सिर्फ 20 दिनों में थायराइड की समस्या से निजात पाने के लिए करें इन चीजों का इस्तेमाल

अगर आपको लगातार थकान, सिर चकराना, वजन बढ़ना और मांसपेशियों की कमजोरी जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है तो ये थायराइड के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में फाइबर युक्त आहार का सेवन कर इस बीमारी से बचा जा सकता है।

इन चीजों का करें इस्तेमाल :

गाजर में ऐंटीऑक्सिडेंट्स और बीटा कैरोटीन तत्व होते हैं जो थाइरॉइड के हार्मोंस को नियंत्रित करते हैं। दिनभर में एक गाजर खाना जरूरी है। इसमें आयरन और फाइबर की अधिकता होती है जो थाइरॉइड में फायदेमंद है। अगर आप रोज सुबह खाली पेट एक गाजर को धोकर उसे कच्चा खाएंगे तो 20 दिन के अंदर अंदर आपकी थाइराइड ठीक होने लगेगी।

इसके साथ ही  दिन में एक बार एक कच्चा चुकंदर जरूर खाएं। अनानास भी ऐंटीऑक्सिडेंट्स और एंटी इन्फ्लेमेट्री तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। ऐपल में फाइबर और पेक्टिन होता है। यह शरीर के जहरीले पदार्थों को बाहर निकालता है। इसमें थाइरॉइड को नियंत्रित करने के गुण मौजूद हैं। इससे इम्यून सिस्टम बेहतर होता है और थाइरॉइड हार्मोन नियंत्रित रहता है।

इन चीजों के इस्तेमाल से बचें :

जिन लोगों का थाइरॉइड बढ़ा हो उन्हें गन्ना, डेक्सट्रोस, हाई फ्रूटस कॉर्न सिरप आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। इनमें मौजूद कैलरी और शुगर से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। सॉफ्ट ड्रिंक, पैन केक, जैम/जेली, कुकीज़, केक, पेस्ट्री, कैंडी, दही, इन सबका भी सेवन नहीं करना चाहिए।

ज्यादा नमक वाले आहार :

नमक से थाइरॉइड ग्रंथि ज्यादा प्रभावित होती है इसलिए हाइपोथाइरॉडिज्म से ग्रसित लोगों को ज्यादा नमक का खाना नहीं खाना चाहिए। समुद्री शैवाल, कैल्प और ऐसा कोई भी सी-फूड न लें जिसमें आयोडीन ज्यादा होता है। हाइपोथाइरॉडिज्म में शुद्ध दूध नहीं लेना चाहिए।

मलाई या क्रीम निकला हुआ दूध लें जो पचाने में आसान और फायदेमंद होता है। अगर आप पहले से ही हाइपोथाइरॉडिज्म से पीड़ित हैं तो आपको कॉफी, शुगर और अन्य उत्तेजक पदार्थों को नहीं लेना चाहिए क्योंकि इनसे थाइरॉक्सिन ज्यादा पैदा होता है।

इलाज के लिए नहीं है पैसा तो जाएं इस हॉस्पिटल, फ्री में होगा बड़ी बीमारियों का इलाज

अगर आपके पास इलाज कराने को पैसा नहीं है तो चिंता न करें। गंगा मेमोरियल हॉस्पिटल,जमशेदपुर आएं। यहां मुफ्त में सर्जरी होगी। हॉस्पिटल के संचालक डॉ. नागेंद्र सिंह ने अपनी मां गंगा देवी की पुण्यतिथि पर मुफ्त में 335 सर्जरी करने का लक्ष्य रखा है।

मानगो स्थित मुंशी मोहल्ला निवासी रुक्मिणी देवी के आंत में 12 गुणा 10 इंच (काफी बड़ा) का पत्थर लेकर घूम रही थी। उनके पास इलाज कराने के लिए न तो पैसा था और न ही सरकारी मदद लेने के लिए लाल कार्ड। रुक्मिणी दर्द से परेशान। इसी दौरान उसे किसी ने डॉ. नागेंद्र सिंह का पता दिया।

उसने डॉक्टर साहब से पूछा कि क्या यहां मुफ्त में सर्जरी होती है। डॉक्टर साहब ने कहा-मुझे ये पता है कि यहां से इलाज के अभाव में कोई लौट कर नहीं जाता। आप भर्ती हो जाइए, पैसे का चिंता न कीजिए। पत्थर आंत में था, इसलिए सर्जरी जटिल थी। तीन घंटे तक सर्जरी चली। अब वह स्वस्थ हो चुकी है। रुक्मिणी की मुफ्त में सर्जरी हुई।

इसी तरह, केंद्रीय वरिष्ठ नागरिक समिति के अध्यक्ष शिव पूजन सिंह ने एक गरीब मरीज को सर्जरी के लिए भेजा। उसके गर्भाशय में ट्यूमर था। उसकी भी मुफ्त में सर्जरी हुई। दूसरे किसी निजी अस्पतालों में यह दोनों सर्जरी होती तो करीब 80 से 90 हजार रुपये खर्च आते।

इन बीमारियों की हो रही मुफ्त सर्जरी

अगर आपके पित्त की थैली में पत्थर है, एपेंडिक्स, ओवरी का ट्यूमर है, बच्चेदानी का ट्यूमर, आंत का ट्यूमर या शरीर के ऊपरी भाग में पाए जाने वाले ट्यूमर है तो सर्जरी मुफ्त में होगी। इसका लाभ सेना, शहीद हुए जवान के परिजन भी उठा सकते हैं।

मुफ्त कर चुके हैं 13665 सर्जरी

2 मार्च तक 335 सर्जरी मुफ्त में की जा रही है। इसका लाभ कोई भी गरीब मरीज उठा सकता है। बीते 30 साल में मैं अभी तक 13665 मुफ्त में सर्जरी कर चुका हूं। मरीजों की सेवा ही हमारा लक्ष्य है।

– डॉ. नागेंद्र सिंह, सर्जन, गंगा मेमोरियल हॉस्पिटल।

सोने से पहले दूध में देशी घी मिला कर पीने के हैं ये हैरान कर देने वाले फायदे

गाय का घी एंटीऑक्सिडेंट से भरा है। इसके अलावा इसमें एंटी-बैक्‍टीरियल और एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं। महत्वपूर्ण पोषक तत्वों और फैटी एसिड के साथ भरी हुई घी भी एक सुपरफूड माना जाता है। दूध के साथ सेवन करने पर घी सबसे अधिक फायदेमंद माना जाता है। प्राचीन समय में, घी के साथ दूध आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा लेने की सलाह दी जाती थी। इसे राजा और योद्धा शारीरिक शक्ति के लिए क्या खाते थे।

पाचन शक्ति को मजबूत करता है

दूध में घी डालकर पीने से शरीर के अंदर पाचन एंजाइमों के स्राव को उत्तेजित करके पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है। ये एंजाइम जटिल खाद्य पदार्थों को सरल खाद्य पदार्थों में तोड़ते हैं, जिससे जल्दी और बेहतर पाचन में मदद मिलती है। यदि आपको कब्ज है या पाचन तंत्र कमजोर है, तो आप नियमित रूप से इस खाद्य का सेवन कर सकते हैं।

मेटाबॉलिज्‍म को इंप्रूव करता है

दूध और घी का अद्भुत संयोजन चयापचय को बेहतर बनाने और आपके शरीर को ऊर्जा और शक्ति प्रदान करने में मदद कर सकता है। यह उत्सर्जन के माध्यम से शरीर से सभी हानिकारक विषाक्त पदार्थों को निकालकर प्रणाली को detoxify भी करता है।

जोड़ों के दर्द के लिए है लाभकारी

अगर आप जोड़ों के दर्द से पीड़ित हैं और इससे जल्द छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आपको घी और दूध का एक साथ सेवन करना चाहिए। घी जोड़ों में सूजन को कम करने में मदद करता है और दूसरी ओर दूध हड्डियों को मजबूत करता है। बस एक गिलास दूध में एक चम्मच घी मिलाएं और इसे कुछ दिनों तक पीएं।

स्‍टेमिना बढ़ाता है

यदि आप लगातार अधिक काम के कारण थका हुआ महसूस करते हैं, तो आपको इस पेय का सेवन करना चाहिए। यह आपको कठोर शारीरिक गतिविधियों को करने के लिए बहुत सहनशक्ति और शक्ति प्रदान करता है। आपने अक्सर सुना होगा कि पहलवान एक बैल की तरह मजबूत बनने के लिए घी और दूध का सेवन करते हैं।

नींद अच्‍छी दिलाए

दूध में एक चम्‍मच गाय का देशी घी मिलाकर सोने से पहले पीएं। अच्‍छी और सुकून भरी नींद आएगी। इसका नियमित सेवन करने से आपको ढ़ेर सारे लाभ मिलेंगे।

हर रोज़ 26000 लोगों की जान ले लेता है कैंसर, जानिए किस तरह के खाने से बढ़ती है कैंसर होने की संभावना

आज वर्ल्ड कैंसर डे है। कैंसर को फैलने से रोकने और अवेयर करने के लिए इसे हर साल दुनियाभर में मनाया जाता है। इस साल इसकी थीम ‘आई एम एंड आई विल’ रखी गई है। 2018 में कैंसर से करीब 95 लाख लोगों की जान गई। हर रोज 26 हजार लोगों को कैंसर ने खत्म किया।

एन्वायरमेंट में फैल रहे स्ट्रेस, खराब एयर क्वालिटी, बदलती हुई लाइफस्टाइल और फूड हेबिट चेंज होने के चलते भी यह आंकड़ा बढ़ रहा है। इनके अलावा कैंसर के बढ़ने के और भी कई
फैक्टर हैं। हमने इस बारे में कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ आलोक मोदी से बात की।

कब बढ़ जाती है कैंसर होने की संभावना

  • ज्यादा वजन होने से कैंसर होने की आशंका बढ़ती है।
  • क्रोनिक इंफेक्शन से इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
  • तंबाकू या इससे बने पदार्थों को लेने से कैंसर का खतरा बढ़ता है।
  • स्ट्रेसफुल लाइफस्टाइल, फ्रूट्स, वेजिटेबल्स न खाना और न्यूट्रिएंट्स पर्याप्त मात्रा में न लेने से भी इसकी रिस्क बढ़ जाती है।

किस तरह के फूड्स से बढ़ जाती है कैंसर की रिस्क

इंसेक्टिसाइड (कीटनाशक पदार्थ), पेस्टिसाइड (कीड़ा मारने वाली दवाई) का खेती में बहुत ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है। इसे तैयार खाद्य पदार्थ कैंसर की रिस्क बढ़ाने वाले हो सकते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें बहुत ज्यादा फर्टिलाइजर का इस्तेमाल किया जा रहा है, वे भी कैंसर को पैदा कर सकते हैं।

फास्ट फूड में तरह-तरह के केमिकल मिलाए जाते हैं। यह कैंसर पैदा कर सकते हैं। डिब्बों में बंद फूड आयटम या ऐसे दूसरे पैकेज्ड फूड्स जिन्हें अच्छा रखने के लिए इनमें प्रिजरवेटिव्स मिलाए जाते हैं, यह कैंसरकारी तत्व पैदा कर सकते हैं। सोडा को कई तरह के रंगों, प्रिजरवेटिव्स, शुगर से तैयार किया जाता है। इसलिए यह कैंसर पैदा कर सकता है। आर्टिफिशियल स्वीट्नर भी कैंसर का कारण बन सकते हैं।

कैंसर से बचाने वाले फूड 

सभी तरह के नेचुरल फूड और बैलेंस डाइट कैंसर से बचाती है। हल्दी, लहसुन, साइट्रस फ्रूट्स, बेरीस, टमाटर, पर्पल-रेड फ्रूट्स और हरी पत्तेदार सब्जियां। हाई फाइबर वाले अनाज, नट्स, सीड्स, बींस भी इसमें शामिल हैं। सिगरेट, शराब को छोड़कर यदि रोजाना इन फ्रूट्स को लिया जाए तो इससे कैंसर की रिस्क कम होती है।

अब आ गई है बिना दर्द के कैंसर का जड़ से इलाज़ करने वाली दवा, 2020 में होगी लॉन्च

कैंसर का इलाज अभी तक विज्ञान में मिल नहीं पाया था, लेकिन इज़राइल के वैज्ञानिकों  ने यह दावा किया है कि 2020 तक कैंसर का जड़ से इलाज मुमकिन है. ये वैज्ञानिक अपने परीक्षण के आखिरी स्टेज पर हैं. अगर वह सफल हो जाते हैं तो ये दुनिया का पहली ऐसी दवाई बना लेगें, जिससे कैंसर पूरी तरह से मरीज के शरीर से खत्म हो सकता है.

डब्ड मुटाटो नाम से एनोल्यूशन बायोटेक्नोलॉजिज़ लिमिटेड कंपनी से जुड़े वैज्ञानिकों से इस दवाई का अविष्कार किया है. जो सफल होते ही अगले साल यानी 2020 तक कैंसर जैसी घातक बीमारी से लड़ रहे मरीज़ों के लिए उपलब्ध होगी.

द जेरुसलेम टाइम्स को कंपनी के चेयरमैन डैन एरिडोर ने बताया कि, ‘हमारी बनाई हुई ये कैंसर की दवा पहले दिन से ही अपना असर दिखाएगी. इसके ना तो कोई साइड इफेक्ट्स हैं और ना ही ये दवा महंगी है. बाज़ार में मौजूद महंगे ट्रीटमेंट्स से अलग ये दवा काफी सस्ती है. हमारा समाधान सामान्य और व्यक्तिगत दोनों होगा.’

फोर्ब्स में छपी इस खबर के मुताबिक मुटाटो कैंसर-टार्गेटिंग पेप्टीडेस और यूनिक टॉक्सिन का मिश्रण है जो सिर्फ कैंसर सेल्स को टार्गेट करता है. इससे हेल्दी सेल्स को कोई नुकसान नहीं पहुंचता.इन वैज्ञानिकों का दावा है कि यह सभी मरीज़ों के लिए अति-व्यक्तिगत होगा.

फिलहाल चूहों पर इस दवा का सफल परीक्षण हो चुका है और इसी साल 2019 में इंसानों पर भी इसका ट्रायल किया जाएगा. अगर यह ट्रायल सफल हुआ तो इससे लाखों कैंसर से जूझ रहे मरीज़ों की जानें बचाई जा सकेंगी.

रोजाना दूध के गिलास में डालें यह 5 चीज़ें, नहीं पड़ेगी वायग्रा की ज़रूरत

बहुत से लोग सेक्स क्षमता बढ़ाने के लिए वियाग्रा का इस्तेमाल करते हैं. जबकि कुछ लोग सेक्स इच्छा प्रबल करने के लिए ऐसा करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं आप कुछ घरेलु नुस्खों से ऐसा फॉर्मूला तैयार कर सकते हैं जो आपकी जरूरत को हमेशा के लिए खत्म कर देगा. चलिए जानते हैं आपको क्या करना होगा.

आपको जानकर हैरानी होगी दूध सिर्फ आपकी ओवरऑल हेल्थ को ठीक नहीं करता बल्कि आपकी सेक्सुअल हेल्थ के लिए भी अच्छा है. यदि आप आधा कप दूध में 3 चम्म‍च बरगद के पेड़ की जड़ों का पाउडर मिलाकर पीएंगे तो ये नुस्खा वियाग्रा जैसा काम करेगा.

1 कप दूध में 1 चम्मच ताजे पिसे हुए अदरक को उबालें. 15-20 मिनट के लिए इसे धीमी आंच पर उबाल लें. स्वादानुसार चीनी डालें और इसे दिन में दो बार लें. आपको कुछ ही समय में फायदा दिखने लगेगा. रोजाना केसर का सेवन अपनी बेड पर परफॉर्मेंस बढ़ा सकता है.

केसर न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर को बढ़ाकर और तनाव को कम करके और आपको मूड को बेहतर करती है और सेक्स क्षमता में सुधार करता है. गर्म दूध में केसर मिलाकर रोजाना लेने से ये दोगुना ज्यादा काम करेगा.  सौंफ खाने से हैप्पी हार्मोन एंडोर्फिन रिलीज होता है.

दूध के साथ इसे लेने से आपको रिलैक्स होने में मदद मिलती है. शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि सेफ्ड मूसली के सूखी जड़ों में 25 एल्कलॉइड होता है. इसमें शुक्राणुओं की संख्या और पुरुषों की शक्ति को बढ़ाने की क्षमता होती है. गर्म दूध के साथ मूसली को लें.