क्या आपको क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना सही है या गलत?

आजकल अधिकतर लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। ख़ासतोर पर नौकरीपेशा लोगों के पास एक से
ज़्यादा क्रेडिट कार्ड भी हैं। लेकिन ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या एक से ज़्यादा क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना सही है? जवाब हां भी है और न भी। दरअसल वे आपके ख़र्च, क्षमता और ज़रूरतों पर निर्भर करता है, जिसे आपको समझना है।

पहली बार कार्ड ले रहे हैं तो…

Advertisement

अमूमन देखा गया है कि क्रेडिट कार्ट पर जीरो फी चार्जेज़ होने के कारण कुछ लोग एक से ज़्यादा कार्ड ले लेते हैं। अगर आप पहली बार क्रेडिट कार्ड ले रहे हैं तो करीब एक साल इसे इस्तेमाल करें। आपके लिए ये कितना उपयोगी है और समय पर बिल का भुगतान कर पा रहे हैं या नहीं इसपर गौर करें। अगर पहले कार्ड के बिल का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं तो दूसरा कार्ड लेना समझदारी नहीं है।

ज़रुरत के अनुरुप रखें

आप जितने कम कार्ड रखेंगे उसके स्टेटमेंट का हिसाब-किताब रखना उतना ही आसान होगा। हालांकि, व्यक्तिगत और व्यावसायिक उपयोग के लिए अलग-अलग कार्ड रख सकते हैं। इससे अपने लेन-देन पर नज़र रखने में 3 होगी। उदाहरण के तौर पर जिनका खुद का बिजनेस है, वे एक अलग बिज़नेस कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं निजी ज़रूरतों के लिए अलग से क्रेडिट कार्ड रख सकते हैं।

फ़ायदा या नुक़सान?
एक से ज़्यादा कार्ड रखने के फ़ायदे भी हैं और नुक्कसान भी, कैसे आइए जानते हैं।

फ़ायदे— आप व्यावसायी हैं और आपको अक्सर सामान ख़रीद-फरोख़्त करना पड़ता है। मान लीजिए कि आपको कार्ड से कोई ज़रूरी भुगतान करना है लेकिन किसी कारण बैंक आपका कार्ड ब्लॉक कर देता है या अन्य बजह से कार्ड काम नहीं करता है तो ऐसी परिस्थिति में दूसरा कार्ड मददगार साबित होता है। अलग-अलग कार्ड रखने से बिना किसी परेशानी के अपने लेन-देन पर नज़र रखने में सहूलियत होती है। वहीं बड़ी र्कम की ख़रीद पर मिलने वाले कैशबैक या डिस्काउंट से फ़ायदा मिलता है। लोन मिलने में भी आसानी होती है।

नुक़सान– आप नौकरीपेशा हैं, तो ज़्यादा क्रेडिट कार्ड होने पर आपके फिजूल के ख़र्च भी बढ़ सकते हैं। आप वो चीज़ें भी ख़रीदेंगे जिसकी उस समय वास्तव में आपको कोई ज़रूरत नहीं है। क्रेडिट कार्ड पर फिल्‍म के टिकट या कपड़े जैसी छोटी-छोटी चीज़ों की ख़रीद पर कैशबैक या डिस्काउंट दिया जाता है। ज़्यादा से ज़्यादा ख़रीदारी करने पर मिलने वाले रिबॉर्ड पॉइंट्स का लालच भी उपभोक्ताओं को क्रेडिट कार्ड से अधिक ख़रीदारी करने पर मजबूर कर देता है।

समझदारी से इस्तेमाल करें

* एक महीने में किए जाने वाले ख़र्च पर अंकुश रखने के लिए एक चेक लिस्ट बनाएं, उसके मुताबिक़ ही ख़र्च करें।
* अगर आर्थिक परेशानी है तो क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करें। वहीं अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने से बचें।
* कम से कम क्रेडिट लिमिट सेट करें। इससे आपके ख़र्च करने क्षमता भी कम होगी।
* आप कुछ ख़रीदता चाहते हैं और उसके लिए नकद दे सकते हैं तो कार्ड का इस्तेमाल करने से बचें। कम कीमत वाली चीज़ों पर इसका इस्तेमाल करते से बचें।
* एक क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान करने के लिए दूसरे कार्ड का उपयोग करने से बचें। ऐसा करके आप कर्ज़ केजाल में उलझ सकते हैं।
* अगर एक से ज़्यादा कार्ड रखता चाहते हैं तो एक बैंक के बजाय अलग-अलग बैंक के कार्ड ही लें।

क्षमता को समझें

आपके पास जितने कम क्रेडिट कार्ड है उनका इस्तेमाल भी आप उतना ही कम करेंगे और बिल भी समय पर भर सकेंगे। अगर आप बिल का समय पर भुगतान करते हैं तो इससे आपका क्रेडिट स्कोर सुधरता है। बैंक आपकी कर्ज चुकाने में ईमानदारी और ज़िम्मेदारी को देखते हुए कम दरों पर आँटो लोन, होम लोन या अन्य लोन की पेशकश करते हैं।

क्रेडिट स्कोर को आम बोलचाल की भाषा में सिबिल स्कोर भी कहा जाता है। यह वह आंकड़ा होता है जिसे आपके कर्ज उठाने के इतिहास और उसे चुकाने के व्यवहार के आधार पर निकाला जाता है। आपका क्रेडिट स्कोर निर्धारित करता है कि आपको कितना लोन मिलना चाहिए।