किसान ने तैयार की हवा से बिजली बनाने वाली मशीन, 1.50 लाख रुपए का आया ख़र्च

चौथी कक्षा तक पढ़ाई करने वाले मथुरा के एक 36 वर्षीय किसान उदयवीर ने एक ऐसी मशीन बनाने का दावा किया है जो हवा से बिजली बनाएगी। इस खोज के लिए जिले में किसान की तारीफ हो रही है। उदयवीर का कहना है कि उसे इस प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए सरकार से कोई मदद नहीं मिली लेकिन अब भी वह सरकारी मदद की उम्मीद किए हुए हैं।

  • जिले से करीब 45 किलोमीटर दूर छाता क्षेत्र के गांव गढ़ी-डड्डी के रहने वाले उदयवीर ने हवा से बिजली को बानकर दिखाई है। उदयवीर ने बताया कि उसके पिता किसानी के साथ-साथ गांव के ट्रैक्टर को ठीक किया करते थे और मैं उन्हें इस काम को करते हुए देखता रहता था।एक दिन मैं और मेरी पत्नी खेत पर गेंहू काटने गए। जब हम लोग घर वापस आये तो घर आकर देखा की लाइट नहीं है और इन्वर्टर भी डाउन पड़ा था।

मैंने एक छोटी सी मशीन पर अपना काम करना शुरू किया और जैसे जैसे मुझे सफलता मिलती गयी मैंने और बड़ा करने की ठान ली और 2010 से मैंने इस प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया और 8 साल 7 महीने की कड़ी मेहनत के बाद मैंने एक ऐसी मशीन तैयार कर दी जिससे बिना पानी के बिजली बनाई जा सकती है।

  • इस मशीन को उदय भास्कर इलेक्ट्रिक जनरेशन नाम दिया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट को बनाते समय उदयवीर की पैर की नशे ब्लॉक हो गईं थी। 2015 में उनका एक पैर डॉक्टर को काटना पड़ा।

कैसे बनती है बिजली

उदयवीर ने बताया की मशीन में चार बैटरी लगी हुई हैं। डीसी से मोटर, मोटर से रोटर और रोटर से अल्टीनेटर में सप्लाई जाती है। जैसे ही ऑक्सीजन बनने लगती है वैसे ही बिजली का बनना भी शुरू हो जाता है।

पूरे दिन में एक व्यक्ति जितनी ऑक्सीजन लेता है उतनी ही मशीन ऑक्सीजन अपने अंदर लेती है लगातार इससे बिजली बनाई जाती है। इस पूरी मशीन को बनाने में 1.50 लाख रुपए खर्च हुआ।

पीएम को भी भेज चुका हूं लेटर

उदयवीर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपने प्रोजेक्ट के बारे में लेटर लिखकर भेजा है जिसका अभी तक जवाब नहीं आया है।