इस तकनीक से अब आप फ्री में चला सकेंगे अपनी पुरानी कार, नहीं पड़ेगी पेट्रोल-डीज़ल की जरूरत

पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं जिसके कारण बहुत से लोगों ने कार पर ज्यादा दूर जाना काफी कम कर दिया है। मिड्ल क्लास लोग इलेक्ट्रिक कार नहीं खरीद पाते क्योकि वो काफी महंगी हैं, और पुराणी डीज़ल और पेट्रोल गाड़ियों के फ्यूल पे बहुत खर्चा होता है। लेकिन अब आपको जल्द ही इस समस्या से छुटकारा मिलने वाला है।

आपको बता दें कि डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से आम लोगों को निजात दिलाने के लिए देहरादून के भारतीय पेट्रोलियम संस्थान के वैज्ञानिकों ने पुरानी कार के इंजन को बदलकर एक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को शुरू किया है। इसी तकनीक की मदद से भारतीय पेट्रोलियम संस्थान के कैंपस में पुरानी कार को इलेक्ट्रॉनिक कार में बदल कर चलाया जा रहा है।

Advertisement

इन वैज्ञानिकों ने बताया कि वो करीब 3 साल से कड़ी मेहनत कर रहे थे जिसके बाद अब वो इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि उन्होंने पेट्रोल और डीजल से चलने वाली पुरानी कारों को इलेक्ट्रॉनिक कार में बदलने में कामयाबी हासिल कर ली है। इस तकनीक की मदद से लोग बहुत आसानी से बिजली और सोलर ऊर्जा से कार को चार्ज कर आसानी से चला सकेंगे।

सबसे बड़ी बात ये है कि इस तकनीक से चलने वाली कार न तो वायु प्रदूषण करेगी और न ही कार को चलाने के लिए डीजल और पेट्रोल डालना पड़ेगा। वैज्ञानिकों द्वारा अभी तक इस कार को 60 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से चलाया जा रहा है। लेकिन साथ ही वैज्ञानिकों का ये भी कहना है कि इस कार की स्पीड आने वाले दिनों में और भी बढ़ेगी।

इस कार में दी गयी बैटरी को फूल चार्ज करने में 12 घंटे का समय लगेगा। इंजन की बात करें तो इस कार में 48 बोल्ट का इंजन लगाया गया है जो फ़िलहाल 60 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से चल रहा है। ऐसे ही इस कार के इंजन में बैटरी के हिसाब से ही इसकी स्पीड को बढ़ाया जा सकेगा और आसानी से बैटरी को रिचार्ज भी किया जा सकेगा।

जैसे कि आप जानते हैं कि फ़िलहाल इलेक्ट्रिक कारें बहुत महंगी होने के कारण बहुत से लोग खरीद नहीं पाते, लेकिन डीजल और पेट्रोल के मुकाबले इलेक्ट्रॉनिक कार काफी किफायती साबित हो सकती है। वैज्ञानिकों ने जिस तरह से पुरानी डीज़ल और पेट्रोल कार को इलेक्ट्रॉनिक कार में तब्दील करने में बनाने में कामयाबी हासिल की है, इस से ये उम्मीद जगी है कि अब इलेक्ट्रॉनिक कार का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होगा और आने वाले समय में इलेक्ट्रॉनिक कारें काफी सस्ती होने वाली हैं।