केवल 2.50 लाख में लगाएं पोहा बनाने की यूनिट,सरकार देगी 90 फीसदी लोन

पिछले कुछ सालों में पोहा खाने का चलन काफी बढ़ गया है। पोहा को न्यूट्रिटिव फूट माना जाता है और पिछले कुछ सालों में न्‍यूट्रिशन के प्रति लोगों में काफी जागरूकता बढ़ी है। पोहा को ज्‍यादातर ब्रेकफास्‍ट के रूप में खाया जाता है।

इसे बनाना और पचाना दोनों आसान है। यही वजह है कि पोहा का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे समय में आप पोहा मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट लगाकर अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं। खादी एंड विलेज इंडस्‍ट्रीज कमीशन द्वारा तैयार की गई प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल रिपोर्ट के मुताबिक, पोहा मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट के प्रोजेक्‍ट की कॉस्‍ट लगभग 2 लाख 43 हजार रुपए आती है और सरकार आपको 90 फीसदी तक लोन भी प्रोवाइड कराती है।

यदि आप काफी कम इन्‍वेस्‍टमेंट में कोई अच्‍छा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो पोहा बनाने की यूनिट लगाना एक अच्‍छा बिजनेस हो सकता है। आइए आज हम आपको बताते हैं कि यह बिजनेस कैसे शुरू किया जा सकता है और आपको इसका क्‍या फायदा होगा।

कितना आएगा खर्च

खादी कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक, मात्र 2.43 लाख रुपए के इन्‍वेस्‍टमेंट से यह बिजनेस शुरू कर सकते हैं। लगभग 500 वर्ग फुट के स्‍पेस में आप यह यूनिट लगा सकते हैं। इस पर आपको लगभग 1 लाख रुपए खर्च करने होंगे। वहीं आपको पोहा मशीन, सिव्स, भट्टी, पैकिंग मशीन, ड्रम आदि पर लगभग एक लाख रुपए खर्च होगा। इस तरह आपका कुल कैपिटल एक्‍सपेंस 2 लाख रुपए होगा, जबकि वर्किंग कैपिटल के तौर पर केवल 43 हजार रुपए खर्च होंगे।

कितनी होगी कमाई

प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोजेक्‍ट शुरू करने के बाद आपको रॉ मैटिरियल लेना होगा। इस पर आपको लगभग 6 लाख रुपए का खर्च आएगा। इसके अलावा आपको लगभग 50 हजार रुपए खर्च करने होंगे। इस तरह आप लगभग 1000 क्विटंल पोहा का प्रोडक्‍शन करेंगे। जिस पर कॉस्‍ट ऑफ प्रोडक्‍शन 8 लाख 60 हजार रुपए आएगी। आप 1000 क्विंटल पोहा लगभग 10 लाख रुपए में बेचा जा सकता है। यानी कि आपको लगभग 1 लाख 40 हजार रुपए की कमाई हो सकती है।

कैसे मिलेगा लोन

अगर आप केवीआईसी की इस रिपोर्ट के मुताबिक प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट तैयार करते हैं और ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत लोन अपलाई करते हैं तो आपको लगभग 90 फीसदी लोन मिल सकता है। केवीआईसी द्वारा हर साल विलेज इंडस्‍ट्री को प्रमोट करने के लिए लोन दिया जाता है। आप भी इसका फायदा उठा सकते हैं।

Source: Money Bhasker