32km का माइलेज देती है मारुति की ये SWIFT, इंडिया में हो सकती है लॉन्च

इंडिया की मोस्ट सेलिंग कार कंपनी मारूति सुजुकी अपनी नई स्विफ्ट को इंडिया लॉन्च कर चुकी है। इस कार की बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। ऐसे में अब कंपनी इसका हाइब्रिड वर्जन लॉन्च कर सकती है।

कंपनी का कहना है कि हाईब्रिड वर्जन का माइलेज 32 किलोमीटर का होगा। यानी एक लीटर पेट्रोल में ये कार 32 किलोमीटर तक दौड़ेगी। बता दें कि स्विफ्ट का हाइब्रिड वर्जन यूरोप में सेल किया जा रहा है।

 कंपनी का ये है कहना

मारुति सुजुकी इंडिया के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (इंजीनियरिंग) सीवी रमन ने बताया कि कंपनी कार में इलेक्ट्रिफिकेशन की दिशा में आगे बढ़ रही है। हमारे पास पूरी मार्केट का कुछ परसेंट भी है। हम इसके लिए सरकार के साथ भी हैं।

हम इस बात को भी मानते हैं कि हाइब्रिडाइजेशन भी जरूरी है। ऐसे में हम इस टेक्नोलॉजी को इंडिया में लाना चाहते हैं। स्विफ्ट के हाइब्रिड वर्जन की ग्लोबल लेवल पर काफी स्ट्रॉन्ग सेलिंग है। इसे यूरोप में काफी पसंद किया जा रहा है।

 डीजल वेरिएंट से ज्यादा होगा माइलेज

मारुति स्विफ्ट को इंडिया में दो वेरिएंट पेट्रोल और डीजल के साथ लॉन्च किया गया है। इसका 2018 मॉडल काफी स्टाइलिश है। इस कार को पुराने मॉडल से ज्यादा हाईटेक और पावरफुल भी बनाया गया है। साथ ही, माइलेज भी बेहतर किया गया है।

स्विफ्ट के पेट्रोल वेरिएंट का माइलेज 22 किलोमीटर प्रति लीटर और डीजल वेरिएंट का माइलेज 28.4 किलोमीटर प्रति लीटर है। वहीं, हाईब्रिड वर्जन का माइलेज 32 किलोमीटर का होगा। यानी ये डीजल वेरिएंट से भी ज्यादा माइलेज देगी।

 यूरोप में ऐसा है वेरिएंट

मारुति सुजुकी यूरोप में जो स्विफ्ट सेल कर रही है, उसके हाइब्रिड वर्जन के दो वेरिएंट है। इसमें एक 1.2 लीटर और दूसरा 1.0 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ आता है। यानी यहां पर डीजल के साथ हाइब्रिड वेरिएंट नहीं है। ऐसा माना जा रहा है कि कंपनी इंडिया में डीजल के साथ हाइब्रिड वेरिएंट लॉन्च कर सकती है।

पाकिस्तान के इन अजीब-गरीब कानून पर आज भी हंसती है दुनिया

कानून हमेशा नागरिकों की सुरक्षा और न्याय के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। हर राष्ट्र में कुछ ऐसे कानून होते हैं, जिनका पालन करना हर नागरिक के लिए अनिवार्य होता है। चूंकि हर देश विभिन्न मूल्य और जीवन शैली होती है, इसलिए वहां के कायदे और कानून भी भिन्न होते हैं।

मगर, कुछ कानून ऐसे होते हैं, जो देशों को दुनिया में हंसी का पात्र बना देते हैं। जानते हैं पड़ोसी देश पाकिस्तान के कुछ ऐसे ही कानूनों के बारें में, जो विचित्र हैं।

तीन अलग-अलग लॉ सिस्टम

पाकिस्तान संभवतः दुनिया का पहला ऐसा देश है, जहां तीन अलग कानून व्यवस्थाओं का पालन किया जाता है। देश में पाकिस्तानी पीनल कोड के साथ ही शरिया कानून और जनजातीय इलाकों में जिगरा कानून चलता है।

शिक्षा पर कर

देश में साक्षरता दर महज 55 फीसद है, इसे सुधारने के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं है। देश में सरकारी स्कूल से अधिक संख्या में प्राइवेट शैक्षणिक संस्थाएं हैं। यदि कोई व्यक्ति सालाना 20 हजार रुपए से अधिक शिक्षा पर खर्च करता है, तो उसे पांच फीसद टैक्स चुकाना होता है।

इजराइल घूमने नहीं जा सकते

पाकिस्तान ने देश के रूप में इजरायल को मान्यता नहीं दी है। ऐसे में पाकिस्तान का कोई भी नागरिक पाकिस्तान के पासपोर्ट पर इजरायल घूमने नहीं जा सकता है।

कानूनन गर्लफ्रेंड नहीं हो सकती

हुदूद ऑर्डिनेंस के तहत कोई भी व्यक्ति गर्लफ्रेंड नहीं बना सकता है। इतना ही नहीं किसी लड़की से शादी किए बिना कोई व्यक्ति उसके साथ नहीं रह सकता है। फिर इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि वह उसे कितना प्यार करता है।

कुछ अरबी शब्दों को अंग्रेजी में नहीं बोल सकते

अल्लाह, मस्जिद, रसूल और नबी जैसे अरबी शब्दों का अंग्रेजी वर्जन इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसे कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाया गया है।

बिना इजाजत किसी का फोन छूना अपराध

किसी की इजाजत के बिना उसका फोन छूना देश में अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसा करने पर आपको छह महीने जेल में बिताने पड़ सकते हैं।

कुछ दिनों डबल सवारी नहीं चल सकते

कई सार्वजनिक छुट्टियों के दिन दो पहिया वाहनों पर डबल सवारी चलने की इजाजत नहीं है। सुरक्षा की दृष्टि से ऐसा नहीं किया जा सकता है।

आइसक्रीम पार्लर खोलने का मौका, ये कंपनियां दे रही हैं फ्रेंचाइजी

गर्मी का सीजन शुरू हो रहा है। इसके साथ ही बाजार में प्रोडक्‍ट्स की डिमांड भी बदल गई है। अब आइसक्रीम की डिमांड बढ़ने लगी है। अगर आप ऐसे मौके में बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं तो आप बड़ी आइसक्रीम कंपनियों की फ्रेंचाइजी ले सकते हैं।

ये कंपनियां आइसक्रीम पॉर्लर खोलने के लिए फ्रेंचाइजी दे रही है। आप भी इस मौके का फायदा उठा सकते हैं। अच्‍छी बात यह है कि इसके लिए किसी तरह की विशेषज्ञता या अनुभव की जरूरत नहीं है। कंपनियां बिजनेस की बेसिक जानकारी और ट्रेनिंग देगी। इस पर ज्‍यादा खर्च भी नहीं आएगा।

कैसे लें क्‍वालिटी वाल्‍स का पार्लर

आइसक्रीम में क्‍वालिटी वाल्‍स एक बड़ा ब्रांड है। भारत में क्‍वालिटी वाल्‍स के 300 से अधिक पार्लर हैं। फ्रेंचाइजी लेने के लिए आप क्‍वालिटी वाल्‍स की वेबसाइट पर ऑनलाइन अप्‍लाई कर सकते हैं। हालांकि इस वेबसाइट पर इन्‍वेस्‍टमेंट की डिटेल नहीं बताई गई है, लेकिन फ्रेंचाइजी इंडिया के मुताबिक क्‍वालिटी वाल्‍स के पार्लर खोलने के लिए 2 लाख रुपए के शुरुआती इंवेस्‍टमेंट की जरूरत पड़ती है।

क्‍योसक के लिए आठ बाई छह फुट स्‍पेस में यह पार्लर खोला जा सकता है। फ्रेंचाइजी देने के बाद कंपनी की ओर से मार्केटिंग, एडवर्टाइजिंग, बिजनेस और प्रमोशनल सपोर्ट भी दिया जाता है। क्‍वालिटी वाल्‍स की ओर से स्विर्ल्‍स के नाम से भी फ्रेंचाइजी दी जाती है, लेकिन उसमें कम से कम 6 लाख रुपए के इंवेस्‍टमेंट की जरूरत होती है।

वादी लाल आइसक्रीम फ्रेंचाइजी लेना है आसान

आइसक्रीम ब्रांड में एक और जाना-पहचाना नाम है वादीलाल । वादीलाल द्वारा 3 तरह की फ्रेंचाइजी ऑफर की जाती है। वादीलाल हैंगआउट्स, वादीलाल स्‍कूप शॉप, वादीलाल क्‍योस्‍क। वादीलाल क्‍योस्‍क आप किसी भी मॉल, पार्क या बाजार में लगा सकते हैं।

जबकि स्‍कूप शॉप के लिए 250 से 400 वर्ग फुट स्‍पेस की जरूरत होती है। फ्रेंचाइजी के लिए कंपनी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। फ्रेंचाइजी डॉट इन के मुताबिक वादीलाल की फ्रेंचाइजी पर 5 से 10 लाख रुपए तक का इंवेस्‍टमेंट होता है।

कितने में शुरू कर सकते हैं अमूल पार्लर

आइसक्रीम ब्रांड के तौर पर अमूल लंबे समय से अपनी पहचान बनाए हुए है। अमूल की वेबसाइट के मुताबिक, यदि आप अमूल क्‍योसक, अमूल रेलवे पार्लर, अमूल आउटलेट खोलना चाहते हैं तो 100 से 150 वर्ग फुट की दुकान किराये पर ले लीजिए और मात्र से 1 से 2 लाख रुपए के इंवेस्‍टमेंट से आप यह पार्लर खोल सकते हैं।

अमूल द्वारा ब्रांड डिपोजिट के तौर पर केवल 25 हजार रुपए लिए जाते हैं, जो तीन साल तक रिफंड नहीं होते, उसके बाद आप अपना डिपोजिट रिफंड करा सकते हें। इसके अलावा रिनोवेशन पर 1 लाख रुपए और इक्‍वीपमेंट (जिसमें डीप फिर्जर, रेफ्रीजरेटर, ओवन , चेस्‍ट मिल्‍क कूलर आदि प्रमुख है) पर लगभग 70 हजार रुपए का खर्च आता है।

इसके बाद अमूल होल सेल सप्‍लायर्स से आप अमूल डेयरी प्रोडक्‍ट्स मंगाकर अपने पार्लर में रख सकते हैं। इसमें आइसक्रीम की एमआरपी पर 20 फीसदी रिटर्न और पाउच मिल्‍क पर 2.5 फीसदी और मिल्‍क प्रोडक्‍ट पर 10 फीसदी रिटर्न मिल सकता है।

कितने में शुरू हो सकता है अमूल आइसक्रीम स्‍कूपिंग पार्लर

अगर आपका बजट अच्‍छा खासा है तो आप अमूल आइसक्रीम स्‍कूपिंग पार्लर खोल सकते हैं। इसके लिए आपको कम से कम 300 वर्ग फुट स्‍पेस चाहिए और आपको लगभग 6 लाख रुपए का इन्‍वेस्‍मेंट करना होगा।

अमूल ब्रांड स्क्यिोरिटी के लिए 50 हजार रुपए लेता है, जबकि रिनोवेशन पर आपको लगभग 4 लाख रुपए खर्च करने होंगे। और डेढ़ लाख रुपए इक्विपमेंट पर खर्च होंगे। अमूल की रेसिपी बेस आइसक्रीम, फ्लोट्स, शेक, बेकड पिजा, सेंडविच, चीज स्‍लाइस बर्गर, गारलिक ब्रेड, हॉट चॉकलेट ड्रिंक पर 50 फीसदी तक रिटर्न मिलता है। इसके अलावा आइसक्रीम पर 20 फीसदी मार्जिन मिलता है।

मल्‍टी ब्रांड पॉर्लर में है फायदा

यूं तो हर बड़ी कंपनी आइसक्रीम पार्लर की फ्रेंचाइजी देती है, लेकिन यदि आप इंडिपेंटेट पार्लर खोलते हैं तो वह सस्‍ता भी पड़ेगा और कस्‍टमर्स को एक साथ कई ब्रांड की आइसक्रीम एक ही जगह मिलेंगी तो आपकी सेल्‍स बढ़ेगी। 1 से 2 लाख रुपए के इंवेस्‍टमेंट के साथ यह पार्लर शुरू किया जा सकता है।

इसके लिए सबसे पहले आपको अच्‍छी लोकेशन पर एक शॉप किराए पर लेनी होगी। वहां आप अपनी फंड कैपेसिटी के मुताबिक इंटीरियर, फर्नीचर के अलावा एक डीप फ्रीजर लगाना होगा। साथ ही, शहर के आइसक्रीम डिस्ट्रिब्‍यूटर्स से संपर्क करके अलग-अलग ब्रांड की आइसक्रीम रख सकते हैं।

2 लाख लगाकर मंथली कमा सकेंगे 1 लाख, ये कंपनी बनाएगी 350 डीलर

अगर आप किसी इंटरनेशनल कंपनी की डीलरशिप लेकर बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो यह अच्‍छा मौका है। हियरिंग ऐड बनाने वाली इंटरनेशनल कंपनी स्‍टारकी द्वारा इंडिया में डीलरशिप दी जा रही है।

इसके लिए आपको काफी अधिक पैसे की भी जरूरत नहीं है। कंपनी दस लाख रुपए तक में यह डीलरशिप दे रही है। इसमें से भी 8 लाख रुपए आपको लोन मिल जाएगा। इस तरह आप केवल 2 लाख रुपए का इंतजाम कर इस कंपनी की डीलरशिप ले सकते हैं।

इतना ही नहीं, केंद्र सरकार द्वारा हियरिंग ऐड जैसे मेडिकल डिवाइस पर छूट या सब्सिडी भी दी जाती है। आप इस सब्सिडी का भी फायदा उठा सकते हैं। इस तरह आप काफी कम इन्‍वेस्‍टमेंट के साथ यह बिजनेस शुरू कर सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि कंपनी का इतिहास क्‍या है और आप कैसे इस कंपनी की डीलरशिप लेकर अच्‍छी खासी कमाई कर सकते हैं।

अमेरिका की है कंपनी

स्‍टारकी अमेरिका की कंपनी है। जो 1967 में शुरू हुई थी। भारत में यह कंपनी 2007 में शुरू हुई थी। अब तक भारत में लगभग 250 डीलर बना चुकी है। फाइनेंशियल ईयर 2018-19 में कंपनी भारत में 350 डीलर और बनानी चाहती है। इसके लिए डीलर्स की तलाश की जा रही है।

हियरिंग ऐड का बढ़ रहा है बाजार

स्‍टारकी इंडिया के एमडी रोहित मिश्रा ने बताया कि वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गनाइजेशन (डब्‍ल्‍यूएचओ) की रिपोर्ट बताती है कि भारत में 9 से 10 फीसदी लोगों को सुनने में दिक्‍कत होती है। ऐसे में, हियरिंग ऐड उनको साफ सुनने में काफी मदद कर सकते हैं।

पहले पहल भारत में लोग हियरिंग ऐड को लेकर जागरूक नहीं थे, लेकिन अब धीरे-धीरे इसकी डिमांड बढ़ती ता रही है। मिश्रा के मुताबिक, कंपनी के पास 10 हजार रुपए से लेकर 3.5 लाख रुपए तक की कीमत के हियरिंग ऐड उपलब्‍ध हैं।

ले सकते हैं डीलरशिप

मिश्रा ने कहा कि यदि कोई व्‍यक्त्‍िा अपने शहर में कंपनी के प्रोडक्‍ट्स की डीलरशिप लेना चाहते हैं तो उनका खर्च लगभग 10 लाख रुपए आएगा। इसमें से 8 लाख रुपए तक बैंक या किसी भी संस्‍थान से लोन लिया जा सकता है। सरकार भी आपको सपोर्ट कर सकती है। सरकार की कई योजनाओं का आप लाभ ले सकते हैं। इसके लिए आपको कंपनी के नोएडा स्थित ऑफिस से संपर्क करना होगा।

कितनी होगी कमाई

मिश्रा ने कहा कि यदि आप महीने में दो लाख रुपए की सेल्‍स करते हैं तो आपको लगभग 1 लाख रुपए की इनकम होगी। उन्‍होंने कहा कि किसी डीलर के लिए दो लाख रुपए के प्रोडक्‍ट्स बेचना मुश्किल नहीं है।

केरल के इस व्यापारी ने बनाया ईको-फ्रेंडली स्टोव, तेजी से हो रहा लोकप्रिय

47 वर्षीय जयप्रकाश सिर्फ 12वीं कक्षा तक पढ़े हैं, लेकिन उन्होंने अपने ईको-फ्रेंडली स्टोव के आविष्कार से सभी को चौंका दिया। वह अभी तक 8 हजार स्टोव्स बेच चुके हैं। जयप्रकाश स्कूल में होने वाले साइंस एग्जिबिशन्स में भी हिस्सा लेते रहते थे। 12वीं के बाद उन्हें आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी।

महिलाओं का संघर्ष देख मिली प्रेरणा

जयप्रकाश ने बताया कि जब वह छोटे थे, तब उनकी मां कोयंबटूर से स्टोव खरीदकर लाती थीं और बेचती थीं। जयप्रकाश इस काम में अपनी मां का हाथ बंटाया करते थे। चूल्हे से निकलने वाला धुंआ, महिलाओं की सेहत के लिए खतरनाक होता है और यह चिंता जयप्रकाश को अक्सर सताया करती थी।

इसलिए उन्होंने एक छोटा सा पाइप स्टोव के पीछे लगाने के बारे में सोचा, जो एक चिमनी की तरह काम करे। जयप्रकाश को आज भी वह समय याद है, जब उन्हें शुरूआती सफलता मिली और उन्होंने अपने आइडिया पर और अधिक काम करना शुरू किया।

 

 

जयप्रकाश के बनाए स्टोव में क्या है खास?

जयप्रकाश ने समझाया कि स्टेनलेस स्टील और कास्ट आयरन से बने उनके स्टोव मॉडल में, जलने की प्रक्रिया दो चरणों में होती है (बर्निंग का टू-टियर सिस्टम), ताकि कम से कम धुंआ पैदा हो और प्रदूषण न फैले।

जयप्रकाश ने बताया कि किस तरह अनगिनत प्रयोगों के बाद वह अपने फाइनल मॉडल तक पहुंचे, जिसमें सेरेमिक पाइप में छेद किए गए ताकि पर्याप्त आक्सीजन उपल्बध हो और दूसरे चरण में कार्बन पार्टिकल्स पूरी तरह से जल सकें। बता दें, कि जलने की प्रक्रिया में ऑक्सीजन गैस सहायक होती है। ऐसा करने से कम धुआं पैदा होता है और स्टोव भी किफायती ढंग से काम करता है।

बहुत ही कम खर्च में करता है काम

जयप्रकाश ने अपनी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए बड़े-बड़े कम्युनिटी स्टोव्स भी बनाने शुरू किए। एएनईआरटी के विशेषज्ञों की टीम ने पाया कि कोझिकोड में एक होटल है, जहां पर जयप्रकाश द्वारा बनाए गए कम्युनिटी स्टोव की मदद से सिर्फ 75 नारियल खोलों (लागत लगभग 75 रुपए) को ईंधन के तौर पर इस्तेमाल करके 40किलो तक चावल पकाया जा रहा है।

जबकि इससे पहले इस काम के लिए 10 किलो एलपीजी खर्च होती थी, जिसकी लागत 4 हजार रुपए तक आती थी।दोनों ही तरह के स्टोव्स का पेटेंट जयप्रकाश के पास है। इसके अलावा वह जेपी टेक नाम से एक क्लीन एनर्जी स्टार्टअप भी चला रहे हैं और ईको-फ्रेंडली स्टोव्स के बड़े ऑर्डर ले रहे हैं।

जयप्रकाश ने अभी तक केरल के घरों में 7,500 ईको-फ्रेंडली स्टोव्स पहुंचाए हैं। इतना ही नहीं, राज्य के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील के लिए जयप्रकाश के बनाए 200 कम्युनिटी स्टोव्स इस्तेमाल हो रहे हैं।

इनकी सप्लाई यूनाइटेड नेशन्स डिवेलपमेंट फंड के सहयोग से की गई। तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक से जयप्रकाश को लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं और वह अभी तक 1 हजार कम्युनिटी स्टोव्स की बिक्री कर चुके हैं।

किफायती हैं ये स्टोव्स

जयप्रकाश की कोयंबटूर स्थित छोटी सी फैक्ट्री के जरिए 6-7 परिवारों को रोजगार मिल रह है और जयप्रकाश इस बात से बेहद खुश हैं। जयप्रकाश के स्टोव्स कारगर होने के साथ-साथ किफायती भी हैं।

1 किलो वाले स्टोव की कीमत है सिर्फ 4 हजार रुपए, जबकि 10 किलो वाले की कीमत है 15 हजार रुपए। सबसे बड़ा स्टोव है 100 किलो का, जिसकी कीमत है 65 हजार रुपए। जयप्रकाश अपने स्टोव की तकनीक को अभी और बेहतर करने की जुगत में हैं।

 

 

एक कोर्स ने बदली जिंदगी, हर महीने कर रहा 1.25 लाख रु की कमाई

अब एग्रीकल्चर में करियर सिर्फ खेती-बाड़ी तक ही सीमित नहीं रह गया है। एग्रीकल्चर सेक्टर के बदले माहौल का परिणाम है कि अन्य सेक्टरों की ही तरह एग्रीकल्चर सेक्टर भी युवाओं को काफी आकर्षित कर रहा है। किसानों की आमदनी बढ़ाने और एग्रीकल्चर को एक करियर के रूप में बनाने के लिए सरकार कुछ कोर्स भी कराती है। बिहार के रहने वाले इस शख्स ने वेटरनेरी की डिग्री हासिल करने के बाद एक कोर्स किया और आज वो सालाना 15 लाख रुपए की कमाई कर रहे हैं।

2 महीने के कोर्स ने बदली जिंदगी

बिहार के नालंदा जिले के निवासी डॉ चंद्रकांत कुमार निराला ने मनीभास्कर को बताया कि पेशे से वो एक वेटरनेरी डॉक्टर हैं। उन्होंने रांची से वेटरनेरी की डिग्री हासिल की है। डॉक्टर बनने के बाद उनको सरकार द्वारा चलाए जा रहे एग्री क्लिनिक एग्री बिजनेस सेंटर के बारे में पता चला। उन्होंने दो महीने का कोर्स किया और उनकी जिंदगी बदल गई। आज गांव-गांव जाकर लोगों को खेती के अलावा कमाई के अन्य विकल्पों जैसे बकरी पालन, मछली पालन और डक फार्मिंग के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

 

निराला बताते हैं कि उन्होंने पटना में इंदिरा लाइव्लीहुड डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना की है। जहां किसानों को बकरी पालन और मछली पालन की ट्रेनिंग देते हैं। उनको बताते हैं कि मछली की कौन सी प्रजाति पालें जिससे उनको ज्यादा फायदा मिले। इसके साथ ही उसे कहां बेचें और किस बीमारी का इलाज कराएं आदि की जानकारी देते हैं। उनके साथ 250 से ज्यादा किसान जुड़े हुए हैं।

बकरी पालन में है ज्यादा फायदा निराला का कहना है कि बकरी पालन एक प्रॉफिटेबल बिजनेस है। बकरी का एक बच्च 20 दिन में तैयार होकर 7 किलोग्राम का हो जाता है। इसके पालन में ज्यादा मेहनत भी नहीं लगती। त्योहारी सीजन में बकरी की डिमांड भी रहती है। इसलिए वो किसानों को बकरी पालन के लिए प्रोत्साहित करने के साथ उनको कब और कहां बेचनी चाहिए आदि की जानकारी देते हैं।

निराला कहते हैं कि उन्होंने नालंदा जिला के हिल्सा अनुमंडल में एक डक फार्मिंग शुरू की है। डक का स्थानीय स्तर पर बिजनेस है। एक डक के अंडे की कीमत बाजार में 15 रुपए है। इसके अलावा वो केले की खेती भी करते हैं। केले की खेती से 50 हजार रुपए की कमाई हो जाती है। उनका कहना है कि किसान पारंपरिक खेती के अलावा अन्य तरीके से भी अच्छी कमाई कर सकते हैं। बस उनको आगे बढ़ने की जरूरत है।

15 लाख रुपए है सालाना टर्न ओवर

इंदिरा लाइव्लीहुड डेवलपमेंट सेंटर का सालना टर्नओवर 15 लाख रुपए है। उन्होंने नाबार्ड के एक इंडो-जर्मन प्रोजेक्ट के साथ कोसी नदी आदि पर भी काम किया है। पेशे से वो पशु चिकित्सक भी हैं और जानवरों का इलाज कर कमाई कर करते हैं।

बिकनी एयरलाइन’ जल्द भारत में होगी लॉन्च

किसी भी फ़्लाइट में सफ़र करने के दौरान आपने एक बात नोटिस की होगी, वो ये की हर एयरलाइन कंपनी की एयरहोस्टेस अलग-अलग परिधान में नज़र आती हैं. कोई ट्रेडिशनल तो कोई मॉर्डन ड्रेस में, यही उनकी ख़ासियत होती है.

वहीं दूसरी तरफ दुनिया में एक ऐसी एयरलाान्स कपंनी भी मौजूद है जिसकी एयर होस्टेस बिकनी में लोगों का स्वागत करती दिखाई देती हैं. इसका नाम है ViertJet एयरलाइंस जो पूरी दुनिया में ‘बिकनी एयरलाइन्स’ के नाम से जानी जाती है. बहुत जल्द ही इंडिया के लोगों को भी इसकी फ़्लाइट में यात्रा करने का मौका मिलने वाला है.

जी हां, बिकनी फ़्लाइट्स इंडिया से अपनी सर्विस शुरू करने जा रही है. हाल ही में इस कंपनी ने इस बात की घोषणा की है. वियतनाम के हो-ची-मिन्ह सिटी से दिल्ली के लिए कंपनी सीधी हवाई सेवा शुरु करेगी. सप्ताह में इसकी 4 उड़ाने होंगी, जिसकी शुरूआत जुलाई-अगस्त में की जा सकती है.

बात करें बिकनी एयरलाइन्स की तो ये वियतनाम की एयर सर्विस कंपनी है. इसकी सीईओ Nguyen Thi Phuong Thao हैं, जो इसकी जबरदस्त सफ़लता के चलते वहां की पहली महिला अरबपती बन गई हैं. इस अनोखी एयरलाइन्स का विवादों से भी गहरा नाता रहा है. पिछले दिनों जब इसने अपनी नेशनल फुटबॉल टीम के लिए प्लेन के अंदर लांजरी में एयर होस्टेसेज की परेड कराई थी, तो इसकी जमकर आलोचना की गई थी.

खैर, अब ये एयरलाइन्स इंडिया में अपनी सर्विस की शुरूआत करने जा रही है, जहां अकसर किसी ना किसी एयरहोस्टेस के साथ अभद्र व्यवहार की घटना सामने आती रहती है. ऐसे में ये सवाल उठना लाज़मी है कि क्या बिकनी में कस्टमर्स की सेवा करती इन एयरहोस्टेस से किसी तरह की ओछी हरकत नहीं होगी? इस ओर भी ध्यान देनी की जरूरत है.

सस्‍ती जमीन के चक्‍कर में न करें यह गलती

चलते फिरते आपने जगह-जगह विज्ञापन देखे होंगे, जिसमें 4 से 5000 रुपए प्रति वर्ग गज के रेट से सस्‍ते प्‍लॉट ऑफर किए जाते हैं। ऐसे समय में जब 5 से 10000 वर्ग फुट के हिसाब से फ्लैट मिल रहे हों तो आपकी नजर इन ऑफर पर टिक जाती है और आप गफलत में पड़ जाते हैं कि इतने सस्‍ते प्‍लॉट का ऑफर सही है या नहीं।

आप एक बार तो इस कीमत पर जमीन खरीदने के बारे में सोचने भी लगते हैं और विज्ञापन में दिए गए नंबर पर कॉल भी करते हैं। कुछ लोग तो इस चक्‍कर में फंसकर अपनी जिंदगी भर की कमाई फंसा भी देते हैं, लेकिन ऐसे समय में यदि आपको पता हो कि विज्ञापन में दिए गए नंबर पर क्‍या-क्‍या सवाल करने हैं या प्‍लॉट खरीदने से पहले क्‍या इन्‍कवायरी कर लेनी चाहिए तो आप इस चक्‍कर में फंसने से बच सकते हैं।

आज हम आपको यही बताएंगे कि सस्‍ती जमीन या फ्लैट खरीदने से पहले आपको क्‍या-क्‍या सवाल करने चाहिए या किस तरह की पड़ताल करके आप बच सकते हैं।

कहां है जमीन ?

सबसे पहले आपको यह पता करना चाहिए कि जमीन किस इलाके में है। यानी कि आपको यह पता करना चाहिए कि जो जमीन बिक रही है, उसका लैंड यूज क्‍या है। दरअसल, सरकार द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि किस इलाके की जमीन को किस परपज के लिए इस्‍तेमाल किया जा सकता है।

जैसे कि सरकार किसी शहर या जिले को रूरल और अर्बन एरिया में डिवाइड कर देती है। अर्बन एरिया में भी कॉमर्शियल, रेसिडेंशियल या इंडस्ट्रियल एरिया को नोटिफाई किया जाता है। इसके अलावा ओपन स्‍पेस, पार्क, पब्लिक स्‍पेस के लिए भी जमीन को नोटिफाई किया जाता है।

इसी तरह रूरल एरिया में भी गांव की आबादी के लिए छोड़ी गई जमीन को लालडोरा एरिया कहा जाता है। इसके अलावा नॉन एग्रीकल्‍चरल लैंड और एग्रीकल्‍चरल लैंड में रूरल एरिया में बांटा जाता है। इन दोनों तरह की जमीन पर घर बनाने की इजाजत नहीं है।

सबसे पहले करें यह सवाल

जब आप सस्‍ती जमीन या घर खरीदना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले यह पूछना चाहिए कि जमीन रूरल एरिया में है या अर्बन एरिया में। अगर अर्बन एरिया में भी है तो सवाल करें कि जमीन आर-जोन में आती है। आर जोन का मतलब रेजीडेंशियल एरिया। यानी वहां घर बनाने की इजाजत है या नहीं।

अगर आप दुकान के लिए जमीन लेना चाहते हैं तो पता कर लें कि कॉमर्शियल लैंड यूज है या नहीं। कई शहरों में मिक्‍स लैंड यूज के तहत रेजीडेंशियल एरिया में कॉ‍मर्शियल एक्टिविटी की जा सकती है। यदि यह दोनों नहीं हैं तो इसका मतलब वह अनॉथराइज्‍ड एरिया है। हो सकता है कि वह खेती की जमीन हो और प्रॉपर्टी डीलर वहां कालोनी बसा रहे हैं।

यदि आप ऐसी जगह जमीन खरीदते हैं तो आपको आगे नुकसान हो सकता है, क्‍योंकि सरकार वहां आप घर नहीं बनाने देगी। यदि आप अवैध तरीके से घर बना भी देते हैं तो आपको जनसुविधाएं जैसे बिजली-पानी जैसी सुविधा नहीं मिलेगी।

रूरल एरिया में प्‍लॉट खरीद रहे हैं तो

अगर आप रूरल एरिया में जमीन खरीद रहे हैं तो भी आपको सतर्क रहना चाहिए। अगर जमीन लालडोरा एरिया में नहीं है तो जमीन न खरीदें। खासकर रहने या दुकान बनाने के लिए तो कतई नहीं। हां, खेती करना चाहते हैं तो जमीन खरीदने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि उसके लिए भी जमीन का मालिकाना हक सहित एग्रीकल्‍चर लैंड यूज जैसी सतर्कता तो बरतनी ही होगी। लालडोरा के अंदर जगह है तो जमीन खरीदने के बारे में सोच सकते हैं।

कैसे करें जांच

ज्‍यादातर प्रॉपर्टी डीलर सस्‍ती जमीन या फ्लैट के बारे में मौखिक पूछताछ में सच्‍चाई नहीं बताते, इसलिए जरूरी है कागजात की जांच करना। आपको जमीन का खसरा नंबर पता करना चाहिए और उसे खसरे नंबर के आधार पर राजस्‍व विभाग से पूछताछ करनी चाहिए, ताकि आप गलत जमीन न खरीदें।

19,000 रुपए में मि‍ल रहा है आईफोन, एप्‍पल के हर आइटम पर है 20,000 रुपए तक की छूट

होली बीत चुकी है। लेकि‍न ई कंपनि‍यों की ओर से छूट मि‍लने का सि‍लसि‍ला अब भी जारी है। इसी कड़ी में अमेजन पर एप्‍पल फेस्‍ट की सेल का आज है सेकंड लास्‍ट दि‍न। ऐसे में अगर आप हैं एप्‍पल के फोन और अन्‍य आइटम्‍स के दि‍वाने तो सस्‍ते डि‍वाइस खरीदने का है मौका।

क्‍योंकि‍ एप्‍पल फेस्‍ट सेल में लगभग हर फोन पर मि‍ल रही है छूट। वहीं, फोन के अलावा स्‍मार्ट वॉच और लैपटॉप पर भी मि‍ल रही है छूट। 6 मार्च को शुरू हुई यह सेल कल 12 मार्च को खत्‍म होगी। इस सेल में एप्‍पल के हर फोन पर मि‍ल रही है 4,000 रुपए से लेकर 8,000 रुपए तक की छूट।

ई-कॉमर्स कंपनि‍यों पर चल रहे इन ऑफर्स का एक फायदा और है कि‍ आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे या फि‍र ऑफि‍स से ही अपनी पसंद का सामान ऑर्डर कर सकते हैं। ई-कॉमर्स कंपनि‍यों पर चल रहे इन ऑफर्स का एक फायदा और है कि‍ आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे या फि‍र ऑफि‍स से ही अपनी पसंद का सामान ऑर्डर कर सकते हैं।

iPhone SE

  • Apple iPhone SE (Gold, 32GB)
  • कहां – अमेजन
  • क्‍या है डील
  • MRP – 26,000 रुपए
  • डील प्राइस – 18,999 रुपए
  • डि‍स्‍काउंट – 27%

iPhone 6

  • Apple iPhone 6 (Space Grey, 32GB)
  • कहां – अमेजन
  • क्‍या है डील
  • MRP – 29,500 रुपए
  • डील प्राइस – 24,999 रुपए
  • डि‍स्‍काउंट – 15%

Phone 6s

  • Apple iPhone 6S (Space Grey, 32GB)
  • कहां – अमेजन
  • क्‍या है डील
  • MRP – 40,000
  • रुपए डील प्राइस – 33,999 रुपए
  • डि‍स्‍काउंट – 15%

Phone 8 Apple

  • iPhone 8 (Space Grey, 64GB)
  • कहां – अमेजन
  • क्‍या है डील
  • MRP – 64,000 रुपए
  • डील प्राइस – 55,999 रुपए
  • डि‍स्‍काउंट – 13%

 MacBook

  • Air MQD32HN/A 13.3-inch Laptop 2017
  • कहां – अमेजन
  • क्‍या है डील
  • MRP – 77,200 रुपए
  • डील प्राइस – 56,999 रुपए
  • डि‍स्‍काउंट – 26%

Smartwatch

  • Apple Watch Series 2 38mm Smartwatch
  • कहां – अमेजन
  • क्‍या है डील
  • MRP – 36,900 रुपए
  • डील प्राइस – 25,900 रुपए
  • डि‍स्‍काउंट – 30%

इन 6 कामों के लिए कभी न करें CREDIT CARD का इस्तेमाल, दोगुना हो जाएगा आपका बिल

वैसे तो क्रेडिट कार्ड लोग का इस्तेमाल लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है, लेकिन कुछ जगह ऐसी हैं जहां अगर आप डेबिट कार्ड की जगह क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो आप पर बिल का बोझ बढ़ने के अलावा कुछ नहीं होगा।

बैंक अधिकारी का कहना है कि, पेट्रोल भरवाने के बाद आप क्रेडिट कार्ड से भुगतान न करें। अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो उसपर जीएसटी लगेगा। इससे आपको बिल पर सबकुछ जोड़कर लगभग18% तक टैक्स देना होगा।

हर छोटी जगह पर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल आपको जरूरत से ज्यादा खर्च करने के लिए मजबूर करता है। अगर क्रेडिट कार्ड को तय लिमिट से कम में स्वाइप करेंगे तो प्रोसेसिंग फीस 2% से ज्यादा देनी पड़ सकती है। यानि आपको टैक्स बिल पर तो लगेगा ही साथ ही स्वाइप करने के वक्त भी ज्यादा चुकाना पड़ेगा।

लोन या कर्ज लेते समय इसका प्रयोग न करें तो सही होगा। इससे आप अपने कर्ज पर तो टैक्स देते हैं साथ ही क्रेडिट कार्ड के बिल पर भी टैक्स देते हैं। वहीं अगर आप एक बार में क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं चुका पाए तो फिर दोबारा टैक्स देना पड़ेगा।

क्रेडिट कार्ड से एडवांस भूलकर भी लें और न ही आप इससे डेबिट कार्ड अकाउंट में पैसे डालें। इससे आप जो ब्याज दे रहे होते हैं वह दोगुना होगा। उस पर टैक्स के साथ ही ब्याज की रकम भी जुड़ जाएगी।

अगर आपके मेडिकल का बिल कम है तो आप डेबिट कार्ड से ही पेमेंट करें। इससे एक तो टैक्स ज्यादा भरना होगा साथ ही मेडिकल बिल क्रेडिट कार्ड की ईएमआई पर रखेंगे तो आपका इंट्रेस्ट जरूरत से ज्यादा बढ़ जाएगा।

कुछ भी खरीदें तो उसकी डाउन पेमेंट क्रेडिट कार्ड से न करें। इसके बदले ईएमआई लेंगे तो ज्यादा बेहतर होगा। शॉपिंग आदि में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल अधिक उपयोगी है।