ऐसे करें ड्राईफ्रूट का बिजनेस, होगी 40 हजार रुपए महीना तक इनकम

ड्राई फ्रूट हर घर की बेसिक जरूरत है। खासकर फेस्टिवल टाइम में ड्राईफ्रूट सबसे ज्यादा गिफ्ट के तौर पर एक्सचेंज किया जाता है। इंडियन फैमिली की इसी बेसिक जरूरत पर अपना बिजनेस खड़ा कर सकते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि कैसे आप ड्राई फ्रूट का बिनजेस शुरू 40 से 50 हजार रुपए महीना कमा सकते हैं।

शुरू कर सकते हैं ड्राईफ्रूट का बिजनेस

ड्राईफ्रूट का बिजनेस शुरू करने के लिए दुकान चाहिए होगी। अगर आपके पास अपनी दुकान है तो आप किराए से बच जाएंगे। वहीं, आप कि‍राए पर दुकान लेकर पर भी काम शुरू कर सकते हैं।

आप अपने एरिया के आसपास दुकान ले सकते हैं। दुकान लेने से पहले यह जरूर देख लें कि आपकी दुकान के आसपास कितनी दुकानें ड्राईफ्रूट की है। ताकि, आपके लिए सेल करना आसान हो।

चाहिए होंगे ये लाइसेंस

  • दुकान चलाने और बिजनेस करने के लिए आपको जीएसटी नंबर चाहिए होगा। जीएसटी नंबर जीएसटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मिल जाएगा।
  • अगर किराए की दुकान पर कारोबार कर रहे हैं तो रेन्ट एग्रीमेंट चाहिए होगा। एमसीडी से दुकान चलाने का लाइसेंस भी लेना होगा।
  • फूड लाइसेंस सरकारी फूड अथॉरिटी एफएसएसएआईएस से लेना होगा।

होलसेल बाजार से खरीद सकते हैं दाल

अपने एरिया के ड्राईफ्रूट के होलसेल बाजर से दाल मंगा सकते हैं। ड्राईफ्रूट इंपोर्टर से भी खरीद सकते हैं। इनकी जानकारी ऑनलाइन मिल जाएगी।

इन्वेस्टमेंट और कमाई

खारी बावली में ड्राईफ्रूट और अनाज के होलसेलर सतिंदर जैन ने बताया कि ड्राईफ्रूट का बिजनेस 5 लाख रुपए के इन्वेस्टमेंट से शुरु किया जा सकता है। 5 लाख रुपए के इन्वेस्टमेंट में हर महीने 40 से 50 हजार रुपए आसानी से कमाए जा सकते हैं। जैन ने कहा कि ड्राईफ्रूट बेचकर रोजाना आसानी से 1,500 से 2,000 रुपए की सेल हो जाती है।

इतना मिलता है मार्जिन

होलसेल बाजार से लेकर रिटेल में 100 रुपए की सेल में 10 से 25 रुपए का मार्जिन मिलता है।

खड़ा कर सकते हैं अपना ड्राईफ्रूट ब्रांड

अपनी पैकेजिंग मशीन खरीदकर ब्रांड नाम के साथ भी ड्राईफ्रूट बेच सकते हैं। ड्राईफ्रूट की क्‍वॉलिटी अच्छी होने पर लंबे समय में इसका फायदा मिलता है।

ऑनलाइन भी बेच सकते हैं ड्राईफ्रूट

अपना ब्रांड बनाने पर ऑनलाइन मार्केट जैसे बिग बास्केट, अमेजन पैन्ट्री जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी ड्राईफ्रूट बेच सकते हैं।

ऑनलाइन कैसे बेचें प्रोडक्ट

कैसे जुड़ सकते हैं ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से

  • ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कारोबारी को रजिस्टर कराना होगा
  • कारोबारी को पैन, जीएसटी और बैंक अकाउंट की डिटेल देनी होगी
  • कंपनी सेलर के साथ एमओयू या करार भी करती है
  • करार के बाद आप वेबसाइट पर अपने प्रोडक्ट और साड़ी की फोटोग्राफ अपलोड कर सकते हैं।
  • वैरिफिकेशन के बाद प्रोडक्ट वेबसाइट पर दिखने लगते हैं।
  • ज्यादातर कंपनियां सेलर से प्रोडक्ट ऑनलाइन बिकने के बाद कारोबारी से 1 से 9 फीसदी कमीशन लेती हैं।
  • ऑनलाइन पेमेंट में प्रोडक्ट कस्टमर के पास पहुंचने के बाद सेलर यानी कारोबारी के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाती है।