ये 12 तस्वीरें नहीं, बल्कि होटल्स की वो सच्चाई है, जो होटल वाले हमें कभी नहीं बताते

कहीं घूमने जाने से पहले आप उस जगह पर रहने के लिए होटल्स ढूंढते हैं और जिसका रिव्यू सबसे अच्छा होता आप उसे बुक कर लेते हैं. इस दौरान आपको कई अच्छे-अच्छे ऑफ़र्स भी बताए जाते हैं ताकि आप उस होटल को बुक कराने के लिए मजबूर हो जाएं.

मगर उस होटल में पहुचंने के बाद आपको सब कुछ वैसा मिला जैसा उन्होंने बोला था. अगर ऐसा है, तो आप बहुत किस्मत वाले हैं. क्योंकि, आज हम जिन लोगों के अनुभव आपसे शेयर करने वाले हैं उनके साथ बिल्कुल भी वैसा नहीं हुआ जैसा उन्हें बताया गया था.

ये गार्डन नहीं, बल्कि एक मॉटेल का स्वीमिंग पुल है.

इस होटल रूम के बाथरुम की दीवार शीशे और पर्दे से बनी है.

ये कैसा शीशा है?

जब इन्हें अलमारी बनानी थी, तो ये सोफ़ा कम बेड इतना बड़ा क्यों बनाया?

भाई क्या गोलमाल है, बनाना ही होता तो यहां क्यों आते?

इस होटल रूम के कमरे में ही ओपन बाथरूम है.

भाई एडजस्ट करने से ही दुनिया चल रही है!

ये होटल का मूवी रूम है. इससे बड़े टीवी तो घर के हॉल में होते हैं.

कितनी मेहनत कराओगे?

डिस्प्ले में कुछ होता है और जब वहां जाओ, तो कुछ और ही होता है.

शावर है, लेकिन इस्तेमाल कर पाओ, तो कर लो.