रोजाना एक चम्मच मिश्री खाने से दूर हो जाएगी खून की कमी ,मिलेगा इन रोगों से छुटकारा

आजकल कई लोग खून की कमी के शिकार हैं। दरअसल उनके ब्लड में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होती है। जिसके चलते उन्हें थकान और कमजोरी महसूस होती है। इस समस्या को दूर करने के लिए मिश्री का सेवन सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है।

1.आयुर्वेद विज्ञान के अनुसार मिश्री में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो शारीरिक कमियों को दूर करने में मदद करते हैं। ये खून की कमी यानि एनीमिया की बीमारी में बेहद कारगर है। रोजाना एक चम्मच मिश्री के सेवन से ये समस्या दूर हो सकती है।

2.मिश्री में एंटी बैक्टीरियल तत्व होते हैं जो संक्रमण से बचाते हैं। इसलिए रोजाना रात को सोने से पहले आधा चम्मच काली मिर्च, एक चम्मच मिश्री और एक चम्मच घी को मिलाकर खा लें। इससे सर्दी-जुकाम ठीक हो जाएगा।

3.मिश्री का सेवन पेट के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसे एक चम्मच सौंफ के साथ अच्छे से चबाकर खाने से खाना ठीक से पचता है। इसे खाने का सही समय भोजन के बाद है।

4.मिश्री एनर्जी बढ़ाने का भी काम करती है। इसलिए रोजाना इसे सुबह नाश्ते के बाद खाने से दिनभर ताकत बनी रहती है। इससे शरीर चुस्त-दुरुस्त रहता है।

5.मिश्री खाने से मोतियाबिंद में भी राहत मिलती है। इसके लिए दिन में कम से कम तीन से चार बार मिश्री का सेवन करें।

6.जिन लोगों की याददाश्त कमजोर है उन्हें रोजाना रात में सोने से पहले दूध में मिश्री मिलाकर पीना चाहिए। इससे एकाग्रशक्ति बढ़ती है।

7.अगर किसी के नाक से खून आ रहा है या नकसीर की बीमारी हो तो इसे रोकने के लिए मिश्री खाएं।

8.कई बार मुंह में बैक्टीरिया के जमने से बदबू आने लगती है और मसूड़े भी खराब हो जाते हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए दिन में दो से तीन बार मिश्री को अच्छे से चबाकर खाएं।

9.मिश्री को दूध और छुआरे के साथ मिलाकर खाने से शारीरिक क्षमता बढ़ती है। इससे थकान और कमजोरी से छुटकारा मिलता है।

10.मिश्री खाने से शारीरिक कमियां दूर होती हैं। इससे इम्यूनिटी भी बढ़ती है। ऐसे में वायरल बुखार या अन्य बीमारियों का खतरा कम होता है।

आपके पास है यह कार्ड तो मिलेंगा 2 लाख रुपए तक का लोन सिर्फ 4% ब्याज दर पर, जानें पूरी जानकारी

खेती से जुड़े उपकरणों की खरीद के लिए किसान महाजनों या फिर बैंक से महंगे ब्याज दरों पर कर्ज लेते थे। कई बार ऐसे कर्ज चुका पाना किसानों के लिए काफी मुश्किल भरा होता था। ऐसे में किसानों के लिए ऋण लेना आसान बनाने के लिए भारत सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की शुरुआत की।

अगर आपके पास भी यह कार्ड हैं तो आपको 2 लाख रुपए तक का लोन सिर्फ 4 फीसदी ब्याजदर पर मिले जाएंगे। इस सुविधा का लाभ पशुपालक एवं मत्स्यपालक किसानों को भी दी जा रही है ।

कौन कर सकता है आवेदन

किसानी से जुड़ा कोई भी व्यक्ति चाहे वह अपने खेत में खेती करता हो या किसी और की जमीन पर किसानी करता हो, केसीसी बनवा सकता है। किसान कार्ड के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति की लोन की अवधि समाप्त होने तक न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 75 साल होना चाहिए।

60 साल से ज्यादा उम्र के आवेदक के लिए एक सह-आवेदक होना जरूरी है। यह आवेदक का नजदीकी रिश्तेदार हो सकता है। सह-आवेदक की उम्र 60 साल से कम होना जरूरी है।

 

केसीसी बनवाने के लिए यह करें

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाने के लिए किसान को स्थानीय समिति का सदस्य बनना पड़ेगा। उन्हें आवेदन फार्म भरकर संबंधित समिति को सबमिट करना होगा, इसमें ऋण पुस्तिका, फोटो, खसरा नकल आदि देना होगा। समिति द्वारा साख सेवा पत्रक दिया जाएगा।

इसके बाद बैंक द्वारा उसे ऋण जमा वितरित किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए आप अपने निकटतम बैंकों से संपर्क कर सकते हैं या फिर आप किसान काॅल सेंटर 1800-180-1551 पर फोन कर सकते हैं।

 तीन डाॅक्यूमेंट्स की होगी जरूरत

किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना है तो आपसे सिर्फ तीन डॉक्यूमेंट ही लिए जाएंगे। पहला जो व्यक्ति अप्लीकेशन दे रहा है वो किसान है या नहीं। इसके लिए बैंक उसके खेती के कागजात देखें और उसकी कॉपी लें।

दूसरा निवास प्रमाण पत्र और तीसरा आवेदक का शपथ पत्र कि उसका किसी और बैंक में लोन बकाया नहीं है। बता दें कि इस केसीसी आवेदन के लिए कोई फीस नहीं ली जाएगी।

लोन लेने के लिए आधार, पैन कार्ड, के साथ तीन फोटो की जरुरत होती है। अगर लोन एक लाख रुपए तक का है तो कोई गारंटर नहीं चाहिए, लेकिन अधिक का है तो उसके लिए गारंटर की जरुरत होती है। साथ ही, उस गारंटर के नाम पर भी ज़मीन होनी चाहिए।

जानिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें :

  • 3 लाख रुपए की सीमा तक KCC पर सभी प्रोसेसिंग शुल्क समाप्त।
  • समय पर ऋण के भुगतान पर 3 लाख रुपए की सीमा तक किसानों को 4 फीसदी के ब्याज दर पर ऋण
  • KCC पर बिना कुछ गिरवी रखे 1.60 लाख रुपए सीमा तक ऋण।
  • आवेदन करना हुआ आसान।
  • प्रमाण पत्र, नवीनतम फोटो तथा भरा हुआ आवेदन पत्र बैंक में जमा करने पर KCC जारी होगा।
  • पूर्ण आवेदन जमा होने के 15 दिनों में बैंकों द्वारा KCC जारी होगा।

डॉक्टर जानबूझकर गंदी हैंडराइटिंग क्यों लिखते हैं

आपने अक्सर देखा होगा कि डॉक्टर बड़ी खराब लिखावट लिखते हैं। ऐसा कोई एक डॉक्टर करे तो बात समझ में भी आती है लेकिन यहां तो सभी का हाल लगभग बराबर है।आप यही सोचते होंगे कि इतना पढ़ा लिखा होने के बावजूद डॉक्टरों दवाइयों का नाम गंदी हैंडराइटिंग में क्यों लिखते हैं? आखिर वे अच्छी राइटिंग में भी तो लिख सकते हैं।

इस बात को लेकर अक्सर डॉक्टरों का मजाक भी उड़ाया जाता है, लेकिन आपको जब सच्चाई पता चलेगी तो आप हैरान रह जाएंगे। दरअसल, यह कोई जोक नहीं है। आईये जानते है आखिर क्या वजह है जो डॉक्टर्स गन्दी हैंडराइटिंग में प्रिसक्रिप्शन (दवाई की पर्ची) लिखते हैं

एक सर्वे रिपोर्ट की मानें तो जब डॉक्टर्स से पूछा गया की हर डॉक्टर अपने प्रिस्क्रिप्शन में इतनी अजीब हैंडराइटिंग क्यों लिखते हैं तो उन्होंने बताया की इसके पीछे कोई बड़ा कारण नहीं है।हमने डॉक्टर बनने से पहले बहुत मेहनत की है, जिसके कारण हमें बहुत ही कम समय में बहुत सारे एग्जाम देने पढ़ते थे। इसीलिए समय बचाने के चक्कर में हम बहुत ही तेजी से लिखते है।

इस कारण ही हमारी राइटिंग बहुत अजीब हो गयी है। डॉक्टर्स का यह भी मानना है की अगर आप भी बहुत ही तेजी से लिखना शुरू कर दें तो आपको भी डॉक्टर्स द्वारा लिखी गई हैंड राइटिंग समज में आने लग जायेगी।

कहा यह भी जाता है कि हर साल 7 हजार लोगों की मौत डॉक्टर्स की गन्दी हैंडराइटिंग के कारण ही होती है, क्योंकि डॉक्टर्स जो हैंड राइटिंग लिखते है वो मेडिकल स्टोर वाले को समझ में नहीं आती है। वो सिर्फ डॉक्टर द्वारा लिखे पहले अक्षर के मुताबित ही दवाईयां देते हैं जिसके कारण बहुत बार गलत दवाई दे दी जाती है।

ये हैं जम्मू-कश्मीर के कुछ ऐसे कानून जो नहीं जानते होंगे आप

जम्मू और कश्मीर राज्य 15 अगस्त, 1947 को स्वतंत्र हुआ था. भारतीय संविधान के अनुसार जम्मू तथा कश्मीर राज्य भारतीय संघ का संवैधानिक राज्य है तथा इसकी सीमाएं भारतीय सीमाओं का एक भाग हैं. दूसरी तरफ संविधान के भाग 21 के अनुच्छेद 370 में इसे एक विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है. आइये अब जानते हैं कुछ और कानूनों के बारे में जो सिर्फ जम्मू और कश्मीर पर ही लागू होते हैं.

नहीं लागू हो सकती राष्ट्रपति शासन

जम्मू-कश्मीर राज्य पर संविधान की धारा 356 लागू नहीं होती. इस कारण यहां पर राष्ट्रपति शासन नहीं लगाया जा सकता है.

संपत्ति का अधिकार

धारा 370 के तहत भारतीय लोगों को भारत में कहीं भी भूमि खरीदने का अधिकार है. लेकिन वो जम्मू-कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सकते हैं. ये हक सिर्फ वहां के लोगों का है.

आपातकालीन प्रावधान

भारत सरकार जम्मू-कश्मीर में वित्तीय आपातकाल घोषित नहीं कर सकता है. धारा 360 यानी देश में वित्तीय आपातकाल लगाने वाला प्रावधान जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होता है.

भारतीय दंड संहिता

जम्मू-कश्मीर राज्य में रणबीर दंड संहिता (Ranbir Penal Code) या RPC एक लागू आपराधिक कोड है. भारत के संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत यहां पर भारतीय दंड संहिता लागू नहीं है.

जम्मू और कश्मीर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA)

ये अधिनियम सरकार को दो साल की अवधि के लिए परीक्षण के बिना 16 साल से ऊपर के किसी भी व्यक्ति को सजा देनी की अनुमति देता है.

आतंकवादी और असुरक्षित गतिविधियां अधिनियम (TADA)

PSA की तरह, इस अधिनियम ने भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता और अखंडता को भंग करने और भविष्य में ऐसे कृत्यों को करने के संदेह पर 1 साल तक की अवधि के लिए हिरासत की अनुमति दी है.

सशस्त्र सेना विशेषाधिकार कानून (AFSPA)

सशस्त्र सेना विशेषाधिकार कानून (AFSPA) की जरूरत उपद्रवग्रस्त पूर्वोत्तर में सेना को कार्यवाही में मदद के लिए 11 सितंबर 1958 को पारित किया गया था. जब 1989 के आस पास जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद बढ़ने लगा तो 1990 में इसे वहां भी लागू कर दिया गया था.

  • अनुच्छेद 370 के कारण भारतीय संसद राज्य की सीमाओं को बढ़ा या कम नहीं कर सकती है.
  • कश्मीर में अल्पसंख्यक हिन्दूओं और सिखों को 16% आरक्षण नहीं मिलता है. ST को जम्मू-कश्मीर में कोई आरक्षण नहीं दिया गया है, हालांकि राज्य में 11.9% ST हैं.
  • धारा 370 की वजह से कश्मीर में RTI लागू नहीं है, RTE लागू नहीं है, CAG लागू नहीं होता. भारत का कोई भी कानून लागू नहीं होता है.

गाड़ी लेने का शानदार मौका, इन कारों पर मिल रहा 2 लाख तक का डिस्काउंट

अगर आप भी नई कार खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है. 31 मार्च के बाद नया फाइनेंशियल ईयर शुरू हो जाएगा. ऐसे में कार कंपनियों की डीलरशिप नया व्हीकल लेने पर बंपर डिस्काउंट ऑफर कर रहे हैं. अलग-अलग मॉडल के हिसाब से यह डिस्काउंट दिया जा रहा है.

मारुति (Maruti) की तरफ से इग्निस (Ignis), ऑल्टो (Alto), स्विफ्ट (Swift) और 2018 Ciaz पर डिस्‍काउंट दिया जा रहा है. हुंदई भी ग्रांड आई10 (Grand i10) और Xcent पर ऑफर दे रही है. इसी तरह टाटा और टोयोटा की कारों पर भी ऑफर मिल रहा है.

मारुति सुजुकी

मारुति की कार खरीदने पर आप डेढ़ लाख रुपये तक बचा सकते हैं. कार डीलरशिप ने साल 2018 में निर्मित कारों का स्टॉक खत्‍म करने के लिए भारी छूट का ऑफर निकाला है. इस ऑफर के तहत इग्निस पर 1.10 लाख रुपये तक की छूट मिल रही है. वहीं डिजायर पर डेढ़ लाख और सियाज पर फ्लैट 1 लाख रुपये का डिस्‍काउंट है.

Hyundai

Hyundai की कारों पर आप 90 हजार रुपए तक बचा सकते हैं. एक्‍सेंट पर 40 हजार का डिस्‍काउंट है. वहीं 45 हजार रुपए का एक्‍सचेंज बोनस भी है. अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं तो 5 हजार रुपए का अतिरिक्‍त डिस्‍काउंट मिलेगा. वेरना पर कॉरपोरेट डिस्‍काउंट अलग से है.

होंडा

होंडा की कारों पर फिलहाल कोई डिस्‍काउंट नहीं है. लेकिन एक्‍सचेंज बोनस 50 हजार रुपए तक है. यह डिस्‍काउंट Honda BR-V पर है. होंडा Amaze पर 25 हजार रुपए का एक्‍सचेंज बोनस है. कंपनी कुछ वाहनों पर इंश्‍योरेंस मुफ्त दे रही है.

महिंद्रा

महिंद्र KUV100 पर 70 हजार रुपए का फ्लैट डिस्‍काउंट है. एक्‍सचेंज बोनस 30 हजार रुपए मिलेगा. कॉरपोरेट डिस्‍काउंट 4 हजार रुपए का है. फाइनेंशियल एक्‍सप्रेस की खबर के मुताबिक कंपनी मराजो पर 20 हजार रुपए का एक्‍सचेंज बोनस दे रही है.

टोयोटा

टोयोटा यारिस पर सबसे ज्‍यादा 2 लाख रुपए तक का डिस्‍काउंट मिल रहा है. डीलर 1.45 लाख रुपए का फ्लैट कैश डिस्‍काउंट के साथ 20 हजार रुपए का एक्‍सचेंज बोनस दे रही है. अगर आप कॉरपोरेट कर्मचारी हैं तो 30 हजार रुपए का और डिस्‍काउंट मिलेगा.

अगर आपके पास भी है ये ट्रैक्टर वाला नोट तो आप कमा सकते है लाखों रूपये, जानें कैसे

हमारे भारत का इतिहास बहुत ही प्राचीन और दुर्लभ है जिस वजह से पुराने ज़माने की कई ऐसे चीज़े है जिनकी उस समय में तो कोई कीमत नही थी मगर आज के समय में व्व बेशकीमती है। अक्सर आपने देखा होगा की दुनिया के कई हिस्सों में बहुत प्राचीन समय के सिक्के और नोट मिलते हैं जिनमें से कुछ ऐसे होते हैं जिन्हें बहुत ही अद्भुत बताया जाता है।

बताना चाहेंगे की ये सभी सिक्के और नोट कुछ इस बारीकी से बनाये जाते थे की इनकी जिनती भी तारीफ कर लिजिए कम ही है।मगर क्या आपको पता है कि एक समय जब इन सिक्कों और नोटों की बहुत मामूली सी कीमत हुआ करती थी आज उनकी कीमत लाखों करोड़ो में होती है।

कुछ ऐसा ही आज हम आपको बता रहे है 5 रुपये के एक नोट के बारे में जो आपको कुछ ही समय में मालामाल बना सकता है और वो भी बिना किसी मेहनत के। आपको ध्यान होगा की 5 रूपए वाला नोट दो तरह का होता है लेकिन अगर आपके पास ट्रैक्टर चलाते हुए किसान वाला नोट है तो ये एक नोट आपको 5 लाख रुपये दिला सकता है।

जी हां, आप बिलकुल सही सुन रहे है। असक्ल में इस नोट के बारे में कहा जाता है कि ये नोट-कलेक्टर्स के बीच काफी लोकप्रिय है। यह तो आप सभी जानते होंगे कि भारत में पुराने चीज़ों को खरीदने और रखने वाले शोकीनों की कमी नहीं है और वो उन चीजो कि किसी भी कीमत को देने के लिए तैयार रहते हैं।

इस नोट की खासियत ये है कि इस नोट के पिछले भाग पर एक किसान खेत में ट्रैक्टर चलाते हुए छपा हुआ है और उसी किसान के पीछे एक उगता हुआ सूरज भी नजर आ रहा है। इसके साथ ही नोट के सामने वाले भाग पर आपको अशोक स्तंभ बना हुआ दिखाई देगा। आपको बताना चाहेंगे कि इस नोट पर हल्के हरे रंग का इस्तेमाल किया गया है।

सोशल मीडिया पर यह बात आग की तरह से फैली हुई है और लगतार लोगों के बीच फैलती ही जा रही है। इस नोट के द्वारा मालामाल बनने के लिए सबसे पहले आपको बता दे की आपके नोट में कुछ खास बातों का होना बहुत जरुरी है जैसे कि आपके उस नोट पर दो बार 786 अंक लिखा हो या फिर एक ही संख्या कई बार आई हो।

कभी भी नमक डालकर ना खाएं दहीं, होते हैं ये नुक्सान

दही स्वास्थ्य का हितकारी है। यदि व्यक्ति रोज एक कटोरी दही खायेगा तो उसकी पाचन क्रिया सही रहती है। दही में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन पाए जाते हैं। लेकिन आप दही किस तरह खा रहे हैं, यह भी मायने रखता है। बहुत सारे लोग दही में नमक डाल कर खाना पसंद करते हैं।

लेकिन यहां दही और नमक से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जिसे जानकर आप हैरान हो जाएंगे। दही एक प्रकार की आयुर्वेदिक औषधि है जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद सिद्ध होती है। लेकिन दही में हमें भूल से भी नमक मिलाकर नहीं खाना चाहिए। दही को हमेशा मीठी चीजों जैसे कि चीनी, गुड़, बूरा, मिश्री आदि के साथ खाना चाहिए।

दही में ऐसे कई बैक्टीरिया मौजूद होते हैं जिसे किसी मैग्निफाइंग ग्लास के साथ या लेंस के साथ देखें तो हमें उस पर हजारों बैक्टीरिया तैरते नजर आएंगे। गौरतलब है कि यह सभी बैक्टीरिया जीवित अवस्था में आपको दिखाई देंगे। यह सभी बैक्टीरिया हमारे शरीर में प्रवेश करके एंजाइम प्रोसेस को काबू में रखते हैं जिससे भोजन जल्दी पच जाता है और पेट से जुड़ी कई प्रकार की समस्याएं दूर रहती हैं।

लेकिन यदि आप दही में नमक मिला देंगे तो सारे जीवित बैक्टीरिया मर जाएंगे जो कि बैक्टीरियल गुणों को खत्म कर देंगे और इस तरह का दही खाना हमारे किसी काम का नहीं रहेगा। लगभग एक कप दही में भी करोड़ों जीवाणु मौजूद रहते हैं जिनका आपके पेट के अंदर जाना काफी फायदेमंद साबित होता है। मगर एक चुटकी भर नमक भी इन सारे गुणों को नष्ट करने की ताकत रखता है।

दही में ऐसी चीजें मिलानी चाहिए जिससे जीवाणुओं की संख्या में वृद्धि हो, ना कि ऐसी चीजें जो इनकी संख्या घटाये। इसलिए जब भी आप दही खाएं उसमें कुछ मीठा अवश्य मिलाएं। दही में चीनी या गुड़ डालकर खाने की आदत डालें। यह दही में जीवाणुओं की संख्या को बढ़ा देगा। वहीं मिश्री के साथ खाया गया दही सबसे बेहतर होता है और शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है|

इस जगह किसानों के उत्पादों की है बड़ी डिमांड, दो हज़ार रूपये किलो बिकता है देसी घी

कुदरती खेती किसान समूह से जुड़े किसानों ने खास नजीर पेश की है। ‘कुदरती खेती किसान समूह’ नौगांवा से जुड़े प्रगतिशील किसानों के खेतों से तैयार होने वाले जैविक उत्पादों की गुरुग्राम के पॉश इलाकों में इस हद तक मांग आन बनी हैं कि वहां के लोग सामान खरीदने के साथ इन्हें भगवान का दर्जा तक देने लगे हैं।

ऐसा समूह से जुड़े नौगांव के प्रगतिशील किसान प्रवीण आर्य ने बताया। सुशांत लोक सहित गुरुग्राम की अन्य कई पॉश कॉलोनियों में इन्हें शनिवार एवं रविवार के दिन विशेष तौर पर उत्पादों को बेचने के लिए आमंत्रित किया जाता है। दाम भी बाजार भाव से ज्यादा मिलता है।

दरअसल, पिछले चार माह से समूह की टीम अब प्रशिक्षण देने का काम भी करने लगी है। गुरुग्राम स्थित एक निजी स्कूल में पढऩे वाले पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को विशेष तौर पर जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एक माह में तीन से चार दिन चलने वाली इन कक्षाओं के लिए बकायदा, इन्हें 2-2 हजार रुपये प्रतिदिन के मुताबिक भुगतान किया जा रहा है।

स्कूल के विद्यार्थियों को जैविक खेती और उत्पादों से जोडऩे की दिशा में फरुखनगर क्षेत्र में फार्म हाऊस भी बनाया है, जिसमें टीम के सदस्य पहुंचते हुए प्रशिक्षण दे रहे हैं। जैविक खेती से तैयार पैदावार की किसानों को तीन गुणा अधिक तक कीमत मिल सकती है। बस, किसानों को इससे जुड़ते हुए संयम बरतना होगा।

ऐसा कर दिखाया है कि ‘कुदरती खेती किसान समूह’ से जुड़े किसानों ने। जो कि वर्ष 2015 से गुरुग्राम के बाजार में अपने उत्पादों के बूते खास पहचान स्थापित कर चुके हैं।पहले सिर्फ सप्ताह में एक दिन अपने उत्पादों को गुरुग्राम की मंडी में बेचने वाले किसान अब दो दिन तक जाने लगे हैं। एक ही दिन में 50 हजार रूपये तक की इनकी बिक्री हो जाती है।

जिसमें मुख्य तौर पर किन्नू, गाजर, मूली, पालक, मेंथी, धनिया, बाजरे के बिस्कुट, लड्डू, देसी घी गाय आदि शामिल है। किसान प्रवीण ने बताया कि वे अपने खेतों में तैयार दाल और तेल 200 रुपये लीटर, गाजर 60 रूपये, मूली 50, पालक 120 रुपये, धनिया 120, देसी गाय का घी 2 हजार रुपये तक बेच रहे हैं।

अब भारत में करें काले टमाटर की खेती ,शुगर के मरीजों के लिए है रामबाण

आगर आपसे कोई पूछे कि क्या आपने काले टमाटर के बारे में सुना है, तो ज्यादातर लोगों का जवाब नहीं में होगा। अपने आप में खास इस टमाटर को काफी पसंद किया जा रहा है और अब इसके बीज भारत में भी उपलब्ध हैं। अंग्रेजी में इसे इंडि‍गो रोज़ टोमेटो कहा जाता है। पहली बार भारत में काले टमाटर की खेती होने जा रही है।

हिमांचल प्रदेश के सोलन जिले के ठाकुर अर्जुन चौधरी बीज विक्रेता हैं। अर्जुन चौधरी के पास काले टमाटर के बीज उपलब्द हैं। उन्होंने बताया, ”मैने काले टमाटर के बीज ऑस्ट्रेलिया से मंगवाए हैं। इसकी खेती भी लाल टमाटर की तरह ही होती है।

इसके लिए कुछ अलग से करने की जरूरत नहीं होगी।” उन्होंने ने बताया, ”अभी तक भारत में काले टमाटर की खेती नहीं की जाती है, इस वर्ष पहली बार इसकी खेती की जाएगी।” काले टमाटर के बीज का एक पैकेट जिसमें 130 बीज होते हैं 110 रुपए का मिलता है।

यह टमाटर भारत में पहली बार उगया जाएगा।

काला टमाटर की नर्सरी सबसे पहले ब्रिटेन में तैयार की गई थी, लेकिन आब इसके बीज भारत में भी उपल्बध हैं। किसान इसके बीज ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं।

अर्जुन चौधरी ने इसकी खासियत बताते हुए कहा, ”इसकी खास बात यह है कि इसकों शुगर और दिल के मरीज भी खा सकते हैं।” यह बाहर से काला और अंदर से लाल होता है। इसको कच्‍चा खाने में न ज्यादा खट्टा है न ज्यादा मीठा, इसका स्वाद नमकीन जैसा है।

यह बाहर से काला और अंदर से लाल होता है।

”यह टमाटर गर्म क्षेत्रों के लिए अच्छे से उगाया जा सकता है। ठंढे क्षेत्रों में इसे पकने में दिक्कत होती है,” अर्जुन चौधरी बताते हैं, ”क्योंकि यह टमाटर भारत में पहली बार उगया जा रहा है इस लिए इसके रेट भी अच्छे मिलेंगे।”

इसको पकने में करीब चार महीने का समय लगता है।

उन्होंने बताया कि जनवरी महीने में इसकी नर्सरी की बुवाई की जा सकती है और मार्च के अंत तक इसकी नर्सरी की रोपाई की जा सकती है। यहा टमाटर लाल टमाटर के मुकाबले थोड़ा देर से होता है। लाल टमाटर करीब तीन महीने में पक कर निकलना शुरू हो जाता है और इसको पकने में करीब चार महीने का समय लगता है।

शुगर के मरीजों के लिए है रामबाण

अगर आप शुगर से लड़कर थक चुके हैं तो काला टमाटर आपके लिए रामबाण साबित हो सकता है। इस टमाटर को जेनेटिक म्यूटेशन के द्वारा बनाया गया है। काले टमाटर में फ्री रेडिकल्स से लड़ने की क्षमता होती है। फ्री रेडिकल्स बहुत ज्यादा सक्रिय सेल्स होते हैं जो स्वस्थ सेल्स को नुकसान पहुंचाते हैं। इस तरह ये टमाटर कैंसर से रोकथाम करने में सक्षम है।

ये टमाटर आंखों के लिए भी बहुत फायदेमंद हैं। ये शरीर की विटामिन ए और विटामिन सी की जरुरत को पूरा करता है। विटामिन ए आंखों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।अगर आप नियमित रूप से काले टमाटरों का सेवन करते हैं तो आप दिल से जुड़ी बीमारियों से भी बचे रह सकते हैं। इसमें पाया जाने वाले एंथोसाइनिन आपको हार्ट अटैक से बचाता है और आपके दिल को सुरक्षा प्रदान करता है।

ये है दुनिया की सबसे महंगी कार, जानें इसमें ऐसा क्या है जो बनाता है इसे सबसे महंगा

Geneva Motor Show 2019 में वैसे तो लगातार एक से बढ़कर एक कार पेश हो रही हैं, लेकिन बुधवार को एक ऐसी कार पेश हुई जिसे खरीदने से पहले अंबानी और अडानी जैसे रईसों को भी न सिर्फ सोचना पड़ेगा बल्कि फिलहाल ये कार वो चाहकर भी नहीं खरीद पाएंगे।

हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि मोटर शो में इसकी झलक दिखाने से पहले ही इस कार की बुकिंग हो चुकी थी ।हम बात कर रहे हैं फ्रांस की सुपरकार निर्माता बुगाती की लेटेस्ट कार Bugatti La Voiture Noire. इस कार को दुनिया की सबसे महंगी कार बताया जा रहा है।

आपको बता दें कि 87 करोड़ रूपए की कीमत वाली शानदार लुक और दमदार परफॉर्मेंस वाली यह कार बिक भी चुकी है। चलिए आपको बताते हैं कि इस कार में ऐसा क्या खास है-

लुक्स और डिजाइन– इस नई सुपर स्पोर्ट्स कार का फ्रंट लुक काफी अग्रेसिव है, सबसे खास बात ये है कि इस कार के सभी कंपोनेन्ट हैंडक्राफ्टेड हैं। कार के रियर में ग्रिल जैसा लुक दिया गया है और टेललाइट्स एक किनारे से दूसरे किनारे तक हैं। ध्यान देने लायक बात ये है कि इस कार की ग्रिल बुगाती चिरॉन या वेरॉन से ज्यादा शानदार नजर आ रहा है।

स्पीड– सुपर कार्स को उनकी स्पीड के लिए जाना जाता है तो आपको बता दें कि इस कार की टॉप स्पीड 420 किलोमीटर प्रति घंटा है, और ये मात्र 2.4 सेकंड्स में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है।

बुगाती की इस नई कार में चिरॉन वाला 8-लीटर, 16-सिलिंडर इंजन दिया गया है। जो1479 bhp का पावर और 1600 Nm पीक टॉर्क जनरेट करता है।

कीमत– हम पहले ही बता चुके हैं कि इस कार की कीमत 87 करोड़ है लेकिन ये इस कार की केवल शो-रूम कीमत हैं। इसकी ऑनरोड कीमत इससे भी काफी ज्यादा होगी। बुगाती सिर्फ एक La Voiture Noire कार बनाएगी, जो बिक चुकी है, लेकिन इसके खरीदार का नाम अभी तक सामने नहीं आ पाया है।