हर रोज़ 26000 लोगों की जान ले लेता है कैंसर, जानिए किस तरह के खाने से बढ़ती है कैंसर होने की संभावना

आज वर्ल्ड कैंसर डे है। कैंसर को फैलने से रोकने और अवेयर करने के लिए इसे हर साल दुनियाभर में मनाया जाता है। इस साल इसकी थीम ‘आई एम एंड आई विल’ रखी गई है। 2018 में कैंसर से करीब 95 लाख लोगों की जान गई। हर रोज 26 हजार लोगों को कैंसर ने खत्म किया।

एन्वायरमेंट में फैल रहे स्ट्रेस, खराब एयर क्वालिटी, बदलती हुई लाइफस्टाइल और फूड हेबिट चेंज होने के चलते भी यह आंकड़ा बढ़ रहा है। इनके अलावा कैंसर के बढ़ने के और भी कई
फैक्टर हैं। हमने इस बारे में कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ आलोक मोदी से बात की।

कब बढ़ जाती है कैंसर होने की संभावना

  • ज्यादा वजन होने से कैंसर होने की आशंका बढ़ती है।
  • क्रोनिक इंफेक्शन से इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
  • तंबाकू या इससे बने पदार्थों को लेने से कैंसर का खतरा बढ़ता है।
  • स्ट्रेसफुल लाइफस्टाइल, फ्रूट्स, वेजिटेबल्स न खाना और न्यूट्रिएंट्स पर्याप्त मात्रा में न लेने से भी इसकी रिस्क बढ़ जाती है।

किस तरह के फूड्स से बढ़ जाती है कैंसर की रिस्क

इंसेक्टिसाइड (कीटनाशक पदार्थ), पेस्टिसाइड (कीड़ा मारने वाली दवाई) का खेती में बहुत ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है। इसे तैयार खाद्य पदार्थ कैंसर की रिस्क बढ़ाने वाले हो सकते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें बहुत ज्यादा फर्टिलाइजर का इस्तेमाल किया जा रहा है, वे भी कैंसर को पैदा कर सकते हैं।

फास्ट फूड में तरह-तरह के केमिकल मिलाए जाते हैं। यह कैंसर पैदा कर सकते हैं। डिब्बों में बंद फूड आयटम या ऐसे दूसरे पैकेज्ड फूड्स जिन्हें अच्छा रखने के लिए इनमें प्रिजरवेटिव्स मिलाए जाते हैं, यह कैंसरकारी तत्व पैदा कर सकते हैं। सोडा को कई तरह के रंगों, प्रिजरवेटिव्स, शुगर से तैयार किया जाता है। इसलिए यह कैंसर पैदा कर सकता है। आर्टिफिशियल स्वीट्नर भी कैंसर का कारण बन सकते हैं।

कैंसर से बचाने वाले फूड 

सभी तरह के नेचुरल फूड और बैलेंस डाइट कैंसर से बचाती है। हल्दी, लहसुन, साइट्रस फ्रूट्स, बेरीस, टमाटर, पर्पल-रेड फ्रूट्स और हरी पत्तेदार सब्जियां। हाई फाइबर वाले अनाज, नट्स, सीड्स, बींस भी इसमें शामिल हैं। सिगरेट, शराब को छोड़कर यदि रोजाना इन फ्रूट्स को लिया जाए तो इससे कैंसर की रिस्क कम होती है।