अगर बिजली का बिल आता है ज्यादा तो करो ये सेटिंग

बहुत से लोग बिजली के बिल से काफी परेशान रहते हैं और इसे कम करने के नए नए तरीके ढूंढ़ते रहते हैं। आप को बता दें कि ज्यादा बिल आने की कई वजह हो सकती हैं। ऐसे में बिजली की मीटर सही रीडिंग दिखा रहा है या नहीं, इसकी जांच करना जरूरी हो जाता है। आज हम आपको बिजली का बिल कम करने के कई तरीके बताने वाले हैं। उनमे से कुछ तरिके गलत है और कुछ सही ।

बिजली का बिल कम करने के गलत तरिके

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1. बाजार में कुछ ऐसे रिमोट उपलब्ध है जिनके इस्तेमाल से मीटर स्लो कर सकते है । इलेक्ट्रॉनिक मीटर में एक सर्किट लगाकर, जिसे रिमोट से ऑन ऑफ कर सकते हैं, बिजली का बिल काफी कम किया जा सकता है यानी मीटर टैंपर किया जा सकता है।

2. मार्किट में एक फ्लाई कैचर की तरह दिखने वाली डिवाइस मिलती है। इसे मीटर से टच कराकर एक बटन दबाने पर मीटर रुक जाता है। बाद में मीटर तभी चालू होगा जब पूरा सिस्टम ऑन ऑफ होगा यानी एक बार लाइट जाने के बाद जब आएगी तभी मीटर सही तरीके से काम करेगा।

3. मीटर धीमा करना बिजली बिल काम करने का एक और आसान तरीका है। लोग चिप लगाकर या और उपाय करके मीटर धीमा कर देते हैं।

4. बिजली बिल काम करने के लिए लोग मीटरों में इंजेक्शन के जरिए पानी ग्लिसरीन डालकर पुश बटन जाम कर देते हैं।

लेकिन ऊपर वाले सभी तरिके गैर क़ानूनी है और इनका इस्तमाल से बिजली चोरी करने पर संबंधित उपभोक्ता को तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

बिल कम करने के सही तरिके

सबसे पहले आपको ये जानना है कि आपका बिजली का मीटर सही है या नहीं। यह जानने के लिए आप सबसे पहले पूरे घर के सारे उपकरण बंद कर दें। फिर एसी चला दें। अगर आपका एसी 1000 वॉट का है, तो एक घंटे में मीटर पर एक यूनिट बिजली खर्च होनी चाहिए।

इसी तरह 2000 वॉट का है तो वो एक घंटे में 2 यूनिट बिजली खर्च करेगा। अगर ऐसा है तो बिजली का मीटर और एसी दोनों सही हैं। लेकिन अगर बिजली ज्यादा खर्च होती दिख रही है तो आपका बिजली का मीटर तेज चल रहा है और उसको ठीक करवा सकते है ।

आपको बता दें कि ट्यूब लाइट भी पुरानी होने पर ज्यादा बिजली खर्च करती हैं। एक ट्यूब लाइट आमतौर पर 40 वॉट की होती है। और पुननि होने पर इसकी चोक 15 फीसदी तक ज्यादा बिजली खर्च कर सकती है।

घर में सीएफएल या LED लाइट्स का इस्तेमाल सबसे बढ़िया है। एलईडी 7 से 10 वॉट तक की रोशनी 40 वॉट की ट्यूब लाइट के बराबर होती है। इस प्रकार एक ट्यूब लाइट पर जितनी बिजली एक दिन में खर्च हो रही है, उतनी बिजली में करीब-करीब पूरे घर को रोशन किया जा सकता है।

माहिरों का कहना है कि आपके पुराने पंखे भी बिजली के बिल को बढ़ा सकते हैं। अगर हर साल आप पंखे की ऑयलिंग करा लें तो यह बहुत कम बिजली खाएगा। मान लीजिए अगर आपके घर में 5 पंखे करीब 5 या 7 साल पुराने लगे हुए हैं तो हर पंखा करीब 75 वॉट खर्च करने वाला रहा होगा। लेकिन यह पुराना होने के कारण 10 से 20 फीसदी तक बिजली ज्यादा खर्च कर रहा होगा। ऑयलिंग कराने पर ये कम बिजली खाएंगे।

गर्मियों में सबसे ज्यादा बिजली AC खर्च करता है। मान लीजिए अगर आपके घर में 1.5 टन का एसी लगा है और रोज औसतन 8 घंटे चलता है तो 1 स्टार रेटिंग का एसी करीब 9 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत करेगा। लेकिन 5 स्टार रेटिंग का AC लगभग 7 यूनिट खपत करेगा। यानी रोज करीब 2 यूनिट बिजली का खर्च कम। लेकिन अगर AC की हर साल मेंटेनेंस न कराई जाए तो पुराना एसी 9 की जगह 10 से 11 यूनिट तक बिजली खर्च करेगा और आपका बिल बढ़ेगा। वहीं 5 स्टार रेटिंग वाला एसी भी तय खपत से ज्यादा बिजली खर्च करता है। इसलिए इनकी हर साल मेंटीनेंस जरूर करानी चाहिए।