गलती से भी न बदलें Royal Enfield बुलेट का साइलेंसर, वरना होगा भारी नुकसान

आज के समय में युवाओं में Royal Enfield बुलेट को मोडिफाई करने का खास क्रेज देखने को मिलता है। मोडिफिकेशन वहीं तक सही है जहां तक की इसका असर आपके बाइक की लाइफ और परफार्मेंश पर नहीं पड़ता है। ऐसा कोई भी बदलाव जो कि बाइक के लाइफ पर असर डाले वो मोडिफिकेशन कहीं से भी सही नहीं है।

युवाओं को अपनी बाइक के साइलेंसर से अवाज निकालना पसंद आता है। इसके लिए वो अपने बाइक में कंपनी द्वारा दिए गए साइलेंसर यानि की एग्जॉस्ट को हटाकर बाजार में उपलब्ध अन्य साइलेंसर का प्रयोग करते इैं। तो आज हम आपको 5 प्रमुख बिंदूओं के माध्यम से बताते हैं कि आखिर किस तरह से Royal Enfield का silencer बदलना आपकी बाइक के लिए नुकसानदेह है।

पॉवर और टॉर्क में कमी: जब बाइक के एग्जॉस्ट को बदल देते हैं तो इसका सीधा असर बाइक के परफार्मेंश पर पड़ता है। जिसके चलते बाइक का बैक प्रेशर कम हो जाता है और इससे बाइक के इंजन द्वारा जेनरेट किया जाने वाला पॉवर और टॉर्क भी कम हो जाता है। इससे आपको बेहतर पिक अप और स्पीड नहीं मिलती है।

माइलेज पर असर: बाइक का एग्जास्ट बदलने का असर न केवल परफार्मेंश पर पड़ता है बल्कि इससे बाइक का माइलेज भी प्रभावित होता है। बैक प्रेशर कम होने के कारण माइलेज कम हो जाता है। कंपनी के अलावा दूसरे किसी एग्जास्ट का प्रयोग करने से तकरीबन 4 से 5 किलोमीटर प्रतिलीटर का माइलेज कम हो जाता है।

बाइक में वाइब्रेसन: इसके अलावा जब आप बाइक को 80 किलोमीटर या फिर उससे उपर ड्राइव करते हैं तो उस वक्त बाइक में वाइब्रेसन बढ़ जाता है। जो कि शायद किसी को भी पसंद नहीं आता है।

 इंजन हीटिंग: इस तरह के साइलेंसर के प्रयोग के वजह से आपकी बाइक का इंजन भी हीट होना शुरू हो जाता है। क्योंकि ऐसे साइलेंसर के चलते आपको पर्याप्त मात्रा में पिक अप और स्पीड नहीं मिल पाती है और आप कम गियर में ही ज्यादा एक्सलेटर का प्रयोग करते हैं। ऐसे में लांग ड्राइव के दौरान बाइक का इंजन जल्दी ही हीट हो जाता है।

Jio लेकर आया है ये 5 धमाकेदार प्लान, अनलिमिटेड डेटा व कॉलिंग के साथ मिलेगी 1 साल की वैधता

रिलायंस जियो सबसे सस्ते प्लान की वजह से यूजर्स के दिलों पर छाया हुआ है। यही वजह है कि जियो को टक्कर देने के लिए एयरटेल, वोडाफोन और बीएसएनएल जैसी बड़ी कंपनियां भी अपने सस्ते पैक लॉन्च कर रही हैं ताकि अपने यूजर्स को जियो की तरफ जाने से रोक सके। चालिए आज आपको 5 ऐसे प्लान के बारे में बताएंगे जिसकी वैधता एक साल की है और इसमें 750 जीबी डाटा मिलता है।

सबसे पहले बात करेंगे जियो के 1,699 रुपये वाले प्लान की, जिसकी वैधता 365 दिनों की है और इसमें हर दिन ग्राहकों को 1.5 जीबी डाटा मिलता है। यानी पूरे साल में 547.5 जीबी डाटा का लाभ मिलेगा। इतना ही नहीं किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग, मैसेज और जियो ऐप्स के सब्सक्रिप्शन का भी लाभ मिलेगा।

रिलायंस जियो के 4,999 रुपये वाले प्री-पेड प्लान भी लॉन्च किया है और इसकी वैधता भी 360 दिनों की है। इसमें यूजर्स को 350 जीबी डाटा, अनलिमिटेड कॉलिंग व मैसेज और जियो सब्सक्रिप्शन मिलेगा।

इसके अलावा 1,999 रुपये वाले जियो के प्लान की वैधता 180 दिनों की है और इसमें हर दिन यूजर्स को 1.5 जीबी डाटा मिलेगा। यानी कुल 125 जीबी डाटा मिलेगा। इसके साथ ही यूजर्स को हर दिन अनलिमिटेड कॉलिंग व मैसेज मिलेगा। इसके अलावा जियो ऐप्स के सब्सक्रिप्शन भी फ्री में मिलेगा।

जियो के 999 रुपये वाले प्लान की वैधता 90 दिनों की है और इस प्लान में अनलिमिटेड कॉलिंग और जियो ऐप्स के सब्सक्रिप्शन के साथ 60 जीबी डाटा मिलेगा। इस प्लान में रोज डाटा इस्तेमाल करने की कोई सीमा नहीं है।

रिलायंस जियो के 9,999 रुपये वाले प्री-पेड प्लान में 750 जीबी डाटा मिलेगा। इसकी वैधता 360 दिनों की है और इसमें हर रोज 100 मैसेज, जियो ऐप्स के सब्सक्रिप्शन और सभी नेटवर्क पर अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग का भी लाभ मिलेगा।

Land Rover या Hummer नहीं बल्कि ये है दुनिया की सबसे ज्यादा पावरफुल SUV, जाने फीचर्स

दुनिया में एक से बढ़कर एक दमदार और ताकतवर एसयूवी मौजूद हैं, अगर आप भी ये जानना चाहते हैं कि दुनिया की सबसे ज्यादा ताकतवर एसयूवी कौन सी है तो हम आपको आज दुनिया की सबसे ताकतवर एसयूवी के बारे में बता रहे हैं।

दुनिया में जब भी सबसे ज्यादा ताकतवर SUV की बात होती है तो सभी को हमर का नाम ही याद आता है, लेकिन ऐसा नहीं है। कंक्यूेस्ट इवैड ( conquest evade ) दुनिया की सबसे ज्यादा ताकतवर एसयूवी है। यहां हम ये जानेंगे कि इस एसयूवी में कैसे फीचर्स दिए गए हैं कैसा इंजन लगाया गया है जो इसकी ताकत को बढ़ाता है।

पावर और स्पेसिफिकेशन

पावर और स्पेसिफिकेशन की बात की जाए तो इस एसयूवी में 6.7 लीटर का वी8 टर्बो डीजल इंजन दिया गया है जो कि 300 बीएचपी की पावर और 74.56 न्यूटन मीटर का टार्क जनरेट करता है। ये एसयूवी 0 से 100 किमी की रफ्तार सिर्फ कुछ ही सेकंड्स में पकड़ लेती है।

अधिकतम रफ्तार की बात की जाए तो ये एसयूवी बहुत तेजी से दौड़ सकती है। माइलेज की बात की जाए तो ये एसयूवी प्रति लीटर में 5 किमी का माइलेज दे सकती है।

फीचर्स

फीचर्स की बात की जाए तो इस एसयूवी में पावर स्टीयरिंग, पावर विंडो, ऑटोमैटिक क्लाइमेंट कंट्रोल, एलॉय व्हील, सोनी प्लेस्टेशन विद 26 इंच एलसीडी स्क्रीन, 2 नाइट विजन कैमरा और फॉग लाइट्स जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

इस एसयूवी में 238 लीटर की क्षमता वाला फ्यूल टैंक दिया गया है। सेफ्टी फीचर्स की बात की जाए तो इस एसयूवी में एयरबैग्स, एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम और ईबीडी जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

कीमत

कीमत की बात की जाए तो इस एसयूवी की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत लगभग 8.5 करोड़ रुपये है।

जानें क्यों कोका-कोला की सीक्रेट रेसिपी को रखा जाता है तिजोरी में बंद, सिर्फ दो लोगों को है इसकी जानकारी

कोका-कोला की एक पूर्व साइंटिस्ट Xiaorong You पर कंपनी के ट्रेड सीक्रेट चुराने का आरोप लगा है। यह साइंटिस्ट मूल रूप से चीनी है, लेकिन कई वर्षों से अमेरिका में रह रही थी। आरोपों के मुताबिक वह चीन में कोका-कोला जैसी कंपनी खोलना चाहती थी और इसके लिए उसने पिछले साल कोका-कोला से ट्रेड सीक्रेट चुराए।

इन सीक्रेट्स की कीमत करीब 850 करोड़ रुपए (12 करोड़ डॉलर) आंकी जा रही है। यह तो महज कोका-कोला की पैकेजिंग का सीक्रेट है। असल सीक्रेट तो कोका-कोला बनाने की रेसिपी है,

सिर्फ दो लोग जानते हैं असली फॉर्मूला

कंपनी के सिर्फ दो एक्जीक्यूटिव ही इसका राज जानते हैं। हालांकि, चर्चा यह भी है कि दोनों ही एग्जीक्यूटिव को आधा-आधा फॉर्मूला पता है।और यह भी कि दोनों एक्जीक्यूटिव को फॉर्मूला पता होने के कारण कभी एक साथ नहीं रखा जाता।कंपनी की स्ट्रैटजी के तहत यह दोनों ट्रैवल भी अलग-अलग ही करते हैं।

कहां रखा है फॉर्मूला

अटलांटा के सन ट्रस्ट बैंक में इसकी ओरिजनल कॉपी रखी गई है। सन ट्रस्ट फॉर्मूले को कभी शेयर न करे, इसलिए कोका कोला में उसे 48.3 मिलियन शेयर दिए गए हैं। साथ ही सन ट्रस्ट के अधिकारियों को कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी शामिल किया गया है।

ब बनाया गया था फॉर्मूला

कोका कोला का गुप्त फॉर्मूला 1886 में अटलांटा में बनाया गया था। इसे बनाने वाले जॉन एस पेंबर्टन उस वक्त दवा की एक दुकान चलाते थे और उन्होंने अपने घर के पिछवाड़े में एक केतली में अलग-अलग बूटियां और सामग्री उबालकर कोका कोला का फॉर्मूला ईजाद किया था। भारत में कोका कोला की शुरुआत 1956 में हुई।

दिमाग शांत करने वाला टॉनिक

विश्व भर में विख्यात इस सॉफ्ट ड्रिंक पर किताब लिखने वाले मार्क पेंडरगास्ट के मुताबिक कोका कोला को पहली बार दिमाग को शांत करने वाले टॉनिक के रूप में लोगों के सामने पेश किया गया।

इसके निर्माताओं का दावा था कि  कोका कोला पीने से सिरदर्द और थकान कम हो जाती है और दिमाग ठंडा हो जाता है। किताब में इस बात का दावा किया था कि शुरुआत में पेंबर्टन ने इसमें कोकीन भी मिलाया था।

ये है बेहद सस्ती नई Renault Kwid, एक बार चार्ज होकर पहुंचेगी दिल्ली से चंडीगढ

कार निर्माता कंपनी रेनॉल्ट भारत में जल्द ही अपनी नई इलेक्ट्रिक कार को लॉन्च करने वाली है। हाल ही में रेनॉल्ट क्विड इलेक्ट्रिक को चीन में टेस्टिंग के दौरान देखा गया है क्विड इलेक्ट्रिक की तस्वीरें लीक हो रही हैं, जिनसे ये पता चल रहा है कि ये कार कैसी हो सकती है। आइए जानते हैं कैसी होगी ये कार और इसके फीचर्स कैसे होंगे।

सभी कंपनियां जल्द से जल्द अपनी किफायती इलेक्ट्रिक कार उतार कर बाजार में जगह बनाना चाहती है। लीक हुई तस्वीरों से ये पता चल रहा है कि इलेक्ट्रिक क्विड का प्रोफाइल देखने में लगभग पहले जैसा ही है।

नई क्विड के फ्रंट में काफी बदलाव किए गए हैं और इसमें रिवाइज्ड बंपर के साथ नई एलईडी लैंप्स भी दी गई हैं।फिलहाल इस इलेक्ट्रिक कार की पावर के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिली है, बस ये पता चला है कि इस कार में 250 किमी की रेंज वाली मोटर होगी।

इस इलेक्ट्रिक कार को चीन में लॉन्च किया जाएगा और उसके बाद इसे भारतीय बाजार में लॉन्च किया जाएगा। देश में भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर 50 हजार रुपये तक की छूट दे रही है।इसी के साथ सरकार इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए कम ब्याज दर पर लोन भी मुहैया करवाएगी।

भारत सरकार का ये उद्देश्य है कि देश में इलेक्ट्रिक कारों के निर्माताओं को बढ़ावा दिया जाएगा और इसके जरिए ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को इलेक्ट्रॉनिक वाहन खरीदने के लिए तैयार किया जाए। इस तरह से सरकार इलेक्ट्रॉनिक वाहनों की कीमत सामान्य वाहनों के मुकाबले लानी है, जिसके बाद लोग आसानी से इलेक्ट्रिक कार खरीद सकें।

शरीर के टॉक्सिन निकालने के लिए मददगार है ये 5 चीजें, आज ही करें अपनी डाइट में शामिल

गलत खान-पान की आदतें और खराब लाइफस्टाइल हमारी सेहत पर बुरा असर डालते हैं। यही वजह है कि हमारे शरीर में विषैले तत्व बनने लगते हैं जो हमें बीमार बना देते हैं। इन्हें शरीर से बाहर निकालना अति आवश्यक होता है।

इसके लिए हमें ऐसी आदतें डालनी होंगी जिससे शरीर डिटॉक्सिफाई (दूषित चीजें बाहर) हो जाए। सबसे पहले एक प्लान बना लें। इसके लिए आपको कुछ चीजों को अपनी डाइट में शामिल करना होगा।

खीरा

खीरे में 96 प्रतिशत पानी और फाइबर पाया जाता है जो हमारे शरीर से खतरनाक केमिकल्स और एसिडिक पदार्थों को बाहर कर डायजेस्टिव सिस्टम को बेहतर बनाता है। इसे खाने से हमारी स्किन पर ग्लो भी साफ दिखता है।

हरा धनिया

धनिये में एंटी फंगल और एंटीसेप्टिक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर में नुकसानदायक तत्वों को सेल्स से दूर रखते हैं। इसके अलावा यह हमारे शरीर की सफाई करने वाले एंजाइम्स को बढ़ाते हैं और शरीर से सारे विषैले पदार्थों को बाहर निकालते हैं।

हरी प्याज

हरी प्याज भी हमारे शरीर से विषैले तत्वों को खत्म करने में मदद करती है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और सल्फर शरीर को डिटॉक्स करने वाले एंजाइम्स को सक्रिय कर देते हैं। हरी प्याज के सेवन से कोलेस्ट्रॉल कम होता है, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी कम रहता है।

अखरोट

अखरोट हमारे दिल को हेल्दी रखता है, इस बारे में तो आपने बहुत सुना होगा, लेकिन इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट हमारे शरीर के लिए बहुत ही जरूरी होता है। इसके सेवन से शरीर में विषाक्त पदार्थ जिससे स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियां पैदा होती हैं वो सब धीरे धीरे बाहर हो जाते हैं। शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन के लिए अखरोट वरदान समान है।

सनफ्लॉवर के बीज

सनफ्लॉवर के बीज में सेलेनियम केमिकल और विटामिन-ई पाए जाते हैैं, जो हमारे लिवर के काम करने की क्षमता को बढ़ाते हैं। इसके अलावा ये हमारे शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बनने से भी रोकते हैं।

CNG पंप खोल कर सकते हैं लाखों रुपए की कमाई, सरकार दे रही है सब्सिडी, यहां करें अप्लाई

यदि आप अपना कारोबार करने का बारे में सोच रहे हैं तो यह खबर आपके खास काम की है। Nexgen Energia Limited सहज भारत योजना लेकर आई है। इस योजना के तहत आप कंपनी के साथ कारोबार करके हर महीने लाखों रुपए की कमाई कर सकते हैं। यह कंपनी CNG पंप के अलावा, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी गैस उत्पादन का उद्योग आदि में कारोबार का मौका दे रही है।

कौन खोल सकता है CNG पंप

कंपनी के अनुसार, देशभर में किसी भी जिले का कोई भी व्यक्ति अपने शहर में सीएनजी पंप, सीएनजी गैस उत्पादन का उद्योग, इंडस्ट्रियल हाई स्पीड डीजल प्लांट, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, जैविक खाद और मलवे से ईंट निर्माण का कारोबार कर सकता है।

कंपनी का कहना है कि नया कारोबार करने के इच्छुक या पहले से ही कारोबार करने वाले लोग भी सीएनजी पंप समेत दूसरे कारोबार करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। कारोबार करने वालों को पांच साल तक आयकर मुक्त, सरकार से सब्सिडी और सभी निजी और राष्ट्रीयकृत बैंकों से लोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

इतना करना होगा होगा निवेश

  •  सीएनजी पंप खोलने के लिए आवेदकों को करीब 75 लाख रुपए का निवेश करना होगा। इसमें लाइसेंस फीस और पंप की लागत दोनों शामिल हैं।
  • सीएनजी (सीबीजी) गैस उत्पादन का उद्योग लगाने के इच्छुक लोगों को करीब 2.99 करोड़ रुपए का निवेश करना होगा। इसमें लाइसेंस फीस शामिल नहीं है।
  •  इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन लागने के इच्छुक आवेदकों को करीब 25 लाख का निवेश करना होगा। इसमें लाइसेंस शुल्क और मशीन का लागत दोनों शामिल हैं।
  •  निर्माण मलवे से ईंट उद्योग लगाने वालों को करीब 35 लाख का निवेश करना होगा। इसमें मशीन और लाइसेंस शुल्क दोनों शामिल हैं।
  •  इंडस्ट्रियल हाईस्पीड डीजल उद्योग शुरू करने के लिए करीब 5 करोड़ रुपए का निवेश करना होगा। इसमें लाइसेंस फीस शामिल नहीं हैं।
  • जैविक खाद क्रय-विक्रय का कारोबार करने वालों को करीब 15 लाख रुपए का निवेश करना होगा।

ऐसे कर सकते हैं अप्लाई 

  • आप कंपनी की वेबसाइट www.nexgenenergia.com पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
  • आप NEXGEN ENERGIA के मोबाइल एप द्वारा भी आवेदन कर सकते हैं।
  •  अपना अपना प्रोफाइल या बायोडाटा बनाकर business@nexgenenergia.com या businessnge@gmail पर ईमेल कर आवेदन कर सकते हैं।
  • आप 7419502123 पर मिस कॉल कर जानकारी ले सकते हैं।
  • आपके आवेदन करने के बाद कंपनी एक सप्ताह के अंदर आपको जवाब देगी।

ये है भारत की सबसे सस्ती बाइक मार्केट, सिर्फ 15000 रुपए में मिल जाती है Bullet से लेकर Pulsar जैसी बाइक

हर लड़के को बाइक चलाना पसंद होता है लेकिन आजकल बाइक्स इतनी महंगी होती हैं कि उन्हें खरीदने से पहले 4 बार सोचना पड़ता है क्योंकि बाइक खरीदने के बाद उन्हें चलाना भी काफी खर्चीला होता है।

तो आज हम आपको एक ऐसे बाजार के बारे में बताएंगे जहां आपको आपकी मनचाही बाइक मात्र 15,000 रूपए में मिल जाएगी, लेकिन इसके लिए आपको सिर्फ एक शर्त माननी होगी। यहां बाइक खरीदने के लिए आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है।

हम बात कर रहे हैं दिल्ली के करोल बाग के बाइक मार्केट की। करोल बाग का ये बाजार सबसे बड़ा सेकेंड हैंड मोटर व्हीकल बाजार है। यहां आपको अच्छी कंडीशन वाली सेकेंड हैंड बाइक्स मिल जाती है कई बार तो लोगों को ऐसी बाइक मिल जाती है जो सिर्फ 150-200 किमी चली होती है।

इन बाइक्स के डीलर्स का कहना है कि कई बार तो लोग यहां अपनी नई बाइक्स बेच जाते हैं। यहां पर Royal Enfield से लेकर Pulsar जैसी बाइक्स आपको बेहद मामूली कीमत पर मिल जाती हैं।लेकिन अगर आप आप अभी भी दुविधा में हैं तो आपको बता दें कि आपको यहां बाइक के साथ उसका रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और डीलर्स की तरफ से वारंटी भी दी जाती है।

आपको मालूम हो कि वैसे Royal Enfield जैसी बाइक्स की शोरूम कीमत ही 1 लाख रूपए तक होती है और इसी तरह पल्सर की कीमत 74000रूपए से शुरूआत होती है। तो अगर आप अभी तक पैसे की वजह से बुलेट और पल्सर जैसी बाइक चलाने की ख्वाहिश पूरी नहीं कर पाए तो इस बाजार में एक बार जरूर आएं।

विदेशों में बैन ये उत्पाद भारतीए लोगों की बने हुए है पहली पसंद .

भारत के बाहर प्रतिबंधित दवाओं और उत्पादों की सूची लंबी है. प्रतिबंधित की जाने वाली दवाओं में जहां नोवाल्गिन, डी-कोल्ड, एंटरोक्विनेल, फुरोक्सोन और लोमोफ़ेन (एंटी-डायरियल), निमुलिड, एनलजिन (दर्द निवारक), सिज़ा और सिसप्राइड, (एसिडिटी और कब्ज), निमेसुलाइड जैसी दवाएं है वहीं कुछ ऐसे खाद्य उत्पाद भी हैं जिन्हें भारत में बहुत पसंद किया जाता है.

लाइफबॉय

अमेरिका ने इस साबुन पर कुछ साल पहले ही प्रतिबंध लगा दिया था क्योंकि एक परीक्षण में यह पाया गया था कि यह साबुन मानव त्वचा के लिए अच्छा नहीं है. खाद्य और औषधि प्रशासन ने कहा है कि इस साबुन का निर्माता यह साबित करने में विफल रहा कि यह मानव त्वचा के लिए अच्छा है.

डिस्प्रिन (दर्द निवारक)

इस दवा का उपयोग दर्द को कम करने के लिए किया जाता है. लेकिन 2002 में अमेरिकी सरकार की ड्रग सेफ्टी बॉडी द्वारा 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इसे प्रतिबंधित कर दिया गया. डिस्प्रिन के साइड इफेक्ट के कारण एक दुर्लभ स्थिति पैदा हो गई थी,

जो हमारे लीवर और मस्तिष्क की सूजन का कारण बन रही थी. इसलिए कईं बाहरी देशों ने इसके सेवन पर रोक लगा दी थी. लेकिन भारत के लोग बिना किसी डर के अपने दर्द को मिटाने के लिए इस दवा का सेवन कर रहे है.

हल्दीराम के उत्पाद

यूएसए में खाद्य और औषधि प्रशासन ने भारत में स्थित एक प्रमुख मिठाई और स्नैक्स निर्माता हल्दीराम के उत्पादों की बिक्री पर 2016 में प्रतिबंध लगा दिया था.

हल्दीराम के स्नैक्स, बिस्कुट, वेफर्स और अन्य उत्पादों पर किए गए परीक्षण और मिलावट के उच्च स्तर, खपत के लिए अयोग्य होने की वजह से इसपर रोक लगा दी गई थी जो हमारे देश में धड़ल्ले से बिक रहे हैं और लोगों की पहली पसंद बने हुए है.

समोसा

भारतीय लोगों में सबसे सस्ते और पसंदीदा स्ट्रीट फूड में से एक है – समोसा परंतु कईं देशों ने इसपर प्रतिबंध लगा दिया. उनके अनुसार यह शरीर के लिए खतरनाक होने के साथ-साथ रोगों की जड़ भी है.

सिर्फ 40 रुपए की इस दवा से एक ही रात में गलकर शरीर से बाहर आ जाएगी पथरी, इस तरह करे इस्तेमाल

जिन लोगों का अब तक यह मानना है कि, पथरी का ऑपरेशन के सिवा कोई इलाज नहीं है, तो आज वह लोग इस खबर को ज़रूर पढ़े।  इस तरीके को पढ़ने के बाद आपको यह लगने लगेगा कि, पथरी गलकर भी निकल सकती है।

ये तरीका पूरी तरह आजमाया हुआ है वो सिर्फ एक पर नहीं अनेक मरीजों पर। एक दवा से शरीर की पथरी गलकर बाहर निकल जाती है। अब आप यह सोच रहे होंगे कि, दवा तो काफी महंगी होगी, हम आपको बता दें कि,यह चमत्कारी दवा मात्र 30 से 40 रुपए में आपको बाज़ार में उपलब्ध हो जाएगी।

बता दें कि, प्रयोग के बाद सामने आया कि, इस दवा के सेवन से कम से कम एक दिन में पथरी के दर्द में आराम हो जाता है। तो आइये जानते इस चमत्कारी दवा के बारे में…।

जानिए कोनसी है यह चमत्कारी दवा

ये कुछ और नहीं ये है गुडहल के फूलों का पाउडर अर्थात इंग्लिश में कहें तो Hibiscus powder। ये पाउडर बहुत आसानी से पंसरी से मिल जाता है।

अगर आप गूगल पर Hibiscus powder नाम से सर्च करेंगे तो आपको अनेक जगह ये पाउडर online मिल भी जायेगा और जब आप online इसको मंगवाए तो इसको देखिएगा organic hibiscus powder क्योंकि आज कल बहुत सारी कंपनिया organic भी ला रहीं हैं तो वो बेस्ट रहेगा। कुल मिलाकर बात ये है के इसकी उपलबध्ता बिलकुल आसान है।

इस्तेमाल की विधि

गुडहल का पाउडर एक चम्मच रात को सोते समय खाना खाने के कम से कम एक डेढ़ घंटा बाद गर्म पानी के साथ फांक लीजिये। ये थोडा कड़वा ज़रूर होता है, जिसे आपको बर्दाश्त करना होगा। इसे खाने के बाद आप कुछ भी खाना पीना नहीं करेंगे, यह समझ लीजिए कि, इसके बाद सिर्फ सोना ही है।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में रहने वाली पथरी के दर्द से पीड़ित सतीष मिश्रा ने बताया कि, उन्होंने भी इस दवा का सेवन किया है। उन्होंने बताया कि, उनके स्टोन का साइज़ काफी बड़ा था, इसलिए उन्हें पहले दो दिन रात को ये पाउडर लेने के बाद सीने में अचानक बहुत तेज़ दर्द हुआ,

उनको ऐसा लगा मानो जैसे हार्ट अटैक आ जायेगा। मगर वो दर्द था उनके स्टोन के टूटने का। जो दो दिन बाद होना बंद हो गया और 5 दिनों बाद मानो उन्हे पथरी जैसे थी ही नहीं। आज इस दवा का सेवन हजारों लोग कर रहे हैं।