इस तारीख तक 3 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ सकती हैं पैट्रोल-डीज़ल की कीमतें, ये है कारण

लोकसभा चुनाव के बाद आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल आपको एक बड़ा झटका देने वाला है। सोमवार को पेट्रोल की कीमतों में 7 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद अब कच्चे तेल की कीमतों में इजाफे से देश में पेट्रोल-डीजल के भाव में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।

दरअसल, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई में लगातार दबाव देखने को मिल रहा वहीं ओपेक देशों ने भी उत्पादन में कटौती कर दी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफे का दौर आ सकता है।

साढ़े तीन महीने में 4 रुपए तक बढ़ चुके हैं दाम

साल 2019 की शुरुआत से ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफे की बात करें तो अब तक पेट्रोल का भाव 4 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ा है। पेट्रोल की कीमतों में रोजाना 25 से 30 पैसे प्रति लीटर की औसतन वृद्धि हुई है।

1 जनवरी को राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल का भाव 68.65 रुपए था जो कि सोमवार यानी 14 अप्रैल को बढ़कर 72.98 रुपए प्रति लीटर हो गया है। इसी प्रका डीजल ?ल की कीमतों पर नजर डालें तो 1 जनवरी को दिल्ली में इसका भाव 62.66 रुपए प्रति लीटर था।

सोमवार को यह भी 66.26 रुपए प्रति लीटर हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत में आयात होने वाला ब्रेंट क्रुड ऑयल का भाव इस साल अब तक 30.26 फीसदी तक बढ़ चुका हैं। 1 जनवरी को ब्रेंट का भाव जहां 54.14 डॉलर प्रति बैरल था वो अब बढ़कर 71.55 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।

ऐसे हो सकता है 3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा

एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करंसी) अनुज गुप्ता का मानना है कि सऊदी अरब समेत अन्य तेल उत्पादक देश कच्चे तेल की कीमतों को नियंत्रित रखना चाहते हैं। वो नहीं चाहते हैं कि क्रुड ऑयल का भाव 44 या 45 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच जाए और इससे उनकी अर्थव्यवस्था प्रभावित हो।

इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती करने का फैसला लिया है। आने वाले समय में इस कटौती को जारी रखा जा सकता है। क्रुड ऑयल के भाव में अगर यह बढ़ोतरी जारी रहती है तो आगामी 1.5 से 2 महीनों में ब्रेंट क्रुड का भाव 76 से 78 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच सकता है।

ऐसे में भारतीय घरेलू बाजार में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतो में 3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा हो सकता है। हालांकि, चुनाव के मद्देनजर घरेलू तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल-डीजल के भाव में कुछ खास बढ़ोतरी नहीं कर रही हैं।