जानें कैसा रहेगा पुरे भारत मे मौसम का हाल

आज से एक नया प०वि० उत्तर भारत को प्रभावित कर रहा है। और इसकी हवाओ से प्रेरित परिसंचरण क्षेत्र उत्तर पश्चिमी राजस्थान और इससे सटे हरियाणा, पंजाब व पाकिस्तान पर बना हुआ है।मॉनसूनी ट्रफ बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, हिसार, भिवानी, नारनोल, पलवल, मथुरा, अलीगढ़, कानपुर होते हुए हिमालय के तलहटी इलाको में बनी हुई है।

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र कल विकसित हो जाएगा। कल जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। सम्पूर्ण पंजाब में बारिश में कमी आएगी। लेकिन दक्षिण पंजाब में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। तो शेष पंजाब में हल्की बारिश मेघगर्जन के साथ हो सकती है।

उत्तरी हरियाणा में भी बारिश कम हो जाएगी। लेकिन पश्चिमी व दक्षिण हरियाणा में मध्यम से भारी बारिश जारी रहेगी। दिल्ली में भी हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। उत्तर-पुर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।  दक्षिण पुर्वी राजस्थान में मेघगर्जन के साथ बूंदाबांदी शुरू हो जाएगी। पश्चिमी राजस्थान में बादल छाए रह सकते हैं। और तेज़ आँधी जारी रहेगी।

सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होगी। लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के दौर भी देखे जाएगे। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ भारी बारिश जारी रहेगी।छत्तीसगढ़ व ओड़िशा में भी बारिश बढ़ेगी। अनेको जगहो पर मध्यम बारिश के साथ भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पुर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की तीव्रता बढ़ेगी।

पूर्वी मप्र में हल्की से मध्यम बारिश होगी तो पश्चिमी मप्र में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी शुरू हो जाएगी।गुजरात मे बादल छाए रहेगे। उत्तर पुर्वी गुजरात मे हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। तो दक्षिण पुर्वी तटीय गुजरात मे हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। शेष गुजरात मे कोई ख़ास मौसमी गतिविधियां नही होंगी।

तटीय महाराष्ट्र में मध्यम से भारी बारिश, उत्तर-मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा में हल्की बारिश व विदर्भ में बूंदाबांदी होगी। तेलंगाना में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की सम्भावना है। गोवा, तटीय कर्नाटक व केरल में भारी बारिश होगी। आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु व आंध्रप्रदेश में मध्यम से भारी बारिश जारी रहेगी।

खुशखबरी ! पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों को लेकर सरकार ने कर दी ये बड़ी घोषणा

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को यह बात कही। सरकार की निकट भविष्य में पेट्रोल और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की कोई योजना नहीं है , लेकिन पर्यावरण को बचाने और कच्चे तेल के आयात में कटौती के लिये इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना जारी रखा जाएगा।

प्रधान ने एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा , ” ई – वाहन प्राथमिकता में है लेकिन ईंधन की बढ़ती जरूरतों को बीएस -6 मानक वाले पेट्रोल एवं डीजल , सीएनजी , जैव ईंधन के साथ ही ई – वाहन सभी को मिला जुला कर पूरा किया जाएगा।

” एजेंसी की खबरों के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्री ने कहा , ” क्या कोई सरकारी दस्तावेज है , जिसमें यह लिखा हो कि इस तारीख से पेट्रोल और डीजल वाहन बंद होंगे। उन्होंने कहा कि भारत ऐसा करने का जोखिम नहीं उठा सकता।

” भारत में 2018-19 में 21.16 करोड़ टन पेट्रोलियम उत्पादों की खपत हुई थी। इसमें डीजल का हिस्सा 8.35 करोड़ टन और पेट्रोल का 2.83 करोड़ टन था।प्रधान ने कहा कि वाहनों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार के ईंधनों का होना जरूरी है। उन्होंने कहा , ” हमें सीएनजी , पीएनजी , जैव ईंधन और बायोगैस की जरूरत होगी। ”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में ऊर्जा की मांग दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ रही है और कोई भी एक स्त्रोत इस मांग को पूरा नहीं कर सकता है। इसके लिए कई ईंधनों के अलग अलग विकल्पों की जरूरत होगी। देश में एक अप्रैल 2020 से यूरो- छह मानक के पेट्रोल, डीजल का इस्तेमाल शुरू होगा।

इसके साथ ही सरकार वाहनों में खासतौर से सार्वजनिक वाहनों में सीएनजी के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दे रही है। सरकार पेट्रोल, डीजल में भी एथनॉल और दूसरे खाद्य तेलों के मिश्रण पर जोर दे रही है नीति आयोग के अनुसार 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहनों की 100 प्रतिशत बिक्री से भारत की तेल आयात निर्भरता काफी कम हो जाएगी।

अब नहीं पड़ेगा टोल प्लाजा पर रुकना, सरकार ने कर दी बड़ी घोषणा

मोदी सरकार ने टोल प्लाजा पर कैश से लेनदेन बंद करने का एलान किया है. आज लोकसभा में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी घोषणा की. अब सभी गाड़ियां फास्ट टैग के जरिए ही टोल प्लाजा से निकल सकेंगी. अगले चार महीने में सभी गाड़ियों में फ़ास्ट टैग लगाना अनिवार्य कर दिया जाएगा. वहीं गडकरी ने टोल की व्यवस्था को उचित ठहराया.

करीब 1 हफ्ता पहले उत्तर प्रदेश के इटावा से बीजेपी सांसद रामा शंकर कठेरिया और उनके सुरक्षाकर्मियों की यह तस्वीर सामने आई. जिसमें वो एक टोल प्लाजा के कर्मचारियों से मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

पिछले कुछ सालों में ऐसी तस्वीरें आम हो गई हैं गाड़ी में बैठे यात्रियों और टोल प्लाजा के कर्मचारियों के बीच टोल जमा करने के सवाल पर झड़प होती रही है. लेकिन अब ये स्थिति बदल सकती है, और उसकी वजह है सरकार का एक फैसला. सरकार ने फ़ैसला किया है कि अब किसी भी टोल प्लाजा पर कैश में लेन-देन नहीं होगा.

गडकरी ने लोकसभा में ऐलान किया की अब सरकार की योजना है कि अब उन्हीं गाड़ियों को टोल प्लाजा से आगे जाने दिया जाए जिन गाड़ियों में फास्ट टैग लगा हुआ हो. मतलब ये हुआ कि अब कैश देकर टोल देने की व्यवस्था खत्म कर दी जाएगी.

क्या होता है फास्टैग

फास्टैग गाड़ियों में लगा एक ऐसा उपकरण होता है जिस में चिप लगा होता है. जैसे ही कोई गाड़ी टोल प्लाजा पर पहुंचती है, फास्ट टैग में लगे चिप के जरिए टोल प्लाजा की मशीन खुद-ब-खुद उसे पढ़ लेती है और गेट खुल जाता है. टोल की रकम फास्ट टैग में जमा पैसे से खुद-ब-खुद कट जाती है.

टोल टैक्स को गडकरी ने ठहराया सही

नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल के जरिए कमाई को सही ठहराया. गडकरी का तर्क था कि अगर अच्छी सड़क का इस्तेमाल करना है तो उसके निर्माण के लिए लोगों को पैसा देना होगा.

गडकरी ने सफाई दी कि छोटी सड़कों और छोटी गाड़ियों पर कोई टोल नहीं लिया जाता है. वैसे गडकरी ने इसमें कुछ रियायत देने पर विचार करने का आश्वासन ज़रूर दिया. गडकरी ने कहा कि स्कूल की गाड़ियों और सरकारी बसों को टोल से मुक्त करने पर विचार हो सकता है.

देश में दूध का कारोबार बढ़ाने के लिए सरकार उठाने जा रही है ये बड़ा कदम

भारत में डेयरी उद्योग को बढ़ाने तथा देशी नस्लों के संरक्षण और विकास के लिए सरकार राष्ट्रीय कामधेनु प्रजनन केन्द्र बना रही है। इस योजना के तहत जहां एक तरफ भारत में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ लोगों को दुधारू जानवरों के बारे में जागरूक भी किया जाएगा। लोगों को बताया जाएगा कि वे किस तरह अपने जानवरों को स्वस्थ रख सकते हैं।

सरकार स्वदेशी नस्लों के संरक्षण के लिए 50 करोड़ रुपए की लागत से देश में दो राष्ट्रीय कामधेनु प्रजनन केन्द्र भी स्थापित किए हैं। राष्ट्रीय कामधेनु प्रजनन केन्द्र पहला दक्षिणी क्षेत्र में चिन्तलदेवी, नेल्लोर में और दूसरा उत्तरी क्षेत्र इटारसी, होशंगाबाद में है। बता दें दोनों ही राज्य आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश को 25 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है।

राष्ट्रीय कामधेनु प्रजनन केन्द्र का उद्देश्य

सरकार इस योजना के तहत देशी बोवाईन नस्लों का संरक्षण और परीक्षण करना और उनके उत्पाद तथा उत्पादकता को बढ़ाना चाहती है। इसके अलावा संकटाधीन नस्लों को लुप्त होने से बचाना उद्देश्य है।भारत सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि देश के किसान ज्यादा से ज्यादा आय अर्जित करें, युवाओं को रोजगार मिले, आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को उनका अपना हक मिले, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधा मिले।

2022 तक प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता को 500 ग्राम करना चाहती हैं सरकार

सरकार वर्ष 2022 तक प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता को 500 ग्राम करना चाहती हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री के अनुसार, विगत 3 वर्षों मे दुग्ध उत्पादन 137.7 मिलियन टन से बढ़कर 165.4 मिलियन टन हो गया है। वर्ष 2014 से 2017 के बीच वृद्धि 208% से भी अधिक रही है।

इसी तरह प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 2013-14 307 ग्राम से बढकर वर्ष 2016-17 में 355 ग्राम हो गई है जोकि15.6% की वृद्धि है। इसी प्रकार 2011-14. की तुलना में 2014-17 में डेयरी किसानों की आय में 23.77% की वृद्धि हुई।

भारत में लॉन्च हुए दो नए हाईटेक ट्रैक्टर ,जानें क्या है इस ट्रैक्टरों में खास

आईटीएल (इंटरनेशनल ट्रैक्टर लिमिटेड) ने बुधवार को अपने दो बहुप्रतीक्षित टैक्टर सोलिस (SoliS) और यन्मार (YANMAR) लॉन्च किए। आईटीएल कंपनी इसके लिए जापान यन्मार एग्रीबिजनेस कंपनी लिमिटेड के साथ साझेदारी की है। यह ट्रैक्टर लेटेस्ट हाईटेक फीचर्स से लैस है। कंपनी का दावा है कि दोनों ट्रैक्टर में कई ऐसे फीचर और टेक्नोलॉजी है जो किसानों के लिए स्मार्ट खेती में मददगार होंगे।

कीमत का खुलासा नही

कंपनी की तरफ से अभी दोनों टैक्टर की कीमत का खुलासा नहीं किया गया है। सोलिस और यन्मार दोनों ही ट्रैक्टर मेड इन इंडिया हैं और इसमें पावरफुल उपकरण, एडवांस फीचर्स हैं जो टफ्नेस, ड्युरेबिलिटी, पावर और बेहतरीन प्रदर्शन का अनुभव कराएंगे।

कंपनी ने कहा कि सोलिस और यन्मार ट्रैक्टर भारत में खेती के तरीकों में बदलाव लाएएंगे। उन्होंने कहा कि कंपनी ने साल 2011 में पहला सोलिस ट्रैक्टर यूरोप में निर्यात किया था। तब से अब तक 8 साल में 120 देशों में सोलिस के 1 लाख से भी ज्यादा कस्टमर हैं। इस ट्रैक्टर को शुरुआत में पंजाब को होशियारपुर में निर्यात के लिए बनाया जाता था।

5 सालों में 50 हजार ट्रैक्टर बिक्री का लक्ष्य

Solis यूरोप के टॉप-5 ट्रैक्टर ब्रांड में शामिल है। भारत में टैक्टर की लॉन्च के बाद कंपनी अगले 5 सालों में 50 हजार ट्रैक्टर की बिक्री का लक्ष्य तय किया है। साथ ही अगले 2 साल में करीब 400 डीलरशिप स्टोर खोलने का प्लान है। कंपनी के पास 20 से लेकर 120 हार्सपावर के टैक्टर की रेंज मौजूद है।

यहां किसानों को मिलती है 2.5 लाख रूपये सैलरी, रहने- खाने का खर्च अलग से

अब देश के किसानों को फेसबुक के जरिए नौकरी का ऑफर मिल रहा है। बड़ी जमीनों वाले करोड़पति फेसबुक पर विज्ञापन देकर किसानों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। फेसबुक पर ‘Wanted Farmers’ नाम से विज्ञापन दिए जा रहे हैं।

इनमें किसानों को 1.80 लाख रुपए से लेकर 2.40 लाख रुपए तक का सालाना पैकेज ऑफर किया जा रहा है। इसके अलावा खाने और रहने की सुविधा भी मुफ्त में मिलेगी। यह विज्ञापन तमिलनाडु स्थित कीरईकड़ई की तरफ से फेसबुक पर पोस्ट किया गया है। लेकिन यह ऐसा अकेला विज्ञापन नहीं है।

क्या लिखा है विज्ञापन में

इस विज्ञापन में लिखा है, ‘प्रिय किसान बंधु, हमें इस समाज के लिए स्वास्थ्यवर्धक भोजन उत्पन्न करने को आपकी जरूरत है। लोगों की जिंदगियां स्वस्थ और बेहतर बनाने में हमारा योगदान दें।’ इन विज्ञापनों में सैलरी पैकेज आकर्षक दिया गया है। यह किसानों के लिए राहत की बात है क्योंकि देश के छोटे और सीमांत किसान आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं।

IT प्रोफेशनल्स और डॉक्टर्स दे रहे हैं विज्ञापन

BusinessLine में प्रकाशित खबर के मुताबिक ऐसे विज्ञापन कई अमीर लोग दे रहे हैं। इनमें आईटी पेशवर और डॉक्टर शामिल हैं, जिनमें खेती के प्रति लगाव पैदा हुआ है। सेंटर फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर GV Ramanjaneyulu के मुताबिक, ‘करोड़पति लोग जमीन के बड़े टुकड़े खरीद रहे हैं। कई लोग इन्हें इन्वेस्टमेंट के तौर पर खरीद रहे हैं, जबकि कई खेती के उद्देश्य से। इन लोगों के पास पैसा है, इसलिए ये लोग जमीन तो खरीद लेते हैं, लेकिन खेती की पद्धतियां न आने के चलते उन्हें किसानों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में वे विज्ञापनों का सहारा ले रहे हैं।’

बढ़ रही है ऑर्गेनिक फूड की डिमांड

Farmers’ Producer Organisation (FPO) का कॉन्सेप्ट देश में तेजी से बढ़ रहा है। ये FPO शहरी इलाकों में ऑर्गेनिक फूड की बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं। ऑर्गेनिक खेती की पद्धति के लिए उन्हें प्रोफेशनल किसानों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में जिन किसानों के पास विशेष प्रकार का अनाज उगाने का अनुभव है और नए तरीकों से खेती करनी आती है, वे अच्छी डिमांड में हैं।

अगर आपके पास भी है टाटा की कार तो कंपनी ने किया बड़ा ऐलान, आप भी ले सकते है इस ऑफर का फायदा

देश में मानसून शुरू हो चुका है। ऐसे में गाड़ियों की सबस ज्यादा हालत खराब होती है। ऐसे में गाड़ियों की सर्विस करवाना बेहद जरूरी है वरना बाद में काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। लेकिन अगर आपके पास टाटा मोटर्स की कोई कार है तो आपके लिए यह गुड न्यूज़ है। क्योकिं टाटा मोटर्स जुलाई के महीने में देश में फ्री मानसून चेक-अप प्रोग्राम लेकर आई है।

15 जुलाई से 25 जुलाई तक फ्री कार चेक-अप

टाटा मोटर्स ने देश में 15 जुलाई से 25 जुलाई तक फ्री कार चेक-अप कैंप की शुरुआत की है। साथ ही कंपनी अपनी डीलरशिप्स में कई ऑफर्स और स्कीम की भी पेशकश करेगी। जिनका फायदा ग्राहक उठा सकते हैं। ग्राहक अपनी टाटा कार को कंपनी के सर्विस सेंटर लेकर जायें और वहां अपनी कार को फ्री में चेक-अप करा सकते हैं। इतना ही नहीं स्पेयर पार्ट्स, रोड साइड असिस्टेंस, और इंजन ऑयल top-up पर 10 फीसदी का डिस्काउंट भी मिलेगा।

इसमें निजी कार खरीदारों को ऑयल टॉप अप्स पर 10 फीसदी और फ्लीट कार खरीदारों को 15 फीसदी का डिस्काउंट मिलेगा। इसके अलावा डीलरशिप्स फ्री चेक-अप के अलावा देश के कुछ हिस्सों में नई कार डिस्प्ले भी करेंगी। इतना ही नहीं कार लोन, एक्सचेंज फेयर और पुरानी कारों के फ्री इवेलुएशन के फायदे भी उपलब्ध होंगे।

ग्राहकों को होगा फायदा

फ्री कार चेक-अप कैंप के बारे में टाटा मोटर्स के सीनियर जनरल मैनेजर एंड हेड कस्टमर केयर सुभाजीत रॉय ने बताया कि टाटा मोटर्स में ग्राहक सेवा अपने व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण है, जो वर्षों में विकसित हुई है।

हमने बाजार की बदलती मांगों के साथ तालमेल रखने और प्रतिस्पर्धी और गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए सभी ग्राहकों की जरूरतों को समय पर ढंग से पूरा करने के लिए कई प्रकार की सेवा की पेशकश की है। इस मानसून में सभी टाटा मोटर्स की पैसेंजर कार और यूटिलिटी व्हीकल मालिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाएंगे।

ट्रैफिक कानून रौंदने वालों की अब खैर नहीं ! लोकसभा में पेश हुआ Motor Vehicles Amendment Bill 2019, जानें 10 प्रमुख बातें

देश में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सोमवार को लोकसभा में मोटर व्हीकल संशोधन बिल पेश किया गया. बिल में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए सजा को कठोर बनाने के साथ-साथ सड़क के निर्माण और उसके रख-रखाव में कमी के चलते होने वाली दुर्घटनाओं के लिए भी पहली बार कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

बिना हेलमेट 1000 रुपये का जुर्माना

इस बिल के मुताबिक, शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माने की रकम 2000 रुपये से बढ़ाकर 10000 रुपये करने का प्रावधान है. बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर 1000 रूपए का जुर्माना और तीन महीने के लिए लाइसेंस जब्त करने का प्रावधान है. फिलहाल ये जुर्माना केवल 100 रूपए है.

बिल के अन्य प्रमुख प्रावधान

  •  बिना लाइसेंस के ड्राइविंग करने पर जुर्माना 500 से बढ़ाकर 5000 किया गया.
  •  तेज गति से गाड़ी चलाने पर जुर्माना 500 रुपये से बढ़ाकर अधिकतम 5000 रुपया किया गया.
  • सीट बेल्ट नहीं लगाने पर भी जुर्माना बढ़ाया गया. इसे 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया है.
  •  मोबाइल फोन पर बात करते हुए गाड़ी चलाने पर पकड़े जाने पर जुर्माना 1000 रुपए से बढ़ाकर 5000 करने का प्रस्ताव है.
  •  किसी आपातकालीन गाड़ी को रास्ता नहीं देने पर पहली बार 10000 रूपए के जुर्माने का प्रावधान है.
  • नाबालिग द्वारा गाड़ी चलाने पर पहली बार सख्त जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

  • अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाते पकड़ा जाता है तो उसके अभिभावक या गाड़ी के मालिक दोषी माने जाएंगे. इसके लिए 25000 रूपए के जुर्माने के साथ-साथ 3 साल के जेल का प्रावधान है. साथ ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द करने का प्रावधान है.
  • ओवरलोडिंग के लिए 20000 न्यूनतम जुर्माना के साथ साथ 1000 रुपया प्रति टन अतिरिक्त पैसे का प्रावधान है.
  •  इस बिल में सड़क हादसे में मारे गए लोगों को मिलने वाले मुआवजे में भी बढ़ोतरी की गई है. इसे बढ़ाकर अब अधिकतम 5 लाख रुपए जबकि गंभीर रूप से घायल होने पर 2.5 लाख मुआवजा कर दिया गया है.
  •  रैश ड्राइविंग करने पर जुर्माना 1000 रुपये से बढ़ाकर 5000 करने का प्रस्ताव है.
  • गाड़ी में खामी पर सरकार कंपनी पर 500 करोड़ का जुर्माना लगा सकती है

हल्दी वाला दूध गठिया और कैंसर के साथ इन भयानक बीमारियों को करता है दूर

प्राकृतिक एंटीबायोटिक हल्दी का आयुर्वेद में अपना ही महत्व है। हल्दी के पौधे से मिलने वाली गांठें ही नहीं बल्कि पत्ते भी बहुत लाभकारी होते हैं। वहीं दूध, कैल्शि‍यम का अच्छा स्त्रोत होने के साथ-साथ शरीर और दिमाग को तंदरुस्त रखने में मदद करता है। हल्दी और दूध को मिलाकर पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

हल्दी वाले दूध के फायदे

  • जाना एक गिलास हल्दी वाला दूध पीने से त्वचा पर निखार आता है। इतना ही नहीं अगर आप हल्दी वाले दूध में रुई डुबोकर चेहरे पर लगाते हैं तो आपके चेहरे की त्वचा तो साफ होती है उसपर निखार भी आता है। रोजाना हल्दी वाला दूध पीने से चेहरा दमकने लगता है।
  • आयुर्वेद के मुताबिक, हल्दी वाला दूध रक्त को साफ करने में लाभकारी है। इसके साथ ही ब्लड सर्कुलेशन को बनाए रखने में भी मदद करता है। हल्दी वाला दूध रक्त को पतला करने और लिम्फ तंत्र व रक्त वाहिकाओं की गंदगी को साफ करता है।

  • हल्दी वाला दूध आपके शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है और आपके लिवर को भी दुरस्त रखता है। इतना ही नहीं ये पेट को साफ रखने में भी मदद करता है।
  • विशेषज्ञों के मुताबिक, हल्दी वाले दूध में मौजूद कैल्शियम और दूसरे पोषक तत्व शरीर में मौजूद फैट को कम करने में मदद करते हैं, जिससे वजन कम करने में भी मदद मिलती है।
  • हल्दी वाला दूध महिलाओं व युवतियों के पीरियड्स के दर्द को कम करने में मदद करता है। प्रसव के बाद औरतों की जल्दी रिकवरी के लिए हल्दी वाला दूध रामबाण है। महिलाओं की डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट मिल्क में भी सुधार होता है।

  • शरीर के बाहरी या अंदरूनी हिस्से में चोट लगने पर उसे जल्द से जल्द ठीक करने के लिए हल्दी वाला दूध बेहद लाभदायक है।
  • हल्दी में पाए जाने वाले तत्व कैंसर कोशिकाओं से डीएनए को होने वाले नुकसान को रोकने में मदद करते हैं और कीमोथेरेपी से होने वाले दुष्प्रभावों को कम करते हैं।
  • हल्दी वाला दूध गठिया के निदान और रियूमेटॉइड गठिया के कारण सूजन के इलाज में प्रयोग किया जाता है। हल्दी वाले दूध से जोड़ो और मांसपेशियां लचीली बनती है, जिससे दर्द में कमी आती है।

अब बेकार पड़ी एक एकड़ जमीन से भी किसान कमा सकेंगे 80,000 सालाना, सरकार ला रही है ये योजना

किसान अब अपनी बेकार या कम उपज देने वाली जमीन से भी पैसा कमा सकेंगे। सरकार सोलर बिजली के लक्ष्य को हासिल करने के लिए किसानों की बंजर या बेकार पड़ी जमीन का इस्तेमाल करने जा रही है। सरकार इसे सोलर फार्मिंग का नाम दे रही है।

सोलर प्लांट के लिए एक एकड़ जमीन देने पर उन्हें घर बैठे सालाना लगभग 80,000 रुपए मिलेंगे।  योजना के मुताबिक किसान खेतों में सोलर प्लांट के साथ वहां सब्जी व अन्य छोटी-मोटी फसल भी उगा सकते हैं।

 साल भर में होगी 80,000 की कमाई

नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय  के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाने में 5 एकड़ जमीन की जरूरत होती है। एक मेगावाट सोलर प्लांट से साल भर में लगभग 11 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। उन्होंने बताया कि किसान के पास एक एकड़ भी जमीन है तो वहां 0.20 मेगावाट का प्लांट लग सकता है।

इस प्लांट से सालाना 2.2 लाख यूनिट बिजली पैदा होगी। उन्होंने बताया कि कुसुम स्कीम के मुताबिक जो भी डेवलपर्स किसान की जमीन पर सोलर प्लांट लगाएगा, वह किसान को प्रति यूनिट 30 पैसे का किराया देगा। ऐसे में, किसान को प्रतिमाह 6600 रुपए मिलेंगे। साल भर में यह कमाई लगभग 80,000 रुपए की होगी। जमीन पर मालिकाना हक किसान का ही रहेगा। किसान चाहे तो सोलर प्लांट के साथ यहां छोटी-मोटी खेती भी कर सकता है।

बिजली खरीद पर सब्सिडी

मंत्रालय के मुताबिक किसानों की जमीन पर लगने वाले सोलर प्लांट से उत्पन्न बिजली को खरीदने के लिए सरकार बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को सब्सिडी देगी। सरकार की योजना के मुताबिक डिस्कॉम को प्रति यूनिट 50 पैसे की सब्सिडी दी जाएगी। एमएनआरई के मुताबिक ऐसे में किसानों की जमीन पर लगने वाले सोलर प्लांट से उत्पन्न बिजली की बिक्री सुनिश्चित रहेगी। जल्द ही इस स्कीम को कैबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा।

किसान चाहे तो कर सकते हैं खेती

मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक किसान चाहे तो खेत में शेड लगाकर शेड के नीचे सब्जी या अन्य उत्पादों की खेती कर सकता है और शेड पर सोलर पैनल लगवा सकता है। सिंचाई के अभाव में बहुत किसान अपने खेत से कुछ भी हासिल नहीं कर पा रहे हैं। रिटर्न नहीं मिलने की वजह से किसानों ने अपनी जमीन को बेकार भी छोड़ रखा है। ये किसान अब सोलर फार्मिंग कर सकते हैं।