जाने चिप्स के फूले हुए पैकेट में कौन सी हवा भरी होती है और क्या है इसका कारण

बाजार में बिकने वाले तमाम कंपनियों के चिप्स हम आप कभी ना कभी खरीदते ही रहते हैं लेकिन उन्हें खरीदने के बाद ज्यादातर लोगों को यह अफ़सोस होता है कि पैकेट खोलने के बाद उसमें से चौथाई मात्रा में भी चिप्स नहीं निकलते और निकलती है तो सिर्फ हवा।

अब क्या आपने कभी सोचा है पैकेट के भीतर कौन सी गैस भरी होती है और फूड प्रोडक्‍ट के पैकेट में गैस भरने की आखिर जरूरत क्‍या है। अगर आप सोचते हैं कि वो ऑक्सीजन है तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, क्योंकि उस हवा का नाम है नाइट्रोजन। चिप्स के पैकेट के भीतर यह हवा क्यों भरी जाती है और उसका लॉजिक क्या है?

लॉजिक 1

चिप्स चाहे आलू के हों या किसी और चीज के, वो काफी पतले और नाजुक होते हैं। इस लॉजिक के मुताबिक अगर चिप्स के पैकेट में बिल्कुल भी हवा ना हो तो चिप्स आपस में टकरा कर बहुत जल्दी टूट जाएंगे। यानि जब आप पैकेट खोलेंगे तो आपको चिप्स नहीं बल्कि उसका चूरा मिलेगा। यह एक बड़ी वजह है कि चिप्स के पैकेट में हवा भरी जाती है।

लॉजिक 2

अगर चिप्स के पैकेट में हवा ना भरी जाए तो कस्टमर को यह पता नहीं चलेगा कि चिप्स का पैकेट कहीं से खुला हुआ या लीक तो नहीं है। फिलहाल फूला हुआ पैकेट साबित करता है कि चिप्स का पैकेट पूरी तरह से सील पैक्‍ड है।

An open bag of potato crisps.
Image shot 2008. Exact date unknown.
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लॉजिक 3

यह लॉजिक भी इंसानी सोच की वजह से ही बना है। ज्यादातर चिप्स कंपनियां अपने पैकेट में बहुत कम मात्रा में चिप्स रखती हैं, अब अगर चिप्स का पैकेट फूला हुआ नहीं होगा तो कस्टमर को लगेगा कंपनी उनके साथ धोखा कर रही है या फिर इतनी ज्यादा कीमत में इतने कम चिप्स दे रही है।

इसलिए ह्यूमन साइकोलॉजी को ध्यान में रखकर कंपनियां चिप्स के हर एक पैकेट में जमकर नाइट्रोजन भर देते हैं ताकि कस्‍टमर पैकेट देखकर खुश हो जाए और उसे खरीदने के लिए प्रेरित हो।