गुलाब का इत्र बना के यह किसान करता है 6 एकड़ से 8 लाख की कमाई

किसान मेहनत करता है लेकिन उसको सफलता नहीं मिलती लेकिन कुश ऐसे किसान भी है जो अलग ही सोचते है और कुश ऐसा जुगाड़ कर लेते है के थोड़ी ज़मीन से ही वो बहुत सारा पैसा कमा लेते है ।

ऐसे ही हरियणा के बरोला में रहने वाले एक किसान कुशलपाल सिरोही दूसरे किसानों के लिए मिसाल बन गए हैं। आज वे गुलाब की एक किस्म बुल्गारिया की खेती कर प्रति एकड़ 8 लाख रु  कमा रहे हैं। वे पिछले कुछ सालों से इत्र व गुलाब जल बेच रहे हैं। अरब के देशों में बुल्गारिया गुलाब से बनाए इनके इत्र की खूब डिमांड है।

कैसे बनाते हैं गुलाब का इत्र

कुशलपाल सिरोही के अनुसार, तांबे के बड़े बर्तन में पानी और गुलाब के फूल डाल दिए जाते हैं।इसके बाद ऊपर से मिट्टी का लेप कर बर्तनों के नीचे आग जलाई जाती है।उसके बाद भाप के रूप में गुलाब जल व गुलाब इत्र एक बर्तन में एकत्रित हो जाते हैं, जिस बर्तन में भांप बनकर इत्र जाता है, उसे पानी में डाल दिया जाता है।

गुलाब का इत्र केवल तांबे के बर्तन में निकाला जाता है। कई जगह कंडेंसिंग विधि से भी अर्क निकाला जाता है।लेकिन आसवन विधि ज्यादा कारगर है। एक क्विंटल फूलों में मात्र 20 ग्राम इत्र निकलता है।इंटरनेशनल मार्केट में एक किलोग्राम इत्र का मूल्य करीब आठ लाख रुपए है।

सिर्फ छह एकड़ में करते हैं गुलाब की खेती

कुशलपाल ने बताया कि छह एकड़ में वह गुलाब की खेती कर रहे हैं। नवंबर व दिसंबर में इसकी कलम की कटाई होती है, इसी दौरान कलम लगाई जाती है। मार्च व अप्रैल माह मेें इस पर फूल आने शुरू हो जाते हैं।

गुलाब के फूलों की एक हजार किस्में हैं, लेकिन इत्र बुल्गारिया गुलाब में ही निकलता है।अगर फूलों की फसल ठीक-ठाक रहे तो इस किस्म से छह एकड़ पर तीन से आठ लाख रुपए कमा लेते हैं।

गुलाब की खेती पर कितना आता है खर्च

नवंबर व दिसंबर में गुलाब के पौधों की कटाई व छंटाई होती है। इसी दौरान नई कलमें भी लगाई जा सकती हैं। कुशपाल के मुताबिक, एक एकड़ में बुल्गारिया गुलाब लगाने में चार हजार रुपए के करीब खर्च आता है।

एक एकड़ में करीब दो हजार कलमें लगाई जा सकती हैं। यह तीन माह में तैयार हो जाता है। एक बार लगाया गुलाब 15 साल तक फूल देने के काम आता है।

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Sh. Kushal Pal Sirohi s/o Harender Singh
Village -Barola (Chandana)
Phone -01746-222222