अगर गैस सिलेंडर एजेंसी से लेकर आएंगे तो आपको होगा इतना बड़ा फायदा

हर घर में गैस सिलेंडर का यूज होता है, लेकिन अधिकतर लोगों को इसके नियम कायदों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है। शायद आप नहीं जानते होंगे कि अगर गैस सिलेंडर की होम डिलेवरी नहीं होती है और आपको गैस एजेंसी के गोडाउन जाकर सिलेंडर लाना होता है, तो आप वहां कंपनी से एक तय राशि ले सकते हैं।

महीनेभर पहले ही इस राशि को बढ़ा दिया गया है। किसी भी एजेंसी के गोडाउन से आप सिलिंडर लाते हैं तो आप एजेंसी से 19 रुपए 50 पैसा वापस ले सकते हैं। कोई भी एजेंसी यह राशि देने के लिए किसी भी ग्राहक को मना नहीं कर सकती। सभी कंपनियों के सिलिंडर के लिए यह राशि तय है। पहले यह 15 रुपए थी, बाद में इसे बढ़ाकर 19 रुपए 50 पैसा किया गया है।

कोई भी एजेंसी संचालक आपको यह राशि देने से मना करता है आप टोल फ्री नंबर 18002333555 पर उसकी शिकायत कर सकते हैं। अभी ग्राहकों को सब्सिडी वाले 12 सिलिंडर दिए जाते हैं। यह कोटा पूरा होने के बाद मार्केट रेट पर सिलेंडर खरीदना होता है।

इतना ही नहीं रेगुलेटर लीकेज है तो आप फ्री में एजेंसी से चेंज करवा सकते हैं। इसके लिए आपके पास एजेंसी का सब्सक्रिप्शन वाउचर होना चाहिए। आपको लीकेज हो रहे रेगुलेटर को भी साथ लेकर जाना होगा। सब्सक्रिप्शन वाउचर व रेगुलेटर के नंबर को मिलाया जाएगा। दोनों एक होंगे, तभी रेगुलेटर चेंज हो पाएगा।

मारुति‍ सुजुकी को बना दि‍या मर्सडीज, ऐसे कि‍या कार को मोडि‍फाई

आपके सड़कों पर चलती हुई कई मोडि‍फाइड कारों को देखा होगा जि‍नका लुक पूरी तरह से चेंज कर दि‍या जाता है। लेकि‍न क्‍या कभी आपने सोचा है कि‍ मारुति‍ सुजुकी को मर्सडीज बना दि‍या हो। ऐसा हुआ है। केरल में एक शख्‍स ने मारुति‍ सुजुकी बलेनो को मर्सडीज ए स्‍टार में बदल दि‍या।

इस कार का न केवल केवल डि‍जाइन चेंज कि‍या गया बल्‍कि‍ इसमें मर्सडीज के असकी लोगो का भी यूज कि‍या गया। मोडि‍फाई की गई मारुति‍ सुजुकी बलेनो के स्‍टॉक बंपर्स को मर्सडीज ए-क्‍लास के बंपर से बदल दि‍या गया। इतना ही नहीं, इसमें आफटर मार्केट से ज्‍यादा बड़े और चौड़े व्‍हील्‍स को भी लगाया गया।

माना जा रहा है कि‍ मोडि‍फाइ करने का काम कि‍सी चोर का है क्‍योंकि‍ इसमें केवल ए-क्‍लास बंपर को मर्सडीज डायमंड ग्रि‍ल के साथ लगाया है। इतना ही नहीं, बंपर में ‘8’ शेप एयर वेंट भी है जोकि‍ मौजूदा जेनरेशन वाले मॉडल्‍स में दि‍खाई देता है।

कार के रीयर बंपर को भी बदला गया है। रीयर बंपर भी मर्सडीज ए-क्‍लास का है जि‍समें क्‍वाड एक्‍गजॉस्‍ट टि‍प्‍स और रीयर डि‍फ्यूजर का यूज है। इसके अलावा, इसमें 16 इंच, 5 स्‍पॉक अलॉय व्‍हील्‍स के साथ लो प्रोफाइल टायर्स हैं। इसके इंटीरि‍यर में भी मोडि‍फि‍केशन की गई है।

टीमबीएचपी की रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, ट्रांसपोर्ट कमि‍शन ऑफ केरल को इस चोरी के काम के संबंध में शि‍कायत मि‍ली है। आरटीओ अथॉरि‍टी ने व्‍हीकल के ओनर के खि‍लाफ केस फाइल कर दि‍या है। पुलि‍स की मदद से आरटीओ ने मोडि‍फाइड मारुति‍ बलेनो को जब्‍त कर लि‍या है और ओनर को कार को डीरजि‍स्‍टर करते हुए कारण बताओ नोटि‍स जारी कि‍या है। जवाब के लि‍ए 15 दि‍न का समय दि‍या गया है।

News Source-Money Bhasker news

ये हैं नैनो से भी फ्लॉप कारें, फिर भी बंद करने को राजी नहीं कंपनियां

ऑटो बॉडी सियाम के मुताबिक, टाटा नैनो की बिक्री अपने रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंच गई है। देश भर में कारों की अक्‍टूबर की टोटल बिक्री पर नजर डालें तो टाटा की फ्लैगशिप कार को देशभर में खरीददार नहीं मिल रहे हैं। श्रीलंका और बांग्‍लादेश जैसे पड़ोसी देशों में कभी धूम मचाने वाली इस कार का एक्‍सपोर्ट भी अब जीरे के लेवल पर पहुंच गई है। हालांकि इसके बाद भी कंपनी नैनो का प्रोडक्‍शन बंद नहीं कर रही है।

लिस्‍ट में अकेली नहीं है नैनो

हालांकि सियाम के डाटा पर नजर डालें तो नैनो देश की अकेली ऐसी कार नहीं है, जिसके बुरी तरह फ्लाप होने के बाद भी कंपनी उसे बंद करने को राजी नहीं है। महिंद्रा और फोर्ड जैसी कंप‍नियों के कई मॉडल्‍स को भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। इन कारों की बिक्री भी 100 यूनिट प्रतिमाह से नीचे पहुंच गई है। आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही कंपनियों के बारे में, सुपर फ्लाप होने के बाद भी जिनका प्रोडक्‍शन ऑटो कंपनियां बंद करने को राजी नहीं हैं।

  • मॉडल- नैनो
  • कंपनी- टाटा मोटर्स
  • अक्‍टूबर की सेल्‍स- 57 यू‍निट
  • एक्‍सपोर्ट- 0

  • मॉडल:  वाइब
  • कंपनी: महिंद्रा एंड महिंद्रा
  • सेल्‍स- 0   यू‍निट
  • एक्‍सपोर्ट: 0

  • मॉडल:पल्‍स
  • ब्रांड: रेनो
  • सेल्‍स: 0 यूनिट
  • एक्‍स्‍पोर्ट: 0

  • मॉडल:वेरिटो
  • कंपनी:महिंद्रा एंड महिंद्रा
  • सेल्‍स: 33 यूनिट
  • एक्‍स्‍पोर्ट: 0

Free मिलेगा पेट्रोल-डीजल, बस ऐसे करना होगा भुगतान

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. इसकी वजह से आम आदमी की जेब पर काफी ज्यादा असर पड़ रहा है.गुरुवार को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल के लिए आपको 69.43 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं. वहीं, एक लीटर डीजल के लिए आपको 58.30 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है.

लेक‍िन पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच एक खास ऑफर आपके लिए आया है. इसके तहत आप फ्री पेट्रोल और डीजल भरवा सकते हैं. इस ऑफर का फायदा पाने के लिए आपको सिर्फ अपने भुगतान का तरीका बदलना होगा.

दरअसल मोबाइल वॉलेट मोबिक्व‍िक ने यह ऑफर लाया है. एक तय समय के भीतर पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए अगर आप इस मोबाइल वॉलेट से भुगतान करते हैं, तो आपको 100 फीसदी कैशबैक दिया जा रहा है.

हालांकि अब इस ऑफर का फायदा उठाने के लिए आपके पास सिर्फ आज और कल का दिन बचा हुआ है. यह ऑफर सीमित समय के लिए लाया गया है. इस ऑफर की शुरुआत 20 नवंबर से हुई और यह 24 नवंबर को खत्म होगा.

इस ऑफर का लाभ उठाने के लिए आपको शाम के 6 बजे से 9 बजे के बीच ही पेट्रोल-डीजल भरवाना होगा. इस दौरान आपको मोबिक्विक मोबाइल वॉलेट से भुगतान करना होगा.

इस ऑफर का लाभ उठाने के लिए आपको कम से कम 10 रुपये का ईंधन भरवाना होगा. दूसरी बात यह है कि इस ऑफर में भले ही 100 फीसदी कैशबैक मिल रहा है, लेक‍िन आप अध‍िकत 100 रुपये का कैशबैक हासिल कर सकते हैं.

पेट्रोल पंप पर जैसे ही आप ईंधन भरवाएं. आपको QR कोड स्कैन कर के इस वॉलेट के जरिये भुगतान करना है. इसके बाद आपके वॉलेट में 24 घंटों के भीतर कैशबैक आ जाएगा.

इस कैशबैक को भी आप बाद में पेट्रोल और डीजल भरने के लिए यूज कर सकते हैं. आप इस ऑफर का लाभ किन-किन पेट्रोल पंप पर उठा सकते हैं. इसकी पूरी लिस्ट मोबिक्विक ने दी है. इस लिस्ट को देखने के लिए आप यहां क्ल‍िक कर सकते हैं.

न लगाई फैक्ट्री और न जॉब की, इस शख्स ने 35 हजार से ऐसे बना दिए 500 करोड़

आजकल हर कोई अमीर बनना चाहता है। लेकिन अमीर वही बन पाते हैं जो किसी खास स्ट्रैटजी पर काम करते हुए आगे बढ़ते हैं। आज हम एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने 35 हजार को अपनी मेहनत के बल पर 500 करोड़ रुपए बना दिया। इसके लिए इस शख्स ने न कोई फैक्ट्री लगाई और न जॉब किया। आइए जानते हैं कौन है ये शख्स और कैसे हासिल किया यह मुकाम।

हम बात कर रहे हैं केडिया सिक्युरिटीज के एमडी विजय केडिया की। विजय केडिया ने बताया कि महज 18 साल की उम्र में उन्‍होंने स्‍टॉक मार्केट में ट्रेडिंग का काम करना शुरू किया था। एक स्टॉक ब्रोकर के परिवार में जन्में केडिया को ब्रोकिंग में कोई रुचि नहीं थी। लेकिन आज इन्वेस्टमेंट की दुनिया में उनकी एक पहचान बन चुकी है। ट्रेडिंग में गलतियों से सबक लेते हुए आज वो स्टॉक मार्केट के एक सफल इन्वेस्टर बन गए हैं।

मुश्किल काम था ट्रेडिंग

विजय केडिया ने 18 साल की उम्र में कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग की शुरुआत की। 10 साल तक ट्रेडिंग के दौरान उन्होंने पाया कि मार्केट में ट्रेडिंग बड़ा कठिन काम है। मार्केट से पैसे बनाने से ज्यादा नुकसान हो रहा था। इस वजह से वो ट्रेडिंग से ज्यादा पैसा नहीं बना पा रहे थे। वो कहते हैं कि ट्रेडिंग में सफलता की दर महज 1 फीसदी ही है। कुछ पाने के लिए कुछ करना पड़ता है। इसलिए मैंने कोलकाता से मुंबई जाने का फैसला किया। वो कहते हैं कि शेयर मार्केट एक समंदर है और आपके पर्सेप्शन से शेयर मार्केट ट्रिट करता है।

उन्होंने बताया कि वो 15 से 20 हजार रुपए लेकर मुंबई आए थे। शुरुआती दौर में यहां काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वो कहते हैं कि कभी उनके पास खाने तक के पैसे नहीं रहते थे। मुंबई आकर उन्होंने ट्रेडिंग का काम शुरू किया था।

एसीसी में मिला शानदार रिटर्न

स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट की शुरुआत केडिया ने पंजाब ट्रैक्टर्स से की। उन्होंने अपनी जमा पूंजी 35 हजार रुपए पंजाब ट्रैक्टर्स के स्टॉक्स में निवेश किए। पंजाब ट्रैक्टर्स में उनको का भी मुनाफा हुआ। इसमें से मिले पैसे से उन्होंने एसीसी के 10,000 शेयर 300 रुपए प्रति शेयर के भाव से खरीदे। पहले साल एसीसी की चाल सपाट रही। लेकिन अगले 6 महीने में एसीसी के स्टॉक की कीमत 3000 रुपए प्रति शेयर हो गई।

एसीसी से मिले पैसे से खरीदा पहला फ्लैट

केडिया ने एसीसी में प्रॉफिट बुकिंग की और इससे मिले पैसे से उन्होंने जोगेश्वरी में एक फ्लैट खरीदा। 1993 में इस फ्लैट की कीमत 4 लाख रुपए थी। इसके बाद केडिया ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज वो एक सफल इन्वेस्टर हैं और वो कई कंपनियों में सफलतापूर्वक इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं। आज उनका पोर्टफोलिया करीब 500 करोड़ रुपए का हो चुका है।

सफल इन्वेस्टर्स विजय केडिया ने नए इन्वेस्टर्स के लिए कुछ सुझाव दिए हैं- 

  • नए इन्वेस्टर्स सबसे पहले म्युचुअल फंड में पैसे लगाएं।
  • ट्रेडिंग की जगह इन्वेस्टमेंट करें।
  • खुद को समझें, फिर निवेश करें।
  • स्टॉक मार्केट में निवेश करने से पहले स्टडी करें।
  • लॉन्ग टर्म का अप्रॉच रखें।

News Source -Moneybhasker News

डायल करें ये नंबर और जानें अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स

अगर आप अपने मोबाइल पर बैंक अकाउंट की डिटेल जानना चाहते हैं तो ये खबर बेहद काम की है. आप बिना इंटनेट इस्तेमाल किए भी अपने फोन पर बैंक अकाउंट का डिटेल चेक कर सकते हैं. यानि कुछ स्पेशल नंबर को डायल कर आप ये जानकारी आसानी से पा सकते हैं.

इस सेवा का इस्तेमाल करने के लिए आपका फोन नम्बर खाते में रजिस्टर्ड होना जरुरी है. अगर आपका नम्बर रजिस्टर है तब आप आपने फोन पर कुछ नम्बर डायल कर अपने खाते में बची राशी का ब्यौरा जान सकते हैं.

ये कुछ नंबर हैं जिसे आप डायल कर अपने खाते की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. फस्ट टाईम यह कोड डायल करने पर बैंक की तरफ से आपसे कुछ जानकारी जैसे नाम और कार्ड नंबर मांगी जाएगी. लेकिन दूसरी बार से आप इन नंबर को डायल कर बड़ी आसानी से अकाउंट बैलेंस पता कर सकेंगे.

ये हैं नंबर;

  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया – * 99* 41#
  • पंजाब नेश्नल बैंक – * 99* 42#
  • एचडीएफसी बैंक – * 99* 43#
  • आईसीआईसी बैंक – * 99* 44#
  • ऐक्सिस बैंक – * 99* 45#
  • कैनरा बैंक – * 99* 46#
  • बैंक ऑफ इंडिया – * 99* 47#
  • बैंक ऑफ बड़ौदा – * 99* 48#
  • आईडिबीडिआई–* 99* 49#
  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया – * 99* 50#

मारुति‍ ने चुपके से पेश कि‍या Swift का लि‍मि‍टेड एडि‍शन

मारुति‍ सुजुकी की स्‍वि‍फ्ट सबसे ज्यादा पॉपुलर कारों में से एक है. अब मारुति ने अपनी इस कार का लिमिटेड एडिशन पेश किया है. मारुति सुजुकी स्विफ्ट के लिमिटेड एडिशन की कीमत में कोई खास बदलाव नहीं किया है.

हालांकि फीचर्स के मामले में इसे अपग्रेड किया गया है. स्विफ्ट का नेक्स्ट जेनरेशन मॉडल भी अगले साल 2018 में ऑटो एक्सपो में पेश किया जाना है. लेकिन, उससे ठीक पहले मारुति ने अपने इस मॉडल को बाजार में उतारकर उत्सुकता बढ़ा दी है. हालांकि, कंपनी की ओर इस मॉडल की वेटिंग पीरियड 4 से 6 हफ्तों का रखा गया है.

क्या है कीमत

मारुति‍ सुजुकी स्‍वि‍फ्ट के लि‍मि‍टेड एडिशन की कीमत 5.45 लाख से 6.34 लाख रुपए (एक्‍स शोरूम दि‍ल्‍ली) रखी गई है. लि‍मि‍टेड एडि‍शन में कंपनी ने कई बदलाव किए हैं. साथ ही फीचर को अपग्रेड कि‍या गया है. स्विफ्ट के बोनट, डोर और रूफ को एकदम अलग और नया लुक दि‍या गया है जबकि‍ कैबि‍न में मैचिंग सीट अपहोल्‍सट्री और स्‍टीयरिंग व्‍हील दि‍ए गए हैं.

कैसे हैं अपग्रेडेड फीचर्स

मारुति‍ ने स्‍वि‍फ्ट लि‍मि‍टेड एडि‍शन में बलेनो, इग्‍नि‍स और एस-क्रॉस में लगे टचस्‍क्रीन इंफोसि‍स्‍टम को शामि‍ल कि‍या है. एप्‍पल कारप्‍ले और एंड्रॉयड ऑटो के साथ ब्‍ल्‍यूटुथ कनेक्‍टि‍वि‍टी का फीचर्स भी है. कंपनी ने लि‍मि‍टेड एडि‍शन के कुल चार वैरिएंट पेश किए हैं. बेस मॉडल Lxi के साथ LDi और मि‍ड लेवल VXi और VDi वेरि‍एंट दिए गए हैं. कंपनी की ओर से दि‍ए गए ऐड में एक्‍स्‍ट्रा बेस के साथ स्‍पि‍कर और कारपेट मैट्स के तौर पर नए फीचर्स दि‍ए गए हैं.

कैसा है इंजन

स्विफ्ट के इंजन में कोई बदलाव नहीं किया गया है. पहली स्विफ्ट जैसा ही इसमें भी 1.2 लीटर पेट्रोल और 1.3 लीटर डीजल इंजन लगा है. पेट्रोल इंजन करीब 83 बीएचपी पावर और 115 एनएम टॉर्क जेनरेट करता है, वहीं डीजल इंजन 74 बीएचपी पावर और 190 एनएम टॉर्क जेनरेट करता है. स्‍वि‍फ्ट 5 स्‍पीड मैनुअल गि‍यर के साथ बाजार में उपलब्ध होगी

सिर्फ 1 मिनट में पता कीजिए कितने दिन में डबल हो जाएगा आपका पैसा, ये है आसान फॉर्मूला

दुनिया की किसी निवेश विकल्प में निवेशित राशि कितने समय में दोगुनी हो जाएगी? इस प्रश्न के उत्तर के लिए आपको किसी बड़े गणितीय सूत्र की जरुरत नहीं है। हम आपको एक ऐसा सामन्य नियम बताते हैं जिसके जरिए आप चंद मिनटों में जान जाएंगे कि आपका पैसा कितने दिनों में डबल होने जा रहा है। बस इसके लिए आपको उस स्कीम या निवेश के विकल्प में मिलने वाले ब्याज की दर का पता होना अनिवार्य है। मसलन अगर आपने 8% सालाना ब्याज देने वाली कोई एफडी ले रखी है तो रूल ऑफ 72 आपको चंद सेकंड में यह बता देगा कि आपकी राशि कितने दिनों में दोगुनी हो जाएगी।

फाइनेंस के तीन नियम रुल ऑफ 72, रुल ऑफ 70 और रुल ऑफ 69.3 ऐसे गणितीय सिद्धांत हैं जो चुटकियों में बता सकते हैं कि आपका पैसा कब डबल होने जा रहा है। एक उदाहरण के तौर पर समझिए कि आपने किसी सरकारी स्कीम में अपना पैसा निवेश कर रखा है और अगर उस पर 8 फीसदी ब्याज मिलता है तो आप 72 में से अपने ब्याज के प्रतिशत का भाग देकर पता लगा सकते हैं कि आपका पैसा कब डबल होगा। 72 से 8 का भाग देने पर 9 आता है यानी आपकी पूंजी 9 साल में डबल हो जाएगी। यह कोई धांधली नहीं है बल्कि ये फाइनेंस के सूत्र का कमाल है, जिन्हें हममे से अधिकांश लोग नहीं जानते हैं।

क्या है रुल 72-
यह नियम बताता है कि अगर आप जानना चाहते हैं कि एक तय ब्याज पर आपका पैसा कब डबल होगा तो आपके 72 से अपने रिटर्न (ब्याज) का भाग देना होगा। प्राप्त संख्या जो भी होगी वो एकदम सटीक होगी और इतने ही सालों में आपका पैसा डबल होगा।

कैसे करता है काम-
एक उदाहरण के तौर पर समझें। मान लें आपको किसी स्कीम पर 2 फीसदी के हिसाब से ब्याज मिलता है। आप 2 को 72 से भाग दे दें। प्राप्तफल 36 आएगा। यानी आपका पैसा 36 साल में डबल हो जाएगा।

क्यों किया 72 का चुनाव-
72 का चुनाव कई लिहाज से सुविधाजनक है। यह 1,2,3,4,6,8,9 और 12 का विभाजक है। साथ ही यह ब्याज दर के हिसाब से अवधि का सटीक आंकलन कर देता है और इसमें 6 से 10 फीसदी की ब्याज दर के हिसाब से भी अवधि निकालने में भी आसानी रहती है।

रुल ऑफ 69, 69.3 और 70 का इस्तेमाल-
जहां आपको लगातार चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है वहां पर आप रुल ऑफ 69 का भी इस्तेमाल करते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो प्रतिदिन मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज नियमित मिलने वाले चक्रवृद्धि ब्याज की तुलना में ज्यादा सहज होता है और ऐसी स्थिति में आप रुल ऑफ 72 के बजाए रुल ऑफ 69, 69.3 और 70 का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

इस एक ऐप से आप ले सकते है ऐसी ही 10 सर्विसेज

आपने अभी पैन कार्ड नहीं बनाया है या फिर आप अपने मौजूदा पैन कार्ड में किसी तरह का बदलाव करना चाहते हैं, तो अब यह काम आप एक ऐप के जरिये कर सकते हैं.इस एक ऐप से आप ऐसी ही 10 सर्विसेज ले सकते है

ये है प्रोसेस

दरअसल मोदी सरकार ने ‘उमंग’ ऐप जारी किया है. इस ऐप से आप गैस सिलेंडर बुक करने के साथ आधार और अन्य कई सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं. इस ऐप में अब इनकम टैक्स विभाग ने भी एंट्री कर ली है.आपको सिर्फ इस ऐप को डाउनलोड करना है. इसके बाद आपको ‘मायपैन’ सेक्शन में जाना है. यहां से आप नये पैन कार्ड के लिए अप्लाई करने की खातिर फॉर्म 49ए भर सकते हैं.

इसके अलावा अगर आप अपने पैन कार्ड में कोई बदलाव करना चाहते हैं, तो उसके लिए आप इस सेक्शन के जरिये सीएसएफ फॉर्म भर सकते हैं.  यही नहीं, आप इस ऐप के जरिये अपनी पैन कार्ड एप्ल‍िकेशन का स्टेटस भी पता कर सकते हैं. पैन कार्ड बनवाने के लिए लगने वाली फीस का भी आप इसके जरिये भुगतान कर सकते हैं.

उमंग (यूनीफाइड मोबाइल एप्ल‍िकेशन फॉर न्यू-एज गवर्नेंस) को दूरसंचार मंत्रालय और नेशनल ई-गवर्नेंस डिविजन ने तैयार किया है. इससे आप पैन कार्ड के अलावा कई और काम भी कर सकते हैं.  सरकार के मुताबिक इस ऐप के जरिये आप लगभग सभी सरकारी सेवाओं का लाभ अपने मोबाइल पर उठा सकते हैं.

इससे आपको मोबाइल में अलग-अलग ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.  इस एक ऐप से आप ऐसी ही 10 सर्विसेज ले सकते है आप आधार अपडेट करना चाहते हैं या फिर इसके बारे में कोई जानकारी चाहते हैं, तो यह सुविधा भी इस ऐप से मिलेगी. भारत, इंडेन और एचपी, चाहे जिस भी कंपनी का आपका रसोई गैस हो. गैस सिलिंडर बुकिंग के लिए आपको अलग से ऐप इंस्टाॅल करने की जरूरत नहीं.

पासपोर्ट से जुड़ा कोई काम करना चाहते हैं, तो इस ऐप के जरिये आसानी से कर सकते हैं. अगर आप ने अपने ड्राइविंग लाइसेंस को डिजिलाॅकर में सेव कर के रखा है, तो इस ऐप की मदद से आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं.

7 साल में बच्चे के लिए बन जाएगा 20 लाख का फंड, ये है तरीका..

हर व्‍यक्ति अपने बच्‍चों को बेहतर एजुकेशन दिलाना चाहता है। कई बार लोग पैसों की व्‍यवस्‍था न हो पाने के कारण अपने बच्‍चों को मनचाहे कॉलेज या कोर्स में दाखिल नहीं कर पाते हैं। या इसके लिए उनको एजुकेशन लोन या पर्सनल लोन जैसा महंगा लोन लेना पड़ता है।

आज हम आपको ऐसा तरीका बता रहे हैं जिससे आप अपने बच्‍चे के लिए 7 साल में 20 लाख का फंड बना सकते हैं। 20 लाख रुपए आपके बच्‍चे की हायर एजुकेशन में काफी मदद कर सकता है। अगर आप समय रहते ऐसा करते हैं तो पैसों की कमी आपके बच्‍चे के कैरियर में बाधा नहीं बनेगी।

कैसे बनेगा 20 लाख का फंड

7 साल में 20 लाख रुपए का फंड बनाने के लिए आपको सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान यानी एसआईपी में हर माह 15000 रुपए निवेश करना होगा। अगर आपको 7 साल में आपके निवेश पर 13 फीसदी रिटर्न मिलता है तो 7 साल के बाद आपका कुल फंड 20 लाख रुपए हो जाएगा। लंबी अवधि में एसआईपी म्‍यूचुअल फंड स्‍क्‍ीमों में 15 फीसदी तक रिटर्न मिला है।

  • मंथली निवेश = 15000
  • निवेश की अवधि = 7 साल
  • रिटर्न = 13 %
  • कुल फंड = 20 लाख रुपए

हायर एजुकेशन की बढ़ रही है लागत

अगर आपको लगता है कि आपके बच्‍चे की हायर एजुकेशन के लिए यह रकम कम होगी तो आप इसी के हिसाब से मंथली एसआईपी की रकम बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा अगर आपका बच्‍चा 2 या 3 साल का है तो आपको उसकी हायर एजुकेशन के लिए फंड बनाने के लिए ज्‍यादा समय मिलेगा। ऐसे में आप कम निवेश में बड़ा फंड बना सकते हैं।

वरना लेना पड़ेगा महंगा लोन

अगर आप अपने बच्‍चे की हायर एजुकेशन के लिए अलग से कोई फंड नहीं बनाते या सेविंग नहीं करते हैं तो हो सकता है आपको एजुकेशन लोन लेना पड़े। या फिर पैसे का इंतजाम करने के लिए पर्सनल लोन जैसा म‍हंगा लोन लेना पड़े। लोअर मिडिल क्‍लास या मिडिल क्‍लास में बड़े पैमाने पर लोगों को अपने बच्‍चे की हायर एजुकेशल के लिए महंगा लोन लेना पड़ता है। ऐसे में अगर आप समय से प्‍लानिंग के साथ सेविंग करें तो आप इस स्थिति से बच सकते हैं।