सिर्फ 1 मिनट में पता कीजिए कितने दिन में डबल हो जाएगा आपका पैसा, ये है आसान फॉर्मूला

दुनिया की किसी निवेश विकल्प में निवेशित राशि कितने समय में दोगुनी हो जाएगी? इस प्रश्न के उत्तर के लिए आपको किसी बड़े गणितीय सूत्र की जरुरत नहीं है। हम आपको एक ऐसा सामन्य नियम बताते हैं जिसके जरिए आप चंद मिनटों में जान जाएंगे कि आपका पैसा कितने दिनों में डबल होने जा रहा है। बस इसके लिए आपको उस स्कीम या निवेश के विकल्प में मिलने वाले ब्याज की दर का पता होना अनिवार्य है। मसलन अगर आपने 8% सालाना ब्याज देने वाली कोई एफडी ले रखी है तो रूल ऑफ 72 आपको चंद सेकंड में यह बता देगा कि आपकी राशि कितने दिनों में दोगुनी हो जाएगी।

फाइनेंस के तीन नियम रुल ऑफ 72, रुल ऑफ 70 और रुल ऑफ 69.3 ऐसे गणितीय सिद्धांत हैं जो चुटकियों में बता सकते हैं कि आपका पैसा कब डबल होने जा रहा है। एक उदाहरण के तौर पर समझिए कि आपने किसी सरकारी स्कीम में अपना पैसा निवेश कर रखा है और अगर उस पर 8 फीसदी ब्याज मिलता है तो आप 72 में से अपने ब्याज के प्रतिशत का भाग देकर पता लगा सकते हैं कि आपका पैसा कब डबल होगा। 72 से 8 का भाग देने पर 9 आता है यानी आपकी पूंजी 9 साल में डबल हो जाएगी। यह कोई धांधली नहीं है बल्कि ये फाइनेंस के सूत्र का कमाल है, जिन्हें हममे से अधिकांश लोग नहीं जानते हैं।

क्या है रुल 72-
यह नियम बताता है कि अगर आप जानना चाहते हैं कि एक तय ब्याज पर आपका पैसा कब डबल होगा तो आपके 72 से अपने रिटर्न (ब्याज) का भाग देना होगा। प्राप्त संख्या जो भी होगी वो एकदम सटीक होगी और इतने ही सालों में आपका पैसा डबल होगा।

कैसे करता है काम-
एक उदाहरण के तौर पर समझें। मान लें आपको किसी स्कीम पर 2 फीसदी के हिसाब से ब्याज मिलता है। आप 2 को 72 से भाग दे दें। प्राप्तफल 36 आएगा। यानी आपका पैसा 36 साल में डबल हो जाएगा।

क्यों किया 72 का चुनाव-
72 का चुनाव कई लिहाज से सुविधाजनक है। यह 1,2,3,4,6,8,9 और 12 का विभाजक है। साथ ही यह ब्याज दर के हिसाब से अवधि का सटीक आंकलन कर देता है और इसमें 6 से 10 फीसदी की ब्याज दर के हिसाब से भी अवधि निकालने में भी आसानी रहती है।

रुल ऑफ 69, 69.3 और 70 का इस्तेमाल-
जहां आपको लगातार चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है वहां पर आप रुल ऑफ 69 का भी इस्तेमाल करते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो प्रतिदिन मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज नियमित मिलने वाले चक्रवृद्धि ब्याज की तुलना में ज्यादा सहज होता है और ऐसी स्थिति में आप रुल ऑफ 72 के बजाए रुल ऑफ 69, 69.3 और 70 का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

इस एक ऐप से आप ले सकते है ऐसी ही 10 सर्विसेज

आपने अभी पैन कार्ड नहीं बनाया है या फिर आप अपने मौजूदा पैन कार्ड में किसी तरह का बदलाव करना चाहते हैं, तो अब यह काम आप एक ऐप के जरिये कर सकते हैं.इस एक ऐप से आप ऐसी ही 10 सर्विसेज ले सकते है

ये है प्रोसेस

दरअसल मोदी सरकार ने ‘उमंग’ ऐप जारी किया है. इस ऐप से आप गैस सिलेंडर बुक करने के साथ आधार और अन्य कई सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं. इस ऐप में अब इनकम टैक्स विभाग ने भी एंट्री कर ली है.आपको सिर्फ इस ऐप को डाउनलोड करना है. इसके बाद आपको ‘मायपैन’ सेक्शन में जाना है. यहां से आप नये पैन कार्ड के लिए अप्लाई करने की खातिर फॉर्म 49ए भर सकते हैं.

इसके अलावा अगर आप अपने पैन कार्ड में कोई बदलाव करना चाहते हैं, तो उसके लिए आप इस सेक्शन के जरिये सीएसएफ फॉर्म भर सकते हैं.  यही नहीं, आप इस ऐप के जरिये अपनी पैन कार्ड एप्ल‍िकेशन का स्टेटस भी पता कर सकते हैं. पैन कार्ड बनवाने के लिए लगने वाली फीस का भी आप इसके जरिये भुगतान कर सकते हैं.

उमंग (यूनीफाइड मोबाइल एप्ल‍िकेशन फॉर न्यू-एज गवर्नेंस) को दूरसंचार मंत्रालय और नेशनल ई-गवर्नेंस डिविजन ने तैयार किया है. इससे आप पैन कार्ड के अलावा कई और काम भी कर सकते हैं.  सरकार के मुताबिक इस ऐप के जरिये आप लगभग सभी सरकारी सेवाओं का लाभ अपने मोबाइल पर उठा सकते हैं.

इससे आपको मोबाइल में अलग-अलग ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.  इस एक ऐप से आप ऐसी ही 10 सर्विसेज ले सकते है आप आधार अपडेट करना चाहते हैं या फिर इसके बारे में कोई जानकारी चाहते हैं, तो यह सुविधा भी इस ऐप से मिलेगी. भारत, इंडेन और एचपी, चाहे जिस भी कंपनी का आपका रसोई गैस हो. गैस सिलिंडर बुकिंग के लिए आपको अलग से ऐप इंस्टाॅल करने की जरूरत नहीं.

पासपोर्ट से जुड़ा कोई काम करना चाहते हैं, तो इस ऐप के जरिये आसानी से कर सकते हैं. अगर आप ने अपने ड्राइविंग लाइसेंस को डिजिलाॅकर में सेव कर के रखा है, तो इस ऐप की मदद से आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं.

7 साल में बच्चे के लिए बन जाएगा 20 लाख का फंड, ये है तरीका..

हर व्‍यक्ति अपने बच्‍चों को बेहतर एजुकेशन दिलाना चाहता है। कई बार लोग पैसों की व्‍यवस्‍था न हो पाने के कारण अपने बच्‍चों को मनचाहे कॉलेज या कोर्स में दाखिल नहीं कर पाते हैं। या इसके लिए उनको एजुकेशन लोन या पर्सनल लोन जैसा महंगा लोन लेना पड़ता है।

आज हम आपको ऐसा तरीका बता रहे हैं जिससे आप अपने बच्‍चे के लिए 7 साल में 20 लाख का फंड बना सकते हैं। 20 लाख रुपए आपके बच्‍चे की हायर एजुकेशन में काफी मदद कर सकता है। अगर आप समय रहते ऐसा करते हैं तो पैसों की कमी आपके बच्‍चे के कैरियर में बाधा नहीं बनेगी।

कैसे बनेगा 20 लाख का फंड

7 साल में 20 लाख रुपए का फंड बनाने के लिए आपको सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान यानी एसआईपी में हर माह 15000 रुपए निवेश करना होगा। अगर आपको 7 साल में आपके निवेश पर 13 फीसदी रिटर्न मिलता है तो 7 साल के बाद आपका कुल फंड 20 लाख रुपए हो जाएगा। लंबी अवधि में एसआईपी म्‍यूचुअल फंड स्‍क्‍ीमों में 15 फीसदी तक रिटर्न मिला है।

  • मंथली निवेश = 15000
  • निवेश की अवधि = 7 साल
  • रिटर्न = 13 %
  • कुल फंड = 20 लाख रुपए

हायर एजुकेशन की बढ़ रही है लागत

अगर आपको लगता है कि आपके बच्‍चे की हायर एजुकेशन के लिए यह रकम कम होगी तो आप इसी के हिसाब से मंथली एसआईपी की रकम बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा अगर आपका बच्‍चा 2 या 3 साल का है तो आपको उसकी हायर एजुकेशन के लिए फंड बनाने के लिए ज्‍यादा समय मिलेगा। ऐसे में आप कम निवेश में बड़ा फंड बना सकते हैं।

वरना लेना पड़ेगा महंगा लोन

अगर आप अपने बच्‍चे की हायर एजुकेशन के लिए अलग से कोई फंड नहीं बनाते या सेविंग नहीं करते हैं तो हो सकता है आपको एजुकेशन लोन लेना पड़े। या फिर पैसे का इंतजाम करने के लिए पर्सनल लोन जैसा म‍हंगा लोन लेना पड़े। लोअर मिडिल क्‍लास या मिडिल क्‍लास में बड़े पैमाने पर लोगों को अपने बच्‍चे की हायर एजुकेशल के लिए महंगा लोन लेना पड़ता है। ऐसे में अगर आप समय से प्‍लानिंग के साथ सेविंग करें तो आप इस स्थिति से बच सकते हैं।

रेलवे में खाने-पीने की ये रही पूरी प्राइस लिस्ट, सफर करते समय रखें अपने साथ, खराब खाने की भी कर सकते हैं शिकायत

रेलवे की तरफ से सफर के दौरान जाने वाले खाने और पीने के सामान के भाव का पता नहीं होने की वजह से आपने कई बार खाना सर्व करने वालों को तय कीमत से ज्यादा पैसे चुकाए होंगे। कई बार खाना सर्व करने वालों ने भी आपको ज्यादा भाव बताकर आपसे ज्यादा पैसे वसूले होंगे। इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए आपको रेलवे मे दिए जाने वाले खाने-पीने के सामान के पूरी प्राइस लिस्ट पता होना जरूरी है, आज हम आपको इसी प्राइस लिस्ट के बारे में जानकार दे रहे हैं।

जनता खाना या जनता मील

रेलवे में सबसे सस्ता खाना जनता मील है जिसे जनता खाना के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय रेल के मुताबिक जनता मील में 7 पूरी और आलू की सब्जी के साथ 15 ग्राम आचार का पैकेट दिया जाता है। रेलवे प्लेटफॉर्म पर इसकी कीमत 15 रुपए और ट्रेन के अंदर 20 रुपए निर्धारित है। किसी भी यात्री से इससे अधिक पैसे वसूलना गैर कानूनी है।

शाकाहारी खाना

रेलवे के शाकाहारी खाने के तहत 150 ग्राम चावल पुलाव या जीरा राइस या प्लेन राइस दिया जाता है। साथ में 2 परांठे या 4 चपाती और 5 पूरी दी जाती है। सब्जी में 100 ग्राम मिक्स वेज तथा 150 ग्राम दाल या सांबर दिए जाने का नियम है, इसके अलावा 100 ग्राम दही या फिर 40 ग्राम मिठाई साथ में दी जाएगी। इनके अलावा 15 ग्राम आचार का पैकेट और 250 मिलीलीटर पैक किया हुआ पानी भी साथ में दिए जाने का नियम है। रेलवे प्लेटफॉर्म पर शाकाहारी खाने की कीमत 45 रुपए और ट्रेन के अंदर 50 रुपए फिक्स है। कोई भी फूड वेंडर इससे अधिक कीमत नहीं वसूल सकता।

गैर-शाकाहारी खाना

गैर-शाकाहारी खाने में मिक्स वेज को छोड़ बाकी सबी चीजें शाकाहारी खाने की तरह ही है, बस मिक्स वेज की जगह इसमें 2 अंडों की करी दी जाती है। रेलवे प्लेटफॉर्म पर इसकी कीमत 50 रुपए और ट्रेन के अंदर 55 रुपए निर्धारित की गई है।

शाकाहारी नाश्ता

शाकाहारी नाश्ते में 100 ग्राम के 2 वेज कटलेट, 10 ग्राम बटर के साथ 2 ब्रेड स्लाइस और 15 ग्राम टोमेटो केचप दिए जाने का नियम है। अगर यह नहीं है तो इसकी जगह 4 इडली जिनका मिलाकर वजर 200 ग्राम होना चाहिए, 4 उड़द के बड़े जिनका वजर 120 ग्राम होना चाहिए और साथ में 50 ग्राम चटनी दिए जाने का नियम है। इडली की जगह उपमा या पोंगल भी दिया जा सकता है। रेलवे स्टेशन पर इस नाश्ते की कीमत 25 रुपए और ट्रेन के अंदर 30 रुपए निर्धारित की गई है।

गैर-शाकाहारी नाश्ता

गैर-शाकाहारी नाश्ते में दो ब्रेड स्लाइस के साथ 10 ग्राम बटर, 2 अंडे, और टोमेटो केचप दिये जाने का नियम है, गैर-शाकाहारी नाश्ते की कीमत रेलवे स्टेशन पर 30 रुपए और ट्रेन के अंदर 35 रुपए निर्धारित की गई है।

चाय, कॉफी और पानी

रेलवे में सामान्य चाय और कॉफी की कीमत प्लेटफॉर्म और स्टेशन पर 7 रुपए है, वहीं कॉफी पॉट की कीमत 15 रुपए है। पानी की बात करें तो 1 लीटर वाली रेल नीर की कीमत 15 रुपए और 500 मिलीलीटर वाली रेलनीर की कीमत 10 रुपए निर्धारित है।

ज्यादा भाव वसूलने या खराब खाने की शिकायत

अगर रेलवे स्टेशन या ट्रेन के अंदर आपको खराब क्वॉलिटी का खाना दिया जाता है या खाने के तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूले जाते हैं तो इसके लिए टोलफ्री नंबर 1800-111-321 पर शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा 9717630982 पर एसएमएस से भी शिकायत की जा सकती है।

घर मालिकों को होगा ऐसे फायदा,मिलेगा छतों का किराया


2022 तक सोलर रूफटॉप प्रोजेक्‍ट्स के जरिये 40 गीगावाट बिजली पैदा करने के अपने महत्‍वाकांक्षी लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए केंद्र सरकार एक नई पॉलिसी रेंट ए रूफ पर काम कर रही है। न्‍यू एंड रिन्‍यूएबल एनर्जी मंत्रालय के सचिव आनंद कुमार ने अपने पहले साक्षात्‍कार में बताया कि सरकार अगले दो सालों में 24.5 गीगावाट क्षमता की पवन ऊर्जा परियोजनाओं के भी टेंडर जारी करने की योजना बना रही है। मंत्रालय में सचिव का पदभार संभालने के बाद दिए गए अपने पहले साक्षात्‍मकार में आनंद कुमार ने कहा कि हम रेंट ए रूफ पॉलिसी पर काम कर रहे हैं।

उन्‍होंने बताया कि निवेशक भारत के बड़े मैदानी और ग्रिड से जुड़े सोलर पार्क विकसित करने में तो अपनी रुचि दिखा रहे हैं लेकिन सोलर रूफटॉप बाजार अभी तक ज्‍यादा आकर्षक नहीं बन पाया है। इसलिए अब हम एक नई पॉलिसी रेंट ए रूफ पर काम कर रहे हैं, जहां डेवलपर घरों और इमारतों की छतों को किराये पर ले सकेंगे और प्रत्‍येक घर/इमारत मालिक को किराये का भुगतान करेंगे। यहां पैदो होने वाली बिजली को डेवलपर ग्रिड को भेजेंगे।

भारत ने 2022 तक 175 गीगावाट स्‍वच्‍छ ऊर्जा हासिल करने का महत्‍वाकांक्षी लक्ष्‍य तय किया है। इसमें 100 गीगावाट ऊर्जा सोलर प्रोजेक्‍ट्स से हासिल की जाएगी, जहां 60 गीगावाट ऊर्जा मैदानी और ग्रिड कनेक्‍टेड प्रोजेक्‍ट्स से जबकि 40 गीगावाट सोलर रूफटॉप प्रोजेक्‍ट्स से हासिल की जानी है। पवन ऊर्जा परियोजनाओं से 60 गीगावाट का लक्ष्‍य है।

यह नई पॉलिसी भारत के नवनिर्मित नेट-मीटरिंग बाजार की पृष्‍ठभूमि को ध्‍यान में रखकर लाई जा रही है। नेट-मीटरिंग सिस्‍टम में, उपभोक्‍ता को उसके सोलर रूफटॉप पैनल से उत्‍पन्‍न कुल बिजली, जो कि ग्रिड को आपूर्ति की जाती है, में से उसके द्वारा उपयोग की गई बिजली को घटाने के बाद शेष बची बिजली के लिए भुगतान किया जाता है।

भारत के पास 750 गीगावाट स्‍वच्‍छ ऊर्जा उत्‍पादन की क्षमता है। औसत 4-7 किलोवाट प्रति घंटा प्रति वर्ग मीटर की सोलर रेडिएशन रेंज के साथ यहां साल में 300 सनी डे होते हैं, जो कि एक रिकॉर्ड है। रेंट ए रूफ पॉलिसी के तहत कोई भी छत को किराये पर ले सकता है। अभी नेट मीटरिंग हो रही है लेकिन व्‍यक्तिगत परिवार को इसे स्‍वयं के खर्चे पर वहन करना होता है। लेकिन इस नई पॉलिसी के बाद रखरखाव सहित सभी तरह की जिम्‍मेदारी डेवलपर की होगी। सरकार इस तरह की पॉलिसी पर काम कर रही है।

हर महीने करना होगा सिर्फ 10 हज़ार का नवेश

हममें से कइयों की तमन्ना होती है कि बन जाएं करोड़पति, अगर आपकी भी है यही दिली ख्वाहिश तो आपके लिए है अच्छी खबर! अगर आप हर महीने 10 हजार रुपये निवेश करेंगे तो आप सिर्फ 20 साल में करोड़पति बनने का ख्वाब पूरा कर सकते हैं. निवेश के लिए तीन तरह की रणनीति अपना सकते हैं जिसके जरिए 20 साल से लेकर 25 साल के दौरान आप 1 करोड़ रुपये से ज्‍यादा बचा पाएंगे. तो आगे जानें कि कैसे करें ये 10,000 रुपयों का निवेश कि आप बनें करोड़ों के मालिक

अगर आप जोखिम से डरते हैं तो

अगर आप जोखिम से डरते हैं तो आप सतर्क रणनीति अपना सकते हैं. आप सतर्क रणनीति अपनाना चाहते हैं तो आप एफडी, ईपीएफ, पीपीएफ, किसान विकास पत्र, रिकरिंग डिपॉजिट, मंथली इन्‍वेस्‍टमेंट स्‍कीम, नेशनल सेविंग सर्टि‍फिकेट, इन्‍श्‍योरेंस और सरकारी बॉन्‍ड्स में निवेश करने के जरिए पैसा बचा सकते हैं. इन सेविंग स्‍कीम्‍स पर करीब 8 फीसदी रिटर्न मिलता है.

अगर आप बिल्कुल जोखिम नहीं लेंगे और पारंपरिक निवेश विकल्प जैसे पीपीएफ, ईपीएफ, एफडी, डेट इंस्ट्रूंमेंट्स में पैसा लगाएंगे तो आप 26 साल में करोड़पति बनेंगे. जैसे आप 5 साल तक 10,000 रुपये हर महीने लगाएंगे तो 8 फीसदी रिटर्न के हिसाब से 5 साल में 7.39 लाख रुपये बचाएंगे. वहीं 26 साल तक हर महीने 10 हजार रुपये लगाकर आप 1 करोड़ रुपये बचा सकते हैं. यानी अगर आप 20 साल की उम्र से 10,000 रुपये बचाते हैं तो इस निवेश स्ट्रेटेजी में 45 साल की उम्र तक करोड़पति बन जाएंगे.

अगर जोखिम उठा सकते हैं तो

अगर जोखिम उठा सकते हैं तो मध्यम रणनीति के लिए निवेश विकल्प देखें और इनमें डेट फंड, हाइब्रिड फंड, गोल्‍ड फंड और रियल एस्‍ट़ेट में निवेश करना होगा. इनमें औसतन 10 फीसदी रिटर्न मिलता है.

अगर आप की जोखिम उठाने की मध्यम तरह की निवेश रणनीति है तो आप 23 साल में करोड़पति बन पाएंगे. इस स्‍ट्रैटेजी के तहत आप 5 साल तक हर माह 10 हजार रुपए इन्‍वेस्‍ट करते हैं तो 10 फीसदी रिटर्न के हिसाब से 7.80 लाख रुपये बचा सकते हैं. हर महीने 10,000 रुपये निवेश कर आप 23 साल में 1 करोड़ रुपए बचा सकते हैं. इसी रिटर्न औसत से आप 30 साल तक निवेश करने पर आपकी रकम 2.27 करोड़ तक जा सकती है.

अगर आप अच्छे से जोखिम उठा सकते हैं तो

और अगर आप अच्छे से जोखिम उठाने का जज्बा रखते हैं तो आपके लिए आक्रामक निवेश रणनीति बेस्ट रहेगी. इसके तहत डायरेक्‍ट इक्विटी, म्‍युचुअल फंड, कमोडिटीज, इन्‍वेस्‍टमेंट, डेरीवेटिव़स में निवेश पर औसतन 12 फीसदी रिटर्न मिलने का काफी चांस रहता है.

जोखिम उठाने से नहीं डरते तो 20 साल में करोड़पति बनने के लिए आपको 5 साल तक 10 हजार रुपए हर महीने जमा करने होंगे और 12 फीसदी रिटर्न के हिसाब से आप 8.25 लाख रुपए बचा सकेंगे. जिसके बाद 20 साल में आपकी बचत 1 करोड़ रुपये तक हो जाएगी.

तो आप इन तीनों निवेश माध्यमों से चुन लें अपनी पसंद का निवेश का तरीका और 20 से लेकर 26 सालों में बन जाइये करोड़पति. इन तीनों निवेश रणनीति के लिए आपके पास काफी सारे माध्यम हैं जिन्हें अपनाकर करोड़पति बनने का सपना हो सकता है पूरा!!!

घर बैठे करें मोमबत्ती उत्पादन और कमायें लाखों में

मोमबत्ती उत्पादन एक ऐसा काम है, जिसे घर बैठ कर घरेलू उद्योग की तरह भी किया जा सकता है और बड़े स्तर पर फैक्टरी लगा कर भी। लेकिन किसी भी तरह का काम शुरू करने से पहले मोमबत्ती उत्पादन का प्रशिक्षण लेना जरूरी है। इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं शैलेंद्र नेगी

रंग-बिरंगी और खूबसूरत मोमबत्तियां अपनी सुंदरता और झिलमिल रोशनी से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। यही वजह है कि मोमबत्ती उद्योग ग्रामीण स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना चुका है। इस क्षेत्र में स्वरोजगार की संभावनाओं का तेजी से विकास हो रहा है। आप भी इससे जुड़ कर अपना करियर बना सकते हैं। यह करियर दो रूपों में बनाया जा सकता है- एक किसी मोमबत्ती उद्योग में नौकरी करके और दूसरा खुद का व्यवसाय शुरू करके।

क्या है मोमबत्ती उत्पादन
मोमबत्ती उत्पादन एक क्रिएटिव काम है। एक अच्छा आर्टिस्ट अच्छा मोमबत्ती उत्पादक बन सकता है। मोमबत्ती उत्पादन में डिजाइन के साथ कलर कॉम्बिनेशन की समझ होना जरूरी है, पर इसकी मैन्युफैक्चरिंग को समझने के लिए ट्रेनिंग लेना जरूरी है।

मोमबत्ती उत्पादन की खूबी
यह एक ऐसा घरेलू उद्योग है, जिसे कम पूंजी में भी शुरू किया जा सकता है। इसमें मैन पावर की भी ज्यादा जरूरत नहीं है। इसे आप परिवार के सहयोग से शुरू कर सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी खूबी है कि इसमें पूंजी डूबने का खतरा नहीं के बराबर है। इसके लिए आपको बहुत बड़ी जगह की भी जरूरत नहीं है। यह काम घर के किसी कोने में भी शुरू किया जा सकता है।

पहले मोमबत्तियां सफेद और लाल रंग की होती थीं, जिन्हें बर्थडे, क्रिसमस और चर्च में जलाया जाता था, लेकिन अब ट्रेंड बदल चुका है। आज धरने-प्रदर्शनों से लेकर घर के ड्राइंगरूम और आलीशान होटलों में भी सजावट के लिए खुशबूदार मोमबत्तियों का उपयोग होने लगा है। आजकल बाजार में तरह-तरह की मोमबत्तियां मौजूद हैं, जैसे मेडिकेटिड मोमबत्ती, रोमांस इनहान्सिंग मोमबत्ती, अरोमा मोमबत्ती, फ्लोटिंग मोमबत्ती आदि अनगिनत उत्पाद रोज बाजार में लॉन्च हो रहे हैं।

सरकारी सहायता
मोमबत्ती उत्पादन लघु उद्योग की श्रेणी में आता है। केंद्र और राज्य सरकारों का खादी ग्रामोद्योग इसे बढ़ावा देने के लिए नए-नए प्रोत्साहन और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाती रहता है। एक सर्वे के अनुसार भारत में मोमबत्ती का बाजार लगभग 8 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। नए उद्यमियों को सरकार हर तरह की सहायता देती है। महिलाओं, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जन जाति वर्ग से जुड़े लोगों को ऋण में 30 प्रतिशत तक छूट भी मिलती है।

कच्चा माल
कच्चे माल के रूप में दो चीजों की जरूरत पड़ती है़, सूत की बत्ती और मोम। सूत की बत्ती किसी भी अच्छे बाजार में मिल जाएगी, वहीं मोम के लिए किसी रिफाइनरी या पास के बाजार में जाना पड़ेगा। मोमबत्ती पैराफीन मोम से बनती है। पैराफीन कच्चे पेट्रोल को रिफाइन करने से मिलता है। इसके अलावा जैल मोमबत्ती बनाने के लिए जैल, खुशबूदार मोमबत्ती के लिए कुछ खास तरह के परफ्यूम और इन्हें सजाने के लिए पत्थर, मोती, सितारे और थ्रेड, वैक्स पिघलाने के लिए बड़े बर्तन और चूल्हा और मोमबत्ती को विभिन्न आकारों में ढालने के लिए सांचों की जरूरत होती है।

मोमबत्ती बनाने का तरीका:
अब आपके पास मोमबत्ती बनाने की सामग्री उपलब्ध है । तो आइये जानते हैं, घर बैठे मोमबत्ती कैसे तैयार करें ।

Step 1 :
मोम को पिघलाने के लिए किसी बड़े से बर्तन अर्थात कढ़ाई में रखकर चूल्हे पर रख दें । इसको कढ़ाई में 80 से 90 डिग्री की आंच पर पिघलने दें । यह आप थर्मामीटर के माध्यम से चेक कर सकते हैं ।

Step 2.
आप मोमबत्ती को जो भी रंग देना चाहते हैं । इसमें मिला दें । ध्यान रहे चूल्हे में मोम पिघलाते समय जब आप इसमें रंग मिला रहे होते हैं । तो जिस रंग की मोमबत्ती आप चाहते हैं । जब पिघले हुए मोम का वही रंग हो जाय । तो आप उसमे थोड़ा सा रंग और मिला सकते हैं । क्योकि मोम ठंडा होने पर मोम का रंग थोड़ा बहुत फीका पड़ सकता है । तो आप जिस रंग की भी मोमबत्ती बनाना चाहते हैं । यदि कढ़ाई में वही रंग हो जाय तो थोड़ा बहुत रंग उसमे और मिला दें । जिससे आपको आपके मन मुताबिक रंग की मोमबत्ती मिल सके ।

Step3 :
सांचो में धागे को लपेटने की क्रिया तीसरी क्रिया है । अब जो साँचा या जिस साँचे में आप मोमबत्ती को बनाना चाहते हैं । उसमे आपको धागा लगाना है । धागे का उपयोग मोमबत्ती अर्थात Candle की गोलाई देख कर करें । अर्थात एक मोटी मोमबत्ती के लिए साधारण तौर पर थोड़ा सा मोटा धागा ही उचित होता है ।

Step4.
अब थर्मामीटर से कढ़ाई में पिघलते हुए मोम का तापमान चेक करें । यदि यह तापमान 195 डिग्री से ऊपर और 250 डिग्री से नीचे है । तो किसी बर्तन द्वारा अपना मन मुताबिक अर्थात जितना आपके साँचे में मोम आ सकता है । बर्तन में निकाल लें आप किसी Alluminium के जग का इस्तेमाल कर सकते हैं ।

Step 5.
यदि आप अपनी मोमबत्ती में कुछ खुशबू डालना चाहते हैं । तो जिस जग (बर्तन ) में आपने पिघला हुआ मोम निकाला हुआ है । उसमे इत्र के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं ।

Step 6 :
पिघले हुए मोम को सांचो में डालने से पहले यह सुनिश्चित कर लें । कि उनमे धागा सही से लपेटा गया है । उसके बाद पिघला हुआ मोम सांचो में डाल दें ।

Step 7 :
15-20 मिनट मोम के ठन्डे होने का इंतज़ार करें । अब साँचे को खोलकर या धागो को खींचकर भी आप मोमबत्ती अर्थात कैंडल को सांचो से बाहर निकाल सकते हैं ।

शुरुआती खर्च
मोमबत्ती उद्योग कुटीर उद्योग है, इसलिए इसे कम पूंजी में भी शुरू किया जा सकता है। आप दस हजार से एक लाख रुपये तक की पूंजी में इस व्यवसाय को शुरू कर सकते हैं।

और अधिक मोमबत्ती बनाने के लिए यह प्रक्रिया बार बार करें ।

मोमबत्ती बनाने के दौरान सावधानियाँ:
जैसा की मोमबत्ती बनाना एक ऐसा काम जिसमे आपकी थोड़ी सी असावधानी आपके शरीर के किसी अंग को नुकसान अर्थात जला सकती है ।इसलिए मोमबत्ती बनाते समय हमें निम्न छोटी -छोटी बातों का ध्यान रखना जरुरी हो जाता है ।

  • पिघले हुए मोम के तापमान को 280 या 285 डिग्री से ऊपर ना जाने दें
  • जब आप पिघले हुए मोम को जग के द्वारा कढ़ाई से निकाल रहे होते हैं । अपने हाथो को सुरक्षित रखने हेतु जग को पकड़ने के लिए किसी कपड़े का इस्तेमाल अवश्य करें ।
  • गरम मोम को आपको बहुत सावधानी के साथ इधर से उधर करना है ।
  • मोम को पिघलाते समय तापमान का धयान रखें । कभी इसको भीषण आग में न पिघलाएं ।
  • मोमबत्ती बनाते समय अपने पास एक बाल्टी पानी अवश्य रखे । ताकि जरुरत पड़ने पर आप इसका इस्तेमाल कर सको ।
  • बाज़ार में मोमबत्ती बनाने के लिए सांचे प्लास्टिक में भी आते हैं | प्लास्टिक की जगह Aluminum से बने हुए साँचो का उपयोग करें तो बेहतर होगा | क्योकि सांचो में आपको मोम को पिघलाकर गरम मोम को डालना होता है |

फैक्ट फाइल

कमाई की संभावना
गांव हो या शहर, हर जगह मोमबत्ती रोजमर्रा की जरूरत है। मोमबत्ती निर्माण का कोर्स करने के बाद अभ्यर्थी खुद का व्यवसाय कर सकता है। यही नहीं, बड़ी डिजाइनर कंपनियों में आप मोमबत्ती डिजाइनर बन सकते हैं। शुरुआती दौर में आप पंद्रह से बीस हजार कमा सकते हैं।

शैक्षिक योग्यता
कोर्स के लिए कम से कम आठवीं पास होना जरूरी है और आयु सीमा कम से कम 15 साल है।

कैसा प्रशिक्षण
मोमबत्ती उत्पादन (केंडल मेकिंग) में डिप्लोमा तीन महीने से एक साल की अवधि का होता है। प्रशिक्षण के दौरान मोम बनाना, ढांचे का चयन, लौह शीट में धागा डाल कर मोम ढालने का तरीका सिखाया जाता है। इसी कोर्स में डिजाइनर मोमबत्तियां बनानी सिखाई जाती हैं। इसमें मोमबत्ती निर्माण की कला का प्रशिक्षण दिया जाता है। सरकार की तरफ से व्यावसायिक प्रशिक्षण योजना के अन्तर्गत उद्यमियों को विभिन्न उद्योगों में सशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। विज्ञापन के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया जाता है, ताकि वे स्वरोजगार की ओर अग्रसर होकर अपना उद्योग स्वयं स्थापित कर सकें।

संस्थान

  • मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर, देहरादून
  • वुलन होजरी ट्रेनिंग सेंटर, लखनऊ
  • मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर, राजघाट, नई दिल्ली
  • डॉं राजेन्द्र प्रसाद मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर, पटना
  • खादी ग्रामोद्योग विद्यालय, बाराबंकी
  • खादी ग्रामोद्योग विद्यालय, वीरापंडी

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बिना प्रबंधन के सफलता संभव नहीं
एक्सपर्ट व्यू/उमेश
एडवाइजर, स्मॉल स्केल इंडस्ट्री

बदलते समय में युवाओं के सामने सही करियर का चुनाव करना किसी चुनौती से कम नहीं है। सबसे बड़ी चुनौती है अपने मन-मुताबिक काम मिलना। आज देश में एक से बड़ी एक मल्टीनेशनल कंपनियां हैं, लेकिन उनमें नौकरी करके भी युवाओं को संतोष नहीं मिलता, इसलिए वे अपना व्यवसाय शुरू करने में विश्वास करने लगे हैं। अधिकतर युवा जोश में आकर अपना व्यवसाय शुरू कर लेते हैं, लेकिन बाजार की समझ न होने के कारण असफल हो जाते हैं। छोटे निवेश के साथ शुरू किए गए व्यवसाय के साथ उतना जोखिम नहीं होता। मोमबत्ती उद्योग में इस लिहाज से जोखिम कम है। अगर आप अच्छे आर्टिस्ट हैं और क्रिएटिविटी आपका पैशन है तो आप उद्योग में सफल हो सकते हैं।

इस उद्योग में बड़ी प्रतियोगिता है, इसलिए हमेशा कुछ नया और रचनात्मक करने की चुनौती रहती है। अगर आप यह काम छोटे स्तर पर शुरू करना चाहते हैं तो शुरुआती दौर में मात्र 5 हजार से इस व्यवसाय को शुरू किया जा सकता है। आप हर दिन मोमबत्ती बना कर इन्हें स्थानीय बाजार या कस्बों में लगने वाले हाट-बाजार में भी बेच सकते हैं। कोई भी व्यवसाय चाहे छोटा हो या बड़ा, बिना प्रबंधन के संभव नहीं है, इसलिए आपके अंदर अच्छे प्रबंधक का गुण होना जरूरी है।

किसी भी गाड़ी Vehicle के नंबर से Owners का Name और Address कैसे मालूम करे

अब आप सोच रहे होंगे की Mobile के जरिये किसी भी Bike ,Car और किसी भी प्रकार की गाड़ी के Number से मालिक का नाम और पता कैसे लगाया जा सकता है । लेकिन ये बिलकुल एक दम सच है

आप किसी भी गाड़ी के number को आप अपने Mobile से एक Minute में गाड़ी के मालिक के नाम के साथ पता और भी जानकारी पता लगा सकते है , तो अब में आपका ज्यादा Time वेस्ट नहीं करूँगा और सीधा topic पर आता हूं और जानते है कि कैसे आप किसी भी गाड़ी के number से मालिक का नाम और address पता कैसे लगाते है , तो चलिए Start करते है ।

तो सबसे पहले आपको अपने Android Smartphon से Google Play Store में जाकर RTO Vehicle Information नाम की Application अपने Device में Install करनी होगी । ये Application बिलकुल Free है । और आप इस Application का लोगो नीचे देख सकते है ।

जैसा की आप देख सकते है RTO Vehicle Information Application को अब तक 5 Million से ज्यादा लोगो ने इसको Play Store से Download किया है और इस App की Rating View देखि जाये तो 4.5 की जबरदस्त रेटिंग है ।

RTO Vehicle Information App को Install करने के बाद इसको Open करे । और Open करने के बाद इसका जो Interface Open होगा जिसमे आपको Search Vehicle Number पर Click करना है जैसा की आप नीचे देख सकते है ।

तो अब आपके सामने जो interface Open होगा इनमे आपको अपना या किसी का Vehicle Numbar डालना है जिसका आपको नाम और पता मालूम करना है ।

अब आप देख सकते है जो आपने Vehicle Number Enter किया था उसका पूरा डेटा आपके Mobile Display पर शो हो जाएगा , जिसमे आप ये भी देख सकते है कि Vehicle कोनसे शोरूम से ख़रीदा गया है और इसका Engine नंबर क्या है और ये Vehicle कोनसी Year में ख़रीदा गया है इस प्रकार की सभी जानकारी आप इस Application से 1 Minute में पता कर सकते है ।

दोस्तों ऐसा करके आप किसी भी vehicle के बारे में 1 minutes के अंदर आप उसकी पूरी जानकारी मालूम कर सकते है ।

दोस्तों मुझे उम्मीद है आपको ये जानकारी पसंद आई होगी तो plzz इस पोस्ट को  Facebook पर जरूर शेयर करे

बिना लागत का कारोबार, टिफिन सर्विस : मेहनत पर मुनाफा भी

टिफिन सर्विस आज छोटेबड़े शहरों की जरूरत है. इस के बिना कामकाजी और अपने घरों से दूर रह रहे युवाओं का काम चलना मुश्किल है. इस लिहाज से यह बिजनेस मार्केट की धीमी और तेज चाल के बुरे असर से बचा रहता है. यह बिजनेस भले ही एक झटके में बड़ी रकम कमाने का जरीया है, लेकिन इस के लिए बहुत बड़ी पूंजी की जरूरत भी नहीं होती.

हालांकि कई लोगों को इस के बारे में यह गलतफहमी हो जाती है कि यह बिजनेस घर बैठ कर कमाने का जरीया है, जबकि असल में ऐसा है नहीं. टिफिन सर्विस शुरू करने से ले कर जेब में पैसा आने तक आप को किसी न किसी काम के लिए घर से बाहर निकलना ही पड़ेगा. हम आप को इस बिजनेस के लिए हतोत्साहित नहीं कर रहे हैं, बल्कि इस की सचाई बता रहे हैं ताकि आप इसे शुरू करना चाहें तो इस के संभावित नफेनुकसान और जरूरी भागदौड़ के बारे में पहले से जान सकें .

मेस,टिफिन सर्विस इस नाम के कारोबार में अच्छा पैसा मिल सकता है लेकिन यह थोड़ा मेहनत का काम होता है|

मेस,टिफिन सर्विस की जरुरत ज्यादातर कॉलेज स्टूडेंट या वर्किंग बैचलर को होती है जो घर से दूर रहते है , तो ऐसे वक्त वे लोग रोज रोज होटल में खाना खा तो खा नहीं सकते|
उनका प्रयास तो यही होगा के कोई अच्छी मेस मिल जाये जो उन्हें घर जैसा अच्छा खाना खिलाये- यदि आप उनके इस भावना को समझते है तो आप इस कारोबार में बेशुमार पैसा कमा सकते है

यदि आप एक लड़की है तो आसानीसे यह कारोबार शुरू कर सकती है लेकिन आप एक लडके है तो इसमें आपको दीदी या माँ की मदत लेनी होगी|

कारोबार को समझे:

सबसे पहले समझ ले मेस, टिफिन सर्विस कारोबार कैसे चलता है इसका एक छोटा होम वर्क करें, नजदीकी किसी टिफिन सर्विस में खुद ग्राहक बनकर जाये और जानकारी ले – महीने कितने पैसे देने है , कूपन सिस्टम कैसा है, रोज टिफिन में कितनी सब्जी मिलेगी, कितनी रोटी मिलेगी, नॉनव्हेज हप्ते में कितनी बार मिलेगा ऐसी कुछ महत्व पूर्ण जानकारी लेने के बाद आप यह कारोबार शुरू कर सकते है

विज्ञापन करे:

पहले करना होगा प्रचार. लगभग हर शहर में आज टिफिन सर्विस उपलब्ध है. आप को अपनी सर्विस देने से पहले उस का प्रचार करना होगा कि वह कैसे किफायती और बेहतर है. इस के लिए आप को परचों, एसएमएस, इंटरनेट आदि का सहारा लेना होगा. पीजी या स्टूडैंट्स और औफिस जाने वालों के इलाकों में जा कर अपनी सर्विस की जानकारी देनी होगी और यह काम घर बैठे कतई नहीं हो सकता.

डिलिवरी पौइंट के पास हो किचन: समझदारी इसी में है कि जिस ऐरिया में आप को सर्विस डिलिवरी करनी है, वहीं आप की किचन हो. इस से टिफिन पहुंचाने में लगने वाले समय और पैसे दोनों की बचत होगी. लेकिन इस के लिए भी आप को अपना घर छोड़ कर किचन और उस की व्यवस्था देखनी होगी.

अपने आज कारोबार शुरू करना चाहा और आज ही आपको पहले ग्राहक मिलेगा ऐसा नहीं है , जब आप ग्राहक ढूंढ़ना शुरू करेंगे तो हो सकता है पहला ग्राहक आपको एक हप्ते बाद मिले , तो कारोबार में सब्र रखना जरुरी है|

विज्ञापन में आपके बात करने का तरीका, आपके रहने का तरीका भी काफी मायने रखता है, ग्राहक पहले देखता है जो खाना वो खाने वाला है वो खाना किसी अच्छे स्वच्छ व्यक्ति द्वारा बनाया गया है ? ( यह ह्यूमन मेंटालिटी है) |

कारोबार शुरू करें:

यह कारोबार सिर्फ एक या दो ग्राहकों से शुरू करना अच्छा होगा , क्योंकि इसके लिए आपको लागत भी नहीं लगेगी , सिर्फ खुद के लिए खाना बनाते समय एक दो लोगों का खाना ज्यादा बनाना होगा |

मुनाफा:

किसी भी ग्राहक से आपको महीने के पहले ही पैसे लेने है न की महीना पूरा होने के बाद |

आप फिक्स मंथली पेमेंट ले सकते है या कूपन सर्विस दे सकते है कूपन सर्विस में आप ग्राहक को पहले कूपन बेचते है और रोज ग्राहक आपको एककूपन देकर टिफिन ले जाता है ,
यदि किसी दिन ग्राहक टिफिन लेने के लिए नहीं आया तो उसका उस दिन का पैसा बच जाता है और फिक्स मंथली पेमेंट में टिफिन लो ना लो महीने का पूरा पेमेंट देना होता है

इस  कारोबार में 50% से ज्यादा तक मुनाफा मिलता है तो बादमें जितने आपके ग्राहक बढ़ेंगे उतना आपको ज्यादा मुनाफा मिलेगा

मान लीजिये एक ग्राहक का महीने का बिल 2500 रुपये हो गया तो 10 ग्राहक के 25,000 इसमें 12 से 14 हजार तक आपको  महीने का मुनाफा मिल जाएगा

मेहनत:

जितने ज्यादा ग्राहक – उतना ज्यादा मुनाफा और उतनी ज्यादा मेहनत:-

दूरदर्शिता तो इस में है कि खाना बनाने में प्रयोग होने वाले सामान के लिए आप को थोक बाजार का रुख करना होगा. जैसे सब्जी खरीदने के लिए सब्जीमंडी का तो राशन खरीदने के लिए किसी सस्ते और बड़े स्टोर का. वहां आप को सारा सामान एकसाथ और कम दाम में मिल जाएगा. जाहिर सी बात है कि इस के लिए भी आप को घर का आराम छोड़ना होगा. पैसा कलैक्ट करने का काम: आप के लिहाज से यह सब से अहम काम है. तो जाहिर है कि इसे आप या आप का भरोसेमंद शख्स ही अंजाम दे सकता है. हिसाब में कोई गड़बड़ न हो या अपने ग्राहकों का फीडबैक जानने के लिए भी आप को समयसमय पर उन से मिलना होगा और इस के लिए यह सही वक्त है, क्योंकि जब ग्राहक किसी सेवा के पैसे देता है तो उस की कमियां भी बताता है, इसलिए समयसमय पर यह भी जरूरी है.

तो जैसे जैसे ग्राहक बढ़ेंगे तो ज्यादा व्यक्तियों की जरुरत आपको लगेगी|

कहां से शुरू करने का फैसला:

अब चूँकि जब आपने  मेस – टिफिन सर्विस का फैसला शुरू कर लिया है तोआपका अगला कदम यह निर्णय लेना का होना चाहिए की वह यह बिज़नेस कहाँ से करेगा अर्थात घर से या अलग से कोई दुकान किराये पर लेकर | हालांकि व्यावसायिक तौर पर मेस – टिफिन सर्विस के लिए अच्छे खासे जगह की आवश्यकता नहीं होती है लेकिन यदि उद्यमी चाहता है की वह अपने बिज़नेस को समय के अनुरूप धीरे धीरे आगे बढायेगा तो वह Starting अपने Home से ही कर सकता है | और जैसे जैसे बिज़नेस बढ़ने लगे और कमाई होने लगे फिर अलग सी दुकान किराये पर या खुद की ले सकता है | बाहर किराये पर |लोकेशन चयन करने हेतु आपको बहुत सारी बातों का ध्यान रखना पड़ता है |

खरीद कच्चे माल और उपकरण:

अब आपके पास मेस – टिफिन सर्विस के लिए जगह तो अगला कदम Raw Materials और equipment खरीदने का होना चाहिए | इसके लिए आपको अपनी develop की गई Recipe का एक बार मुआयना करे और पता करे की उसको कच्चा आम, आंवला, गाज़र,नीबू, प्याज, टमाटर, हरी मिर्च,  सरसों तेल, नमक, मिर्ची, मसाले, लहसुन, अदरक इत्यादि में से कौन कौन से material की आवश्यकता पड़ेगी |

इसके अलावा यदि उद्यमी ने Non Veg बनाने की सोची है तो उसे Meat एवं उसमे लगने वाले मसालों की भी लिस्ट बनानी होगी ताकि वह आवश्यकतानुसार Raw Materials मंगा सके | जहाँ तक Equipment का सवाल है, उद्यमी चाहे तो विभिन्न Fruit Vegetable cutting machine का इस्तेमाल कर सकता है नहीं तो यह काम चाकू इत्यादि से भी लिया जाता है इसके अलावा आप को पैकेजिंग हेतु डिब्बे और कुछ अन्य Packaging Material एवं कुछ बड़े बर्तन जिनमे खाना तैयार किया जायेगा चाहिए होंगे |

 

सिर्फ 3 लाख रुपए की इन्‍वेस्‍टमेंट से शुरू करें यह 4 फूड प्रोसेसिंग बिज़नेस

देश में फूड प्रोसेसिंग बिजनेस तेजी से ग्रोथ कर रहा है। दिनों दिन फूड प्रोसेसिंग बिजनेस का मार्केट बढ़ता जा रहा है। एक्‍सपर्ट मानते हैं कि फूड प्रोसेसिंग बिजनेस की ग्रोथ लगातार जारी रहेगी। ऐसे में यदि आप भी नया बिजनेस शुरू करने की सोच रही है तो फूड प्रोसेसिंग बिजनेस शुरू करने के बारे में सोच सकते हैं।

इतना ही नहीं, फूड प्रोसेसिंग जैसे आइसक्रीम पार्लर, पटेटो चिप्‍स वफर मैन्‍युफैक्‍चरिंग, बैकरी प्रोडक्‍ट्स यूनिट, मुरमुरा मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट शुरू करना चाहते हैं तो केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत आपको लोन भी आसानी से मिल जाएगा।

इस स्कीम के तहत आपको कुल प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट का 90 फीसदी लोन मिल जाता है और 30 फीसदी तक सब्सिडी भी मिलती है। आज हम आपको उन फूड प्रोसेसिंग बिजनेस के बारे में बता रहे हैं, जिस पर लगभग 3 लाख रुपए का इन्‍वेस्‍टमेंट होता है ।

आलू चिप्‍स या वफर्स मेकिंग

पिछले कुछ सालों में आलू चिप्‍स या वफर्स की मार्केट बड़ी तेजी से बढ़ी है। आप भी अगर आलू चिप्‍स या वफर्स बनाने की यूनिट शुरू करना चाहते हैं आप केवल 3 लाख 38 हजार रुपए में यह यूनिट लगा सकते हैं। आपको बॉयलर, स्‍टीम जेक्‍टेड केटली, पोटैटो पीलिंग मशीन, पाउच सीलिंग मशीन, फ्राइंग पेन पर लगभग 1.50 लाख रुपए खर्च करना होगा।

वर्किंग कैपिटल पर लगभग 88 हजार 500 रुपए खर्च होंगे, जबकि शेड बनाने पर 1 लाख रुपया खर्च होगा। आपको लगभग 1 लाख रुपए का रॉ-मैटिरियल लेना होगा और अन्‍य खर्च के बाद आप लगभग 118 क्विटंल आलू चिप्‍स व वफर्स तैयार कर सकते हैं। इसे आप लगभग 4 लाख 50 हजार रुपए में बेच सकते हैं और लगभग 1 लाख रुपए की बचत कर सकते हैं।

आइसक्रीम कोन बनाने की यूनिट

आप लगभग 3 लाख 10 हजार रुपए की लागत से आइसक्रीम कोन बनाने की यूनिट लगा सकते हैं। मिनिस्‍ट्री ऑफ एमएसएमई की रिपोर्ट के मुताबिक आपको लगभग डेढ़ लाख रुपए की लागत से शेक मशीन, थिक शेक मशीन, स्‍लश मशीन, फ्रीजर, वेसल्‍स, यूटेनसिल्‍स आदि पर लगभग डेढ़ लाख, टिन शेड पर एक लाख और वर्किंग कैपिटल पर लगभग 60 हजार रुपए का खर्च आएगा, जबकि 40 हजार रुपए का रॉ-मैटिरियल्‍स पर खर्च आएगा।

इस तरह आपका कॉस्‍ट ऑफ प्रोडक्‍शन 2 लाख 29 हजार रुपए होगा तो आपकी कुल सेल्‍स 3 लाख 90 हजार रुपए होगी। इस तरह आप इस बिजनेस से लगभग 1 लाख 60 हजार रुपए की इनकम कर सकेंगे।

बेकरी प्रोडक्‍ट्स यूनिट

आप बेकरी प्रोडक्‍ट्स यूनिट शुरू कर सकते हैं। मिनिस्‍ट्री ऑफ माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) द्वारा तैयार किए गए प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल के मुताबिक, 2 लाख 86 हजार रुपए की प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट से बेकरी प्रोडक्‍ट्स की यूनिट लगाई जा सकती है।

इसके लिए एक ओवर, भट्टी और अन्‍य इक्विपमेंट पर लगभग 75 हजार रुपए और 500 वर्ग फुट का शेड पर लगभग 1.25 लाख रुपए का खर्च आएगा। वहीं, वर्किंग कैपिटल पर लगभग 86 हजार रुपए का खर्च होगा। इसके बाद आपको लगभग 6 लाख रुपए का रॉ-मैटिरियल लेना होगा, जिससे आप लगभग 10 लाख रुपए के प्रोडक्‍ट्स तैयार कर सकते हैं। इस तरह ये प्रोडक्‍ट्स बिकने के बाद आपको लगभग लाख 1.37 लाख रुपए की इकनम होगी। इस प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के आधार पर आप प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत लोन भी ले सकते हैं।

मुरमुरा बनाने का बिजनेस

फास्‍ट फूड के मामले में मुरमुरा एक बड़ा पसंदीदा प्रोडक्‍ट है। इसकी कुल प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट 3.50 लाख रुपए है और कॉस्‍ट ऑफ प्रोडक्‍शन 4 लाख 43 हजार रुपए होगा, जबकि 4 लाख 43 हजार रुपए होगा, जबकि कुल सेल्‍स 5 लाख 53 हजार रुपए होगी, इस तरह आप लगभग 1लाख 10 हजार रुपए बचा सकते हैं।⁠⁠⁠⁠