किसान ने इस तकनीक से 40 डिग्री तापमान में उगा दिया केसर, वैज्ञानिक भी रह गए हैरान

कश्मीर की ठंडी वादियों में ही नहीं, बल्कि झुलसा देने वाली गर्मी में भी केसर उगाया जा सकता है। गर्मियों में 40 डिग्री औसतन तापमान वाले हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में एक प्रगतिशील किसान ने यह कर दिखाया है। खास बात यह है कि इंटरनेट की मदद से जानकारी जुटाकर लगाए अमेरिकन केसर से जगतपाल के खेत लहलहा रहे हैं।

जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर पलथी गांव के जगत ने बेटे अनिल शर्मा और अंकुश के सहयोग से तीन बीघा जमीन पर केसर के पौधे तैयार कर दिए हैं। अब इनमें केसर की पत्तियां आने लगी हैं। जगत पाल ने बताया कि उन्होंने इंटरनेट के माध्यम से राजस्थान के एक एजेंट से केसर के तीन तरह के बीज मंगवाए। बीज कश्मीर, राजस्थान और अमेरिकन केसर के थे।

कश्मीरी और राजस्थानी केसर के पौधे तो उग आए, लेकिन उनकी जड़ों में फंगस लग गया। इससे सारी फसल खराब हो गई। इसके बाद उन्होंने अमेरिकन केसर के बीज लगाए और इसकी पूरी देखभाल इंटरनेट से जानकारी जुटाकर की।

अब अमेरिकन केसर की फसल तैयार हो गई। केसर के फूल निकलना शुरू हो गए हैं। 20 दिन बाद सारे फूल निकालकर राजस्थान की एक निजी लैब में भेजेंगे। अगर सैंपल सही रहे तो 1 लाख प्रति किलो की दर से राजस्थान की निजी कंपनी इसकी कीमत देगी।

केसर को जांचने पहुंचेंगे विशेषज्ञ

कश्मीर के केसर की गुणवत्ता पूरे विश्व में सबसे बेहतर मानी गई है। बिलासपुर में लगे केसर की गुणवत्ता जांचने जल्द यहां विशेषज्ञ पहुंचेंगे। सैंपलों की जांच माउंट कृषि रिसर्च एंड एक्सटेंशन सेंटर सांगला जिला किन्नौर में करेंगे। अगर इसकी गुणवत्ता कश्मीरी केसर की तरह होती है तो मार्केट में इसकी कीमत 3 लाख रुपये प्रति किलो के हिसाब से होगी।

जहां बारिश कम होती है, वहां केसर की खेती की संभावनाएं होती हैं। अगर केसर की गुणवत्ता सही रही तो सरकारी दामों के अनुसार 1 लाख 80 हजार प्रति किलो के हिसाब से इसकी खरीदारी भी होगी। गर्म जलवायु में केसर पैदा करना बड़ी बात है। अगर ऐसा हुआ है तो केसर पर रिसर्च करने वाले एक्सपर्ट से बात की जाएगी और केसर की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।