अपनी ज़िंदगी में अपनाए ये चार नियम, कभी भी नही होंगे बीमार

भागदौड़ भरी ज़िंदगी में आप अपने लिए कुछ पल निकालने में कंजूसी करते है. यही कंजूसी आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ करने में जरा सा भी नहीं सोचती |अगर आप थोड़ा समय निकाल कर इन सात बातों पर माइंड मेकअप करते है,तो हमेशा स्वस्थ रह सकते हैं |अच्छे स्वास्थ्य के लिए आपका खाना या भोजन प्रमुख भूमिका निभाता है |

आपको कौन सी चीज खानी चाहिए तथा किन चीजो से आपको परहेज करना चाहिए यह बात आपको अपने शरीर की मांग के हिसाब से पता होनी चाहिए| अगर आप इन नियमों पालन करे तो जिंदगी भर निरोगी रह सकते है |

आइये जानें वो चार :

पहला नियम:-

सुबह उठते ही सबसे पहले पानी पीना है. आपके दिन की शुरुआत पानी से करे | चाय से नही, कॉफ़ी से नही| पानी बैठकर और सिप सिप करके पीना चाहिए | जैसे चाय पीते है वैसे ही|  आपके लिए सबसे अच्छा मिटटी के घड़े का पानी है |

दूसरा नियम:-

आप जब भी पानी पिएंगे तो एक दम नहीं पिएंगे, पानी को घुट घुट करके पिएंगे | जिससे की आपके मुह की लार पेट में जाए | मुंह की लार क्षारीय होती है, और हमारे पेट में एसिड होता है जो अम्लीय होता है | दोनों जब मिले तो न्यूट्रल हो जाता है | यही सबसे आदर्श स्थिति है | अगर आपका शरीर न्यूट्रल रहता है तो आपको कोई बीमारी नहीं आयेगी |

तीसरा नियम:-

आपको जिंदगी में कभी भी ठंडा पानी नही पीना है | फ्रिज में रखा पानी या बर्फ डाला हुआ पानी कभी भी नही पीना है | आप कहेगे क्यों ?  आपका शरीर ठंडा हो जाये तो इसका मतलब क्या है, इसका सीधा सा मतलब है कि आप मर जायंगे, फिर क्यूँ ठंडा पानी पीना चाहते है | ये ठंडा पानी शरीर के अनुकूल नही है |

आप जैसे ही ठंडा पानी पीते है, शरीर ठंडा ना हो इसके लिए हमारा पेट उस ठन्डे पानी को गर्म करता है | आप कितना भी ठंडा पानी पियेंगे, पानी को गर्म करने के लिए उर्जा लगती है और वो उर्जा है आपका रक्त (खून) |

अगर ज्यादा ठंडा पानी पियेंगे तो पेट उस पानी को गर्म करने के लिए सारे शरीर से थोडा थोडा रक्त खिचेगा, और सब अंगो को खून की कमी होने लगेगी | और अगर शरीर के अंगो को ये रक्त की कमी नियमित आने लगी तो ये अंग खराब हो जायंगे, तो आपको कभी भी हार्ट अटैक आ सकता है, किडनी फ़ैल हो सकती है, लीवर डैमेज हो सकता है, आप के शरीर के किसी भी अंग का कबाड़ा निकल सकता है|

चौथा नियम:-

“भोजनान्ते विषमभारी” अर्थात भोजन के अंत मे पानी बिलकुल नही पीना है, डेढ़ घन्टे के बाद ही पानी पीना है | भोजन के बाद अगर कुछ पीना है तो जूस या छांछ या दूध | सुबह भोजन के बा जूस पीना है, दोपहर को छांछ या लस्सी पीनी है, और रात को दूध पीना है |

खोलिए पीरामल की कंपनी का वाटर एटीएम, 15-20 हजार महीना तक हो सकती है कमाई

गर्मियों का मौसम आ चुका है। ऐसे में देश में पानी की मांग एक बार फिर से बढ़ने जा रही है। इस मौसम में वाटर एटीएम लगाना बिजनेस का अच्‍छा विकल्‍प हो सकता है। मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी की शादी जिस पीरामल परिवार में हुई है, उसकी एक कंपनी के साथ साथ मिलकर भी आप वाटर एटीएम खोल सकते हैं।

खोलिए पीरामल सर्वजन का वाटर एटीएम

अब भारतीय रेलवे, मेट्रो, रोड ट्रांसपोर्ट से लेकर प्राइवेट कंपनियां भी वॉटर एटीएम इन्स्टॉल करा रही हैं। ऐसे में पीरामल सर्वजल के साथ मिलकर आप वाटर एटीएम की फ्रेंचाइजी ले सकते हैं। इसके जरिए आपको आसानी 15-20 हजार महीने कमाई हो सकती है। बता दें कि पीरामल सर्वजल पीरामल फाउंडेशन का हिस्‍सा है।

क्या है वाटर ATM ?

जिस तरह अभी पैसे निकालने के लिए जगह-जगह बैंक एटीएम लगाते हैं। उसी तरह आप वाटर एटीएम लगा सकते हैं। जिसके जरिए यूजर आसानी से शुद्ध पानी ले सकता है। यूजर वाटर एटीएम में क्वॉइन या नोट के जरिए पानी को छोटे गिलास से लेकर 20 लीटर तक के जार में ले सकता है। इस तरह के एटीएम में इनबिल्ट आरओ सिस्टम होता है।

16 राज्‍यों में कंपनी दे रही है मौका

पीरामल सर्वजल कंपनी वाटर एटीएम के लिए फिलहाल 16 राज्‍यों में फ्रेंचाइजी दे रही है। इसके तहत कंपनी ने करीब 330 वॉटर एटीएम इन्स्टॉलेशन किए हैं। मतलब अब भी कंपनी को बड़े पैमाने पर वॉटर एटीएम के लिए लोगों की जरूरत है।

शुरुआत के लिए इन चीजों की जरूरत

कम से कम 200 वर्गफुट का स्पेस होना चाहिए वाटर एटीएम के लिए कॉमर्शियल इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन वाटर एटीएम के लिए पानी की उपलब्धता जिससे उसका ट्रीटमेंट किया जा सके चिलर, डिलिवरी व्हीकल, कूल जग्स आदि होना चाहिए।

कहां मिलेगी जानकारी

अगर आप कंपनी का वाटर एटीएम लगाने के इच्‍छुक हैं तो सबसे पहले इसकी वेबाइट sarvajal.com पर विजिट करें। टॉप पर दाहिनी ओर ज्‍वाइन अस का टैब दिया हुआ है। इस टैब को क्लिक करें।

जहां आपको फ्रैंचाइजी का ऑप्‍शन मिलेगा।

ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद नया पेज मिलेगा। यहां सभी जारूरी जानकारी मिलेगी। सबसे नीचे अप्‍लाई करने का ऑप्‍शन मिलेगा। जहां आपको अपना नाम, पता और फोन नंबर देना होगा। आप टोल फ्री नंबर 1800 103 2334 पर संपर्क कर सकते हैं।

कंपनी की ओर से मिलेगा ये सपोर्ट.

कंपनी इसके तहत इन्स्टॉलेशन असिस्टेंस देती हैं। . इसके अलावा पहले साल कंपोनेंट रिप्लेसमेंट गारंटी . हर महीने मेंटनेंस सर्विस . पहले हफ्ते कस्मटर बेस बनाने के लिए सपोर्ट करती है।खोल सकते हैं कपंनी की यूनिट इसके अलावा आप कंपनी की यूनिट भी लगा सकते हैं।

कपंनी की वेबसाइट के मुता‍बिक, अब तक वह देश में करीब 600 से ज्‍यादा यूनिट्स लगा चुकी है।  उसकी 20 लीटर वॉटर की कीमत 1 कप चाय के बराबर पड़ती है।

इन जगहों पर लगा सकते हैं वाटर ATM

बढ़ती डिमांड की वजह से वॉटर एटीएम लगाने के लिए कई ऑप्शन खुल गए हैं। ऐसे में आप इन जगहों पर वॉटर एटीएम लगा सकते हैं.

  • स्कूल
  • मार्केट
  • हाईवे पर पेट्रोल पंप्स
  • रोडसाइड रेस्टोरेंट
  • अस्पताल
  • बस स्टॉप
  • शॉपिंग मॉल
  • ऑफिस
  • टूरिस्ट प्लेस

L.P.G.गैस सिलेंडर की भी “एक्सपायरी डेट” होती है, एक्सपायर होने के बाद फट सकता है सिलेंडर, इस तरह करें चेक

अपने परिवार की सुरक्षा के लिए 2 मिनिट का समय निकाल कर इसे अवश्य पढ़े…!!!
L.P.G.गैस सिलेण्डर की भी “एक्सपायरी डेट” होती है। एक्सपायरी डेट निकलने के बाद गैस सिलेण्डर को इस्तेमाल करना बम की तरह खरतनाक हो सकता है। आमतौर पर गैस सिलेण्डर की रिफील लेते समय उपभोक्ताओं का ध्यान इसके वजन और सील पर ही होता है।

उन्हें सिलेण्डर की एक्सपायरी डेट की जानकारी ही नहीं होती। इसी का फायदा एलपीजी की आपूर्ति करने वाली कंपनियां उठाती हैं और धड़ल्ले से एक्पायरी डेट वाले सिलेण्डर रिफील कर हमारे घरों तक पहुंचाती हैं। यहीं कारण है कि गैस सिलेण्डरों से हादसे होते हैं।

कैसे पता करें एक्सपायरी डेट->

सिलेण्डर के उपरी भाग पर उसे पकड़ने के लिए गोल रिंग होती है और इसके नीचे तीन पट्टियों में से एक पर काले रंग से सिलेण्डर की एक्सपायरी डेट अंकित होती है। इसके तहत अंग्रेजी में A, B, C तथा D अक्षर अंकित होते है तथा साथ में दो अंक लिखे होते हैं।

  • A अक्षर साल की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च),
  • B साल की दूसरी तिमाही (अप्रेल से जून),
  • C साल की तीसरी तिमाही (जुलाई से सितम्बर)
  • D साल की चौथी तिमाही अर्थात अक्टूबर से दिसंबर को दर्शाते हैं।

इसके बाद लिखे हुए दो अंक एक्सपायरी वर्ष को संकेत करते हैं। यानि यदि सिलेण्डर पर A 11 लिखा हुआ हो तो सिलेण्डर की एक्सपायरी मार्च 2011 है। इस सिलेण्डर का “मार्च 2011” के बाद उपयोग करना खतरनाक होता है।

इस प्रकार के सिलेण्डर बम की तरह कभी भी फट सकते हैं। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे इस प्रकार के एक्सपायर सिलेण्डरों को लेने से मना कर दें तथा आपूर्तिकर्त्ता एजेंसी को इस बारे में सूचित करें.

यह 8 फ़िल्मी सितारे नहीं हैं भारत के नागरिक, जानें किस देश की नागरिकता है इनके पास

भारत ही नहीं बल्कि बॉलीवुड को पूरे विश्व में बहुत पसंद किया जाता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि कई प्रसिद्ध सेलेब्स भारतीय न होकर विदेशी नागरिक हैं। तस्वीरों में देखिए कौन-कौन है विदेशी…

अक्षय कुमार– बॉलीवुड के मिस्टरर खिलाड़ी अक्षय कुमार का जन्म यूं तो भारत में हुआ हैं लेकिन, इन्होंने भारतीय नागरिकता छोड़कर कनाडा की नागरिकता ले रखी है। इसलिए इन्हें भारतीय चुनावों में वोट करने का अधिकार नहीं है।

दीपिका पादुकोण- भारत की खूबसूरत अभिनेत्री का जन्म भारत में न होकर विदेशी धरती कोपनहेगन में हुआ है। इसलिए ये भारतीय नागरिक नहीं बल्कि डेनमार्क की नागरिक हैं। यह भारत के पूर्व टेनिस खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण की बेटी हैं।

आलिया भट्ट- प्रसिद्ध फिल्मकार महेश भट्ट की बेटी और अभिनेत्री आलिया भट्ट भारत की नागरिक न होकर ब्रिटिश नागरिक हैं। इनकी मां सोनी राजदान ब्रिटेन की नागरिक हैं। इसलिए इन्हें विदेशी पासपोर्ट प्राप्त है।

कैटरीना कैफ– भारतीय फिल्मी दुनिया की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक कैटरीना कैफ मूलत यूनाइटेड किंगडम की नागरिक हैं।

एमी जैक्सन- एक दीवाना था और सिंह इज ब्लिंग जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुकी एमी जैक्सन भी ब्रिटेन की नागरिक हैं।

इमरान खान– क्या आप जानते हैं कि मशहूर अभिनेता और प्रोड्यूसर आमिर खान के भांजे इमरान खान भी भारतीय नागरिक नहीं हैं। उनके पास अमेरिका की नागरिकता है।

जैकलीन फर्नांडीज– इस बॉलीवुड अभिनेत्री के पास श्रीलंका की नागरिकता प्राप्त है। वैसे, जैकलीन का जन्म बहरीन में हुआ था जिनके पिता श्रीलंका के रहने वाले जबकि मां मलेशिया की नागरिक हैं।

सनी लियोनी– बॉलीवुड में अपनी अदाओं से सबके दिलों पर राज करने वाली इस खूबसूरत अभिनेत्री के पास भी कनाडा की नागरिकता है। इसलिए इन्हें भारत में मतदान का अधिकार नहीं है।

अब घर की छतों पर सब्जी उगाने के लिए सरकार देगी 25 हजार रुपए, जानें पूरी स्कीम

बिहार में अगर आप जमीन खाली न रहने के कारण सब्जी की खेती नहीं कर पा रहे हैं, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार ने अब शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए घरों की छतों पर बागवानी करने की योजना बनाई है, जिसमें अब घर की छतों पर लोग सब्जी का उत्पादन कर सकते हैं।

इसके लिए सरकार 50 प्रतिशत अनुदान भी देगी। कृषि विभाग की ‘रूफटॉप गार्डनिंग’ नामक यह योजना पहले चरण में राज्य के पांच शहरों- पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और बिहारशरीफ में लागू होगी। प्रयोग सफल रहने पर बाद में इसे अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा।

न ज्यादा मिट्टी की जरूरत होगी और न ही सिंचाई के लिए ज्यादा पानी की जरूरत

बिहार के कृषि मंत्री प्रेम सिंह के मुताबिक सब्जी उपजाने के लिए न ज्यादा मिट्टी की जरूरत होगी और न ही सिंचाई के लिए ज्यादा पानी की जरूरत पड़ेगी। लाभार्थियों को प्लास्टिक सीट, पॉट, कंटेनर, ट्रे, बीज आदि दिए जाएंगे। एक व्यक्ति को एक ही इकाई दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस योजना के सफल होने के बाद शहर के लोगों को भी हरी और ताजा सब्जियां मिल सकेंगी तथा शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण संतुलन बनाने में भी मदद मिलेगी।

रूफटॉप गार्डनिंग के लिए छत पर शेड नेट का भी निर्माण किया जाएगा

मंत्री ने कहा, “रूफटॉप गार्डनिंग के लिए छत पर शेड नेट का भी निर्माण किया जाएगा। रूफटॉप गार्डन बहुत ही आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए विकसित किया जाएगा। छत पर प्लास्टिक शीट बिछाई जाएगी। इसमें खरीफ, रबी और जायद मौसम के लिए सब्जी के बीज व पौध लगेंगे।” उन्होंने कहा कि इनमें औषधीय एवं सुगंधित पौधे भी लगाए जाएंगे।

राज्य के स्कूलों के लिए भी इसी तरह की योजना बनाई गई है

राज्य के स्कूलों के लिए भी इसी तरह की योजना बनाई गई है। राज्य के पांचवीं और आठवीं कक्षा स्तर तक के 20 हजार स्कूलों में ‘पोषण वाटिका’ विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत राज्य के इन 20 हजार स्कूलों से जमीन और चाहरदीवारी का ब्यौरा मांगा गया है, जहां सब्जियों का उत्पादन किया जा सकता है। इनमें जैविक ढंग से सब्जियों का उत्पादन किया जाएगा और इन सब्जियों का उपयोग मध्याह्न भोजन में किया जाएगा।

शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इसके लिए प्रत्येक स्कूलों में खेती के समान खरीदने के लिए सरकार द्वारा पैसे दिए जाएंगे और इनमें स्कूली बच्चे भी शिक्षकों की मदद करेंगे। इसके लिए सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। जिलों के सभी प्रखंडों में स्कूलों का सर्वेक्षण कर जमीन उपलब्धता और चाहरदीवारी की स्थिति का विवरण मांगा गया है।

होटल के हर बेड पर बिछी होती है सफेद बेडशीट, जानें क्यों

जब भी हम लोग कहीं घूमने बाहर जाते हैं तो किसी होटल, लॉन्ज या 5 सितारा होटल में अपना स्टे का इतंजाम कर लेते हैं. साथ ही सबसे ज्यादा ध्यान हम सभी होटल के कमरों पर करते हैं कि कमरा कितना बड़ा है, क्या क्या सुविधाएं है.

वहां से बाहर का नजारा कैसा है इत्यादि. लेकिन कभी आपने एक बात पर गौर नहीं किया होगा…होटल के कमरे में बिछे बेडशीट पर. आपको सुनने में थोड़ा अजीब लग रहा होगा. जी हां, कभी आपने ध्यान दिया कि किसी भी होटल के कमरों में सफेद बेडशीट ही क्यों होती है

अगर अभी तक इस बात पर ध्‍यान दिया होगा तो आपके मन में भी ये सवाल जरूर आता होगा. तो आज हम आपके इन सवालों का जवाब देते हैं. जानते हैं कि होटलों में सफेद चादर बिछाने के पिछे आखिर क्‍या होती है वजहें

इसका सबसे पहला कारण, तो ये है कि सफ़ेद रंग देखने में काफ़ी साफ़ लगता है और इस रंग की चीज़ें देख कर मन को काफ़ी सुकून मिलता है. साथ ही अगर सफ़ेद रंग के कपड़ों पर हल्का सा भी दाग़ लग जाये, तो होटल कर्मचारी उसे आसानी से देख कर साफ़ कर सकते हैं.

मनोवैज्ञानिकों का भी यही मानना है कि होटल का कमरा और बिस्तर जितने ज़्यादा साफ़-सुथरे होंगे, ग्राहक को उतना ही अच्छा महसूस होगा.दूसरी बड़ी वजह ये है कि सफ़ेद रंग की शीट और तौलिए को धोना काफ़ी आसान होता है. हालांकि, घर पर ऐसा करना काफ़ी मुश्किल होता है, क्योंकि सफ़ेद रंग के कपड़े आप बाकी रंगीन कपड़ों के साथ नहीं धुल सकते.

अगर आप रंगीन कपड़ों के साथ सफ़ेद कपड़े भिगो भी देते हैं, तो वो सभी रंगों के साथ मिलकर रंगीन हो जाते हैं, या फिर उनका कलर फ़ेड हो जाता है. वहीं अगर सभी कपड़े सफ़ेद होते हैं, तो ऐसी कोई दिक्कत नहीं होती.

तीसरी बात ये है कि सफ़ेद रंग को बाकी रंगों में शांति का प्रतीक माना जाता है. वहीं जब हम हॉलीडे पर बाहर जाते हैं, तो उस जगह पर शांति और सुकून तलाशते हैं और सफ़ेद रंग देख मन को काफ़ी राहत सी महसूस होती है. इसी बात को ध्यान में रखकर होटल्स में सफेद बेडशीट और तौलियों का इस्तेमाल किया जाता है.

इसकी चौथी वजह ये है कि जब आप होटल के कमरे में प्रवेश करते हैं, तो चमकदार सफेद बेडशीट देखकर दिल को एक राहत सी महसूस होती है. इसके अलावा होटल की गुणवत्ता देख कर मन को संतुष्टी मिलने के साथ-साथ आप इस पर गर्व महसूस करते हैं.इसकी आखिरी वजह ये है कि बेड शीट से लेकर बॉथ टॉवल तक एक रंग की चीज़ें खरीदनी होती हैं.

इसके साथ ही इसके रख-रखाव में भी कोई दिक्कत नहीं होती और ये रूम सर्विस के लिए काफ़ी आसान होता है.अगर आपने ध्यान दिया हो तो रेल में सफर करते समय आपको एसी वाले डिब्बों में भी सफेद तौलिया और ओढ़ने के लिये सफेद बेडशीट ही उपलब्ध होती है, इसकी वजह भी यही है कि सफेद रंग आपको सुकून देता है.

मोदी सरकार की बड़ी घोषणा, रद्द हो जाएगा आपका पासपोर्ट, जाने कारण

विदेशा यात्रा करने के लिए सबसे अहम दस्तावेज पासपोर्ट होता है, लेकिन जल्द ही पुराना पासपोर्ट बेकार हो सकता है. दरअसल, केंद्र की मोदी सरकार अब चिप आधारित पासपोर्ट जारी करने की तैयारी कर रही है. नए पासपोर्ट को लेकर काम पूरा हो चुका है. नए पासपोर्ट में एडवांस्ड सिक्योरिटी सिस्टम वाली चिप होगी. इस चिप में आवेदनकर्ता की पूरी डिटेल्स होंगी.सरकार इसे ई-पासपोर्ट का नाम दे सकती है.

कहां तैयार होगा ई-पासपोर्ट

नए चिप वाला पासपोर्ट यानी ई-पासपोर्ट की मैन्युफैक्चरिंग नासिक की इंडियन सिक्योरिटी प्रेस (ISP) में कराई जाएगी. इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) ने ISP को चिप वाले पासपोर्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम लेने के लिए टेंडर डालने की अनुमति दे दी है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही ई-पासपोर्ट बनाने का काम शुरू हो जाएगा.

कैसा होगा चिप वाला पासपोर्ट

नए पासपोर्ट के सामने और पीछे के कवर मोटे हो सकते हैं. इसके बैक कवर में छोटा सी सिलिकॉन चिप हो सकती है.  यह चिप पोस्टल स्टांप से भी छोटा होगा और इसमें एक आयताकार एंटीना लगा होगा. चिप में 64 किलोबाइट्स की मेमोरी स्पेस होगी. चिप में पासपोर्टधारक का फोटोग्राफ और फिंगरप्रिंट्स स्टोर होगा. चिप में 30 विजिट्स और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की जानकारी स्टोर करने की क्षमता होगी.

चिप में होगी पूरी डिटेल्स

ई-पासपोर्ट में बायोमीट्रिक डाटा और डिजिटल साइन चिप में स्टोर किए जाएंगे. यात्रा करते वक्त व्यक्ति की पूरी जानकारी एयरपोर्ट सिस्टम में दिखाई देगी. अगर कोई पासपोर्ट में लगी चिप के साथ छेड़छाड़ करता है तो पासपोर्ट सेवा सिस्टम को एक अलर्ट मिलेगा.

इसके बाद पासपोर्ट ऑथेंटिकेशन पूरा नहीं हो पाएगा. विदेश में मौजूद देश की सभी एम्बेसी को ई-पासपोर्ट प्रोजेक्ट से जोड़ा जाएगा. अमेरिका और ब्रिटेन में भारतीय दूतावासों को इस प्रोजेक्ट्स से पहले ही जोड़ा जा चुका है.

अभी तक सामान्य प्रक्रिया से पासपोर्ट बनवाने में 15 से 20 दिन का समय लगता है. लेकिन, चिप वाले पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया भी तेज होगी. आवेदन करने के बाद सिर्फ 7 दिन में पासपोर्ट बनकर तैयार होगा.

सरकार ने बनाया प्लान, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए देशभर में बनेंगे 60 हजार से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन

केंद्र सरकार ने पहले ही घोषणा कर दी है कि 2030 से देश में सिर्फ इलेक्ट्रिक कारें बिकेंगी । सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह के प्लान और सब्सिडी दे रही है। लेकिन फिर भी इंफ्रासट्रक्चर की चुनौती बड़ी समस्या है।

अब सरकार इसके लिए रोडमैप तैयार कर रही है। सरकार की योजना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पेट्रोल पंपों पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाइंट्स लगाए जाएं। इसके तहत पूरे देश में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा।

60 हजार पेट्रोल पंपो पर होगी कार चार्जिंग

सरकार की योजना है कि देश में मौजूद सभी पेट्रोल पंप को चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क में शामिल किया जाए। फिलहाल देश में 60 हजार पेट्रोल पंप हैं । इसके अलावा कई प्राइवेट कंपनियां भी हैं, जो देश में गैस स्टेशंस चलाती हैं। सरकार इन गैस स्टेशनों को भी नेटवर्क में लाने के ऑप्शन पर विचार कर रही है।

ऑटो इंटस्ट्री नहीं है खुश

सरकार की इस योजना को लेकर ऑटो इंडस्ट्री में बहुत उत्साह नहीं देखा जा रहा। ऑटो कंपनियों का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रमोट किया जाए। सरकार इन कंपनियों के विरोध से निपटने के लिए

पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना बना रही है। इसके अलावा सरकार चाहती है कि देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों को लागू करने से पहले बैटरियों मैन्यूफैक्चरिंग करने का बेस बनाना चाहती है।

इस बार धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में इतने रुपए की बढ़ोतरी, खरीफ सीजन की इन फसलों के भी बड़े दाम

किसानों की आय बढ़ाकर 2022 तक दोगुनी करने का लक्ष्य लेकर चल रही केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2019-20 के लिए धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में मात्र 3.3-3.4 फीसदी की बढ़ोतरी की सिफारिश ही की है, जबकि मई में खुदरा महंगाई दर ही 3.05 फीसदी हो गई।

कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान के एमएसपी में 60 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की सिफारिश कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) ने की है।

खरीफ विपणन सीजन 2019-20 के लिए कॉमन वेरायटी के धान का एमएसपी 1,810 रुपये और ए-ग्रेड धान का एमएसपी 1,830 रुपये प्रति क्विंटल तय करने की सिफारिश की गई है।

आमतौर पर सीएसीपी की सिफारिशों पर ही अंतिम मोहर लग जाती है। उन्होंने बताया कि खरीफ की अन्य फसलों ज्वार, बाजरा और मक्का के एमएसपी में सीएसीपी ने 6 से 7 फीसदी की बढ़ोतरी की सिफारिश की है।

तिलहनों के एमएसपी में ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद

उन्होंने बताया कि खाद्य तेलों के आयात में कमी लाने के लिए चालू खरीफ सीजन में तिलहन की प्रमुख फसलों सोयाबीन और मूंगफली के एमएसपी में बढ़ोतरी 8 से 10 फीसदी करने की सिफारिश सीएसीपी ने की है।

खरीफ विपणन सीजन 2018-19 के लिए सोयाबीन का एमएसपी 3,399 रुपये और मूंगफली का 4,890 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था। इसी तरह से सरकार ने कॉमन वेरायटी के धान का एमएसपी फसल सीजन 2018-19 के लिए 1,750 रुपये और ए-ग्रेड का एमएसपी 1,770 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था।

मोटे अनाजों के एमएसपी में 6 से 7 फीसदी बढ़ोतरी की सिफारिश

मोटे अनाजों में मक्का का समर्थन मूल्य फसल सीजन 2018-19 के लिए 1,700 रुपये, ज्वार मालदंडी का 2,450 रुपये और बाजरा का 1,950 रुपये तथा रागी का समर्थन मूल्य 2,897 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था। अन्य खरीफ फसलों में कपास मीडियम स्टेपल का एमएसपी 5,150 रुपये और लॉन्ग स्टेपल कपास का 5,450 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है।

ये 12 तस्वीरें नहीं, बल्कि होटल्स की वो सच्चाई है, जो होटल वाले हमें कभी नहीं बताते

कहीं घूमने जाने से पहले आप उस जगह पर रहने के लिए होटल्स ढूंढते हैं और जिसका रिव्यू सबसे अच्छा होता आप उसे बुक कर लेते हैं. इस दौरान आपको कई अच्छे-अच्छे ऑफ़र्स भी बताए जाते हैं ताकि आप उस होटल को बुक कराने के लिए मजबूर हो जाएं.

मगर उस होटल में पहुचंने के बाद आपको सब कुछ वैसा मिला जैसा उन्होंने बोला था. अगर ऐसा है, तो आप बहुत किस्मत वाले हैं. क्योंकि, आज हम जिन लोगों के अनुभव आपसे शेयर करने वाले हैं उनके साथ बिल्कुल भी वैसा नहीं हुआ जैसा उन्हें बताया गया था.

ये गार्डन नहीं, बल्कि एक मॉटेल का स्वीमिंग पुल है.

इस होटल रूम के बाथरुम की दीवार शीशे और पर्दे से बनी है.

ये कैसा शीशा है?

जब इन्हें अलमारी बनानी थी, तो ये सोफ़ा कम बेड इतना बड़ा क्यों बनाया?

भाई क्या गोलमाल है, बनाना ही होता तो यहां क्यों आते?

इस होटल रूम के कमरे में ही ओपन बाथरूम है.

भाई एडजस्ट करने से ही दुनिया चल रही है!

ये होटल का मूवी रूम है. इससे बड़े टीवी तो घर के हॉल में होते हैं.

कितनी मेहनत कराओगे?

डिस्प्ले में कुछ होता है और जब वहां जाओ, तो कुछ और ही होता है.

शावर है, लेकिन इस्तेमाल कर पाओ, तो कर लो.