या है ये डाइट।

क्या है ये जापानी मॉर्निंग डाइट?

इस डाइट में सुबह के नाश्ते के पहले आपके 1 केला खाना है और फिर एक ग्लास गुनगुना पानी पीना है। इसके बाद आप सीधा दोपहर का खाना खाएं। केले में स्टार्च की मात्रा भरपूर होती है। ये एक खास तरह का स्टार्च होता है, जो वजन घटाने में फायदेमंद होता है।

जब आप केला खाते हैं, तो ये छोटी आंत में घुलने के बजाय सीधे बड़ी आंत में जाता है। बड़ी आंत में पहुंचने के बाद केले से स्टार्च अलग होने लगता है। यहां आंत में पहले से मौजूद बैक्टीरिया इसे फैटी एसिड में बदल देते हैं। ये फैटी एसिड आपके सेल्स में पहुंचकर आपको पोषण देते हैं।

कैसे करें केले का सेवन?

इस डाइट को फॉलो करते समय आपको सुबह के नाश्ते में सिर्फ केला ही खाना है। अगर आपको ज्यादा भूख लगी है, तो पहला केला खाने के 20 मिनट बाद एक और केला खा सकते हैं। इस डाइट को फॉलो करने में शुरुआत में आपको दिन में भूख सताएगी, मगर जल्द ही आपको इसकी आदत हो जाएगी।

केला सुपरफूड होता है इसलिए एक केले से आपके शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व मिल जाते हैं। इस डाइट का सबसे जरूरी नियम यह है कि अपनी भूख से कम ही खाना खाएं। आप जितना सामान्य दिनों में खाते हैं, उसका 80% खाना ही खाएं।

जापानी मॉर्निंग डाइट में रखें इन 5 बातों का ख्याल

  • लंच और डिनर में आप जो भी चाहे खाएं, मगर शाम के स्नैक्स में आपको सिर्फ फल खाने चाहिए।
  • दिनभर गुनगुना पानी पिएं। गुनगुना पानी पीने से आपका मेटाबॉलिज्म बेहतर होगा।
  • केले में कैल्शियम की मात्रा अच्छी होती है, इसलिए इस डाइट के दौरान आपको दूध पीने की जरूरत नहीं है।
  • रात को 8 बजे से पहले ही रात का खाना खा लें। इसके बाद आपको कुछ भी नहीं खाना चाहिए।
  • आपको रोजाना कम से कम 7 घंटे की अच्छी नींद लेनी चाहिए।

जानिए किन लोगों को नहीं पीना चाहिए गन्ने का रस,और इसके अधिक सेवन के नुकसान

गर्मियों में गन्‍ने का रस पीना सभी को पसंद होता है। गन्‍ने का ठंडा और मीठा जूस गाले में ठंडक का एहसास जगा कर शरीर को पूरी तरह से तरोताजा बना देता है। गर्मी आते ही जगह जगह पर गन्‍ने के जूस की दुकाने लग जाती हैं। बदलते मौसम में गन्‍ने का जूस पीना आपकी सेहत के लिये अच्‍छे से ज्‍यादा नुकसान पहुंचाने का काम भी करता है।

जी हां, आपको शायद हमारी बात पर यकीन ना आए मगर इस मौसम में ज्‍यादा गन्‍ने का रस पीना सेहत के लिये बिल्‍कुल भी ठीक नहीं। इसका लगातार सेवन करने से शरीर का वजन बढ़ सकता है। यही नहीं यह शुगर की बीमारी और पेट में कीडे़ पैदा कर सकता है।

जिन लोगों को ये बीमारी है। उन लोगों को गन्ने का रस पीना हो सकता है खतरनाक।

मोटे लोगों को :-अगर आपका वजन ज्यादा है तो गन्ने का रस हानिकारक हो सकता है। इसमें बहुत ज्याद कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं। इससे मोटापा बढ़ सकता है।

डायबिटीज होने पर :- अगर आपको शुगर है या ब्ल़ड शुगर है तो गन्ने का रस पीने को अवॉइड करें। इससे ब्लड इंफेक्शन होने पर प्रॉब्लम बढ़ सकती है।

कफ होने पर :- अगर आपको साँस लेने, कफ और सर्दी की समस्या हो तो आपको गन्ने का रस नहीं पीना चाहिए, क्योंकि इससे आपका कफ ज्यादा बढ़ सकता है और आपको साँस लेने में ज्यादा तकलीफ हो सकती है।

दस्त आने पर :- अगर आपका पेट खराब है तो आपको गन्ने का रस अवॉयड करना चाहिए। जी हां क्योंकि इसे पीने से आपको दस्त की समस्या हो सकती है।

कब्ज की दिक्कत :- जिसको भी एसिडिटी की समस्या है तो बिलकुल गन्ने का रस नहीं पीना चाहिए। इसके इलावा अगर आप एंटीएसिड दवाईयां ले रहे है तो आपको गन्ने का रस अवॉयड करना चाहिए।

गन्‍ने का जूस ज्‍यादा पीने के नुकसान

खून को बनाता है पतला – यह शरीर में रक्‍त को पतला बनाता है इसलिए यदि आप पहले से ही रक्त को पतला करने वाली दवा ले रहे हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

बलगम या खांसी की समस्‍या – यदि आपको पहले से ही बलगम या खांसी की समस्‍या है तो गन्‍ने का जूस पीना आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिये ठीक नहीं है। इसको ज्‍यादा पीने से यह समस्‍या काफी ज्‍यादा बढ़ सकती है।

पाचन तंत्र को पहुंचाता है नुकसान – गन्ने के रस के बारे में शायद आपको यह ना पता हो लेकिन यह रस पंद्रह मिनट के बाद खतरनाक हो जाता है। जिसे पीने से पाचन तंत्र में परेशानी आ सकती है।

वजन बढाए – अगर आपका वजन पहले से ही काफी ज्‍यादा है तो गन्‍ने का जूस उसे और भी बढ़ा सकता है क्‍योंकि इसमें ढेर सारी शुगर के साथ साथ ढेर सारी कैलोरीज भी पाई जाती है।

ये लोग भूलकर भी न खाएं अनार, शरीर को हो सकते हैं ये बड़े नुकसान

यूं तो अनार खून बढ़ाने और शरीर को पोषण देने के लिए सबसे बेहतरीन जरिया माना जाता है, लेकिन यही अनार कुछ लोगों को बीमार भी बना सकता है। दरअसल मेडिकल साइंस के मुताबिक कुछ लोगों को अनार का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि ये उन्हें फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है।

  • जिन लोगों को किसी तरह की एलर्जी है उन्हें अनार नहीं खाना चाहिए। क्योंकि इससे उनकी समस्या ज्यादा बढ़ सकती है।
  • लो ब्लड प्रेशर के रोगियों को अनार नहीं खाना चाहिए। क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है और इसे खाने से ब्लड सर्कुलेशन की गति और धीमी हो सकती है।
  • आयुर्वेद के अनुसार लो ब्लड प्रेशर की दवाई खाने के साथ अनार का सेवन नुकसानदायक साबित हो सकता है। क्योंकि इससे दोनों के तत्व रिएक्ट कर सकते हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

  • जिन लोगों को इंफ्लूएंजा या खांसी की शिकायत है उन्हें भी अनार नहीं खाना चाहिए। क्योंकि ये संक्रमण को बढ़ा सकता है।
  • जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है उन्हें भी अनार नहीं खाने चाहिए। क्योंकि इससे पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं करेगा।
  • इसके अलावा जो लोग गैस्ट्रिक की परेशानी से पीड़ित हैं उन्हें भी अनार का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि अनार के ठंडे तासीर की वजह से खाना ठीक से पच नहीं पाता है। इससे खाना पेट में सड़ने लगता है।

  • जिन लोगों को मानसिक परेशानी रहती है उन्हें भी अनार नहीं खाने चाहिए। इससे उनके दिमाग की नसें ठंड की वजह से जाम हो सकती हैं।
  • मानिसक परेशानी में खाई जाने वाली दवाई के चलते भी अनार नहीं खाना चाहिए। इससे केेमिकल रिएक्शन हो सकता है।
  • मेडिकल साइंस के मुताबिक एड्स एवं कैंसर जैसी बीमारी में भी अनार का सेवन बिना चिकित्सक के परामर्श के नहीं करना चाहिए। क्योंकि इन रोगों में इस्तेमाल किए जाने वाले मेडिसिन्स अनार के साथ नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

इस गुरुद्वारा साहिब में शुरू हुई MRI और CT Scan की सुविधा, 5000 का टेस्ट यहां होगा सिर्फ 50 रुपए में

सरकारी अस्पतालों में लगातार बढ़ती भीड़ के कारण लोगों को इलाज और जांच के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ता है। एमआरआई (MRI Scan) और सीटी स्कैन (CT Scan) जैसी जांच प्राइवेट लैब में बहुत मंहगी पड़ती हैं इसलिए लोग सरकारी अस्पतालों की तरफ भागते हैं।

मगर आपके लिए खुशखबरी है कि जल्द ही नई दिल्ली स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब में ये दोनों जाचें उपलब्ध होंगी। खास बात ये है कि ये जांच बेहद कम कीमत में होगी,

भीड़ से मिलेगी राहत

सरकारी अस्पतालों में होने वाली लंबी कतारों और भीड़ की समस्या इस पहल से काफी हद तक कम हो जाएगी। गुरुद्वारे के आसपास 5 बड़े अस्पताल हैं, जिनमें गंगाराम, एलएनजेपी, जीबी पंत और आरएमएल शामिल हैं। इन अस्पतालों में पूरे देश से हजारों मरीज हर रोज इलाज कराने के लिए आते हैं।

सस्ते इलाज और मुफ्त जांच के लिए ये मरीज सरकारी अस्पतालों की भीड़ में महीनों तक अपनी बारी की प्रतीक्षा करते हैं। लोकनायक अस्पताल में तो एमआरआई जांच के लिए 2 साल की वेटिंग चल रही है। इसके बाद भी बहुत सारे लोगों का नंबर नहीं आता है। गुरुद्वारा बंगला साहिब में मात्र 20-50 रुपए में ये सुविधाएं मिलने पर लोगों को इस भीड़ से राहत मिलेगी।

मरीजों और परिजनों के ठहरने और खाने की भी व्यवस्था

गुरुद्वारा बंगला साहिब में मरीज के साथ आने वाले लोगों के लिए गुरुद्वारे में ठहरने के लिए भी सराय में जगह दी जाएगी। ऐसे में उन्हें यहां रहने की भी परेशानी नहीं उठानी होगी। इसके अलावा गुरुद्वारा में दोपहर और शाम को लंगर भी चलता है, जिससे मरीजों को खाने-ठहरने की समस्या हल हो जाएगी।

नवंबर से शुरू होगी सुविधा

आपको बता दें कि गुरुद्वारा परिसर में एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें लगाने का प्रस्ताव पिछले 2 सालों से दिया गया है। मगर कमेटी के अनुसार इसी साल नवंबर तक सभी तैयारियां पूरी हो जाएंगी और मरीजों को ये सुविधाएं यहां मिलने लगेंगी।

बंगला साहिब परिसर अभी एक पॉलीक्लीनिक है, जहां दांतों और आंखों के इलाज के साथ-साथ ईसीजी आदि की भी सुविधा है। यहां दिन में 2 बार स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की टीम आती है।

भारत में पहुंची दुनिया की सबसे खतरनाक फंगस, 90 दिनों में हो जाती है मरीज़ की मौत

कैंडिडा ऑरिस नाम के फंगस ( fungus ) के संपर्क में आते ही कई लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। दुनिया भर में ये फंगस लोगों को लिए जानलेवा साबित हो रहा है। लोग इसे रहस्यमयी फंगस बता रहे हैं। इस फंगस का अब तक कोई इलाज नहीं मिल पाया है।

इसके पीछे की वजह यह है कि जब यह फंगस किसी व्यक्ति के शरीर में जाता है तो उस व्यक्ति की मौत के बाद भी यह नष्ट नहीं होता। यह फंगस खासकर उन लोगों के शरीर में जाता है जिनका इम्यून सिस्टम कमज़ोर होता है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ‘कैंडिडा ऑरिस’ नाम के इस फंगस के कारण अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है।

इस फंगस से ग्रसित पहला मरीज ब्रुकलिन में पाया गया था। यह मामला पिछले साल मई महीने का है। ब्रुकलिन के हॉस्पिटल में एक बुजुर्ग को तबियत खराब होने पर भर्ती कराया गया। जब उसका ब्लड टेस्ट किया गया तब इस रहस्यमयी फंगस का पता लगा। डॉक्टरों ने उसका इलाज करने की बहुत कोशिश की लेकिन आखिरकार कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। उस बुजुर्ग व्यक्ति की मौत के बाद कई लोग इस फंगस से ग्रसित पाए गए।

बता दें कि पिछले पांच वर्षों में वेनेजुएला और स्पेन के कुछ अस्पतालों में इस फंगस से ग्रसित लोगों के कई मामले सामने आए। इसके बाद यह फंगस यूएस और यूरोप की तरफ बढ़ा। अब एक रिपोर्ट में यह कहा जा रहा है कि इस फंगस ने भारत , पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रिका के तरफ रुख किया है। ब्रुकलिन में हुई बुजुर्ग की मौत के बाद अस्तपाल के प्रबंधक डॉ स्कॉट लॉरिन के मुताबिक, उन्हें दीवारें, बिस्तर, दरवाजे, पर्दे, फोन, सिंक, वाइटबोर्ड, चादर, बेड रेल में कैंडिडा ऑरिस मिला था।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस फंगस को लेकर एक दिक्कत यह भी है कि लोगों को इसके बारे में नहीं पता। इसके पीछे की वजह यह है कि इसे अब तक गोपनीय बनाकर रखा गया है। इस फंगस से अब तक जितनी मौतें हुई हैं उनमें कई मामले ऐसे हैं जिसमें मरीज की मौत 90 दिन के अंदर हो जाती है।

बता दें कि अभी तक इस फंगस से लड़ने के लिए कोई दवा नहीं बन पाई है। जब इस फंगस से कोई व्यक्ति ग्रसित हो जाता है तो उसे बुखार, दर्द और कमजोरी होती है। फिलहाल, इस फंगस पर विशेषज्ञ रिसर्च कर रहे हैं और जल्द से जल्द इसका तोड़ निकालने की कोशिश कर रहे हैं।