यहां भैंस चराने वालों की हो रही अच्छी कमाई

ज्यादा पैसा कमाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है लेकिन यहां तो सिर्फ भैैंस चराने के बदले मस्त कमाई हो रही है। अगर आप इस बारे में जान लेंगे तो आपको भी हैरानी होगी। एक रिपोर्ट की मानें तो इस काम के लिए यहां स्पेशल मजदूर हायर किए जाते हैं और मजदूर भी खुशी-खुशी यह काम करते हैं। ऐसा शायद ही आपने पहले कभी सुना होगा कि भैंसों को चराने के लिए भी अच्छी सैलरी मिलती है।

एक रिपोर्ट की मानें तो नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे के पास एक गांव है जिसका नाम है ‘झट्टा’… यहां भैंस चराने के लिए लोग अपने मजदूरों को अच्छे पैसे देते हैं। गांव के किसानों ने अपनी भैंसों को चराने के लिए बिहार और पूर्वी यूपी के बेरोजगार युवकों को नौकरी पर रखा है। यह सुबह जल्दी उठकर किसानों के घर जाकर भैंसों को खोल लेते हैं और उन्हें गांव के बाहर खेतों में चराने ले जाते हैं।

रिपोर्ट की मानें तो 50 भैंसे चराने के एवज में यहां एक मजदूर कम से कम 25 हजार रुपए महीना कमा लेता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें बिहार और यूपी के कई लोग इसी काम में लगे हुए हैं। दरअसल, जो लोग चरवाहों का काम कर रहे हैं, वे मुख्य रूप से एनसीआर में फसल की बुआई और कटाई के लिए आते थे।

इधर किसानों के पास इतना समय ही नहीं रहता कि वे दिनभर भैंसों को चराने में लगे रहें। किसानों ने ही इन मजदूरों को कहा कि वे उनकी भैंसों को चरा दिया करें और बदले में प्रति भैंस 500 से 700 रुपये महीना ले लें।मजदूरों को यह बात जच गई। बस फिर क्या था फॉर्मूला हिट हो गया और अब आसापास के इलाके के गांवों में भी इसी तर्ज पर भैंसों के लिए चरवाहे काम पर लग गए हैं।

किसानों ने बड़ा सोच समझ कर हिसाब लगाने के बाद अपने मजदूरों को यह काम सुझाया। हिसाब ये लगाया कि एक भैंस औसतन 8 से 10 किलो दूध रोजाना देती है। इस तरह महीने में 15 हजार रुपये की कमाई हो जाती है।

ऐसे में 500 रुपये लेकर कोई अगर भैंसों को चरा देता है तो इससे फायदा तो है ही, साथ ही वक्त की भी बचत होती है अब ये चरवाहे गांव में ही किसी के भी मकान में किराए पर परिवार के साथ रहते हैं। भैंसों को चराने के बाद हिंडन या यमुना नदी में नहला देते हैं। उसके बाद शाम पांच बजे भैंसों को वापस गांव ले आते हैं।

जींस में छोटी पॉकेट क्यों होती है

अगर हम आप से पूछें कि जींस में कपंनी द्वारा दी गई छोटी पॉकेट क्यों होती है तो शायद ही आप इसका जवाब दे पाएंगे. चलिए कोई बात नहीं हम आपको बताते हैं कि आखिर जींस में छोटी पॉकेट क्यों होती है.

जींस में छोटी पॉकेट का इतिहास से लिंक बताया जाता है. जानकारी के अनुसार लेवी स्ट्रॉस नाम की कपंनी ने सबसे पहले जींस में छाटी जेब की शुरूआत की थी. बता दें कि लेवी स्ट्रॉस की इस कपंनी को अब लिवाइस नाम से जाना जाता है. आपने देखा होगा कि जींस की दाईं ओर एक छोटी से पॉकेट होती है जिसमें एक दो सिक्कों के अलावा शायद ही कुछ रखा जा सकता है.

हम आपको बता दें कि इस Pocket का नाम है वॉच Pocket और इसे खासतौर पर काउबॉयज़ के लिए बनाया गया था. 18वीं शताब्दी में काउबॉयज अपने वेस्टकोट पर चेन वाली घड़ियां पहनते थे. इन घड़ियों को रखने के लिए ये पॉकेट बनाई गईं थीं. इसके लिए घड़ियों को टूटने से बचाने के लिए लिवाइस ने यह छोटी पॉकेट जींस में देना शुरू कर दिया था.

हालांकि अब कई लोग इस Pocket को कॉन्डोम, कॉइन, टिकट पॉकेट के नाम से जानते हैं. आपको शायद ही पता होगा कि जिस जींस को हम अपने लुक्स को बेहतर बनाने के लिए पहनते हैं दरअसल इस जींस का आविष्कार मजदूरों के लिए किया गया था. इस लिए जींस की डिजाइन भी उनके काम के अनुसार ही की गई है.

वहीं अगर जींस की जेब पर लगे छोटे बटन के बारे में बात करें तो ये बटन भी मजदूरों को ध्यान में रखकर ही लगाए जाते थे. क्योंकि मजदूर भारी भरकम काम करते हैं, इसलिए इन बटनों को लगाया जाता है जिससे इनकी सिलाई मजबूत रहे और जींस कई दिनों तक काम में लाईं जा सके, लेकिन अब इन बटनों को जींस का डिजाइन मान लिया गया है.

गोवा घूमने का है बेस्ट टाइम

अगर आप गर्मी की छुट्टी में गोवा में हॉलिडे प्लान कर रहे हैं लेकिन अभी तक ठहरने को लेकर जगह फाइनल नहीं कर पाए हैं। यहां हम आपको गोवा में ठहरने के ऑप्शन बता रहे हैं जहां आप अपनी जरूरत के मुताबिक हॉस्टल से लेकर बजट होटल में ठहर सकते हैं। आइए जानते हैं इन ऑप्शन के बारे में…

गोवा में ये है फेमस

भारत में गोवा को अल्टीमेट पार्टी डेस्टिनेशन माना जाता है। गोवा के कसीनो सबसे ज्यादा फेमस है। यहां के बीच, लैंडस्केप, कसीनो, नाइट क्लब, पब्स, रेस्टोरेंट और बेस्ट होटल यहां सभी आसानी से मिल जाएंगे। यहां वाटर स्पोर्ट्स, स्ट्रीट मार्केट और नाइट मार्केट का भी ऑप्शन है।

गोवा के लिए ले सकते हैं फ्लाइट

गर्मी का सीजन गोवा जाने के लिए पीक समय नहीं होता क्योंकि यहां उमस वाला मौसम होता है लेकिन अगर आप कम बजट में गोवा घूमना चाहते है, तो यह अच्छा समय है। अभी बुकिंग कराने पर गोवा की एयर टिकट दिल्ली से 2,946 रुपए से लेकर 3,500 रुपए में मिल जाएगी। थोड़ा एडवांस में बुक करने से आपको फ्लाइट की अच्छी डील आसानी से मिल सकती है। गोवा ट्रेन से आसानी से जाया जा सकता है। इसके अलावा मुंबई, पुणे जैसे कम दूरी की जगहों से वोल्वो से भी जाया जा सकता है।

गोवा के ऑफ सीजन में मिलते हैं सस्ते ऑप्शन

गोवा में अक्टूबर से लेकर मार्च महीने तक टूरिज्म का पीक सीजन होता है। तब यहां के लिए फ्लाइट, होटल, किराए पर बाइक और कार सब महंगे मिलते हैं लेकिन ऑफ सीजन में सब कम प्राइस पर आसानी से मिल जाता है। गोवा में अप्रैल से लेकर सितंबर ऑफ सीजन माना जाता है जब टूरिस्ट का फ्लो पीक सीजन की तुलना में कम होता है।

कैसे बुक करें ठहरने का ऑप्शन

गोवा में ठहरने के लिए लग्जरी होटल से लेकर बजट होटल और हॉस्टल जैसे तमाम ऑप्शन हैं जिन्हें आप अपनी जरूरत और बजट के मुताबिक चुन सकते हैं। हॉस्टल के ऑप्शन ज्यादतर लड़के लेते हैं जो कम खर्च में घूमना पसंद करते हैं।

हॉस्टल

अगर आप लड़कों या लड़कियों के ट्रिप पर जा रहे हैं और आपका ठहरने का बजट बहुत ज्यादा नहीं है तो गोवा में ठहरने के लिए हॉस्टल के कई ऑप्शन हैं। यहां ब्रिक्स एंड बाम्बू हॉस्टल में एक रात का 267 रुपए चार्ज है।

इसमें सिर्फ आपको 6 लोगों के लिए डॉर्मिटरी सर्विस मिलती है। इसमें बेड, नहाने का बाथरूम और बेसिक चीजें मिलती है। यहां अराबेल कॉटेज, गोवा टूरिस्ट डॉर्मिटरी, एम्पायर गेस्ट हाउस, बैकपैकर पांडा गोवा, रस्टिक विलेज जैसे सैंकड़ों की संख्या में ऑप्शन मौजूद है। ये हॉस्टल और गेस्ट हाउस 267 रुपए से 750 रुपए में आसानी से मिल जाएंगे। इनकी बुकिंग ट्रैवल कंपनियों जैसे मेक माई ट्रिप, ट्रिवागो और एक्सपीडिया के जरिए कर सकते हैं।

बजट होटल के लिए ये हैं ऑप्शन

गोवा में ठहरने के लिए बजट होटल और गेस्ट हाउस के कई ऑप्शन हैं। यहां 1,100 रुपए से लेकर 3,000 रुपए में बजट होटल ओयो रूम्स से लेकर बजट होटल आसानी से मिल जाएंगे। इनकी बुकिंग ट्रैवल कंपनी जैसे मेक माई ट्रिप, ट्रिवागो और एक्सपीडिया के जरिए कर सकते हैं। होटल के ये ऑप्शन आप अपने बजट के मुताबिक चुन सकते हैं।

फाइव स्टार होटल

गोवा में गर्मियों के सीजन में विवांता बाई ताज, रामडा, द लीला जैसे फाइव स्टार होटल 6,700 से लेकर 14,000 रुपए में मिलेंगे। ये खर्च एक रात का एक कमरे का है। इसके अलावा कंट्री इन, लेमन ट्री, हाईलैंड बीच रिजॉर्ट जैसी फोर स्टार प्रॉपर्टी 3,500 से लेकर 6,000 रुपए में आसानी से मिल जाएंगे।

घर पर ही ऐसे बना सकते हैं 500 वाट का इन्वर्टर

यदि आपके घर में लाइट की प्रॉब्लम है, तो इसके लिए 500 वाट का इन्वर्टर बना सकते हैं। इस इन्वर्टर से घर में लाइट की प्रॉब्लम को दूर किया जा सकता है, क्योंकि इस इन्वर्टर से आप 10 घंटे तक LED बल्ब जला सकते हैं। इस इन्वर्टर को आप आसानी से बना सकते हैं। वहीं, इस तरह के इन्वर्टर में 500 रुपए का खर्च आता है।

इन चीजों की होती है जरूरत

  • फैन कैपिसिटर 4.00uF
  • फैन कैपिसिटर 3.15uF
  • 100-120 MFD रन कैपेसिटर

इन तीनों आइटम को किसी भी इलेक्ट्रिक शॉप से खरीद सकते हैं। फैन कैपिसिटर की कीमत 30 रुपए करीब होती है। यानी 120 रुपए में आपके चारों कैपिसिटर आ जाएंगे। वहीं, रन कैपिसिटर को 300 रुपए से 350 रुपए में खरीद सकते हैं। ये सभी कैपिसिटर 440 वोल्ट को सपोर्ट करते हैं।

सबसे पहले चारों कैपिसिटर को आपस में कनेक्ट करना होगा। इसके लिए एक 4.00uF फैन कैपिसिटर के वायर को दूसरे से जोड़ लें। जैसा कि ऊपर फोटो में दिख रहा है। ठीक इसी तरह, 3.15uF कैपिसिटर को भी एक-दूसरे से कनेक्ट कर लें। अब इन दोनों को आपसे में जोड़ लें। जैसे ऊपर दिख रहा है। वायर को कैसे भी जोड़ सकते हैं। उसमें प्लस या माइनस को डर नहीं होता।

अब तैयार हुए चार कैपिसिटर के ग्रुप को 100-120 MFD रन कैपिसिटर के साथ कनेक्ट करना है। इसके लिए लिए इनके वायर को आपसे में कनेक्ट कर लें। यहां भी प्लस या माइनस को डर नहीं होता। अब एक होल्डर में वायर लगाकर इस कैपिसिटर के साथ कनेक्ट कर लें। जैसा फोटो में दिख रहा है।

अब आपका इन्वर्टर तैयार हो चुका है, लेकिन इसमें पावर नहीं है। इसके लिए आपको बिजली के स्विच से एक वायर लगाकर दोनों प्वाइंट को टच करके हटा लेना है। इस प्रॉसेस को 5 से 6 बार करना है। इस तरह से कैपिसिटर में पावर आ जाएगा। अब होल्डर में LED बल्ब लगा सकते हैं। यदि बल्ब 7 वाट का है तब ये 8 से 10 घंटे का बैकअप देगा।

एक्टिंग छोड़ मुंबई से बिहार जा पहुंचा यह एक्टर

टीवी के फेमस शो ‘साराभाई वर्सेज साराभाई’ में नजर आने वाले एक्टर राजेश कुमार ने एक्टिंग की दुनिया से दूरियां बना ली है और अब उन्होंने बिहार के एक गांव को स्मार्ट गांव बनाने का फैसला किया है.

दरअसल, साराभाई में राजेश, रोसेश की भूमिका में नजर आते थे और इस शो में वह एक कॉमेडी एक्टर के रूप में नजर आए थे. हालांकि, अब उन्होंने एक्टिंग को छोड़ बिहार के गांव बर्मा के हालात सुधारने का फैसला किया और इस वजह से उन्होंने खेती के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ शून्य-बजट आध्यात्मिक खेती करना शुरू किया है.

गांव के हालात सुधारने में जुटे हैं राजेश

हिंदी वेबसाइट भास्कर डॉट कॉम में प्रकाशित एक खबर के अनुसार बिहार की राजधानी पटना में जन्में राजेश ने बताया कि जब वह एक दिन आम के पेड़ के नीचे बैठे हुए थे तो उन्हें यह आइडिया आया कि उन्हें बर्मा के हालात सुधारने के लिए काम करना चाहिए.

उसके बाद राजेश ने बर्मा जाने का फैसला किया और जब वह वहां पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वहां पानी और बिजली की भी व्यवस्था नहीं है. इसके बाद उन्होंने बिजली और पानी की व्यवस्था के लिए गावं वालों की मदद की. अब वह धीरे-धीरे इस गांव के हालात सुधार रहे हैं और अपना काम कर रहे हैं.

यहां से शुरू हुई थी एक्टर बनने की जर्नी

गौरतलब है कि, राजेश 1998 में अपनी प्रेग्नेंट बहन की देख-रेख के लिए मुंबई आए थे. उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन बिहार यूनिवर्सिटी से पूरी की और वह मुंबई के सेंट जेविअर कॉलेज से मास कम्युनिकेशन करना चाहते थे.

इसी बीच उनके एक दोस्त ने उन्हें एक छोटा सा रोल प्ले करने को कहा,इसमें राजेश को एक छोटी सी लाइन बोलनी थी, हैप्पी मैरिज एनिवर्सरी कांग्रेचुलेशन ये रही आपकी टिकट, इसे बोलने में उन्होंने 20 रीटेक लिए थे और इस रोल के लिए उन्हें 1,000 रुपये मिले थे. इसके बाद ही राजेश के एक्टर बनने की जर्नी शुरू हुई थी.

इस TRICK से जी भरके करें फ्री में कॉल

अगर कोई आपसे कहे कि बिना पैसे और बिना अपना नंबर दिखाए अपने फोन से किसी को कॉल करें तो क्या आप विश्वास करेंगे. जी हां ऐसा मुमकिन है और इसके लिए आपको कोई पैसा खर्च नहीं करना होगा. बस अगर कुछ करना है तो आपको एक ऐप अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड करनी होगी. इसके जरिए आप किसी को भी फ्री में कॉल कर पाएंगे. कॉल के दौरान दूसरी तरफ वाला यूजर आपका नंबर भी नहीं देख पाएगा.

फ्री में कॉल करने के लिए आपको यह फ्री कॉलिंग वाला ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा. इस ऐप का नाम IndyCall है. इसके जरिए आप जब चाहें और जितना चाहें उतनी फ्री कॉल कर सकते हैं. आप इस ऐप के जरिए भारत के किसी भी कोने में फ्री में कॉल कर सकते हैं. खास बात यह है कि इस ऐप से कॉल करते वक्त आपका नंबर किसी को पता नहीं चलेगा. हालांकि इस ऐप से कॉलिंग करने के लिए आपके फोन में डेटा पैक जरूर होना चाहिए.

अगर आपके फोन में इंटरनेट नहीं है तो यह ऐप काम नहीं करेगा. इस ऐप के जरिए आप हर बार एक नए नंबर से कॉल कर सकते हैं. दरअसल, आप इस ऐप से जब किसी को कॉल करेंगे तो उसके स्क्रीन पर नंबर दिखेगा. हर बार कॉल करने पर नया नंबर दिखने से कोई पता भी नहीं कर पाएगा कि कौन कॉल कर रहा है. इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे ट्रू कॉलर भी ट्रेस नहीं कर सकता है.

अक्सर ऐप इंस्टॉल करने से आपका फोन स्लो हो जाता है. फोन में कई सेटिंग्स ऐसी होती हैं जो उसे एडवांस बना देती हैं. इन सेटिंग्स को चेंज करते ही फोन सिक्योर और फास्ट हो जाता है. आपका स्मार्टफोन इन सेटिंग्स से बदल जाएगा. इतना ही नहीं इससे आपका फोन एकदम नया और शानदार हो जाएगा. आप फोन की स्क्रीन पर आने वाले वॉट्सऐप और फेसबुक नोटिफिकेशन को बंद कर सकते हैं.

फोन नोटिफिकेश बंद करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपके स्क्रीन पर बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन कोई और नहीं देख सकेगा. इसके लिए आपको सेटिंग्स में जाना होगा, वहां नोटिफिकेशन पर टैप करके सेटिंग आइकन पर टैप करना है. इसके बाद ऑन द लॉक (On the lock screen) पर टैप करें. अब हाइड सेंसिटिव नोटिफिकेशन कंटेंट को सिलेक्ट करें. इसके बाद कोई भी नोटिफिकेशन आपके फोन की स्क्रीन पर दिखाई नहीं देगा.

कई बार फोन की होम स्क्रीन पर एड दिखाई देते हैं. यह एड किसी ऐप को इंस्टॉल करने से भी आ सकते हैं. ऐसे एड को बंद करने के लिए आपको सेटिंग्स में जाकर गूगल फिर एड्स और Opt out of Ads Personalization को ऑन करना होगा. इसके बाद अब आपके मोबाइल स्क्रीन पर फालतू एड नहीं दिखेंगे. इससे आपके फोन की बैटरी और परफॉर्मेंस बेहतर होती है. ऐप नोटिफिकेश और एड्स से सबसे ज्यादा बैटरी खर्च होती है.

अगर आप अपने फोन में वायरस आने के खतरे से परेशान हैं तो इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है. ऐसा एक जरिए है जिससे आपके फोन में वायरस नहीं आएगा. ऐप्स के जरिए ही फोन में खतरनाक वायरस आते हैं. लेकिन एक सेटिंग को ऑन करते ही आप फोन को वायरस से सेफ कर सकते हैं. इसके लिए सेटिंग्स में जाकर गूगल और फिर सिक्योरिटी पर टैप करें. यहां गूगल प्ले प्रोटेक्ट को ऑन कर दें. इसके बाद वायरस से आपका फोन सेफ रहेगा.

जल्द Launch हो सकती है Maruti की ये सस्ती CAR

मारुति सुजुकी के एसयूवी सेगमेंट की बिक्री में इस साल 29.6 प्रतिशत की ग्रोथ हुई है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक साल 2017-18 में विटारा ब्रेजा, एर्टिगा, एस क्रॉस सहित यूटिलिटी व्हीकल्स की 253,759 युनिट बिकी हैं। एसयूवी में ग्रोथ के साथ ही मारुति का फोकस स्मॉल कार्स में भी हैं। खबरों के मुताबिक मारुति सुजुकी जल्द ही भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अपने सबसे लोकप्रिय मॉडल Alto को नए अवतार में लॉन्च करने वाली है।

ये मॉडल पहले से पॉवरफुल और बेहतर माइलेज देने वाला होगा। साल 2019 में इसे लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि इसकी लॉन्चिंग के बारे में जब मारुति सुजुकी की कार्पोरेट कम्यूनिकेशन मैनेजर नीरजा भरत से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसका अभी कोई प्लान नहीं है। बता दें पुरानी अल्टो के मुकाबले न्यू जनरेशन ज्यादा बड़ी, स्पेशियस और पावरफुल होगी। इसके साथ ही कंपनी ने इस कार को और भी ज्यादा फ्यूल एफिशिएंट बना रही है।

नई अल्टो में 5 स्पीड मैन्युअल और ऑप्शनल AMT

खबरों के मुताबिक न्यू जनरेशन अल्टो में कंपनी ने 658cc का इंजन लगाया है जो 53bhp पावर जनरेट करता है, वहीं इसका टर्बो इंजन इंजन 62bhp पावर जनरेट करेगा। नई अल्टो में 5 स्पीड मैन्युअल और ऑप्शनल AMT दिया गया है। कार को इकोनॉमी रखने के साथ इसके सेफ्टी फीचर्स पर भी पूरा ध्यान दिया है।

2.6 लाख में मिलेगा 32 km/l माइलेज !

न्यू जनरेशन अल्टो में ABS (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) के साथ डुअल एयरबैग्स दिए हैं। बता दें कि बेस मॉडल के लिए इस कार की कीमत 2.6 लाख रुपए और टॉप एंड के लिए 3.8 लाख रुपए एक्सपैक्ट की जा रही है। फ्यूल एफिशिएंसी में भी ये कार काफी आगे है और 32 km/l का माइलेज देगी। कयास लगाया जा रहा है कि कंपनी भारत में इस कार को 2019 तक लॉन्च कर सकती है।

फीचर्स

  •  AC, पावर स्टीयरिंग, पावर विंडो
  • सेंट्रल लॉकिंग, फेब्रिक सीट
  •  4 स्पीकर्स के साथ स्टीरियो सिस्टम
  • ऑप्शनल एयरबैग्स और ऑप्शनल AMT

ये हैं फाइव स्टार होटल के डर्टी सीक्रेट

फाइव स्टार होटल अपने स्टैंडर्ड, क्वालिटी, साफ-सफाई, लग्जरी, रूम और सर्विस के प्राइस के लिए जाने जाते हैं। लग्जरी होटल में एक रात की बुकिंग का लाखों रुपए में होती है। ये होटल अपने कमरों के किराए से लेकर गेस्ट लिस्ट को लेकर हमेशा सीक्रेसी मेंटेन करते हैं। आइए जानते हैं इन होटलों के डर्टी सीक्रेट्स के बारे में..

स्टेटस करता है मैटर

बिजनेस इन्साइडर की खबर के मुताबिक फाइव स्टार होटल में आपका स्टेटस मैटर करता है। अगर आप हाई प्रोफाइल गेस्ट, वीआईपी गेस्ट, लॉयल गेस्ट हैं तो वह आपको स्पेशल अटेंशन लिस्ट में रखेंगें। होटल में सेलेब्रिटी या अमीर गेस्ट का ध्यान रेग्युलर सिटीजन की तुलना में ज्यादा रखा जाता है।

गेस्ट के अफेयर को करते हैं प्रोटेक्ट

अगर आपका किसी के साथ अफेयर है तो उसे भी फाइव स्टार होटल प्रोटेक्ट करते हैं। कई गेस्ट ऐसे होते हैं जो पहले अपनी गर्लफ्रेंड या ब्वायफ्रेंड के साथ आते हैं और कुछ हफ्तों बाद फैमिली के साथ आते हैं। ऐसे में वह ऐसे गेस्ट के सीक्रेट पास नहीं करते। साथ ही गलती से भी वह किसी को भी अफेयर या वाइफ के बारे में नहीं बताते।

लग्जरी होटल में भी होते हैं कॉकरोच

लग्जरी होटल जो अपने क्वालिटी कंट्रोल और सफाई के लिए जाने जाते हैं उनके किचन में भी कॉकरोच होते हैं।

बिहेवियर की होती है रिकॉर्डिंग

आपके बिहेवियर की रिकॉर्डिंग होती है। अगर आप एलिवेटर के पास कमरा चाहते हैं तो उसे रिकॉर्ड किया जाता है कि आपकी क्या डिमांड है। अगर आप होटल स्टॉफ के साथ खराब बिहेव करते हैं तो आपके चेक इन और चेक आउट का क्लियरेंस फ्रंट स्टॉफ न करके मैनेजर करता है।

सेलेब्रिटिज को देते हैं फ्री रूम

फाइव स्टार होटल सेलेब्रिटिज को फ्री रूम्स ऑफर करते हैं। ताकि, अगर उनके होटल की फोटोग्राफ सेलेब्रिटिज इन्स्टाग्राम पर पोस्ट करते हैं तो उन्हें इससे फायदा होता है।

डू नॉट डिस्टर्ब

अगर आप डू नॉट डिस्टर्ब का साइन ऑन करते हैं या गेट पर लगा देते हैं, तो होटल का स्टाफ आपको परेशान नहीं करेगा। होटल इसका पालन करते हैं क्योंकि ऐसा नहीं करने पर गेस्ट उन पर कोर्ट केस कर सकते हैं।

होटल को पता होती है गेस्ट की हिस्ट्री

फाइव स्टार होटल को अपने गेस्ट के बारे में पहले से पता होता है। वह उनके बारे में रिसर्च वर्क करके रखते हैं। वह उन सभी गेस्ट की स्टेटस के मुताबिक रैंकिंग करके रखते हैं। जैसे कि एक छोटी कंपनी की वीपी को बड़ी कंपनी के सीनियर एसोसिएट की तुलना में बेहतर कमरा मिलेगा।

अपने WhatsApp -Facebook से करें कमाई

क्‍या आपके फोन में व्‍हाट्स ऐप है ? क्‍या आपका फेसबुक अकाउंट है ? शायद हां, आप लगभग हर घंटे में अपना व्‍हाट्स ऐप चेक करते होंगे या फेसबुक देखते होंगे, लेकिन यही व्‍हाट्स ऐप और फेसबुक आपके लिए एक्‍सट्रा इनकम या फुल टाइम कमाई कराने लगे तो क्‍या होगा। जी हां, आप अपने फोन पर फेसबुक या व्‍हाट्सऐप से कमाई कर सकते हैं।

इसका अनुमान आप इस बात से लगा सकते हैं कि केंद्र सरकार का दावा है कि साल 2018-19 में सोशल मीडिया मार्केटिंग में 2 लाख लोगों को नौकरी मिलेगी। यही वजह है कि सरकार समय-समय पर इस तरह की ट्रेनिंग देकर सोशल मीडिया मार्केटिंग की बारीकी बता रही है। अगर आप जॉब कर रहे हैं तो भी परेशान न हो। यह ट्रेनिंग छुट्टी के दिन यानी शनिवार और रविवार को दी जा रही है।

कब है ट्रेनिंग

सरकार ने अपने स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत ट्रेनिंग का जिम्‍मा अपनी विश्‍वसनीय संस्‍था निसबड ( द नेशनल इंस्‍टीट्यूट फॉर एंटरप्रेन्‍योरशिप एंड स्‍मॉल बिजनेस डेवलपमेंट) के पास है। मिनिस्‍ट्री ऑफ स्किल्‍ड डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्‍योरशिप के अधीन काम कर रहे निसबड कई सालों से युवाओं को ट्रेनिंग दे रहा है। निसबड ने एंटरप्रेन्‍योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम ऑन सोशल मीडिया मार्केटिंग का आयोजन 21 व 22 अप्रैल को किया है।

क्‍या है स्‍कोप

निसबड के मेंटरशि‍प सपोर्ट व एडवाइजर, रंगनाथ कृष्‍णचन्‍द्र ने बताया कि‍ सोशल मीडि‍या के माध्‍यम से आप बहुत कम लागत से अपने बि‍जनेस की रीच बहुत लोगों तक पहुंचा सकते हैं। सोशल मीडि‍या की पहुंच और पावर बहुत ज्‍यादा है। अगर कि‍सी को अपने बि‍जनेस की ब्रांडिंग करनी है तो आज उसका सबसे आसान और कि‍फायती रास्‍ता सोशल मीडि‍या है।

क्‍या सीखेंगे आप

इस प्रोग्राम के तहत सोशल मीडिया मार्केटिंग से कमाना, सोशल मीडिया को यूज करके अपना बिजनेस शुरू करना, यू-ट्यूब चैनल शुरू करना, यू-ट्यूब के माध्‍यम से डॉलर कमाना, गूगल एडसंस के माध्‍यम से कमाई करना, फेसबुक से अर्निंग, ब्‍लॉगस्‍पॉट के माध्‍यम से अर्न करना, व्‍हाट्स-ऐप मार्केटिंग, बी2बी लिंकडिन नेटवर्किंग टिप्‍स व ट्रिप, लर्न वायरल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स को सोशल मीडिया से लिंक करना, गूगल एडवर्डस, इंस्टाग्राम एवं पिनटरेस्‍ट, विकीपीडिया, डेलीमोशन, साउंड क्‍लाउड का इंट्रोडक्‍शन और वर्क फॉर होम, ऑनलाइन क्राउड फंडिंग के बारे में बताया जाएगा।

कैसे करें अप्‍लाई

इस ट्रेनिंग प्रोग्राम से स्टूडेंटस, बिजनेस मैन, एंटरप्रेन्‍योर्स, स्‍टार्टअप्‍स, कॉरपोरेट, वर्किंग प्रोफेशनल, मीडिया प्रोफेशनल, हाउस वाइफ, रिटायर्ड, एनजीओ के सदस्‍य फायदा ले सकते हैं। निसबड ने इस प्रोग्राम की फीस 6000 रुपए रखी है, जिसमें ट्रेनिंग के अलावा स्‍टडी मैटेरियल भी दिया जाएगा। आप यह ट्रेनिंग लेना चाहते हैं तो पूरी जानकारी के लिए यहां क्लिक करें –

https://www.niesbud.nic.in/docs/edp-on-social-media-marketing-21-april-2018-niesbud.pdf

8वीं पास भी ले सकते है पोस्‍ट ऑफिस की फ्रैंचाइजी

भारत में वैसे तो 1.55 लाख पोस्‍ट ऑफिस हैं, जिनमें से 89 फीसदी ग्रामीण इलाकों में हैं। लेकिन उसके बावजूद देश में पोस्‍ट ऑफिस की कई जगहों पर डिमांड है। इसी को देखते हुए पोस्‍टल डिपार्टमेंट इंडिया पोस्‍ट लोगों को पोस्‍ट ऑफिस फ्रेंचाइजी खोलने का और कमाई करने का मौका देता है।

इंडिया पोस्‍ट फ्रेंचाइजी स्‍कीम के जरिए पोस्‍ट ऑफिस की कांउटर सर्विस पोस्‍ट ऑफिस के बाहर भी उपलब्‍ध होने की सुविधा देता है। फ्रेंचाइजी को चीजों की डिलीवरी और ट्रांसमिशन डिपार्टमेंट ही करता है।

इस स्‍कीम के तहत लोगों तक तो आसानी से पोस्‍ट ऑफिस सर्विस व प्रोडक्‍ट पहुंचते ही हैं, साथ ही फ्रेंचाइजी लेने वाले को भी एक अच्‍छी आय कमाने का मौका मिलता है। आइए आपको बताते हैं कि कोई नागरिक कैसे पोस्‍ट ऑफिस फ्रेंचाइजी ले सकता है और किस सर्विस पर उसे कितना कमीशन प्राप्‍त होता है-

मिलेंगी ये सर्विस व प्रोडक्‍ट

  • स्‍टांप और स्‍टेशनरी
  •  रजिस्‍टर्ड आर्टिकल्‍स, स्‍पीड पोस्‍ट आर्टिकल्‍स, मनी ऑर्डर की बुकिंग। हालांकि 100 रुपए से कम का मनी ऑर्डर नहीं होगा बुक
  • पोस्‍टल लाइफ इंश्‍योरेंस (PLI) के लिए एजेंट की तरह करेगा काम, साथ ही इससे जुड़ी ऑफ्टर सेल सर्विस जैसे प्रीमियम का कलेक्‍शन भी कराएगा उपलब्‍ध
  • बिल/टैक्‍स/जुर्माने का कलेक्‍शन और पेमेंट जैसी रिटेल सर्विस
  • ई-गवर्नेंस और सिटीजन सेंट्रिक सर्विस
  • ऐसे प्रोडक्‍ट्स की मार्केटिंग, जिसके लिए डिपार्टमेंट ने कारपोरेट एजेंसी हायर की हुई हो या टाई-अप किया हुआ हो। साथ ही इससे जुड़ी सेवाएं।
  • भविष्‍य में डिपार्टमेंट द्वारा पेश की जाने वाली सर्विस

कौन ले सकता है पोस्‍ट ऑफिस की फ्रेंचाइजी

  • कोई भी व्यक्ति, इंस्‍टीट्यूशंस, ऑर्गेनाइजेशंस या अन्‍य एंटिटीज जैसे कॉर्नर शॉप, पानवाले, किराने वाले, स्‍टेशनरी शॉप, स्‍मॉल शॉपकीपर आदि पोस्‍ट ऑफिस फ्रेंचाइजी ले सकते हैं।
  • इसके अलावा नई शुरू होने वाली शहरी टाउनशिप, स्‍पेशल इकोनॉमिक जोन, नए शुरू होने वाले इंडस्ट्रियल सेंटर, कॉलेज, पॉलिटेक्निक्‍स, यूनिवर्सिटीज, प्रोफेशनल कॉलेज आदि भी फ्रेंचाइजी का काम ले सकते हैं। फ्रेंचाइजी लेने के लिए फॉर्म सबमिट करना होता है। सिलेक्‍ट हुए लोगों को डिपार्टमेंट के साथ एमओयू साइन करना होगा।
  • व्यक्ति की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
  • उसे कम से कम 8वीं पास होना चाहिए।
  • फॉर्म व अधिक जानकारी नीचे दिए गए लिंक से ली जा सकती है।https://www.indiapost.gov.in/VAS/DOP_PDFFiles/Franchise.pdf

कैसे होता है सिलेक्‍शन

फ्रेंचाइजी लेने वाले का सिलेक्‍शन सबंधित डिवीजनल हेड द्वारा किया जाता है, जो एप्‍लीकेशन मिलने के 14 दिनों अंदर ASP /sDl की रिपोर्ट पर आधारित होता है। यह जान लेना जरूरी है कि फ्रेंचाइजी खोलने की परमीशन ऐसी ग्राम पंचायतों में नहीं मिलती है, जहां पंचायत संचार सेवा योजना स्‍कीम के तहत पंचायत संचार सेवा केन्‍द्र मौजूद हैं।

कौन नहीं ले सकता फ्रेंचाइजी पोस्‍ट

ऑफिस इंप्‍लॉइज के परिवार के सदस्‍य उसी डिवीजन में फ्रेंचाइजी नहीं ले सकते, जहां वह इंप्‍लॉई काम कर रहे हैं। परिवार के सदस्‍यों में इंप्‍लॉई की पत्‍नी, सगे व सौतेले बच्‍चे और ऐसे लोग जो पोस्‍टल इंप्‍लॉई पर निर्भर हों या उनके साथ ही रहते हों, फ्रेंचाइजी ले सकते हैं।

कितना सिक्‍योरिटी डिपॉजिट

पोस्‍ट ऑफिस फ्रेंचाइजी लेने के लिए मिनिमम सिक्‍योरिटी डिपॉजिट 5000 रुपए है। यह फ्रेंचाइजी द्वारा एक दिन में किए जाने वाले फाइनेंशियल ट्रान्‍जेक्‍शंस के संभावित अधिकतम स्‍तर पर आधारित है। बाद में यह एवरेज डेली रेवेन्‍यू के आधार पर बढ़ जाता है। सिक्‍योरिटी डिपॉजिट NSC की फॉर्म में लिया जाता है।

कैसे होगी कमाई

फ्रेंचाइजी की कमाई उनके द्वारा दी जाने वाली पोस्‍टल सर्विसेज पर मिलने वाले कमीशन द्वारा होती है। यह कमीशन एमओयू में तय होता है।

किस सर्विस व प्रोडक्‍ट पर कितना कमीशन

  • रजिस्‍टर्ड आर्टिकल्‍स की बुकिंग पर 3 रुपए
  • स्‍पीड पोस्‍ट आर्टिकल्‍स की बुकिंग पर 5 रुपए
  • 100 से 200 रुपए के मनी ऑर्डर की बुकिंग पर 3.50 रुपए, 200 रुपए से ज्‍यादा के मनी ऑर्डर पर 5 रुपए
  • हर माह रजिस्‍ट्री और स्‍पीड पोस्‍ट के 1000 से ज्‍यादा आर्टिकल्‍स की बुकिंग पर 20 फीसदी अतिरिक्‍त कमीशन
  • पोस्‍टेज स्‍टांप, पोस्‍टल स्‍टेशनरी और मनी ऑर्डर फॉर्म की बिक्री पर सेल अमाउंट का 5 फीसदी
  • रेवेन्‍यू स्‍टांप, सेंट्रल रिक्रूटमेंट फी स्‍टांप्‍स आदि की बिक्री समेत रिटेल सर्विसेज पर पोस्‍टल डिपार्टमेंट को हुई कमाई का 40 फीसदी

मिलती है ट्रेनिंग और अवॉर्ड

  • जिनका सेलेक्शन फ्रेंचाइजी के लिए हो जाएगा, उन्‍हें पोस्टल डिपार्टमेंट की तरफ से ट्रेनिंग भी मिलेगी। ट्रेनिंग इलाके के सब-डिविजनल इंसपेक्टर द्वारा दी जाएगी।
  • इसके अलावा जो फ्रेंचाइजी प्‍वॉइंट ऑफ सेल्स सॉफ्टवेयर का यूज करेंगे, उन्हें बार कोड स्टिकर भी मिलेगा।
  • अच्‍छा परफॉर्म करने वाली फ्रेंचाइजी आउटलेट को अवॉर्ड भी दिया जाएगा। सालाना अवॉर्ड के लिए संबंधित सर्किल हेड प्रावधान बनाएंगे।

फ्रेंचाइजी जारी रहने का यह है क्राइटेरिया

पोस्‍ट ऑफिस की फ्रेंचाइजी मेट्रो शहरों से लेकर गांव तक में खोली जा सकती है। फ्रेंचाइजी के लिए हर माह 50,000 रुपए का मिनिमम रेवेन्‍यू जनरेशन अनिवार्य है, साथ ही इसका निकट के अन्‍य पोस्‍ट ऑफिस पर निगेटिव इंपैक्‍ट नहीं पड़ना चाहिए। यह रेवेन्‍यू सर्विसेज की रेंज, लोकेशन, संभावित रेवेन्‍यू इन्‍वेस्‍टमेंट, लागत आदि पर निर्भर करेगा।

फ्रेंचाइजी को आगे भी जारी रखने का फैसला रिव्‍यू के आधार पर होता है। डिपार्टमेंट द्वारा पहला रिव्‍यू फ्रेंचाइजी खुलने के 6 महीने बाद किया जाता है और इसके आगे जारी रहने का फैसला अगले 6 महीनों बाद यानी पूरे एक साल बाद होता है। इसके अलावा हर माह भी फ्रेंचाइजी का जायजा लिया जाता है।