सावधान ! अब अगर मोबाइल फोन पर देखा पॉर्न तो जाना पड़ सकता है जेल

देश की अधिकतर टेलीकॉम कंपनियों ने कई लोकप्रिय पॉर्न साइट्स को बंद कर दिया है। इनमें Jio, airtel और vodafone जैसी कंपनियां शामिल हैं। ऐसा साइबर क्राइम और चाइल्ड पॉर्नोग्राफी को खत्म करने के लिए किया गया है। लेकिन देश में पॉर्न देखने पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है।

ऐसे में कई यूजर्स बैन किए गए पॉर्न साइट्स को भी वीपीएन और प्रॉक्सी जैसी तरकीबों से देख ले रहे हैं। अगर आप भी कुछ ऐसा ही कर रहे हैं तो आप एक बड़ी मुसीबत में पड़ सकते हैं।बता दें देश में पॉर्न देखना गैरकानूनी तो नहीं है लेकिन चाइल्ड पॉर्नोग्रफी देखना अपराध है और ऐसा करने पर निश्चित तौर पर सख्त कार्रवाई होगी।

इसी तरह, रिवेंज पॉर्न देखना, सर्कुलेट करना भी आपको बड़ी मुश्किलों में ला सकता है। ऐसे में इस तरह का कोई काम आप ना ही करें। बता दें डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम (DOT) ने साल 2015 में इंटरनेट सर्विस प्रवाइडरों से 857 वेबसाइटों को बैन करने का आदेश दिया था। हालांकि, आलोचनाओं के बाद सरकार ने बाद में पॉर्न बैन पर ढील दी।

इसके बाद जिन वेबसाइटों पर चाइल्ड पॉर्नोग्रफी की सामग्री नहीं थीं, उनसे प्रतिबंध हटा लिया गया था। सरकार ने पॉर्न वेबसाइटों पर प्रतिबंध का यह फैसला तब लिया जब एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि ऑनलाइन पॉर्न की वजह से सेक्स क्राइम को बढ़ावा मिल रहा है।

कई लोकप्रिय पॉर्न साइट्स को बैन करने के बाद भी लोग इस तक पहुंच बनाने में कामयाब इस लिए भी हो पा रहें हैं। क्योंकि, एक तरह JIO, Vodafone और Airtel जैसे बड़ी कंपनियां सरकार के फैसले को मानते हुए अपने नेटवर्क पर इन साइट्स को बंद कर दिया है

तो वहीं कई साइट्स अभी भी चाइनीज मोबाइल इंटरनेट कंपनी UCWeb’s UC ब्राउजर पर एक्सेसबल हैं। बात दें कि भारत नें ज्यादातर लोग चाइनीज मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं ऐसे में इन साइट्स को बैन करने के बाद भी ज्यादा लाभ नहीं मिलेगा।