पोस्ट ऑफिस की ये 5 स्कीमें देती है सेविंग अकाउंट से ज्यादा ब्याज

भविष्य की बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लोग बचत के लिए तरह-तरह के निवेश विकल्प का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि लोग आमतौर पर बैंक के सेविंग अकाउंट को ही सुरक्षित और बेहतर मानते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें पैसा तो सुरक्षित रहता ही है साथ ही जमा पैसे पर 4 से 6 फीसद का ब्याज भी मिलता है। मगर आपको जानकर हैरानी होगी कि डाकघर यानी पोस्ट ऑफिस में भी ऐसी तमाम स्कीम चलती हैं तो बैंक के सेविंग अकाउंट से भी ज्यादा ब्याज देती हैं। हम अपनी इस रिपोर्ट के माध्यम से आपको इनके बारे में ही बताने की कोशिश करेंगे।

डाकघर मासिक बचत आय (Post Office Monthly Income Scheme Account -MIS): डाकघर की मासिक आय खाता योजना ऐसे निवेशकों के लिए होती है जो एकमुश्त राशि का निवेश कर मासिक आधार पर ब्याज पाना चाहते हैं। यह योजना रिटायर्ड कर्मचारियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी होती है। इस खाते में म्योच्योरिटी पीरियड पांच साल होता है। इसमें खाता धारक को जमा पर हर महीने ब्याज मिलता है। मौजूदा समय में इस योजना में 7.50 फीसद की दर से ब्याज मिल रहा है। इसे सिंगल या फिर ज्वाइंट दोनों तरह से खोला जा सकता है, दोनों में ही जमा की सीमा अलग अलग है। जैसा कि सिंगल में अधिकतम निवेश 4.5 लाख है तो ज्वाइंट खाते में आप 9 लाख रुपए तक जमा करा सकते हैं।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ): पीपीएफ अकाउंट वेतनभोगी और व्यापारी वर्ग दोनों के लिए ही होता है। इसमें एक वित्तवर्ष में अधिकतम एक लाख रुपए तक के निवेश पर कर छूट का लाभ मिलता है। इसे या एकमुश्त या फिर 12 किश्तों में जमा किया जा सकता है। यह अकाउंट नाबालिग और बालिग दोनों का हो सकता है। इसका म्योच्योरिटी पीरियड 15 साल है। इसमें जमा पर 7.9 फीसद का ब्याज मिलता है।

राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी):अगर आप सुरक्षित निवेश के साथ बेहतर रिटर्न भी चाहते हैं तो आपको इसका चयन करना चाहिए। इस योजना को सरकारी कर्मचारी, बिजनेसमैन और कर अदा करने वाले अन्य वेतन भोगियों की जरूरतों को मद्देनजर रखते हुए जारी किया गया है। इसमें निवेश की कोई सीमा नहीं होती है। राष्ट्रीय बचत पत्र दो तरह के होते हैं पहल है, टाइप-1 (VIII इश्यू) और दूसरा, टाइप-2 (IX इश्यू)।इस पर टीडीएस नहीं कटता है। ट्रस्ट और एचयूएफ इसमें निवेश नहीं कर सकते हैं। इसमें जमा पर 7.9 फीसद की दर से ब्याज मिलता है। इसमें जमा पर आयकर की धारा 80सी के तहत छूट मिलती है।

पांच वर्षीय डाकघर आवर्ती जमा खाता:यह भी निवेश का एक बेहतर टूल्स है। इसमें आपका पैसा पांच साल के लिए जमा रहता है। इस खाते में जमा पर 7.2 फीसद की दर से ब्याज मिलता है। साथ ही इस बचत योजना में एक साल के बाद 50 फीसदी रकम निकलाने की व्यवस्था है। ध्यान दें कि प्रति माह इसमें 10 रुपये का निवेश जरूरी है।

डाकघर सावधि जमा खाता (Post office fixed deposit account): डाकघर सावधि जमा खाता भी निवेश का एक बेहतर माध्यम है, जिसमें आपको 6.8 से 7.6 फीसद की दर से ब्याज मिलता है। यह ब्याज दर आपको पांच वर्षीय खाते पर मिलता है। यह खाता व्यक्तिगत तौर पर खोला जा सकता है। सावधि जमा खाते पर आयकर अधिनियम 80c के तहत आयकर से छूट मिलती है।

वरिष्ठ नागरिक बचत खाता (एससीएसएस): यह बचत योजना खासतौर पर 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए है। ये 60 की उम्र पार कर चुके लोगों के लिए निवेश का शानदार विकल्प है। हालांकि, 55 साल से 60 साल की उम्र के बीच में रिटायर होने वाले या वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) लेने वाले व्यक्ति भी रिटायरमेंट के तीन माह पहले यह खाता खोल सकते हैं। एक हजार रुपए से यह खाता खोला जा सकता है। इसमें अधिकतम निवेश की सीमा 15 लाख रुपए है। इस अकाउंट का म्योच्योरिटी पीरियड पांच साल है। इस खाते को अपनी पत्नी के साथ ज्वाइंट अकाउंट के रुप में भी खोला जा सकता है। इस पर 8.4 फीसद की दर से ब्याज मिलता है

लॉकर में रखने की बजाय यहां रखें सोना, होगी कमाई

भारतीय बड़ी मात्रा में सोना खरीदते हैं. सोना खरीदने के बाद उसे सुरक्षित रखने के लिए आप इसे बैंक लॉकर में रखते हैं. इसके लिए आप चार्ज भरते हैं. लेकिन क्या हो अगर सोना आपको कमाई करने का मौका दे.आप सोने को लॉकर में रखने की बजाय केंद्र सरकार की ‘गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम’ के तहत बैंकों को दे सकते हैं और इस पर ब्याज कमा सकते हैं.

क्या है गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम : केंद्र सरकार ने 2015-16 में इस स्कीम को शुरू किया था. यह स्कीम गोल्ड सेविंग्स अकाउंट की तरह है. इसमें आप अपना सोना रखते हैं और बदले में आपको ब्याज मिलता है. इसके लिए किसी भी तरह की लॉकर फी और मेंटेनेंस चार्ज नहीं भरना पड़ता.

2.5 फीसदी तक मिलता है ब्याज : गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम से आप हर साल 0.50 फीसदी से लेकर 2.5 फीसदी तक ब्याज कमा सकते हैं. आप चाहें तो इस ब्याज को नगद ले सकते हैं या फिर सोने के रूप में ही वापस ले हासिल करें.

कैसे करें निवेश : इस स्कीम के तहत अगर आप अपना सोना रखना चाहते हैं, तो इसके लिए आप किसी भी ऐसे बैंक की शाखा में जा सकते हैं, जो यह स्कीम दे रहा है. हालांकि निवेश के लिए आपके पास कम से कम 30 ग्राम सोना होना चाहिए.

कैसे मिलता है ब्याज : इस स्कीम के तहत आप तीन टेन्योर के लिए सोने को रख सकते हैं. इसमें शॉर्ट टर्म (1 से 3 साल), मीडियम टर्म (5 से 7 साल) और लॉन्ग टर्म डिपोजिट्स (12 से 15 साल) शामिल है.शॉ‍र्ट टर्म डिपोजिट्स पर ब्याज बैंक तय करते हैं, लेकिन लॉन्ग टर्म और मीडियम टर्म पर मिलने वाले ब्याज को आरबीआई तय करता है. इस तरह आपको 0.5 फीसदी से लेकर 2.5 फीसदी तक ब्याज मिलेगा.

मिलता है टैक्स बेनेफिट : इस स्कीम के जरिये आपको जो फायदा होता है, उस पर कैपिटल गेन्स टैक्स नहीं लगता. इससे प्राप्त होने वाले कैपिटल गेन्स को इनकम टैक्स और वेल्थ टैक्स से भी छूट है.

समय से पहले विद्ड्रॉ : आप चाहें तो मैच्योरिटी से पहले भी डिपोजिट को विद्ड्रॉ (withdraw) कर सकते हैं. हालांकि इसके लिए आपको पेनल्टी भरनी होगी.इस स्कीम में जब आप अपनी ज्वैलरी, गोल्ड बार या क्वाइन रखते हैं, तो बैंक उसे अपने पास नहीं रखते. ऐसे में यह जरूर ध्यान रखें कि आप जो ज्वैलरी और सोना बैंकों के पास जमा करेंगे, मैच्योरिटी पर आपको इसी फॉर्म में वापस नहीं मिलेगा.

पूरी जानकारी हासिल कर लें : इस स्कीम में निवेश करने से पहले जिस बैंक में आप डिपोजिट शुरू कर रहे हैं, उससे पूरी जानकारी ले लें. इससे आप इस स्कीम के फायदे और नुकसान को लेकर सतर्क रह सकेंगे और अपनी सुविधानुसार चुनाव कर सकेंगे.

इस तरीके से LPG गैस सिलेंडर बुक करने पर हमेशा मिलेगी छूट,जाने तरीका

अगर आप गैस बुकिंग के दौरान हमेशा छूट पाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको सिर्फ बुकिंग के दौरान भुगतान करने का तरीका बदलना होगा. भुगतान करने का तरीका बदलकर आप हर बार एलपीजी गैस सिलेंडर बुक करने के दौरान छूट पा सकते हैं.

ऐसे मिलेगी छूट 

दरअसल कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक स्कीम शुरू की है. इसके तहत अगर आप गैस बुकिंग करने के लिए कैशलेस लेनदेन करते हैं, तो आपको सीधे 5 रुपये की छूट मिलती है.

ऐसे मिलेगा फायदा

बिना सब्सि‍डी वाले सिलेंडर की कीमत में 93 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है. इसकी कीमत बढ़कर 742 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है। अगर आप बुक‍िंग के दौरान कैशलेस पेमेंट करते हैं, तो आपको बिना किसी शर्त के सीधे 5 रुपये की छूट मिलेगी. इस तरह आपको 737 रुपये में एक सिलेंडर मिलेगा.

सब्स‍िडी वाले सिलेंडर पर भी है डिस्काउंट

वहीं, सब्स‍िडी वाले एलपीजी सिलेंडर पर भी आपको यह डिस्काउंट मिलेगा. मौजूदा समय में दिल्ली में एक सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम गैस सिलेंडर की नई कीमत 495.69 रुपये है. लेकिन सिर्फ भुगतान का तरीका बदलकर आप इसमें भी 5 रुपये की छूट पा सकते हैं.

कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा दे रही सरकार

नवंबर में नोटबंदी की घोषणा करने के बाद से मोदी सरकार लगातार डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने में जुटी हुई है. इसके लिए वह आम आदमी को भी कई चीजों के लिए इंसेंटिव दे रही है. गैस सिलेंडर बुकिंग के दौरान मिलने वाला यह डिस्काउंट भी इसी के तहत दिया जा रहा है.

पेट्रोल-डीजल पर भी मिलता है डिस्काउंट

इसके अलावा पेट्रोल-डीजल भरने के दौरान भी आपको कैशलेस पेमेंट करने पर छूट मिलती है. कैशलेस लेनदेन से 0.75 फीसदी का डिस्‍काउंट मिलता है.

Amazon-Flipkart के साथ करें घर बैठे कमाई, ये है तरीका

अभी तक आपने अमेजन और फ्लिपकार्ट से सिर्फ खरीदारी की होगी, लेकिन आप इन दोनों कंपनियों के साथ मिलकर कमाई भी कर सकते हैं. वो भी घर बैठै.आपको इन कंपनियों के साथ किसी तरह का निवेश भी नहीं करना है. इन कंपनियों के साथ मिलकर काम करने के लिए आपके पास एक कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन होना जरूरी है.

आगे जिस काम के बारे में हम आपको बता रहे हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे आपको किसी थर्ड पार्टी के जरिये नहीं करना है, बल्कि सीधे कंपनी के साथ मिलकर ये काम होगा. इससे धोखाधड़ी की आशंका ना के बराबर रहती है.

दरअसल अमेजन, फ्ल‍िपकार्ट समेत अन्य कई कंपनियां एफिलिएट मार्केटिंग प्रोग्राम चलाती हैं. आप इन प्रोग्राम में हिस्सा लेकर कमाई कर सकते हैं. आगे जानिए क्या होती है एफिलिएट मार्केटिंग और कैसे आप इन कंपनियों के साथ जुड़ सकते हैं.

अमेजन और फ्लिपकार्ट के साथ यह काम करने के लिए आपकी अपनी वेबसाइट, ब्लॉग या फिर कॉन्टेंट साइट होनी चाहिए. अगर आप इस शर्त को पूरा करते हैं, तो आप हर महीने इन कंपनियों से घर बैठे हजारों रुपये कमा सकते हैं.

एफिलिएट मार्केटिंग क्या है : एफिलिएट मार्केटिंग मार्केटिंग के पुराने तरीकों में से एक है. जब आप किसी कंपनी के इस प्रोग्राम से जुड़ते हैं, तो ये कंपनियां आपके ब्लॉग व वेबसाइट पर अपने उत्पादों का विज्ञापन दिखाती हैं. जैसे ही कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों पर क्ल‍िक कर कंपनी की वेबसाइट पर पहुंचता है और खरीदारी करता है, वैसे ही आपको उस खरीदारी में हिस्सा मिलता है.

उदाहरण के लिए आप ने अमेजन के एफिलिएट प्रोग्राम में हिस्सा लिया. अपनी वेबसाइट पर मोबाइल फोन का एड दिखाया. कोई व्यक्ति इस एड पर क्ल‍िक करके कंपनी की वेबसाइट पर गया और उसने इस फोन को खरीद लिया. ऐसे में उस फोन की खरीदारी पर आपको 12 फीसदी तक कमीशन मिलेगा.

अमेजन से ऐसे जुड़ें : अमेजन के साथ इस काम को करने के लिए आपको अमेजन एसोसिएट प्रोग्राम से जुड़ना होगा. इसके लिए आपको किसी भी तरह की फीस भी नहीं भरनी है. यहां जरूरी जानकारी दर्ज करने के बाद कंपनी अपने स्तर पर आपके ब्लॉग को परखेगी और सबकुछ सही होने के बाद आप को एड देना शुरू कर देगी.

2 से 15 फीसदी तक मिलता है कमीशन : फ्ल‍िपकार्ट और अमेजन अपने इस प्रोग्राम के जरिये 2 से 15 फीसदी तक कमीशन देते हैं. इस कमीशन की बदौलत आप हर महीने हजारों रुपये की एक्स्ट्रा इनकम कमा सकते हैं.यहां आपको ये भी पता चल जाएगा कि अमेजन किस उत्पाद पर कितना फीसदी कमीशन दे रही है. यहां आपको 1 फीसदी से लेकर 12 फीसदी तक कमीशन मिलेगा .

फ्लिपकार्ट के साथ ऐसे जुड़ें : अमेजन की तरह ही फ्लिपकार्ट भी एफिलिएट प्रोग्राम चलाती है. फ्लिपकार्ट से जुड़ने के लिए आप कंपनी के एफिलिएट प्रोग्राम पेज पर जा सकते हैं. यहां आप फ्री में जुड़ सकते हैं.

6 से 20 फीसदी मिलेगा कमीशन : फ्लिपकार्ट आपको 6 से 20 फीसदी तक कमीशन देता है. इसमें अगर किताबों का विज्ञापन अपनी वेबसाइट पर चलाते हैं, तो आपको 6 से 12 फीसदी कमीशन मिलेगा. अगर आप खिलौने के विज्ञापन चलाएंगे, तो आपको 20 फीसदी तक कमीशन मिल सकता है.

इस चीज का रखें ध्यान : कंपनियों के एफिलिएट प्रोग्राम से जुड़ने से पहले उस प्रोग्राम से जुड़ी सभी शर्तें व नियम जरूर पढ़ लें. हर कंपनी की अलग-अलग शर्तें होती हैं कमीशन देने की. ऐसे में अगर आपने नियम व शर्तें ध्यान से नहीं पढ़ीं, तो आपको अच्छी कमाई करने में दिक्कत हो सकती है.

ये टिप बढ़ाएगी कमाई : अगर आप फ्ल‍िपकार्ट-अमेजन के साथ इस प्रोग्राम के जरिये जुड़ रहे हैं, तो रजिस्टर करने के बाद अपनी साइट व ब्लॉग को बढ़ाने पर मेहनत कीजिए. जितने ज्यादा व्यूज होंगे, उतना ज्यादा आापको फायदा मिलेगा.

इस कार पर कभी नहीं लगेगी खरोंच, होगी डेंटप्रूफ, जानिये क्यों

नई कार लेते समय अक्सर इसी बात की चिंता होती है कि कहीं कोई कार में टक्कर न मार दे। नई कार में डेंट लगे, ये कोई बरदाश्त नहीं करता। लोगों की इसी चाहत को ध्यान में रखते हुए एक कंपनी ने ऐसी कार लांच की है जो कभी डेंट नहीं होगी। कंपनी का दावा है कि ये पूरी तरह डेंटप्रूफ कार है। इस कार को फ्लेस्बी नाम दिया गया है। इसे पहली बार इस साल के टोयोटा मोटर शो में लोगों को दिखाने के लिए रखा गया है।

टोयोडा गोसोई नाम की जिस कंपनी ने इस कार को बनाया है, उसका दावा है कि इस कार फ्लेस्बी में चारों तरफ रबर के एयर बैग्स दिये गए हैं जो किसी भी तरह की टक्कर होने पर खुल जाएंगे और कार को कोई नुक्सान नहीं होगा। यहां तक कि कार के हूड तक पर भी इस तरह के बैग लगाए गए हैं।

किसी राहगीर को नहीं लगेगी चोट

कार बनाने वाली कंपनी का दावा है कि इस कार से टक्कर लगने के बाद भी किसी राहगीर को चोट नहीं लगेगी। इसका कारण भी बाहरी बॉडी पर लगे एयर बैग्स हैं। कार निर्माता कंपनी ने कहा है कि जैसे ही इस कार से किसी राहगीर को टक्कर लगेगी, वैसे ही एयर बैग्स खुल जाएंगे और राहगीर को कोई गंभीर चोट नहीं लगेगी।

इलेक्ट्रिक कार का मॉडल

इस कार को फिलहाल इलेक्ट्रिक मोड पर चलने के हिसाब से ही बनाया गया है। इस पर अभी सिर्फ एक व्यक्ति यानी ड्राइवर ही बैठ सकता है। इस कार को 2030 तक मार्केट में लाया जाएगा। तब तक इसकी क्षमता में और सुधार होने की पूरी उम्मीद है। इस कार को लोगों ने बहुत सराहा है और अब वे इसका मार्किट में आने का इंतज़ार कर रहे हैं। हलांकि इसका आनंद लेने के लिए लोगों को अभी भी लगभग 14 साल का इंतज़ार करना पड़ेगा।

अब कपडे धोने से मिलेगा छुटकारा ,धुप में अपने आप साफ होंगे कपडे

कामकाजी लोगों और घरेलू महिलाओं के लिए कपड़ा धोना किसी चुनौतीपूर्ण काम से कम नहीं है लेकिन जल्द ही इस झंझट से निजात मिल सकती है क्योंकि एक ऐसी तकनीक का विकास किया गया है जिसके जरिये प्रकाश पड़ते ही मिनटों में आपके कपड़े खुद ही साफ हो जायेंगे.

 

ऑस्ट्रेलिया के आरएमआईटी विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने ऐसे ‘नैनो-एनहांस्ड’ कपड़े का विकास किया है जो अपने आप दाग और जमी हुई मैल निकालने में सक्षम हैं. इसके लिए कपड़े को केवल बल्ब की रोशनी में रखना होगा. धूप में पहनकर निकलने पर भी यह साफ हो जायेगा. अनुसंधानकर्ताओं में भारतीय मूल का एक वैज्ञानिक भी शामिल है.

खोज करने वाले टीम में एक भारतीय मूल का वैज्ञानिक भी है जिनका नाम राजेश रामनाथ है। उनका कहना है कि इसका फायदा यह है कि यह पहले से ही 3डी के आधार में बनाया जा रहा है। जिस कारण से कपड़ा अच्छी तरह से अवशोषित कर लेता है और कार्बनिक पदार्थ आराम से निकल जाता है।

अभी इसमें और ज्यादा रिसर्च की जाएगी जिससे वो यह पता लगाएंगे की चाय और टमाटर जैसे घातक दाग कैसे निकाल सकते है। अभी तक यह कपड़ा किसी के पास नही आया है।

10 हजार ऐसे बन जाएंगे 49 लाख, ये हैं बड़ी रकम बनाने का हिट फॉर्मूला

अपने भविष्य को वित्तीय रूप से सुरक्षित रखने के लिए आपका फाइनेंस का पंडित बनने की जरूरत नहीं है। आपको सिर्फ अपनी बचत की निरंतरता बनाए रखनी है और बाकी का काम चक्रवृद्धि समय के साथ करता रहेगा। चक्रवृद्धि का प्रभाव दीर्घावधि में देखते ही बनता है और यह लंबी अवधि में आपको धनवान बनाने में भरपूर मदद करता है। आइए, उदाहरण के जरिए समझते हैं कि किस उम्र में कितना निवेश करने पर आपको रिटायरमेंट पर 49 लाख मिलेंगे। 49 लाख की रकम उदाहरण के लिए ली गई है, आपकी या हमारी जरूरत इससे भिन्‍न भी हो सकती है।

कैसे काम करता है चक्रवृद्धि (Compound interest ) ?

मान लीजिए आप 100 रुपये कहीं जमा करते हैं और उस पर सालाना 10 प्रतिशत का ब्याज मिलता है। एक साल बाद आपके पास 110 रुपये होंगे। अगले वर्ष चक्रवृद्धि के कारण आपको 110 रुपये पर 10 प्रतिशत का ब्याज मिलेगा और आपके पैसे बढ़ कर 121 रुपये हो जाएंगे। फिर अगले वर्ष 121 रुपये पर 10 प्रतिशत ब्याज प्राप्त होगा और यह सिलसिला साल दर साल चलता रहेगा। समय के साथ आपके पैसों में आश्चर्यजनक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

कब होंगे पैसे दोगुने

आपकी बचत के पैसे दोगुने कब होंगे इसकी गणना का एक आम नियम काफी प्रचलित है। रूल 72 है इसका नाम। फाइनेंस में इसका खूब इस्तेमाल होता है। रूल 72 के जरिए आप यह जान सकते हैं कि आपके निवेश के पैसे कितने समय में दोगुने हो जाएंगे। आइए इसका फॉर्मूला जानते हैं।

अगर आप 100 रुपये का निवेश करते हैं जिस पर सालाना 10 प्रतिशत का चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है तो रूल 72 के अनुसार इस निवेश को दोगुना होने में 72/10=7.2 साल लगेंगे। अगर आप इससे बड़ी राशि, मान लीजिए एक लाख रुपये, का निवेश करते हैं तो लगभग सात साल में वह दो लाख रुपया हो जाएगा। इसके लिए निवेश की निरंतरता और वर्तमान फंड में बढ़ोतरी करना न भूलें, यह आपको कहीं अधिक लाभ देगा।

पुरानी शराब जैसा है चक्रवृद्धि (Compound interest )

चक्रवृद्धि ब्याज शराब की तरह है। कहते हैं कि वाइन यानी शराब जितनी पुरानी होती है उतनी ही बेहतर होती है। इसी तरह, पैसों का निवेश भी अगर लंबी अवधि के लिए किया जाए तो इसके परिणाम काफी बेहतर होते हैं। इसलिए, अगर आप अपनी रिटायरमेंट के लिए करोड़ों रुपये की बचत करना चाहते हैं तो शुरुआत जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी किजीए। अपने पहले वेतन से या फिर 25 साल की उम्र से आप इसकी शुरुआत करें तो ज्यादा अच्छा रहेगा। जब आप 60 साल की उम्र में रिटायर होंगे तो आपके पास पैसों की कमी नहीं होगी और आप शानदार जीवनशैली बरकरार रख सकते हैं।

अभी निवेश करने पर कितना मिलेगा

अगर आप 25 साल की उम्र से 5,000 रुपये का निवेश शुरू करते हैं और इस पर सालाना 10 प्रतिशत का रिटर्न मिलता है तो 60 साल की उम्र में आपके पास एक करोड़ रुपये से अधिक का फंड होगा। हालांकि, अगर आप इसकी शुरुआत 40 साल की उम्र में करते हैं तो इतने पैसों के निवेश से आप रिटायरमेंट के समय लगभग 33 लाख रुपये प्राप्त कर पाएंगे। यह फर्क काफी अधिक है। 40 साल के व्यक्ति को एक करोड़ रुपये के लिए कितनी बार 5,000-5,000 रुपये अतिरिक्त जमा करने होंगे।

10,000 रुपये सालाना का निवेश 10 प्रतिशत की ब्याज दर के हिसाब से।

इस टेबल से आप समझ गए होंगे कि पांच साल का फर्क भी निवेश से प्राप्त होने वाले पैसों में भारी फर्क पैदा करता है। हो सकता है कि आप अधिक उम्र में निवेश की शुरुआत करें और 49 लाख रुपये के रिटायरमेंट फंड के लक्ष्य को प्राप्त करें जो 20 साल वाले व्यक्ति ने आसानी से प्राप्त किया था। आपको इसी लक्ष्य के लिए ज्यादा रकम का निवेश करना होगा ताकि आप बीते समय की भरपाई कर पाएं। इससे आपका बजट प्रभावित हो सकता है क्योंकि इस लक्ष्य के लिए आपको ज्यादा पैसे आवंटित करने होंगे। इसे समझने के लिए, दूसरा टेबल भी देखते हैं कि किस उम्र में व्यक्ति को कितने पैसों का निवेश करना होगा ताकि वह 49 लाख रुपये के लक्ष्य को पा सके।
49 लाख के लक्ष्य के लिए सालाना निवेश की राशि

निवेश के शुरुआत की उम्र रिटायरमेंट फंड

  • 20   6 लाख रुपये
  • 25   11 लाख रुपये
  • 30  18 लाख रुपये
  • 35  30 लाख रुपये
  • 40  49 लाख रुपये

नोट: यह लेख वरिष्ठ आर्थिक पत्रकार मनीष मिश्रा के ब्लॉग सबसे बड़ा रुपइया से लिया गया है।

23 साल का नौजवान ऐसे बना 6000 करोड़ का मालिक

सफलता के लिए कोई उम्र की सीमा नहीं है और ही कोई समय तय है. आइडिया और विजन है तो आप किसी भी उम्र में सफल हो सकते हैं. ऐसी ही एक मिसाल हैं 6000 करोड़ से भी ज्यादा की कंपनी OYO के फाउंडर और मालिक 23 साल के रितेश अग्रवाल

व्यक्तिगत तौर पर, रीतेश सामान्य बुद्धी वाले युवा हैं। जिन्होंने मात्र 21 साल कि छोटी सी उम्र में अपने अनुभव, सही अवसर को पहचानने की क्षमता और मेहनत के बल पर अपने विचारों को वास्तविकता का रूप दे दिया।

युवा–उद्यमी की बिज़नेस–यात्रा

रीतेश अग्रवाल ने बिजनेस के बारे में सोचने और समझने का काम कम उम्र में ही शुरू कर दिया था| इसमें सबसे बड़ी भूमिका उनके पारिवारीक पृष्ठभूमि की थी। उनका जन्म 16 नवम्बर 1993 को उड़ीसा राज्य के जिले कटक बीसाम के एक व्यवसायिक परिवार में हुआ है। बारहवीं तक कि पढ़ाई उन्होंने जिले के ही – Scared Heart School में की। इसके बाद उनकी इच्छा IIT में दाखिले की हुई। जिसकी तैयारी के लिए वे राजस्थान के कोटा आ गए। कोटा में उनके बस दो ही काम थे- एक पढ़ना और दूसरा, जब भी अवकाश मिले खूब ट्रैवल करना। यही से उन्हें इस आईडिया के बारे में पहली बार सोचा था ।

कभी किराया देने के लिए नहीं थे पैसे

रितेश अग्रवाल ने 17 साल की उम्र में इंजीनियरिंग छोड़ इस कंपनी की शुरुआत की। ये कंपनी उन्होंने बिना किसी की मदद के शुरू की थी और सिर्फ 6 साल में 6000 करोड़ तक पहुंच गई है।

इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनके पास शुरुआती दिनों में किराया देने के लिए भी पैसे नहीं होते थे और कई रातें उन्होंने सीढ़ियों पर बिताई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वे सिम कार्ड भी बेचा करते थे।रितेश ने एक वेबसाइट तैयार की थी जहां वे सस्‍ते और किफायती होटल्‍स के बारे में जानकारी अपडेट करते थे जिस वेबसाइट का नाम रखा ‘ओरावल’।

ऐसे आया आइडिया

सन 2009 में रितेश देहरादून और मसूरी घूमने गए थे। वहां से उन्हें इस बिजनेस के बारे में आइडिया आया। रितेश ने एक वेबसाइट तैयार किया, जहां वो सस्‍ते और किफायती होटल्‍स के बारे में जानकारी देते थे. इस वेबसाइट का नाम रखा ‘ओरावल’.

उनके इस आइडिया से गुड़गांव के मनीष सिन्हा ने ‘ओरावेल’ में निवेश किया और को-फाउंडर बन गए।इसके बाद 2012 में ओरावेल को आर्थिक मजबूती मिली, जब देश के पहले एंजल आधारित स्टार्ट-अप एक्सलेरेटर वेंचर नर्सरी एंजल ने उनकी हेल्प की।

रितेश के मुताबिक कुछ दिन वेबसाइट चलाने के बाद को लगा कि नाम के कारण लोग वेबसाइट को समझ नहीं पा रहे हैं, इसलिए उन्‍होंने 2013 में उसका नाम बदल कर OYO Rooms रख दिया ।और यह नाम लोगों को इतना अच्छा लगा की उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा

कई समस्याएं थीं सामने

फंडिंग, मार्केटिंग और प्रॉपर्टी के ऑनर्स और इन्वेस्टर्स तक पहुंचने जैसे उनके सामने भी कई समस्याएं आईं थीं।लेकिन टीम वर्क और सही गाइडेंस से वे आगे बड़ते गए और कंपनी को खड़ा किया।

ओयो ने सॉफ्टबैंक सहित मौजूदा इन्वेस्टर्स और हीरो एंटरप्राइज से 25 करोड़ डॉलर (1,600 करोड़ रुपए से अधिक) की नई फंडिंग की है।कंपनी इस फंड का इस्तेमाल भारत और दक्षिण पूर्व एशिया में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए करना चाहती है।

आज मात्र 2 वर्षों में Oyo Rooms 15000 से भी ज्यादा होटलो की श्रृंखला (1000000 कमरों) के साथ देश की सबसे बड़ी आरामदेह एवं सस्ते दामों पर लागों को कमरा उपलब्ध कराने वाली कंपनी बन चुकी है। रीतेश अग्रवाल की यह कंपनी भारत के शीर्ष स्टार्ट-अप कंपनियों में से एक हैं। इसी वर्ष कंपनी ने मलेशिया में भी अपनी सेवाएं देना प्रारम्भ कर दिया है और आने वाले समय में अन्य देशों में भी अपनी पहुँच बनाने जा रही है।

 

जाने इस 26 लाख वाली साइकिल में ऐसा क्या है खास

क्या एक साइकिल की कीमत एक गाड़ी के बराबर हो सकती है वो भी फार्चूनर जैसी बड़ी गाड़ी के बराबर सुनने में विश्वास करना मुश्किल लग रहा है लेकिन यह बात बिलकुल सच है आप हैरानी में पड़ कि दो पहियों की साइकिल की कीमत लाखों रुपए कैसे हो सकती है?

आप खुद को भरोसा दिलाने के लिए कल्पना करेंगे कि यह साइकिल ऑटोमैटिक होगी, इंजिन या बैट्री से चलती होगी वह भी बहुत तेज। लेकिन जब आपसे कोई कहे कि साधारण सी दिखने वाली साइकिल की कीमत 26 लाख रुपए है तो आपको यकीन नहीं होगा। खासकर तब जब आपसे कहा जाए कि यह इसे पैरों से ही चलाना होगा।

लक्जरी कार बनाने वाली कंपनी बुगाती ने 40000 डॉलर (25लाख 92 हजार 200 रुपए) कीमत की साइकिल तैयार की है। सबसे तेज दौड़ने वाली कार बनाने वाली कंपनी बुगाती ने एक बाइक कंपनी के साथ मिलकर ये साइकिल तैयार की है। इस साइकिल की कीमत के हिसाब से जो खूबी बताई गई हैं वह भी जानने लायक हैं।

साइकिल की खूबियां

कंपनी ने करीब 26 लाख रुपए कीमत वाली इस साइकिल की सबसे बड़ी खूबी इसका हल्का होना बताया है। कंपनी ने कहा है कि यह साकिल मात्र 11 पाउंड यानी पांच किलो की होगी।

साइकिल का फ्रेम और बॉडी 95 फीसदी रेनफोर्स कार्बन से बना है। रेनफोर्स कार्बन एक ऐसा पदार्थ है जिसका इस्तेमाल हवाई जहाज की बॉडी बनाने के लिए किया जाता है। ताकि विमान कम से कम वजन के हों।

इस साइकिल का हर पुर्जा हवाई जहाज बनाने वाले मैटेरियल से तैयार किया गया है। इस साइकिल में चेन की जगह बेल्ट लगाया गया जिसे पैडल के सहारे खींचा जाएगा। इस साइकिल को आम साइकिलों की तरह ही आम रास्तों पर दौड़ाया जा सकता है।

साइकिल का नाम

कंपनी बुगाती ने इस बाइक का नाम सुपर बाइक दिया है जो एक अल्टीमेट स्पोर्ट साइकिल है। कंपनी इसे कई रंगों और मॉडल में लॉन्च करने का ऐलान किया है।

जेब में नहीं है पैसा तो आधार कार्ड दिखाकर मिलेगा फोन

फेस्टिवल सीजन को देखते हुए लगभग हर स्‍मार्टफोन कंपनियों ने अलग – अलग तरह के ऑफर लॉन्‍च किए हैं। कहीं डिस्‍काउंट मिल रहा है तो कोई EMI का ऑफर दे रहा है। लेकिन इन सब के बीच स्‍मार्टफोन मेकर कंपनी Xioami ने भारतीय ग्राहकों के लिए एक खास ऑफर लॉन्‍च किया है।

कंपनी की ओर से कार्डलेस EMI सर्विस लॉन्‍च किया गया है। इसकी जानकारी कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है। इसके अलावा कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर मनु कुमार जैन ने सोशल मीडिया पर साझा भी किया है। तो आइए, जानते हैं क्‍या है वो खास ऑफर।

क्‍या है ऑफर

इस ऑफर के तहत Xioami ग्राहकों को बिना क्रेडिट कार्ड के ही अपने पसंदीदा Mi प्रोडक्ट्स खरीदने का मौका दे रही है। यानी अब आपको क्रेडिट कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि इस ऑफर के तह‍त कंपनी आपसे आधार समेत कुछ डॉक्‍यूमेंट जरूर मांगेगी।

कैसे उठा सकते हैं फायदा 

इस ऑफर का फायदा उठाने के लिए कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट https://www.mi.com/in/mifinance/ पर जाकर सबसे पहले अकाउंट बनाना होगा। इसके बाद कार्डलेस EMI के ऑप्‍शन पर क्‍लिक कर ओटीपी जेनरेट करना होगा। फिर आपसे कुछ पर्सनल इन्‍फॉरर्मेशन मांगी जाएगी। इनमें आपको आधार कार्ड, मोबाइल नंबर समेत अन्‍य निजी जानकारियां देनी होगी।

ये हैं शर्तें

इस EMI स्‍कीम की कुछ शर्तें भी हैं। कंपनी के इस ऑफर के तहत एक अकाउंट से सिर्फ एक प्रोडक्‍ट खरीदा जा सकेगा। यह ऑफर  14 अक्‍टूबर 2017 से 17 अक्‍टूबर 2017 तक के लिए है। अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट पर विजिट करना होगा।