विदेश जाकर नौकरी करने से पहले जरूर रखें इन बातों का ध्यान

प्रदेश में जॉब लगी है या अपनी कंपनी में रहकर आप नए रोल के लिए विदेश में सेटल होने जा रहे हैं और आप अपने परिवार के साथ वहां शिफ्ट होने जा रहे हैं, तो आपको कुछ बातों का खास ख्याल रखना होगा। उदाहरण के तौर पर अगर आपका पार्टनर भी वर्किंग है, तो वह भी ओवरसीज लोकेशन में काम करने के लिए वर्क परमिट ले सकता है।

दूसरी ओर आपको इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि आपको दो आईडेंटिटीज मैनेज करनी होंगी- एक तो यहां की सिटिजनशिप की और दूसरी विदेश में रिहाइश की। इतना ही नहीं, आपको अपनी इनकम और वेल्थ को रखने के लिए दो करेंसीज भी मैनेज करनी होंगी। ऐसी ही कुछ और तैयारियों पर भी आपको ध्यान देना होगा।

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इंवेस्टमेंट के विषय में जानें

विदेश जाने के बाद आप इंडिया में कोई भी फ्रेश इंवेस्टमेंट नहीं कर पाएंगे जैसे किसी सरकारी योजना या पोस्ट ऑफस आदि में सेविंग स्कीम में भाग लेना। इसलिए इस तरह की स्कीम्स को खासतौर से बंद करके और अपने पैसे को किसी और जगह में निवेश करके ही विदेश जाएं।

फिजिकल असेट्स को मैनेज करके जाएं

ऐसी बहुत-सी प्राॅपर्टी मैनेजमेंट फर्म्स हैं जो नॉन रेजिडेंट ओनर्स की प्रॉपर्टीज का ख्याल रखती हैं। विदेश जाने से पहले अपनी प्रॉपर्टीज को किसी ऐसे व्यक्ति या फर्म को संभला कर जाएं जो आपकी तरफ से प्रॉपर्टी के संबंध में निर्णय लेने के लिए अधिकृत हो।

नॉन रेजिडेंट अकाउंट्स खुलवाएं

अपने अकाउंट्स को नॉन रेजिडेंट अकाउंट्स में बदलवा लें। इससे आप उन्हें आसानी से इस्तेमाल कर सकेंगे और आपके टैक्स व इनकम संबंधी रिकॉर्ड्स सही बने रहेंगे।

पॉलिसी का रखें ध्यान

मौजूदा मेडिकल पॉलिसीज जिन्हें आप विदेशी लोकेशंस पर काम में नहीं ले सकते, उन्हें बंद करवा दें। लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम भी एकमुश्त जमा करवा दें ताकि बैंक अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस न होने पर समस्या न हो।

एम्प्लॉयमेंट बेनेफिट लें

सभी तरह के एम्प्लॉयमेंट बेनेफिट्स को देखें। पीएफ अकाउंट में यदि तीन साल तक कोई लेनदेन नहीं होता तो आपको इंटरेस्ट नहीं मिलता। ऐसे में उन अकाउंट्स का क्या करना है, यह सोचकर उनके विषय में निर्णय लें।