इस राज्य में 230 किसानों ने बिजली बचा सब्सिडी से कमाए 18 लाख, “पानी बचाओ पैसा कमाओ” ये है योजना

पावरकॉम की जून 2018 में राज्य में alt39पानी बचाओ पैसा कमाओalt39 योजना के बाद भू-जल की बचत के प्रति किसान अधिक उत्साहित नजर नहीं आ रहे हैं। 6 फीडरों के करीब 940 किसानों में शुरू हुए इस सर्वेक्षण का मकसद भू-जल बचत है।

फतेहगढ़ साहिब, मुकेरियां तथा जालंधर फीडर के किसानों के लिए शुरू इस योजना में फिलहाल बहुत कम किसान ही अब तक पावरकॉम की सब्सिडी योजना का लाभ लेने में कामयाब हो पाए हैं। 940 में से लगभग 210 किसान ही बिजली यूनिट बचाकर सब्सिडी के रूप में 18 लाख रुपए कमा पाए या बचा पाए हैं।

पंजाब में खेती ले लिए बढ़ते भू-जल दोहन के मद्देनजर पावरकॉम जून 2018 में इस योजना को लाया था। इसमें प्रति बीएचपी 1 हजार यूनिट प्रतिमाह की सीमा निर्धारित की गई थी। इस स्वेच्छा सर्वेक्षण में करीब 20 गांवों के किसान शामिल किए गए थे।

हालांकि योजना की मॉनिटरिंग का समय निर्धारित नहीं किया गया है, लेकिन धान तथा गेहूं के सीजन में प्रतिमाह तयशुदा यूनिट लिमिट के भीतर बिजली उपयोग किए जाने पर बचे यूनिटों पर 4 रुपए के हिसाब से सब्सिडी दी गई है।

महंगी बिजली से सस्ती पड़ रही सब्सिडी

वर्तमान में पावरकॉम अपनी बिजली उत्पादित करने के अलावा प्राइवेट पावर प्लांटों से बिजली खरीद रहा है तथा प्रति यूनिट यह करीब 5.50 रुपए में पड़ रही है। हालांकि इसमें पीक सीजन में खरीदी गई महंगी बिजली शामिल नहीं है,

लेकिन किसानों को यूनिट की बचत के प्रति उत्साहित कर सब्सिडी सीधे उनके बैंक एकाउंट में ट्रांसफर कर पॉवरकाम उन्हें बिजली बचत तथा जमीन के पानी के दोहन दोनों से बचाने को प्रयास कर रही है।

किसानों की जेब में प्रति यूनिट 4 रुपये डालने के बावजूद भी पावरकॉम 50 पैसे से 1 रुपया यूनिट बचत कर रहा है। वहीं ट्यूबवैलों पर बिजली मीटर लगा सर्वेक्षण करने का भारतीय किसान यूनियन विरोध करती रही हैं। उनके मुताबिक पावरकॉम बिजली मीटर लगाने के बाद धीरे-धीरे सभी ट्यूबवेलों पर इसे अनिवार्य कर देगा। इसलिए भी किसान इस सर्वेक्षण में पूरी रुचि नहीं दिखा रहे हैं।