पंजाब के इस किस्म के खरबूजे की दुबई तक है डिमांड, सिर्फ 40 दिन में ले सकते हैं 1.5 लाख का मुनाफा

पंजाब में एशिया की सबसे बड़ी खरबूजा मंडी कहलाने वाले कपूरथला में इस बार 1400 हेक्टेयर में खरबूजे की फसल तैयार हो रही है। अगेती फसल की बिजाई हो चुकी है। पिछेती बिजाई का अभी काम चल रहा है। फसल आने वाले 40 दिन में तैयार हो जाएगी। इसके बाद यहां से जम्मू, दिल्ली, कोलकाता, चैन्नई और देश के दूसरे राज्यों से व्यापारी खरीदने के लिए पहुंचने शुरू हो जाएंगे।

कपूरथला में इस बार किसानों ने इस बार एथिनोन किस्म के खरबूजे की बिजाई की है। इस किस्म का खरबूजा दुबई में जाता है। इस खरबूजे में टीडीएस 16 प्रतिशत है जबकि दूसरे बीज में 14 प्रतिशत तक होता है जिससे एथिनोन किस्म का खरबूजा खाने में ज्यादा मीठा होता है।

गांव बरिंदपुर का कुलदीप सिंह एथिनोन खरबूजा पैदा करने वाला पंजाब का पहला किसान है।कुलदीप सिंह ने एथिनोन 10 एकड में एथिनोन किस्म और 100 एकड़ में बॉबी खरबूजा की खेती की है। इन दिनों खेतों में खरबूजे की फसल यौबन पर है। मई के अंत में खरबूजे की आमद मंडियों में आनी शुरू हो जाएगी।

खरबूजे की फसल ऐसी है जिस पर कीटनाशक का छिड़काव करने की जरूरत नहीं पड़ती।पानी और खाद भी कम देना होता है। अधिकतर खर्च बीज और खुदाई का होता है। तीसरा इसका मंडीकरण ले जाने का। मंडी में रेट सही हुआ तो किसान 30 से 35 हजार रुपए के खर्च में एकड से लाखों कमा लेता है।

कब होती है खरबूजे की बिजाई

किसान फरवरी में आलू की फसल की खुदाई के बाद खरबूज़ा की बिजाई करते हैं। किसान कुलदीप सिंह बरिंदपुर ने बताया कि आम खरबूजे का बीज 15 से 20 हजार रुपए प्रति किलो तक में आता है। एथिनोन का बीज 35 हजार रुपए किलो है। इसकी पैदावर कम होती है लेकिन दुबई व अन्य राज्यों में इसकी अधिक डिमांड है।

व्यापारी कच्ची फसल का ही ठेका कर लेते हैं

खरबूजे के खरीदार महीना पहले ही कपूरथला में डेरा डाल देते हैं। कई व्यापारी तो कच्ची फसल का ही ठेका कर लेते हैं। इसमें किसान को अधिक लाभ है, दूसरा किसान को रिस्क भी नहीं रहता। पकी फसल को लोकल में बेचना पड़ता है। मंडी में तेजी हुई तो यह फसल लाखों में बिक जाती है लेकिन मंदी में इसकी खरीदारी करने कोई नहीं आता।

किसान समय-समय पर खेती माहरों से लें सलाह

कृषि विज्ञान केंद्र के सहायक निदेेशक डॉ. मनोज शर्मा ने कहा कि खरबूज़ा की बिजाई के लिए हलकी जमीन अच्छी मानी जाती है। एक एकड़ में फसल के लिए खरबूजेे का 400 ग्राम बीज काफी होता है। बीज को खाल बनाकर लाइनों में लगाना चाहिए। एक एकड़ में खरबूजे की फसल को 110 किलो यूरिया, 25 किलो फास्फोरस, 25 किलो पोटाश की जरूरत होती है।

फसल को बिजाई से फौरन बाद पानी लगाना जरूरी है। फसल बिजाई से 60 से 80 दिन बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है। फसल पर आम तौर पर लाल भूंडी, तेला, फल की मक्खी, झुलस रोग आदि का हमला होता। इसकी रोगथाम के लिए किसानों को कृषि माहिरों से सम-समय पर सलाह लेनी चाहिए।