5 लाख में शुरू करें मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर, मंथली हो सकती है 40 हजार तक इनकम

देश में मोबाइल यूजर्स की संख्या करीब 77 करोड़ से ज्यादा है। लोगों की जरूरत बन चुका मोबाइल अब रोजगार के नए-नए अवसरों का जरिया भी बन गया है। मोबाइल रिपेयरिंग भी इन्हीं में से एक है। आप मोबाइल रिपेयरिंग को सफल स्वरोजगार के रूप में अपना सकते हैं।

मोबाइल रिपेयरिंग एक ऐसा काम है, जो कम से कम खर्चे पर कारोबार स्थापित करने में मदद तो करता ही है, साथ ही अच्छी कमाई का भी जरिया बन जाता है। अगर आप मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर (Mobile repairing centre) खोलना चाहता है तो 5 लाख रुपए का इन्‍वेस्‍टमेंट कर हर महीने 40 हजार रुपए तक कमा सकते हैं।

यहां से ले सकते हैं ट्रेनिंग

सैमसंग इंडिया ने देश भर में 21 सैमसंग टेक्निकल स्कूल खोले हैं। मिनिस्ट्री ऑफ एमएसएमई के साथ मिलकर सैमसंग ने 10 ट्रेनिंग स्कूल खोला है। वहीं दिल्ली, बिहार, केरला, राजस्थान और बंगाल सरकार की साझेदारी से ITIs में 10 स्कूल खोले हैं।

इन टेक्निकल स्कूल में सैमसंग के ऑथोराइज्ड ट्रेनर्स मोबाइल रिपेयरिंग की ट्रेनिंग देते हैं। इसमें मॉर्डन टूल्स, मॉर्डन टेस्ट इक्विप्मेंट्स के जरिए लोगों को ट्रेनिंग दी जाती है। आप भी यहां से ट्रेनिंग लेकर अपना खुद का मोबाइल रिपेयरिंग का सेंटर खोल सकते हैं।

शुरू करें अपना रिपेयरिंग सेंटर

ट्रेनिंग लेकर आप अपना रिपेयरिंग सेंटर शुरू कर सकते हैं। इस काम में भी सरकार आपकी मदद कर सकती है। रिपेयरिंग सेंटर शुरू करने के लिए करीब 5 लाख रुपए की जरूरत पड़ेगी। आप बैंक से लोन भी ले सकते हैं।

माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसमई) सेक्‍टर को सरकारी योजनाओं के तहत 10 करोड़ रुपए तक का लोन दिया जाता है।

हर महीने कर सकते हैं 40 हजार तक इनकम

यदि आप अपनी कैपेसिटी का पूरा यूटिलाइजेशन कर पाते हैं यानी कि आप दिन भर में 10 फोन रिपेयर कर पाते हैं और एक फोन के रिपेयर का चार्ज औसतन 500 रुपए लिया जाता है। अगर आप साल भर में 300 दिन सर्विस सेंटर खोलते हैं तो आपकी कुल सेल्‍स लगभग 15 लाख रुपए आएगी।

वहीं मटेरियल और दो कर्मचारियों का खर्च सालाना लगभग 10 लाख रुपए तक आएगा। यानी कि आप साल भर में अपने लिए 5 लाख रुपए तक बचा सकते हैं।