भारत के इस शहर में बने हैं बर्फ के घर, एक रात बिताने के लिए चुकानी पड़ती है इतनी कीमत, बर्फ के घर में ये सुविधाएं है उपलब्ध

पूरा उत्तर भारत इस समय कड़ाके की ठंड से जूझ रहा है। अधिकांश पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो रही है। इससे वहां के लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के कारण लोग घरों में दुबकने के लिए मजबूर हैं। लेकिन देश के एक राज्य के दो युवाओं ने इस बर्फबारी को कमाई का जरिया बना लिया है। ये युवा सैलानियों को लुभाने के लिए हर साल बर्फ के घर बना रहे हैं। इससे इन युवाओं की कमाई भी हो रही है।

बर्फ के घर में सभी सुविधाएं उपलब्ध

जानकारी के अनुसार, मनाली से 15 किलोमीटर दूर हामटा गांव के युवा टशी और विकास ने बर्फबारी होते ही इग्लू (बर्फ से बना कमरा) तैयार कर लिए हैं। इन इग्लू में सैलानियों को रहने की सुविधा दी जा रही है। नौ हजार फीट की ऊंचाई पर बनाए गए इन इग्लू में रहने के लिए आपको एक रात के लिए पांच हजार रुपए खर्च करने होंगे। खास बात यह है कि इन इग्लू में सैलानियों के लिए आरामदायक बिस्तर और खाने की पूरी व्यवस्था की गई है।

फिल्मों में दिखाई देते हैं इग्लू

बर्फ से बने घरों को इग्लू कहा जाता है। अधिक बर्फबारी वाले देशों में पर्यटकों को लुभाने के लिए इग्लू का निर्माण किया जाता है। भारत में अभी इसका चलन नहीं है। यहां केवल विदेशी फिल्मों में ही इग्लू दिखाई देते हैं। मनाली के युवाओं ने इग्लू बनाकर देश में पर्यटन की नई राह खोल दी है।

बर्फ से ढके हैं हिमाचल-उत्तराखंड के पहाड़

इन दिनों पहाड़ी इलाकों में जबरदस्त बर्फबारी हो रही है। इस कारण हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर के पहाड़ बर्फबारी से ढके हैं। हिमाचल प्रदेश के अधिकांश पर्यटक स्थलों पर बर्फ जमी है। इस बर्फबारी का सैलानी भी जमकर लुत्फ उठा रहे हैं।

1 घंटे से कम समय में फुल चार्ज हो जाएगी Nissan की ये इलेक्ट्रिक कार, 364 कि.मी. का देगी माइलेज

जिस कदर ईंधन के दाम बढ़ते जा रहे हैं उसको देखते हुए देश और दुनिया की जानी-मानी कार निर्माता कंपनियां अब इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण पर जोर दे रही हैं। इसी बीच जापान की जानी-मानी कार निर्माता कंपनी निसान अपनी नई इलेक्ट्रिक कार निसान लीफ का सेकंड जनरेशन लॉन्च करने जा रही है।

निसान ने सीईएस 2019 शो ( CES 2019 ) में इस कार का सेकंड जनरेशन मॉडल निसान लीफ ई प्लस ( Nissan LEAF e + ) पेश किया। आइए जानते हैं कैसी होगी ये इलेक्ट्रिक कार और कैसे होंगे इस इलेक्ट्रिक कार के फीचर्स…

फिलहाल इस कार के 3 ट्रिम होंगे इसके बारे में पता चला है जो कि लीफ एस प्लस ( Leaf S Plus ), लीफ एसवी प्लस ( Leaf SV Plus ) और लीफ एसएल प्लस ( Leaf SL Plus ) हैं। नई लीफ का लुक काफी स्टाइलिश है और आकर्षक भी है। नई कार में शानदार एयरोडायनैमिक डिजाइन दिया गया है।

इस कार को चलाने में काफी आरामदायक लगता है और उसका लुक भी शार्प है।फीचर्स की बता की जाए तो निसान की इस कार में निसानकनेक्ट का फीचर दिया है जिससे कि ड्राइवर स्मार्टफोन ऐप यूज कर सकता है। इसके जरिए कार लोकेशन की जानकारी, चार्ज निर्धारण, नियर चार्जिंग स्टेशन सर्च करना, कार कूलिंग और हीटर स्टार्ट करना और डोर-टू-डोर नेविगेशन भी शामिल है।

इंजन और पावर

इंजन और पावर की बात की जाए तो निसान लीफ में 62 केडब्ल्यूएच की बैटरी दी गई है जो कि 1 बार फुल चार्ज होकर 364 किमी की दूरी तय कर सकती है। इस कार में क्विक चार्जिंग सिस्टम दिया गया है, जिसकी मदद से बैटरी मात्र 40 मिनट में 80 प्रतिशत तक चार्ज हो सकती है।

लॉन्चिंग के बाद निसान लीफ का मुकाबला टेस्ला मॉडल 3 इलेक्ट्रिक कार से हो सकता है। टेस्ला मॉडल 3 इलेक्ट्रिक कार में 2 बैटरी का ऑप्शन है और 1 बार फुल चार्ज होकर 350 से 500 किमी की दूरी तय कर सकती है।

फरहान अख्तर ने इस डाइट के जरिए सिर्फ 18 महीने में बना ली थी मिल्खा सिंह जैसी बॉडी

फरहान अपनी लीन और फिट बॉडी के लिए इंडस्ट्री में पहचाने जाते हैं। फिल्म भाग मिल्खा भाग में भी उन्होंने खुद का जबर्दस्त ट्रांसफॉर्मेशन किया था। बॉलीवुड एक्टर फरहान अख्तर आज 45 साल के हो गए हैं। फरहान एक अच्छे कम्पोजर, सिंगर, डायरेक्टर, लिरिसिस्ट और एक्टर हैं। आज हम बता रहे हैं उन्होंने मिल्खा सिंह के जैसी बॉडी आखिर कैसे बनाई थी।

फरहान ने खूब की मेहनत

  • फिल्म भाग मिल्खा भाग की शूटिंग से पहले 18 महीनों तक फरहान ने खूब मेहनत की थी। उनका वर्कआउट प्लान तीन तरह की ट्रेनिंग में डिवाइड था। इसमें एथलेटिक ट्रेनिंग, फंक्शनल ट्रेनिंग और वेट ट्रेनिंग शामिल थीं।
  • उन्होंने पहले हफ्ते में चार घंटे ट्रेनिंग को दिए थे। बाद में इसे बढ़ाकर छ हफ्ते कर दिया था।
  • 13 महीने की लगातार मेहनत के बाद उनकी बॉडी शेप में आ गई थी।
  • वे रात में 10 बजे सो जाया करते थे और सुबह 5.30 बजे उठते थे।
  • ऊंची कूद, पुश-अप्स, पुल-अप्स के साथ ही तमाम एक्सरसाइज उनके ट्रेनिंग सेशन में शामिल होती थीं।
  • फंक्शनल ट्रेनिंग डेढ़ से दो घंटे की होती थी और इसका लक्ष्य बॉडी की फ्लेक्सिबिलिटी को बढ़ाना और हडि्डयों को मजबूत करना होता था।
  • वे दिन में पांच से छ बार खाते थे। इसके चलते उनकी बॉडी का मेटाबॉलिज्म अच्छा था।

फरहान की डाइट 

  • ब्रेकफास्ट : एग व्हाइट, अंडे की भुर्जी, मशरूम और फ्रेश फ्रूट्स का जूस लेते हैं।
  • लंच : कबाब, ड्राय फ्रूट्स, डाइजेस्टिव बिस्किट, बींस, ग्रिल्ड चिकन, कैबेज, ब्रोकली लेते हैं।
  • पोस्ट लंच : प्रोटीन शेक के साथ में कुछ नेचुरल प्रोटीन लेते हैं।
  • इवनिंग स्नैक : मूंग और बॉइल्ड चना से तैयार सलाद खाते हैं। इसमें बेरीस भी शामिल होती हैं।
  • डिनर : डिनर में फिश लेते हैं। इसमें सालमन और बासा जैसी फिश शामिल होती हैं।
  • बेड पर जाने से पहले : प्रोटीन शेक दूध के साथ पीते हैं।
  • ट्रेनिंग सेशन के दौरान : नारियल पानी, स्कीम्ड मिल्क, ओटमील जैसी चीजें लेते हैं।

  • भाग मिल्खा भाग की शूटिंग के दौरान करीब 18 महीनों तक फरहान ने अल्कोहल, ब्रेड, चपाती, राइस को हाथ तक नहीं लगाया था।जंक फूड खाना भी पूरी तरह बंद कर दिया था।

फरहान के टिप्स…

  • फरहान कहते हैं कि, मैं हफ्ते में कम से कम तीन बार वॉलीबॉल खेलता हूं,वॉलीबॉल के अलावा वे स्विमिंग और साइक्लिंग भी करते हैं।
  • मुंबई में शूटिंग होने पर खाने का डिब्बा घर से ही साथ लेकर जाते हैं। अक्सर इसमें ग्रिल्ड चिकन, फिश और पत्तेदार सलाद होता है। मुंबई से बाहर शूटिंग होने पर भी अपनी डाइट से समझौता नहीं करते।

सिर्फ 7 दिन में बिना डाई के सफ़ेद बालो को करे काला, बालो को रेशमी और चमकदार बनाने का घरेलू उपाय !

हर किसी को बाल काले ही अच्छे लगते हैं लेकिन जब यह बिना बुढापे के ही सफेद होने लगें तो दिल घबरा सा जाता है। पर आपको जानना होगा कि बाल सफेद क्यों हो जाते हैं वो भी तब जब हमारी खेलने खाने की उम्र होती है।

जब बालों में मिलेनिन पिगमेंटेशन की कमी हो जाती है तब बाल अपना काला रंग खो देते हैं और सफेद हो जाते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपाय बताएंगे जिसे आजमा कर आपके सफेद हो रहे बाल काले होने शुरु हो जाएगें।

सफ़ेद बालो को काला,रेशमी और चमकदार बनाएँ

आंवला : आंवला हो या उसका पाउडर, दोनों ही बालों को काला करने में मददगार होते हैं। आंवला का रस अगर बादाम के तेल में मिक्स कर के बालों में लगाया जाए तो बाल काले होगें। आवलां का रस बालों को सफेद होने से रोकने के लिये बालों और सिर की त्वचा पर आवलां का रस लगाएं।

काली चाय : पैन में पानी डालें, उसमें 2 चम्मच चाय की पत्ती डाल कर खौलाएं और जब यह पानी ठंडा हो जाए तो इसे छान कर बालों में लगाएं। इसे लगाने के बाद बालों में शैंपू न लगाएं वरना असर खत्म हो जाएगा।

कडी पत्ता : अपनी डाइट में कडी पत्ता शामिल करें। इसे आप चटनी के रूप में खा सकते हैं। इसको खाने से बालों का सफेद होना रुक जाएगा।

हेयर ऑयल : नारियल तेल को कडी पत्ता और आवलां के साथ गरम करें। इस तेल को लगातार लगाने से बाल मजबूत होगें और उसका पुराना रंग वापस आ जाएगा।

कम उम्र में बाल सफेद होने के अनियमित दिनचर्या, खाने में पोषक तत्वों की कमी, कमजोरी और अनुवांशिक कारण मुख्य हैं। चलिए, आज जानते हैं ऐसे ही कुछ आसान घरेलू नुस्खों के बारे में जिन्हें अपनाकर सफेद बालों को फिर से काला बनाया जा सकता है।

सफ़ेद बालो को काला करने के उपाय 

  • आमलकी रसायन आधा चम्मच प्रतिदिन सेवन करने से बाल प्राकृतिक रूप से जड़ से काले हो जाते हैं।
  • मेथी दानों को रातभर पानी में भिगो दें। सुबह मेथी दानों को दही में पीसकर बालों में लगाएं। एक घंटे बाद बाल धो लें।
  • सूरजमुखी, खुबानी, गेहूं, अजमोद और पालक आदि लौह तत्वों से भरपूर चीजों का सेवन करें। केला, गाजर जैसे आयोडिन युक्त चीजें खाना भी फायदेमंद होता है। इसके अलावा, विटामिन बी5 और बी2 को भी अपने भोजन में शामिल कर लेना चाहिए।
  • एक नींबू के रस में उतना ही पानी मिलाकर मिश्रण बना लें। शैंपू करने के बाद बालों में डालें, कुछ देर रहने दें और फिर साफ पानी से धो लें।
  • नारियल तेल में नींबू का रस मिलाकर स्कैल्प पर लगाएं। यह उपाय रोज करें, सफेद बाल काले होने लगेंगे।
  • हरे आंवले का पेस्ट बनाकर बालों की जड़ों में लगाएं या आंवला पाउडर में नींबू का रस मिलाकर बालों में लगाएं।
  • हफ्ते में दो बार गाय के दूध से बनी छाछ को बालों की जड़ों में लगाएं। कम उम्र में बाल सफेद नहीं होंगे
  • बालों को हमेशा ठंडे और साफ पानी से धोएं।

  • नारियल तेल में करी पत्ता उबालें, जब करी पत्ते काले हो जाएं तो तेल को ठंडा करके बोतल में भर लें। इस तेल को रोजाना बालों में लगाएं, लाभ होगा।
  • काली अखरोट को पानी में उबालकर उस पानी को ठंडा करके बाल धोएं। कम उम्र में सफेद हुए बाल फिर से काले हो जाएंगे।
  • लौकी को सुखाकर नारियल तेल में उबाल लें। इस तेल को छानकर बोतल में भर लें। इस तेल की मसाज करने से बाल काले हो जाएंगे।
  • दो चम्मच मेहंदी पाउडर, एक चम्मच दही,1चम्मच मेथीदाना पाउडर, तीन चम्मच कॉफी, दो चम्मच तुलसी पाउडर के मिश्रण को बालों में लगाएंं और तीन घंटे बाद सिर धो लें।
  • आधा कप दही में एक ग्राम काली मिर्च और थोड़ा नींबू का रस मिलाकर बालों में लगाएं, फायदा होगा।
  • मेहंदी की पत्तियों में थोड़ा नींबू का रस मिलाकर पीस लें। इसमें एक चम्मच कॉफी पाउडर और एक अंडा मिलाएं। इस मिश्रण को बालों में लगाएं और 45 मिनट के बाद बाल धो लें।
  • बाल धोने से पहले बालों में ऐलोवेरा जेल की मसाज करें। बाल घने और काले हो जाएंगे।
  • एक छोटी कटोरी मेहँदी पाउडर लें, इसमें दो बड़े चम्मच चाय का पानी, दो चम्मच आँवला पाउडर , शिकाकाई व रीठा पाउडर , एक चम्मच नीबू का रस, दो चम्मच दही, एक अंडा, आधा चम्मच नारियल तेल व थोड़ा-सा कत्था। यह सामग्री लोहे की कड़ाही में रात को भिगो दें।
  • सुबह हाथों में दस्ताने पहनकर बालों में लगाएँ, त्वचा को बचाएँ, ताकि रंग न लगने पाए। दो घंटे बाद धो लें। यह आयुर्वेदिक खिजाब है,
  • रात को सोते समय नाक में दोनों तरफ षडबिन्दु तेल की 2-2 बूँद नियमित रूप से टपकाते रहें।
  • सफेद बालों को कभी भी उखाड़ें नहीं, ऐसा करने से ये ज्यादा संख्या में बढ़ते हैं। सफेद बाल निकालना हों तो कैंची से काट दें या उन्हें काला करने वाला उपाय अपनाएँ।

अपने घर में लगाइए यह पेड़, सारी जिंदगी मुफ्त में मिलेगी बिजली

अब बिजली की टेंशन नहीं होगी, अपने घर में यह पेड़ लगाकर आप जीनवभर मुफ्त में बिजली पा सकते हैं..स्वच्छ और सस्ती बिजली के उद्देश्य से केंद्र सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। देश में कई स्थानों पर सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं।

लेकिन जगह की कमी प्लांट लगाने में सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। अब इस समस्या को दुर्गापुर (नई दिल्ली) के सेंट्रल मैकेनिकल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएमईआरआई) के वैज्ञानिकों ने दूर कर दिया है।

वैज्ञानिकों ने ऐसे सोलर ट्री बनाए हैं जिन्हें घर में कही भी उचित स्थान पर लगाकर एक बार के खर्च पर जीवनभर मुफ्त बिजली ली जा सकती है।हाल ही में पंजाब के जालंधर में आयोजित 106वीं इंडियन साइंस कांग्रेस में सीएमईआरआई ने अपने इन बिजली के पेड़ों का प्रदर्शन भी किया है।

एक मीटर के क्षेत्र में भी लगाया जा सकता है सोलर ट्री

वैज्ञानिकों के अनुसार सोलर ट्री को एक मीटर स्कवायर जैसी छोटी जगह पर भी लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एक किलोवाट की झमता वाले सोलर ट्री की ऊंचाई 6 फुट के करीब होता है और इस पर 4 से 5 पैलन लगाए जा सकते हैं।

पैनल की संख्या के हिसाब से इस ट्री की लंबाई बढ़ाई जा सकती है। 10 किलोवाट के सबसे बड़े पैनल के लिए 20 फुट लंबे ट्री की आवश्यकता होती है। इस ट्री पर 40 से 50 पैनल लगाए जा सकते हैं।

 

एक सोलर ट्री से रोशन हो जाएगा एक घर

वैज्ञानिकों के अनुसार, एक किलोवाट के एक सोलर ट्री से चार-पांच कमरों के एक घर को रोशन किया जा सकता है। साथ ही पंखे भी चलाए जा सकते हैं। एक किलोवाट का सोलर ट्री किसानों का पंप चलाने में भी सझम है।

उन्होंने बताया कि इस ट्री में पैनल्स की इस तरह से लगाया गया है कि सूरज निकलने से लेकर छिपने तक सभी एंगल से इस पर किरणें पड़ती है। सोलर ट्री में एक ऐसा सेंसर लगाया गया है जो रात होने पर अपने आप स्ट्रीट लाइट्स को जला देता है। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के घर में भी एक सोलर ट्री लगाया गया है।

टाटा स्काई के नए कनेक्शन पर मिल रहा 42% का बड़ा डिस्काउंट, अभी लेने पर 1245 रुपए की होगी बचत और मिलेंगे ये फायदे

टाटा स्काई गाहको के लिए धमाकेदार डिस्काउंट ऑफर लेकर आई है। टाटा स्काई (Tata Sky) नए DTH  HD कनेक्शन पर कंपनी 42% का डिस्काउंट दे रही है। इस कनेक्शन में HD और SD दोनों तरह के चैनल शामिल हैं। इसके साथ, 2 स्मार्टफोन पर Tata Sky की मोबाइल ऐप सब्सक्रप्शन भी दिया जा रहा है। कंपनी ने इस ऑफर के बार में बताया कि इसे कभी भी खत्म किया जा सकता है।

ये है पूरा ऑफर

  • इस ऑफर का बेनीफिट लेने के लिए आपको टाटा स्काई की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा।
  • या फिर आप टाटा स्काई के निकटतम डीलर्स के पास भी जा सकते हैं।
  •  यहां से आपको HD Monthly Ultra Pack का नया कनेक्शन लेना है।
  •  इस नए कनेक्शन की MRP 2935 रुपए हैं, लेकिन इसे अभी 1690 रुपए में दिया जा रहा है।
  •  यानी कस्टमर की सीधे 1245 रुपए (42% ऑफ) की बचत होगी।
  •  ऑनलाइन इस कनेक्शन को सिलेक्ट करने पर कैश ऑन डिलिवरी का बेनिफिट भी मिलेगा।

ऐसे करें अप्लाई

  • सबसे पहले www.tatasky.com पर जाएं।
  • अब HD Monthly Ultra Pack कनेक्शन वाला कनेक्शन सिलेक्ट करें।
  •  यहां Book Now पर क्लिक करें।
  •  जो नया पेज ओपन होगा उसमें नाम, पता, मोबाइल और ईमेल आईडी की डिटेल दें।
  •  अब पेमेंट का ऑप्शन पर जाकर कनेक्शन बुक कर लें।

ये है फायदे 

  •  इस कनेक्शन में 241 SD और 55 HD चैनल्स दिए जाएंगे।
  •  2 रीजनल पैक भी फ्री दिए जाएंगे।
  •  2 स्मार्टफोन पर Tata Sky की मोबाइल ऐप कनेक्शन भी मिलेगा।

लागू होने जा रहे हैं नए नियम 

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के नए नियम 31 जनवरी से लागू होने जा रहे हैं। नए नियम के चलते अब काई भी ऑपरेटर जबरन कोई चैनल थोप नहीं पाएगा। आप कस्टमर को सिर्फ उसी चैनल का पैसा देना होगा जिसे वो सिलेक्ट करता है। हालांकि, कस्टमर को मिनिमम 130 रुपए मंथली खर्च करने ही होंगे।

अब हेलमेट की कीमत एक महीने के पेट्रोल से भी होगी ज्यादा, देखें क्या है मामला

अब हेलमेट की कीमत एक महीने के पेट्रोल से भी ज्यादा होगी, हेलमेट दोपहियां वाहन चालक के लिए एक अहम भूमिका निभाता है, इस बात से सभी अवगत हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं एक सस्ता हेलमेट आपकी जिंदगी तबाह करने के लिए काफी है। अक्सर वाहन चालक पैसे बचाने के चक्कर में 500 से 1000 रुपए तक का हेलमेट खरीद लेते हैं।

लेकिन बता दें, अब हेलमेट की कीमत आपके पेट्रोल खर्च से भी ज्यादा हो सकती है। एक सर्वे के मुताबिक हेलमेट खरीदारो की संख्या 9 करोड़ प्रतिवर्ष है। सरकार ने भारतीय मानक ब्यूरो (आईएसआई) नियमों में बदलाव करके नए 2015 यूरोपियन मानक को लागू कर दिया है।

जिससे हेलमेट की मैन्युफैक्चरिंग महंगी हो जाएगी।और इसका सीधा असर हेलमेट की कीमतों पर पड़ेगा। हेलमेट मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेट्री सुभाष चंद्रा के मुताबिक इस समय हेलमेट की फैक्ट्री के साथ ही एक टेस्टिंग लैब बनायी जाती है, जहां इनका परीक्षण किया जाता था।

जहां इन लैब पर इस समय 6 से 7 लाख रुपए का खर्च आता था। वहीं अब नए नियमों के अंतर्गत इस पर 1 से 2 करोड़ का खर्च आएगा। ऐसे में एक स्मॉल स्केल उद्योग चलाने वालो के लिए नई लैब लगाना आसान काम नहीं होगा और इस तरह हेलमेट की मैन्युफैक्चरिंग का काम कुछ कंपनियों तक ही सीमित रह जाएगा।

जिससे कंपनियां मनमाफिक दाम पर हेलमेट की बिक्री करेंगी। मानक लागू होने के बाद स्मॉल स्केल हेलमेट उद्योग बंद हो सकते हैं जिससे लाखों लोगों की नौकरी भी जाएगी। इसके अलावा दोपहिया वाहन चालक इतना महंगा हेलमेट नहीं खरीद पाएंगे। इस समय हेलमेट को बनाने में मात्र 200 रुपए तक का खर्च आता है।

जिसमें प्लास्टिक शेल, थर्मोकोल, कपड़ा, फोम और टेप कई चीजें प्रयोग की जाती हैं। वहीं एसोसिएशन के जनरल सेक्रेट्री चंद्रा के मुताबिक अगर सरकार हेलमेट की क्वॉलिटी बढ़ाने पर जोर देती, तो शायद यह एक अच्छा कदम हो सकता था। लेकिन सरकार का इस समय ध्यान केवल टेस्टिंग पर है।

चौथी क्लास में तीन बार फेल होने वाला आज दे रहा है दे रहे 700 को रोजगार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग के सिरसा के किसान अशोक चंद्राकर चौथी क्लास में तीन बार फेल हो गए, तो 12 साल की उम्र में सब्जी बेचनी शुरू की। वे गली-गली घूमकर सब्जी बेचा करते थे। आज उनके पास 100 एकड़ जमीन है और रेंट के खेतों को मिलाकर कुल 900 एकड़ में खेती करते हैं। उन्होंने करीब 700 से ज्यादा लोगों को रोजगार भी दिया है।

अलग-अलग देशों में सब्जियां कर रहे सप्लाई…

आज अशोक सालाना 10 करोड़ की सब्जियां देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई करते हैं। 1973 में जन्मे अशोक का पढ़ाई में मन लगा नहीं, इसलिए उन्होंने काम में मन लगाया। उनके माता-पिता गांव के ही एक घर में काम किया करते थे। अशोक ने 14 साल की उम्र में नानी से एक खेत बटाई पर लेकर सब्जी उगानी शुरू की। इसे वे खुद घूम-घूमकर चरोदा, सुपेला भिलाई, चंदखुरी की गलियों में बेचते। इसी पैसे से पहले तीन, फिर चार, पांच आगे चलकर दस एकड़ खेत रेघा में ले लिया। उनका कारोबार बढ़ने लगा।

अशोक के पास आज सौ एकड़ की मालिकाना जमीन सिरसा, तर्रा सहित कई जगहों पर है। इसके अलावा नगपुरा, सुरगी, मतवारी, देवादा, जंजगीरी, सिरसा जैसे गांवों में बटाई की जमीन है, जिस पर सब्जियां उगाई जा रही हैं। इसमें नगपुरा में सबसे अधिक दो सौ एकड़ पर टमाटर लगा है। आज उनके पास 25 से ज्यादा ट्रैक्टर व दूसरी गाड़ियां हैं। आधुनिक मशीनें हैं, जो दवा छिड़काव से लेकर सब्जियों को काटने का काम करती हैं।

अशोक के मुताबिक, आजकल लोग शॉर्टकट के चक्कर में रहते हैं, अगर आप किसी प्लान पर लगातार चलते हैं और इंतजार करते हैं, तो आपको रिजल्ट जरूर मिलेंगे। मेहनत का कोई ऑप्शन हो ही नहीं सकता। कल तक मैं दो-दो हजार के लिए तरसता था और आज 15-15 हजार रुपए वेतन दे रहा हूं।

यह है McDonald’s के साथ अपना बिजनेस शुरू करने का प्रोसैस, करोड़ों कमा सकते हैं आप

McDonald’s साल 1955 से फ्रेंचाइजी मॉडल पर काम कर रहा है. रेस्टोरेंट का बिजनेस करने का मन बना रहे हैं तो आपके पास एक बेहतरीन मौका है. दुनिया की सबसे बड़ी फास्ट फूड रेस्टोरेंट चेन मैक्डोनल्ड्स (McDonald’s) की फ्रेंचाइजी ले सकते हैं.

अगर आपको भारत में इस रेस्टोरेंट की फ्रेंचाइजी लेनी है तो इसके लिए डेवलपमेंट लाइसेंस लेना होगा. भारत में कंपनी डायरेक्ट फ्रेंचाइजी नहीं देती है. इसके लिए कंपनी ने पूरे भारत में फ्रेंचाइजी देने के लिए दो कंपनियों को नियुक्त किया हुआ है.

अगर आपको पश्चिमी भारत और साउथ इंडिया में रेस्टोरेंट खोलना है तो आपको हार्डकैस्टल रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क करना पड़ेगा. वहीं, अगर आपको उत्तर भारत या पूर्वी भारत में रेस्टोरेंट का फ्रेंचाइजी लेना है तो कनॉट प्लाजा रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क कर सकते हैं. McDonald’s रेस्टोरेंट की फ्रेंचाइजी 20 साल के लिए मिलती है.

नियम और शर्तें

McDonald’s की फ्रेंचाइजी लेने से पहले आप फ्रेंचाइजी डिस्क्लोजर डॉक्युमेंट यानी FDD को अच्छे से पढ़ें. इस डॉक्युमेंट में सारे नियम और तरीके समझाए गए हैं. फ्रेंचाइजी लेने के लिए आपके पास कितनी जगह होनी चाहिए, आपको इस तरह की ट्रेनिंग मिलेगी ये सारी जानकारी इस डॉक्युमेंट में होती है. FDD को आप गूगल से डाउनलोड भी कर सकते हैं.

कितना आएगा खर्च

अगर आप मौजूदा रेस्टोरेंट प्लेयर हैं तो कंपनी आपका रेस्टोरेंट भी McDonald’s में कन्वर्ट कर सकती है. अगर अलग से फ्रेंचाइज बनाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको नया इन्वेस्टमेंट ही करना होगा. McDonald’s की फ्रेंचाइजी में 6 से 14 करोड़ का भारी-भरकम इन्वेस्टमेंट लगेगा.

इसके अलावा, आपके पास 5 करोड़ की लिक्विड कैपिटल होनी चाहिए. कैपिटल के अलावा आपको 30 लाख की फ्रेंचाइजी फीस भी देनी होगी. रेस्टोरेंट की कुल बिक्री का 4 फीसदी सर्विस फीस के रूप में देना होगा.

कैसे मिलेगी जमीन

रेस्टोरेंट की फ्रेंचाइजी लेने के लिए जमीन होना जरूरी है. इसके लिए दो विकल्प हैं. पहला आपके पास अपनी जमीन हो. अगर अपनी जमीन नहीं है तो ऑपरेटर लीज के तहत McDonald’s 11 महीने की लीज पर जगह मुहैया कराती है.

4 तरह से मिलती है फ्रेंचाइजी

ट्रेडिशनल रेस्टोरेंट– ट्रेडिशनल रेस्टोरेंट के लिए आप फूड कोर्ट, स्टोर फ्रंट जैसे लोकेशन शामिल होते हैं. ट्रेडिशनल रेस्टोरेंट के लिए 20 साल का फ्रेंचाइजी मिलती है.
सेटेलाइट लोकेशन– सेटेलाइट लोकेशन में रिटेल स्टोर, एयरपोर्ट, कॉलेज, हॉस्पिटल जैसे लोकेशन शामिल है. मतलब आपके पास इन लोकेशन के आसपास जमीन होनी चाहिए.

STO एंड STAR लोकेशन– इसमें छोटे शहरों के रिटेल स्टोर्स, पेट्रोल पंप के कंपाउड्स और उसके आस पास की जगह शामिल है. एसटीओ एंड एसटीएआर लोकेशन के लिए भी 20 साल का फ्रेंचाइजी मिलता है.
BLF फ्रेंचाइजी– कॉरपोरेट ऑफिस के कंपाउड में आपके पास जगह हो, इस फ्रेंचाइजी में एक ऑप्शन यह भी है कि अगर आपके पास पहले से कोई रेस्टोरेंट हैं तो आप उसे McDonald’s में कनवर्ट कर सकते हैं.

कभी सोचा है कि Mi Phones के साथ क्यों नहीं मिलता ईयरफोन, यह है वजह

क्या आपके पास भी Mi का फ़ोन है? और आपने कभी सोचा है की Xiaomi अपने किसी भी फोन के साथ ईयरफोन क्यों नहीं देता? तो आइये जानते हैं क्या है इसके पीछे की सचाई..आज के समय में हर किसी के पास स्मार्टफोन होता है. साथ में लोग कम कीमत में अच्छा स्मार्टफोन खरीदना पसंद करते हैं.

हालांकि बाजार में कई ऐसे बड़े ब्रांड हैं जो कम कीमत पर मोबाइल बेचते हैं. लेकिन जब बात ग्राहकों के भरोसे की आती है तो उन्हें Mi Phone सबसे बेस्ट ऑप्शन में से एक लगता है. अपने बेहतरीन फीचर्स की वजह से ये स्मार्टफोन सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है.

लेकिन इस फोन के साथ कभी भी ईयरफोन क्यों नहीं मिलता? आज हम आपको इससे जानकारी देंगे. दरअसल जब भी हम Mi का स्मार्टफोन खरीदते हैं, तो हमें उसके साथ कभी भी ईयरफोन नहीं मिलता. हालांकि हम कभी इस बात पर ज्यादा ध्यान भी नहीं देते.

लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Mi कभी भी चार्जर और हैंडसेट के अलावा कुछ भी नहीं देती है. Mi अपने स्मार्टफोन अपने बॉक्स में से ईयरफोन ना रखकर अलग से बेचता है. जिस वजह से हैंडसेट की कीमत औरों के मुकाबले थोड़ी कम हो जाती है.

Mi कंपनी अच्छे से जानती है कि ग्राहक ईयरफोन कहीं से भी कीमत में खरीद सकते हैं. जिसका बखूबी फायदा उठाकर Mi कंपनी अपने ईयरफोन 700 से 2000 रुपए की कीमत में अलग से बेचती है. इस तरह हम ये कह सकते हैं कि Mi कंपनी जो कीमत अपने स्मार्टफोन में कम कर देती है. वही पैसे वो अपने ईयरफोन को बेचकर आसानी से कमा भी लेती है.