इस बिजनेस के लिए सिर्फ एक बार करना होगा निवेश फिर इनकम ही इनकम है

आज की दुनिया में सभी फिटनेस के लिए सजग दिखाई देता है, इसलिए अगर आप अपना छोटा सा भी जिम या फिटनेस सेंटर खोले तो यह व्यापार का अच्छा विकल्प सिद्ध हो सकता है।

इसमें बस एक बार निवेश करना होता है फिर इस बिजनेस से फायदे ही फायदे है क्योंकि बाद में इस पर ना तो मंदी का असर पड़ता है ता ही अत्यधिक खर्च करना पड़ता है। यह बि‍जनेस बहुत छोटे स्‍केल से लेकर बहुत बड़े स्‍केल तक जा सकता है।

ऐसे करें बिजनेस स्टार्ट

इसके लिए सबसे पहले एक प्लाॅट की जरूरत पड़ती है। इसे आप अपनी सुविधानुसार अपने घर में भी खोल सकते हैं। आप अपने बजट के अनुसार, कम से कम गज के प्लाॅट में भी छोटा जि‍म खोल सकते हैं। एक सामान्‍य जि‍म में भी छोटी बड़ी 15 मशीनों की जरूरत होती है। इसके लिए आपको शुरुआत में कम से कम 3 लाख से 7 लाख रुपए तक निवेश करना पड़ेगा।

आपको अपने जिम सेंटर खोलने के लिए बेंच प्रेस, केबल क्रॉसओवर, पैक डेक, बटर फ्लाई, लैट पुल डाउन मशीन चाहि‍ए होगी। इनके अलावा सि‍टअप बेंच, दो नॉर्मल बेंच, डि‍प बार, प्रीचर बेंच, पांच से छह योगा मैट, स्कि‍पिंग रोप, छह छोटी बड़ी रॉड, अलग-अलग वेट के 8 जोड़ी डंबल, स्‍टैंड वगैरा के साथ थोड़ा बहुत और सामान चाहि‍ए होगा।

सामान्‍य इस तरह के जि‍म में फीस 1200 रुपए के आसपास होती है और अगर आपके जि‍म में 200 लोग भी आते हैं तो कुल फीस 2,40,000 हो जाती है। अन्‍य छोटे खर्च नि‍काल दें तो आपको हर महीने 1 लाख रुपए बच सकते हैं। जब मशीनों की कॉस्‍ट नि‍कल जाएगी तो प्रॉफि‍ट में सीधे 50 हजार का इजाफा हो जाएगा।

लेना होगा लाइसेंस

इसके लि‍ए आपको स्‍थानीय प्रशासन से लाइसेंस लेना होगा, आमतौर पर पुलि‍स यह जारी करती है। यह एक सेवा है इसलि‍ए आपको सर्वि‍स टैक्‍स के लि‍ए रजि‍स्‍ट्रेशन करना होगा। आपको एसएसअाई रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। जिम औद्योगिक इकाइयो के अंतर्गत शामिल नहीं है,

इसलिए शुरुआत में बेसिक स्तर पर रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई करना होता हैं जिसके बाद आपको सरकार की तरफ से अस्थाई प्रोविसनल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है। जब आपका जिम शुरु हो जाता है और बिजनेस सेट हो जाता है तब आप स्थाई लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकते हैं।