WWE की फाइट असली होती है या नकली, जाने असली सच

रेस्लिंग को लेकर सबके दिमाग में कई सवाल चलते रहते हैं. ज्यादातर लोग रेस्लिंग मैच को नकली या फिक्स कहते हैं. यह बात वो लोग ज्यादा कहते हैं जो WWE कम ही देखते हैं. WWE एक Hollywood और Bollywood मूवी की तरह है, इसमें ड्रामा, कॉमेडी और एक्शन सब कुछ होता है. इसमें कुछ ऐसे राज़ हैं जो शायद ही किसी को पता होंगे. आज हम आपको  बतायेंगे कि कैसे होती हैं WWE Fight Fix.

कैसे फिक्स होती है WWE

आम लोगों को लगता है की रिंग इस तरह से बनाई जाती है कि रेसलर्स को लड़ते हुए कोई दर्द ही नहीं होता है. एक हद तक यह बात सही भी है, लेकिन फिर हथियारों के इस्तेमाल की तरह रिंग पर भी रेसलर को अच्छी ट्रेनिंग दे जाती है. सफ़ेद दिखने वाली सतह के ऊपर सफ़ेद रंग की मैट के नीचे लकड़ी होती है.

यह लकड़ी स्प्रिंग के साथ इस तरह से लगाई जाती है की चोट कम लगे. इसके साथ ही रिंग के नीचे माइक लगाया जाता है ताकि रेसलर्स की आवाज़ आसानी से आए.

WWE में क्या सच में लगती हैं चोटें

स्टंट्स की खास ट्रेनिंग के बावजूद रेसलर्स चोटिल भी हो जाते हैं. लेकिन यह चोटें मामूली होती हैं पर एंटरटेन्मेंट के लिए इसे बढ़ा -चढ़ाकर दिखाया जाता है.

कभी-कभी ये चोटें आसान से मूव से लग जाती हैं. एक बार तो मिक फोलि की रीढ़ की हड्डी ऊपर से कूदने से टूट गई थी. स्ट्रेचर तो कभी-कभी छोटी सी चोट पर ही बुला ली जाती है, लेकिन ज़्यादातर ये मैच को गंभीर दिखाने के लिए ऐसे ही बुलाई जाती है.

WWE में क्या सच में लड़ते हैं रेसलर

यह पता लगाने का कि रेसलर सही में चोटिल है या नहीं, आप रेफ्री की शक्ल देखकर इसका पता लगा सकते हैं. अगर चोट असली है तो रेफ्री बैकस्टेज देखेगा और X का निशान अपने हाथों से बनाएगा. इसका मतलब है रेसलर सही में चोटिल है.

फाइट के दौरान रेसलर्स को अपने अपोनेंट की हर हरकत और उसके अगले मूव की जानकारी होती है. कई बार दोनों खुद एक दूसरे को इसकी हिंट देते हैं. मूव्स की ट्रेनिंग के दौरान रेसलर्स को ये सिखाया जाता है जिससे वे किसी बड़ी चोट से बच सके. इसे स्पॉट कालिंग कहते हैं.

फिक्स होता है WWE मैच का विनर

मैच का रिज़ल्ट हमेशा पहले से ही फिक्स होता है. विनर इस बात पर चुना जाता है कि लोग कैसे रिएक्ट करेंगे. 60 परसेंट मैच रिहर्स किए जाते हैं,रेसलर्स, रेफ्री यहां तक की कोमेनटेटर को भी सब पता रहता है.

क्या सच में निकलता है खून

सच यह है की जो खून हम मैच के दौरान देखते हैं वो 100% असली होता है. दरअसल होता यह है कि रेफ्री अपने पास से रेसलर्स को ब्लेड देता है और फिर वो अपने माथे को थोड़ा सा काट लेते हैं. बाद में रेसलर खुद इस खून को फैला लेता है. इसे Blood Wipping कहते हैं.