ऐसे शुरू करें अपना कॉपी बनाने (Notebook making ) का बिज़नेस

कॉपी अध्ययन क्षेत्र में सबसे अधिक महत्वपूर्ण वस्तु है. इसके बिना पढाई लिखाई किया जाना संभव नहीं है. विभिन्न विषयों की आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न तरह के कॉपी का निर्माण किया जाता है, जो कि बाज़ार में अलग अलग कीमतों पर बेचे जाते हैं.

ये नोटबुक अलग अलग ब्रांड और क्वालिटी के साथ मौजूद होते हैं, जिन्हें इनकी क्वालिटी के साथ विभिन्न कीमतों पर बेचीं जाती है. आप भी बहुत कम पैसे में नोटबुक का व्यापार शुरू कर सकते हैं और अपने ब्रांडिंग के साथ इन्हें बेच कर ख़ूब लाभ कमा सकते है. यहाँ पर इस व्यापार से जुडी सभी आवश्यक जानकारियाँ दी जायेंगी. इसी तरह आप कम खर्च में पेपर प्लेट बनाने का व्यापार शुरू कर सकते है.

नोटबुक बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें

नोटबुक बनाने के लिए आवश्यक रॉ मटेरियल (Notebook making raw materials)
नोटबुक बनाने के लिए आवश्यक रॉ मटेरियल के विषय में नीचे दिया जा रहा है. इसके लिए विभिन्न कोटेड अथवा अनकोटेड पेपर यानि दिस्ता पेपर और गत्ता की आवश्यकता होती है.

रॉ मटेरियल की कीमत (Price of raw materials):

दिस्ता पेपर : दिस्ता पेपर की क़ीमत 62 रू प्रति किलोग्राम है.
गत्ता : कवर के लिए इस्तेमाल होने वाला गत्ता 1 रूपया प्रति पीस होता है.

कहाँ से ख़रीदें रॉ मटेरियल (Place to buy of raw materials): निम्न वेबसाईट के माध्यम से ऑनलाइन ख़रीदा जा सकता है.
https://dir.indiamart.com/search.mp?ss=notebook+paper&source=autosuggest

नोटबुक बनाने के लिए मशीनरी (Notebook making machines)

  • पिन अप मशीन
  • एज स्क्वायर मशीन
  • कटिंग मशीन

ये मशीनें 4 किलोवाट बिजली लेती है और इसे घरेलु बिजली से भी चलाया जा सकता है.
नोटबुक बनाने के लिए मशीनरी की क़ीमत (Price of Notebook making Machine) :
इन मशीनों की कुल क़ीमत 5.5 लाख से 6 लाख के बीच में होती है.

कहाँ से ख़रीदें :

इसे इस वेबसाईट के माध्यम से ऑनलाइन ख़रीदा जा सकता है:

https://dir.indiamart.com/impcat/notebook-making-machines.html?price

नोटबुक बनाने की प्रक्रिया (Notebook making process)

नोट बुक्स बनाने की प्रक्रिया बहुत ही सरल है, यदि एक बार इसकी मशीनरी समझ ली जाए, तो बहुत आसानी से नोटबुक बनाए जा सकते हैं. इसकी संपूर्ण प्रक्रिया नीचे दी जा रही है.

  • सबसे पहले शीट को (जोकि कॉपी के लिए कवर का काम करता है) उसे अच्छे से इस तरह मोड़ें कि वह कॉपी के अनुसार कवर के आकार में आ जाए.
  • इसके बाद इसमें जितने पन्ने की कॉपी बनानी हो, उतने कागज को भी मोड़ कर उसके अन्दर डाल दें. इसके बाद पिनिंग की प्रक्रिया शुरू होती है.
  • इस प्रक्रिया में इन कवर और उसके अन्दर डाले गये दिस्ता काग़ज़ को पिन करना होता है. इसके लिए फोल्ड किये गये दिस्ता को पिंनिंग मशीन की सहायता से पिन करना होता है. पिंनिंग मशीन की सहायता से यह काम आसानी से हो जाता है.
  • तत्पश्चात इसे एज स्क्वायर मशीन पर ले जाकर इसकी फिनिशिंग करनी होती है. फिनिशिंग यानि कवर से बाहर निकले अतिरिक्त पन्ने आदि की छंटाई वगैरह. फिनिशिंग के बाद नोट बुक पूरी तरह स्क्वायर में हो जाती है.
  • एज स्क्वायर मशीन में पहले इसके पिनिंग का स्थान अच्छे आकार में आ जाता है. इसके बाद इसकी कट्टिंग की बारी आती है. पहले बने हुए कॉपी को सामने से काटें और इसके बाद आवश्यकता हो तो बीच से काट के दो भागों में बाँट दें. पिनिंग किये गये क्षेत्र के अलावा सामने के तीनों भागों को काटना होता है. इस तरह कुछ ही समय में नोटबुक बन के बिकने के लिए तैयार हो जाता है.
  • 15 से 20 मिनट के अन्दर कम से कम 6 से 8 कापियां बन के तैयार हो जाती हैं.

नोटबुक की पैकेजिंग (Notebook packaging)

कॉपी बन के तैयार हो जाने पर इसे आवश्यकतानुसार पैक करना पड़ता है, यदि पैकिंग की बात की जाए तो इसे व्होलसेल अथवा रिटेल के रूप में पैक किया जा सकता है. होलसेल में पैक करने के लिए बड़े पैकेट्स बनाए जा सकते हैं, बड़े बड़े बैग्स में डीलर की आवश्यकता के अनुसार कॉपी पैक किया जा सकता है. यदि रिटेल में अपना ब्रांड सीधे सीधे उतारना चाहते हैं तो इसके लिए प्रति पैकेट 6 कॉपी का पैक बनाएं और विभिन्न स्टेशनरी दुकानों पर पहुंचाएं.

नोटबुक बनाने के व्यापार के लिए कुल खर्च (Notebook manufacturing business cost)
इस व्यव्साय की स्थापना के लिए कुल कर्च 10 लाख रूपए का आता है. इस पैसे में आप ये मशीन भी ख़रीद सकते हैं और साथ ही रॉ मटेरियल भी पा सकते है. इसके अलावा इलेक्ट्रिसिटी वायरिंग वगैरह भी इसी पैसे में हो जायेगी.

इस तरह 10 लाख रुपय की लागत के साथ इस व्यापार की शुरुआत बड़ी आसानी से करके अपना नोटबुक ब्रांड बाज़ार में उतार सकते हैं और मुनाफा कमा सकते हैं.

नोटबुक बनाने के व्यापार में लाभ (Notebook manufacturing business profit)

एक किलो पेपर में लगभग 6 से 7 नोटबुक बनाई जा सकती है. यदि इसे रिटेल में बेचें तो 15 रूपए प्रति पीस बिकता है. एक नोट बुक बनाने में कुल लागत 11 रूपए की पड़ती है. व्होलसेल में इस तरह की नोटबुक की क़ीमत 12 से 13 रूपए की होती है. इस तरह से व्होलसेल में प्रत्येक नोटबुक में 2 रू का लाभ कमाया जा सकता है.