बजट 2019 : पेट्रोल डीजल को लेकर सरकार ने लिया ये फैसला

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना पहला बजट पेश किया। इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार की योजनाओं के केंद्र में गांव, गरीब और किसान हमेशा रहते हैं। वित्त मंत्री सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया।

पेट्रोल डीजल को लेकर लोग बहुत समय से इंतजार कर रहे थे लोगो को उम्मीद थी की 2019 में पेट्रोल डीजल GST के दायरे में आ जाएगा, जिससे पेट्रोल डीजल सस्ते हो जाएगें पर होआ बिलकुल विपरीत सरकार ने पेट्रोल डीजल पर 1-1 प्रतिशत अतिरिक्त सेस बड़ा दिया है, जिस से पेट्रोल-डीजल और भी महंगा हो जाएगा,

मिडिल क्लास के लिए मोदी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. अब 45 लाख रुपये का घर खरीदने पर अतिरिक्त 1.5 लाख रुपये की छूट दी जाएगी. हाउसिंग लोन के ब्याज पर मिलने वाली कुल छूट अब 2 लाख से बढ़कर 3.5 लाख हो गई है. इसके अलावा 2.5 लाख रुपये तक का इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने पर भी छूट दी जाएगी.

महिलाओं के लिए मोदी सरकार ने अलग से ऐलान किए हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि महिलाओं के विकास के बिना देश का विकास नहीं हो सकता है. वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि जनधन खाताधारक महिलाओं को 5000 रुपये ओवरड्राफ्ट की सुविधा दी जाएगी.

महिलाओं के लिए अलग से एक लाख रुपये के मुद्रा लोन की व्यवस्था की जाएगी. बिजली को लेकर उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 36 करोड़ LED बल्ब बांटे हैं, इसके जरिए देश का 18431 करोड़ रुपये सालाना बचता है. बड़े स्तर पर रेलवे स्टेशनों का आधुनिककरण किया जा रहा है.

विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. अब NRI को भारत आते ही आधार कार्ड देने की सुविधा मिलेगी, साथ ही अब उन्हें 180 दिनों तक भारत में रहने की जरूरत नहीं है. हमारी सरकार का लक्ष्य है कि 17 पर्यटन स्थलों को विश्व स्तर का बनाया जाएगा. अभी तक हमारी सरकार ने 4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज वसूल लिया है.

बजट 2019 /छोटे दुकानदारों को 60 साल बाद मिलेगी पेंशन, पूरी करनी होगी यह शर्त

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में छोटे दुकानदारों के लिए पेंशन योजना का ऐलान किया है। इसके तहत देश के 3 करोड़ छोटे दुकानदारों को पेंशन दी जाएगी। हालांकि पेंशन योजना का लाभ उन दुकानदारों को ही मिलेगा, जिनकी कमाई का सालाना टर्नओवर 1.5 लाख रुपए है।

60 साल बाद मिलेगी पेंशन

इस पेंशन योजना के तहत खुदरा कारोबारी और दुकानदारों तथा स्वरोजगार करने वाले लोगों को 60 साल की उम्र होने के बाद न्यूनतम 3,000 रुपये मासिक पेंशन मिल सकती है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चुनाव घोषणापत्र के इस वादे को पूरा करने का फैसला लिया गया।

कराना होगा पंजीकरण

18 से 40 वर्ष के बीच आयु वर्ग वालों को इस योजना का लाभ मिलेगा। पेंशन योजना में शामिल होने वाले लोग देशभर में फैले 3.25 लाख साझा सेवा केन्द्रों पर पंजीकरण करा सकते हैं। बजट भाषण में निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में MSME के लिए 350 करोड़ का आवंटन किया गया। साथ ही छोटे व्यापारियों के लिए 59 मिनट में लोन की व्यवस्था शुरु की।

आज के बजट में इस योजना के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दोबारा जीवित करने पर जोर, किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

बेशुमार खपत के आसार के मद्देनजर प्रधानमंत्री किसान योजना आ रहे बजट में बेहतर योजनाओं के केंद्र में हो सकती है. जैसा कि आप जानते ही हैं कि अंतरिम बजट में सरकार ने किसानों को प्रत्यक्ष तौर पर आय सहायता देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान योजना या प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना की घोषणा की. इस योजना के तहत प्रतिवर्ष तीन किस्तों में भुगतान के लिए 6 हजार रुपये निर्धारित हैं.

ग्रामीण क्षेत्रों में तनाव ट्रैक्टर बिक्री में आई मंदी जैसे कई पहलुओं के कारण भी हैं. यह सामान्य मानसून रहने के पूर्वानुमान के कारण और भी बढ़ सकता है. इसलिए इस समय सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में ध्यान केंद्रित करने का एक बड़ा कारण है.

मोदी सरकार ने सीमांत व छोटे किसानों से पहले सभी किसानों के लिए योजना को विस्तार दिया. इसमें अतिरिक्त 12 हजार करोड़ रुपये (शुरुआत में 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक) खर्च होंगे. इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना की घोषणा हुई, जिसमें सालाना 35 अरब रुपये का खर्च आएगा. सरकार का अगला कदम यह सुनिश्चित करने के लिए होगा कि प्रधानमंत्री किसान योजना का लाभ सभी लाभार्थियों तक पहुंचे. इसके लिए आम बजट में पर्याप्त धन मुहैया कराया जाएगा.

एक साल में प्रधानमंत्री किसान योजना का असर धीमा

इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री किसान योजना का असर धीमा रहा है. अब तक केवल 27 फीसदी लाभार्थियों की पहचान की जा सकी है. यस बैंक की एक रिपोर्ट ने इस संबंध में एक सख्त शीर्षक दिया. इस रिपोर्ट में जोर देकर कहा गया है कि केंद्र को योजना के तहत भुगतान को आगे बढ़ाने की जरूरत है.

योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोटेंक सिंह अहलूवालिया ने कहा, “इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि ग्रामीण संकट के कारण खपत में कमी आई है. ग्रामीण आय व ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोग की प्रवृत्ति अधिक है. मुझे लगता है कि ग्रामीण संकट व अनौपचारिक क्षेत्र के विघटन ने खपत को प्रभावित किया है और जीडीपी विकास दर में वृद्धि हुई है.”

कुछ इसी तरह का बयान क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डी.के. जोशी ने दिया. उन्होंने कहा कि वर्तमान मंदी अधिक व्यापक है, क्योंकि यह शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में मंदी अधिक व्यापक है.

खुशखबरी ! मिल गया एड्स का इलाज, इस जगह पर हुई खोज

अमेरिकी शोधकर्ताओं ने संक्रमित चूहों के डीएनए से एचआईवी को ख़त्म करके बड़ी सफ़लता हासिल की है. इससे दुनियाभर में एचआईवी संक्रमित करीब 37 मिलियन लोगों में इलाज की आस जगी है.

‘नेचर कम्युनिकेशन’ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक टेंपल यूनिवर्सिटी के ‘लेविस काट्ज़ स्कूल ऑफ़ मेडिसिन’ और ‘यूनिवर्सिटी ऑफ़ नेब्रास्का मेडिकल सेंटर’ के शोधकर्ताओं ने डीएनए एडिटिंग टूल की मदद से जीवित पशुओं के जीन से एचआईवी के डीएनए को हटाने में सफ़लता हासिल की है.

इसके साथ ही शोधकर्ताओं का दावा है कि एचआईवी संक्रमित इंसानों में से एड्स के वायरस को भी हटाया जा सकता है.शोधकर्ताओं को ये असाधारण सफ़लता तीन अलग-अलग जीवों के मॉडल में मिली है. इनमें से एक मानवीकृत मॉडल भी था.

इस मॉडल में एक चूहे में मानवीय प्रतिरक्षा कोशिकाओं को ट्रांसप्लांट कर उसे एचआईवी के वायरस से संक्रमित किया गया था.शोधकर्ताओं की टीम ने सबसे पहले जेनेटिक एडिटिंग तकनीक की मदद से एचआईवी के वायरस को संक्रमित चूहे की प्रतिरक्षा कोशिका से पूरी तरह से हटाकर दिखाया. शोधकर्ताओं ने ट्रीटमेंट को LASER ART का नाम दिया.

इस टीम ने कई हफ़्तों में धीमी गति से रिलीज के लिए दवा को संशोधित किया. इस दौरान उन्होंने Spleen, Bone Marrow और Brain को टारगेट किया जहां एचआईवी वायरस या निष्क्रिय एचआईवी कोशिकाओं के समूह होने की संभावना अधिक होती है.

जबकि शोधकर्ताओं ने सब्जेक्ट के डीएनए की संक्रमित कोशिकाओं को पूरी तरह से ख़त्म करने के लिए CRISPR-Cas9 नामक एक जीन एडिटिंग टूल का इस्तेमाल भी किया. इस प्रक्रिया के दौरान शोधकर्ताओं ने 23 में से 9 चूहों से वायरस को सफ़लतापूर्वक समाप्त कर दिया था.

बहुत जल्द लॉन्च होगी ये नई योजना, किसान कमा सकेंगे 1 लाख रुपए

केंद्र सरकार किसानों के लिए जल्द ही एक नई स्कीम लॉन्च करने वाली है। इस स्कीम के तहत किसान अपने खेतों या खाली पड़ी जमीनों पर सोलर पैनल स्थापित कर बिजली उत्पादन का कारोबार कर सकते हैं। इससे किसानों को हर साल 1 लाख रुपए तक कमाने का मौका मिलेगा।

यह जानकारी केंद्रीय नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने लोकसभा में दी है। इस योजना के तहत किसान सोलर पैनल लगाकर दो मेगावाट तक बिजली का उत्पादन कर सकेंगे। इससे उनको 1 लाख रुपए तक सालाना आय हो सकेगी।

उन्होंने कहा कि किसानों की ओर से पैदा की जाने वाली इस बिजली को खरीदारी सरकार करेगी। इस योजना की घोषणा अगले 15 से 20 दिनों में कर दी जाएगी।

किराए पर भी जमीन दे सकते हैं किसान

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने प्रावधान किया है कि किसान अपनी जमीन पर सोलर पैनल लगाकर बिजली का उत्पादन कर सकता है या फिर बिजली उत्पादन के उद्देश्य से किराए पर देकर भी कमाई कर सकता है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत इस समय विश्व में सबसे ज्यादा नवीकरणीय ऊर्जा पैदा करने वाला देश है और हमने 1,75,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा पैदा करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि हम 2022 तक इस लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनके मंत्रालय ने 2020 तक 50 हजार सूर्य मित्र तैयार करने के उद्देश्य से सूर्या स्किल डवलपमेंट कार्यक्रम लॉन्च किया था। इस कार्यक्रम को सोलर पैनल की स्थापना, मेंटेनेंस और ऑपरेशन से जुड़े कार्यों के लिए नौकरियां पैदा करना था। कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण लेने वालों की कोर्स फीस, रहन-सहन और मूल्यांकन चार्ज मंत्रालय की ओर से वहन किया जाता है।

ऐसे होगी किसानों की कमाई

इस स्कीम का नाम संभवत: किसान ऊर्जा सशक्तिकरण मिशन (कुसुम) हो सकता है। ऊर्जा मंत्रालय  के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, एक मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाने में 5 एकड़ जमीन की जरूरत होती है। एक मेगावाट सोलर प्लांट से साल भर में लगभग 11 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। उन्होंने बताया कि किसान के पास एक एकड़ भी जमीन है तो वहां 0.20 मेगावाट का प्लांट लग सकता है।

इस प्लांट से सालाना 2.2 लाख यूनिट बिजली पैदा होगी। उन्होंने बताया कि कुसुम स्कीम के मुताबिक जो भी डेवलपर्स किसान की जमीन पर सोलर प्लांट लगाएगा, वह किसान को प्रति यूनिट 30 पैसे का किराया देगा। ऐसे में, किसान को प्रतिमाह 6600 रुपए मिलेंगे। साल भर में यह कमाई लगभग 80,000 रुपए की होगी। जमीन पर मालिकाना हक किसान का ही रहेगा। किसान चाहे तो सोलर प्लांट के साथ यहां छोटी-मोटी खेती भी कर सकता है।

भारतीय कप्तान विराट कोहली WC में दो मैचों के लिए हो सकते हैं बैन, ये है वजह

भारतीय क्रिकेट टीम ने एजबेस्टन में हुए मैच में बांग्लादेश को 28 रनों से हराते हुए सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया है। इस मैच में भारतीय कप्तान विराट कोहली ने अपने लिए मुसीबत खड़ी कर ली।

कोहली पर मैच के दौरान अत्यधिक अपील करने करते हुए ICC की आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप है, जिस कारण उन पर जुर्माना लग सकता है और दो मैचों का बैन भी हो सकता है।

दरअसल, बांग्लादेश की पारी के 11वें ओवर में जब मोहम्मद शमी गेंदबाजी करने आए तो उनकी गेंद सौम्य सरकार के पैड पर लगी। पूरी टीम ने अपील की, लेकिन अंपायर ने नॉट आउट करार दिया। विराट कोहली ने पांच सेकेंड शेष रहते ही DRS की अपील की।

थर्ड अंपायर अलीम डार ने जब चेक किया, तो उसमें बैट से इनसाइड एज दिखा।इसलिए उन्होंने नॉट आउट करार दिया। लेकिन इस फैसले पर कप्तान विराट कोहली भड़क गए और अंपायर्स के साथ बहस करने लगे।

टीवी रिप्ले में दिखाया गया था कि बॉल ट्रैकिंग में अंपायर्स कॉल आया था, लेकिन थर्ड अंपायर ने बॉल ट्रैकिंग का इस्तेमाल ही नहीं किया। इसी वजह से टीम इंडिया ने रिव्यू गंवा दिया।

मुंबई में तबाही मचाने के बाद राजस्थान पहुंचा मॉनसून, आज इन 8 राज्यों में भारी बारिश की संभावना

मुंबई जहां बारिश से बेहाल हो गई, वहीं दूसरी ओर देश के कई राज्य बारिश के लिए तरस रहे हैं, फिलहाल मंगलवार को मॉनसून ने राजस्थान में दस्तक दे दी है और मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो-तीन दिन में मॉनसून उत्तर भारत के आठ राज्यों को भिगोने के लिए बढ़ रहा है और बहुत जल्द यहां पर भारी बारिश होगी।

अगले 72 घंटे में मॉनसून की बारिश की संभावना

विभाग ने कहा है कि उत्तर-पश्चिम भारत के हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों में अगले 72 घंटे में मॉनसून की बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में भी बहुत अच्छी बारिश होने की आशंका है, तो वहीं दिल्ली तक मॉनसून पहुंचने में कुछ वक्त और है।

धूल भरी आंधी और हल्की बारिश की आशंका

बल्कि आने वाले चार से पांच दिनों के दौरान दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद में तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी और हल्की बारिश की गतिविधियां होने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

चेन्नई में बढ़ता जल संकट

स्काईमेट के मुताबिक चेन्नई में लंबे समय से बारिश नहीं हुई है, जिसके कारण यहां जल संकट मंडरा रहा है क्योंकि जलाशयों में क्षमता के मुकाबले बहुत कम पानी बचा है। जुलाई के पहले सप्ताह में चेन्नई में शुष्क मौसम ज्यादातर समय रहेगा

जिससे स्थितियां और विकट हो सकती हैं।आंकड़ों की बात करें तो दिल्ली में सामान्यतः 27 जून तक 47.2 प्रतिशत बारिश होती है लेकिन इस साल महज़ 6.3 प्रतिशत बारिश हुई है, जो सामान्य से 87 प्रतिशत कम है।

यहां हो सकती है बारिश

अगले कुछ घंटों में मेघालय और असम में भी भारी बारिश के संकेत हैं, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 जुलाई को एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है, जबकि झारखंड और पश्चिम बंगाल में अच्छी वर्षा के आसार हैं।

Royal Enfield लॉन्च करने जा रही है 250 सीसी की नई बाइक, जानिए कीमत और फीचर्स

रॉयल एनफील्ड अब 250सीसी कैटेगरी में नई बाइक लॉन्च करने की तैयारी में है। दरअसल अभी तक कंपनी का सारा जोर ज्यादा सीसी की बाइक पेश करने पर था। हालांकि इस बीच रॉयल एनफील्ड बाइक की बिक्री गिरी। ऐसे में कंपनी ने बिक्री बढ़ाने के लिए 250cc बाइक उतारने जा रही है।साथ ही देश के कस्बाई इलाकों में 350 छोटे आउटलेट भी खोलेगी।

रॉयल एनफील्ड अपने सभी मॉडल का नो-फ्रिल्स वेरियंट भी पेश करने की योजना बना रहा है। इसमें संभावित खरीदार को अपनी पसंद के हिसाब से बाइक में बदलाव कराने की सहूलियत मिलेगी। ग्राहक के पास मोटरसाइकल खरीदते वक्त अपनी पसंद का पार्ट लगवाने का विकल्प भी रहेगा।

कीमत

रॉयल एनफील्ड बाइक कीमत एक से डेढ़ लाख रुपए हो सकती है। बता दें कि पिछले कुछ सालों में बीएस6 एमिशन नॉर्म्स की ओर बढ़ने, इंश्योरेंस कॉस्ट में इजाफा और एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) के अनिवार्य होने से रॉयल एनफील्ड बाइक्स के दाम करीब 8-10 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। ऐसे में कंपनी सस्ती बाइक पेश करने की योजना पर काम कर रहा है।

बिक्री में दर्ज की गई गिरावट

रॉयल एनफील्ड की सेल्स में मार्च 2019 में 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं अप्रैल 2019 में 17 प्रतिशत, जबकि मई 2019 में भी 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी मौजूदा वक्त में 350 से लकर 650सीसी की बाइक बेच रही है। इसमें रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइक है। इसकी कीमत 1,48 लाख रुपए है।

मोदी सरकार ने किसानों को दिया तोहफा, इतने रूपये बढ़ाया धान और खरीफ की इन फसलों का दाम

बजट 2019 से पहले मोदी सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैंठक में केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा दिया है। सरकार के इस कदम मसे देश में किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार ने खरीफ की फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी बढ़ाया है।

इकोनॉमिक अफेयर पर चल रही कैबिनेट कमेटी की बैठक में खरीफ की फसल पर एमएसपी बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। केंद्र सरकार ने सोयाबीन पर एमएसपी 311 रुपए बढ़ाकर 3399 रुपए से 3710 रुपए प्रति क्विंटल कर दी है। वहीं उड़द पर एमएसपी 100 रुपए बढ़ाकर 5600 से 5700 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है।

तुअर दाल पर एमएसपी को 5675 रुपए से बढ़ाकर 5800 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। जबकि धान पर एमएसपी को 1770 रुपए से बढ़ाकर 1835 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। सूरजमुखी के लिए एमएसपी 5388 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5653 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है।

केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने एमएसपी में बढ़ोतरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘मैं मौदी को धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने किसानों से किया अपना वादा निभाया

और उन्होंने धान और कपास पर एमएसपी 65 रुपए और 105 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाई है। एमएसपी में की गई ये बढ़ोतरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य ,साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने, को पूरा करने में मदद करेगी।’

बड़ी खबर! टोल प्लाजा को लेकर सरकार ने लिया ये नयां फैसला

सरकार टोल प्लाजा पर लगने वाली भीड़ पर काबू पाने के लिए नकद भुगतान में कमी लाने की कोशिश में जुटी है। सरकार यह भी चाहती है कि वहां से गुजरने वाले अपनी आदत बदलें और फास्टैग्स के जरिए इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग का इस्तेमाल करें। कैश टोल कलेक्शन बढ़ने से टोल प्लाजा पर भीड़ बढ़ती है और उसके लिए वहां रुकने वाली गाड़ियों से पॉल्यूशन बढ़ता है।

सूत्र ने बताया कि लोगों को कैश में टोल पेमेंट से रोकने के मकसद से सरचार्ज  लगाया जाएगा। यह बेस रेट का 10 से 20% तक हो सकता है। सरचार्ज का आधार क्या होगा? इस पर सूत्र ने कहा, ‘टोल की बहुत सी कॉस्ट होती हैं। इसमें एनवायरमेंटल कॉस्ट सबसे ज्यादा होती है।

इसके चलते बहुत ज्यादा पॉल्यूशन होता है। दूसरा, लैंड एक्विजिशन कॉस्ट ज्यादा होती है और हमें भीड़ से निपटने के लिए बड़ा प्लाजा बनाना पड़ता है। यहां टाइम लॉस भी है।’ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ई-टोलिंग को बढ़ावा देना सकारात्मक कदम है, लेकिन सरकार को ई-टोलिंग सिस्टम में आ रही तकनीकी दिक्कतें दूर करनी चाहिए।

केंद्र को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि कैश टोल पेमेंट पर लगने वाला सरचार्ज NHAI के खाते में आए। डेलॉयट के पार्टनर विश्वास उद्गिरकर कहते हैं, ‘आखिरकार हमें ई-टोलिंग की तरफ शिफ्ट होना है। कम से कम मामलों में कैश टोलिंग की इजाजत दी जानी चाहिए। इससे सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी और लीकेज नहीं होगा।’