आप भी RO वाटर प्यूरीफायर करते हैं इस्तेमाल, तो पानी फिल्टर करने वाले इस पार्ट पर हमेशा रखें नजर

आपके घर में RO वाटर फिल्टर यूज होता है तब उसके फिल्टर का साफ रहने बहुत जरूरी है। फिल्टर कार्ट्रिज 6 महीने में खराब हो जाती है। यदि इसे समय रहते चेंज नहीं किया गया तब मशीन के दूसरे पार्ट्स जैसे मेम्ब्रेन और फिल्टर खराब हो जाते हैं।

फिल्टर कार्ट्रिज को घर पर ही आसानी से चेंज किया जा सकता है। ऐसे में आपके सर्विस के पैसे भी बच जाएंगे। इसके लिए कार्ट्रिज बॉक्स को खोलकर पुरानी कार्ट्रिज निकाल लें।

यदि कार्ट्रिज पीली पड़ चुकी है तब उसे तुरंत चेंज कर देना चाहिए। साथ ही, नई कार्ट्रिज डालने से पहले बॉक्स का गंदा पानी भी हटा लें। इसको चेंज करने के लिए वीडियो देखें।

ऐसे चेक करें पानी फिल्टर है या नहीं

आपके घर में यूज होने वाला वाटर प्यूरिफायर का पानी फिल्टर है या नहीं, इस बात का पता पानी के TDS (टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड) लेवल से पता लगा सकते हैं। दरअसल, पानी फिल्टर होने के बाद उसका TDS 100 से 50 के बीच में रखा जाता है।

कई लोग इसे 10 से 15 तक भी करा लेते हैं। ऐसे में यदि पानी का TDS कम नहीं हो रहा है तब वो फिल्टर नहीं है। TDS चेक करने वाला मीटर 200 रुपए से भी कम में आ जाता है।

बीमार होने का भी खतरा

अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर नीरज जैन ने बताया कि यदि प्यूरीफायर का पानी फिल्टर नहीं है, तब उससे कई सारी बीमारियां भी हो सकती हैं।

  •  पानी में कैल्शियम ज्यादा जा रहा है, तब लिवर या किडनी में स्टोन बन सकता है।
  • हार्ड पानी पीने से डाइजेशन खराब होना, पेट में दर्द, कब्ज होने की प्रॉब्लम भी शुरू हो जाएगी।
  •  बाल झड़ने की प्रॉब्लम भी शुरू हो जाएगी।
  •  प्यूरीफायर में UV (अल्ट्रावाइलेट प्यूरिफिकेशन) का इस्तेमाल बैक्टीरिया मारने के लिए किया जाता है, ऐसे में बैक्टीरिया ही नहीं मर रहे तब ज्वाइंडिस जैसी जानलेवा बीमारी भी हो सकती है।